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Category: Crime

डीजल कीमतों की चिंगारी से देश भर में सियासी तपिश

Demonstration Of BJP Against Price Rise Of Diesel+LPG

Demonstration Against Price Rise

people exhibiting resentments against price rise of inflammable

डीजल और रसोई गैस के दामो में वृद्धि से सोसायटी का विशेष कर लोअर माध्यम वर्गऔर लोअर अपर वर्ग चीत्कार उठा है|इस प्राईस राईस से सभी आवश्यक वस्तुओं में ८-१०% तक दाम बढ सकते हैं| टी वी चेनलों पर सुबह से ही आम आदमी के आक्रोश को दिखाया जा रहा है| यौजना आयोग के मोंटेक सिंह अहलुवालिया और सरकार के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने इस बढोत्तरी को मजबूरी में उठाया गया कदम बताया है|श्री सिंह ने भविष्य की बेहतरी के लिए इसे आवश्यक बताया |इस एक कदम से सरकारी खजाने में २५००० करोड़ रूपये आएंगे|
उड़ीसा +पश्चमी बंगालके मुख्यमन्त्रियो के अलावा बाहर से सपोर्ट कर रही सपा और वामपन्थियो ने तत्काल कीमतों में रोल बेक की मांग की है| मुम्बई में सरकार में शामिल घटक एन सी पी के कार्यकर्ता तो मुम्बई में सडकों पर उतर आये हैं| बी जे पी ने पूर्व घोषणा के अनुसार प्रधान मंत्री के पुतले फूंकने शुरू कर दिए हैं|

अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षा मुहैय्या करवाएं|

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक अमेरिकी भक्त भारतीय

ओये झल्लेया ये क्या हो रहा है?ओये हसाड़े दाता बेचारे अमेरिका के तो पीछे लोग ख्वाह ख्माह ही पड़ गए हैं| एक फिल्म के बहाने पहले तो लीबिया में अमेरिकी राजदूत को मार दिया और अब बाकी तेल उत्पादक देशों में अमेरिकी दूतावासों पर भी हमले हो रहे हैं|ये आतंकवाद कब तक चलेगा|

झल्ला

सेठ जी वक्त वक्त की बात है कभी ये ही दादा दूसरों को सुरक्षा मुहैया करवाता था और अब इसके ताकतवर राष्ट्रपति बराक ओबामा विदेशी सरकारों को उनका कर्तव्य +उत्तरदायित्व याद कराते
हुए कह रहे हैं कि वोह

TERRORISTS ATTACKING AMERICANS

कंधार काण्ड का आरोपी मेहराजुद्दीन गिरफ्तार

विश्व प्रसिद्ध कांधार कांड के एक आरोपी को जे & के पोलिस ने गिरफ्तार कर लिया है|
एयर इंडिया के IC-814 विमान का अपहरण करके कांधार ले जाया गया था | मेहराजुद्दीन उर्फ जावेद नाम का भी आरोपियों की लिस्ट में था ये संदिग्ध आतंकी कश्मीर का ही रहने वाला बताया जा रहा है और यूनाईटेड जेहाद काउन्सिल के लिए फंड कलेक्शन को आर्गेनाइज करता है|
लश्कर का सक्रिय मिलिटेंट रह चुका यह मेहराजुद्दीन 1992 में कश्मीर से पाकिस्तान गया था और ये मौलाना मसूद अजहर का दायां हाथ भी रह चुका है। मेहराजुद्दीन बुधवार देर रात ही नेपाल के रास्ते जम्मू पहुंचा और रात को किश्तवाड़ जा रहा था। जहां नाके पर उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दावा किया है कि जे & के पोलिस को पहले ही मेहराजुद्दीन के आने की खुफिया जानकारी मिल चुकी थी।

कार्टूनिस्ट की दाड़ी में सरकार का हाथ फंसा

SEP12

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक कार्टूनिस्ट

ओये झल्लेया ये क्या हो रहा है??कांग्रेस की सूचना & प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी+प्रवक्ता मनीष तिवारी+महाराष्ट्र के गृह मंत्री आर आर पाटिल के अलावा महाराष्ट्रा के विपक्षी नेता बाल ठाकरे और देश में विपक्षी नेता लाल कृष्ण आडवानी ने भी हसाड़े कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी की वकालत की है और देश द्रोह का आरोप बे बुनियाद बताया है |
इस सरकार ने अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता पर नकेल डालने का कुप्रयास किया|अब पोलिस ने रिमांड सरेंडर कर दी |हाई कोर्ट ने जेल छुड़वा दी|अब सरकार ने असीम को छोड़ तो दिया है मगर देश द्रोह के आरोप नहीं हटाये हैं|

झल्ला

कार्टून जी गल तो आप जी की ठीक ही है सरकार ने देश द्रोह का तिनका निकालने या डालने के लिए असीम त्रिवेदी की लम्बी काली दाड़ी में घुसपैठ की अब तिनका तो सामने आया नहीं हाँ बेचारी सरकार जरुर असीम दाड़ी में उलझ कर रह गई है| अब कार्टूनिस्ट की दाड़ी से ना तो तिनका निकल रहा है और ना ही कार्टूनिस्ट की घनी दाड़ी से सरकार का हाथ ही बाहर आ रहा है

९/११ की त्रासदी की ११वी बरसी पर अमेरिकी राजदूत की ह्त्या

न्युयोर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले की ११वी बरसी पर लीबिया और अफगानिस्तान में अमेरिकियों पर हमले हुए |लीबिया में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में अमेरिकी राजदूत क्रिस्टोफर स्टीवेंस सहित तीन दूतावास कर्मियों की ह्त्या कर दी गई और अफगानिस्तान में तीन अफगान ख़ुफ़िया कर्मी और एक नाटो सैनिक मारा गया |अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने लीबिया में अमेरिकी राजदूत की हत्या की निंदा की और कहा कि वह देश के `साहसी एवं अनुकरणीय प्रतिनिधि` थे।उन्होंने कहा कि इस प्रकार कि आतंकवादी घटनाओं से अमेरिका को झुकाया नहीं जा सकता| उन्होंने दोषिओं को सजा दिए जाने का भरोसा दिलाया| लीबिया के बैंगाजीशहर में मंगलवार रात[११=९=२०१२] को प्रदर्शनकारियों द्वारा रॉकेट से किए गए हमले में अमेरिकी राजदूत क्रिस्टोफर स्टीवेंस सहित चार दूतावास कर्मियों की मौत हो गई|गौरतलब है की इसी छेत्र में गद्दाफी के खिलाफ बगावत ने जोर पकड़ा था और संयुक्त राष्ट्र की सेनाओं ने यहीं से गद्दाफी के खिलाफ युद्ध की शुरुआत की थी|
बताया जा रहा है कि एक अमेरिकी+ इस्राईल फिल्म में कथित तौर पर पैगम्बर मोहम्मद को एक महिला के साथ दिखाया गया है इसका प्रोमो अरबी और फारसी में दिखाने से भड़के हजारों स्वचालित हत्यारों से लैस लोगों ने मंगलवार को बैंगाजी स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर धावा बोल दिया, जिसमें क्रिस्टोफर सहित चार लोग मारे गए।
समाचार पत्र `वाशिंगटन पोस्ट` ने ओबामा के बयान के हवाले से बताया कि क्रिस अमेरिका के साहसी एवं अनुकरणीय प्रतिनिधि थे। पूरी लीबियाई क्रांति के दौरान हमारे देश एवं लीबियाई लोगों की निस्वार्थ भाव से सेवा की। राजदूत के रूप में त्रिपोली में उन्होंने लीबिया में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को समर्थन दिया।
अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने हमले की कड़े शब्दों में भर्त्सना की। हिलेरी ने कहा कि उन्होंने लीबिया के प्रधानमंत्री मोहम्मद युसूफ अल-मगरीफ से देश में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षा देने के लिए अतिरिक्त सहयोग देने का निवेदन किया है। लीबिया के प्रधान मंत्री ने अमरीका से माफ़ी मांगी है और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है|

कार्टूनिस्ट असीम रिहा हुए और कांग्रेस के विरोधी बने

कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी बुधवार को मुंबई की आर्थर रोड जेल से रिहा हो गए। रिहा होते ही उन्होंने कहा कि देशद्रोह कानून की धारा 124-ए को खत्म करने की लड़ाई जारी रहेगी उधर महाराष्ट्रा सरकार ने भी देश द्रोह के मुकदमे को अभी तक वापिस नहीं लिया है| गौरतलब है की राष्ट्रीय प्रतीक चिन्हों पर कार्टून बना कर असीम ने भ्रष्टाचार पर प्रहार किये हैं| इसीलिए उन्हें देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार गिरफ्तार किया गया था|
जेल से ५०००/= के निजी मुचलके पर रिहा होने के बाद 25 वर्षीय असीम सीधे बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को सिर नवाने गए। बाद में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के शासनकाल से लागू देशद्रोह के इस कानून का विरोध महात्मा गांधी और पंडित जवाहरलाल नेहरू ने भी किया था। क्योंकि इसका उपयोग उनके विरुद्ध भी किया गया था। क्या वह देशभक्त नहीं थे? इस कानून का उपयोग कम, दुरुपयोग ही ज्यादा होता रहा है। इसे अक्सर लेखकों, पत्रकारों, कवियों और कलाकारों की आवाज दबाने के लिए किया जाता रहा है।उन्होंने एक चैनल पर एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि उन्हें बाबा आम्बेडकर ला विरोधी बताया जा रहा है जबकि बाबा आम्बेडकर स्वयम अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता के लिए लड़ते रहे |
असीम ने कहा कि मैं कानून का सम्मान करता हूं। लेकिन जो कानून यह अहसास कराए कि हम आज भी स्वंतत्र देश में नहीं रह रहे हैं, उसे हम नहीं मानते। इसलिए राजशाही का अहसास कराने वाला यह कानून खत्म किया जाना चाहिए।
मूलत: कानपुर के निवासी असीम त्रिवेदी को मंगलवार को ही बांबे हाई कोर्ट ने ५०००/= के निजी मुचलके पर जमानत देने का आदेश दे दिया था। शुरुआत में असीम जमानत पर बाहर आने को तैयार नहीं थे। लेकिन देर रात उन्होंने कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए जमानत राशि जमाकर रिहा होने की सहमति दी। असीम को जमानत तो मिल गई है। लेकिन महाराष्ट्र सरकार अभी भी कानूनी सलाह ले रही है कि उन पर लगे आरोपों को हटाना संभव है या नहीं। हाई कोर्ट भी असीम पर लगे विवादास्पद आरोप हटाए जाने के बारे में 14 सितंबर को अपना फैसला देगा।
कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी के समर्थन में अनेकों लोगों ने अपनी आवाज़ उठाई है| यूं पी बिहारियों के खिलाफ लड़ने वाले राज ठाकरे+ बाल ठाकरे भी कानपुर के मूल निवासी असीम के समर्थन में उतर आये हैं|अन्ना हजारे के मुंबई आंदोलन के दौरान कुछ कार्टून बनाने के कारण असीम पर देशद्रोह का केस दर्ज किया गया था। जेल के बाहर उनके स्वागत में सैन+गाँधी और इंडिया अगेंस्ट करप्शन के सदस्यों सहित काफी संख्या में लोग मौजूद थे।
शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में बाल ठाकरे ने कहा है कि अपने कार्टूनों के जरिये त्रिवेदी ने संसद में गिरते स्तर को दर्शाने की कोशिश की और सरकार ने उसपर देशद्रोह का आरोप लगा दिया। त्रिवेदी ने राष्ट्रीय प्रतीक का अपमान किया है लेकिन इसके आधार पर उसे एक देशद्रोही का तमगा लगाकर गिरफ्तार कर लेना न्यायोचित नहीं था। गौरतलब है कि बल ठाकरे स्वयम भी कार्टूनिस्ट रहे हैं|
इसके अलावा भाजपा और एन डी ऐ के वरिष्ठ नेता लाल कृषण आडवाणी ने अपने ब्लॉग में लिखा है कि १९७५ कि इमरजेंसी से भी खतरनाक स्थिति उत्पन्न हो गई है|इमरजेंसी में भी अबू जैसे कार्टूनिस्टों को गिरफ्तार नहीं किया गया था आज स्थिति इतने बिगड़ चुकी है कि कार्टूनिस्टों को देश द्रोही बता कर जेल में डाला जा रहा है|

संवैधानिक संस्था कैग के समर्थन में भाजपा नेता राष्ट्रपति से मिले

कोयला घोटाले को उजागर करके सरकार को संकट में डालने वाली संवैधानिक संस्था कैग [कम्प्त्रोलर & आडिटर जनरल] के समर्थन में आज भाजपा ने मौर्चा खोल दिया है|
भाजपा के शीर्ष न्रेतत्व ने आज विरोध की संवैधानिक प्रक्रिया अपनाते हुए राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा|इस ज्ञापन में बताया गया है कि कांग्रेस के वरिष्ठ मंत्री और स्वयम प्रधान मंत्री डाक्टर मनमोहन सिंह भी खुल कर कैग का विरोध कर रहे हैं|
कैग कि रिपोर्ट्स का पहले भी मूल्याङ्कन होता रहा है मगर अब अपने राजनितिक स्वार्थों के चलते संस्था के द्वारा लगाये भ्रष्टाचार के आरोपों को संसद और संसद के बाहर पूर्णतया विवादस्पद बनाया जा रहा है और यह स्वयम पी एम् द्वारा किया जा रहा है|बिना जांच कराये ही रिपोर्ट को झूटा बताने कि कौशिश कि जा रही है|कैग पर आरोप लगाये जा रहे हैं कि राजनितिक स्वार्थों के कारण ऐसी सरकार विरोधी रिपोर्ट दी जा रही है|ऐसे आरोपों से संविधान की मर्यादा को चुनौती दी जा रही है|यह लोक तंत्र के लिए ठीक नहीं है|
जबकि राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद +उपराष्ट्रपति डाक्टर सर्वपल्ली राधा कृष्णन और स्वयम प्रधान मंत्री जवाहर लाल नेहरु ने कैग कि स्वायतता पर प्रश्न चिन्ह लगाने वालों की ही आलोचना की थी|
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक [सीएजी] पर सरकार द्वारा बार-बार किए जा रहे हमले को रोकने के लिए हस्तक्षेप करने का आग्रह किया गया ।
भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘हमने राष्ट्रपति से मुलाक़ात की और कहा कि यह आपके लिए जरूरी है कि इसमें हस्तक्षेप करे और सरकार को सलाह दें कि सीएजी पर हमला उचित नहीं है’। राष्ट्रपति द्वारा यह आश्वासन दिया गया है कि वह इस मामले को देखेंगे और उचित कार्रवाई करेगे।
भाजपा नेता ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी, लेकिन एक संवैधानिक संस्था पर जिस तरह से हमला किया जा रहा है, हमें आशंका है कि संवैधानिक प्राधिकरणों को कमजोर किया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली और वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी शामिल थे।
मालूम हो कि सीएजी ने हाल में अपनी रिपोर्ट में कोयला ब्लॉक आवंटन में अनियमितता के कारण सरकारी खजाने को 1.86 लाख करोड़ रुपये नुकसान का अनुमान लगाया है। जिस अवधि के दौरान कोयला ब्लॉक आवंटित किए गए थे, उस दौरान [2004-2009] केंद्रीय कोयला मंत्रालय का प्रभार प्रधानमंत्री के पास था। प्रधानमंत्री ने एक बयान में सीएजी के निष्कर्षो को कई मामलों में दोषपूर्ण बताते हुए निष्कर्ष को विवादित बताया है

सरकार असीम दाड़ी में उलझ कर रह गई है|

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक कार्टूनिस्ट

देखा सच्चाई का कमाल |सरकार की नाक में हो गया है बवाल |हसाड़े कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी को जेल से रिहा करने को हो रहे हैं बेहाल|इस सरकार ने अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता पर नकेल डालने का किया कुप्रयास लगाया झूटा देश द्रोह का आरोप जिससे तड़प कर असीम ने जमानत लेने से कर दिया है इनकार| इसीलिए सरकार का आगे होगा अभी इससे भी बुरा हाल|पोलिस ने रिमांड छोडी |हाई कोर्ट ने जेल छोड़ी अब सरकार अब दमन कारी सरकार का कौन होगा हवाल ?

झल्ला

कार्टून जी गल तो आप जी की ठीक ही लगती है सरकार ने तिनका निकालने के लिए असीम त्रिवेदी की लम्बी काली दाड़ी में घुसपैठ की अब तिनका तो सामने आया नहीं हाँ बेचारी सरकार जरुर असीम दाड़ी में उलझ कर रह गई है|वैसे इसे दूसरी राजनीति की भाषा में कह सकते है कि सांप[सरकार]के मुह में चचुंदर[कार्टूनिस्ट] फंस गया है क्यों ठीक है न ठीक ???

कार्टूनिस्ट असीम को जमानत कल रिहाई संभव

कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी को मुम्बई ही कोर्ट ने ५०००/के निजी मुचलकों पर जमानत दे दी है|जनहित याचिका के उत्तर में यह अदालती राहत दी गई है|
असीम के पिता का कहना है कि जब तक देश द्रोह का मुकदमा वापिस नहीं लिया जाता तब तक असीम जेल में ही रहेगा|जमानत के कागजात कल सुबह जेल में पहुंचेंगें तभी स्थिति साफ हो पायेगी |
चिहों के कार्टूनों की सोशल साईट्स पर आ गई बाड़
प्रतीक चिन्हों का कार्टून बनाने वाले असीम त्रिवेदी को देश द्रोही करार देकर सरकार ने लगता है कि बैठे बिठाए आफत मौल ले ली है| असीम को गिरफ्तार करके विरोध का एक नया रास्ता दिखा दिया है लोगों को पता चल गया है कि अब प्रतीक चिन्हों के माध्यम से भी सरकार का विरोध किया जा सकता है सरकार को परेशानी में डाला जा सकता है|क्योंकि अब सोशल साईट्स पर रोजाना प्रतीक चिन्हों के माध्यम से नेताओं के कार्टून डाउन लोड किये जा रहे हैं| फेस बुक पर ही रोज़ाना अशोक स्तम्भ के तीन शेरो के स्थान पर कोई न कोई नई नेताओं की तिकड़ी आ रही है| बेशक सूचना एवं प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी +कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी और महाराष्ट्रा के गृह मंत्री एन सी पी कोटे के आर आर पाटिल ने भी अपने तरीके से असीम की गिरफ्तारी के सवाल पर अपना पल्ला झाड लिया है| लेकिन आज ईन्डिया अगेंस्ट करप्शन के अरविन्द केजरीवाल ने इस ज्वलंत मुद्दे को भुनाते हुए महाराष्ट्र सरकार को चुनौती दे दी है की अगर इस सपाट के अंत तक असीम के ऊपर लगाये आरोप वापिस नहीं लिए गए तो मुम्बई जेल के बाहर धरना होगा |
अगर ऐसा हो गया तो ये कार्टूनिस्ट भी कहने लग जायेंगे में असीम में असीम में असीम

प्रतीक चिहों के कार्टूनों की सोशल साईट्स पर आ गई बाड़

प्रतीक चिहों के कार्टूनों की सोशल साईट्स पर आ गई बाड़
प्रतीक चिन्हों का कार्टून बनाने वाले असीम त्रिवेदी को देश द्रोही करार देकर सरकार ने लगता है कि बैठे बिठाए आफत मौल ले ली है| असीम को गिरफ्तार करके विरोध का एक नया रास्ता दिखा दिया है लोगों को पता चल गया है कि अब प्रतीक चिन्हों के माध्यम से भी सरकार का विरोध किया जा सकता है सरकार को परेशानी में डाला जा सकता है|क्योंकि अब सोशल साईट्स पर रोजाना प्रतीक चिन्हों के माध्यम से नेताओं के कार्टून डाउन लोड किये जा रहे हैं| फेस बुक पर ही रोज़ाना अशोक स्तम्भ के तीन शेरो के स्थान पर कोई न कोई नई नेताओं की तिकड़ी आ रही है| बेशक सूचना एवं प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी +कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी और महाराष्ट्रा के गृह मंत्री एन सी पी कोटे के आर आर पाटिल ने भी अपने तरीके से असीम की गिरफ्तारी के सवाल पर अपना पल्ला झाड लिया है| लेकिन आज ईन्डिया अगेंस्ट करप्शन के अरविन्द केजरीवाल ने इस ज्वलंत मुद्दे को भुनाते हुए महाराष्ट्र सरकार को चुनौती दे दी है की अगर इस सपाट के अंत तक असीम के ऊपर लगाये आरोप वापिस नहीं लिए गए तो मुम्बई जेल के बाहर धरना होगा |
अगर ऐसा हो गया तो ये कार्टूनिस्ट भी कहने लग जायेंगे में असीम में असीम में असीम Permalink: http://jamosnews.com/?p=3407