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Category: Crime

अमेरिका के उज्जवल भविष्य के लिए अप्रवासन बिल पर कांग्रेस को तत्काल मंजूरी दे देनी चाहिए:बराक ओबामा

राष्ट्रपति बराक ओबामा ने आज फिर कांग्रेस से आग्रह किया है कि राष्ट्र हित में अप्रावासन [BrokenImmigration ] नीति को शीघ्र मंजूरी दे दी जाये
अपने साप्ताहिक संबोधन में बराक ओबामा ने कहा कि दो सप्ताह पूर्व द्विदलीय सीनेट ने बड़ी संख्या में अप्रवासन नीति[ commonsense imm igration reform, ] को मजूरी देकर इसे कांग्रेस को भेजा थाi इस नीति से देश की आर्थिक स्थिति +सामाजिक सुरक्षा में सुधर तो आयेगा ही इसके साथ ही अप्रवासन कानून को हमारे सिद्धांतों के अनुरूप आधुनिक जामा पहनाया जा सकेगा| इसीलिए ब्रोकन अप्रवासन नीति के सुधारों के लिए कांग्रेस को भी अब तत्काल अपनी मंजूरी दे देनी चाहिए| यह अमेरिका के उज्जवल भविष्य के लिए जरुरी भी है|
उन्होंने बताया कि अमेरिका में अवैध रूप से रहने वाले अप्रवासियों की संख्या ११ मिलियन पर पहुँच गई है|इन्हें राष्ट्र की मुख्य धारा में लाने से चौमुखी विकास होगा| राष्टपति ने बीते दिनों जारी एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि यदि सीनेट का यह प्लान कानून बन जाता है तो देश कि इकोनोमी में ५% की वृद्धि होगी और मात्र दो दशकों में ही १.४ ट्रिलियन डॉलर्स की अतिरिक्त आय होगी |उन्होंने स्मरण करते हुए कहा कि अमेरिका हमेशा से ही आप्रवासियों का देश रहा है| इन सब ने मिल कर अमेरिका को विश्व का सिरमौर देश बनाया है लेकिन वर्तमान में ऐसी अनेको प्रतिभाओं को राष्ट्र की मुख्य धारा से दूर रखा जा रहा है|इन्हें कानूनी अधिकार देने से ये लोग भी देश के विकास में यौग्दान दे सकेंगे|उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि जब पूर्व प्रेजिडेंट बुश और वोह[बराक ओबामा ] इस मसले पर सहमत हो सकते हैं तब कांग्रेस के डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन्स को एक जुट होकर राष्ट्र हित में अप्रवासन बिल को मंजूरी दे देनी चाहिए ताकि इसे कानून बनाने के लिए उन्हें [ओबामा]को हस्ताक्षर करने का सुअवसर मिल सके|

भाजपा ने देश में वर्तमान आर्थिक संकट के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया

भाजपा ने वर्तमान आर्थिक संकट के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है|राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री मति मीनाक्षी लेखी ने पार्टी के सामान्य ब्रीफिंग में कहा कि एशिया में भारतीय रुपये की हालत ज्यादा खस्ता है|३१ मई के पश्चात ५.३% कमजोर हो गया है
आज यह डॉलर के मुकाबिले ६०/= तक गिर चुका है अब इसके ७०/= तक गिरने की संभावना बनी हुई है|
विक दर ५% के रिकार्ड निचले स्तर पर आ पहुंची है|३१ मार्च को समाप्त वर्ष में एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में जी.डी पी ४.८% .पर पहुँच गई|इसी कुशासन के कारन मणि शंकर ऐय्यर जैसे मंत्री को में, पंचायत राज के लिए ,नार्वे जैसेदेश के युवराज हाकोन से भिक्षा मांगनी पडी \
करीब दस वर्षों में लगातार बढती कीमतें+मुद्रा स्फूर्ति+भ्रष्टाचार+अराजकता+साम्प्रदाईक नफरत आदि से कांग्रेस का चेहरा देश के सामने आ गया है|कांग्रेस पार्टी की झूठा प्रचार करने की मशीनरी के दिन लद चुके हैं |

मलाला ने, चरमपंथियों की गोलियों के मुकाबिले, महिलाओं को किताब और पेन उठाने का आह्वाहन किया

मलाला ने, चरमपंथियों की गोलियों के मुकाबिले, महिलाओं को किताब और पेन उठाने का आह्वाहन किया

मलाला ने, चरमपंथियों की गोलियों के मुकाबिले, महिलाओं को किताब और पेन उठाने का आह्वाहन किया

चरमपंथियों की गोलियों के मुकाबिले एक किशोरी कन्या मलाला युसुफ़जई ने महिलाओं को किताब और पेन उठाने का आह्वाहन किया |पाकिस्तान में लड़कियों की शिक्षा की वकालत करने पर चरमपंथियों की गोलियों की शिकार बनी मलाला ने अपने 16वें जन्मदिन पर संयुक्त राष्ट्र के एक विशेष सत्र को आज संबोधित भी किया|इस अवसर पर मलाला ने कहा कि वो हर बच्चे को शिक्षा के अधिकार के लिए बात करने आई हैं.बीते साल अक्टूबर में पाकिस्तान की स्वात घाटी में तालिबान के हमले के बाद मलाला को इलाज के लिए इंग्लैंड लाया गया था और अब वह बर्मिंघम में रहती हैं
न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय में युवाओं के एक विशेष सत्र में संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून और दुनिया भर से आए 1000 से ज़्यादा छात्र-छात्राएं मलाला को सुनने के लिए मौजूद थे.
मलाला ने कहा वह बहुत-सी लड़कियों में से एक हैं जिन्होंने उनके लिए आवाज़ उठाई है जो अपनी बात खुद नहीं रख सकते.
मलाला ने सभी बच्चों के लिए मुफ़्त अनिवार्य शिक्षा का आहवान किया और कहा कि सिर्फ़ शिक्षा के माध्यम से ही जीवन स्तर सुधारा जा सकता है.
मलाला ने कहा कि तालिबान के हमले से उनकी ज़िंदगी में कुछ नहीं बदला सिवाय इसके कि “कमज़ोरी, डर और नाउम्मीदी ख़त्म हो गई.”
उन्होंने कहा, चरमपंथी किताब और कलम से डरते थे और अब भी डरते हैं. वह महिलाओं से भी डरते हैं.|
मलाला ने कहा कि वह महिला अधिकारों के लिए इसलिए संघर्ष कर रही हैं क्योंकि “उन्हीं को सबसे ज़्यादा भुगतना पड़ता है.”
उन्होंने कहा, “चलिए हम अपनी किताबें और पेन उठा लेते हैं. यही सबसे ताकतवर हथियार हैं. एक बच्चा, एक शिक्षक, एक पेन और एक किताब दुनिया को बदल सकते हैं. शिक्षा ही एकमात्र हल है.”
पूर्व ब्रितानी प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने सत्र का शुरुआती भाषण दिया| संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून + वुक[Vuk Jeremić ] +अहमद[ Ahmad Alhendawi,]ने भी सत्र को संबोधित किया.इससे १७ जून को पूर्व ब्राउन ने विश्व भर में एक अभियान चलाया था जिसके अनुसार प्रत्येक छात्र की सुरक्षा की मांग की गई थी | सबसे पहले मलाला ने साईन करके इस अभियान को आगे बढाया था|

उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था पर भाजपा ने चिंता व्यक्त की

उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था के दिनों दिन बिगड़ने पर कांग्रेस के पश्चात अब भाजपा ने भी चिंता व्यक्त की |भाजपा प्रवक्ता, टेक्नोक्रेट, डॉ सुधांशू त्रिवेदी ने पार्टी की सामान्य ब्रीफिंग में समाज वादी पार्टी की यूं पी में सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कानून व्यवस्था की समस्या नैसर्गिक रूप से सपा के साथ जुड़ी रहती है लेकिन इस बार तो सभी उम्मीदें ध्वस्त हो चुकी हैं| गुना और बलिया के विधायक से लेकर मंत्री आज़म खान +शिव पाल यादव+ और यहाँ तक कि पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव भी कानून व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लगा चुके हैं |
डॉ त्रिवेदी ने कहा कि बी एस पी के भ्रष्टाचार से त्रस्त उत्तर प्रदेश की जनता ने सपा को सत्ता सौंपी थी लेकिन मात्र डेड़ वर्षों में ही व्यवस्था बद से बत्तर हो गई है | युवा मुख्य मंत्री अखिलेश यादव की सरकार से उम्मीदें समाप्त हो गई हैं| उन्होंने आरोप लगाया कि सरकर के छह शक्ति केंद्र बने हुए हैं |शिव पाल यादव कहते हैं कि थानों पर समाज वादियों का कब्जा है|आज़म खान कहते हैं कि उन्होंने ऍफ़ आई आर दर्ज़ कराई और दूसरों ने पैसे देकर उनकी ऍफ़ आई आर को कही रफा दफा करवा लिया|पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह कहते हैं कि यदि में सत्ता में होता तो तत्काल सभी कुछ ठीक कर लेता|
डॉ सुधांशू त्रिवेदी ने कहा कि चूंकि सपा केंद्र में कांग्रेस की सरकर को सहयोग दे रही है ऐसे में प्रदेश में कांग्रेस भी सपा को सपोर्ट करने को बाध्य है ऐसे में इन दोनों पार्टियों से कोई उम्मीद नही है इसीलिए लोक सभा के चुनावों में दोनों को उखाड़ फैंकना जरुरी है |इससे पूर्व कांग्रेस कि नेत्री रीता बहुगुणा जोशी भी यह ओपचारिकता निभा चुकी हैं

एमएसआईपीएस आवेदनों का निपटारा शीघ्र होगा: संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्‍बल

केन्‍द्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी और कानून मंत्री श्री कपिल सिब्‍बल ने भारत में इलैक्‍ट्रोनिक सिस्‍टम डिजाईन और विनिर्माण (ईएसडीएम) क्षेत्र में 961 करोड़ रूपए के निवेशों को सरकारी वित्‍तीय मदद के संबंध में निवेश सिफारिशों का नई दिल्‍ली स्थित इलैक्‍ट्रोनिक्‍स निकेतन में 12 जुलाई, 2013 को उद्योग के प्रतिनिधियों, उद्योग संघों, एमएसआईपीएस आवेदकों और मीडिया की उपस्थिति में खुलासा कि‍या। बताय गया है कि नि‍वेश प्रस्‍ताव इस प्रकार होगा|
[१]. नोएडा में स्‍मार्ट फोन बनाने के लिए सैमसंग इंडिया इलैक्‍ट्रोनिक्‍स प्राईवेट लिमिटेड को 406 करोड़ रूपए के निवेश का प्रस्‍ताव है। यह परियोजना अगले छह महीने में शुरू होने की उम्‍मीद है।
[२]. बैंगलोर में इसीयू इंजन सिस्‍टम, इसीयू ब्रेक सिस्‍टम, बॉडी कम्‍प्‍यूटर मॉड्यूल जैसे ऑटोमोटिव इलैक्‍ट्रोनिक सामान बनाने के लिए बॉच ऑटोमोटिव इलैक्‍ट्रोनिक्‍स इंडिया लिमिटेड के लिए 544 करोड़ रूपए के निवेश का प्रस्‍ताव है। यह परियोजना तीन साल में पूरी हो जाएगी।
[३]. लाईटिंग उत्‍पादों में एलईडी बनाने के लिए सहसरा इलैक्‍ट्रोनिक्‍स प्राईवेट लिमिटेड के लिए 11.1 करोड़ रूपए के निवेश का प्रताव है।
इस परियोजना के पांच साल में पूरी होने की उम्‍मीद है।
सैमसंग और बॉच को उनके निवेश का 25 फीसदी सब्सिडी दिया जाएगा कयोंकि दोनों कंपनियां गैर-विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) में नहीं है, ज‍बकि सहसरा की इकाई सेज इलाके में होने से उसे 25 फीसदी की सब्सिडी दी जाएगी। एमएसआईपीएस के तहत बड़े और छोटे निवेशों पर विशेष आर्थिक प्रोत्‍साहन दिया जाता है। यह आर्थिक प्रोत्‍साहन बिना किसी भेदभाव के बहुराष्‍ट्रीय कंपनियों से लेकर घरेलू कंपनियों को भी दिया जाता है।
इस मौके पर श्री कपिल सिब्‍बल ने कहा कि विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देना बहुत जरूरी है और सरकार रोजगार पैदा करने के लिए विनिर्माण को बढ़ावा देने और घरेलू बाजार एवं निर्यात के लिए देश में नवीन तकनीक लाने की कोशिश में है। एमएसआईपीएस आवेदनों का इतने कम समय में मंजूरी देने से भारत में ईएसडीएम क्षेत्र में और निवेश आकर्षित करने के‍ लिए सही वातावरण का निर्माण हो सकेगा।
एमएसआईपीएस के तहत अब तक 4600 करोड़ रूपए से अधिक के निवेश संबंधी आवेदन आए हैं। ये सभी आवदेन समीक्षा और मंजूरी के विभिन्‍न चरणों में हैं। इनमें उपभोक्‍ता इलैक्‍ट्रोनिक्‍स एवं सामानों में 450 करोड़, हाथ से इस्‍तेमाल होने वाले यंत्रों में 410 करोड़, दूरसंचार उत्‍पादों में 1770 करोड़, एलईडी और एलईडी उत्‍पादों में 310 करोड़, इलैक्‍ट्रानिक संघटक में 45 करोड़, ऑटोमोटिव इलैक्‍ट्रोनिक्‍स में 10 करोड़, ऊर्जा इलैक्‍ट्रोनिक्‍स में 40 करोड़, स्‍ट्रेटेजिक इलैक्‍ट्रोनिक्‍स में 210 करोड़ और सेमि‍कंडेक्‍टर एटीएमपी में 750 करोड़ रूपए के प्रस्‍ताव शामिल हैं।
एनपीई के आकर्षक प्रावधानों में एक एमएसआईपीएस है, जो जुलाई 2012 में अधिसूचित हुआ था और उसके दिशा-निर्देश जारी हुए थे। तब इलैक्‍ट्रोनिक्‍स एवं सूचना प्रौद्योगिकी वि‍भाग द्वारा एमएसआईपीएस योजना के तहत आवेदन मंगाए गए थे। योजना के अनुसार सरकार नई विनिर्माण इकाई की स्‍थापना करने और मौजूदा विनिर्माण इकाईयों में विस्‍तार के लिए 25 फीसदी की सब्सिडी उपलब्‍ध करा रही है।
ग्रीनफील्‍ड इलैक्‍ट्रोनिक विनिर्माण क्षेत्रों की स्‍थापना का काम भी जोर पकड़ रहा है। अब तक लगभग 2100 करोड़ रूपए के निवेश के आठ आवेदन प्राप्‍त हुए हैं और ग्रीनफील्‍ड इलैक्‍ट्रोनिक विनिर्माण क्षेत्रों के लिए 1805.29 एकड़ जमीन मंजूर हुई है। ग्रीनफील्‍ड इकाइयां हैदराबाद, बैंगलोर के पास होसुर, भिवाड़ी, भोपाल आदी जगहों पर स्‍थापित की जाएगी। ग्रीनफील्‍ड इलैक्‍ट्रोनिक विनिर्माण क्षेत्रों के पहले तीन प्रस्‍ताव इलैक्‍ट्रोनिक्‍स एवं सूचना प्रौद्योगिकी वि‍भाग के सचि‍व की अध्‍यक्ष्‍ाता वाली संचालन समिति के पास सैद्धांतिक मंजूरी के लिए भेजी जा रही है जिससे आवेदक इलैक्‍ट्रोनिक विनिर्माण इकाई की स्‍थापना करने का अगला कदम उठा सकेंगे। ये तीनों प्रस्‍ताव इस प्रकार हैं:-
[१]. आंध्र प्रदेश औद्योगिक इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर निगम द्वारा हैदराबाद में 602.37 एकड़ जमीन पर 580 करोड़ रूपए के निवेश वाले ग्रीन‍फील्‍ड ईएमसी की स्‍थापना।
[२]. आंध्र प्रदेश औद्योगिक इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर निगम द्वारा आंध्र प्रदेश के महेश्‍वरम में 310 एकड़ जमीन पर 360 करोड रूपए के निवेश वाले ग्रीन‍फील्‍ड ईएमसी की स्‍थापना।
[३]. जीएमआर इंफ्रा द्वारा तमिलनाडु के होसुर में 527.1 एकड़ जमीन पर 606 करोड़ के निवेश वाले ग्रीन‍फील्‍ड ईएमसी की स्‍थापना।

सावधान ! बारिश हमेशा की तरह व्यवस्था की पोल रही है

 सावधान ! बारिश हमेशा की तरह व्यवस्था की पोल रही है

सावधान ! बारिश हमेशा की तरह व्यवस्था की पोल रही है

बरसात जहाँ सूर्य की तपिस से थोड़ी राहत देती हैं वहीं शहरी विकास के चक्के भी जाम करदेती है इसके अलावा हर बार की तरह एक बार फिर महत्वपूर्ण तरीके से स्थानीय व्यवस्था की पोल भी खोल कर रख देती है |
भारत और अमेरिका दोनों देशों में बारिश हो रही है लेकिन देखा जाता है कि अमेरिका की बारिश छोटे छोटे शहरों में गर्मी से राहत दे रही है और सडकों को धो धा कर साफ़ सुथरा कर रही है लेकिन इंडिया के उत्तर प्रदेश में इसका उलट ही हो रहा है मेरठ का उदहारण दिया जा सकता है|
थोड़ी देर कि बरसात ने नगर निगम और छावनी परिषद् के तमाम दावों की पोल खोल कर रख दी|शुक्रवार की सुबह हुई बरसात ने जो पानी बरसाया उसे निकलने के लिए नाली नालों में रास्ता नही मिला जाहिर इससे यहाँ वहां जल भराव दिखाई देने लगे|मार्ग के गड्डे+सीवर+नालों और सड़क के लेवल में कोई अंतर शेष नही रह गया| पॉश कालोनियों में बेगम बाग़ +थापर नगर बच्चा पार्क के आलावा अल्पसंख्यक बाहुल्य जली कोठी+जिला अस्पतालके सामने +कमोबेश यही स्थिति राही यहाँ तक कि हमेशा की तरह व्यवस्थापक विभाग भी पानी पानी हो गए |
 सावधान ! बारिश हमेशा की तरह व्यवस्था की पोल रही है

सावधान ! बारिश हमेशा की तरह व्यवस्था की पोल रही है


अभी पिछले दिनों ही नालों की सफाई के लिए बड़े बड़े अभियान चलाने के दावे किये गए थे| यहाँ भाजपा मेयर+विधायक+सांसद भाजपा के हैं लेकिन सरकार सपा के हाथों में हैं| हमेशा कि तरह आज कल भी नमाज अदा करने के जगह को लेकर दोनों मुख्य समुदायों के धार्मिक+सामाजिक+राजनीतिक नेता गण आमने सामने आ रहे हैं लेकिन व्यवस्था को सुचारू रूप देने के लिए कोई दिखाई नही दे रहा |
मुझे याद आ रहा है कि बीती सदी के नौवें दशक में में एक छेत्री दैनिक अख़बार के साथ भी जुड़ा था उस समय भी बारिश आती थी और अख़बार के लोकल पेज पर इन शीर्षकों से दो ख़बरें जरूर छपती थी[१]बारिश ने नगर निगम की पोल खोल दी[२]बारिश से कई इलाकों की बिजली ठप्प |
 सावधान ! बारिश हमेशा की तरह व्यवस्था की पोल रही है

सावधान ! बारिश हमेशा की तरह व्यवस्था की पोल रही है

आज नई सदी के दूसरे दशक में हम रह रहे हैं और हमारे फोटो ग्राफर की फोटोज यही कह रही हैं कि जल थल एक समाना

अप्रवासन नीति में सुधार से अमेरिका की अर्थ व्यवस्था में निश्चित रूप से क्रांतिकारी बढोत्तरी होगी

अप्रवासन [ immigration ]नीति में सुधार लाने से अमेरिका की अर्थ व्यवस्था में निश्चित रूप से क्रांतिकारी बढोत्तरी होगी|इसके समर्थन में व्हाईट हाउस बोर्ड ने एक स्टॉप मोशन विडियो जारी किया है इसमें ४००० फोटोज के माध्यम से बताया गया है कि किस प्रकार नई अप्रवासन नीति से बहु आयामी सुधार होंगे| नई नौकरियों के अवसर पैदा होंगे+वेतन वृद्धि होगी+ वित्तीय घाटा कम होगा+और नवीनीकरण को प्रोत्साहन मिलेगा|

भाजपा ने उत्तराखंड आपदाग्रस्तों की सहायतार्थ तीन सदस्यीय कमेटी बनाई

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज नाथ सिंह ने उत्तराखंड आपदाग्रस्तों को राहत पहुँचाने और उनके पुनर्वास सम्बन्धी सुझाव संकलन के लिए एक कमेटी बनाई है
[१] राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री उमा भारती को इस कमेटी का संयोजक बनाया गया है|
[२] सांसद भगत सिंह कोशियारी और
[३]सांसद सैय्यद शाहनवाज हुसैन सदस्य बनाये गए है |

जनसंख्‍या स्थिरीकरण के लिए राजधानी दिल्ली में पदयात्रा का आयोजन किया गया :WorldPopulationDay

विश्‍व जनसंख्‍या दिवस पर जनसंख्‍या स्थिरीकरण के लिए भारत सरकार ने [११ जुलाई] आज भारत की राजधानी दिल्ली में पदयात्रा का आयोजन किया |
विश्‍व जनसंख्‍या दिवस के अवसर पर स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय के अंतर्गत स्वायत्त निकाय जनसंख्‍या स्थिरता कोष (जेएसके) ने आज नई दिल्‍ली में ‘जनसंख्‍या स्थिरीकरण की ओर पद यात्रा’ आयोजित की । पद यात्रा इंडिया गेट से विजय चौक तक थी, जो कि सुबह सात बजे से शुरू हुई। इसे केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री श्री गुलाम नबी आज़ाद ने स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण राज्‍य मंत्री श्रीमती संतोष चौधरी की उपस्थिति में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया ।

The Minister of State for Health & Family Welfare, Smt. Santosh Chowdhary

The Minister of State for Health & Family Welfare, Smt. Santosh Chowdhary


इस अवसर पर दिल्‍ली के विभिन्‍न स्‍कूलों से 200 से अधिक विद्यार्थियों ने जनसंख्‍या स्थिरीकरण में अपना समर्थन दर्शाने के लिए भाग लिया। पद यात्रा का उद्देश्‍य नारी शिक्षा में कमी,+कम उम्र में शादी+ बच्‍चे पैदा करना जैसे अन्‍य चुनौतियों से निपटने के लिए जनसंख्‍या स्थिरीकरण के मुद्दे पर गति बढ़ाना तथा जागरूकता फैलाना है।
विद्यार्थियों ने जनसंख्‍या स्थिरीकरण के मकसद को समर्थन देने के लिए नारे वाली तखतियां लेकर भाग लिया।
केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री श्री गुलाम नबी आज़ाद ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पद यात्रा स्‍थाई स्‍तर पर समग्र सामाजिक आर्थिक विकास में जनसंख्‍या स्थिरीकरण के महत्‍व को रेखांकित करने के लिए आयोजित की गई। उन्‍होंने उम्‍मीद जताई कि पद यात्रा लोगों को मां, बच्‍चे और पूरे परिवार के स्‍वास्‍थ्‍य की बेहतरी के लिए छोटा परिवार रखने के लिए जागरूक तथा प्रेरित करेगी।
The Union Minister for Health and Family Welfare, Shri Ghulam Nabi Azad addressing the Flag off Ceremony of The Walk Towards Population

The Union Minister for Health and Family Welfare, Shri Ghulam Nabi Azad addressing the Flag off Ceremony of The Walk Towards Population


जारी आंकड़ों के अनुसार 2011 की जनगणना में भारत की जनसंख्‍या 1.21 अरब पहुंच गई है। 2001-2011 के दौरान दशकीय वृद्धि दर 17.64 प्रतिशत हुई, जबकि 1991 -2001 के दौरान वृद्धि दर 21.15 प्रतिशत थी। 1911-1921 के अपवाद को छोड़कर 2001-2011 की अवधि पहला दशक है, जिसमें अन्‍य दशकों की तुलना में आबादी में कम बढ़ोतरी हुई। परन्‍तु उत्‍तर प्रदेश+ बिहार,+मध्‍य प्रदेश+ राजस्‍थान+ झारखंड+छत्‍तीसगढ़ में जनसंख्‍या की उच्‍च वृद्धि देखी गई।

किशोरावस्था में गर्भ धारण करने वाली किशोरियों की जागरूकता को समर्पित है वर्ष २०१३: World Population Day

आज विश्व जनसंख्या दिवस है | विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस वर्ष के लिए किशोरावस्था में गर्भ धारण करने वाली किशोरियों को जागरूक करने का सन्देश दिया है| महासचिव बान की मून के अनुसार

“When we devote attention and resources to the education, health and wellbeing of adolescent girls, they will become an even greater force for positive change in society that will have an impact for generations to come. On this World Population Day, let us pledge to support adolescent girls to realize their potential and contribute to our shared future 11 जुलाई को बढ़ती जनसंख्या के खतरों प्रति आगाह करते हुए लोगों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से यह दिवस मनाया जाता है। दिवस का उद्देश्य आबादी की समस्याओं और समाज के आम विकास के कार्यक्रमों की ओर सरकारों और आम लोगों का ध्यान आकर्षित करना है।संयुक्त राष्ट्र ने इस दिन को मनाने की शुरुआत 1989 में की थी।
दुनिया के हर विकासशील + विकसित देश जनसंख्या की बढती दर से चिंतित हैं। विकासशील देश अपनी आबादी और जनसंख्या के बीच तालमेल बैठाने में माथापच्ची कर रहे हैं तो विकसित देश पलायन और रोजगार की चाह में बाहर से आकर रहने वाले शरणार्थियों की वजह से परेशान हैं।
विश्व की कुल आबादी का आधा या इससे ज्यादा हिस्सा एशियाई देशों में है। चीन+ भारत + अन्य एशियाई देशों में शिक्षा और जागरूकता की वजह से जनसंख्या विस्फोट के गंभीर खतरे साफ दिखाई देने लगे हैं। डब्लू एच ओ के अनुसार प्रतिवर्ष १६ मिलियन किशोरियां बच्चों को जन्म देती हैं|३.२ मिलियन किशोरियां गर्भ पात के[Unsafe] अभिशाप को झेलती हैं|९०% माँ बनने वाली किशोरियां विवाहित होती हैं इस बड़ी आबादी को वैवाहिक जीवन और मातृत्व के विषय में ज्ञान नही होता इसीलिए इस वर्ष किशोरावस्था में माँ बनने वाली किशोरियों को जागरूक किया जाना है
। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार बीते छह दशकों में विश्व की आबादी ढाई बिलियन की वृद्धि के साथ आबादी २०११ में सात बिलियन तक पहुँच गई है|यह शहरीकरण+स्वास्थय + युवा सशक्तिकरण के छेत्रों में चुनौती और अवसर दोनों हैं|
इस समय भारत की आबादी 1.21 अरब है। यहां हर एक मिनट में 25 बच्चे पैदा होते हैं। यह आंकड़ा वह है, जो बच्चे अस्पतालों में जन्म लेते हैं|

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