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Category: Unrest Strikes

I A S लाबी आगे आये और असहाय अशोक खेमका के खोमचे को उजड़ने से बचाए

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक सोश्लाईट

ओये झल्लेया ये क्या कुफ्र कमाया जा रहा है|व्हिसल ब्लोअर १९९१ बैच के भा. प्र. से.[I A S ]अशोक खेमका ने भारत के सबसे शक्ति शाली राजनीतिक परिवार के गिरेबान पर हाथ क्या डाल दिया कि अब सारे उस बेचारे के पीछे ही पड़ गए हैं|हरियाणवी मुख्य मंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने डी एल ऍफ़ और राबर्ट वढेरा के बीच अपराधिक सांथ गाँठ पर पर्दा डालने के लिए अशोक खेमका के खिलाफ ही इन्क्वायरी सेट करा दी है| अब उस बेचारे को धमकियां दी जा रही है|एक वरिष्ठ वकील के टी एस तुलसी ने टी वी चैनल पर अशोक पर उलटे सीधे इलज़ाम लगा कर उसे बिलखने पर मजबूर कर दिया||तुलसी ने उवाचा है कि ११ अक्टूबर को जब खेमका का ट्रांसफर कर दिया गया था तब उसके चार दिन बाद अर्थार्त १५ अक्टूबर को वढेरा की लैंड का मुटेशन रद्द क्यूं किया गया इसे लेकर तुलसी ने खेमका पर राजनीती करने का आरोप मड दिया|इस पर बेचारे खेमका रोने लग गए|इनसे कोई पूछे कि ट्रांसफरआर्डर आने के बाद से रिलीव होने तक ट्रांस्फार्र्ड अधिकारी को क्या हाथ पर हाथ रख कर बैठ जाना चाहिए? अरे भाई आर्डर आने के बाद रिलीव होने में कई बार तो बरसों लग जाते हैं| काश अशोक के इन आंसूओं में केंद्र सरकार की बगैरती =विपक्ष की गैरत और हुड्डा की सरकार के साथ ये वकील साहब की वकालत भी बह जाती|

आई ऐ एस लाबी आगे आये और असहाय अशोक खेमका के खोमचे को उजड़ने से बचाए

झल्ला

भैया जी आपजी के इन खेमका जी को लगता है कि पता नहीं होगा कि समरथ को नहीं दोष गुसाईं और इसी अज्ञानता वश उन्होंने राबर्ट वढेरा के पैरों के नीचे से जमीन खिसका दी|अब जमीन खिसकती है तब आस पास के पेड भी गिरते ही हैं| इस सत्य को विपक्षी पार्टी के नेता शरद यादव ने समझ लिया है तभी उन्होंने परिवार पर अटैक नहें करने की सलाह उछाल दी है|अब रही बात आंसूओं की तब काश अशोक खेमका के इन आंसूओं से आई ऐ एस लाबी की निद्रा टूट जाये और यह सशक्त लाबी इस असहाय खेमका के खोमचे को उजड़ने से बचाने को आगे आ जाए|

हरियाणा भूमि अधिग्रहण चक्रव्यूह में खेमका घुसे हैं अभिमन्यु बन कर शहीद होंगें या अव्यवस्था परास्त होगी

हरियाणा भूमि अधिग्रहण चक्रव्यूह में खेमका घुसे हैं अभिमन्यु बन कर शहीद होंगें या अव्यवस्था परास्त होगी

भूपेंद्र सिंह हुड्डा के भूमि अधिग्रहण चक्रव्यूह में अशोक खेमका घुस तो गए हैं अब देखना है कि वोह अभिमन्यु बन कर शहीद होते है या अर्जुन की भांति व्यवस्था को परास्त कर बाहर निकलते हैं| राबर्ट वढेरा को आर्थिक साम्राज्य दिलाने के लिए हरियाणा के मुख्य मंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने जो भूमि अधिग्रहण चक्रव्यूह रचा था उसमे बेचारे आधुनिक अभिमन्यु वरिष्ठ आई ऐ एस अधिकारी [१९९१] अशोक खेमका फंस गए हैं|अशोक खेमका ने वढेरा के स्काई लाईट हासपितेलिती प्रायवेट लिमिटेड और डी एल ऍफ़ के भूमि सौदों की जांच के आदेश देकर[३.५३१ एकड़] शिकोहपोर -मानेसर की एक डील क्या रद्द कर दी की हरियाणा सरकार ने तत्काल अशोक को मात्र २१ साल में ४० वां ट्रांसफर आर्डर थमा कर साईड लाइन कर दिया है|भूमि सम्बन्धी [आई जी आर]विभाग से हटा कर अशोक को बीज संबंधी विभाग में[डी जी] भेज दिया गया है|इस पर ऐतराज़ करना भी अधिकारी पर भारी पड़ गया है |अब उन पर कार्यवाही की तलवार दिखाई जा रही है| आश्चर्यजनक रूप से मुख्य मंत्री हुड्डा ने तत्काल इस पर प्रतिक्रया व्यक्त करते हुए कहा है के ट्रांसफर कोई पनिशमेंट नहीं होता| उन्होंने एक तरह से वढेरा और डी एल ऍफ़ के तमाम डील्स को क्लीन चिट देते हुए इस डील्स पर अरविन्द केजरीवाल के आरोपों को भी दर किनार कर दिया है|बताया जा रहा है कि इसी खेमका ने २००४ में तत्कालीन मुख्यमंत्री ॐ प्रकाश चौटाला के आदेशों का पालन करने के लिए मिड टर्म में टीचर्स का ट्रांफर करने से मना कर दिया था| अब कैंसिल की गई मुटेशन को दोबारा जीवित करने के लिए स्थानित प्रशासन से फेवोर वाली रिपोर्ट भी मगा ली गई है|
चीफ सेक्रेटरी पी चौधरी ने सरकार के पक्ष को सामने रख्रते हुए कहा है कि खेमका का ट्रांसफर किसी जल्द बाजी में नहीं किया गया है वरन स्वयम खेमका ने पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर करके ट्रांसफर माँगा था जबकि खेमका ने कोर्ट में फ़रियाद कि थी कि उनके पास कई चार्ज हैं उनमे से एक चार्ज उनके पद से बेहद जूनियर आधिकारी के लिए है अत उसे विड्रा कर लिया जाए|अब खेमका के ट्रांसफर के लिए उसी कोर्ट के मामले को आधार बनाया जा रहा है|
अगर देखा जाए तो बीज सम्बंधित विभाग में इन्हें डी जी बनाया गया है यह पद इन्स्पेक्टर जनरल रजिस्ट्रेशन के पद से जूनियर है ऐसे में यह ट्रासफर एक तरह से हाई कोर्ट के आदेशो की अवहेलना है |क्योंकि खेमका से जूनियर पोस्ट विड्रा करने के बाजए उन्हें ही दूसरे जूनियर विभाग में ट्रांसफर कर दिया गया है और इस ट्रांसफर को जायज़ ठहराया जा रहा है जाहिर है इससे शक की सुई अपने आप में मुख्य मंत्री की तरफ घूम रही है| शायद इसीलिए अब ३९ ट्रांसफर झेल चुके अशोक खेमका ने व्यवस्था में रह कर व्यवस्था को बदलने का निश्चय कर लिया है और चीफ सेक्रेटरी को पत्र भी भेज दिया है| शायद इसी लिए अब खेमका पर तमाम आरोप लगाने लग हैं| शासन की तरफ से कहा जा रहा है कि अशोक खेमका ने अपने ट्रांसफर होने के बाद लैंड मुटेशन को रद्द किया|इसके अलावा जबी जुबान से हरियाणा सरकार +रॉबर्ट वढेरा और डी एल ऍफ़ के नेक्सस की डिटेल अहोक खेमका ने ही प्रेस को लीक की हैं|
गौरतलब है के 12-02-२००८ में राबर्ट वढेरा को जमीन का एक टुकड़ा साडे सात करोड़ में बेचा गया जिसके लैंड यूज को बदलने के लिए एक ही दिन में परमिशन दे दी गई| इसके मात्र ६५ दिनों के पश्चात ही साडे सात करोड़ के जमीन को डी एल ऍफ़ ही ६५ करोड़ रुपयों में खरीद लेता है|इस भूमि के खरीद फरोख्त में टैक्स के चोरी करने के लिए कई नियम भी बदले गए|इस घोटाले को बीते साल इकोनोमिक्स टाइम्स ने उठाया थाफिर अब इसी महीने इंडिया अगेंस्ट करप्शन के नेता अरविन्द केजरीवाल ने राष्ट्रीय मुद्दा बना दिया |अरविन्द द्वारा मुद्दा उठाये जाने के मात्र दो दिन के पश्चात ही हरियाणा के इन्स्पेक्टर जनरल पंजीकरण [ आई जी आर] ने वढेरा और डी एल ऍफ़ के बीच हुई भूमि सौदों के जांच के आदेश दे दिए एक सौदा के मुटेशन रद्द कर दी गई | इस अधिकारी का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया गया |अंग्रेज़ी के हिन्दू अखबार और इंडियन एक्सप्रेस ने इसे प्रमुखता से उठाया | और कई नए खुलासे किये| फर्स्ट पोस्ट ने तो डी एल ऍफ़ के स्वर्गीय राजीव गांधी से भी रिश्ते खोल दिए |२८-०३-२००८ को टाउन & कंट्री प्लानिंग विभाग ने हाउसिंग कालोनी के लिए परमिशन प्रदान कर दी|लेकिन वहां वढेरा की कंपनी ने कोई निर्माण नहीं किया|हाँ उनके लायसेंस के अवधि को जरूर दो बार[रिन्यू] बढाया गया | इसके बाद बड़े नाटकीय ढंग से मात्र ६५ दिनों के पश्चात यह भूमि डी एल ऍफ़ को ६५ करोड़ में बीच डाली गई|अब कहा जा रहा ही के दी एल ऍफ़ के साथ पहले अग्रीमेंट हुआ था जिसके एवाज़ में ५० करोड़ ले लिए गए थे अब सवाल उठाया गया है के अगर पहले सेल एग्रीमेंट हो गया था तब लायसेंस का रिनुअल कैसे हो गया|
इस डील को देखते हुए आरोप लगाया जा रहे है के राबर्ट वढेरा ने अपने राजनीतिक कनेक्शनों का इस्तेमाल करके जमीन का लैंड यूज बदलवाकर भूमि पुनः डी एल ऍफ़ को लौटा कर मोटा मुनाफ़ा कमाया| केपिटल गेन आदि टैक्सों की चोरी हुई |चूंकि वढेरा रूलिंग पार्टी के सबसे बड़े परिवार से सम्बन्धित हैं और भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपनी मुख्य मंत्री की सीट बचाने की खातिर पार्टी प्रधान के दामाद के लिए एक रियल एस्टेट का एम्पायर खड़ा कर दिया| अब पोल खुलने के बाद इस परिवार को बचाने के लिए इनकी एम्पायर को सुरक्षित रखने के लिए तमाम तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं |शायद हुड्डा और राबर्ट वढेरा के दुर्भाग्य से क़ानून मंत्री सलमान खुर्शीद के खिलाफ अरविन्द केजरीवाल ने अपना अनिश्चित कालीन धरना समाप्त कर दिया है| जाहिर है कि अब मीडिया और इंडिया अगेंस्ट करप्शन वालों को राबर्ट वढेरा पर ध्यान केन्द्रित करने का पर्याप्त समय मिलरहा है| | दुर्भाग्य वश इन सारे हरियाणवी हथकंडों से कांग्रेस की छवि लगातार गिरती ही जा रही है|इन तमाम तरह की एक के बाद एक नकारात्मक घटनाक्रम के बीच १९९१ बैच के भारतीय प्रशासनिक अधिकारी अशोक खेमका ने व्यवस्था में रहते हुए ही व्यवस्था को बदलने का निश्चय किया है यह अपने आप में एक सकारात्मक सन्देश देता है
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फ्लोर मिल पर छापे में कुछ भी असामान्य नहीं मिला

सिटी मजिस्ट्रेट के न्रेतत्व में आज सुबह फ्लोर मिलों पर छापे मारे गए|जिससे हडकंप मचा रहा|व्यापारिओं ने इसे व्य्पारिओं का उत्पीडन बता कर इसका विरोध किया है|प्राप्त जानकारी के अनुसार फ्लोर मिलों पर सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों का गेहूं को पकड़ने के लिए यह छापा मारी की गई|
सिटी मजिस्ट्रेट टी पी श्रीवास्तव के न्रेतत्व में सुबह एक टीम सदर मंदी स्थित रामा फ्लोर मिल पहुँची और जांच शुरू की |हमेशा की तरह यहाँ ना तो सरकारी गेहूं ही मिला और रिपोर्ट आई है कि सब कुछ ठीक है| एक छेत्र वासी की अगर मानी जाये तो यहाँ ट्रक आया तो था मगर छापे की सूचना पाते ही उसे वहां से हटा

फ्लोर मिल पर छापे में कुछ भी असामान्य नहीं मिला

दिया गया|व्यापारी नेताओं ने इसे उत्पीडन बताया है|

अरविन्द केजरीवाल ने अनिश्चित कालीन धरना समाप्त किया

विकलांगों के हितों को लेकर कानून मंत्री सलमान खुर्शीद के इस्तीफे पर अड़े अरविंद केजरीवाल और उनके साथियों ने संसद मार्ग पर चल रहा अपना अनिश्चित कालीन धरना समाप्त कर दिया है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अब एक नवंबर से उनका आंदोलन फर्रुखाबाद में होगा।अरविंद ने कहा कि दिल्ली में आंदोलन करते हुए चार दिन बीत गए हैं। देश के लोगों ने सोचा था कि चूंकि कानून मंत्री भ्रष्टाचार के मामले में लिप्त हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। केंद्र सरकार उनसे इस्तीफे की मांग करेगी। इसके उल्टा सरकार कह रही है कि कानून मंत्री सलमान खुर्शीद को इस्तीफा देने की कोई जरूरत नहीं है।अम्बिका सोनी+दिग्विजय सिंह+हरीश रावत आदि के बाद अब बेनी प्रसाद वर्मा भी सलमान की सपोर्ट पर खुल कर सामने आ गए हैंजबकि मुख्य विपक्षी बी जे पी केवल जांच की मांग करके विरोध की ओपचारिकता निभा रही है| बेनी ने तो यहाँ तक कह दिया के अगर घोटाले की रकम बड़ी होती तब सीरियस होते

अरविन्द केजरीवाल ने अनिश्चित कालीन धरना समाप्त किया

भाजपा के खिलाफ मोर्चा

केजरीवाल ने बीजेपी को भी आड़े हाथ लेते हुए कहा कि बीजेपी डरी हुई है कि उसके अध्यक्ष नितिन गडकरी के बारे में कोई खुलासा न कर दूं
अपने दावे को मजबूत करने और सलमान के स्पष्टीकरण को खारिज करने के लिए आज सुबह कुछ लोगों को केजरीवाल ने प्रस्तुत किया| सलमान खुर्शीद के दावे में जो नाम पेश किए गए उसमें से एक नाम मैनपुरी के पंकज कुमार का भी था। खुर्शीद के दावे के मुताबिक पंकज को कान की मशीन दी गई थी, जबकि पंकज बहरे नहीं हैं। पंकज जन्म से लंगड़े हैं। हालांकि, पंकज को किसी भी तरह का सामान खुर्शीद के एनजीओ से नहीं मिला है। पंकज केजरीवाल के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे।

सपा की यूं पी सरकार के खिलाफ भी मोर्चा खोला

केजरीवाल ने कहा, अब ऐसा लग रहा है कि अखिलेश सरकार और सलमान खुर्शीद के बीच सेटिंग हो गई है। अखिलेश यादव की सरकार सलमान खुर्शीद को बचाने का काम करेगी। इसके बदले सलमान खुर्शीद अखिलेश के पिता और समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव को बचाएंगे। केजरीवाल ने कहा कि मुलायम के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने का मामला सु्प्रीम कोर्ट में चल रहा है। मुलायम के खिलाफ वकील की नियुक्ति कानून मंत्रालय को करना है और कानून मंत्री सलमान खुर्शीद हैं। अब आप ही लोग बताएंगे कि इसका क्या मतलब है।
केजरीवाल ने कहा कि साल 2014 के इलेक्शन में वह सलमान खुर्शीद के खिलाफ किसी विकलांग से ही चुनाव लड़वाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार जांच का सिर्फ दिखावा कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस और प्रधानमंत्री को भी इस मामले पर अपन रुख साफ करना चाहिए। केजरीवाल ने कहा, ‘आम और पीड़ित आदमी ही इस सरकार को सबक सिखाएगा।’

लीपा पोती शुरू

एक समाचार पत्र के मुताबिक बुलंदशहर में हाल ही में खुर्शीद के एनजीओ द्वारा लाभान्वित विकलागों की परेड कराई गई थी।कांग्रेस नेता के नेतृत्व में हुई इस परेड में विकलांगों को यह बताकर परेड में शमिल किया गया कि वो एनजीओ की सेवाओं का लाभ उठा चुके हैं लेकिन उन्हीं में से कई विकलागों ने माना कि उन्हें सामग्री दो घंटे पहले ही दी गई है।बता दें कि अरविंद रविवार रात ही खुर्शीद द्वारा दिखाई गई तस्वीर पर रुख साफ कर चुके हैं। खुर्शीद ने बतौर सबूत जिस कैंप की तस्वीर दिखाई थी वह साल 2010-11 की निकली जबकि केजरीवाल जिस घपलेबाजी की बात कर रहे हैं वह 2009-10 की अवधि के बीच हुई बताई जा रही है।

पी एम् को पी एम् नहीं मानता

आज विकलांगों के एक प्रतिनिधि मंडल को पी एम् ओ से मिलाने का समय नहीं दिया गया इस पर केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की आलोचना की। केजरीवाल ने कहा कि वह मनमोहन सिंह को अपना प्रधानमंत्री मानने से इनकार करते हैं। मगर आंदोलन फिलहाल समाप्त करते हुए उन्होंने कहा कि अब वह फर्रुखाबाद जाएंगे और वहां के लोगों से अपील करेंगे कि 2014 के चुनाव में खुर्शीद के खिलाफ किसी विकलांग शख्स को खड़ा करें और उसे जिताएं।
1986 में स्थापित डाक्टर जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट ने सूबे के करीब 17 जिलों में कार्य किया था। ईओडब्लू उन सभी जिलों में विकलांगों के कल्याणार्थ किए गए कार्यो की जांच कर रही है। ईओडब्लू को यह जांच कई माह पहले मिली थी, लेकिन मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद बनाई गई चार टीमें 17 जिलों में लगाए गए 34 शिविरों की असलियत पता करने में जुटी हैं। पार्टी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘वह कानून मंत्री हैं और उनसे देश का कानून कायम रखने की उम्मीद की जाती है। अगर फर्जीवाड़े का आरोप लगता है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मामले की जांच करने की जरूरत है।’इस ट्रस्ट के चेयर मेन स्वयम सलमान खुर्शीद और प्रोजेक्ट मेनेजर उनकी पत्नी श्रीमति लुईस हैं|
खुर्शीद और उनकी पत्नी लुइस पर जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट को फायदा पहुंचाने के लिए अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर इस्तेमाल करने के आरोप हैं|

पेट्रोल पम्पों के खर्चे को कम करने के लिए पेट्रोल पंपों पर हड़ताल

पेट्रोल पम्पों के खर्चे को कम करने के लिए पेट्रोल पंपों पर हड़ताल

पेट्रोल पम्पों पर खर्चे को कम करने के लिए पेट्रोल पम्पों पर बिक्री का समय निश्चित किये जाने की मांग उठ रही है इसी उद्देश्य की पूर्ती के लिए आज से पेट्रोल पंपों पर हड़ताल की गई है| कन्फेडरेशन आफ इंडियन पेट्रोलियम डीलर्स के आह्वाहन पर यूं पी पेट्रोलियम ट्रेडर्स द्वारा प्रात छह बजे से दोपहर बारह बजे तक पेट्रोल की बिक्री बंद कर दी गई है| बताया जा रहा है कि पेट्रोल पम्पों के खर्चे को कम करने के लिए पेट्रोल पंपों पर हड़ताल की गई है|

विकलांग फंड्स फर्जी वाडे में फंसे सलमान खुर्शीद को एअरपोर्ट पर काले झंडे दिखाए गए

इंडिया अगेंस्ट करप्शन के अरविन्द केजरीवाल के चक्रव्यूह में फंसे कानून मंत्री सलमान खुर्शीद आज

विकलांग फंड्स फर्जी वाडे में फंसे सलमान खुर्शीद को एअरपोर्ट पर काले झंडे दिखाए गए

देश लौट आये हैं| देश लौटते ही एयरपोर्ट पर इंडिया अगेंस्ट करप्शन के कार्यकर्ताओं ने सलमान खुर्शीद के खिलाफ नारेबाजी की काले झंडे दिखाए और विरोध जताया। सुरक्षाकर्मियों ने खुर्शीद को वीआइपी गेट नंबर दो से बाहर निकाल तो दिया मगर इस दौरान आई ऐ सी के कार्यकर्ताओं का विरोध जारी रहा। कुछ कार्यकर्ता उनकी गाड़ी के पीछे भागते भी देखे गए \ कार्यकर्ता अपने साथ में बैनर लेकर आए थे जिस पर लिखा था खुर्शीद हाय हाय | खुर्शीद अपने ट्रस्ट के ऊपर लगाए गए आरोपों पर आज प्रेस कांफ्रेंस करेंगे।इससे पूर्व इंग्लैण्ड में दिए एक ब्यान में उन्होंने साफ कर दिया था की वोह [खुर्शीद]ब्लैकमेलिंग पर झुकने वाले नहीं है|
आई. ऐ. सी. के नेता अरविंद केजरीवाल अपनी इस मुहिम को करो या मरो की जंग करार दे चुके हैं। शनिवार को जेल से छूटते ही उन्होंने संसद मार्ग का रुख किया और धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि संसद मार्ग पुलिस थाना अगला ‘तहरीर चौक’ बनेगा। वहीं खुर्शीद ने केजरीवाल एंड पार्टी को थर्ड ग्रेड इंसान+गंदी नाली का कीड़ा +बलैकमेलर कहते हुए उनपर निशाना साधा है।केजरीवाल ने खुर्शीद के खिलाफ कार्रवाई होने तक थाने के सामने अनिश्चितकालीन धरना देने का निर्णय लिया।
गौरतलब है की एक न्यूज चैनल ने स्टिंग करके डाक्टर जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट पर आरोप लगाया कि ट्रस्ट के चेयर मैन सलमान खुर्शीद और प्रोजेक्ट मेनेजर उनकी पत्नी श्रीमती लुईस ने केंद्र सरकार द्वारा मुहैया कराए गए धन का राज्य सरकार के अधिकारियों का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर गबन किया। यह गबन 10 जिलों में सहायता शिविर के फर्जी हिसाब दिखाकर किए गए, ये शिविर कभी आयोजित नहीं किया गया।केंद्रीय समाज कल्याण और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा 71.50 लाख रुपए खुर्शीद के एनजीओ को दिया गया था इस रुपए से उत्तर प्रदेश 17 जिलों में विकलांगों को तिपहिया वाहन का वितरण करना था, जिसमें धांधली की गई। फलस्वरुप इन दिनों सलमान खुर्शीद और उनकी पत्नी लुईस खुर्शीद का काफी आलोचना हो रही है। देश लौटने से पहले कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने इस मामले पर कहा है कि उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि एक-एक कर काग्रेस के नेताओं को बर्बाद करने की साजिश रची जा रही है|। लुईस खुर्शीद ने भी ट्रस्ट के ऊपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने केजरीवाल पर राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दा गढ़ने का आरोप मढ़ा।केजरीवाल ने खुर्शीद को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की और आरोप लगाया कि यदि वह मंत्रिमंडल में बने रहे तो वे सारे सबूत नष्ट कर देंगे। उनका आरोप है कि खुर्शीद और लुईस खुर्शीद पर राज्य सरकार, केंद्र सरकार और नियमक एवं महालेखा परीक्षक[कैग] ने भी आरोप लगाया है। इन तीनों संस्थाओं ने जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा विकलागों के लिए आवंटित धन के गबन की जाच की है। इसके अलावा ट्रस्ट के कर्मचारियों ने भी वेतन संवितरण में अनियमितताओं की शिकायत की है|खुर्शीद के बचाव में सामने आई सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने कहा खुर्शीद बेहद ईमानदार छवि रखने वाले सम्मानित राजनेता हैं। उन्होंने कहा कि कुछ कहने से पहले खुर्शीद के विदेश से वापस आने का इंतजार करना चाहिए और उन्हें वापस आकर जवाब देने का मौका दिया जाना चाहिए।

बाबा राम देव ने भी केंद्र के खिलाफ आन्दोलनास्त्र चला दिया

इंडिया अगेंस्ट करप्शन के अरविन्द केजरीवाल के चक्रव्यूह में फंसी केंद्र सरकार पर आज योग गुरु बाबा राम देव ने भी आन्दोलानस्त्र चला दिया है|बाबा ने खुद अपनी जांच की मांग को लेकर आन्दोलन छेड़ने की चेतावनी दे डाली है| आज एक साथ दो घटनाक्रम हुए [१]विकलांगों के मुद्दे को लेकर कानून मंत्री के इस्तीफे पर अड़े केजरीवाल ने आज बवाना जेल से छूटने के बाद फिर संसद मार्ग पर धरना शुरू कर दिया है|इससे देश और विदेश में भी किरकिरी हो रही है| केजरीवाल ने बताया कि विकलांगों पर पोलिस ने बर्बरतापूर्वक लाठी चार्ज करके मानवता को शर्म सार किया है| आज जेल से छूटने के बाद भे जेल गेट पर हंगामे की स्थिति रही

बाबा राम देव ने भी केंद्र के खिलाफ आन्दोलनास्त्र चला दिया


केजरीवाल के संसद मार्ग पहुँचने के थोड़ी देर बाद ही बाबा ने प्रेस कांफ्रेंस की और केंद्र सरकार विशेष कर कांग्रेस पर जम कर भडास निकाली | बाबा रामदेव के गुरु शंकर देव जी की गुमशुदगी की जांच को सीबीआई से कराने की उत्तराखंड सरकार की सिफारिश के बाद बाबा रामदेव भड़के हुए हैं|बीते दिन उन्होंने बलात्कार पर श्रीमती सोनिया गांधी के बयाँ पर कटाक्ष किय और आज गांधी-नेहरू परिवार के साथ कांग्रेस पर भी करारा हमला किया है। उन्होंने नाम लिए बिना कहा कि यह खूनी खानदान है, अपनों को भी नहीं बख्शती। केंद्र सरकार पर तीखे हमले करते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि सभी घोटालों की सीबीआई जांच होनी चाहिए। जीप घोटाले से लेकर जीजाजी घोटाले तक की जांच होनी चाहिए। इस प्रेस कांफ्रेंस में बाबा ने कांग्रेस के खिलाफ सभी संभव नकारात्मक विश्लेषणों का प्रयोग करते हुए अपनी भड़ास निकाली
बाबा ने अपने गुरु की गुमशुदगी की सीबीआई जांच के ऐलान का स्वागत किया। हालांकि, उन्होंने सीबीआई की साख पर सवाल उठाते हुए कहा कि जांच एजेंसी के ही इलाज किए जाने की जरूरत है। बाबा ने कहा,’सीबीआई को एक स्‍वतंत्र जांच एजेंसी की तरह काम करना चाहिए। बेहतर तो यह होगा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के जज से मुझसे संबंधित सारे मामलों की जांच करा ले।’ उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को पत्र लिखकर अपील करूंगा कि वे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की अध्यक्षता में एक आयोग बनवाकर करवाएं।
बाबा ने नाम लिए बिना गांधी परिवार को खूनी परिवार करार देते हुए कहा कि यह एक ऐसा खानदान है जिसने विरोधियों को तो छोड़िए, अपनो को भी नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा, ‘श्यामा प्रसाद मुखर्जी, जयप्रकाश नारायण और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की मौतों की भी जांच होनी चाहिए। यहां तक इन्होंने अपने रिश्तेदारों तक को भी नहीं छोड़ा। रॉबर्ट वाड्रा के परिवार में हुईं मौतों की भी जांच हो|उन्होंने कि राबर्ट के पिता की मृत्यु के बाद अब राबर्ट का नंबर था मगर केजरीवाल के आन्दोलन से वोह बच गए है|बाबा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के जज की अध्यक्षता में मेरी[बाबा]की जाँच भी करवा ली जाए अगर जाँच नहीं हुई तो वह स्वयम भी अपनी जांच के लिए आन्दोलन छेड़ देंगे|

अरविन्द केजरीवाल को विकलांगों के साथ दिल्ली पोलिस ने हिरासत में लिया

विकलांगों के मुद्दे को लपक कर इंडिया अगेंस्ट करप्शन के नेता अरविन्द केजरीवाल आज राज पथ को रणभूमि बनाने के लिए धरने पर बैठे |उनके साथ मनीष शिशोदिया और गोपाल राय के अलावा बड़ी संख्या में विकलांग थे| इससे पहले कि राज पथ तहरीर चौक (मिस्र में सत्ता विरोधी प्रदर्शनों का केंद्र)बनता पोलिस ने केजरीवाल और उनके साथ धरना दे रहे कार्यकर्ताओं को जबरन उठाकर हिरासत में ले लिया।और बसों में लाद कर बवाना ले गए| किसी के हताहत होने का समाचार नहीं मिला हैहाँ केजरीवाल की कमीज की दाईं कंधें से जरुर धक्का मुक्की में फट गई|
।केजरीवाल को हिरासत में लिए जाने के बाद उन्‍होंने पत्रकारों से कहा कि मुझे नहीं मालूम कि पुलिस मुझे लेकर कहां जा रही है। यदि मैं जेल गया तो बाहर नहीं निकलूंगा। उन्‍होंने यह भी कहा कि आज जिसको जेल में होना चाहिए वह खुलेआम घूम रहा है। मार्च जनपथ से शुरू हुआ लेकिन पुलिस ने उसे 100 मीटर के बाद ही राजपथ चौराहे पर रोक दिया।उन्होंने कहा कि खुर्शीद ने कानून मंत्री के पद का अपमान किया है। इस पद पर एक समय में बी आर अंबेडकर कार्य कर चुके हैं। खुर्शीद और उनकी पत्नी के खिलाफ एक मामला दर्ज किया जाना चाहिए। जब तक वह पाक साफ घोषित नहीं हो जाते उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर रहना चाहिए।
अब लोगों को छुट्टी लेकर इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होना चाहिए। अब यह आरपार की लड़ाई है।
गौरतलब है कि एक चेनल के स्टिंग आपरेशन में डाक्टर जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट के तत्वधान में विकलांगों के लिए एलोटेड लगभग ७१ लाख प्रतिवर्ष के फंड्स का दुरूपयोग सामने आया है| इस ट्रस्ट के चेयर मैन डाक्टर जाकिर हुसैन के नवासे और वर्तमान कानून मंत्री सलमान खुर्शीद हैं और उनकी पत्नि श्रीमति लुईस प्रोजेक्ट निदेशक हैं|इस मुद्दे को जोर शोर से लपकने वाले नए नए राजनीतिक बने केजरीवाल और स्टिंग करने वाले मीडिया को मंत्री ने इंग्लैण्ड से ही गन्दी नाली का कीड़ा कह कर अपनी भड़ास निकाली|
इस मुद्दे को लेकर पहले तो केजरीवाल ने श्रीमती सोनिया गांधी के निवास को घेरने की घोषणा की थी मगर बाद में पी एम् निवास को टार्गेट बनाया गया | पी एमओ ने कहा कि पी एम् डाक्टर मनमोहन सिंह के पहले से कार्यक्रम तय हैं इसलिए वे केजरीवाल से नहीं मिल सकते। जिसके बाद केजरीवाल और उनकी टीम ने पीएम आवास घेरने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। जिसके बाद केजरीवाल वहीं जनपथ पर धरने पर बैठ गये। केजरीवाल ने कहा है कि जब तक प्रधानमंत्री नहीं

अरविन्द केजरीवाल को विकलांगों के साथ दिल्ली पोलिस ने हिरासत में लिया

कर बसों में लाद कर वहां से हटाया |
इसी बात पर केजरीवाल ने कानून मंत्री के इस्तीफे की मांग की है तो वहीं खुर्शीद ने सारे आरोपों को नकारते हुए केजरीवाल को कोर्ट में खींचने की बात कही है।
पत्रकारों से बातचीत में अरविंद केजरीवाल ने सवालिया लहजे में पूछा कि क्या प्रधानमंत्री डर के छुप गए हैं? केजरीवाल ने मांग की कि पीएम को कानून मंत्री खुर्शीद को तुरंत बर्खास्त कर देना चाहिए।
उधर सलमान खुर्शीद ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। साथ ही उन्होंने केजरीवाल के खिलाफ अदालत में जाने का फैसला किया है। खुर्शीद का कहना है कि केजरीवाल काफी घटिया व्यवहार कर रहे हैं और वो इसका सही जवाब उन्हें अदालत में मामला दर्ज करके देंगे। कांग्रेस ने भी कहा है कि खुर्शीद सफाई दे चुके हैं। अब सड़क पर प्रदर्शन का कोई मतलब नहीं है। कांग्रेस प्रवक्ता और दिल्ली की मुख्य मंत्री शीला दीक्षित के पुत्र संदीप दीक्षित ने कहा कि पीएम हर किसी से किसी भी वक्त नहीं मिल सकते। जबकि यूं पी ऐ की एक सहयोगी सपा ने इस घोटाले को राष्ट्रीय अपराध की संज्ञा दी है|
अरविन्द केजरीवाल का कहना है कि पहले मांग, फिर दबाव और तब भी बात न बनी, तो धरना-प्रदर्शन का निर्णय किया गया.
ब्यूरोक्रेट से सोश्लाईट और अब राजनीतिक बने अरविंद केजरीवाल को राजनीती का मन्त्र समझ में आ गया है कि सियासत में सबसे जरूरी है मशहूर होना और मशहूर होने के लिए मशहूर हस्तियों को निशाना बनाना सबसे आसान रास्ता है.| उनके भाग्य या केंद्र सरकार के दुर्भाग्य से अरविन्द को लगातार मुद्दे मिलते जा रहे हैं|अरविन्द को डील करने में शासन और प्रशासन की कार्यविधि से सरकार की लोक प्रियता का ग्राफ लगातार गिरता जा रहा है| दिल्ली में अपनी राजनीतिक बिसात बिछाने में लगातार सफल होते जा रहे अरविन्द ने पहले [१] बिजली के बिल जलाए+बिजली के कनेक्शन जोड़े+ [२] रॉबर्ट वाड्रा और डी एल ऍफ़ के साथ हरियाणा सरकार को कठघरे में ले आये +[३]डी एल ऍफ़ और इंडियन बुल जैसी कंपनियों के शेयर गिराने के लिए अरविन्द का एक ही बयाँ पर्याप्त बन गया|अब केन्द्रीय कानून मंत्री और मौजूदा सरकार के भरोसे मंद सलमान खुर्शीद का मुद्दा मिल गया है|मीडिया को लाख सर्कार ताने मारे मगर मीडिया को लगातार एक्टिव +नए+जनहित के मुद्दे देने में सफल रहे हैं| इसीलिए अब सरकार को भी समझ लेना चाहिए कि अरविन्द केजरीवाल न तो किसी गन्दी नाली के कीड़े है और नाही इनके लिए अब कोई या किसी या ऐरे गैरे जैसी पदवियाँ दे देने भर से मामले टलने वाले नहीं हैं बल्कि एक नए राजनीतिक मोर्चे के खुलने का यह एलान है|इसके अलावा यह भी कहना जरुरी है कि यह ट्रस्ट देश के प्रेसिडेंट रहे डाक्टर जाकिर हुसैन के नाम पर है|येही वोह डाक्टर जाकिर हुसैन हैं जिन्होंने मोहम्मद अली जिन्नाह के खिलाफ पंडित जवाहर लाल नेहरु के मूवमेंट को समर्थन दिया था |ऐसे स्वतन्त्रता सेनानी के नाम पर लगा धब्बा मिटाना वर्तमान सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए|

मैंगो और बनाना में एक साथ स्वाद बढाने के लिए एल पी जी की समस्या पैदा की है

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक मैंगो मैन

ओये झल्लेया ये तुम्हारी सरकार तो हम शहरियों को लगातार भाम्बड भूसे में सरकार डालती जा रही है?दाल रोटी+पेट्रोल+के बाद एल पी जी की घरैड भी संभाले नहीं संभल रही |सरकार ने कहा छह सिलेंडर लो+फिर कहा की इस छमाही में केवल तीन ही लो+फिर कहा महँगा लो लेकिन अब तो कहा जा रहा है कि लेना हो लो नहीं लेना हो तो मत लो हम तो ऐसे ही देंगें +जिसे हमारी मर्जी होगी उसे ही देंगें +अपना जेब भरने के बाद देंगें| यानि तरसा तरसा कर महँगा करके कभी कभी देंगें| बोले तो किल्लत से देंगें + ज़िल्लत से देंगें+मिन्नत से देंगें+मनी से देंगें|कल मेरठ में गैस पीड़ितों ने जुलुस भी निकाला लेकिन गैस के सिलेंडर अपात्रों को ही जा रहे हैं| ओये गद्दी घेड में डालने वाली केंद्र की सरकार चुप है मौन है|

मैंगो और बनाना में एक साथ स्वाद बढाने के लिए एल पी जी की समस्या पैदा की है


झल्ला

ओ मेरी सरकार ये हसाडी जो केंद्र की सरकार है उसका काम केवल अपने वोट बैंक और विकसित देशों में अपनी अन्तराष्ट्रीय छवि को चमकाना ही है| इसीलिए ये केवल कानून बनाते हैं और ऐसे क़ानून बनाते हैं जिनसे आम के साथ साथ केला में भी स्वाद आ जाये|अब देखो आप को दाल रोटी की किल्लत है|इसे दूर करने के लिए केंद्र ने एल पी जी को आपसे दूर कर दिया|अब जब एल पी जी ही नहीं होगी तब खाना बनाने के झंझट से छुटकारा मिलेगा| अब जब कम खाओगे तब कम घूमोगे जाहिर है पेट्रोल भी बचेगा|अब रही बात असंतोष की तो प्राब्लम को साल्व करने की जिम्मेदारी तो राज्य सरकारों के आधीन है इसीलिए सारा दोष राज्य सरकारों का है|ये गैस का ठीकरा भी अपनी अखिलेशी सरकार के सर पर ही फोड़ो हसाड़े सोने ते मन मोहने पी एम् को तंग नहीं करो

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने डी एल ऍफ़+राबर्ट वढेरा प्रकरण में पी आई एल स्वीकार की

अरविन्द केजरीवाल ने राबर्ट वढेरा और डी एल ऍफ़ पर लैंड स्कैम के आरोप लगाए |केंद्र सरकार राबर्ट के समर्थन में उतर आई मगर ना तो केंद्र सरकार ने जांच बिठाई और नाही केजरीवाल ही कोर्ट गए मगर एक तीसरे आर टी आई एक्टिविस्ट नूतन ठाकुर ने इलाहाबाद हाई कोर्टका दरवाज़ा खटखटा दिया है|
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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने डी एल ऍफ़+राबर्ट वढेरा प्रकरण में पी आई एल स्वीकार की


अदालत ने भी नूतन की पी आई एल को स्वीकार कर लिया है| अब लखनऊ की बेंच ने केंद्र सरकार को स्पष्टीकरण के लिए आज ब्रहस्पतिवार को नोटिस भी जारी कर दिया है| केंद्र सरकार ने जवाब के लिए तीन हफ़्तों का समय मांगा है| सुनवाई की अगली तारीख आगामी माह के तीसरे सप्ताह में लगेगी| एक्टिविस्ट नूतन ने दावा किया है की उन्होंने पी एम् ओ को भी पत्र लिखा है मगर उन्हें विशवास है कि वहां से जवाब नहीं आयेगा