Ad

Category: Unrest Strikes

रोल बैक करो नहीं तो पैक करो :भाजपा

भाजपा ने यूं पी ऐ सरकार की नीतिओं का विरोध करने के लिए एक नया नारा दिया है|या तो रोल बैक करो नहीं तो बोरिया बिस्तर पैक करो |
आज भाजपा के प्रमुख नेता प्रकाश जावडेकर ने पार्टी की प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि डीजल की दरों में वृद्धि और रसोई गैस सिलेंडर पर अनुदान की सीमा तय करने के विरोध में 20 सितंबर को भारत बंद रहेगा। वाम दलों ने 20 सितंबर को भारत बंद का ऐलान किया है। इसके साथ सपा+ टीडीपी और बीजद ने बंद का समर्थन कर दिया है। इसके बाद राजग ने भी बंद में साथ आने की घोषणा कर दी। भाजपा नेता अरुण जेटली ने कहा था कि सरकार के फैसले से देश को सिर्फ सेल्स ब्वाय और गर्ल्स मिलेंगे। बीजद और डीएमके ने भी बंद का समर्थन किया है। टी एम् सी ने बंद का समर्थन करने से मना कर दिया है|
अखिल भारतीय व्यापार परिसंघ (कैट) के महासचिव प्रवीन खंडेलवाल और भारत उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष श्याम बिहारी मिश्रा ने बंद की घोषणा की है|
इसी परिपेक्ष्य में अति उत्साहित भाजपा ने राजनीतिक संकट से जूझ रही कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा है कि अब समय अ गया है कि कोयला ब्लाक आवंटन +डीजल+एल पी जी और ऍफ़ डी ई से कपलीट रोल बैक की मांग है या तो रोल बैक करो नहीं तो बोरिया बिस्तर पैक करो
कांग्रेस मंत्री आनद शर्मा ने इस भाजपा के इस जुमले की हवा निकालते हुए कहा है कि कांग्रेस में रोल बैक की कोई कल्चर ही नहीं है|

एल पी जी पर ममता ने व्यंग किया और केंद्र ने मारी चोट

केंद्र सरकार को निष्ठुरता से छोड़ कर राजनीतिक पंडितों को धत्ता बताने वाली पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने आज केंद्र सरकार का मजाक उड़ाया |उन्होंने व्यंग्य कसते हुए कहा है कि सरकार
blockquote>रियायती मूल्य पर सिर्फ छह सिलेंडर उपलब्ध करवाकर लोगों को डायटिंग सिखा रही है।

ममता ने आज [बुधवार] को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केंद्र सरकार प्रति परिवार प्रति वर्ष रियायती दर सिर्फ छह सिलेंडर उपलब्ध करवाकर लोगों को डायटिंग करना सिखा रही है। सरकार चाहती है कि हम उपवास करें। सिर्फ छह सिलेंडर से कोई भी परिवार कैसे गुजारा कर सकता है? उन्होंने सिलेंडरों की संख्या छह से बढ़ाकर 24 किये जाने की मांग की है|
सुश्री ममता ने सरकार पर नाटक करने का आरोप भी लगाया और कहा कि मुझे प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से कोई सूचना नहीं मिली थी। जबकि मैंने अपने फैसले के विषय में कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी को पहले ही बता दिया था।
मुख्यमंत्री ने बहुब्रांड रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के मुद्दे पर सरकार पर तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी[अब राष्ट्रपति] के वादे से मुकरने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस पर फैसला आम सहमति से होना चाहिए।
ममता ने मंगलवार को संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार से समर्थन वापस लेने का ऐलान किया। केंद्र सरकार में शामिल उनके मंत्री शुक्रवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपना इस्तीफा सौंपेंगे। ममता ने कोलकाता में पार्टी के सांसदों एवं मंत्रियों की बैठक के बाद यह निर्णय लिया था।ममता ने डीजल की कीमतों में हुई वृद्धि और बहुब्रांड रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के मुद्दे पर केंद्र सरकार को 72 घंटे की मोहलत दी थी लेकिन केंद्र सरकार के रुख में कोई बदलाव न आने पर उन्होंने यह फैसला किया

उधर कांग्रेस ने भी पहले की लकीर को छोटा करके केलिए उसके समक्ष बड़ी लकीर खीचने की अपनी परम्परा को जारी रखा है|कांग्रेस नेता जनार्दन द्विवेदी ने आज घोषणा करते हुए बताया कीकांग्रेस शासित १० प्रदेशों में छह के स्थान पर ९ सिलेंडरों का वितरण किया जाएगा|तीन अतिरिक्त सिलेंडरों पर सब्सिडी का भार राज्य सरकार द्वारा उठाया जाएगा|
इसके जवाब में बंगाल के नेता एन गुप्ता का कहना है की राज्य सरकार पहले ही ढाई लाख करोड़ का कर्जा है|२२ हज़ार करोड़ प्रति वर्ष ब्याज दिया जाना है|केंद्र सरकार कोई छूट देने को तैयार नहीं है ऐसे में तीन सिलेंडरों पर सब्सिडी की प्रतिपूर्ति केंद्र द्वारा कराई जानी चाहिए|

ममता ने निष्ठुरता से केंद्र सरकार छोडी भारत बंद से भी अलग रहेंगी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री सुश्री ममता बनर्जी सभी राजनीतिक पंडितों को धत्ता बताते हुए केंद्र सरकार के प्रति निष्ठुर हो गई है| टी एम् सी ने यूं पी ऐ २ से सपोर्ट वापिस लेने की घोषणा कर दी है|शुक्रवार [२१-सितम्बर]को पार्टी के छह मंत्री प्रधान मंत्री को इस्तीफा सौंप देंगें| बेशक इस कदम से केंद्र सरकार के गिरने की संभावनाएं बेहद कम हैं मगर इस एक घटक[१९]के चले जाने से सरकार की निर्भरता पूरी तरह से सा पा और बा सा पा पर हो जायेगी|यह एक संकट की बात हो सकती है| ममता के फैसले के बाद कांग्रेस में सरगर्मी तेज हो गई है। इस मुद्दे पर आज कांग्रेस कोर ग्रुप की बैठक है। आज ही सोनिया गांधी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वित्त मंत्री पी चिदंबरम से बात करेंगी।
बेशक डी एम् के ने २० तारीख के भारत बंद का समर्थन करने का एलन किया है मगर सपोर्ट वापिस लेने की कोई बात नहीं कही है| चेन्नई में डीएमके भी इसी सपोर्ट मुद्दे पर बैठक करने वाली है।
कोलकाता में ममता के इस ऐलान से दिल्ली में बैठी यूं पी ऐ सरकार हिल उठी है । अभी तक ममता की बगावती मुद्रा को महज दिखावा माना जा रहा था और समझा जा रहा था कि वो मनमोहन सरकार को किसी परेशानी में नहीं डालेंगी। लेकिन ममता ने सारी उम्मीदों को दरकिनार कर दिया। उन्होंने साफ कर दिया वो अपनी शर्तों पर किसी भी तरीके से झुकने को तैयार नहीं हैं।उनकी पहली ममता आम जनता के साथ है| ममता की तीन शर्तें रखी हैं
[१]ऍफ़ डी आई पर फैसला वापस ले सरकार।
[२]गरीबों को 12 सिलेंडर दे सरकार।
[३]डीजल की कीमतों में रोलबैक हो |
संसदीय समिति की तीन घंटे की मीटिंग के बाद ममता ने साफ कर दिया कि शुक्रवार को रेल मंत्री मुकुल रॉय समेत उनके सभी छह मंत्री इस्तीफा दे देंगे। हालांकि इस ऐलान के साथ ही ममता ने 48 घंटे की ऐसी मोहलत भी दे दी जिसके बाद कांग्रेस भी ये मानने लगी है कि ममता की मांगों पर सहानूभूतिपूर्वक विचार होगा और वो अब भी तृणमूल को अपना अहम सहयोगी मानती है। कांग्रेस अभी भी उम्मीद का दामन नहीं छोड़ना चाहती। ममता ने समर्थन की औपचारिक वापसी के लिए शुक्रवार का दिन तय किया है, यानी कांग्रेस के पास उन्हें मना लेने का कुछ समय है शायद इसीलिए ममता के विरुद्ध अभी तक कांग्रेस के लहजे में कोई तल्खी नहीं आई है|
कांग्रेस के लिए हमेशा ही संकटमोचक की भूमिका निभाने वाली समाजवादी पार्टी पर भी दबाव बढ़ गया है। महंगाई से लेकर एफडीआई जैसे मुद्दों को लेकर सरकार के विरोध का एलान करने वाली एसपी के लिए कांग्रेस का साथ देना फिलहाल मुश्किल लग रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस ने ममता के अल्टीमेटम पर गौर न करके गलती की।प्रोफ़ेसर राम गोपाल यादव ने तो यहाँ तक कह दिया है कि सरकार ने विश्वसनीयता खो दी है मगर सपोर्ट विड्रा पर कोई बयाँ नहीं है|
अब अगर केबिनेट द्वारा पास किया गया ऍफ़ डी आई को निरस्त किया जाता है तब देश और विदेश में भी सरकार की साख गिरेगी|अब केवल प्रधान मंत्री पर ही नहीं बल्कि पूरी सरकार पर ही दब्बू+फिसड्डी +लंगडी बत्तख का आरोप लगेगा|इससे सरकार जरूर बचाना चाहेगी|अपनी सरकार बचाने के लिए डीजल से २य़ा३ रुपयों का रोल बैक और एल पी जी के सिलेंडरो कि संख्या बढाने पर समझौता हो सकता है |इसके संकेत सरकार द्वारा पहले से ही दिए जा रहे हैं|
ममता के इस रुख ने देश की राजनीति में तूफान मचा दिया है। अब घटक या बाहर से समर्थन दे रहे दलों पर भी यह दबाब होगा कि अब बाहर से समर्थन वाली राजनितिक चाल चलने वाले नहीं है|जाहिर है ऐसे में अगले 48 घंटे सिर्फ सरकार के लिए ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए अहम है। तृणमूल के रुख के बाद 20 सितंबर को होने जा रहा भारत बंद अब और भी अहम इस लिहाज से हो गया है क्योंकि इसमें एनडीए से लेकर लेफ्ट, टीडीपी, समाजवादी पार्टी ही नहीं, डीएमके जैसे यूपीए के सहयोगी भी शिरकत कर रहे हैं। यानी यूपीए सरकार को बेहद कड़ी राजनीतिक सयम से इस नई चुनौती का सामना करना है। प्रधानमंत्री डाक्टर मनमोहन सिंह,की अर्थशात्र निपुण टीम और कांग्रेस के पुराने धुरंधर इस संकट कि घड़ी में कितने कामयाब होते हैं यह तो समय बताएगा| और शायद नया इतिहास भी बनेगा|

ममता बेनर्जी ने केवल सपोर्ट ही विड्रा नहीं किया वरन यूं पी ऐ २ की सरकार पर करारे प्रहार भी किये हैं|अपनी प्रेस कांफ्रेंस में बड़ी सफाई से २० तारीख के बंद [सपा+लेफ्ट+भाजपा]से अपने आप को अलग करते हुए जहां एक्ला चलो का संकेत दिया वहीं कांग्रेस पर आरोप भी लागाया कि ज्वलंत कोयला घोटालों से जनता और राज नीतिक पार्टिओं का ध्यान हटाने के लिए ऍफ़ डी आई +डीजल और रसोई गेस को मुद्दा बनाया गया है|सरकार कि यह चल कामयाब नहीं होने दी जायेगी|

२० तारीख बंद की सफलता के लिए भाजपा ने ५० महारथी उतारे

महंगाई और रिटेल में ऍफ़ डी ई के प्रति केंद्र सरकार की वितीय नीतिओ के विरुद्ध भाजपा देश भर में २० सितम्बर को राष्ट्रव्यापि बंद का आह्वाहन किया है|देश भर में ५० केंद्र बनाये गए हैं|और प्रत्येक केंद्र पर आन्दोलन को सफल बनाने के लिए पार्टी के दिग्गजों को कमान सौंपी गई है|मुख्यत केंद्र प्रभारी निम्न हैं
[१] अध्यक्ष नितिन गडकरी और उपाध्यक्ष मुख़्तार अब्बास नकवी को दिल्ली की कमान सौंपी गई है तो लोक सभा में पार्टी नेता सुषमा स्वराज भोपाल जायेंगी| पूर्व अध्यक्ष राज नाथ सिंह लखनऊ देखेंगे| डाक्टर रमेश पोखरियाल निशंक मेरठ आयेंगे| नवजोत सिंह सिद्धू अमृतसर में रहेंगे|और पब्लिसिटी इंचार्ज नलिन एस कोहली को शिलोंग भेजा जाएगा|

भाजपा ने २ जी की जे पी सी बैठक का बहिष्कार किया

…भाजपा आजकल सत्ता रूड़ संघ पर भ्रष्टाचार को लेकर दबाब बनाने का कोई मौका नहीं चूक रही इसीलिए आज विरोध स्वरुप २जी घोटाले को लेकर आहत जे पी सी की बैठक से बहिष्कार कर दिया| भाजपा के सांसदों ने संयुक्त संसदीय समिति[जे पी सी] के अध्यक्ष पीसी चाको के रवैये से नाराज होकर बैठक का बहिष्कार कर दिया है| भाजपा के पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा+प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद+गोपीनाथ मुंडे और धर्मेंद्र प्रधान इस जेपीसी के सदस्य हैं| श्री सिन्हा का कहना है कि उन्होंने चाको से गवाहों को लेकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था. लेकिन वो सुनने को ही तैयार नहीं थे|श्री चाको जे पी सी के निष्पक्ष अध्यक्ष के बजाये कांग्रेस के नुमाईंदे रूप में कार्य कर रहे हैं|भाजपा ने लगातर ऐ राजा के सहयोगी के रूप में पी चिदम्बरम को भी जे पी सी के समक्ष बुलाने की मांग की है मगर आज कहा जा रहा है कि श्री चिदम्बरम की गवाही की जरुरत ही नहीं है|इसी लिए निअर्थक बैठक का बहिष्कार किया गया है|अगर जरुरत हुई तो जे पी सी से भी त्यागपत्र दिया जा सकता है|
श्री चाको ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि समिती द्वारा श्री चिदम्बरम की गवाही को जरुरी नहीं समझा गया है|

प्रिंस वाईफ की टापलेस तस्वीर:सम्पादक निलंबित

एक तरफ तो अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता और मीडिया की आजादी जैसे स्लोगन लेकर पश्चिम देशों द्वारा पूरब में हो रही मीडिया शरारतों पर रोक लगाने से इनकार किया जा रहा है|इसके ठीक विपरीत अपने राजघराने पर आई आंच से बौखला कर एक सम्पादक को ही निलंबित करवा दिया गया है| डचेस ऑफ कैंब्रिज एवं प्रिंस विलियम की पत्नी केट की टॉपलेस तस्वीर छापने वाले आयरलैंड के एक अखबार के संपादक को उसकी कंपनी ने निलंबित कर दिया है।
इंडेपेंडेंट स्टार[अखबार की मालिक कंपनी] का कहना है कि संपादक माइकल ओ केन को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है।
शनिवार को आयरलैंड संस्करण में इस तस्वीर को प्रकाशित किया गया था। ब्रिटिश संस्करण में इसे सेंसर करा दिया गया था। इससे पूर्व एक फ्रांसीसी पत्रिका ने इन तस्वीरों को प्रकाशित किया था।
आयरिश न्याय मंत्री ऐलन शैटर का कहना है कि मीडिया हल्कों में कुछ लोग निहित स्वार्थ और जन हित के बीच फर्क नहीं कर पाते।

कोयले से मैले हाथों को धो कर साफ़ कर लेंगे:शिंदे

विपक्ष अगर कमजोर हो +घटक घनघोर हों+समर्थक बिनाजोर हों तो सरकार तो जोरावर हो ही जाती है|इसलिए महंगाई से बने फफोलों पर तानों का नमक मलने से भी बाज नहीं आती |कमोबेश ऐसा ही लोक सभा में सरकार के नेता और गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कर दिखाया है|श्री शिंदे ने कीमतों के रोल बैक के शोर में कोयला घोटालों की धूल साफ करते हुए कहा है कि जनता की याददाश्त बेहद कमजोर होती है|इसीलिए कोयले को भी बहुत जल्द भूल जायेगी|
श्री शिंदे अपने गृह प्रदेश पुणे में आयोजित एक एवार्ड समारोह में आये हुए थे|यहाँ उन्होंने कहा कि पूर्व में बोफोर्स और पेट्रोल पम्प एलाटमेंट के घोटालों को जनता भुला चुकी है|अब कोयले से मैले हुए हाथों को धो कर साफ कर लिया जाएगा|इसीलिए जनता इसे भी भूल जायेगी|
गौरतलब है कि वर्तमान के गणित के हिसाब से कांग्रेस के घटक उसके साथ हैं|ममता+मुलायम सिंह सरकार को नहीं गिराने के ब्यान दे चुके हैं|लालू प्रसाद यादव खुल कर ऍफ़ डी आई का समर्थन कर रहे हैं|एन डी ऐ भी इस मामले में एक जुट नहीं है ऐसे में सरकार को कोई खतरा नहीं है बेशक प्रधान मंत्री खामोशी पसंद करते हैं मगर आये दिन महंगाई के बड़े बड़े बमों के धमाके कर रहे हैं|उन्हें मालूम है कि सरकार कहीं जाने वाली नहीं है|तब फिर क्यूं फिसड्डी और दब्बू बन कर रहा जाए शायद इसीलिए अब प्रीमियम पेट्रोल भी सवा छह रूपये लीटर बड़ा दिया गया है|

आवाजे मनमोहन को नक्काराए बाज़ार समझो और आमदनी बढाओ

झल्ले दी झाल्लियाँ गल्लां

एक आम नागरिक

ओये झल्लेया ये क्या जुलुम हो रहा है?खामोश सरकार ने अब कान भी बंद कर लिए हैं|देश में महंगाई और ऍफ़ डी आई के खिलाफ मची हाहाकार सुनाई नहीं दे रही|उलटे प्रधान मंत्री ये कहने लग गए हैं कि अगर जाना ही है तो लड़ कर जायेंगें|यह जूमला गाते गाते अब सुपीरियर पेट्रोल के दाम भी बड़ा दिए हैं|ओये इलेक्शन नज़दीक नहीं दिख रहे |राजनीतिक दल इस सरकार को हटाने में फ़ैल है |अब हसाड़ा क्या होगा|लगता है कि आटा गीला करने के लिए आटे में पानी डालने के दिन गए|इस गीली गरीबी में पानी में गीला करने के लिए आटा+चावल+दाल भी विदेशों से मंगवाने पड़ेंगे|

झल्ला

ओ मेरेया मित्र वे हुन बंद करो रौणा|ये महंगाई तो किसी महामारी की तरह फैले ही फैले|इसे रोकने वाले विपक्षी+समर्थक+घटक सभी केवल गाल बजा कर ओपचारिकता निभा रहे हैं|शायद इसीलिए सरकारे आली ने भी चिडाते हुए कह दिया है कि जिसके जो बस में हो करले | अगर जाना ही है तो लड़ कर ही जायेंगे|
इसीलिए आवाजे पी एम् को नक्काराए बाज़ार समझो और आमदनी बढाने की सोचो

मुद्रास्फीति को बढावा देने वाली डीजल गैस कीमतों में वृद्धि का भाजपा करेगी राष्ट्रीय स्तर पर विरोध

डीजल और एल पी जी की कीमतों में वर्तमान में बडाई गई बेतहाशा बडोत्तरी को किसान और आम आदमी की विरोधी बताते हुए भाजपा ने आज कहा की यह बढोत्तरी प्रपाती और मुद्रास्फीति को बढावा देगी|



भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष वेंकईया नायडू ने कहा की पावर शार्टेज के कारण महंगे डीजल के पम्पिंग सेट से सींचाई को बाध्य किसानो की आर्थिक हालत पहले से खराब चल रही है डीजल की कीमतों में एक दम ५/= प्रति लीटर बढाने से खेती पर और किसानो पर नकारात्मक प्रभाव पडेगा|अब ट्रेक्टर का किराया भी ज्यादा देना होगा| मौजूदा समय में किसानों का खेती से मोह भंग हो रहा है |बड़ी संख्या में इनका पलायन शहरों की तरफ जारी है| सरकार के इस अदूरदर्शी कदम से पलायन को गति मिलेगी|. उन्होंने बताया की डीजल के दामो में वृद्धि से भाडा बढेगा और आम जन जीवन की उपयोगी वस्तुओं की कीमतें भी प्रभावित होंगी| इसका आम आदमी पर असर पडेगा|
रसोई गैस की सीमा ६ करने से लोअर और लोअर मिडिल क्लास को चोट पहुंचेगी|
भाजपा नेता ने कांग्रेस को निशाना बनाते हुए कहा कीकांग्रेस का कहना है की कांग्रेस का हाथ आम आदमी के साथ मगर अब इसे इस प्रकार बदल देना चाहिए

“कांग्रेस के हाथ आम आदमी के साथ विश्वासघात “

भाजपा ने इस का विरोध करते हुए किसानो+मिडिल+लोअर मिडिल क्लास के नागरिकों को राहत देने के लिए तत्काल रोल बेक की मांग की है |
इसके साथ ही श्री नायडू ने यूं पी ऐ के सहयोगी घटकों से पूछा है की घडियाली आंसू बहाने या लिप सिम्पैथी को छोड़ कर कीमतों के रोल बेक के लिए आम जनता के साथ खड़े होंगे? उन्होंने केन्द्रीय सरकार के इस जनविरोधी कदमका विरोध करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अभियान छेड़ने की घोषणा भी की

डीजल कीमतों की चिंगारी से देश भर में सियासी तपिश

Demonstration Of BJP Against Price Rise Of Diesel+LPG

Demonstration Against Price Rise

people exhibiting resentments against price rise of inflammable

डीजल और रसोई गैस के दामो में वृद्धि से सोसायटी का विशेष कर लोअर माध्यम वर्गऔर लोअर अपर वर्ग चीत्कार उठा है|इस प्राईस राईस से सभी आवश्यक वस्तुओं में ८-१०% तक दाम बढ सकते हैं| टी वी चेनलों पर सुबह से ही आम आदमी के आक्रोश को दिखाया जा रहा है| यौजना आयोग के मोंटेक सिंह अहलुवालिया और सरकार के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने इस बढोत्तरी को मजबूरी में उठाया गया कदम बताया है|श्री सिंह ने भविष्य की बेहतरी के लिए इसे आवश्यक बताया |इस एक कदम से सरकारी खजाने में २५००० करोड़ रूपये आएंगे|
उड़ीसा +पश्चमी बंगालके मुख्यमन्त्रियो के अलावा बाहर से सपोर्ट कर रही सपा और वामपन्थियो ने तत्काल कीमतों में रोल बेक की मांग की है| मुम्बई में सरकार में शामिल घटक एन सी पी के कार्यकर्ता तो मुम्बई में सडकों पर उतर आये हैं| बी जे पी ने पूर्व घोषणा के अनुसार प्रधान मंत्री के पुतले फूंकने शुरू कर दिए हैं|