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Category: Crime

आवाजे मनमोहन को नक्काराए बाज़ार समझो और आमदनी बढाओ

झल्ले दी झाल्लियाँ गल्लां

एक आम नागरिक

ओये झल्लेया ये क्या जुलुम हो रहा है?खामोश सरकार ने अब कान भी बंद कर लिए हैं|देश में महंगाई और ऍफ़ डी आई के खिलाफ मची हाहाकार सुनाई नहीं दे रही|उलटे प्रधान मंत्री ये कहने लग गए हैं कि अगर जाना ही है तो लड़ कर जायेंगें|यह जूमला गाते गाते अब सुपीरियर पेट्रोल के दाम भी बड़ा दिए हैं|ओये इलेक्शन नज़दीक नहीं दिख रहे |राजनीतिक दल इस सरकार को हटाने में फ़ैल है |अब हसाड़ा क्या होगा|लगता है कि आटा गीला करने के लिए आटे में पानी डालने के दिन गए|इस गीली गरीबी में पानी में गीला करने के लिए आटा+चावल+दाल भी विदेशों से मंगवाने पड़ेंगे|

झल्ला

ओ मेरेया मित्र वे हुन बंद करो रौणा|ये महंगाई तो किसी महामारी की तरह फैले ही फैले|इसे रोकने वाले विपक्षी+समर्थक+घटक सभी केवल गाल बजा कर ओपचारिकता निभा रहे हैं|शायद इसीलिए सरकारे आली ने भी चिडाते हुए कह दिया है कि जिसके जो बस में हो करले | अगर जाना ही है तो लड़ कर ही जायेंगे|
इसीलिए आवाजे पी एम् को नक्काराए बाज़ार समझो और आमदनी बढाने की सोचो

अमेरिकी संसद में सिखों के योगदान की प्रशंसा+ हमले की निंदा

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में पहली बार सिखों [अमेरिकी]के अमेरिका में योगदान की प्रशंसा की गईऔर सिखों और उनके धार्मिक स्थलों पर हो रहे घर्णा अपराधों की निंदा की गई|सभा में ८० सांसदों ने पार्टी लाईन से ऊपर उठते हुए इस विषय में प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया|जो क्राउली और हावेर्ड़ के साथ बड़े सांसदों ने पेश किया|यह प्रस्ताव पाल रियान द्वारा प्रस्तुत निंदा प्रस्ताव के बाद आया
उपराष्ट्रपति के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार पाल रियान ने अपने प्रस्ताव में विस्कोंसिन ओक क्रीक गुरुद्वारे में ५ अगस्त को मारे गए ६ सदस्यों की मौत की घटना की निंदा की इसके पश्चात कांग्रेस के नए प्रस्ताव में न्याय विभाग से कहा गया है की वह सिखों के विरुद्ध नफरत जुर्मो को एकत्रत करना प्रारम्भ करे|
गौरतलब है की वर्तमान में नफरत हिंसा के कारण सिखों और उनके धार्मिक स्थलों पर अटैक हो रहे हैं|इसका रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स दोनों के द्वारा निंदा की गई है| ओक क्रेक के गुरुद्वारे पर हमले के विरोध में संभवत पहली बार अमेरिका में सरकारी झंडे झुका दिए गए थे और स्वयम राष्ट्रपति ने हिंसा की निंदा की थी

मुम्बई मिरर में छपी एक खबर का पी एम् ओ का जोरदार खंडन

किया गया है|
मुम्बई मिरर में एक स्टोरी छापी गई है जिसके अनुसार यूं पी ऐ की चेयर पर्सन श्रीमति सोनिया गाँधी की पोलिटिकल सेक्रेटरी के कहने पर ही डाक्टर मन मोहन सिंह ने कोयला खदान के आवंटन क्लीयर किये थे|और इसकी सूचना यूं पी ऐ अध्यक्ष को दे दी गई है| इस स्टोरी को पूर्णतया असत्य बताते हुए गैर जिम्मेदाराना और शरारत से भरपूर बताया गया है|. मीडिया से इसप्रकार की खबर को नहीं छापने को कहा गया है
The attention of the Prime Minister’s Office has been drawn to a news story published in Mumbai Mirror today, 15 September, 2012. The allegation that the Prime Minister talked to the UPA Chairperson and communicated to her that his office had cleared the coal block allotment on the recommendation of her political secretary is completely untrue. This is a scurrilous, irresponsible and mischievous report. It is hoped that other newspapers or media outlets do not reproduce or repeat the baseless story.

मुद्रास्फीति को बढावा देने वाली डीजल गैस कीमतों में वृद्धि का भाजपा करेगी राष्ट्रीय स्तर पर विरोध

डीजल और एल पी जी की कीमतों में वर्तमान में बडाई गई बेतहाशा बडोत्तरी को किसान और आम आदमी की विरोधी बताते हुए भाजपा ने आज कहा की यह बढोत्तरी प्रपाती और मुद्रास्फीति को बढावा देगी|



भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष वेंकईया नायडू ने कहा की पावर शार्टेज के कारण महंगे डीजल के पम्पिंग सेट से सींचाई को बाध्य किसानो की आर्थिक हालत पहले से खराब चल रही है डीजल की कीमतों में एक दम ५/= प्रति लीटर बढाने से खेती पर और किसानो पर नकारात्मक प्रभाव पडेगा|अब ट्रेक्टर का किराया भी ज्यादा देना होगा| मौजूदा समय में किसानों का खेती से मोह भंग हो रहा है |बड़ी संख्या में इनका पलायन शहरों की तरफ जारी है| सरकार के इस अदूरदर्शी कदम से पलायन को गति मिलेगी|. उन्होंने बताया की डीजल के दामो में वृद्धि से भाडा बढेगा और आम जन जीवन की उपयोगी वस्तुओं की कीमतें भी प्रभावित होंगी| इसका आम आदमी पर असर पडेगा|
रसोई गैस की सीमा ६ करने से लोअर और लोअर मिडिल क्लास को चोट पहुंचेगी|
भाजपा नेता ने कांग्रेस को निशाना बनाते हुए कहा कीकांग्रेस का कहना है की कांग्रेस का हाथ आम आदमी के साथ मगर अब इसे इस प्रकार बदल देना चाहिए

“कांग्रेस के हाथ आम आदमी के साथ विश्वासघात “

भाजपा ने इस का विरोध करते हुए किसानो+मिडिल+लोअर मिडिल क्लास के नागरिकों को राहत देने के लिए तत्काल रोल बेक की मांग की है |
इसके साथ ही श्री नायडू ने यूं पी ऐ के सहयोगी घटकों से पूछा है की घडियाली आंसू बहाने या लिप सिम्पैथी को छोड़ कर कीमतों के रोल बेक के लिए आम जनता के साथ खड़े होंगे? उन्होंने केन्द्रीय सरकार के इस जनविरोधी कदमका विरोध करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अभियान छेड़ने की घोषणा भी की

डीजल कीमतों की चिंगारी से देश भर में सियासी तपिश

Demonstration Of BJP Against Price Rise Of Diesel+LPG

Demonstration Against Price Rise

people exhibiting resentments against price rise of inflammable

डीजल और रसोई गैस के दामो में वृद्धि से सोसायटी का विशेष कर लोअर माध्यम वर्गऔर लोअर अपर वर्ग चीत्कार उठा है|इस प्राईस राईस से सभी आवश्यक वस्तुओं में ८-१०% तक दाम बढ सकते हैं| टी वी चेनलों पर सुबह से ही आम आदमी के आक्रोश को दिखाया जा रहा है| यौजना आयोग के मोंटेक सिंह अहलुवालिया और सरकार के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने इस बढोत्तरी को मजबूरी में उठाया गया कदम बताया है|श्री सिंह ने भविष्य की बेहतरी के लिए इसे आवश्यक बताया |इस एक कदम से सरकारी खजाने में २५००० करोड़ रूपये आएंगे|
उड़ीसा +पश्चमी बंगालके मुख्यमन्त्रियो के अलावा बाहर से सपोर्ट कर रही सपा और वामपन्थियो ने तत्काल कीमतों में रोल बेक की मांग की है| मुम्बई में सरकार में शामिल घटक एन सी पी के कार्यकर्ता तो मुम्बई में सडकों पर उतर आये हैं| बी जे पी ने पूर्व घोषणा के अनुसार प्रधान मंत्री के पुतले फूंकने शुरू कर दिए हैं|

अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षा मुहैय्या करवाएं|

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक अमेरिकी भक्त भारतीय

ओये झल्लेया ये क्या हो रहा है?ओये हसाड़े दाता बेचारे अमेरिका के तो पीछे लोग ख्वाह ख्माह ही पड़ गए हैं| एक फिल्म के बहाने पहले तो लीबिया में अमेरिकी राजदूत को मार दिया और अब बाकी तेल उत्पादक देशों में अमेरिकी दूतावासों पर भी हमले हो रहे हैं|ये आतंकवाद कब तक चलेगा|

झल्ला

सेठ जी वक्त वक्त की बात है कभी ये ही दादा दूसरों को सुरक्षा मुहैया करवाता था और अब इसके ताकतवर राष्ट्रपति बराक ओबामा विदेशी सरकारों को उनका कर्तव्य +उत्तरदायित्व याद कराते
हुए कह रहे हैं कि वोह

TERRORISTS ATTACKING AMERICANS

कंधार काण्ड का आरोपी मेहराजुद्दीन गिरफ्तार

विश्व प्रसिद्ध कांधार कांड के एक आरोपी को जे & के पोलिस ने गिरफ्तार कर लिया है|
एयर इंडिया के IC-814 विमान का अपहरण करके कांधार ले जाया गया था | मेहराजुद्दीन उर्फ जावेद नाम का भी आरोपियों की लिस्ट में था ये संदिग्ध आतंकी कश्मीर का ही रहने वाला बताया जा रहा है और यूनाईटेड जेहाद काउन्सिल के लिए फंड कलेक्शन को आर्गेनाइज करता है|
लश्कर का सक्रिय मिलिटेंट रह चुका यह मेहराजुद्दीन 1992 में कश्मीर से पाकिस्तान गया था और ये मौलाना मसूद अजहर का दायां हाथ भी रह चुका है। मेहराजुद्दीन बुधवार देर रात ही नेपाल के रास्ते जम्मू पहुंचा और रात को किश्तवाड़ जा रहा था। जहां नाके पर उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दावा किया है कि जे & के पोलिस को पहले ही मेहराजुद्दीन के आने की खुफिया जानकारी मिल चुकी थी।

कार्टूनिस्ट की दाड़ी में सरकार का हाथ फंसा

SEP12

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक कार्टूनिस्ट

ओये झल्लेया ये क्या हो रहा है??कांग्रेस की सूचना & प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी+प्रवक्ता मनीष तिवारी+महाराष्ट्र के गृह मंत्री आर आर पाटिल के अलावा महाराष्ट्रा के विपक्षी नेता बाल ठाकरे और देश में विपक्षी नेता लाल कृष्ण आडवानी ने भी हसाड़े कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी की वकालत की है और देश द्रोह का आरोप बे बुनियाद बताया है |
इस सरकार ने अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता पर नकेल डालने का कुप्रयास किया|अब पोलिस ने रिमांड सरेंडर कर दी |हाई कोर्ट ने जेल छुड़वा दी|अब सरकार ने असीम को छोड़ तो दिया है मगर देश द्रोह के आरोप नहीं हटाये हैं|

झल्ला

कार्टून जी गल तो आप जी की ठीक ही है सरकार ने देश द्रोह का तिनका निकालने या डालने के लिए असीम त्रिवेदी की लम्बी काली दाड़ी में घुसपैठ की अब तिनका तो सामने आया नहीं हाँ बेचारी सरकार जरुर असीम दाड़ी में उलझ कर रह गई है| अब कार्टूनिस्ट की दाड़ी से ना तो तिनका निकल रहा है और ना ही कार्टूनिस्ट की घनी दाड़ी से सरकार का हाथ ही बाहर आ रहा है

९/११ की त्रासदी की ११वी बरसी पर अमेरिकी राजदूत की ह्त्या

न्युयोर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले की ११वी बरसी पर लीबिया और अफगानिस्तान में अमेरिकियों पर हमले हुए |लीबिया में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में अमेरिकी राजदूत क्रिस्टोफर स्टीवेंस सहित तीन दूतावास कर्मियों की ह्त्या कर दी गई और अफगानिस्तान में तीन अफगान ख़ुफ़िया कर्मी और एक नाटो सैनिक मारा गया |अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने लीबिया में अमेरिकी राजदूत की हत्या की निंदा की और कहा कि वह देश के `साहसी एवं अनुकरणीय प्रतिनिधि` थे।उन्होंने कहा कि इस प्रकार कि आतंकवादी घटनाओं से अमेरिका को झुकाया नहीं जा सकता| उन्होंने दोषिओं को सजा दिए जाने का भरोसा दिलाया| लीबिया के बैंगाजीशहर में मंगलवार रात[११=९=२०१२] को प्रदर्शनकारियों द्वारा रॉकेट से किए गए हमले में अमेरिकी राजदूत क्रिस्टोफर स्टीवेंस सहित चार दूतावास कर्मियों की मौत हो गई|गौरतलब है की इसी छेत्र में गद्दाफी के खिलाफ बगावत ने जोर पकड़ा था और संयुक्त राष्ट्र की सेनाओं ने यहीं से गद्दाफी के खिलाफ युद्ध की शुरुआत की थी|
बताया जा रहा है कि एक अमेरिकी+ इस्राईल फिल्म में कथित तौर पर पैगम्बर मोहम्मद को एक महिला के साथ दिखाया गया है इसका प्रोमो अरबी और फारसी में दिखाने से भड़के हजारों स्वचालित हत्यारों से लैस लोगों ने मंगलवार को बैंगाजी स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर धावा बोल दिया, जिसमें क्रिस्टोफर सहित चार लोग मारे गए।
समाचार पत्र `वाशिंगटन पोस्ट` ने ओबामा के बयान के हवाले से बताया कि क्रिस अमेरिका के साहसी एवं अनुकरणीय प्रतिनिधि थे। पूरी लीबियाई क्रांति के दौरान हमारे देश एवं लीबियाई लोगों की निस्वार्थ भाव से सेवा की। राजदूत के रूप में त्रिपोली में उन्होंने लीबिया में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को समर्थन दिया।
अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने हमले की कड़े शब्दों में भर्त्सना की। हिलेरी ने कहा कि उन्होंने लीबिया के प्रधानमंत्री मोहम्मद युसूफ अल-मगरीफ से देश में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षा देने के लिए अतिरिक्त सहयोग देने का निवेदन किया है। लीबिया के प्रधान मंत्री ने अमरीका से माफ़ी मांगी है और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है|

कार्टूनिस्ट असीम रिहा हुए और कांग्रेस के विरोधी बने

कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी बुधवार को मुंबई की आर्थर रोड जेल से रिहा हो गए। रिहा होते ही उन्होंने कहा कि देशद्रोह कानून की धारा 124-ए को खत्म करने की लड़ाई जारी रहेगी उधर महाराष्ट्रा सरकार ने भी देश द्रोह के मुकदमे को अभी तक वापिस नहीं लिया है| गौरतलब है की राष्ट्रीय प्रतीक चिन्हों पर कार्टून बना कर असीम ने भ्रष्टाचार पर प्रहार किये हैं| इसीलिए उन्हें देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार गिरफ्तार किया गया था|
जेल से ५०००/= के निजी मुचलके पर रिहा होने के बाद 25 वर्षीय असीम सीधे बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को सिर नवाने गए। बाद में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के शासनकाल से लागू देशद्रोह के इस कानून का विरोध महात्मा गांधी और पंडित जवाहरलाल नेहरू ने भी किया था। क्योंकि इसका उपयोग उनके विरुद्ध भी किया गया था। क्या वह देशभक्त नहीं थे? इस कानून का उपयोग कम, दुरुपयोग ही ज्यादा होता रहा है। इसे अक्सर लेखकों, पत्रकारों, कवियों और कलाकारों की आवाज दबाने के लिए किया जाता रहा है।उन्होंने एक चैनल पर एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि उन्हें बाबा आम्बेडकर ला विरोधी बताया जा रहा है जबकि बाबा आम्बेडकर स्वयम अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता के लिए लड़ते रहे |
असीम ने कहा कि मैं कानून का सम्मान करता हूं। लेकिन जो कानून यह अहसास कराए कि हम आज भी स्वंतत्र देश में नहीं रह रहे हैं, उसे हम नहीं मानते। इसलिए राजशाही का अहसास कराने वाला यह कानून खत्म किया जाना चाहिए।
मूलत: कानपुर के निवासी असीम त्रिवेदी को मंगलवार को ही बांबे हाई कोर्ट ने ५०००/= के निजी मुचलके पर जमानत देने का आदेश दे दिया था। शुरुआत में असीम जमानत पर बाहर आने को तैयार नहीं थे। लेकिन देर रात उन्होंने कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए जमानत राशि जमाकर रिहा होने की सहमति दी। असीम को जमानत तो मिल गई है। लेकिन महाराष्ट्र सरकार अभी भी कानूनी सलाह ले रही है कि उन पर लगे आरोपों को हटाना संभव है या नहीं। हाई कोर्ट भी असीम पर लगे विवादास्पद आरोप हटाए जाने के बारे में 14 सितंबर को अपना फैसला देगा।
कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी के समर्थन में अनेकों लोगों ने अपनी आवाज़ उठाई है| यूं पी बिहारियों के खिलाफ लड़ने वाले राज ठाकरे+ बाल ठाकरे भी कानपुर के मूल निवासी असीम के समर्थन में उतर आये हैं|अन्ना हजारे के मुंबई आंदोलन के दौरान कुछ कार्टून बनाने के कारण असीम पर देशद्रोह का केस दर्ज किया गया था। जेल के बाहर उनके स्वागत में सैन+गाँधी और इंडिया अगेंस्ट करप्शन के सदस्यों सहित काफी संख्या में लोग मौजूद थे।
शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में बाल ठाकरे ने कहा है कि अपने कार्टूनों के जरिये त्रिवेदी ने संसद में गिरते स्तर को दर्शाने की कोशिश की और सरकार ने उसपर देशद्रोह का आरोप लगा दिया। त्रिवेदी ने राष्ट्रीय प्रतीक का अपमान किया है लेकिन इसके आधार पर उसे एक देशद्रोही का तमगा लगाकर गिरफ्तार कर लेना न्यायोचित नहीं था। गौरतलब है कि बल ठाकरे स्वयम भी कार्टूनिस्ट रहे हैं|
इसके अलावा भाजपा और एन डी ऐ के वरिष्ठ नेता लाल कृषण आडवाणी ने अपने ब्लॉग में लिखा है कि १९७५ कि इमरजेंसी से भी खतरनाक स्थिति उत्पन्न हो गई है|इमरजेंसी में भी अबू जैसे कार्टूनिस्टों को गिरफ्तार नहीं किया गया था आज स्थिति इतने बिगड़ चुकी है कि कार्टूनिस्टों को देश द्रोही बता कर जेल में डाला जा रहा है|