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Category: Unrest Strikes

Capt’s Committee to Counter Akali’s On Sikh History Syllabus

[Chd,Pb] Capt Announces Committee to Review Sikh History Syllabus
Punjab Chief Minister Capt Amarinder Singh today announced the constitution of a six-member oversight committee to examine the recommendations of the 2014 panel that reviewed the history syllabus and oversee all history books in the future.
The move comes in the wake of the Shiromani Akali Dal alleging that a major portion of Sikh and Punjab history had been removed from the Class 12 curriculum.
The Punjab School Education Board (PSEB) and the Congress government maintain that the curriculum was only “re-aligned” to match the NCERT syllabus.
He said the decision to review the syllabus and print books in alignment with the NCERT syllabus was taken during the SAD-BJP rule in 2014, and that the controversy on the issue was “politically motivated”.
In fact, there were no history books earlier and what SAD president Sukhbir Singh Badal was citing was merely a guide, he said at a press conference.
The chief minister asserted that the syllabus relating to the Sikh Gurus had not been deleted, and the entire history of the Gurus, starting from Baba Banda Bahadur, had been incorporated in a chronological order in the syllabi for classes XI and XII.
The committee will be headed by eminent historian
Prof Kirpal Singh and will include former vice chancellor of Guru Nanak Dev University
Prof J S Grewal, former pro-vice vhancellor of GNDU
Prof. Prithipal Singh Kapur, emeritus Prof. of History at Panjab University
Indu Banga, and two eminent historians to be nominated by the Shiromani Gurdwara Prabandhak Committee,

Adult,Unmarried,Couple Can Live Together :SC

[New Delhi]Adult,Unmarried,Couple Can Live Together :SC
The top court held that live-in relationships were now even recognized by the Legislature and they had found a place under the provisions of the Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005.
The observations came while the apex court was hearing a plea filed by one Nandakumar against a Kerala High Court order annulling his marriage with Thushara on the ground that he had not attained the legal age of marriage.

Namaz Should Be Offered at Designated Places :Khattar

[Chd,Pb] Namaz Should Be Offered at Designated Places :Khattar
Haryana Chief Minister Manohar Lal Khattar today said such congregations should be restricted to mosques, eidgahs or private places
Right-wing outfits like VHP,Bajrang Dal HKD,GRD,Shiv Sena have been trying to “disrupt” Friday prayers in Gurgaon over the last two weeks
CM was addressing a press conference here before leaving for a 10-day tour of Israel and the United Kingdom.

पंजाब में जमीनों पर अवैध कब्जों का खेल अभी भी जारी है

पंजाब में जमीनों पर अवैध कब्जों का खेल अभी भी जारी है
जीहां जंगालत मंत्री साधू सिंह धर्मसोत की नवीनतम स्वीकारोक्ति तो यही दर्शाती है|
जंगलात मंत्री के अनुसार पंजाब में जंगलात विभाग की 31000 एकड़ भूमि पर अकालियों ने अवैध कब्जे कराये हैं लेकिन इस जंगलराज से मुक्ति के लिए पंजाब की मौजूदा 1 साल की सरकार से कोई प्रतिबद्धता दर्शाने के लिए कोई कार्यवाही नहीं की गई है |
रब्ब झूट ना बुलवाये !
पंजाब में १९४७ से ही कब्जे का खेल शुरू है |
शरणार्थियों को विभागीय कागजों में तो रिहैबिलिटेशन क्लेम आल्लोट कर दिए गए मगर उन्हीं प्लॉट्स पर अपनों से अवैध कब्जे भी करवा दिए गए |२००५ में बेशक तत्कालीन मरकजी सरकार ने सूचना का अधिकार राष्ट्र को दिया लेकिन उसी वर्ष काला क़ानून लाकर शरणार्थियों की तमाम वेदनाओं+समस्यायों को दफन कर दिया गया |रिहैबिलिटेशन के उनके सभी अधिकारों पर कुठाराघात किया गया|वर्तमान में आर टी आई के अंतर्गत सूचना मांगने पर पंजाब से दिल्ली तक एक विभाग से दूसरे विभाग में केवल टरकाया जा रहा है |जिसके फलस्वरूप बेचारे पीड़ितों के बचे खुचे वंशज अभी तक इस लोकतंत्र को रो रहे हैं |
70 वर्ष पहले अपना हिन्दुतत्व बचाने को पूर्वज पुश्तैनी घर छोड सिर कटे हिन्दूओ को देखते अनजान आश्रय की खोज में हिन्दुस्तान के लिये निकले थे जिसका दर्द शायद धर्मनिरपेक्षता का छद्म चश्मा लगाए लोग ना समझ पाये
सरकारें आई और गई लेकिन विश्व की सबसे बड़ी इस त्रासदी के पीड़ितों को भारत में कोई भी सरकार न्याय नही दे पाई
यह शायद लोकतन्त्र का अपमान है

हत्या के मुकदद्मों का फैंसला दबाने वाले माननीय जुडिशरी पर चिंतित हैं

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

कांग्रेसी माननीय वकील

औए झल्लेया ये मोदी सरकार में जुडिशरी के साथ क्या खिलवाड़ हो रहा है?
कोलेजियम की रिकमेन्डेशन को भी केंद्र सरकार दरकिनार कर रही है |ये तो जुडिशरी की सम्प्रभुता पर सीधे सीधे आघात है

झल्ला

ओ मेरे चतुर सुजान ! आपके ये कथित कोलेजियम वाले माननीय न्यायाधीश महोदय पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के विरुद्ध हत्या के मुकदद्मे का फैंसला दबा कर बैठे है|प्रमोशन के लिए जोसफ जैसे जूनियर जजों के नाम फॉरवर्ड कर रहे हैं |यहाँ तक के न्यायालयों में माननीय जजों रिक्तियों से बेहद कम ,वोह भी चुनिंदा,जजों के नामों की सिफारिश कर रहे हैं | औजी कमल हो गया, राष्ट्रपति के आदेशों को उलटने वाले और हत्या के मुकदद्मों का फैंसला दबाने वाले माननीय जुडिशरी पर चिंतित हैं

लुधियाना को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए कैप्टेन सरकार के हथकंडे

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

अकाली चीयर लीडर

औए झल्लेया ये कैप्टेन सरकार क्या तुगलकी काम करवाने पर तुली हुई है
देख तो हसाड़े हसदे वसदे लुधियाना के नहरों को पाट कर+सरकारी स्कूल का रास्ता कब्ज़ा कर शॉपिंग माल बनवाया जा रहा है और अपने लोगों के वारे न्यारे करवाए जा रहे हैं|औए भ्र्ष्टाचार से लिप्त सरकार का भ्र्ष्टाचार से मुक्त का नारा लुधियाना के नगर निगम में तो महज जुमला ही साबित हो रहा है|

झल्ला

भा जी ! वाकई बुजुर्गों का कहना है के कभी यहाँ से जीवन दायनी मॉडल टाउन ८२ फु टी माईनर नहर निकला करती थी लेकिन नहरों को कब्ज़ा मुक्त करवाने के बजाय ये नई सरकार शायद लुधियाना को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए ऐसे ही हथकंडे अपनाएगी |

Kapil Sharma Sends Defamation Notice@Rs 100 Cr to Journalist

[Mumbai]Kapil Sharma Sends Defamation Notice@Rs 100 Cr to Journalist
Famous Standing comedy king Kapil Sharma has sent a legal notice to a digital portal and a journalist working in it, seeking a public apology and Rs 100 crore in damages for allegedly publishing defamatory articles against him,
Sharma’s advocate Tanveer Nizam said in a statement.that Vicky Lalwani, working with 9X Media Pvt. Ltd, allegedly published “false, malicious, fraudulent articles” on the digital platform Spotboye.
It claimed damages “to the tune of Rs One Hundred Crore to be deposited in National Defence Fund”.
Sharma has also demanded that the journalist tender an “unconditional public apology” within seven days of receiving the notice.
The notice claims that Sharma’s “hard-earned” reputation has suffered grave and irreparable damage.
Sharma had recently criticised Lalwani in a series of tweets after which the journalist had released a expletive-laden telephonic conversation between him and the comedian

राजनितिक लाभहानि के गणित में गरीबों के कल्याण की योजनाए लटकी

[चंडीगढ़,पंजाब] पंजाब में राजनितिक लाभ हानि के गणित में गरीबों के कल्याणकारी केंद्र की योजनाए भी अधर में लटकी
पंजाब में केंद्र की जनउपयोगी योजनाएं अधर में :क्या ये योजनाएं २०१९ के पश्चात् ही पंख पसार सकेंगी यह यक्ष प्रश्न आज पंजाब में उत्तर प्राप्ति के लिए तैर रहा है |गरीबों +वंचितों के कल्याण के लिए बनाई गई योजनाए भी राजनितिक लाभ हानि के गणित में गति नहीं पकड़ प् रही है
पंजाब में कांग्रेसी सरकार के बनने के साथ ही केंद्र की अनेकों योजनाएं गति नहीं पकड़ पा रही हैं सम्भवत २०१९ में होने जा रहे चुनावों के मध्यनजर कैप्टेन की कांग्रेस सरकार ,केंद्र की भाजपा सरकार को कोई लाइलेज देने के मूड में नहीं है |
[१] २०१६ में अपना घर नाम से शुरू की गई प्रधान मंत्री आवास योजना के अंतर्गत ४१ हजार मकान बनाये जाने थे लेकिन एक हजार मकान भी नहीं बन पाए है
[२] झुग्गी झोपडी पुनर्वास योजना के अंतर्गत एक हजार मकान बनाये जाने थे केंद्र द्वारा अपने हिस्से के ४ करोड़ रु रिलीज किये जाने के पश्चात् भी यह महत्वकांक्षी योजना स्पीड नहीं पकड़ पाई है
फाइल फोटो

पंजाब में नया विवाद,पाठ्यक्रम से सिख इतिहास गायब करने का आरोप

[चंडीगढ़,पंजाब]पंजाब में नया विवाद,पाठ्यक्रम से सिख इतिहास गायब करने का आरोप
पूर्व शिक्षा मंत्री +अकाली दल के प्रवक्ता डॉ दलजीत सिंह चीमा ने मुख्य मंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह को पत्र लिख कर सिख इतिहास को बारहवीं कक्षा के पाठ्यक्रम से हटाए जाने की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है |सरकारी हलकों में कहा जा रहा है के सिख इतिहास को बारहवीं के बजाय अब ग्यारवी कक्षा में पढ़ाया जाएगा लेकिन अकालियों का कहना हे के सिख इतिहास से छेड़ छाड़ः करके दूसरी किताब छपाई गई है |उन्होंने इस किताब को मीडिया के समक्ष पेश करने की भी मांग की है|

15 Lawmakers ask Trump to Reconsider Decision on H4 Visas

[Washington]15 Lawmakers ask Trump to Reconsider Decision on H4 visas
A group of 15 lawmakers asserted that the existing H-4 rule was a matter of both economic competitiveness and maintaining family unity.
“The H-4 rule lessened the burden on thousands of H1-B recipients and their families while they transition from non-immigrants to lawful permanent residents by allowing their families to earn dual incomes. Many entrepreneurs used their EADs to start businesses that now employ US citizens,” they said in a letter to the Homeland Security Secretary Kirstjen M Nielsen.
H-4 rule was implemented three years ago for spouses of highly skilled immigrants, over 100,000 workers,
With the future of thousands of Indian professional, mostly women, at stake, the Indian Embassy is believed to have taken up the matter very strongly with the Trump Administration and US lawmakers.
US President Donald Trump signed an executive order for tightening the rules of the H-1B visa programme to stop “visa abuses” last year.