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Category: Economy

मारुति के मानेसर प्लांट के ताले २१ अगस्त को खुल जायेंगे

हरियाणा के मानेसर में मारुति सुजुकी के प्रबंधन द्वारा ५०० कर्मचारियों को बर्खास्तगी का नोटिस जारी करके २१ अगस्त को कंपनी की तालाबंदी को समाप्त करने की घोषणा कर दी है|अब २१ अगस्त से यहाँ वाहनों का प्रोडक्शन शुरू कर दिया जाएगा|
गौरतलब है कि १८ जुलाई को स्टाफ असंतोष के कारण कंपनी में हिंसा भड़क उठी थी| एक वरिष्ठ अधिकारी मारा गया और फेक्ट्री में आग लगा दी गई थी|तभी से कंपनी में ताला बंदी चल रही है| कंपनी के भारतीय और जापानी प्रबंधकों ने सुरक्षा से समझौता करने से मना कर दिया था| हरियाणा सरकार और आस पास के ग्रामीण छेत्रों की पंचायतों द्वारा सुरक्षा प्रदान किये जाने के आश्वासन के पश्चात अब कंपनी का ताला २१ अगस्त को खोलने पर सहमती बनी है|
मारुति सुजुकी के अध्यक्ष आर सी भार्गव और जापान से आये प्रबंध निदेशक शिंजो नाकानिशो ने इस बाबत घोषणा करते हुए २००० अस्थाई कर्मियों को स्थाई किये जाने का भी आश्वासन दिया

एवियेशन फियुल में ३.२%बढोत्तरी

विमान ईंधन की कीमतों में ३.२ % बढोत्तरी कर दी गई है अब दिल्लीमे ऐ टी ऍफ़ [विमान ईंधन]की कीमत ६७१३५.७६ प्रति किलो लीटर हो गई है|
तेल कंपनियों द्वारा माह में दो बार कीमतों का आंकलन किया जाता है और अन्तराष्ट्रीय बाज़ार के उतार चडाव के मद्द्य नज़र देश में रेट्स तय किया जाते हैं | बीते माह से लेकर अब तक ५९६६/=प्रति किलो लीटर दाम बडाये जा चुके हैं|

बाज़ार में शुरुआती मायूसी

आज सुबह के शुरुआती दौर में भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट देखी गई है|
बी एस ई सेंसेक्स ८.९८ पाईन्ट्स गिर कर १७७१९.२२ पर मायूस दिखाई दिया जबकि
निफ्टी २ अंक नीचे आ कर ५३७८.३५ पर दिखाई दिया

कारोबारी अंतिम घंटे में शुरुआती सुस्ती उतारी

शुरुआती सुस्ती को उतार कर अंतिम दौर की लिवाली ३० शेयरों वाला सेंसेक्स ७६ अंकों की बडत ले गया कारोबारी अंतिम घंटे में ०.४३%की बडत के साथ १७६३३.४५ अंकों पर बंद हुआ |

बाज़ार में शुरूआती सुस्ती का रुख

बाज़ार में आज सेंसेक्स ६ अंक गिरकर १७५५२ और निफ्टी ४ अंक गिर कर ५३१६ पर खुले ओ एन जी सी +मारुति सुजुकी[२%]+संफार्मा[१%]में मजबूती देखी जा रही है|किंग फिशर एयर लाईन्स [१%]गोदरेज[१.५%]गिरावट देखी गई है|

डालर के मुकाबिले रूपया ५५.२८ पर पहुंचा

भारतीय रुपया आज डालर के मुकाबिले ५५.२८ पर बंद हुआ
यधपि डालर की डिमांड बड़ी थी मगर मिड सेशन में दुलार की बिक्री बढने से रुपया संभल गया

गूगल पर सवा दो करोड़ डालर का जुर्माना

इंटरनेट कंपनी गूगल पर सवा दो करोड़ डालर का जुर्माना लगाया गया है|
अपने उपभोक्ताओं के साथ किए गए गोपनीय करार के उलंघन मामले में यह जुर्माना भरना पड़ेगा।
गूगल पर ये जुर्माना उन उपभोक्ताओं को दिए गए वायदे के उल्लंघन के तौर पर लगाया गया है जो सफारी वेब ब्राउजर का इस्तेमाल कर रहे थे।
कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के कुछ शोधकर्ताओं ने कमीशन से शिकायत कर आरोप लगाया था कि गूगल सफारी वेब ब्राउजर का इस्तेमाल करने वाले दूसरे यूजर्स की इंटरनेट गतिविधियों पर नजर रख रखी है। उनका आरोप था कि गूगल ने इसके लिए विशेष वेब ब्राउजर के ग्राहकों से अनुमति नहीं ली थी।
गूगल ने ग्राहकों से वायदा कर रखा था कि ग्राहकों की गतिविधियों को गुप्त रखा जाएगा, लेकिन ऐसे में सूचनाएं सार्वजनिक हो रही है। यह अमेरिकी फेडरल ट्रेड कमीशन के इतिहास में लगाया गया सबसे बड़ा जुर्माना है।

पेट्रोल की कीमत फिर लगा सकती है आग

पेट्रोल की कीमतें एक बार फिर से आग भड़का सकती हैं|
ऑयल कंपनियों को हो रहे घाटे के बीच इंडियन ऑयल का कहना है कि उसे पेट्रोल बेचने में 1.37 रुपये प्रति लीटर की दर से घाटा हो रहा है। ऐसे में कंपनी जल्द ही पेट्रोल की कीमतों को बढ़ा सकती है।अनुमान के मुताबिक़ लीटर पर १.५० का इजाफा हो सकता है|
तेल को लेकर हो रहे घाटे का असर कंपनियों के तिमाही परिणामों में भी देखने को मिल रहा है। सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी ऑयल मार्केटिंग कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) द्वारा इस वर्ष पहली तिमाही में 22,451 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज़ कराया गया है|
कंपनी के इतिहास में यह किसी तिमाही का सबसे बड़ा घाटा है। इससे पहले वर्ष 2011-12 की पहली तिमाही में कंपनी को 7,485 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान पर पहुंचने, समय पर पेट्रोल की कीमत नहीं बढ़ा पाने और लागत से कम कीमत पर बिक रहे ईंधन के घाटे की सरकार से समय पर भरपाई नहीं होने से कंपनी को इतना ज्यादा नुकसान हुआ है।
हर बार की तरह तेल कंपनियों ने एक बार फिर अंतराष्‍ट्रीय बाजार में कीमत बढ़ने का रोना रोया है। तेल कंपनियां हर महीने की पहली और 16 तारीख को पखवाड़े के औसत आयात मूल्य के हिसाब से तेल मूल्यों की समीक्षा करती हैं। फिलहाल डीजल, रसोई गैस और मिट्टी तेल पर सरकार का नियंत्रण है।
एयर इंडिया पर बकाया
सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया पर आयल कंपनी का पुराना बकाया १.२२८ करोड़ रुपये जिसपर ३.९६ करोड़ ब्याज बताया जा रहा है|इसके अलावा नया बकाया ३९० करोड़ और उस पर ब्याज ६४ करोड़ का ब्याज हो गया है|
संभवत इसीकारण अब कंपनी को सरकारी नियंत्रण में लौटाने के लिए कवायद भी चल रही है |सरकार ने जबसे पेट्रोल को सरकारी बंधन नसे मुक्त किया गया है तभी से इसे चलाना मुश्किल होता जा रहा है

आउट सोर्सिंग नहीं अमेरिका में ही रोज़गार के अवसर मुहैया करवाना है=बराक

आउट सोर्सिंग का विरोध करके अपने विपक्षी से आगे आने की होड़ में लगे राष्ट्रपति बराक ओबामा ने आज विपक्षी उम्मीदवार मिट रोमनी पर आउट सोर्सिंग करने वाली कंपनियों के साथ सांठ गाँठ का आरोप लगाया है\
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि वह देश में रोजगार के अवसर पैदा करने के पक्ष में हैं न कि चीन जैसे देशों को नौकरी स्थानांतरित करने के पक्ष में।उनका मुख्य उद्देश्य अमेरिका में ही रोज़गार के अवसर मुहैया करवाना है|
कोलोरैडो प्रांत में लगातार दूसरे दिन प्रचार अभियान के दौरान ओबामा ने रोमनी पर मैसेच्यूट्स में गवर्नर रहते हुए और निजी क्षेत्र में काम करने के दौरान नौकरियों की आउटसोर्सिंग करने का आरोप लगाया। ओबामा ने अपने भाषण में कहा, ‘गवर्नर रोमनी अपने निजी क्षेत्र के अनुभव के बारे में शेखी बघारते हैं, लेकिन उन्होंने ऐसी कंपनियों में निवेश किया जिनमें से कुछ आउटसोर्सिंग की दिग्गज कंपनियां हैं।
मैं आउटसोर्सिंग में अग्रणी नहीं होना चाहता बल्कि देश में ही रोजगार के अवसर पैदा करना चाहता हूं।’
ओबामा ने कहा, ‘मैं ऐसी कंपनियों को कर रियायतें रोकना चाहता हूं जो नौकरियां देश से बाहर भेज रही हैं। हम ऐसी कंपनियों को कर रियायतें दें जो अमेरिका में निवेश कर रही हैं, अमेरिकी कर्मचारियों के साथ अमेरिकी उत्पाद बना रही हैं और दुनियाभर में उन्हें बेच रही हैं।’इससे पहले भी कई बार बराक ऐसे ही उपाय सुझाते आये हैं लेकिन पूर्व में इस मुद्दे पर हाउस में उन्हें बहुमत नहीं मिला था

बाजार में अंत तक हल्की गिरावट रही

गुरुवार को बाजार में अंत तक हल्की गिरावट रही
सेंसेक्स 19 अंक गिरकर 17581 पर और निफ्टी 9 अंक गिरकर 5329 पर बंद हुए। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर 0.2-0.4 फीसदी कमजोर हुए।
हालांकि बाजारों में शुरुआत अच्छी रही। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 100 अंक उछला। निफ्टी ने भी 5350 के ऊपर का रुख किया। इस उछाल की वजह रही एशियाई बाजारों में मजबूती बढ़ना। मगर, आईआईपी आंकड़े आने के बद बाजार में निराशा का माहौल बन गया।
जून में आईआईपी -1.8 फीसदी रही है, जो बाजार की उम्मीद से कहीं ज्यादा खराब है। दिग्गजों के साथ-साथ छोटे और मझोले शेयरों में भी सुस्ती दिखने लगी ।यूरोपीय बाजारों के मजबूती पर खुलने के बावजूद घरेलू बाजारों में सुस्त कारोबार जारी रहा। यूरोपीय बाजारों के फिसलने के बाद घरेलू बाजारों का हौसला टूट गया और सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में फिसले।
ऊपरी स्तरों से सेंसेक्स करीब 200 अंक और निफ्टी करीब 60 अंक टूटे। कारोबार के आखिर में टाटा मोटर्स और रैनबैक्सी के नतीजों ने निराश किया और बाजार गिरावट पर बंद हुए