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Category: Crime

मुझको यारो माफ़ करना में नशे में हूँ

मुझको यारो माफ़ करना में नशे में हूँ |शायद सड़क पर पडा हुआ बावर्दी

मुझको यारो माफ़ करना में नशे में हूँ


सिपाही यही गाना गुनगुना रहा है|मेरठ के थाना लाल कुर्ती छेत्र के पोश इलाके तिलक रोड पर यह सिपाही लोगों को नशे की हालत में सड़क पर लेटा हुआ दिखाई दिया|इससे पहले उसे रिक्शे पर घुमते हुए देखा गया था|किसी काम से वह रिक्शे से उतरा तो रिक्शे वाला उसे छोड़ अपनी जान बचा कर भाग गया|उसके पश्चात यह सिपाही नशे की वजह से सड़क से उठ ही नहीं पाया |फेंटम पोलिस ने उसे अपरान्ह जिला अस्पताल में भर्ती कराया|स्थानीय लोग व्यवस्था पर मजाक बनांते भी देखे गए|

मोहर्रम पर टकराव से पीड़ित अब्दुल्लाहपुर में आज दुकाने नहीं खुली

मेरठ के अब्दुल्लाह पुर में कल मोहर्रम पर हुए बवाल के पश्चात यद्यपि आज का दिन शांतिपूर्वक बीता मगर छेत्र में तनाव के कारण बाज़ार नहीं खुले और पोलिस का पहरा जारी है|
गौरतलब है कि बीती रात मोहर्रम के जुलुस के दौरान शिया और सुन्नी लोगों में टकराव हो गया था जिसके फलस्वरूप गोलियां चली और अनेक लोग घायल हो गए|इन गोलियों की आवाज़ और लोगों में मची भगदड़ से आस पास बसी नई कालोनियों के लोग चौकन्ने हो गए और अपनी कालोनियों में सुरक्षा व्यवस्था के लिए वोलंतियर्स तैनात कर दिए|लोगों का कहना है कि अब्दुल्लाह पुर में इतने सारे असलाह से फायरिंग हुई यह कानून व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लगाता है|

मोहर्रम के जुलूस को लेकर शिया और सुन्नी में फायरिंग:अनेक घायल

मोहर्रम के दौरान ताशे बजाने को लेकर शिया और सुन्नी में कुछ विवाद हुआ दोनों और से फायरिंग हुई और पोलिस पर पथराव भी हुआ|, फिलहाल गांव में स्थिति नियंत्रण में हैऔर पुलिस फोर्स तैनात है |

Photos from archives

मेरठ के भावन पुर थानान्तर्गत अब्दुल्लापुर गांव में शुक्रवार रात ताजिये निकालने को लेकर कुछ शिया और सुन्नी मुस्लिम आपस में भिड़ गए। दोनों ओर से सैकड़ों राउंड फायरिंग और जमकर पथराव हुआ। दोनों की मस्जिदों में शरारती तत्वों द्वारा तोड़फोड़ की गई इसमें अनेक घायल हो गए।पोलिस हमेशा की तरह असहाय दिखी| एसओ भावनपुर की जीप पर पथराव हुआ तो पुलिस को उल्टे पांव भागकर जान बचानी पड़ी। एक घंटे तक थाना पुलिस भारी फोर्स का इंतजार करती रही और बवाली बवाल करते रहे। वहां पहुंची पीएसी, आरएएफ और कई थानों की पुलिस ने पथराव करने वालों को गलियों में दौड़ा दौड़ाकर पीटा और किसी तरह स्थिति संभाली। तनाव के चलते गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
गांव के बड़ा बाजार निवासी आबिद अब्बास के घर पर मोहर्रम के चलते मजलिस थी। जुलूस निकलने के बाद शिया पक्ष के कुछ लोग गलियों से ताशे और ढोल निकाल रहे थे। इसी दौरान सुन्नी पक्ष के जमालुद्दीन और इस्लामुद्दीन ने अपने घर के बाहर ताशे बंद करने को कहा। आरोप है कि कहासुनी के बाद सुन्नी पक्ष के लोगों ने शिया पक्ष के साथ मारपीट करते हुए पथराव कर दिया। जिसमें दो बच्चे घायल हो गए। खबर मिलते ही शिया पक्ष में रोष फैल गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के सैकड़ों लोग आमने-सामने आ गए और फायरिंग-पथराव शुरू हो गया। अतिरिक्त फोर्स के लिए कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। पुलिस के सामने ही दोनों ओर से सैकड़ों राउंड फायरिंग और पथराव होता रहा जबकि पुलिस कम फोर्स की दुहाई देती रही । लगभग एक घंटे बाद एसएसपी कई सीओ और आसपास के थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पीएसी और आरएएफ भी बुला ली गई। भारी फोर्स एकत्र होने के बाद स्थिति को काबू करने के लिए पुलिस अंदर गलियों में घुसी और लाठीचार्ज कर पथराव व फायरिंग करने वालों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इस दौरान कई महिलाएं भी घायल हो गई। कई लोगों को हिरासत में ले लिया गया। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए दोनों मस्जिदों और गांव में भारी फोर्स तैनात कर दिया गया है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शिया पक्ष के गंभीर रूप से घायल बिलाल को आनंद अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुहर्रम पर देश के अनेक भागों में शिया और सुन्नी में टकराव होता आया है|इसकी रोक थाम के लिए ताजिये निकालने के समय पोलिस फ़ोर्स की तैनाती की जाती रही है लेकिन इस बार इस छेत्र में टकराव की रोक थाम के लिए किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं की गई|पोलिस वाले अंत तक पोलिस फ़ोर्स की कमी की दुहाई देते रहे| छेत्र वासियों का मानना है कि अगर समय रहते वहां एक दो कांस्टेबिल तैनात करके मनोवैज्ञानिक दबाब बना दिया जाता तो यह टकराव आसानी से टाला जा सकता था|

सी बी आई प्रमुख की नियुक्ति पर अब बवाल

प्रमुख विपक्षी पार्टी भाजपा ने अब नए सीबीआइ प्रमुख की नियुक्ति पर सवाल उठा दिए हैं| १९७४ बेच के बिहार केडर के आइपीएस अधिकारी रंजीत सिन्हा को नया सीबीआइ प्रमुख बनाये जाने पर भाजपा ने कडा एतराज जताया है| भाजपा का कहना है कि लोकपाल से संबंधित सेलेक्ट कमेटी ने सीबीआइ निदेशक की नियुक्ति कोलेजियम विधि से करने की सिफारिश की है।इसीलिए सी बी आई प्रमुख की नियुक्ति भी उसी प्रस्तावित कोलेजियम विधि से की जानी चाहिए|श्री सिन्हा इस समय इंडो तिब्बतन बॉर्डर फोर्स के महानिदेशक हैं।

सी बी आई प्रमुख की नियुक्ति पर अब बवाल


श्री सिन्हा ३० नवम्बर को सेवानिवृत होने जा रहे अमर प्रताप सिंह से पदभार ग्रहण करेंगे।
भाजपा नेता सुषमा स्वराज और अरुण जेटली ने इस सिलसिले में प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सिन्हा की नियुक्ति रद करने की मांग की । लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और राज्यसभा में नेता विपक्ष अरुण जेटली ने लिखा है कि सिन्हा की नियुक्ति को रोका जाए। गौरतलब है कि आज हंगामे के बीच ही सलेक्ट कमेटी की रिपोर्ट राज्य सभा में पेश की गई है|

केजरीवाल ने २६/११ में घायल कमांडो के ड्यूज के भुगतान का मुद्दा उठा कर सरकार को घेरा

करप्शन के मुद्दे पर राजनीति में कूदने वाले अरविंद केजरीवाल अपने ‘पोल खोल’ अभियान के बाद आज गुरुवार को एक नया मोर्चा खोल कर केंद्र सरकार को नई चुनौती दे दी है| आज उन्होंने २६/११ के मुंबई अटैक में घायल हुए एनएसजी कमांडोज के साथ नाइंसाफी का मुद्दा उठाया। केजरीवाल ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 26/11 में घायल हुए एनएसजी के कमांडो सुरेंद्र सिंह को न तो पेंशन दी और न ही इलाज का खर्च ही दिया गया है|। केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार के साथ-साथ बीजेपी को भी सवालों के घेरे में लिया| सरकार ने इन आरोपों से इंकार किया और कमाडो के साथ न्याय का आश्वासन दोहराया है| २६/११ के एक हमलावर कसाब को फांसी देने के साथ उनसे लड़ने वाले कमांडो की अनदेखी का यह मुद्दा उठा कर केजरीवाल पुनः चर्चा में आ गए हैं|

केजरीवाल ने २६/११ में घायल कमांडो के ड्यूज के भुगतान का मुद्दा उठा कर सरकार को घेरा


[१]- रोहन मोटर्स ने मदद के लिए जो 2 लाख रुपये दिए थे यह चेक कभी सुरेंद्र सिंह को नहीं मिला।
[२]-2010 में बीजेपी के प्रकाश जावेड़कर ने एक टीवी प्रोग्राम में आश्वासन दिया था कि बीजेपी इस मुद्दे को संसद में उठाएगी।मगर बाद में इसे भुला दिया गया
[३]सरकार कह रही है कि सुरेंद्र को उनकी पेंशन बहाल किए जाने की जानकारी 16 नवंबर को फोन पर दे दी गई थी।क्या इसके लिए किसी कागज की जरूरत नहीं होती है?
[४] सरकार का दावा है कि प्रति माह २५०००/=पेंशन दिए जा रहे है-क्या सरकार इसे साबित कर सकती है अगर यह साबित नहीं हो पाता तो देश को गुमराह करने के लिए कौन इस्तीफा देगा?
[५]-सरकार बड़ी बेशर्मी से देश को गुमराह कर रही है। 31 लाख रुपये 11 घायलों को दिए गए हैं। सुरेंद्र सिंह को इसमें से कुछ नहीं दिया गया। सुरेंद्र सिंह को केवल 2.5 लाख रुपये मिले हैं।
[६] 2 अप्रैल 2009 को एक लाख ग्यारह हजार एक सौ ग्यारह रुपये का चेक (चेक नंबर 554122) प्रियदर्शिनी विकास मंडल, थाणे, मुंबई द्वारा कमांडो की सहायता के लिए भेंट किया गया था, लेकिन यह धनराशि कहां गई इसका कोई रेकॉर्ड नहीं है।
[७]-अलग-अलग लोगों या संस्थाओं द्वारा जारी किए गए इस प्रकार के 11 और चेकों की फोटोकॉपी फाइलों में लगी हुई है। किसी भी कमांडो को इसकी जानकारी तक नहीं है, पैसा मिलना तो बहुत दूर की बात है।
[८]-भारतीट क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने सभी घायल एनएसजी कमांडो के लिए सात लाख रुपये की मदद भेजी थी, लेकिन उसका वितरण भी नहीं हुआ। फिर कहां गए वे पैसे?[९]-एनएसजी के खर्च के ब्योरे में से 61,000 रुपये का खर्च किसी हेमराज के इलाज में दिखलाया गया है। सेना में हर तरह के इलाज का खर्च सरकार उठाती है। वह एनएसजी के फंड में शामिल नहीं होता। ऑपरेशन में इस नाम का कोई भी कमांडो शामिल नहीं था।
उधर सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने इन आरोपों को तत्काल नकार दिया| उन्होंने प्रेस को बताया कि कमांडों को २५०००/=की पेंशन दी जा रही है|

संसद के शीतकालीन सत्र के प्राम्भिक घंटों को ऍफ़ डी आई की गर्मी लगी

संसद का शीतकालीन सत्र चलने देने के लिए पी एम् की डिनर डिप्लोमेसी सत्र के पहले दिन के पहले घंटों में ही फीकी नजर आई| आज गुरुवार को विपक्ष के जोरदार हंगामे के साथ संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत हुई. एफडीआआई मुद्दे पर इस हंगामे के चलते दोनों सदनों को 12 बजे तक स्थगित कर दिया गयाइसके पश्चात भी जब हंगामा बंद नहीं हुआ तो लोक सभा साड़े बारह बजे तक और राज्य सभा शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है| साड़े बारह बजे पुनः दो बजे तक के लिए लोक सभा स्थगित कर दी गई|
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संसद के शीतकालीन सत्र के प्राम्भिक घंटों को ऍफ़ डी आई की गर्मी लगी


संसद की कार्यवाही आज प्रात शुरू होते ही दिवंगत नेताओं को श्रधान्जली दी गई| राज्यसभा में प्रधान मंत्री ने अपने नए मंत्रियों का परिचय कराया| तृणमूल कांग्रेस नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया. साथ ही लोकसभा में प्रतिपक्ष की नेता और वरिष्ठ बीजेपी नेता सुषमा स्वराज ने लोकसभा में स्पीकर को एफडीआई पर चर्चा और वोटिंग के लिए नोटिस दिया|बसपा आरक्षण के मुद्दे के लिए प्राथमिकता की इच्छुक दिखी| प्रथक तेलंगाना के लिए प्ले कार्ड्स का प्रदर्शन हुआ|
संसद में जाने के पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह संसद चलाने के लिए सबसे सहयोग माँगा और कहा की देश की अर्थव्यवस्था को बल चाहिए ताकि खूब नौकरियां पैदा की जा सकें.
हालांकि ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को फिलहाल व्यापक समर्थन नहीं मिल पाया है. इस बात पर भी सवाल उठ रहे हैं कि 19 सदस्यों वाली तृणमूल कांग्रेस प्रस्ताव के लिए ज़रूरी 50 सांसदों का समर्थन भी हासिल कर पाएगी या नहीं|
लेकिन सरकार के लिए अविश्वास प्रस्ताव से बड़ा मसला ख़ुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का है.
खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश की अनुमति देने के फैसले पर विपक्ष के अधिकतर दल ऐसी संसदीय बहस चाह रहे हैं जिसमें वोटिंग का प्रावधान हो, जब कि सरकार की पूरी कोशिश है कि इस मुद्दे पर मतदान के पक्ष में नज़र नहीं आ रही|
विपक्ष की नाराजगी इस बात पर है कि सरकार तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी द्वारा दिए गए उस आश्वासन से मुकर गई है जिसमें यह कहा गया था कि खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश के बारे में सभी संबंधित पक्षों से सलाह मशविरा करने के बाद ही अंतिम फैसला किया जाएगा.
लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने ज़ोर देकर कहा है,”हम चाहते हैं कि सदन चले. कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी है लेकिन हमारी शर्त यही है कि सबसे पहले वह मुद्दा उठाया जाए जिसके बारे में सरकार ने सदन को आश्वासन दिया था और वह भी उस नियम के तहत [१८४]जिस पर मतदान हो सके”
भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के गुरुदास गुप्ता का भी कहना था कि वह सुषमा स्वराज की खुदरा क्षेत्र में निवेश पर नियम 184 के तहत बहस कराए जाने की माँग का समर्थन करते हैं.
कांग्रेस के प्रवक्ता पीसी चाको ने पार्टी और सरकार के उस तर्क का समर्थन करते हुए कहा कि खुदरा क्षेत्र में निवेश का फैसला पूरी तरह से कार्यपालिका द्वारा लिया गया फैसला है जिस पर संसद में मतदान नहीं कराया जा सकता.
उन्होंने यह भी कहा कि अगर विपक्ष सही समझता है तो उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकता है. उनके अनुसार सरकार को संसद में बहुमत हासिल है और वह इसे संसद में सिद्ध भी कर सकती है.|साड़े बारह बजे पुनः लोक सभा में नारे गूंजते रहे इसी शोर गुल में भाजपा नेत्री श्रीमती सुषमा स्वराज ने नियम १८४ के अंतर्गत बहस करा कर वोटिंग कराने की मांग को दोहराया|इसके पश्चात लोक सभा फिर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई|

सुरक्षा व्यवस्था के चेक करने के लिए माक ड्रिल

आज सुबह संसद परिसर में उस समय अफरातफरी मच गई जब कुछ सुरक्षा बालों ने एक्शन पोजीशन ले ली लेकिन कुछ समय पश्चात जब बताया गया की यह माक ड्रिल है तब लोगों की जान में जान आई

विस्कोंसिन गुरुद्वारे में हुई गोलीबारी के पीछे सिखों के विरुद्ध कोई संगठनात्मक षड्यंत्र नहीं :ऍफ़ बी आई

: एफबीआई ने बीते अगस्त माह में विस्कोन्सिन गुरुद्वारे में हुई गोलीबारी की घटना की जांच पूरी कर ली और कहा है और इसके पीछे सिखों के विरुद्ध किसी भी संगठनात्मक षड्यंत्र की संभावनाओं को खारिज कर दिया है|बताया गया है कि जांच के दौरान ब्यूरो ने 200 सुराग जुटाए, 300 लोगों से पूछताछ की और 200 से ज्यादा सबूत इकट्ठे किए। इसके लिए उसने 30 एजेंसियों के साथ मिलकर काम किया, जिसमें 27 स्थानीय, एक राज्य स्तर की और दो संघीय स्तर की एजेंसियां थीं।
एफबीआई के मिलवाउकी प्रखंड की विशेष एजेंट टेरेसा कार्लसन ने इस विस्तृत जांच के निष्कर्ष बताते हुए कहा कि ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है कि यह हमला सिख समुदाय पर आसन्न किसी खतरे का हिस्सा था। इस जांच में संकेत मिला है कि श्वेतों को सर्वश्रेष्ठ समझने वाले बंदूकधारी वेड माइकल पेज ने अकेले ही इस वारदात को अंजाम दिया था और इस हिंसक अपराध में उसके साथ कोई और शामिल नहीं था।
कार्लसन ने आगे कहा कि ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है कि यह हमला श्वेतों को सर्वश्रेष्ठ समझने वाले किसी समूह ने करवाया हो। उन्होंने कहा कि अपनों को खो चुके सिख समुदाय के लोगों के दुख में हम उनके साथ हैं। समुदाय की सुरक्षा के लिए हम गुरूद्वारा के नेताओं और अपने कानून प्र्वतन सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
गौरतलब है कि बीते पांच अगस्त की सुबह पेज ने गुरुद्वारे में पूजा के दौरान गोलियां चला दी थीं। इस गोलीबारी में छह सिख श्रद्धालु मारे गए और चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पेज ने ओक क्रीक के दो पुलिस अफसरों पर भी गोली चलाई थी। उनमें से एक अफसर गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसके ठीक बाद दूसरे अफसर ने पेज को गोली मार दी थी |इस घटना से अमेरिका में मौजूद बड़े भारतीय समुदाय समेत अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा स्तब्ध रह गए थे। उन्होंने पीड़ितों और उनके परिवार के प्रति अपनी सहानुभूति व्यक्त की थी। अमेरिका की प्रथम महिला मिशेल ओबामा ने गुरूद्वारे का दौरा किया था और इस गोलीबारी के प्रति अपनी चिंता तथा परिवारों के प्रति सहानुभूति जताने के लिए वे समुदाय के सदस्यों से मिली भी थीं।।इस घटना के प्रति बराक हुसैन ओबामा सरकार ने दुःख प्रगट करने केलिए राष्ट्रीय ध्वज भी आधे झुका दिए थे जानकारों का मानना है कि सरकार के इस मानवीय कदम का लाभ बराक को इलेक्शन में भी मिला|

टोल प्लाज़ा पर यात्रियों का उत्पीडन रोकने के लिए कोई सकारात्मक और त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जानी चाहिए

: सिवाया टोल प्लाजा पर चल रहे भाकियू के आंदोलन का मामला तीन सप्ताह पश्चात भी सुलझ नहीं पाया है|अब इसे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दरबार में पहुंचा दिया गया है। एनएचएआइ की शर्तो को लेकर स्वयं मुख्यमंत्री ने टिप्पणी की है। उनका मानना है कि उप्र में या तो एनएचएआइ एक्ट 1997 लागू हो या फिर एनएचएआइ एक्ट 2008। वायदे के मुताबिक ठेकेदार ने हाईवे पर अधूरे निर्माण कार्य को भी पूरा नहीं किया है। किसानों को बकाया मुआवजा भी समय पर नही दिया है। इस आन्दोलन के कारणवेस्ट यूं पी के 28 हजार करोड़ के 16 ऐसे प्रोजेक्ट खाती में पड़ते दिखाई देने लगे हैं|।उत्तर प्रदेश सरकार भी अब किसानों के हित में एन एच ऐ आई पर सवाल उठाने लगी है|

एन एच ऐ आई की धमकी

टोल प्लाज़ा पर यात्रियों का उत्पीडन रोकने के लिए कोई सकारात्मक और त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जानी चाहिए


एनएचएआइ के चेयरमेन आरपी सिंह ने विगत 16 नवम्बर को प्रदेश के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर मेरठ किसान आन्दोलन का जिक्र करते हुए कहा था कि आंदोलन के कारण टोल बंद है। ऐसे में एग्रीमेंट की शर्त के अनुसार टोल बंद होने से हुए नुकसान की भरपाई राज्य सरकार करे। यदि टोल पर यही हाल रहा तो वह उप्र में एनएचएआइ के अधीन चल रहे निर्माण कार्यो का बंद करा देंगे, क्योंकि ठेकेदारों ने इस बाबत चेतावनी दी है।

सरकार का पक्ष

मुख्य सचिव ने इस पत्र पर डीएम से रिपोर्ट मांगी तो उन्होंने कहा कि एनएचएआइ एक्ट की शर्तो का पालन नही कर रही है। जिस स्थान पर टोल बना है, वह विवादित जमीन है और एमडीए से उसका मानचित्र भी पास नहीं है। टोल के आसपास निर्माण कार्य पूरे न होने के कारण पिछले दो साल में सर्वाधिक दुर्घटनाएं हाईवे पर हुई है जबकि निर्माण कार्य पूरे करने के लिए कई बार प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस व एनएचएआई के अफसर ठेकेदार के साथ संयुक्त मुआयना कर चुके हैं। इसके बाद भी निर्माण कार्य पूरे नही हुए है। बहरहाल मुख्य सचिव ने जब यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री को भेजी तो उन्होंने लोनिवि के प्रमुख सचिव को हिदायत दी कि वह एनएचएआइ के चेयरमैन से बात कर इस मामले को निस्तारित कराएं ताकि किसानों का आंदोलन समाप्त हो।

प्लाज़ा केबिन से कम्प्यूटर हटाये गए

यद्यपि किसानों ने फिलहाल प्लाज़ा उखाड़ने के अपने फैसले को प्रशासन के कहने पर टाल दिया है मगर टोल प्लाजा कदम फूंक फूंक कर रख रहा है| 21वें दिन भी मंगलवार सुबह दस बजे टोल के एजीएम पीवी रंगासाई पहुंचे और केबिन में रखे 11 कंप्यूटर उठवा लिए। एमजीएम ने कहा कि कि दो दिन पहले किसानों ने केबिन में रखी पे-सीट फाड़ दी थी।

आन्दोलन का असर

राष्ट्रीय राजमार्ग-58 पर मेरठ के सिवाया स्थित टोल प्लाजा पर किसानों के आदोलन का असर है कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के अधीन करीब 27 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम रुक गया है। जिन प्रोजेक्ट पर परामर्शी की रिपोर्ट पर टेंडर आमंत्रित होने थे, वह भी फिलहाल टल गए हैं। ठेकेदारों के इस रुख के कारण सर्वाधिक वेस्ट यूपी प्रभावित हुआ है, क्योंकि यहां के प्रोजेक्ट पर भी काम होना था। ठेकेदारों की मजबूरी है कि उन्हें बैंकों ने ऋण देने से मना कर दिया है, जिस कारण उन्होंने काम रोक दिया है। ठेकेदारों ने फिलहाल इन प्रोजेक्ट पर काम करने से इन्कार कर दिया है। मुजफ्फरनगर-हरिद्वार मार्ग समेत 6 प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है पर बैंक द्वारा बीच में ही ऋण रोक देने से इन पर भी काम रुक गया है। 28 हजार करोड़ के 16 ऐसे प्रोजेक्ट हैं जिन पर परामर्शी की रिपोर्ट के बाद एनएचएआइ टेंडर आमंत्रित करने के लिए मुहर लगा चुका है लेकिन उनके टैंडर आमंत्रित नही किए हैं। किसानों के इस आदोलन के कारण हाईवे के कई प्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं। केंद्रीय सड़क एवं भूतल परिवहन मंत्री को भी इसकी जानकारी दी गई है।ये है मुख्य प्रोजेक्ट, जिन पर कार्य रुका प्रोजेक्ट किमी लागत आगरा बाईपास 33 457 मुजफ्फरनगर-हरिद्वार 62 320 मेरठ-बुलंदशहर 63 505 उन्नाव-लाल गंज 68 20 -काठगोदाम 93 846 गंगा ब्रिज-वाराणसी 177 1682 इंडो नेपाल बार्डर- धाधरा ब्रिज 122 1159 वाराणसी-सुल्तानपुर 142 1349 सुल्तानपुर-लखनऊ 124 1013 मेरठ-नजीबाबाद 139 417 रायबरेली-जौनपुर 169 507 लखनऊ-रायबरेली 82 246 अंबेडकर नगर-बांदा 287 861 वाराणसी-हनुमाना 287 861 बाराबंकी-बहराइच 152 456 गोरखपुर 99 297 इलाहाबाद 41 123 वाराणसी-गोरखपुर 206 619 भरतपुर-मथुरा-हाथरस 90 270 मुरादाबाद-अलीगढ़ 145 679 बरेली-सितारगंज 87 261 ईस्टर्न पेराफिल एक्सप्रेस वे 135 2699 आरारा-इटावा बाइपास 125 1485 इलाहाबाद-वाराणसी 160 1520इटावा 157 1492हापुड़-मुरादाबाद 110 110आगरा-ग्वालियर 85 850दिल्ली-हापुड़ 52 ५२०
तीन सप्ताह से चल रहे इस आन्दोलन का हल निकालने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से कोई पहल नहीं की गई है लगता है की केंद्र सरकार आंदोलन को लांग रोप देकर इसे समाप्त करने का की सोच रही है प्रदेश सरकार की तरफ से भी इस दिशा में कोई त्वरित एक्शन नहीं दिख रहा है| वहां पर रोड टेक्स के साथ इस टोल से समस्या बढती जा रही है|टोल वसूली में कोई पारदर्शिता नहीं है| जरूरी निर्धारित कार्य नहीं कराये जा रहे |सुविधाओं के नाम पर यात्रियों का उत्पीडन जारी है|प्लाज़ा पर सुविधा के नाम पर झगड़े + जाम और एक्सीडेंट आये दिन दिखाई देते
है| रविवार को गढ़ स्थित संकरा टोल प्लाज़ा पर एक किलोमीटर तक वाहनों की तीन कतारें अपने नंबर के इंतज़ार में खडी रही | रफ़्तार का रोमांच औरयात्रा का आनंद जाता रहा पूछने पर बताया गया के यह वहां रोजाना का सर दर्द है|ऐसे में टोल प्लाज़ा की वसूली के नाम पर यात्रियों का उत्पीडन रोकने के लिए कोई सकारात्मक और त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जानी चाहिए|

कसाब को पुणे में फांसी दिए जाने पर मेरठ में खुशियाँ मनाई जा रही है

अजमल आमिर कसाब को फांसी दिए जाने पर मेरठ में आज खुशियाँ मनाई जा रही है| व्यापारी और वकीलों ने मिठाई बांटी और आतिश बाज़ी भी की |

कसाब को पुणे में फांसी दिए जाने पर मेरठ में खुशियाँ मनाई जा रही है


गौरतलब है कि २६/११ मुम्बई के एक मात्र ज़िंदा पकडे गए आतंकवादी अजमल आमिर कसाब को आज सुबह यरवदा जेल में फांसी देकर उसे वहीं दफना भी दिया गया|
इस एक फांसी से आपने कई सन्देश दे दिए हैं|[१]विपक्ष के हाथों से यह मुद्दा छीन लिया[२] आतंक वाद के खिलाफ प्रतिबद्दता को दोहरा दिया[३]महाराष्ट्रा में बाल ठाकरे के निधन से शिव सेना के प्रति उत्पन्न सहानुभूति और फेस बुक पर टिपण्णी के लिए शाहीन +रेनू की गिरफ्तारी को फीका करके मुख्य चर्चा में कसाब को डाल दिया दिया|[४] इस प्रकार के भाड़े के आतंकवादियों के लिए यह सन्देश भी गया है कि आतंकवादियों को मरने के बाद कूए यार में दफन होने के लिए दो गज जमीन भी नसीब नहीं होती |इसके अलावा अभी भी १२ समान फायलें पेंडिंग ही रह गई |कसाब के पाक में शरणागत आकाओं +अफजाल गुरु और आपके अपने राजीव गांधी के हत्यारों से सम्बंधित फायलों से अभी भी धूल साफ़ नहीं की जा सकी है| फिर भी कहा जा सकता है कि बेटर लेट देन नेवर |

कसाब को फांसी गुड , बेटर लेट देन नेवर बट व्हाट एबाउट अदर्स ?

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक कांग्रेसी चीयर लीडर

ओये झाल्लेया देखा हसाडी सरकार दा कमाल |२६/११ मुम्बई के एक मात्र ज़िंदा पकडे गए आतंकवादी अजमल आमिर कसाब को आज सुबह आप लोगों के उठने से पहले ही यरवदा जेल में फांसी देकर उसे वहीं दफना भी दिया गया|ओये हम जो कहते हैं वोह करते भी हैं|हमने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अल्पमत में होने के उपरान्त भी फांसी की सज़ा के समर्थन में वोट दिया उसके साथ ही पुणे में उस विचारधारा को कार्यान्वित करते हुए कसाब को उसके कर्मो की सज़ा दे दी|ओये हम कोई सॉफ्ट स्टेट नहीं है | अब अगर आतंकवादियों ने इसके विरोध में कोई अटैक किया तो उसका मुह तोड़ जवाब दिया जाएगा|

कसाब को फांसी गुड , बेटर लेट देन नेवर बट व्हाट एबाउट अदर्स ?


झल्ला

ओ मेरे चतुर सुजाण जी वाकई इस एक फांसी से आपने कई सन्देश दे दिए हैं|[१]विपक्ष के हाथों से यह मुद्दा छीन लिया[२] आतंक वाद के खिलाफ प्रतिबद्दता को दोहरा दिया[३]महाराष्ट्रा में बाल ठाकरे के निधन से शिव सेना के प्रति उत्पन्न सहानुभूति और फेस बुक पर टिपण्णी के लिए शाहीन +रेनू की गिरफ्तारी को फीका करके मुख्य चर्चा में कसाब को डाल दिया दिया|[४] इस प्रकार के भाड़े के आतंकवादियों के लिए यह सन्देश भी गया है कि आतंकवादियों को मरने के बाद कूए यार में दफन होने के लिए दो गज जमीन भी नसीब नहीं होती लेकिन यह तो अभी अनुत्तरित ही रह गई कि कसाब के पाक में शरणागत आकाओं +अफजाल गुरु और आपके अपने राजीव गांधी के हत्यारों से सम्बंधित फायलों से अभी भी धूल साफ़ नहीं की जा सकी है| फिर भी कहा जा सकता है कि बेटर लेट देन नेवर |