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Category: Defence

टेट्रा डिफेम जनरल तेजिंदर सिंह फिर फंसे

पुर्व सेना प्रमुख वी के सिंह को १४ करोड़ की रिश्वत आफर करने के आरोपी रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल तेजिंदर सिंह को एक पत्रकार के साथ सेना प्रमुख और रक्षा मंत्री की निगरानी में चलने वाले टीएसडी के गोपनीय परिसर में भी पकड़ा जा चुका है| सेना के इस संवेदनशील टेक्निकल सपोर्ट डिवीजन (टीएसडी) को बंद करने की सेना प्रमुख बिक्रम सिंह की योजना के पीछे भी यही चौंकाने वाली कहानी सुनने में आ रही है| रिटायर हो चुके तेजिंदर सिंह मिलिट्री इंटेलिजेंस के प्रमुख रह चुके हैं और इनकी पैंठ अभी तक सेना के वरिष्ठ अधिकारिओं में है|
तेजिंदर पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने इस परिसर की संवेदनशीलता और गोपनीयता को जानते हुए भी एक पत्रकार के साथ वहां १६ अगस्त को घुसपैठ करने की कोशिश की। यह वाकया सी सी टी वी केमरा में रिकार्ड हो गया|
मालूम हो कि तेजिंदर सिंह जनरल वीके सिंह को 14 करोड़ रुपये की घूस के आफर करने के मामले में पहले ही आरोपों के घेरे में हैं।

कैग ने अब रक्षा लेखा विभाग पर भी टिपण्णी कर दी है

आडिट अथारिटी कैग को लगता है कि लेखा जोखा चेक करते करते अब टिप्पणियां करने की भी आदत हो गई है| कोयला घोटाले को उजागर करके देश में सरकार के उत्तेजना फैला कर अति उत्साहित कैग ने अब रक्षा मंत्रालय के आंतरिक आडिट विभाग पर भी अकर्मण्यता का आरोप लगा दिया है|
नियंत्रक एवं महा लेखा परीक्षक [कैग]ने रक्षा मंत्रालय की लैब डिफैंस मेटेरियल्स एवं स्टोर रिसर्च डेवेलपमेंट इस्टेब्लिशमेंट का आडिट किया |इसमें दो करोड़ रुपयों का गोल माल को उजागर किया|
रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद भी १.५२ करोड़ रुपयों की खरीददारी को बुक किया गया है|इसके अलावा एलाटमेंट से ४६ लाख ज्यादा खर्च किया गया है|
गौरतलब है कि २००५ में सैनिकों की वर्दी के लिए शोध कराया गया था जिसके लिए साड़े आठ करोड़ का बजट रखा गया था|दिसंबर २००९ में यह प्रोजेक्ट पूरा कर लिया गया इसका अडिट करते समय यह दो करोड़ रुपतों का घोटाला सामने आया है|अपनी रिपोर्ट में कैग ने आंतरिक आडिट द्वारा इस घोटाले को नहीएँ पकडे जाने पर प्रश्न चिन्ह लगाया है|
सूत्रों के अनुसार आन्तरिक आडिट रक्षा लेखा विभाग द्वारा किया जाता है यह केवल आंतरिक आडिट तक ही सिमित है |जबकि हायर आडिट के लिए टेस्ट आडिट टीम आती हैं यह टेस्ट अडिट कैग का ही सब आफिस होता है|
आंतरिक आडिट पर टिपण्णी करते समय कैग यह नहीं देख पाया कि उनकी टिपण्णी उनके अपने सब आफिस के विरुद्ध ही है|

विवादित द्वीपों पर जापानी ध्वजारोहण से चीन बौखलाया

जापान ने भी अब चीन की प्रभुसत्ता को धत्ता बताते हुए पूर्व चीन सागर के कुछ विवादित द्वीपों पर जापान जापानी ध्वज फहरा दिया है.|
इन द्वीपों को चीन में दियाओयू कहा जाता है. जापान के तट रक्षक अब इन लोगों से पूछताछ कर रहे हैं. इन लोगों को पहले द्वीपों पर जाने की अनुमति नहीं दी गई थी
.एएफ़पी के अनुसार शेनज़ेन, क्विंगदाओ और हारविन में भी जापान विरोधी प्रदर्शन हुए हैं.पूर्वी चीन सागर स्थित इन द्वीपों के चारों ओर गैस के भंडार हैं और इन पर ताइवान भी अपना हक जमाता रहा है.
जापान का कहना है कि उसने शनिवार को इस लिए अपना जल पोत वहां भेजा क्योंकि वह दूसरे विश्व युद्द के दौरान इन द्वीपों को पास मारे गए जापानी लोगों की याद में एक समारोह करना चाहते थे. जैसे ही वह तट पर पहुँचे, उन्होंने वहाँ पर जापानी ध्वज फहरा दिया.
इस पोत पर मौजूद एक राजनीतिज्ञ केनेची कोजिमा ने एएफ़पी को बताया, ‘मैं अंतरराष्ट्रीय समुदाय को बता देना चाहता हूँ कि यह द्वीप हमारे हैं.इसके ज़रिए जापान का भविष्य दाँव पर लगा हुआ है. ’
चीन ने चेतावनी दी है कि इस कार्रवाही से उसकी क्षेत्रीय प्रभुसत्ता पर सवाल उठे हैं.चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता क्विन गान ने कहा कि दियाओयू द्वीपों पर जापान द्वारा की गई कोई भी एकतरफा कार्रवाही गैर कानूनी और अवैध है.
इस सप्ताह के शुरू में इसी तर्ज़ पर हॉगकॉंग से चीन समर्थक लोगों ने वहाँ पहुँच कर इन द्वीपों पर चीन के दावों को मज़बूती प्रदान करने की कोशिश की थी.
एक अलग घटनाक्रम में जापानी समाचार पत्र योमियुरी शिमबुन ने खबर दी है कि जापान चीन में अपने राजदूत को बदलने की योजना बना रहा है.
राजदूत यूइचिरो निवा ने पहले आगाह किया था कि टोकियो की नगरपालिका के कुछ द्वीपों के खरीदने जाने के प्रस्ताव से चीन और जापान के बीच गहरा संकट खड़ा हो सकता है.जापान सरकार से उनके इस वक्तव्य के पसंद नहीं किया था.
चीन का दावा है कि यह द्वीप हमेशा से ही उसके क्षेत्र का हिस्सा रहे हैं जबकि जापान का कहना है कि उसने 1890 में यह सुनिश्चियत करने के बाद कि इन द्वीपों में कोई नहीं रह रहा, उन पर अपना नियंत्रण कर लिया था.

तालिबान के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई से पाकिस्तान की अस्वीकृति

पाकिस्तान की अमेरिका के साथ मिलकर तालिबान के खिलाफ अपने देश में संयुक्त सैन्य कार्रवाई करने की कोई उसकी योजना नहीं है। यह घोषणा पाकिस्तानी सेना ने शुक्रवार को की।

तालिबान के खिलाफ अमेरिका के साथ संयुक्त कार्यवाही से पाक पीछे हटा |
पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी ने बीते दिन संयुक्त सैन्य कार्रवाई को लेकर अमेरिकी मीडिया में लगाई जा रही अटकलों को खारिज किया है।
अमेरिकी मीडिया में ऐसी खबर आई थी कि पाकिस्तान और अमेरिका, अफगानिस्तान से सटे उत्तरी वजीरिस्तान के इलाके में संयुक्त सैन्य कार्रवाई करने पर राजी हो गए हैं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार ऐसी खबरें थी कि यह समझौता पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल जहीर-उल-इस्लाम और अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के शीर्ष अधिकारियों के बीच वाशिंगटन में हुई मुलाकात के दौरान हुआ।
जनरल कयानी ने रावलपिंडी शहर में गुरुवार रात अमेरिकी जनरल जेन जेम्स एन. मैटिस से मुलाकात के बाद पाकिस्तान का पक्ष स्पष्ट कर दिया।
कयानी का कहना है कि समन्वित कार्रवाई और संयुक्त कार्रवाई में अंतर करना महत्वपूर्ण है।
सेना के एक बयान में उनके हवाले से कहा गया कि समन्वित कारवाई का तात्पर्य यह है कि पाकिस्तानी सेना और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल ( आईएसएएफ) दोनों अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा के दोनों तरफ कार्रवाई करेंगे।
कयानी ने कहा कि संयुक्त कार्रवाई पाकिस्तान की जनता और सैन्यबलों के लिए अस्वीकार्य है। किसी भी फैसले पर विचार करने से पूर्व राष्ट्रहित का ख्याल रखना ज्यादा अहम होगा।

उत्पीडित सैनिक टावर पर चड़ा

सेना में अवकाश को लेकर असंतोष थमने का नाम नहीं ले रहा है|जे & के के बाद अब राजधानी में भी सैनिक अधिकारियों पर मनमानी करने व छुंट्टी न देने का आरोप लगाया गया है| एक फौजी ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के समीप स्थित रेलवे के टेलीफोन टॉवर पर चढ़ कर मांग पत्र दिया| मांग पत्र में उसने अधिकारियों द्वारा प्रताड़ना की कहानी लिखी है। देर रात उसे उतारने की कोशिश जारी थी। फौजी का कहना है कि जब तक इस मामले में रक्षा मंत्री हस्तक्षेप नहीं करेंगे, वह नीचे नहीं आएगा।
तमिलनाडु निवासी के मुथू 1998 में सेना में खेल कोटे से भर्ती हुआ था। वर्तमान में राजस्थान के कोटा में तैनात है।
सूचना के बाद सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी वहा पहुंच गए थे। उन्होंने फोन से फौजी से बात की और उसे समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया। लेकिन उस पर अधिकारियों की बात का कोई असर नहीं हुआ। बताया जाता है कि जवान पहले भी बेंगलूर में अपनी मागों को लेकर टावर पर चढ़ गया था।

देश में और सीमा पर माहौल बिगाड़ने की साजिश

सीमा पर पाकिस्तानी सेना और देश में उनके द्वारा भेजे जा रहे एस एम् एस के जरिये देश में और सीमा दोनों पर ही माहौल को बिगड़ने की कौशिशे जारी है|
पाकिस्तान की ओर से संघर्ष-विराम के बार-बार उल्लंघन किया जा रह है|। शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन पाकिस्तानी रेंजरों ने आरएसपुरा सेक्टर की अब्दुल्लियां पोस्ट पर साढ़े चार घंटे तक भारी गोलीबारी की और मोर्टार शेल दागे। पाकिस्तान ने सुरक्षा चौकियों के साथ इस बार गांवों को भी निशाना बनाया है। बीएसएफकी सलाह पर अब्दुल्लिया गावं वाले गावं खाली करके सुरक्षित स्थानों को जाने लगे हैं|
सीमा पार से स्वतंत्रता दिवस पर शुरू हुई गोलीबारी का सिलसिला बीती रात जुमा अलविदा [शुक्रवार] को भी जारी रहा।
गोलीबारी से बेगा, बेरा, सुचेतगढ़, गुलाबगढ़ गांव खासे प्रभावित हुए हैं। इस अकारण प्रोवोकेटिव गोलीबारी का सीमा सुरक्षाबल ने भी मुंहतोड़ जबाब दिया।
पिछले ग्यारह दिनों में पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम के उल्लंघन का यह नौंवा मामला है। 15 अगस्त को हीरानगर सेक्टर और पुंछ में गोलीबारी करने के बाद पाकिस्तान ने 16 अगस्त को भी अब्दुल्लियां पोस्ट पर फायरिंग की थी, जिसमें बीएसएफ का एक जवान शहीद हो गया था। बीएसएफ जम्मू फ्रंटियर के आइजी राजीव कृष्णा ने कहा कि पाकिस्तान की साजिशों का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। पाकिस्तान सीमा पर शांति को भंग कर रहा है।
विश्व के सबसे ऊंचे रणक्षेत्र सियाचिन में मोर्चा संभाले जवानों का हौंसला बढ़ाने थलसेना अध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह शुक्रवार को तीन दिवसीय दौरे पर लेह पहुंचे। लद्दाख के न्योमा व जम्मू के सांबा में जवानों व अधिकारियों में तनातनी को गंभीरता से ले रहे थलसेना अध्यक्ष इस दौरे से जवानों व अधिकारियों में दूरियां कम करने का अभियान भी शुरू करेंगे। जनरल ने चौदह कोर मुख्यालय में बैठक कर सुरक्षा हालात पर विचार-विमर्श किया|
इसके अलावा देश में भी उत्तेजित करने वाली अफवाहें फैलाई जा रही हैं|बताया जा रहा है की ये अफवाहें सीमा पार से आ रही हैं|जिसके फलस्वरूप यहाँ दंगे भड़क रहे हैं|असाम +मुम्बई+औएन+रांची+बेंगलूर+हेदराबाद+के बाद अब कानपुर+अलाहाबाद और प्रदेश की राजधानी में भी नमाजी भड़काए जा चुके हैं|

पकिस्तान एयर फ़ोर्स के बेस पर फिदाईन हमला

पाकिस्तान की स्वतंत्रा दिवस के अगले दिन ही फिदाईन आतंकवादियों के एक दल ने पाकिस्तान की राजधानी से महज़ ७० किलोमीटर पर पकिस्तान एयर फ़ोर्स के कामरा स्थित एयर बेस पर बीती रात हमला कर दिया|सुरक्षा कर्मियों के साथ हुई पांच घंटे की भारी गोली बारी में सात फिदाईन आतंवादियों और एक सुरक्षा कर्मी के मारे जाने की खबर है,
पाकिस्तान के बड़े अखबार डान के मुताबिक ये फिदाईन अति आधुनिक हत्यारों के अलावा आत्मघाती. विस्फोटकों से भी लैस थे|सुरक्षा कर्मियों के सात इनकी भारी गोली बारी हुई है जिसमे सात हमलावर और एक सुरक्षा कर्मी के मारे जाने के समाचार है| इस बेस पर ३० प्लेन्स हेन्गर्स में थे | इस हमले में एक एयर क्राफ्ट भी डेमेज हुआ है| बताया गया है की हामालावर १९-३३ वर्ष की आयु के थे और इनमे से ३-४ ने सेना की वर्दी पहन रखी थी| जबकि कुछ सुसाईड जेकेट पहने हुए थे| पिंड[गावं]सलमान मक्खन की तरफ से रात २.३० आये हमलावरों को जब चेक पोस्ट से चेतावनी दी गई तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी
स्वतन्त्रता दिवस के मद्दे नज़र भारत और पाकिस्तान के हवाई अड्डों पर हाई अलर्ट है|संभवत इसी चौकसी के चलते इस आत्मघाती हमले को विफल किया जा सका है| अब एयरबेस पर हालात काबू में बताये जा रहे हैं अभी तक इस हमले की जिम्मेदारी लेने के लिए कोई आतंकवादी संगठन आगे नहीं आया है|

भारत के ६६वे स्वतन्त्रता दिवस पर पाकिस्तान ने ५५ मछुआरे छोड़े

भारत के ६६वे स्वतंत्रता दिवस पर आज तोहफे के रूप में पाकिस्तान ने ५५ बंदी मछुआरों को लांडी जेल से आज़ाद किया |इनमे से अधिकाँश गुजरात से हैं |अभी भी वहां लगभग १०० कैदी हैं जबकि पाकिस्तान के इतने ही कैदी भारत की जेल में है|
गुजरात सरकार ने अभी हाल ही में मछुआरों को पाकिस्तान में कैद के दौरान १५०/=प्रति दिन भत्ता देने की घोषणा भी की गई है|

छुट्टी से किया इनकार तो सैनिक हुआ बगावत को तैयार

रक्षा सेवाओं में आये दिन असंतोष की खबरें मिल रही है |सेना के लिए खरीद हो या फिर छुट्टी का ही मामला हो खबरें बाहर आने लगी हैं| यहाँ तक की संसद में भी मामला उठने लगा है
राज्यसभा में भी मामला उठा जहां प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसे एक छोटी घटना बताया और कहा कि इसे तूल दिया गया है।
|सेना के जवानों और अधिकारियों के बीच झड़प का एक और मामला सामने आया है।
रक्षा मंत्री एके एंटनी ने सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह से इसका ब्योरा मांगा है।
आत्महत्या के बाद भड़के जवान :जम्मू कश्मीर के साम्बा में सेना की 16 कैवेलरी यूनिट के एक जवान तिरुवनंतपुरम के अरुण वी ने बुधवार को सर्विस रिवाल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। सूत्रों ने कहा कि जवान ने घर जाने के लिए छुट्टी की अर्जी दी थी जिसे नामंजूर कर दिया कर दिया गया था।
उसके आत्महत्या करने से नाराज जवानों ने अफसरों के बंगले घेर लिए। तनाव को देखते हुए अतिरिक्त बल वहां भेजा गया है। 16 कैवेलरी के अफसरों को यूनिट और उनके घरों से वहां से फिलहाल हटा दिया गया है। मामले की कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए गए हैं। 14 माह में इस तरह की यह तीसरी घटना है।
समान घटनाएँ :
ल्द्धाक के न्योमा में जवानों से दुव्र्यवहार के बाद हुई झड़प में तीन अधिकारी और दो जवान घायल हो गए थे। ञ्च पिछले साल पंजाब में 45 कैवेलरी रेजीमेंट में प्रशिक्षण सत्र के दौरान जवानों-अफसरों की झड़प, 23 अफसरों और जवानों के खिलाफ जांच चल रही है।

अग्नि-दो मिसाइल का सफल प्रक्षेपण

ओडिशा तट के पास बंगाल की खाड़ी में व्हीलर द्वीप से गुरुवार को अग्नि-दो मिसाइल का सफल प्रक्षेपण किया गया।
मिसाइल सुबह पौने नौ बजे छोड़ी गई। यह परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। जमीन से जमीन पर मार करने वाली है। इसे पहले से ही सेना में शामिल किया जा चुका है इसकी 1 टन परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता है