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Category: Unrest Strikes

बस ने छात्र कुचला और एक घायल किया

मेरठ के मवाना रोड पर टूरिस्ट बस से कुचल कर बी टेक के एक छात्र की मृत्यु हो गई|मौके से भागने की नियत से ड्राईवर ने बस को डिवाईडर पर चड़ा दिया और एक ट्रेक्टर वाले को भी घायल कर दिया|
जे पी कालेज के छात्रों और छेत्र वासिओं ने विरोध स्वरुप सड़क जाम रखी|पोलिस ने बाद में ड्राइवर को दबोच लिया|
तारापुर निवासी २० वर्षीय शुभम आज सुबह जे पी इंस्टीटयूट के लिए बस से उतरा पीछे से तेज रफ़्तार में आ रही बस ने रोंग साईड से ओवर टेक किया और शुभम को कुचल दिया |
इस के बाद ट्रेक्टर चालकलाल कालोनी निवासी विजय को भी घायल कर दिया|उसे नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है|
छात्रों ने विरोध में ट्रेफिक जाम कर दिया |इससे वाहनों की लम्बी कतारें लग गई और लोगों को बेहद परेशानी भी हुई |वाहनों के मालिकों से इनकी नौंक झौंक भी हुई बाद में मौके पर पहुंची पोलिस ने छात्रों से बात चीत करके जाम खुलवाया |

गुजरात के नरोदा पाटिया दंगों में ३२ दोषी २९ बरी

अहमदाबाद की एक विशेष अदालत ने बहुचर्चित नरोदा पाटिया हत्याकांड मामले में 32 लोगों को दोषी करार देने के साथ 29 लोगों को बरी कर दिया गया है.
दोषी पाए गए लोगों में भाजपा विधायक और मोदी मंत्रीमंडल की सदस्य रही माया कोडनानी भी शामिल हैं. इसके अलावा नेता बाबू बजरंगी नाम भी दोषियों में पाया गया है.
गौरतलब है कि गुजरात के मुख्य मंत्री नरेन्द्र मोदी के राजनितिक जीवन पर कलंक बने साम्प्रदाईक दंगों के दौरान 28 फरवरी 2002 को नरोदा पाटिया इलाके में 97 मुसलमान मारे गए थे. आरोप है कि नरेंद्र मोदी सरकार में शामिल एक मंत्री ने उस भीड़ को गाईड किया था जिसने इस वीभत्स हत्याकांड को अंजाम दिया.
61 अभियुक्तों में भाजपा के नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री और नरोदा पाटिया से विधायक माया कोडनानी+ नेता बाबू बजरंगी+ स्थानीय भाजपा नेता शामिल थे.
इस हत्याकांड का मुकदमा सात साल बाद शुरू हुआ और इसमें 62 लोगों के ख़िलाफ़ अभियोग चलाया गया. इनमें से विजय शेट्टी नाम के एक व्यक्ति की मुकदमें को दौरान ही मौत हो जाने के कारण ६१ लोगों के विरुद्ध मुकद्दमा चलाया गया|
नंवबर २०११ में कांग्रेस कार्यकर्ता और नरोदा पटिया में हुए दंगे के चश्मदीद नदीम अहमद सैयद की हत्या कर दी गई थी. वह सूचना अधिकार के कार्यकर्ता भी थे और उन्होने गोधरा दंगों पर सूचना अधिकार के तहत कई सवाल पूछे थे.

संसदीय कार्यवाही पांचवे दिन भी हंगामे को भेंट

संसद की कार्यवाही आज पांचवे दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गई|
कोयला घोटाले में कथित अनियमितता पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट को लेकर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस्तीफे की मांग कर रहे विपक्षी दलों ने सोमवार को भी संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा किया, जिसके कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई|.
कई बार के स्थगन के बाद संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही जब एक बार फिर दोपहर दो बजे शुरू हुई तो विपक्षी दलों के सदस्य फिर इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस्तीफे की मांग करने लगे. उनके हंगामे को देखते हुए दोनों सदनों की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई|
पी एम् का जवाब संसद में शोर के कारण सदन के पटल पर रखा गया|

संसद का प्रश्न काल शोर गुल में स्वाहा हुआ

संसद के दोनों सदन आज ११.०५ पर १२.०० तक के लिए स्थगित कर दिए गए हैं|
लोक सभा में सबसे पहले व्योवर्द्ध अभिनेता पद्म विभूषण से अलंकृत ऐ के हंगल को श्रधांजलि दी गई इसके पश्चात शुरू हुए प्रशन काल में आंध्र प्रदेश के सांसद के प्रश्न का मंत्री द्वारा उतर देते समय भाजपा ने कोयला घोटाले के सिलसिले में पी एम् के इस्तीफे की मांग शुरू कर दी शोर शराबे के चलते स्पीकर मीरा कुमार ने सदन १२ बजे तक के लिए स्थगित कर दिया\
दूसरे सदन में मोहम्मद हामिद अंसारी ने अन्दर १९ क्रिकेट टीम और टीम इंडिया द्वारा सन्डे में दोहरी सफलता अर्जित करने पर बधाई पत्र पडा जिसका सभी ने मेजें थपथपा कर समर्थन किया इसके पश्चात कार्यवाही शुरू होते ही शोर शुरू हो गया और श्री अंसारी ने १२ बजे तक के लिए सदन स्थगित कर दिया

केजरीवाल ब्रिगेड के विरुद्ध केस दर्ज़

अरविन्द के कल के कोयला घेराव को पानी की बौछारों में धोने का प्रयास करने के उपरान्त अब अरविन्द और ४ सहयोगियों पर केस दर्ज करा दिया है|कोयला घोटाले को लेकर नेताओं का विरोध करने पहुंचे अरविन्द आदि को हिरासत में लेने के तत्काल बाद रिहा कर दिया गया था मगर इसके साथ ही संसद मार्ग थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है|
प्रशांत भूषण+मनीष शिशोदिया+गोपाल राय+नीरज कुमार के भी विरुद्ध दंगा भड़काने +सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने+और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं|

किरण बेदी बोली “में केजरीवाल नहीं”

नई दिल्ली। अन्ना टीम की अहम् सहयोगी किरण बेदी ने खुल कर कह दिया है “में केजरीवाल नहीं”
बेदी ने केजरीवाल के कल के आन्दोलन का समर्थन नहीं किया था इसपर केजरीवाल ने बी जे पी के प्रति नर्म रुख अपनाने के लिए बेदी की आलोचना भी की थी\इसीका उतर देते हुए बेदी ने कहा है कि एक साथ दो फ्रंट खोलना अकल मंदी नहीं है\रातों रात बनाया गया संगठन कोई विकल्प नहीं बन सकता |
कोयला घोटाले में अरविंद केजरीवाल द्वारा भाजपा को भ्रष्टाचार में कांग्रेस के बराबर दोषी ठहराए जाने से उनकी प्रमुख सहयोगी किरण बेदी ने खुद को पूरी तरह अलग कर लिया है। यहां तक कि नेताओं के घेराव के कार्यक्रम में भी बेदी ने भाग नहीं लिया। उन्होंने अपनी पुराणी थेओरीको दोहराते हुए कहा कि अभी आंदोलन को सत्तारूढ़ दल के खिलाफ ही केंद्रित रहना चाहिए।
भाजपा के प्रति अपनी टीम में मतभेद की बात केजरीवाल ने भी मानी है।
उनके मुताबिक किरण बेदी को भाजपा से कुछ उम्मीदें हैं+ लेकिन मुझे इस पार्टी से कोई उम्मीद नहीं है। इस तरह उन्होंने न सिर्फ बेदी की भाजपा के प्रति नरमी का बल्कि इस पार्टी की ओर झुकाव की ओर भी इशारा कर दिया है। खुद अन्ना ने भी रविवार को साफ कह दिया कि भ्रष्टाचार के मामले में वे भाजपा और कांग्रेस को बराबर का दोषी मानते हैं।
इसके बावजूद किरण बेदी ने रविवार को कहा कि वे चाहती हैं कि अभी भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन सत्तारूढ़ पार्टी के विरोध तक ही केंद्रित रहना चाहिए। इसका दायरा बढ़ाना इस समय ठीक नहीं होगा।उन्होंने इसके बावजूद केजरीवाल और पूर्व टीम अन्नाके इस प्रदर्शन के साथ होने की बात कही है| रविवार को किरण बेदी इंडिया अगेंस्ट करप्शन के मंच पर नहीं पहुंचीं।गौरतलब है कि यह आन्दोलन पूरी तरह से अरविन्द केजरीवाल का शो था और उनके समर्थकों ने में अन्ना हूँ वाले टोपी के बजाय में केजरीवाल हूँ वाली टोपी पहनी हुई थी

केजरीवाल ब्रिगेड को दूसरी शिफ्ट में वाटर +टीयर गैस और लाठियां मिली

सुबह की शिफ्ट में विजय पताका फहरा कर सस्ते में छूठे अरविन्द केजरीवाल ब्रिगेड को दूसरी शिफ्ट में वाटर गन+टीयर गैस गन और लाठियों का सामना करना पड़ा | अरविन्द केजरीवाल अपने साथियों के साथ जंतर मंतर पहुंच गए और वहां जमकर केंद्र सरकार के खिलाफ भड़ास निकालने लगे।
वहां से दोबारा सभी टुकड़ियों में बंटकर कांग्रेस मुख्यालय+पी एम् आवास+संसद भवन+ भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी के आवास की ओर कूच कर दिया । पुलिस ने उन्हें रोका तो जमकर हंगामा करने लगे। प्रदर्शनकारियों में महिला की संख्या भी अधिक होने से पुलिस को उनपर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। सभी लोगों ने अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय तथा जनपथ पर बैरिकेड तोड़ आगे बढ़ने की कोशिश की तो काबू करने के लिए पुलिस को वाटर कैनन, लाठी चार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
दोपहर एक बजे से अपराह्न तीन बजे तक इंडियन एगेंस्ट करप्शन के समर्थक व पुलिस कर्मियों में रस्साकस्सी जारी रही|
इसी बीच अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उनके घेराव के दो मकसद थे। एक था सरकार के कारनामे का पर्दाफाश और दूसरा कांग्रेस+ भाजपा की मिलीभगत को उजागर करना।
दोनों ही मकसद पूरे हो गए ये दोनों उद्देश्य प्राप्त करके घेराव को समाप्त घोषित कर दिया गया|
इसके बाद पुलिस ने भी राहत की सांस लेते हुए नई दिल्ली इलाके की प्रमुख सड़कें जो सुबह से ही बंद रखी थी उन्हें आवा जाही के लिए खोल देने का निर्देश दिया गया |

शाम तक हालात सामान्य हो गए|

हिरासत में लिए गए अरविंद केजरीवाल, प्रशांत भूषण, मनीष सिसोदिया, गोपाल राय, कुमार विश्वास को बाद में रिहा कर दिया गया|

इंडिया अगेंस्ट करप्शन के धरनानिति को फेल करने के लिए दिल्ली पोलिस ने फिर ऊपरी आदेशों से मिसमैनेज कर दिया\आज प्रात अरविन्द केजरीवाल+संजय सिंह+कुमार विश्वाश और मनीष शिशोदिया आदि को ७ रेस कोर्स+१० जनपथ और भाजपा अध्यक्ष निवास से गिरफ्तार करके छोड़ा और जंतर मंतर पर जाने दिया गया|
अरविन्द केजरीवाल ने कोयला घोटाले को लेकर आज पी एम् डाक्टर मन मोहन सिंह+श्रीमती सोनिया गाँधी+नितिन गडकरी के आवासों को सुबह ११ बजे घेरने की घोषणा की थी लेकिन अपनी रणनीति बदल दी और पूर्व घोषित समय से लगभग ४ घंटे पहले ही गिनती के वरिष्ठ नेता ही हाथों में राष्ट्रीय झंडा लेकर दो दो की संख्या में श्रीमति सोनिया गाँधी+डाक्टर मन मोहन सिंह और नितिन गडकरी के आवास पर पहुँच गये |और अपना विरोध दर्ज़ करा दिया गया|
इस आन्दोलन को कुचलने के लिए पहले ६ मेट्रो ट्रेन्स बंद की गई फिर धारा १४४ लगाई गई |इस धारा का उल्लंघन न हो इसीलिए धरने का समय बदला गया |

धारा १४४ के उल्लंघन के लिए ४ या उससे अधिक लोगों का जमावड़ा जरुरी होता है मगर मनीष शिशोदिया के अनुसार वोह केवल दो थे और हाथों में तिरंगा लेकर वी आई पी आवास के सामने से गुजर रहे थे की उन्हें पकड़ कर बिना आरोप बताये पोलिस जीप में बैठाया गया और बिना कारण बताये ही उन्हें रिहा भी कर दिया गया| श्री मनीष के अनुसार उन्हें ऊपरी आदेशों के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया और मार पीट की गई
इसीबीच मनीष ने पोलिस पर उनके साथ मार पीट किये जाने के आरोप भी लगाए गए हैं|

इंडिया अगेंस्ट करप्शन के सदस्य जंतर मंतर पर इकठ्ठा होने शुरू हो गए हैं ११ बजे पुनः घेराव के प्रयास किये जाने की खबरें आ रही हैं|

इसके बाद सभी जंतर मंतर पहुंच गए और वहां जमकर केंद्र सरकार के खिलाफ भड़ास निकाली गई|

केजरीवाल को रोकने के लिए वी वी आई पी इलाके सील

इंडिया एगेंस्ट करप्शन के आन्दोलन से जूझ रही दिल्ली पोलिस ने आज ६ मेट्रो ट्रेन्स तो चलवा दी मगर अब पीएम-सोनिया के आवास के आसपास सहित सभी वीवीआईपी इलाकों के रास्‍ते सील कर दिए गए हैं
कोयला घोटाले को लेकरआज सुबह घेराव करने पहुंचे कार्यकर्ताओं को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार करके रिहा कर दिया गया था|
इसके बाद सामाजिक कार्यकर्ता अन्‍ना हजारे और इंडिया अगेंस्ट करप्शन के समर्थकों द्वारा 12 बजे प्रधानमंत्री, सोनिया गांधी, नितिन गडकरी के घर का फिर से घेराव करने की घोषणा की गई है|
इसके मद्देनजर पीएम-सोनिया के आवास के आसपास सहित सभी वीवीआईपी इलाकों के रास्‍ते सील कर दिए गए हैं। इससे पहले घेराव करने की कोशिश कर रहे अरविंद केजरीवाल और उनके साथियों को पुलिस ने हिरासत में लेकर छोड़ दिय था। केजरीवाल और उनके साथियों को मंदिर मार्ग थाने के बाहर उनके समर्थकों ने जबरन पुलिस की गाड़ी से उतार लिया। गाड़ी से उतरने के बाद ये लोग जंतर मंतर पहुंचे।
अरविंद केजरीवाल ने रिहा होने के बाद सरकार और बीजेपी दोनों पर निशाना साधते हुए पूछा कि, क्या इस देश के भ्रष्ट नेता इन पोलिस वालों को तनख्वाह देते हैं उन्होंने बीजेपी और कांग्रेस-दोनों पर देश को लूटने का आरोप लगाया है|

अन्ना हजारे की अनुपस्थिति के लिए उनकी बीमारी को एक कारण बताया जा रहा है लेकिन टीम की अहम् सदस्या किरण बेदी भी आज के इस राजनितिक मंच पर दिखाई नहीं दे रही

प्रधान न्यायाधीश ने न्यायधीशों को अधिकार छेत्र में रहने की सलाह दी

न्यायपालिका पर अंकुश लगाये जाने के सरकार के प्रयासों को १५ अगस्त को चुनौती देने वाले प्रधान न्यायाधीश एसएच कपाड़िया ने अब न्यायाधीशों को अपने अधिकार छेत्र में रहने की सलाह दे डाली है|
श्री कपाडिया ने शनिवार को कहा कि न्यायाधीशों को देश का शासन नहीं चलाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जजों को ं नीतियां नहीं बनानी चाहिए। सोने का अधिकार+ मौलिक अधिकार जैसे फैसले लागू किए जा सकते हैं या नहीं यह जांच लिया जाना चाहिए|
न्यायपालिका के कामकाज पर आश्चर्य जताते हुए उन्होंने कहा कि तब क्या होगा यदि कार्यपालिका न्यायपालिका के उन निर्देशों को मानने से इन्कार कर दे जो लागू करने लायक नहीं है। हमने कहा ‘जीवन का अधिकार’ तो इसमें पर्यावरण से रक्षा, मर्यादा के साथ रहने का अधिकार शामिल है। अब हमने इसमें सोने का अधिकार शामिल कर दिया है। हम कहां जा रहे हैं?
यह एक आलोचना नहीं है। क्या हम इसे लागू करने में सक्षम हैं? जब आप अधिकारों का विस्तार करते हैं तो न्यायाधीश को हर हाल में यह भी जांच करनी चाहिए उसे किस तरह लागू किया जाएगा? न्यायाधीशों को हर हाल में सवाल पूछना चाहिए कि क्या यह लागू करने के लायक है? आज यदि कोई न्यायाधीश कोई नीतिगत प्रस्ताव देता है तो सरकार कहती है कि हम उसे मानने नहीं जा रहे। आप अवमाननावाद का रास्ता चुनेंगे या उसे लागू करेंगे?
श्री कपाड़िया ‘संवैधानिक ढांचे का विधिशास्त्र’ विषय पर व्याख्यान दे रहे थे। हाल में योग गुरु बाबा रामदेव समर्थकों पर रामलीला मैदान पुलिस की कार्रवाई को लेकर सुप्रीम ने अपने फैसले में सोने के अधिकार को मौलिक अधिकार घोषित किया है। उन्होंने कहा कि न्यायाधीशों को कड़े नियमों के जरिए आगे बढ़ने की जरूरत है। जब भी आप नियमन देते हैं तो उससे

शासन में हस्तक्षेप नही होना चाहिए। हम लोगों के प्रति जवाबदेह नहीं हैं। उन्होंने कहा कि न्यायाधीशों को सख्ती के साथ संवैधानिक व्यवस्था का पालन करना चाहिए। संविधान ने स्पष्ट रूप से न्यायपालिका, विधायिका और कार्यपालिका के अधिकार को अलग कर रखा है। कपाड़िया ने सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश का हवाला दिया जिसमें कर्नाटक के बेल्लारी में पर्यावरण के खतरे को देखते हुए खनन गतिविधियों पर रोक लगा दी। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की चिंता और सतत विकास के साथ संतुलन बनना चाहिए। बंद के साथ बेरोजगारी भी बढ़ी है और अर्थव्यवस्था को भी नुकसान पहुंचेगा।

नरेन्द्र मोदी ने अपना ट्वीट एकांउट काला किया

सोशल वर्चुअल मीडिया पर प्रतिबन्ध लगाने के लिए केंद्र सरकार के प्रयासों की हर छेत्र में विरोध हो रहा है बीते दिन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने तरीके से विरोध दर्ज़ करते हुए ट्विट्टर एकाउंट पर अपनी तस्वीर हटा कर काली फोटो लगा दी है|
उन्होंने केंद्र सरकार के कदम की कड़ी आलोचना की है, जिसमें ट्विटर पर कई खातों को बंद कर दिया है। इसमें संघ परिवार से लेकर आई टी मिनिस्टर और पत्रकार भी शामिल हैं|
मोदी ने इस फैसले के विरोध स्वरूप अपने ‌ट्विटर अकाउंट पर काली तस्वीर लगा कर ट्वीट किया है, ‘एक आम आदमी के नाते मैं अभिव्यक्ति की आजादी के खिलाफ भारत सरकार की कार्रवाई के विरोध में शामिल हो रहा हूं। मैं अपनी डिस्प्ले पिक्चर को बदल रहा हूं। सबको सम्मति दे भगवान।’
इसके अलावा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी ने भी विरोध स्वरुप लिखा है कि सरकार टि्‌वटर पर अभिव्यक्ति की आजादी की अनुमति नहीं दे रही है और विपक्ष उसे संसद में बोलने नहीं दे रहा है। ऐसे में मैं भी भारत सरकार को ऐसे ट्विटर्स की एक सूची भेज रहा हूं जिनको मैं अपने टाइमलाइन से ब्लॉक करना चाहता हूं। अगर वे प्रधानमंत्री को सुरक्षित कर सकते हैं तो मुझे क्यों नहीं।
बड़ी संख्या में लोगों ने भी सरकार की इस कार्रवाई के विरोध में अपने अकाउंट पर काली तस्वीर लगाकर अपना विरोध जाहिर किया है।