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Category: Crime

अरविन्द केजरीवाल ने पोलिस को चकमा दिया

इंडिया अगेंस्ट करप्शन के धरनानिति को फेल करने के लिए दिल्ली पोलिस ने फिर ऊपरी आदेशों से मिसमैनेज कर दिया\आज प्रात अरविन्द केजरीवाल+संजय सिंह+कुमार विश्वाश और मनीष शिशोदिया आदि को ७ रेस कोर्स+१० जनपथ और भाजपा अध्यक्ष निवास से गिरफ्तार करके छोड़ा और जंतर मंतर पर जाने दिया गया|
अरविन्द केजरीवाल ने कोयला घोटाले को लेकर आज पी एम् डाक्टर मन मोहन सिंह+श्रीमती सोनिया गाँधी+नितिन गडकरी के आवासों को सुबह ११ बजे घेरने की घोषणा की थी लेकिन अपनी रणनीति बदल दी और पूर्व घोषित समय से लगभग ४ घंटे पहले ही गिनती के वरिष्ठ नेता ही हाथों में राष्ट्रीय झंडा लेकर दो दो की संख्या में श्रीमति सोनिया गाँधी+डाक्टर मन मोहन सिंह और नितिन गडकरी के आवास पर पहुँच गये |और अपना विरोध दर्ज़ करा दिया गया|
इस आन्दोलन को कुचलने के लिए पहले ६ मेट्रो ट्रेन्स बंद की गई फिर धारा १४४ लगाई गई |इस धारा का उल्लंघन न हो इसीलिए धरने का समय बदला गया |

धारा १४४ के उल्लंघन के लिए ४ या उससे अधिक लोगों का जमावड़ा जरुरी होता है मगर मनीष शिशोदिया के अनुसार वोह केवल दो थे और हाथों में तिरंगा लेकर वी आई पी आवास के सामने से गुजर रहे थे की उन्हें पकड़ कर बिना आरोप बताये पोलिस जीप में बैठाया गया और बिना कारण बताये ही उन्हें रिहा भी कर दिया गया| श्री मनीष के अनुसार उन्हें ऊपरी आदेशों के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया और मार पीट की गई
इसीबीच मनीष ने पोलिस पर उनके साथ मार पीट किये जाने के आरोप भी लगाए गए हैं|

इंडिया अगेंस्ट करप्शन के सदस्य जंतर मंतर पर इकठ्ठा होने शुरू हो गए हैं ११ बजे पुनः घेराव के प्रयास किये जाने की खबरें आ रही हैं|

प्रधान न्यायाधीश ने न्यायधीशों को अधिकार छेत्र में रहने की सलाह दी

न्यायपालिका पर अंकुश लगाये जाने के सरकार के प्रयासों को १५ अगस्त को चुनौती देने वाले प्रधान न्यायाधीश एसएच कपाड़िया ने अब न्यायाधीशों को अपने अधिकार छेत्र में रहने की सलाह दे डाली है|
श्री कपाडिया ने शनिवार को कहा कि न्यायाधीशों को देश का शासन नहीं चलाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जजों को ं नीतियां नहीं बनानी चाहिए। सोने का अधिकार+ मौलिक अधिकार जैसे फैसले लागू किए जा सकते हैं या नहीं यह जांच लिया जाना चाहिए|
न्यायपालिका के कामकाज पर आश्चर्य जताते हुए उन्होंने कहा कि तब क्या होगा यदि कार्यपालिका न्यायपालिका के उन निर्देशों को मानने से इन्कार कर दे जो लागू करने लायक नहीं है। हमने कहा ‘जीवन का अधिकार’ तो इसमें पर्यावरण से रक्षा, मर्यादा के साथ रहने का अधिकार शामिल है। अब हमने इसमें सोने का अधिकार शामिल कर दिया है। हम कहां जा रहे हैं?
यह एक आलोचना नहीं है। क्या हम इसे लागू करने में सक्षम हैं? जब आप अधिकारों का विस्तार करते हैं तो न्यायाधीश को हर हाल में यह भी जांच करनी चाहिए उसे किस तरह लागू किया जाएगा? न्यायाधीशों को हर हाल में सवाल पूछना चाहिए कि क्या यह लागू करने के लायक है? आज यदि कोई न्यायाधीश कोई नीतिगत प्रस्ताव देता है तो सरकार कहती है कि हम उसे मानने नहीं जा रहे। आप अवमाननावाद का रास्ता चुनेंगे या उसे लागू करेंगे?
श्री कपाड़िया ‘संवैधानिक ढांचे का विधिशास्त्र’ विषय पर व्याख्यान दे रहे थे। हाल में योग गुरु बाबा रामदेव समर्थकों पर रामलीला मैदान पुलिस की कार्रवाई को लेकर सुप्रीम ने अपने फैसले में सोने के अधिकार को मौलिक अधिकार घोषित किया है। उन्होंने कहा कि न्यायाधीशों को कड़े नियमों के जरिए आगे बढ़ने की जरूरत है। जब भी आप नियमन देते हैं तो उससे

शासन में हस्तक्षेप नही होना चाहिए। हम लोगों के प्रति जवाबदेह नहीं हैं। उन्होंने कहा कि न्यायाधीशों को सख्ती के साथ संवैधानिक व्यवस्था का पालन करना चाहिए। संविधान ने स्पष्ट रूप से न्यायपालिका, विधायिका और कार्यपालिका के अधिकार को अलग कर रखा है। कपाड़िया ने सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश का हवाला दिया जिसमें कर्नाटक के बेल्लारी में पर्यावरण के खतरे को देखते हुए खनन गतिविधियों पर रोक लगा दी। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की चिंता और सतत विकास के साथ संतुलन बनना चाहिए। बंद के साथ बेरोजगारी भी बढ़ी है और अर्थव्यवस्था को भी नुकसान पहुंचेगा।

चरमपंथी कमांडर बदरुद्दीन हक्कानी ड्रोन हमलों में मारे गए हैं|

चरमपंथी कमांडर बदरुद्दीन हक्कानी ड्रोन हमलों में मारे गए हैं|
पाकिस्तान के कबायली इलाके, उत्तरी वज़ीरिस्तान में एक अमरीकी ड्रोन हमले में चरमपंथी हक्कानी नेटवर्क के एक प्रमुख कमांडर बदरुद्दीन हक्कानी मारे गए हैं. वहीं तालिबानी संघठन ने अफगानिस्तान में छिपे उनके नेता मुल्लाह दादुल्लाह के मारे जाने की पुष्ठी की है|गौरतलब है कि अमेरिका के ड्रोन हमलों में १८ चरमपंथी मारे गए थे जिस पर पाकिस्तान में कड़ी प्रतिक्रिया की गई थी

वृद्धा को घूँसा मारने वाली को होगी सज़ा

संयुक्त राष्ट्र अमेरिका में वृद्धों पर हाथ उठाना महँगा साबित होता है इसे एक बार फिर न्युयोर्क जूरी ने साबित कर दिया है|७० साल की महिला को घूँसा मारने के आरोप में जेक्युटा साईमंस को दोषी करार दिया गया है|अब अमेरिकी कानून के मुताबिक़ २ से सात साल तक की सज़ा हो सकती है|

गोपाल कांडा अभी तीन दिन और जेल में रहेंगें

पूर्व गृह मंत्री गोपाल कांडा अभी तीन दिन और जेल में रहेंगे| श्री कांडा गीतिका शर्मा सुसाईड केस में मुख्य आरोपी है|आज शनिवार को ७ दिनों की रिमांड खत्म होने पर तीन दिन की पोलिस रिमाड में भेज दिया गया है|
पुलिस कांडा की रिमांड 7 दिन और बढ़ाने के लिए अदालत से अनुरोध किया जिसपर अदालत ने उसकी रिमांड 3 दिनों के लिए बढ़ा दी.
माना जा रहा है कि एम़डीएलआर के दफ्तर में पुलिस को कांडा के खिलाफ इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में छिपे कई सुराग हाथ लग चुके हैं. पुलिस का कहना है कि इन्हीं सुरागों के बाद एफआईआऱ में आईटी एक्ट की धारा को भी जोड़ा गया था\पोलिस अभी कांडा के मोबाईल नहीं ढून्ढ पाई है|.
जांच के दौरान गीतिका का जो अंतिम पत्र हासिल हुआ है, उसे आत्महत्या के दिन ही लिखा गया और उस पर दो तारीखें लिखी हुई हैं.
कांडा ने अपने खिलाफ लगे सभी आरोपों का खंडन किया है और आत्महत्या के कम से कम 45 दिनों पहले से वह गीतिका के संपर्क में नहीं थे. उन्होंने यह भी कहा है कि अरुणा ने अपनी ओर से गीतिका के अभिभावकों को फोन किया और उन्हें गीतिका को काम पर भेजने को कहा.
कांडा ने अपने राजनितिक विरोधियों पर उन्हें फंसाने का आरोप भी लगाया है|

कांग्रेसी वकील मंत्रियों के जीरो ल़ास को नेता प्रतिपक्ष वकील ने काट दिया

एक वकील के तर्कों की काट चूंकि दूसरा वकील ही अच्छी तरह ही कर सकता है इसीलिए कांग्रेसी मंत्री वकीलों की काट भाजपा के अरुण जेटली ने कर दी है| राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली ने प्रेस के समक्ष वित्तमंत्री पी चिंदबरम के कोयला काण्ड में जीरो लॉस के तर्क की हवा निकाल दी।
गौरतलब है कि मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल और वित्त मंत्री पी चिदम्बरम दोनों वकील भी हैं पहले कपिल सिब्बल ने २ जी में और अब चिदम्बरम ने कोयला खदानों में जीरो ल़ास बता कर कैग की रिपोर्ट की धज्जियाँ उड़ाईं हैं| बीते दिन वित्त मंत्री ने कहा कि निजी कंपनियों को आवंटित 57 कोल ब्लॉकों में से 56 में खनन शुरू भी नहीं हुआ। जब कोयला निकला ही नहीं तो नुकसान कैसा। सरकार का ये , भी तर्क है कि बिजली की बढ़ती मांग और सस्ती बिजली बनाने के लिए ये जरूरी था कि कोल ब्लॉक का आवंटन तुरंत हो, अगर इसकी नीलामी होती तो उसमें समय लगता।
चिदंबरम के तर्कों का जवाब देने आए भाजपा नेता अरुण जेटली ने दलील दी है कि वित्त मंत्री चिदंबरम कुर्तकों के जरिए गलत को सही ठहरा रहे हैं और जनता को गुमराह करने की असफल कोशिश कर रहे हैं। जेटली ने चिदंबरम के तर्कों की तुलना 2जी घोटाले में कपिल सिब्बल की जीरो लॉस थ्योरी से की।
जेटली ने कहा कि चिदंबरम साहब कहते हैं कि कोयला निकला ही नहीं है तो नुकसान की बात ही कहां आती है। कोई उन्हें बताए कि खनन भले ही न हुआ हो लेकिन खनन होगा और कोयला निकलेगा तो वो सरकार का नहीं बल्कि उस कंपनी का होगा जिसे ब्लॉक आवंटित हुए हैं। सरकार का खनन पर से नियंत्रण तो ब्लॉक आवंटन के साथ ही खत्म हो चुका है। ये ठीक ऐसा ही है जैसे

चिदंबरम साहब के बैंक अकाउंट से कोई गैरकानूनी रूप से पैसे निकाल ले। लेकिन चिदंबरम साहब कहें कि उनका नुकसान तो तब होगा जब वो व्यक्ति पैसे खर्च कर देगा।

कोल ब्लॉक का आवंटन हो चुका है। ऐसे में वहां कोयला निकालने का अधिकार उस कंपनी के पास है जिसे ब्लॉक आवंटन हुआ है।

जिस कंपनी को कोल ब्लॉक का आवंटन हो गया उसकी बैलेंस सीट में कोयले के दाम आसमान छू जाते हैं। जो कोयला आज जमीन के अंदर है वो अब सरकार का नहीं बल्कि उस कंपनी का है जिसे ब्लॉक आवंटन हुआ है।

जेटली ने कहा कि सरकार की सफाई में ही उसके इस तर्क का जवाब भी छुपा हुआ है। सरकार ने ऐसे लोगों को कोल ब्लॉक आवंटित कर दिेए हैं जिन्होंने पांच साल बीतने के बावजूद खनन शुरू नहीं किया है। ऐसे में कोयला निकलने और उससे बिजली बनने की तो बात ही दूर है।
उन्होंने कहा कि सरकार कह रही है कि सीएजी की रिपोर्ट पहले पीएसी देखेगी और उसकी रिपोर्ट पर कार्रवाई होगी। 2जी घोटाले में पीएसी की रिपोर्ट अब तक नहीं आ पाई है तो क्या तब तक हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा जाएगा।
कि 2जी घोटाले के वक्त कपिल सिब्बल जीरो लॉस की बात कह रहे थे। सरकार का तर्क था कि उसने उचित कीमत(1658 करोड़) पर स्पेक्ट्रम बेचे हैं लेकिन अब खुद उसने नीलामी के लिए 2जी स्पेक्ट्रम की रिजर्व कीमत 14 हजार करोड़ रुपये रखी है। ऐसे में साफ है कि पहले औने-पौने दाम में स्पेक्ट्रम बांट दिए गए।
बीजेपी के ऊपर लग रहे

संसद न चलने देने के आरोप पर अरुण जेटली ने कहा कि कभी-कभी संसद न चलने देना देश के लिए फायदेमंद होता है। दिसंबर 2010 में जब संसद ठप हुई थी तो उसका परिणाम राजा, जेपीसी और चार्जशीट के रूप में सामने आया था।

उन्होंने कहा कि अगर बातचीत होती तो वो बातचीत में ही खत्म हो जाती। हम पीएम से इस्तीफा मांग रहे हैं क्योंकि हम सरकार को कोई रास्ता देना नहीं चाहते कि वो पहले संसद में बहस करे, फिर पीएसी में मामला जाए और खत्म हो जाए। 2जी में यही हालत हुई है।

नरेन्द्र मोदी ने अपना ट्वीट एकांउट काला किया

सोशल वर्चुअल मीडिया पर प्रतिबन्ध लगाने के लिए केंद्र सरकार के प्रयासों की हर छेत्र में विरोध हो रहा है बीते दिन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने तरीके से विरोध दर्ज़ करते हुए ट्विट्टर एकाउंट पर अपनी तस्वीर हटा कर काली फोटो लगा दी है|
उन्होंने केंद्र सरकार के कदम की कड़ी आलोचना की है, जिसमें ट्विटर पर कई खातों को बंद कर दिया है। इसमें संघ परिवार से लेकर आई टी मिनिस्टर और पत्रकार भी शामिल हैं|
मोदी ने इस फैसले के विरोध स्वरूप अपने ‌ट्विटर अकाउंट पर काली तस्वीर लगा कर ट्वीट किया है, ‘एक आम आदमी के नाते मैं अभिव्यक्ति की आजादी के खिलाफ भारत सरकार की कार्रवाई के विरोध में शामिल हो रहा हूं। मैं अपनी डिस्प्ले पिक्चर को बदल रहा हूं। सबको सम्मति दे भगवान।’
इसके अलावा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी ने भी विरोध स्वरुप लिखा है कि सरकार टि्‌वटर पर अभिव्यक्ति की आजादी की अनुमति नहीं दे रही है और विपक्ष उसे संसद में बोलने नहीं दे रहा है। ऐसे में मैं भी भारत सरकार को ऐसे ट्विटर्स की एक सूची भेज रहा हूं जिनको मैं अपने टाइमलाइन से ब्लॉक करना चाहता हूं। अगर वे प्रधानमंत्री को सुरक्षित कर सकते हैं तो मुझे क्यों नहीं।
बड़ी संख्या में लोगों ने भी सरकार की इस कार्रवाई के विरोध में अपने अकाउंट पर काली तस्वीर लगाकर अपना विरोध जाहिर किया है।

पी एम्+भाजपा अध्यक्ष के आवासों का रविवार को घेराव

अन्ना हजारे और इंडिया अगेंस्ट करप्सन द्वारा पी एम् और भाजपा अध्यक्ष के आवासों का रविवार को घेराव करने की घोषणा की गई है|
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी के आवासों का घेराव करने की

इस धमकी के मध्यनज़र जंतर-मंतर और प्रधानमंत्री आवास के आसपास वाले छह मेट्रो स्टेशन बंद रखने की घोषणा की गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, केन्द्रीय सचिवालय+ पटेल चौक+रेसकोर्स+उद्योग भवन+जोरबाग तथा खान मार्केट के स्टेशन सुबह आठ बजे से १० घंटों के लिए बंद रहेंगे।

यह दिल्ली पोलिस के निर्देसानुसार किया गया है|
केन्द्रीय सचिवालय पर मेट्रो लाइन दो और छह के यात्री ट्रेनों की सिर्फ अदला-बदली कर सकेंगें। गौरतलब है कि बंद रहने वाले तीन स्टेशन प्रधानमंत्री आवास के आसपास हैं।
अन्ना समर्थकों ने दिल्ली मेट्रो की इस कार्रवाई को जनता के मौलिक और लोकतांत्रिक अधिकारों की हत्या बताते हुए कहा है कि सरकार चाहे कितने भी अवरोध क्यों ने खड़ा कर दे, जनता हर हाल में विरोध प्रदर्शन करेगी।
अन्ना समर्थकों का आरोप है कि उनके इस कार्यक्रम को कुचलने के लिए सरकार ने दिल्ली पुलिस को सुपारी दी है।

अमेरिकी ड्रोन हमलों में१७ संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादी मारे गए

अमेरिका द्वारा पाकिस्तान में लगातार किये जा रहे ड्रोन हमलों पर पकिस्तान सरकार के विरोध के बावजूद सामरिक सहयोगी के ड्रोन हमले जारी हैं| शुक्रवार को उत्तरी-पश्चिमी कबायली इलाके में कई ड्रोन हमले किए गए जिसमें लगभग 17 संदिग्ध आतंकवादी मारे गए।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने उर्दू समाचार चैनल ‘आज’ के हवाले से इसका खुलासा कारते हुए कहा है कि लगभग दोपहर के समय उत्तरी वजीरिस्तान में तीन विभिन्न ठिकानों पर पांच अमेरिकी ड्रोन विमानों से छह मिसाइल दागे गए।
इन हमलों में डांदरा, दर्रे नश्तर और शावल इलाके में मकी घर समेत कई घरों को निशाना बनाया गया।
समाचार चैनल जियो न्यूज ने १६ लोगो के मारे जान एकी पुष्ठी की है|
गौरतलब है कि पाकिस्तान ने ईद उल फितर से पहले या उस त्योहार के दौरान किए गए ड्रोन हमलों का विरोध दर्ज कराने के लिए गुरुवार को एक अमेरिकी राजनयिक को सम्मन भेजकर इस्लामाबाद बुलाया था। इसके अगले ही दिन ये ड्रोन हमले हो गए जिनमे १७ लोग मारे गए हैं|

धरने को लेकर किरण बेदी वी/एस V/S अरविन्द केजरीवाल

अमर नाटक कार शेक्सपीयर के एक किरदार के चरित्र का लगता है कि अब फिर से इंडिया एगेंस्ट करप्शन में पुनर्जन्म हो गया है तभी अब इनके समक्ष शेक्स्पीरियन यक्ष प्रश्न खडा हुआ है कि कोयला घोटाले में लिप्त केवल कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा निकाला जाये या भाजपा और कांग्रेस दोनों के खिलाफ धरना दिया जाए|
शेक्सपीयर के कलम की दुविधा थी किया जाए या नहीं किया जाए?टू बी ऑर नॉट टू बी
आज कल यही दुविधा अन्ना टीम के स्तंभ अरविन्द केजरीवाल और किरण बेदी में पैदा हो रही है|
कोयला खंड एलाटमेंट में कथित१.८५ लाख करोड़ रुपयों के घोटाले पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी के घरों का घेराव करने की घोषणा की गई है इसे लेकर पूर्व टीम अन्ना के संगठन इंडिया अंगेस्ट करप्शन के सदस्यों अरविंद केजरीवाल और किरन बेदी में मतभेद दिखने लगे हैं|
प्राप्त जानकारी के अनुसार किरन बेदी एक समय में केवल एक मोर्चा खोलने कि पक्षधर हैं|इसीलिए पी एम् और बी जे पी अध्यक्ष दोनों के घरों के सामने अपनी शक्ति को बांटना नहीं चाहतीं|
बेदी चाहती हैं कि इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के घर का ही घेराव किया जाना चाहिए।
अब यदि सब कुछ सामान्य नहीं रहा तब किरन बेदी के कल घेराव में शामिल होने को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं।
गौरतलब है कि इंडिया अंगेस्ट करप्शन ने क़ल रविवार२६ अगस्त को पीएम और बीजेपी अध्यक्ष के घरों के घेराव का ऐलान किया है। अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह, प्रशांत भूषण का मानना है कि कोयला ब्लॉक आवंटन में हुए कथित घोटाले के लिए जितनी जिम्मेदार कांग्रेस है, उतनी ही बीजेपी भी है। कांग्रेस के धुरंधर्र नेता भी यही कहते फिर रहे हैं|
इससे पूर्व भी पार्टी बनाने के मामले में दोनों अपना अलग अलग विचार व्यक्त कर चुके हैं
सूत्रों कि माने तो केजरीवाल अपने ऊपर लग रहे बी जे पी के एजेंट वाले आरोप को धोना चाह रहे हैं|
इसीलिए कांग्रेस के पी एम् और अध्यक्षा और बी जे पी अध्यक्ष दोनों के विरुद्ध अपना विरोध दर्ज़ करना चाह रहे हैं|