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Category: Crime

अफगान विद्रोहियों के हमले में मरने वाले सैनिकों की संख्या ३१ हुई

मुस्लिम देशों में अमेरिका के विरुद्ध नफरत के कारण अफगानिस्तान में कल सुबह अमेरिका के तीन सैनिकों को मार डाला गया |
। एक हफ्ते के भीतर यह तीसरी घटना है जब अफगान पुलिस कर्मियों ने गठबंधन बलों के अपने सहयोगियों को निशाना बनाया है । अफगान के एक पुलिस अधिकारी ने कल सुबह तीन अमेरिकी मैरीन सैनिकों की गोली मार कर ह्त्या कर दी थी उसके बाद से वह फरार है|
कल चार और अंतरराष्ट्रीय सैनिक मारे गए थे जिससे एक ही दिन में मरने वालों की संख्या सात हो गई । इस इलाके में विद्रोहियों का काफी प्रभाव है । नाटो ने कहा कि तीन सैनिक हमले में मारे गए, जबकि चौथा सैनिक एक अलग हमले में मारा गया । इस साल अफगान बलों या अफगान बलों की वर्दी पहनकर आए विद्रोहियों के हमले में गठबंधन के 31 सैनिक मारे जा चुके हैं । (एजेंसी)

असाम के दंगों के विरोध में मुम्बईकर भड़के हालत काबू में

मुम्बई में असाम दंगों के विरोध में भड़की हिंसा को काबू पा लिया गया है|दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में हजारों लोग जुटे थे। वे असम और म्‍यांमार में हुई हिंसा का विरोध कर रहे थे। लेकिन उनमें से कुछ लोग अचानक हिंसक हो गए। उन्‍होंने मीडिया और पुलिस की गाडि़यों में आग लगा दी दिल्‍ली में जहां योग गुरु बाबा रामदेव के नेतृत्‍व में रामलीला मैदान में लोग शांतिपूर्वक विरोध कर रहे थे, वहीं मुंबई में सरकार विरोधी भीड़ हिंसक हो गई। बाबा ने मुम्बईकर से शान्ति और सयम की अपील की है|
गृह मंत्रालय ने भी अतिरिक्त सुरक्षा बलों की आवश्यकता के विषय में पूछा है|
दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में करीब 50000 लोग जुटे थे। वे असम और म्‍यांमार में हुई हिंसा का विरोध कर रहे थे। लेकिन उनमें से कुछ लोग अचानक हिंसक हो गए। उन्‍होंने मीडिया और पुलिस की गाडि़यों में आग लगा दी।भीड़ ने मैदान से बाहर निकलकर पहले रास्ता रोकने की कोशिश की और उसके बाद कई गाड़ियों को आग लगा दी। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। मुंबई पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय बलों के जवानों को भी बुलाया गया। पुलिस ने हालात काबू में करने के लिए फायरिंग भी की। फिलहाल स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में कर लिया गया है।
भीड़ ने न्‍यूज चैनलों के दो ओवी वैन जला दिए। तीन फोटो जर्नालिस्ट गंभीर रूप से घायल हुए हैं। कुछ रिपोर्टर भी घायल हैं। फिलहाल मुंबई के आजाद मैदान के आसपास के इलाकों में हालात तनावपू्र्ण बने हुए हैं।टी वी चेनलों पर लगातार शान्ति बनाए रखने की अपील की जा रही है \
मुंबई पुलिस कमिश्‍नर देवेंद्र भाटी ने इसमें कुछ शरारती तत्वोंका हाथ बताते हुए मीडिया के माध्यम से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है

बाबा रामदेव के पास २२५ सांसदों का समर्थन

योग गुरु बाबा रामदेव ने अज अपने उपवास के तीसरे दिन यह दावा किया है कि उनको 225 सासदों का समर्थन हासिल है।
असम, आध्र, गोवा, गुजरात आदि प्रदेशों के काग्रेस सासदों ने भी उन्हें लिखित में उनके मुद्दों पर समर्थन दिया है। रामदेव ने कहा कि वह सासदों का यह समर्थन पत्र राष्ट्रपति को सौंपेंगे। इस बीच, रामदेव ने दूसरे राजनीतिक दलों से से भी चुप्पी तोड़ने और अपना रुख साफ करने को कहा।
उन्होंने शुक्रवार को ही साफ कर दिया था कि यदि सरकार इन तीन दिनों में कोई बड़ा फैसला नहीं करती है तो वह अपना आदोलन 14 अगस्त तक आगे बढ़ा देंगे। लेकिन अभी तक उन्होंने अपनी रणनीति का खुलासा नहीं किया है। यदि सरकार अपने रुख पर अडिग रही तो 14 अगस्त के बाद उनका विरोध प्रदर्शन तेज हो जाएगा।और महाक्रांति होगी |
रामदेव ने कहा कि सरकार के पास उन लोगों के नामों की सूची है जिन्होंने विदेश में काला धन जमा कर रखा है। लेकिन सरकार अपने अड़ियल रवैये से उन लोगों को बचाने में लगी हुई है।
सरकार ने भी काला धन निकासी के लिए किये जा रहे दो साल के प्रयासों के विषय में जानकारी रिलीज की है
भाजपा भी बाबा के आन्दोलन के साथ खड़ी नज़र आने लगी है|

व्हाइट हाउस की इफ्तार पार्टी में गुरुद्वारे पर हमले की निंदा

राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने सरकारी निवास व्हाइट हाउस में रोजा इफ्तारी का कार्यक्रम का आयोजन किया इस अवसर पर विस्कॉन्सिन में गुरुद्वारे पर हुए हमले की निंदा की और इस हमले को अमेरिकी स्वतंत्रता पर हमला करार दिया है।
श्री ओबामा ने इस हमले में मारे गए लोगों के प्रति अपनी संवेदना भी व्यक्त की। ओबामा ने कहा है कि किसी भी धर्म पर हमला सभी अमेरिकी नागरिकों की स्वतंत्रता पर हमला है। इस तरह के कृत्यों का अमेरिकी समाज में कोई स्थान नहीं है।
व्हाइट हाउस में आयोजित इफ्तार पार्टी से इतर ओबामा ने कहा कि किसी भी धर्म मानने वाले लोगों पर हमला सभी अमेरिका के सभी नागरिकों की स्वतंत्रता पर हमला है। अपने धार्मिक स्थल पर सुरक्षा को लेकर किसी भी अमेरिकी को डरने की जरूरत नहीं है। सभी अमेरिकी नागरिक को खुले और स्वतंत्र होकर अपने धार्मिक काम करने का अधिकार है।
ओबामा ने दोहराया कि हिंसा का अमेरिकी समाज में कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल पर मारे गए और घायल लोगों के प्रति हम शोक व्यक्त करते हैं। ओबामा ने जोर दिया कि धार्मिक स्वतंत्रता के वैश्विक अधिकार की सुरक्षा के लिए अमेरिका प्रतिबद्ध है।
ओबामा द्वारा आयोजित इफ्तार पार्टी में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बाग्लादेश सहित कई देशों के राजदूत शामिल थे। लेकिन भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए अमेरिका में भारत के राजदूत निरुपमा राव और उनके पूर्ववर्ती राजदूत मीरा शकर वहा उपस्थित नहीं थी।

हिमाचल प्रदेश में बारिश में बस दुर्घटना =४० मरे

हिमाचल प्रदेश [चंबा] में आज सुबह[शनिवार] सुबह यात्रियों से भरी एक बस के खाई में गिर गई जिससे करीब 40 लोगों के मारे जाने का समाचार मिला है| हादसे में 20 अन्य घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल द्वारा हादसे पर दुख प्रकट करते हुए जिला प्रशासन को पीड़ितों को हरसंभव सहायता देने के लिए निर्देश दे दिए गए हैं
पुलिस के अनुसार निजी बस चंबा की ओर आ रही थी तभी वह शहर से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर राजेरा के निकट एक खाई में जा गिरी।
पुलिस के अनुसार कि 32 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई और 8 अन्य ने अस्पताल जाते हुए दमतोड़ दिया। हादसा स्थल पर राहत और बचाव कार्य जारी है। पुलिस ने बताया कि अब तक यह पता नहीं चल सका है कि हादसे के समय बस में कितने यात्री सवार थे। उन्होंने कहा कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
मृतकों में अधिकांश चंबा के रहने वाले थे।

अमेरिका में कार दुर्घटना में भारतीय प्रोफेशनल् टेक्नोक्रेट्स की मौत

अमेरिका के ओकलाहोमा शहर के नजदीक हाईवे पर एक दुर्घटना में हैदराबाद के पांच भारतीय प्रोफेशनल् टेक्नोक्रेट्स की मौत हो गई। इन सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल्स की शेवार्लो केमरो कार अनियंत्रित होकर एक ट्रैक्टर-ट्रेलर से टकरा गई थी और उसमें आग लग गई थी।
इनमें से किसी ने भी सीट बेल्ट नहीं बांधा था।
राजमार्ग पुलिस की ओर से बताया गया है कि इंटरस्टेट 235 पर साउथ की ओर जा रही कार पर से ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया था, वह साउथ की ओर जाने वाले आई-35 हाईवे पर जाने का प्रयास कर रहा था। कार सड़क पर उछली और आई-40 मार्ग से आई-35 पर आ गई। वह एक ट्रक से टकराई और ट्रेलर के नीचे चली गई और उसमें आग लग गई। कार में बैठे पांचों लोगों को वहां से बाहर निकाला गया लेकिन उन सभी की मौत हो चुकी थी। ट्रक के ड्राइवर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
मारे गए लोगों के नामों का खुलासा नहीं किया गया है लेकिन तेलुगु एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (टीएएनए) ने मृतकों के एक मित्र के हवाले से ये नाम बताये गए हैं
] जसवंत रेड्डी []सुब्बायागरी,[] फनिंद्रा गड़े, []अनुराग [अंथाती, श्रीनिवास रवि व वेंकट बताए हैं। टीएएनए अध्यक्ष प्रसाद थोटाकुरु ने कहा कि उनका संगठन पुलिस व स्थानीय लोगों के साथ मिलकर मृतकों के परिवारों को सूचित करने व उनके शवों को भारत भेजने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने की दिशा में काम कर रहा है।

बाबा राम देव ने आज पैनी की जबान की धार

इसे बुझते दीपक की लौ की आख़री चमक कहना अभी जल्दबाजी होगा मगर भ्रष्टाचार और कालेधन के मुद्दे पर आंदोलन कर रहे बाबा रामदेव ने आज अपने इशारों की धार भी पैनी करनी शुरू कर दी है|आज सुबह बाबा ने पहली बार इशारों-इशारों में प्रधानमंत्री पर निशाना साधा है।
आंदोलन के आज तीसरे दिन रामदेव ने कहा कि 15 अगस्त को लालकिले पर तिरंगा फहराया जाएगा लेकिन ये तिरंगा जब ईमानदार हाथों से फहराया जाता है तो इसका सम्मान बढ़ता है लेकिन जब ये तिरंगा बुरे हाथों में जाता है तो इसका अपमान होता है।
मालूम हो कि बाबा रामदेव के आंदोलन का पहला चरण आज शाम को पूरा होगा और आज शाम को वो आगे की रणनीति का ऐलान करेंगे। लेकिन इससे पहले ही रामदेव ने पीएम पर हमला बोलकर संकेत दे दिए हैं कि वो आगे और तेज हल्ला बोलेंगे
गौरतलब है की बाबा राम देव ने यौग सिखाते सिखाते काले धन के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ मौर्चा खोला हुआ है इनके सहयोगी आचार्य बाल कृष्ण को पासपोर्ट मामले में जेल में डाल दिया गया है |इससे पूर्व भी बाबा के ऐसे ही एक आन्दोलन को पोलिस लाठी चार्ज से कुचल दिया गया था

अब कान्हा की झांकी को लेकर मेरठ में बवाल =शांति बहाल

भगवान श्रीकृष्ण की झांकी निकालने के दौरान मस्जिद के सामने माइक-डीजे बजाने को लेकर दो संप्रदायों के लोग आमने-सामने आ गए और हंगामा खड़ा हो गया। भावनपुर थाना क्षेत्र के औरंगाबाद गांव में शुक्रवार को संप्रदाय विशेष के कुछ लोग ईट पत्थर लेकर धार्मिकस्थल के आस-पास घरों की छतों पर चढ़ गए। सांप्रदायिक तनाव की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन के होश उड़ गए और एसपी देहात और सीओ भारी पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने लोगों को समझाबुझा कर शांत किया। गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है।
औरंगाबाद गांव में जन्माष्टमी के अवसर पर मोहित कुमार ठाकुर ने भगवान कृष्ण की झांकी निकालने की अनुमति ली थी। शाम चार बजे ठाकुरों के मोहल्ले से झांकी निकलनी शुरू हुई। गांव के बीच में ही मस्जिद के पास कुछ संप्रदाय विशेष के युवकों ने झांकी का माइक उतारने और डीजे बंद करने को कहा। विरोध करने पर दोनों संप्रदाय के युवक आमने-सामने आ गए और हंगामा हो गया। इसी बीच कुछ युवक मस्जिद के आसपास के घरों की छतों पर चढ़ गए और ईट पत्थर उठा लिए। एसओ भावनपुर के सामने ही झांकी का डीजे बंद नहीं होने पर खून खराबे की धमकी दी गई। यह सुन पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में डीजे बंद कराकर झांकी को आगे निकलवाया गया। मामला निपटता दिखाई दिया, लेकिन इसी दौरान संप्रदाय विशेष के कुछ युवकों ने टीका टिप्पणी करते हुए तालियां बजा दी। इससे फिर आक्रोश भड़क गया और ग्रामीण झांकी दोबारा निकालने पर अड़ गए। सूचना पर एसपी देहात आरपी पांडेय, सीओ किठौर महेंद्र कुमार कई थानों की फोर्स के साथ वहां पहुंचे। अधिकारियों ने दोनों संप्रदायों से बातचीत कर किसी तरह मामला शांत कराया और झांकी शुरू कराई। मस्जिद के गेट के सामने एसओ ने कुछ समय के लिए डीजे बंद कराया तो फिर हंगामा शुरू हो गया। बिना डीजे बजाए लोगों ने आगे जाने से मना करते हुए झांकी रोक दी और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। काफी विवाद के बाद डीजे शुरू हुआ तो दूसरे संप्रदाय के लोग सामने आ गए। सूचना पर एसएसपी के.सत्यनारायण भी मौके पर पहुंच गए और किसी तरह से मामला शांत करा कर झांकी निकलवाई। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई है। पहले से थी प्लानिंग
ठाकुर समाज और हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि संप्रदाय विशेष के लोगों ने पहले से ही इस तरह की प्लानिंग कर ली थी। इसकी सूचना पुलिस को दी गई थी, लेकिन पुलिस अनजान बनी रही।
हिंदू संगठनों और भाजपाइयों का जमावड़ा
पूरे प्रकरण की जानकारी मिलते ही विश्व हिंदू परिषद से सुदर्शन चक्र महाराज और पूर्व जिला महामंत्री भाजपा अजीत चौधरी औरंगाबाद गांव पहुंच गए। एसएसपी से इस तरह की घटना को लेकर विरोध जताया और कार्रवाई की मांग की। आंदोलन की चेतावनी भी दी।
मंदिर तक जाने के लिए दूसरा बड़ा रास्ता है। कुछ युवकों ने जबरन मस्जिद के सामने से झांकी निकाली और गेट के सामने झांकी रोककर डीजे बजाना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में नजाम का समय होने वाला था और मना करने पर हंगामा हो गया। सभी को समझा बुझाकर मामला शांत करा दिया गया।
बाबू, पूर्व प्रधान औरंगाबाद गांव।
कुछ युवकों ने मस्जिद के गेट के सामने ही डीजे बजाया था। मस्जिद के कुछ लोगों ने इसका विरोध किया तो हंगामा हो गया। पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई है। कुछ लोग इस तनाव ग्रस्त छेत्र में शोभा यात्रा निकालने की परमिशन देने में पोलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाते दिखाई दिए
इसके अलावा अब्दुलाहपुर में एक मंदिर में भजन कीर्तन के लिए लगाए गए माईक का भी कुछ लोग विरोध करने सड़क पर उतर आये |स्थिति सामान्य है।

पाकिस्तान में उत्पीडन के कारण हिन्दुओं की आबादी मात्र २% रह गई है

देश का विभाजन होने के बावजूद भी अभी तक हिन्दुओं का पाकिस्तान में उत्पीडन और वहां से पलायन रुका नहीं है | १९४७ में विभाजन के समय १५% आबादी हिन्दुओं की थे वहां अब मात्र यह २% ही रह गई है| आज भी अटारी बार्डर पर अनेकों हिन्दू परिवार भारत में प्रवेश की प्रतीक्षा कर रहे हैं|
दुकानों में लूटपाट, मकानों पर हमले, लड़कियों के अपहरण और महिलाओं को जबरन इस्लाम कबूल करवाने की घटनाओं के बाद तमाम हिंदू पाकिस्तान से पलायन कर रहे हैं। उधर प्रधानमंत्री के आंतरिक मामलों के सलाहकार रहमान मलिक ने भारत द्वारा हिंदू परिवारों को वीजा जारी करने को एक साजिश बताया है।
पाकिस्तान के मुख्य समाचार पत्र डॉन के मुताबिक आंतरिक मामलों पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के सलाहकार मलिक ने कहा है कि 250 हिंदू परिवारों को भारतीय उच्चायोग द्वारा वीजा जारी किया जाना एक साजिश है। मलिक, सिंध और बलूचिस्तान से हिंदू परिवारों के भारत पलायन पर पूछे गए एक प्रश्न का जवाब दे रहे थे। इन हिंदू परिवारों ने शिकायत की थी कि उनकी दुकानें लूट ली गईं, मकानों पर हमले किए गए और महिलाओं को इस्लाम कबूल करने के लिए मजबूर किया गया।अभी एक टीवी चेनल पर हिन्दू पुरुष का धर्मांतरण लाईव टेलेकास्ट किया गया था
श्रीमलिक ने लाहौर में कहा कि सरकार ने जैकोबाबाद के हिंदुओं को भारत जाने से रोक दिया है।
सत्यापन पूरा होने के बाद उन्हें भारत जाने की अनुमति दे दी जाएगी। रिपोर्ट में मलिक के हवाले से कहा गया है, “भारतीय उच्चायोग को बताना चाहिए कि उसने उन्हें वीजा क्यों दिया है।” लगभग 100 हिंदू परिवारों ने रोके जाने के विरोध में इस हफ्ते की शुरुआत में भारत से सटी वाघा सीमा पर प्रदर्शन किया था।
बड़े पैमाने पर हिंदू परिवारों के भारत पलायन के बाद सरकार ने धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा चुस्त करने का निर्णय लिया है। सिंध के मुख्यमंत्री सैयद कायम अली शाह ने आबकारी मंत्री मुकेश कुमार चावला को मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।
मालूम हो कि सिंध प्रांत में असुरक्षा के कारण सात हिंदू परिवार बुधवार को जकोबाबाद से भारत पलायन कर गए। इनमें पुरुषों, महिलाओं व बच्चों सहित कुल 90 लोग शामिल थे। ये सभी हिंदू रेल गाड़ी से रवाना हुए। बड़ी संख्या में उनके रिश्तेदारों व समुदाय के लोगों ने उन्हें जैकोबाबाद रेलवे स्टेशन पर विदाई दी। लाहौर पहुंचने के बाद भारत में प्रवेश करने की इच्छा के साथ वे वाघा सीमा पहुंचे।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब छह महीने पहले इसी इलाके से 52 हिंदू परिवार भारत पलायन कर गए थे। जैकोबाबाद के पुलिस अधिकारी मोहम्मद युनूस ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय को पूरी सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है और हिंदू समुदाय के लोग भारत में बसने नहीं, बल्कि धार्मिक अनुष्ठान करने जा रहे हैंइन तीर्थ यात्रियों ने लम्बे समय के लिए वीजा माँगा है|

शक के आधार पर असाम में बांग्लादेशियों पर कार्यवाही नहीं की जा सकती

शक के आधार पर एक धर्म विशेष के ४०००००० वोटरों को मताधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता असाम में हो रहे दंगों के लिए बंगलादेशी अल्पसंख्यक घुसपैठियों को कारण बता कर इन्हें मताधिकार से वंचित किये जाने की मांग जोर पकड़ रही है|यह उत्तर केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट को दिया गया है|
असाम के एक एन जी ओ ने ४०००००० वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से काटे जाने की मांग करते हुए उन्हें देश से वापिस बँगला देश में भेजने के लिए दबाब बनाया था|इस दबाब को केंद्र सरकार ने खारिज कर दिया लेकिन इसके साथ ही जस्टिस प स्थासिवं और रंजन गोपाल की बेंच के समक्ष एक एफिडेविट देकर यह आश्वासन दिया है की अवैध नागरिकों को राज्य से निकाल दिया जायेगा|
गौरतलब है की वर्तमान दंगों में ७० से ज्यादा मौतें और १०० जख्मी हो चुके हैं जबकि ४००००० लोग रिफ्यूजी केम्प में रह रहे हैं|यह आरोप लगाया जा रहा है कि राजनीतिक बडत पाने के लिए बंगलादेश से आने वाले रिफ्युजिओं को वोटिंग राईट्स दिए जा रहे हैं जिस कारण वहां इन रिफ्यूजी और स्थानीय नागरिकों के बीच युद्ध कि स्थिति रहती है वर्षों से इस समस्या के मूल कारण में बन्ग्लादेशिओन को देखा जाता रहा है और उनके डिपोर्टेशन कि मांग उठती रही है |लेकिन प्रधान मंत्री ने अपने हाल ही के दौरे में दंगों के लिए बंगला देशियों का हाथ होने से इंकार करके सरकार कि मंशा साफ़ कर दी थी