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Category: Defence

अफजल गुरु को फांसी दिए जानी वाली फाईल अब २० दिसंबर के बाद खुलेगी : गृह मंत्री शिंदे

केन्द्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने आज आश्वासन दिया है कि अफजल गुरू और छह अन्य की दया याचिकाओं से जुड़ी फाइलों पर २० दिसंबर के बाद जरूर गौर करेंगे। उन्होंने बी एस ऍफ़ के एक कार्यक्रम के इतर संवाददाताओं से कहा कि मेरे पास गौर करने के लिए दया याचिकाओं से जुड़ी सात फाइलें हैं। मैं संसद सत्र के बाद ये फाइलें देखूंगा। संसद का शीतकालीन सत्र 20 दिसंबर तक चलेगा।। वर्ष 2001 में संसद पर हुए आतंकी हमले में अफजल को अदालत ने दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी।संसद पर हमले का मास्टरमाइंड अफजल गुरु पिछले 11 साल से तिहाड़ जेल के एक अति सुरक्षित सेल में कैद है
पिछले दिनों 26/11 के पाकिस्तानी आतंकी आमिर अजमल कसाब को पुणे के यरवदा जेल में 21 नवम्बर को फांसी पर लटका दिया गया था, जिसके बाद से अफजल गुरु को भी जल्दी फांसी देने की मांग तेज हो गई है।
गुरू की दया याचिका राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा गृह मंत्रालय को समीक्षा के लिए वापस भेजी गई है। उन्हें 2001 के संसद हमले के मामले में मौत की सजा दी गई है। इस हमले में जवानों सहित नौ लोगों की मौत हुई थी और 16 घायल हुए थे।
इसके इतर सीमा सुरक्षा बल के 47वें स्थापना दिवस समारोह के मौके पर जवानों को संबोधित करते हुए शिंदे ने बल में प्रशिक्षण के उच्चस्तर की प्रशंसा की और कहा कि सरकार कौशल सुधार के लिए हरसंभव मदद सुनिश्चित करेगी।श्री शिंदे ने कहा कि मुझे पता है कि बीएसएफ जवान कठिन परिस्थितियों और परिवार से दूर रहकर काम करते हैं। सैनिक आतंकवाद विरोधी, नक्सल विरोधी, आपदा प्रबंधन, सीमा प्रबंधन और संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के लिए तैनात हैं। हमें सभी मोर्चों

अफजल गुरु को फांसी दिए जानी वाली फाईल अब २० दिसंबर के बाद खुलेगी : गृह मंत्री शिंदे

पर अच्छे परिणाम मिले हैं। बीएसएफ का स्थापना दिवस समारोह एक दिसंबर को होना था लेकिन 30 नवंबर को पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के निधन के बाद यह समारोह आज आयोजित किया गया।

रिटायर्ड विंग कमांडर को सी बी आई ने सरकारी गोपनीयता कानून का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया

सीबीआइ ने वायुसेना के सेवानिवृत्त विंग कमांडर कोका राव को गिरफ्तार किया है। रक्षा क्षेत्र से जुड़े गोपनीय दस्तावेज रखने और सरकारी गोपनीयता कानून का उल्लंघन कर उन्हें विदेशी नागरिकों को देने का आरोप लगाया गया है। सीबीआइ ने आज शुक्रवार को दिल्ली की एक अदालत में हथियारों के कारोबारी अभिषेक वर्मा+उसकी पत्नी और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया ।
वर्मा और उसकी पत्नी के अलावा जिस शख्स के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया गया वह भारतीय वायुसेना के पूर्व विंग कमांडर कोका राव हैं । सीबीआई ने कल रात को ही राव को गिरफ्तार किया और अदालत में पेशी के बाद उन्हें मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट विद्या प्रकाश ने 14 दिन के लिये न्यायिक हिरासत में भेज दिया ।
गोपनीय दस्तावेजों को लीक करने के आरोप में राव को गिरफ्तार किया गया ।
सीएमएम प्रकाश ने आरोप-पत्र का संज्ञान लिया और इसके साथ लगे दस्तावेजों की पड़ताल के लिए 11 दिसंबर की तारीख तय कर दी ।
सीबीआई ने 28 अगस्त को श्री वर्मा और उसकी रोमानियाई पत्नी एंका मारिया नियाक्सू के खिलाफ मामला दर्ज किया था । रक्षा मंत्रालय की ओर से की गयी शिकायत पर सरकारी गोपनीयता कानून के तहत दर्ज मामले में दोनों अभी जेल में हैं|

रिटायर्ड विंग कमांडर को सी बी आई ने सरकारी गोपनीयता कानून का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया

एन सी सी की ७२ बटालियन के नए कार्यालय का उदघाटन हुआ

७२ उत्तर प्रदेश बटालियन एन सी सी कार्यालय का ग्रुप कमांडर कर्नल दीपक कपाडिया ने आज सोमवार को फीता काट कर उद्घाटन किया मेरठ कंकर खेडा के डिफेन्स एन्क्लेव स्थित इस नए कार्यालय में कर्नल एस एस पुंडीर ने हवन कराया|कर्नल डी एस परमार[७० उ प]+कर्नल वीरेंदर तोमर[७१ उ प]+कर्नल विनोद कुमार[३ उ प आरटी]+कर्नल एहलावत+कर्नल सह्रावन के साथ रिटायर्ड ब्रिगेडियर रमेश चन्द्र ने भी भाग लिया|मेजर सुनील शर्मा+एस मलिक+नरेन्द्र कुमार+दीपक शर्मा+संजीव+राजेश शर्मा आदि भी उपस्थित थे|

एन सी सी की ७२ बटालियन के नए कार्यालय का उदघाटन

पाकिस्तानी वरिष्ठ पत्रकार हामिद मीर आतंकवादी हमले में बाल बाल बचे

आतंकवाद से पीड़ित पाकिस्तान में अब राजनीतिकों के साथ पत्रकारों को भी निशाना बनाया जाने लगा है|ऐसे ही एक हमले में वरिष्ठ पत्रकार हामिद मीर आज बाल-बाल बचे।पाकिस्तान न्यूज चैनल के संपादक हामिद मीर की कार के नीचे आतंकियों ने आधा किलो बम प्लांट किया|आतंकियों ने बम को उस वक्त प्लांट किया जब हामिद मीर बाजार गए थे गनीमत यह रही कि समय रहते ही हामिद मीर के ड्राइवर ने इस बम को देख लिया। । हामिद जियो न्यूज के संपादक हैं और उन्हें पाकिस्तान की पत्रकारिता का सबसे बड़ा चेहरा माने जाता है। पाकिस्तान सुरक्षा एजेंसियों ने बम को डीफ्यूज कर दिया।
हामिद पाकिस्तानी पत्रकारिता का सबसे जाना पहचाना चेहरा रहे हैं इसलिए आतंकियों की मंशा को साफ समझा जा सकता है हामिद मीर पिछले कई सालों से आतंकवादियों के निशाने पर रहे हैं. सरकार की जनविरोधी नीतियों का खुल कर विरोध करने वाले हामिद मीर दुनिया के अकेले पत्रकार हैं, जिन्होंने 9/11 के बाद कई बार
ओसामा बिन लादेन का इंटरवियु लिया था 46 वर्षीय हामिद मीर पिछले कई सालों से मीडिया में सक्रिय हैं और उन्होंने कई महत्वपूर्ण रिपोर्टिंग की है
इस घटना के बाद हामिद मीर ने कहा है कि दहशत के सहारे उन्हें डराने की कोशिश पहले भी हुई है लेकिन वे अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटेंगे. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में लोकतंत्र को बचाने की उनकी कोशिश जारी रहेगी. हामिद मीर पर इससे पहले भी कई बार हमले की कोशिश हुई हैं. यहां तक कि उनके परिवारजनों को भी निशाना बनाया गया है.

सुपरसोनिक इंटरसेप्टर मिसाइल का परीक्षण सफल हुआ

दुश्मन के बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही ध्वस्त करने के लिए भारत ने सुपरसोनिक इंटरसेप्टर मिसाइल का सफल परीक्षण किया। भारत में निर्मित यह मिसाइल दुश्मन के बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही ध्वस्त करने में सक्षम है। यह परीक्षण ओडिशा के तट पर किया गया।
डीआरडीओ के अनुसार यह महत्वपूर्ण परीक्षण दोपहर 12 बजकर 52 मिनट पर हुआ। इंटरसेप्टर मिसाइल ने करीब 15 किलोमीटर की उंचाई पर सफलतापूर्वक लक्षित मिसाइल को नष्ट कर दिया।चांदीपुर से करीब 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इंटरसेप्टर ने रडार से संकेत मिलते ही करीब चार मिनट के अंदर हवा में ही दागी गई मिसाइल को नष्ट कर दिया।

सुपरसोनिक इंटरसेप्टर मिसाइल का परीक्षण सफल हुआ


इस इंटरसेप्टर मिसाइल की लंबाई 7.5 मीटर है और यह अत्याधुनिक कम्प्यूटरों और नेविगेशन सिस्टम से लैस है। यह इस प्रणाली का दूसरा परिक्षण था और फ़रवरी में किया गया इसका पहला परिक्षण भी सफल रहा था।
इस दौरान एक इलेक्ट्रानिक लक्ष्य को प्रक्षेपित किया गया जिसे रडार द्वारा चिन्हित किया गया। इसके बाद मिसाइल को प्रक्षेपित किया गया, जिसने सफलतापूर्वक लक्ष्य को भेद दिया। अडवांस्ड एयर डिफेंस मिसाइल (एएडी) नाम की इस सुपरसोनिक मिसाइल का यह आठवां परीक्षण था। सबसे पहले इसका परीक्षण 2006 में हुआ था। इसके सभी परीक्षणों में से एक कामयाब नहीं था।
भारत के अलावा इस तरह प्रणाली अमेरिका, रूस और इस्राइल ने ही विकसित की है जब कि चीन इस तरह का विकास कार्यक्रम चला रहा है। भारत के एंटी मिसाइल विकास कार्यक्रम में इस्राइल का अहम योगदान है जिसके ग्रीनपाइन रेडार की बदौलत अडवांस्ड एयर डिफेंस (एएडी) मिसाइल प्रणाली के अब तक आठ परीक्षण किए गए हैं।
चीन और पाकिस्तान के अलावा अब आतंकवादी संगठनों से मिसाइल हमलों के खतरों को देखते हुए मिसाइल रोधी प्रणाली की जरूरत पैदा हुई है। हाल ही में हमास और इजराइल के बीच लड़ाई के दौरान इजराइल की ऐसी ही रक्षा प्रणाली ऑयरन डोम काफी कारगर साबित हुई थी। ऑयरन डोम ने गाजा पट्टी से इजराइल पर दागे गए 300 से अधिक रॉकेटों को हवा में ही नष्ट कर दिया भविष्य में यदि भारत पर इस तरह का कोई मिसाइल या रॉकेट हमला होता है तो हमारी अपनी बनाई हुई यह प्रणाली अहम साबित होगी।

केजरीवाल ने २६/११ में घायल कमांडो के ड्यूज के भुगतान का मुद्दा उठा कर सरकार को घेरा

करप्शन के मुद्दे पर राजनीति में कूदने वाले अरविंद केजरीवाल अपने ‘पोल खोल’ अभियान के बाद आज गुरुवार को एक नया मोर्चा खोल कर केंद्र सरकार को नई चुनौती दे दी है| आज उन्होंने २६/११ के मुंबई अटैक में घायल हुए एनएसजी कमांडोज के साथ नाइंसाफी का मुद्दा उठाया। केजरीवाल ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 26/11 में घायल हुए एनएसजी के कमांडो सुरेंद्र सिंह को न तो पेंशन दी और न ही इलाज का खर्च ही दिया गया है|। केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार के साथ-साथ बीजेपी को भी सवालों के घेरे में लिया| सरकार ने इन आरोपों से इंकार किया और कमाडो के साथ न्याय का आश्वासन दोहराया है| २६/११ के एक हमलावर कसाब को फांसी देने के साथ उनसे लड़ने वाले कमांडो की अनदेखी का यह मुद्दा उठा कर केजरीवाल पुनः चर्चा में आ गए हैं|

केजरीवाल ने २६/११ में घायल कमांडो के ड्यूज के भुगतान का मुद्दा उठा कर सरकार को घेरा


[१]- रोहन मोटर्स ने मदद के लिए जो 2 लाख रुपये दिए थे यह चेक कभी सुरेंद्र सिंह को नहीं मिला।
[२]-2010 में बीजेपी के प्रकाश जावेड़कर ने एक टीवी प्रोग्राम में आश्वासन दिया था कि बीजेपी इस मुद्दे को संसद में उठाएगी।मगर बाद में इसे भुला दिया गया
[३]सरकार कह रही है कि सुरेंद्र को उनकी पेंशन बहाल किए जाने की जानकारी 16 नवंबर को फोन पर दे दी गई थी।क्या इसके लिए किसी कागज की जरूरत नहीं होती है?
[४] सरकार का दावा है कि प्रति माह २५०००/=पेंशन दिए जा रहे है-क्या सरकार इसे साबित कर सकती है अगर यह साबित नहीं हो पाता तो देश को गुमराह करने के लिए कौन इस्तीफा देगा?
[५]-सरकार बड़ी बेशर्मी से देश को गुमराह कर रही है। 31 लाख रुपये 11 घायलों को दिए गए हैं। सुरेंद्र सिंह को इसमें से कुछ नहीं दिया गया। सुरेंद्र सिंह को केवल 2.5 लाख रुपये मिले हैं।
[६] 2 अप्रैल 2009 को एक लाख ग्यारह हजार एक सौ ग्यारह रुपये का चेक (चेक नंबर 554122) प्रियदर्शिनी विकास मंडल, थाणे, मुंबई द्वारा कमांडो की सहायता के लिए भेंट किया गया था, लेकिन यह धनराशि कहां गई इसका कोई रेकॉर्ड नहीं है।
[७]-अलग-अलग लोगों या संस्थाओं द्वारा जारी किए गए इस प्रकार के 11 और चेकों की फोटोकॉपी फाइलों में लगी हुई है। किसी भी कमांडो को इसकी जानकारी तक नहीं है, पैसा मिलना तो बहुत दूर की बात है।
[८]-भारतीट क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने सभी घायल एनएसजी कमांडो के लिए सात लाख रुपये की मदद भेजी थी, लेकिन उसका वितरण भी नहीं हुआ। फिर कहां गए वे पैसे?[९]-एनएसजी के खर्च के ब्योरे में से 61,000 रुपये का खर्च किसी हेमराज के इलाज में दिखलाया गया है। सेना में हर तरह के इलाज का खर्च सरकार उठाती है। वह एनएसजी के फंड में शामिल नहीं होता। ऑपरेशन में इस नाम का कोई भी कमांडो शामिल नहीं था।
उधर सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने इन आरोपों को तत्काल नकार दिया| उन्होंने प्रेस को बताया कि कमांडों को २५०००/=की पेंशन दी जा रही है|

कसाब को फांसी देकर भारत ने २६/११ के शहीदों को श्रधान्जली दी और आतंकवाद के विरुद्ध जंग की वचनबद्धता दोहराई

पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल आमिर कसाब को फांसी दे दी गई है। कसाब 26/11 मुंबई अटैक के एक मात्र पकडे गया जीवित गुनहगार था| कसाब को मुंबई की ऑर्थर रोड जेल से पुणे की यरवदा जेल में शिफ्ट कर बुधवार सुबह 7.30 बजे फांसी पर लटकाया गया। फांसी के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।यह 26/11 के हमले में मारे गए निर्दोष लोगों और शहीद ऑफिसर्स के लिए श्रद्धांजलि है और आतंक वाद के विरुद्ध भारत की लड़ाई के प्रति प्रतिबद्धता का प्रदर्शन भी है|
केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे के अनुसार गृह मंत्रालय ने 23 अक्टूबर को ही राष्ट्रपति से सिफारिश की थी कि कसाब की दया याचिका को खारिज कर दिया जाए। इसके बाद 5 नवंबर को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने कसाब की दया याचिका को खारिज कर दिया। शिंदे ने बताया कि 8 नवंबर को ही यह तय हो गया था कि कसाब को 12 तारीख को फांसी दे दी जाए। इस बारे में महाराष्ट्र सरकार को उसी दिन जानकारी दे दी गई थी।

कसाब को फांसी देकर भारत ने २६/११ के शहीदों को श्रधान्जली दी और आतंकवाद के विरुद्ध जंग की वचनबद्धता दोहराई


इसी उद्देश्य की पूर्ती के लिए मंगलवार को कसाब को मुंबई की ऑर्थर रोड जेल से पुणे की यरवदा जेल में गुपचुप तरीके से शिफ्ट कर दिया गया था। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि यरवदा जेल में फांसी देने का इंतजाम है। उसकी फांसी बुधवार सुबह साढ़े सात बजे तय की गई थी, जिसे तय समय पर अंजाम दे दिया गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्री शिंदे ने कहा कि पूरी प्रक्रिया के बाद सुबह 7.30 मिनट पर यरवदा जेल में कसाब को फांसी दे दी गई। उन्होंने कहा, ‘पूरी दुनिया के सामने कसाब का अपराध साबित हुआ और आखिरकार उसे फांसी दे दी गई। ।’
कसाब की डेड बॉडी का क्या किया जाएगा? केंद्रीय गृह मंत्री के मुताबिक इस बारे में पहले ही पाकिस्तान को लेटर भेजा गया था, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। कसाब को फांसी देने के बाद पाकिस्तान को दोबारा एक फैक्स भेजकर कसाब को फांसी दिए जाने की जानकारी दी गई है। शिंदे के मुताबिक अगर पाकिस्तान सरकार की तरफ से कसाब का शरीर लिए जाने का अनुरोध आता है, तब इस पर विचार किया जाएगा।
गौरतलब है कि कसाब उन 10 पाकिस्तानी आतंकियों में से एक था, जिन्होंने समंदर के रास्ते मुंबई में दाखिल होकर 26/11 हमले को अंजाम दिया था। इस हमले में 166 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हो गए थे। हमला करने से पहले इन आतंकियों ने गुजरात कोस्ट से एक भारतीय बोट को हाइजैक करके उसके कैप्टन को भी मार दिया था।
कसाब ने सितंबर में राष्ट्रपति के पास दया याचिका भेजी थी। इससे पहले 29 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले को बेहद ‘रेयर’ बताकर कसाब की फांसी की सजा पर मुहर लगा दी थी। जस्टिस आफताब आलम और सी. के. प्रसाद ने मुंबई हमले में पकड़े गए एक मात्र जिंदा आतंकी कसाब के बारे में कहा था कि जेल में उसने पश्चाताप या सुधार के कोई संकेत नहीं दिखाए। वह खुद को हीरो और देशभक्त पाकिस्तानी बताता था। ऐसे में कोर्ट ने माना था कि कसाब के लिए फांसी ही एकमात्र सजा है।
इससे पूर्व संयुक्त राष्ट्र महा सभा में भारत ने फांसी की सज़ा के पक्ष में मतदान करके यह साबित कर दिया था कि भारत देश में क़ानून व्यवस्था को तय करने के अपने अधिकार को सुरक्षित रखना चाहता है| इस मतदान के तत्काल पश्चात कसाब को को फांसी देकर यह भी सन्देश दे दिया गया है कि भारत कानून का पालक है और एक सॉफ्ट स्टेट कतई नहीं है|

भारत अब थाईलेंड में आतंकवाद के विरुद्ध अभियान में सहायता प्रदान करेगा

भारत अब थाईलेंड में आतंकवाद के विरुद्ध अभियान में सहायता प्रदान करेगा

आतंक वाद का दंश झेल रहा भारत अब थाईलेंड में आतंकवाद के विरुद्ध अभियान में सहायता प्रदान करेगा|यह आश्वासन सोमवार को भारत के प्रधान मंत्री डाक्टर मन मोहन सिंह ने थाई पी एम् यिंग्लिक शिनावात्रा को दिया|कम्बोडिया में जरी आसियान देशों की शिखर वार्ता में भारत और थाई पी एम् की मुलाक़ात हुई जिसमे थाई पी एम् ने अपने देश में छाए आतंकवाद का जिक्र किया और मदद माँगी इसके जवाब में भारतीय पी एम् ने सकारात्मक उत्तर देते हुए हर संभव सहयोग का आश्वासन अपने काउंटर पार्ट को दिया|इसके साथ ही दोनों देशों में आर्तिक सहयोग बढाने पर भी चर्चा हुई

अफगानिस्तान की स्थिरता के लिए डाक्टर मनमोहन सिंह ने सहयोग के भारतीय दृष्टिकोण को दोहराया

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज सोमवार को अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई को भारत का घनिष्ठ मित्र और द्विपक्षीय सम्बंधों का प्रबल समर्थक बताया। आतंकवाद की आग मे बर्बादी के कगार पर पहुँच चुके अफगानिस्तान को एक स्थिर,+ मजबूत,+ एकजुट,+ सम्प्रभु और समृद्ध राष्ट्र की डगर पर ले जाने के लिए पूर्ण आर्थिक सहयोग के भारतीय दृष्टिकोण को दोहराया है।
मनमोहन सिंह ने करजई के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी बातचीत में बीते वर्ष में हुए रणनीतिक साझेदारी समझौते के क्रियान्वयन में हुई प्रगति की समीक्षा की और समझौते में निर्धारित दृष्टिकोण के अनुसार सहयोग बढ़ाने पर बचनबद्धता दोहराई।प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को कहा कि भारत स्थिर, मजबूत और समृद्ध अफगानिस्तान चाहता है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने सहयोग बढ़ाने का निश्चय किया है, खासतौर से कृषि, लघु व्यापार और खनन में.मनमोहन सिंह ने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई के साथ संयुक्त बयान में कहा, ‘राष्ट्रपति करजई कोई बेगाने नहीं हैं, वह लंबे समय से घनिष्ठ मित्र हैं.’मनमोहन ने कहा कि [१]भारत ने क्षमता निर्माण के लिए अफगानिस्तान को दो अरब डॉलर का एक सहायता कार्यक्रम मुहैया कराया है और सोमवार को हस्ताक्षरित होने वाले सहमति पत्र से अफगानिस्तान के लोगों के सामाजिक-आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए [२]लघु विकास परियोजनाओं का तीसरा चरण शुरू होगा.मनमोहन ने कहा कि दोनों नेताओं ने ”एक रणनीतिक आर्थिक साझेदारी विकसित करने की आवश्यकता पर चर्चा की, जो हमारे [३]आपसी लाभ के आर्थिक सहयोग पर विकसित होगा।”दोनों पक्षों ने अफगानिस्तान में और अफगानिस्तान के चारों ओर सुरक्षा और राजनीतिक हालात में हुए बदलाव पर भी चर्चा की।[4] रक्षा मामलों से जुड़े एक समझौते के अनुसार 100−100 के बैच में अफगान टुकड़ियों को ट्रेनिंग दी जाएगी जो भारत में ही होगी [5]अफगानिस्तान की फौज की मदद के लिए भारत आईटी उपकरण और छोटी गाड़ियां भी देगा. प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति करजई से यह भी कहा कि ”हमें विश्वास है कि अफगानिस्तान का क्षेत्रीय आर्थिक जुड़ाव इस पूरे क्षेत्र की समृद्धि और स्थिरता में योगदान करेगा।”
.करजई को सोमवार को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया, जहां राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी मौजूद थे.
संयुक्त संवादाता सम्मलेन में प्रधानमंत्री ने कहा, ”मुझे विश्वास है कि राष्ट्रपति करजई का मौजूदा दौरा हमारे दोनों देशों के बीच शानदार रिश्ते को और मजबूत बनाएगा।
करजई ने कहा कि , “अफगानिस्तान में निवेश की सम्भावना आज कहीं अधिक है और यह अपने मित्रों से निवेश प्राप्त करने का इच्छुक है।”अफगानिस्तान में पुनर्निर्माण तथा विकास के कार्यो के लिए भारत की प्रशंसा करते हुए करजई ने कहा, “भारतीय विशेषज्ञ अफगानिस्तान में पुनर्निर्माण के कार्य में जुटे हैं। भारत ने हमारे देश में करीब दो अरब डॉलर का विकास कार्य किया है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक विकास तथा रक्षा शामिल है।” उन्होंने कहा, “अफगानिस्तान की सरकार भारत के लोगों के प्रति गहरी कृतज्ञता जताती है, जिन्होंने पिछले कई वर्षो में अफगानिस्तान में भरोसा दिखाया है।” उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बड़ी हस्ती हैं। अफगानिस्तान के लोगों को मजबूत बनाने तथा प्रोत्साहित करने में उनका महत्वूपर्ण योगदान है।”

ऐ के एंटोनी अब रक्षा सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए जूझ रहे हैं

रक्षा मंत्री ऐ के एंटोनी ने बेशक अपने राज्य मंत्री कटारिया को अपने मंत्रालय से हटवाने में सफलता प्राप्त कर ली है मगर आज कल सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण के लिए 40 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट के लिए फिर से जूझना पड़ रहा है|
एंटनी ने गुरुवार को कहा कि उन्हें सरकार द्वारा आवंटित 1.93 लाख करोड़ रुपये का बजट हासिल करने तक के लिए जूझना पड़ रहा है।
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें उनके मंत्रालय द्वारा सेना के तीनों अंगों के आधुनिकीकरण के लिए मांगा गया 40 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट मिलने की उम्मीद है, एंटनी ने संवाददाताओं से कहा कि मुझे अभी बजट की राशि के लिए भी जूझना पड़ रहा है।
एंटनी रक्षा संचार तंत्र पर सेना के एक सेमिनार से इतर संवाददाताओं से बात कर रहे थे। रक्षा मंत्री ने हालांकि, यह कहकर रक्षा बजट में किसी कटौती की संभावना से इनकार किया, ये सभी अफवाहें हैं। हमारा मंत्रालय प्रक्रियाओं से समझौता किए बिना (आधुनिकीकरण की प्रक्रिया को) तेज करने का प्रयास कर रहा है।
गौरतलब है कि रक्षा मंत्रालय को चालू वित्त वर्ष के बजट में 1.93 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त तीनों सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए 40 हजार करोड़ रुपये की मांग भी की गई है।
टाट्रा ट्रक मामले में कार्रवाई किए जाने के बारे में पूछे जाने पर रक्षामंत्री ने कहा कि समूची चीज

ऐ के एंटोनी

सी बीआई के पास है और जांच जारी है। बेहतर होगा कि आप सीबीआई से पूछें।