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Archive for: October 2012

सेवानिवृत थल सेनाध्यक्ष वी के सिंह ने सीज फायर समाप्त किया : संसद को भंग कर चुनाव कराने की मांग से धमाका किया

सेवानिवृत थल सेनाध्यक्ष वी के सिंह ने केंद्र सरकार के साथ सीज फायर को समाप्त करके मौजूदा संसद को भंग कर नए सिरे से चुनाव कराए जाने की मांग उछाल दी है|
मौजूदा सरकार के आखिरी फेरबदल के अगले दिन ही सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे और पूर्व आर्मी चीफ जनरल (रिटायर्ड) वी के सिंह ने संयुक्त रूप से एक ही मंच से नई जंग का ऐलान कर दिया है। प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में अन्‍ना और जनरल ने केंद्र की यूपीए सरकार पर जमकर निशाना साधा और मौजूदा संसद को भंग कर नए सिरे से चुनाव कराए जाने की मांग की और देशभर का दौरा करने का भी ऐलान किया है| उन्होंने कहा कि सरकार अल्प मत में है और संविधान की भावना के विपरीत काम कर रही है|

आरोप

पूर्व आर्मी चीफ ने सरकार के कमजोर मोर्चों पर अटैक करते हुए कहा कि देश के जल, जंगल और जमीन को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है. इससे देश आगे नहीं बढ़ेगा. [१] ‘सरकार बार-बार र्इंधन की कीमतें बढ़ा रही है। [२]सरकार काले धन पर चुप क्‍यों है[३] विदेशों में जमा काला धन लाने के लिए कोई ठोस कार्रवाई क्‍यों नहीं हो रही है[४] यूपीए सरकार ने हाल में जितने फैसले लिए हैं, उनमें से ज्यादातर में सरकार अल्पमत में है [५] कांग्रेस इस वक्‍त अलग-थलग पड़ गई है। सहयोगी दलों ने भी सरकार का साथ छोड़ दिया है।
जनरल ने कहा कि केंद्र सरकार संविधान की भावना के विपरीत काम कर रही है इसलिए मौजूदा संसद को भंग कर नए सिरे चुनाव कराये जाने चाहिए।

जनरल वी के सिंह और अन्ना हज़ारे मुम्बई में एक प्रेस कांफ्रेंस में

बाज़ार आधारित नीति

जनरल ने कहा कि देश की सरकार संविधान के विपरीत जा कर बाज़ार के मुताबिक नीति बना रही है. जबकि गांधी जी के आदर्शों पर नीतियां बनाई जानी चाहिए और देश का विकास किया जाना चाहिए|
जनरल ने समाजसेवी अन्ना हजारे की मौजूदगी में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कर रही है। निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है और आदिवासियों को बेदखल किया जा रहा है। अंग्रेजों ने जितना देश को नहीं लूटा उतना अपने देश के नेताओं ने 65 साल में लूट लिया है । सांसदों ने मुद्दों को उठाना बंद कर दिया है। चाहे वह सत्तारूढ़ पार्टी के हों या फिर विपक्ष के। ऐसे में जरूरी है कि इस संसद को भंग किया जाए और नए सिरे से चुनाव कराया जाए ताकि लोग यह तय कर सकें कि देश में लोक कल्याणकारी या नव उदार वाद की सरकार की जरूरत है
उन्होंने कहा कि दुनिया के बहुत से देश अपने कालेधन को वापस लाने के लिए प्रयासरत हैं लेकिन भारत सरकार इस मामले में उदासीन बनी हुई है। अगर हमारे देश का काला धन वापस आ जाए तो बहुत सारी समस्याएं सुलझ सकती हैं।

अन्ना

इस मौके पर अन्ना हजारे ने कहा कि देश में अमीर और गरीब के बीच फासला बढ़ता जा रहा है। कहीं लोग क्या-क्या खाऊं इसके लिए जी रहे हैं और कहीं लोग क्या खाएं इसी चिंता में लगे हैं। इस व्यवस्था को बदलनी होगी।
उन्होंने कहा कि संविधान का पालन नहीं हो रहा है। नदियों का निजीकरण हो रहा है। 12 महीने बहने वाली नदिया सूख रही हैं। अन्ना हजारे ने ये भी कहा कि संसद को भंग कर वो कोई रिमोट कंट्रोल नहीं करना चाहते। हम बाहर रहकर लोगों को जगाएंगे। 30 जनवरी तक सरकार को बताएंगे और 30 जनवरी से एक साल तक देश में घूमेंगे। देश की सेवा करने के लिए घूमेंगे। अन्ना ने कहा कि देश को बर्बाद करने वाले दुश्मन हमारे देश में ही छुपे हैं उनके खिलाफ लड़ाई लड़ने की जरूरत है।
उल्लेखनीय है कि जनरल वी के सिंह ने अपने कार्यकाल में अनेक भ्रष्ट मोर्चे ढाए थे |इस पर उनकी आलोचना भी हुई थी मगर फिर रक्षा मंत्री ऐ के एंटोनी से उनका समझौता हो गया और चुप चाप तरीके से सेवानिवृति भी हो गई| इसके बाद सरकार ने टात्रातर्कों की खरीद के लिए जनरल वी के सिंह को १४ करोड़ की घूस की पेश कश करने वाले [सेवा निवृत]जनरल तेजिंदर सिंह के खिलाफ छापे तो जरूर डाले मगर उसके साथ ही सेना के कुछ कमांड अध्यक्षों द्वारा बीते दो साल में की खरीद का आंतरिक आडिट भी रक्षा लेखा विभाग से करा लिया |उसमे १०० करोड़ रुपयों की हेराफेरी के समाचार लीक किये गए कुछ अधिकारिओं पर ऊँगली उठी|इनमे से सेवानिवृत जनरल वी के सिंह का नाम भी लपेटा गया |सरकार के इस रवैय्ये के बाद सम्भवत यौद्धा जनरल वी के सिंह के पास सीज फायर समाप्त करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा| इसीलिए देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई से दिल्ली पर अटैक किये गए |सेवा निवृत

जयपाल रेड्डी की ट्रांसफर के लिए हड़ताल समाप्त :नया चार्ज लिया

जयपाल रेड्डी ने अपने ट्रांसफर के लिए हड़ताल पर जाने की तमाम अटकलों को विराम लगाते हुए आज सोमवार को अपना नया मंत्रालय विज्ञान एवं प्रद्यौगिकी मंत्रालय संभाल ही लिया। विभाग की जिम्मेदारी संभालने के बाद रेड्डी ने कहा कि ६०८०० करोड़ वाले बजट और ८००० वैज्ञानिकों से सुसज्जित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय अहम है। इसके पहले, चर्चा थी कि रेड्डी पेट्रोलियम मंत्रालय बदले जाने से नाराज हैं और इसी कारण वह नए पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली को कार्यभार सौंपने नहीं आए। रेड्डी की जगह आरपीएन सिंह ने मोइली को कार्यभार सौंपा।
ज्ञात हो कि कैबिनेट में रविवार को हुए फेरबदल में रेड्डी से पेट्रोलियम मंत्रालय लेकर इसे वीरप्पा मोइली को दिया गया।

जयपाल रेड्डी की ट्रांसफर के लिए हड़ताल समाप्त :नया चार्ज लिया

श्री रेड्डी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, मैं नए मंत्रालय में बहुत खुश हूं।लेकिन उन्होंने पेट्रोलियम मंत्रालय + रिलायंस और तेलंगाना से सम्बंधित विवादों को यह कह कर टाल दिया कि में कभी पूर्व के मंत्रालय पर टिपण्णी नहीं करता | हेदराबाद में कोई रैली कि जानकारी नहीं है| प्रधान मंत्री ने मुझे कान्फिडेंस में लेकर यह ट्रांसफर किया है| लेकिन अभी भी एक प्रश्न अनुत्तरित है कि रेड्डी ने पुराने मंत्रालय का चार्ज नहीं दिया मगर नया चार्ज लेने आ गए| क्या डैमेज कंट्रोल के लिए किसी दबाब ने कम किया है?
इससे पूर्व सुबह यह चार्ज नहीं लेने पर सभी तरफ से सरकार आलोचनाओं का शिकार हो रही थी |[१]भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता वेंकैया नायडू ने मंत्रिमंडल में फेरबदल पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सोमवार को कहा कि मीडिया में ऐसी रिपोर्टें आई हैं कि रेड्डी को एक प्रमुख उद्योग घराने के दबाव में पेट्रोलियम मंत्रालय से हटाया गया है। प्रधानमंत्री को जनता को स्पष्ट करना चाहिए कि रेड्डी से अचानक यह मंत्रालय क्यों छीना गया।
[२]इंडिया अगेंस्ट करप्शन के कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने रेड्डी को हटाने पर सवाल खडे़ किए हैं। उन्होंने जानना चाहा कि आखिर रेड्डी से यह मंत्रालय क्यों छीना गया। क्या रिलायंस का विरोध करने के कारण उन्हें हटाया गया। क्या नए पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली अब रिलायंस के लिए काम करेंगे।केजरीवाल ने अंदेशा जताया कि क्या इस परिवर्तन के कारण रसोई गैस तथा बिजली के दाम और बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि रेड्डी अपनी ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं इसलिए उन्हें बाहर कर दिया गया और सलमान खुर्शीद को पदोन्नत करके विदेश मंत्री बना दिया गया जिन पर विकलांगों का धन हड़पने के आरोप हैं।
सरकार का कहना है कि मंत्रालय में फेरबदल प्रधानमंत्री की मर्ज़ी अनुसार होता है.
दूसरी तरफ, वीरप्पा मोइली ने इन आरोपों से इनकार किया है कि रेड्डी को रिलायंस के साथ मतभेदों की वजह से हटाया गया है। मोइली ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री का पदभार संभालने के बाद कहा कि रेड्डी ने शानदार काम किया है।

महर्षि बाल्मीकि का प्रगटोत्सव हर्षोल्लास से मनाया

बाल्मीकि मित्र मंडल मेरठ के सदस्यों ने आज महर्षि बाल्मीकि का प्रगटोत्सव हर्षोल्लास से मनाया \इस अवसर पर बाल्मीकि मित्र मंडल मेरठ ने विशेष शिविर लगा कर जनता में हलवे का प्रसाद वितरित किया|और शोभा यात्रा का स्वागत किया

महर्षि बाल्मीकि का प्रगटोत्सव हर्षोल्लास से मनाया


बेगम पुल के व्यस्तम चौराहे पर आयोजित इस शिविर में सर्व प्रथम महर्षि के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया गया |उसके पश्चात शोभा यात्रा में शामिल श्रधालुओं और राहगीरों में हलवे का प्रसाद वितरित किया गया| कोषाध्यक्ष जगदीश कुमार+सुरेन्द्र लोहारे+पुजेरा लोहारे+विश्वनाथ+ब्रिजेश बैनीवाल+विजय कुमार आदि ने सहयोग दिया|

रेड्डी काण्ड से केंद्र सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोपों की फेरहिस्त और लम्बी हुई

डाक्टर मन मोहन सिंह ने एक साल के लिए मंत्री मंडल का विस्तार करके २०१४ के लिए कूच बेशक कर दिया मगर एक ही दिन में उसके सिपहसालार बगावती तेवर दिखाने लग गए हैं| इससे विपक्ष को आलोचनाओं के बाण चलाने का अवसर मिल गया है| एन डी ऐ +आई ऐ सी+ लेफ्टिस्ट एंड एबोव आल मीडिया ने इस नए चेहरे के पीछे के सच को उजागर करना शुरू कर दिया है| रविवार को कैबिनेट में हुए जंबो फेरबदल के बाद अधिकांश नए मंत्रियों ने आज सुबह से ही कार्यभार संभालने के लिए नए कार्यालय पहुंचना शुरू कर दिया|जहाँ पारंपरिक तौर पर महंगे फूलों के गुलदस्तों से इनका स्वागत किया गया|[मितव्यतता का भाषण देने वालों ने स्वयम फूलों के महंगे खर्चे किये] लेकिन आश्चर्यजनक रूप से जयपाल रेड्डी सोमवार सुबह अपने मंत्रालय का चार्ज नए मंत्री वीरप्पा मोइली को देने नहीं पहुंचे। उन्होंने नए पोर्ट फोलियो विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय में रिपोर्ट भी नहीं किया है | चर्चा है कि वह[रेड्डी] अपने तबादले से सख्त नाराज हैं।भ्रष्टाचार की तरफ से ध्यान हटानेके लिए मंत्री मंडल की उठापटक बेकार साबित हो रही है इस नए रेड्डी काण्ड से सरकार पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों की फेरहिस्त कम होने के स्थान पर लम्बी ही हुई है|पेट्रोलियम मंत्रालय में फेर बदल को उद्योगपतिओं का दबाब बताया जा रहा है|

रेड्डी काण्ड से केंद्र सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोपों की फेरहिस्त और लम्बी हुई

जाहिर है की इस एक अनुपस्थिति से राजनीतिक +मीडिया के गलियारों में अनेक सवाल उठ रहे हैं। वैसे अभी तक रेड्डी की तरफ से कोई डिनायल नहीं आया है|
[१] अरविंद केजरीवाल का कहना है कि रेड्डी को ईमानदारी की सजा दी गई है। उन्होंने कहा, ‘इस देश में किसे कौन सा मंत्रालय मिलेगा, यह तो प्रधानमंत्री को तय करना होता है लेकिन कर रही हैं बड़ी बड़ी कंपनियां। रेड्डी का मंत्रालय रिलायंस के प्रेशर में बदला गया है।अरविंद केजरीवाल की इंडिया अगेंस्ट करप्शन के [राजनीतिक विश्लेषक ] योगेंद्र यादव ने कहा कि जयपाल रेड्डी को रिलायंस पर सख्त होने की सजा दी गई है। [२]।टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक जयपाल रेड्डी ने 2011 में पेट्रोलियम मंत्रालय संभालते ही रिलायंस इंडस्ट्रीज़ पर नकेल कसनी शुरू कर दी थी.अखबार के मुताबिक रिलायंस इंडस्ट्रीज़ आंध्र प्रदेश के केजी बेसिन ब्लॉक के शेयर ब्रिटेन की एनर्जी कंपनी बीपी को बेचना चाहता था, करीब 39 हजार 600 करोड रुपये के शेयर बीपी को बेचना चाहती थी रिलायंस इंडस्ट्रीज़, लेकिन तब के पेट्रोलियम मंत्री रेड्डी ने इसे मंजूरी नहीं दी.करार के मुताबिक केजी बेसिन में विदेशी कंपनी को हिस्सेदारी बेचने के लिए कैबिनेट की मंजूरी लेना जरूरी था.पेट्रोलियम मंत्रालय ने ही इसे मंजूरी नहीं दी. टी ओ आई के मुताबिक जब रिलायंस इंडस्ट्रीज़ ने लगातार करार से कम गैस का उत्पादन किया तो जयपाल रेड्डी के मंत्रालय ने रिलायंस इंडस्ट्रीज़ पर 7 हजार करोड़ रुपये का जुर्माना ठोक दिया[३] अंग्रेज़ी के ही .द हिंदू अखबार ने कल ही आशंका जताई थी कि क्या रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के दबाव में जयपाल रेड्डी का विभाग बदला जा रहा है.

विवाद

[१].द हिंदू के मुताबिक रिलायंस और सरकार के बीच केजी बेसिन की गैस को लेकर जो करार हुआ था उसके मुताबिक 2011-12 में करीब 7 करोड़ क्यूबिक मीटर गैस रोजना निकाली जानी थी लेकिन रिलायंस इंडस्ट्रीज ने महज 4 करोड़ 20 लाख क्यूबिक मीटर गैस रोजाना निकाली. इससे सरकार को सीधा-सीधा 20 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.इसी तरह 2012-13 में 8 करोड़ क्यूबिक मीटर गैस रोजाना निकालनी थी, लेकिन रिलायंस सिर्फ 2 करोड़ 50 लाख क्यूबिक मीटर गैस रोजाना निकाल रहा है. इससे सरकार को करीब 45 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है. 20 हजार मेगावाट बिजली बनाने वाले पावर प्लांट गैस न मिल पाने की वजह से ठप पड़े हैं. द हिंदू के मुताबिक रिलायंस ने केजी बेसिन से कम गैस निकाली, जिससे कम बिजली बन पाई. यही नहीं कम गैस निकालने के चलते देश को फर्टिलाइजर का आयात भी बढ़ाना पड़ा.|आयात बढाने से महंगे विदेशी मुद्रा में भुगतान किया गया
[२] सरकार ने केजी बेसिन ब्लॉक के हिसाब-किताब का सीएजी से ऑडिट कराने का दबाव बनाया
रिलायंस ने इसका विरोध करते हुए कहा कि वो एक निजी कंपनी है, लिहाजा सीएजी उसका ऑडिट नहीं कर सकती. जयपाल रेड्डी ने बीच का रास्ता निकालते हुए केजी बेसिन पर सरकार और रिलायंस के बीच हुए करार की धारा 1.9 का हवाला दिया और कहा कि ठीक है रिलायंस केजी बेसिन का ऑडिट खुद कराकर इसकी रिपोर्ट सीएजी को दे दे.
[३]जनवरी 2011 में पेट्रोलियम मंत्रालय संभालने वाले बैसाखियों के सहारे चलने वाले रेड्डी काफी सख्त मंत्री रहे। उनके आलोचक उन्हें प्राइवेट कंपनियों को परेशान करने वाला बताते रहे। मसलन उन्होंने रिलायंस और ब्रिटिश पेट्रोलियम की 7.2 अरब डॉलर की डील को मंजूरी नहीं दी और उसे कैबिनेट में भेज दिया जबकि इसकी कोई जरूरत नहीं थी। रेड्डी ने ऐसे कई कड़े कदम उठाए जो रिलायंस के खिलाफ गए।अब जयपाल रेड्डी की जगह वीरप्पा मोइली को पेट्रोलियम मंत्रालय दिया गया है। इतना ही नहीं लैंड स्कैम का सामना कर रहे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने भी इसको एक गलत फैसला बताते हुए इसे बड़े उद्योगपतियों के इशारे पर लिया गया निर्णय बताया है।

मन मोहणी सरकार का विस्तार सत्य है मगर इससे २०१४ में विजय मिल पायेगी इसमें संदेह है

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक कांग्रेसी

ओये झल्लेया चल आज राजनीतिक परिपेक्ष्य में ये बता कि सत्य और संदेह में क्या फर्क है ?

मन मोहणी सरकार का विस्तार सत्य है मगर इससे २०१४ में विजय मिल पायेगी इसमें संदेह है

झल्ला

चतुर सुजान जी डाक्टर मन मोहन सिंह ने अपने मंत्री मंडल का विस्तार तो कर लिया मगर उसमे मुस्कान डालना भूल गए |इसीलिए मंत्री मंडल का विस्तार हुआ यह सत्य है मगर इससे २०१४ के चुनावों में विजय मिल पायेगी इसमें संदेह है

यूपीए-2 सरकार ने एक साल के लिए ४४ पोर्ट फोलियोज के चेहरे बदल कर २०१४ की तरफ कूच किया

यूपीए-2 सरकार में आज रविवार को बहुप्रतीक्षित बड़ा फेरबदल करते हुए कुल ४४ पोर्ट फोलियोज के चेहरे बदले गए हैं| प्रधान मंत्री मन मोहन सिंह ने बेशक इस फैर बदल को इस सरकार का आखरी बदलाव बताया है और इसी के सहारे २०१४ के चुनावों के समर में उतरने की यौजना बनाई जा रही है लेकिन इन नए चेहरों से यूं पी ऐ का भाग्य बदल पायेगा इसमें संशय देखा जा रहा है|कांग्रेस ने अपनी पुराणी विचार धारा को आगे लाकर अपने विरोधियों को धत्ता बताते हुए हाल ही में दाग दार हुए कानून मंत्री सलमान खुर्शीद को प्रोमोट करके विदेश मामलों का प्रभार सौंप दिया है | दिल्ली में बिजली के बिलों को लेकर आई ऐ सी के हमलो से दागदार हुई शीला दीक्षित को केंद्र में नहीं लिया गया |इससे सत्ता का दम्भ साफ़ नज़र आता है|प्रवक्ता मनीष तिवारी को अक्सर हिंदी मीडिया के विरुद्ध जहर घोलते हुए देखा जाता रहा है|शायद हिंदी चैनलों के साथ प्रिंट मीडिया को भी एक सन्देश देने का प्रयास किया गया है| ऐ रहमान खान को अल्लाह के नाम पर केबिनेट मंत्री की सबसे पहले शपथ दिला कर गुजरात और हिमाचल में होने वाले चुनावों में तत्कालिक रूप से मुस्लिम वोटो के लिए चुम्बकीय प्रभाव पैदा करने का पारंपरिक प्रयास किया गया है|जैसी की उम्मीद की जा रही थी, भ्रष्टाचार के आरोप झेल रहे पहली डिफेंस लाईन के श्रीप्रकाश जायसवाल को टच नहीं किया गया| बड़बोले दिग्विजय सिंह को भी सरकार से बाहर ही रखा गया है| आश्चर्यजनक रूप से आई पी एल के खलनायक शशि थरूर की वापिसी हुई है| भाजपा के लिए एक जवाब हो सकती है कि जब भाजपा ने अपने दागी नेता नहीं हटाये तो कांग्रेस ही क्यूं अपने लोगों को नाराज करे| शायद इसीलिए इस केटल क्लास में सफ़र करने से नाक मुह सिकोड़ने वाले तीसरे पेज के नायक को जम्बो जेट में स्थान दे दिया गया है| प्रधान मंत्री डाक्टर मन मोहन सिंह ने इस फेर बदल को | युवा, अनुभव और विभागों की प्रासंगिकता वाली टीम तो बताया मगर राहुल गाँधी को नई उर्जा के रूप में अपनी केबिनेट में शामिल नही कर पाए|

यूपीए-2 सरकार ने एक साल के लिए ४४ पोर्ट फोलियोज के चेहरे बदल कर २०१४ के तरफ कूच किया


वर्तमान में उत्तर प्रदेश+बिहार+उतराखंड में कांग्रेस की स्थिति कुछ अच्छी नहीं है इस नए चेहरे में यहाँ के लिए कोई रूचि पैदा नहीं की गई|उलटे अपने विवादित बयानों से सरकार के लिए परेशानियाँ पैदा करने वाले बेनी प्रसाद वर्मा+श्री प्रकाश जायसवाल को कोई दंड नहीं सुनाया गया | इस सबको देखते हुए यही कहा जा सकता है कि कांग्रेस ने सरकार के लिए शेष मात्र एक बरस के लिए यह ढाई कोस की रेस शुरू की है यह उसे आम आदमी के साथ जोड़ पायेगी इसमें संदेह है| एक सकारात्मक कदम के रूप में अहिन्दी भाषी निनांग एरिंग (अल्पसंख्यक कार्य) ने हिंदी में शपथ ली |
[ ७] कैबिनेट,[ २] स्वतंत्र प्रभार और [१३] राज्य मंत्रियों के साथ कुल 22 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। इसके अलावा कई मंत्रियों के विभाग भी बदले गए हैं। संसदीय कार्य मंत्री पवन बंसल को रेल मंत्री और कानून मंत्री सलमान खुर्शीद को प्रमोशन देकर विदेश मंत्री बनाया गया है। वहीं कैबिनेट में शामिल किए गए अश्विनी कुमार को नया कानून मंत्री बनाया गया है। इसे अलावा आज कैबिनेट में शामिल किए गए पल्लम राजू को मानव संसाधन मंत्री, अजय माकन को हाउसिंग और गरीबी उन्नमूलन, हरीश रावत को जल संसाधन मंत्री, चंद्रेश कुमारी को संस्कृति मंत्री और दिनशा पटेल को खनन मंत्री बनाया गया है। मनीष तिवारी को सूचना और प्रसारण मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार दिया गया है।
5 को प्रोमोट किया गया है |

प्रदेश कोटा

[ ६] मंत्री आंध्र प्रदेश,[ ३] पश्चिम बंगाल,[ २] केरल,[ २] पंजाब,[ 2 ]गुजरात [१]दिल्ली व [१]उत्तराखंड से मंत्री शामिल किए गए। कैबिनेट के इस फेरबदल में [२१] मंत्री कांग्रेस, जबकि[ १] एनसीपी का शामिल किया गया।

कैबिनेट मंत्री

: [1]के रहमान खान (अल्पसंख्यक कार्य),[2] दिनशा जे पटेल (खान),[3] अजय माकन (आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन),[4] एमएम पल्लम राजू (मानव संसाधन विकास), [5]अश्वनी कुमार (कानून), [6]हरीश रावत (जल संसाधन),[7] चंद्रेश कुमारी कटोच (संस्कृति)।

राज्य मंत्री :स्वतंत्र प्रभार

:[8] मनीष तिवारी (सूचना प्रसारण), [9]के चिरंजीवी (पर्यटन)राज्य मंत्री:[10] शशि थरूर (मानव संसाधन विकास),[11] के सुरेश (श्रम एवं रोजगार),[12] तारिक अनवर (कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग),[13] केजे सूर्य प्रकाश रेड्डी (रेलवे),[14] रानी नाराह (आदिवासी कार्य), [15]अधीर रंजन चौधरी (रेलवे),[16] एएच खान चौधरी (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण), [17]सर्वे सत्यनारायण (सड़क परिवहन एवं राजमार्ग) [18]निनांग एरिंग (अल्पसंख्यक कार्य), [19] दीपा दासमुंशी (शहरी विकास),[20] पी बलराम नाइक (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता),[21] कपारानी किल्ली (संचार एवं आईटी), [22]लालचंद कटारिया (रक्षा)

मंत्रियों के पोर्ट फोलियो में फेरबदल

]

कैबिनेट मंत्री

: वीरप्पा मोइली (पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस),[२४] जयपाल रेड्डी (विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान),[२५] कमलनाथ (संसदीय कार्य एवं शहरी विकास),[२६] वयलार रवि (प्रवासी भारतीय कार्य),[२७] कपिल सिब्बल (संचार एवं आईटी), [२८]सीपी जोशी (सड़क परिवहन एवं राजमार्ग),[२९] कुमारी सैलजा (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता),[३०] पवन कुमार बंसल (रेलवे)[३१] सलमान खुर्शीद (विदेश),[३२] जयराम रमेश (ग्रामीण विकास)।

राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार):

[३३] ज्योतिरादित्य सिंधिया (बिजली)[३४], केएच मुनियप्पा (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम),[३५] भरत सिंह सोलंकी (पेयजल एवं स्वच्छता)[३६], सचिन पायलट (निगमित कार्य)[३७], जितेन्द्र सिंह (खेल एवं युवा मामले)।

राज्य मंत्री:

[३८] ई अहमद (विदेश),[३९] डी पुरंदेश्वरी (वाणिज्य एवं उद्योग),[४०] जितिन प्रसाद (रक्षा एवं मानव संसाधन विभाग),[४१] एस जगतरक्षकन (नवीन एवं नवीकत ऊर्जा),[४२] आरपीएन सिंह (गृह)[४३], केसी वेणुगोपाल (नागर विमानन), [४४]राजीव शुक्ला (संसदीय कार्य एवं योजना)।

सर दर्द होने के आसार बनने लगे तो फ़ौरन ऐनक लगा लो

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

झल्ली

में जब भी कमरे में वडती हूँ आप आँखों पर चश्मा क्यूं लगा लेते हो ? सारी उम्र हो गई मेरे को वेखते हुए अब चश्मा लगा कर ऐसा क्या गौर से देखना ?

सर दर्द होने के आसार बनने लगे तो फ़ौरन ऐनक लगा लो

झल्ला

ओये झल्लिये मेरे को डाक्टर साहब ने नुक्स्हा लिख कर दिया है जिसमे बताया गया है कि जब भी सर दर्द होने के आसार बनने लगे फ़ौरन ऐनक लगा लो

सबकी गठरी में नाम रूपी लाल है, जड़ -चेतन की गांठ खोल कर देख लो

भीखा भूखा को नहीं , सब की गठरी लाल।
गिरह खोल नहीं जानते , ताते भये कंगाल ।
वाणी :- भीखा साहब जी

Rakesh Khurana


भाव : भीखा साहब जी कहते हैं कि सबके पल्ले में ‘नाम’ रुपी लाल बंधा पड़ा है पर उसमे जड़ -चेतन की ग्रंथि (गाँठ) बंधी पड़ी है । जब तक यह गाँठ न खुले , अर्थात पिंड से ऊपर आकर नाम का अनुभव न मिले , हम भूखे के भूखे रह जाते हैं । दौलत के होते हुए भी हम भूखे हैं परन्तु
‘नाम’ को पाकर हम सुखी हो जाते हैं । ‘नाम’ सब में परिपूर्ण है , फिर भी हम दुखी हैं ? वे कहते हैं कि हमने उसे प्रकट नहीं किया है ।
वाणी :- भीखा साहब जी
प्रस्तुति राकेश खुराना

एस एम् कृष्णा के बाद अम्बिका सोनी, मुकुल वासनिक, सुबोधकांत सहाय और महादेव सिंह खंडेला ने भी त्याग पत्र सौंपे

केंद्र सरकार का चेहरा बदलने के लिए बहुप्रतीक्षित कवायद शुरू हो गई है| विदेश मंत्री एस एम् कृष्णा के बाद प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी, सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री मुकुल वासनिक, पर्यटन मंत्री सुबोधकांत सहाय और राज्य मंत्री महादेव सिंह खंडेला ने भी त्याग पत्र सौंप दिए हैं|। इन सभी नेताओं ने प्रधानमंत्री से 7, रेस कोर्स रोड स्थित उनके आधिकारिक निवास पर मिलकर उन्हें अपने इस्तीफे सौंपे हैं|
आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर संगठन को दुरुस्त करने के लिए इन नेताओं ने प्रधानमंत्री को अपने इस्तीफे सौंपे हैं। ऐसा इसलिए ताकि इस्तीफों के बाद प्रधानमंत्री अपनी सहूलियत से मंत्रिपरिषद को नया स्वरूप दे सके। ऐसी चर्चा है कि प्रधानमंत्री अपनी नई मंत्रिपरिषद में युवाओं को तरजीह देंगे। एस एम् कृष्णा के अनुसार अब युवाओं को जिम्मेदारी सौंपने का समय का समय आ गया है।

केंद्र सरकार का चेहरा बदलने के लिए बहुप्रतीक्षित कवायद शुरू हो गई है

तृणमूल कांग्रेस [टी एम् सी] सरकार से अलग होने के बाद मंत्रिपरिषद में छह पद पहले से ही खाली हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र कोटे से विलास राव देशमुख के निधन से खाली हुई सीट भी अब तक नहीं भरी गई है। साउथ से डीएमके कोटे की दो सीटें भी अब तक रिक्त हैं। ए राजा और दयानिधि मारन के इस्तीफों के बाद इन पदों को अब तक भरा नहीं गया है। उधर, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने अगाथा संगमा की जगह पहले ही तारिक अनवर को मंत्री बनाए जाने को हरी झंडी दे रखी है।
कैबिनेट का बहुप्रतीक्षित और बहुचर्चित फेरबदल रविवार को हो सकता है ऐसी ख़बरें छन छन कर बाहर आ रही हैं|संसदीय मंत्री पवन बंसल ने इस खबर को मजाक में ही उड़ा दिया| लेकिन जिस तरह कांग्रेस की लगातार छवि धूमिल हो रही है उसके मध्य्नज़र राजनितिक चेहरा बदलने की बेहद जरुरत महसूस की जा रही है| इससे पहले राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। अभी तक केंद्र के चार मंत्री इस्तीफा दे चुके हैं। कुछ नए चेहरे मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं जबकि कुछ का प्रमोशन भी हो सकता है
[१] एस एम् कृष्णा की कर्नाटक लोकायुक्त ने मैसूर-बैंगलोर एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण करने के मामले में पूर्व पीएम एचडी देवेगौड़ा और कर्नाटक के पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा के साथ खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं|कृष्णा वोक्कालिगा हैं जो प्रदेश के जातिगत समीकरणों के लिहाज से खासी ताकतवर जाति मानी जाती है। लिहाज़ा इनके खिलाफ जाँच करवा कर कर्नाटका से हाथ धोने के बजाये इन्हें राज्य की पोलिटिक्स में खपाया जा सकता है|
[२]पर्यटन मंत्री सुबोध कांत सहाय पर कोयला घोटाला में अपने भाई को लाभ पहुंचाने के आरोप हैं जाहिर है कि कोलगेट के चलते सुबोध कान्त पर गाज गिरी है|
[३]अंबिका सोनी वरिष्ठ और अनुभवी नेता है मगर हाल ही में मीडिया कांग्रेस सरकार पर हमलावर हो रहा है ऐसे में माना जा सकता है कि अम्बिका सोनी मीडिया को मैनेज नहीं कर पा रही है|पूर्व में संघठन में इन्होने मीडिया का अच्छा उपयोग किया था ऐसे में उन्हें फिर से संघठन में लाया जा सकता है|

भारतीय सेना के लिए इटालियन हेलीकाप्टरों की खरीद में घूस की मांग

अत्यंत गोपनीयता बरतने वाली रक्षा सेवाओं में भी अब भ्रष्टाचार की एक के बाद एक परतें खुलने लग गई है|बोफोर्स के बाद काफी समय तक गोपनीयता बरते जाने के बाद अब पुनः रक्षा सौदों के लिए मंत्रालय जांच के घेरे में आ रहा है| सेवानिवृत जनरल तेजिंदर सिंह द्वारा टात्रा ट्रकों में घूस की पेश कश के बाद एक ब्रिगेडियर भी खरीद मामलों में जांच के घेरे में आ गए हैं| अबकी बार थोड़ा स्टोरी में ट्विस्ट है\पहले दलाल ने घूस की पेश की थी जिसे सिटिंग जनरल ने ठुकरा कर उसकी जांच करवा दी है और अब घूस मांगने के लिए सप्लाईंग कंट्री द्वारा भारतीय सेना के ब्रिगेडियर पर आरोप लगाए गए हैं| हेलीकाप्टर के एक सौदे में एक इतालवी कंपनी से कथित तौर पर 50 लाख डॉलर की रिश्वत मांगने वाला एक ब्रिगेडियर जांच के दायरे में लाया गया है। रक्षा मंत्रालय ने इटली की सरकार से ब्यौरा मांगा है फिलहाल इटली में जारी एक जाँच के दौरान ये आरोप चेन्नई स्थित ‘आफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी’ में पोस्टेड एक ब्रिगेडियर के खिलाफलगाए जा रहे हैं| रक्षा मंत्री ऐ के एंटोनी [/caption
आरोप है कि थलसेना के लिए 197 लाइट हेलिकॉप्टरों[ 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों ]सहित रक्षा सौदों के लिए कथित तौर पर रिश्वत की पेशकश की जा रही है। भारत के साथ रक्षा सौदों में यह कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड की मूल कंपनी है।
रक्षा मंत्रालय ने इतालवी सरकार और संबद्ध एजेंसियों से विदेश मंत्रालय के जरिए इस बारे में जानकारी मांगी है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अगस्ता वेस्टलैंड को 12 एडब्ल्यू101 वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति के लिए निविदा मिल चुकी है जबकि 197 हेलीकॉप्टरों के सौदे में उसकी बोली खारिज हो गई है।