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Category: Economy

भारत और पाकिस्तान में वीजा नियम आसान हुए

भारत और पाकिस्तान में आने जाने के लिए वीजा नियमों का आसान करने के लिए आज एक ऐतिहासिक समझौता हो गया है। भारत की ओर से विदेश मंत्री एस एम कृष्णा और पाकिस्तान की ओर से आंतरिक सुरक्षा मंत्री रहमान मलिक ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। श्री कृष्णा इन दिनों पाकिस्तान दौरे पर हैं। इस समझौते से आगे संबंधों को सुधारने का रास्ता साफ़ हो गया है|
विदेश मंत्री एस एम कृष्णा और पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार के बीच शनिवार को हुई बातचीत के बाद दोनों ओर से इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इससे पहले दोनों देशों के विदेश सचिवों की बैठक में ही वीजा समझौते के तहत 8 वर्ग के वीजा जारी करने पर सहमति बन गई थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस समझौते में वीजा के जिसमें आठ वर्ग शामिल किए गए हैं। ये हैं – राजनयिक, गैर राजनयिक, 36 घंटे का ट्रांजिट विजिट, ३० के ग्रुप को टूरिस्ट वीजा, सिविल सोसाइटी, मीडिया और ३ साल के लिए बिजनेस वीजा।
टूरिस्ट वीजा केवल पांच जगहों के लिए ही मान्य होगा। इसकी अवधि छह महीने के लिए होगी। इस बैठक में वीजा मसले के अलावा आतंकवाद और जम्मू कश्मीर के अलावा आर्थिक और व्यापारिक संबंधों पर भी चर्चा हुई।

इस अवसर पर राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने सभी भारतीय मछुआरों की पाकिस्तान जेलों से रिहाई के आदेश भी दे दिए|

महिलायें भी चलाएंगी उम्मीद की रिक्शा

पेट्रोल और डीजल के दानव से छुटकारे के लिए पर्यावरण फ्रेंडली तिपहिया वाहन पा कर दो बच्चों का लालन-पालन अकेले करने वाली एक अल्प आय वर्ग की मां गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की पहली इलेक्ट्रिक रिक्शा चालक बन गई।
केंद्रीय नवीन एवं नवीनीकरण ऊर्जा मंत्री फारूक अब्दुल्ला ने यहां कार्बन मुक्त तिपहिया वाहन 33 वर्षीया कोहिनूर को दिया
मालवीय नगर मेट्रो स्टेशन और साकेत में सेलेक्ट सिटी मॉल के बीच 12 ई-रिक्शा चलते हैं, जिनके सभी चालक पुरुष हैं।
इस अवसर पर श्री अब्दुल्ला ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ रही कीमत को देखते हुए इसकी बहुत आवश्यकता है।
उन्होंने कहा, ”उम्मीद है कि कोहिनूर की तरह और भी बहुत सी महिला ई-रिक्शा चलाना सीखेंगी, जिससे उन्हें घर का खर्च चलाने और अपने बच्चों को शिक्षा देने में मदद मिलेगी।”
वह जामिया एक्सटेंशन और जामिया मिलिया इस्लामिया के बीच तीन किलोमीटर ई-रिक्शा चलाएगी। इसके लिए वह प्रति यात्री किराया 10 रुपये लेगी। रिक्शा दो यात्रियों को ढो सकता है और इसकी गति 20 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
चालक को इसके लिए लाइसेंस की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि इसकी रफ्तार 25 किलोमीटर प्रति घंटे से कम होगी।
कोहिनूर तथा अन्य महिलाओं को ‘उम्मीद की रिक्शा’ योजना के तहत ये ई-रिक्शा दिए गए।

संसद का मानसून सत्र १७वे दिन भी सूखा ही रहा

कोयला ब्लॉक आवंटन पर भारतीय जनता पार्टी + पदोन्नति में आरक्षण के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के सदस्यों के हंगामे के बीच आज गुरुवार को संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्षी सदस्यों ने लगातार 17वें दिन संसद की कार्यवाही में बाधा पहुंचाई।कल [शुक्रवार] को सत्र का आखरी दिन है|
लोकसभा की कार्यवाही दोपहर बाद दिनभर के लिए जबकि राज्यसभा की कार्यवाही को पहले दोपहर दो बजे तक और फिर शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
इससे पहले सुबह ११ बजे तमिलनाडु के शिवकासी में एक पटाखा फैक्टरी अग्निकांड हादसे में मारे गए ४० लोगों की याद में राज्यसभा व लोकसभा दोनों सदनों में मौन रख कर श्रधान्जली अर्पित की गई|
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रोन्नति में आरक्षण बिल को लेकर कांग्रेस अब बीजेपी को मनाने की कोशिश में है।
इसके लिए गृहमंत्री और लोक सभा में कांग्रेस के नेता सुशील कुमार शिंदे ने आज [गुरुवार] को भाजपा नेता एल के आडवाणी के साथ मुलाकात की है। इस बैठक में सुषमा स्वराज और अरुण जेटली भी मौजूद थे। विपक्ष बार-बार आरोप लगा रहा है कि सरकार कोयला घोटाले से ध्यान हटाने के लिए ही यह बिल सदन में लेकर आई है।
मानसून सत्र कल [शुक्रवार] खत्म होने जा रहा है यदपि बसपा की मायावती और बिहार के लालू प्रसाद यादव सत्र बढाने की मांग कर रहें है यदि यह मांग पूरी नहीं होती तब यह विधेयक राज्यसभा की संपत्ति बन जाएगा।
राज्यसभा में पेश हुए विधेयकों की समय-सीमा खत्म होने का खतरा नहीं रहता|

Media Mousing Dr Manmohan Singh

British &American Media Is Vomiting Their Share Of Spit In The Form Of Ink To Build A Road To The Investments In India .
It May Be The Gallicism To Galley Under The Gaberdine Of Media
So They Have Criticized Indian P M Dr. Manmohan Singh & Politics
[1] Washinton Post Has Characterized Him A WEAK P M
[2]Time Magazine Has Rated Him Underachiever
[3]The Economist Sees Him Helpless
[4]The Independent Called him Puppet
[5] Moodiest Prophecy Is Lame Duck .
In The Election Campaigns The Ruling Party & Opposition Both In U S A
Are En cashing The Policy Of Economic Reforms With India Is It A Duel Faced Diplomacy ???

२२ भारतीयों सहित सिंगापुरके तेल टेंकर का अपहरण

नाईजीरियन कोस्टल एरिया में सिंगापुर के तेल वाहक जहाज का अपहरण कर लिया गया है इसमें २२ भारतीय नाविक भी सवार हैं|
समाचार एजेंसियों के अनुसार जहाज में गैसोलीन भरा था और नाविक दल के सभी सदस्य भारतीय थे। टैंकर बौनी बंदरगाह से अमेरिका जा रहा था।
प्रवक्ता ने बताया कि जहाज पर डाकुओं के चढ़ने के बाद चालक दल के सदस्यों ने उन्हें बताया कि वे एक कमरे में बंद हैं और इसके बाद उनसे सम्पर्क टूट गया।
यद्यपि घटना के समय को लेकर असमंजस है। समुद्री अधिकारियों के अनुसार यह घटना मंगलवार रात को हुई जबकि कम्पनी का कहना है कि डाकुओं ने बुधवार तड़के अपहरण किया।
अंतर्राष्ट्रीय समुद्री ब्यूरो (आईएमबी) ने कहा कि हथियारबंद समुद्री डाकू जहाज पर चढ़ गए और चालक दल पर हमला किया। ब्यूरो के अनुसार डाकुओं ने चालक दल को खुले समुद्र में जहाज ले चलने पर मजबूर किया।

अमेरिकी मीडिया ने आलोचना की और सरकार ने जताई भारत में निवेश की इच्छा

अमेरिकी मीडिया द्वारा भारत की लगातार आलोचना किये जाने के बावजूद सत्ता रूड़ डेमोक्रेट्स भारत में निवेश की इच्छा जता कर भारतीय अमेरिकियों के वोट हासिल करने की कौशिश में हैं| एक तरफ तो अमेरिकन मीडिया भारतीय राजनीति और शीर्ष न्रेतत्व का चीर हरण करने में लगा है तो दूसरी तरफ सत्तारूड़ डेमोक्रेट्स ने भारत के साथ दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी में निवेश जारी रखने का संकल्प लिया है,
कहा गया है कि और हम भारत के साथ दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी में निवेश लगातार जारी रखेंगे, ताकि क्षेत्रीय आर्थिक सहायक के रूप में सेवा देने और हिंद महासागर में सुरक्षा मुहैया कराने वाले सहायक के रूप में उसकी योग्यताओं को समर्थन दिया जा सके। भारत के साथ जारी रहेगी दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी डेमोक्रेट्स ने भारत के साथ दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी में निवेश जारी रखने का संकल्प लिया है बीते सप्ताह फ्लोरिडा के टैम्पा में मुख्य विपक्षी रिपब्लिकन पार्टी के सम्मेलन में स्वीकृत मंच ने भी भारत को एक भूराजनैतिक सहयोगी और एक रणनीतिक व्यापारिक साझेदार घोषित किया था।
इसके अलावा

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की पत्‍‌नी मिशेल ओबामा ने अपने पति बराक ओबामा की जमकर तारीफ की है

उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी को मध्यम वर्ग का हितैषी बताते हुए ओबामा को दोबारा मौका देने की पैरवी की है। वहीं, ओबामा के रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी को आड़े हाथों लेते हुए राष्ट्रपति की प्रचार टीम ने कहा कि उनके पास मध्यम वर्ग के लोगों की समझ नहीं है। ऐसे में उनके नेतृत्व में देश किस दिशा में जाएगा।
अमेरिका की प्रथम महिला ने धीमी गति से आर्थिक प्रगति और बढ़ती बेरोजगारी पर कहा, ‘हम सभी दूर की सोच रहे हैं। फिलहाल बदलाव कठिन है पर असंभव नहीं है| हम लक्ष्य को हासिल करके ही रहेंगे। उन्होंने यह बात मंगलवार को उत्तरी कैरोलिना के शारलॉट में पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में कही।
उन्होंने कहा, ‘ओबामा के लिए सफलता का मतलब यह नहीं है कि आपने कितना धन कमाया। बल्कि यह है कि लोगों के जीवन में कितना अंतर आया।’
उनका इशारा अरबपति रोमनी की ओर था। सम्मेलन का पहला दिन महिलाओं के नाम रहा। अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा [हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव] और कांग्रेस की दो दर्जन डेमोक्रेटिक सदस्य मंच पर मौजूद थीं। इस दौरान ओबामा द्वारा दुर्दात आतंकी ओसामा बिन लादेन को मारने के आदेश समेत उनके कार्यकाल की कई उपलब्धियों को गिनाया गया। गुरुवार को सम्मेलन का समापन होगा जिसमें आधिकारिक रूप से डेमोक्रेटिक उम्मीदवार बराक ओबामा के नाम की घोषणा की जाएगी। ओबामा की कोशिश इस सम्मेलन के जरिये उस समर्थन को जुटाना है, जो उन्हें 2008 में मिला था। हालांकि रायटर/इपसास के सर्वेक्षण में रोमनी ओबामा से आगे चल रहे हैं। रोमनी का 46 प्रतिशत लोगों ने समर्थन किया है वहीं ओबामा का 45 प्रतिशत ने।
काल पेन ने कहा, वोट दो डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में वक्ता के तौर पर आमंत्रित भारतीय मूल के अमेरिकी कलाकार काल पेन ने अपना भाषण वोट शब्द के साथ समाप्त किया। पेन का वास्तविक नाम कल्पेश सुरेश मोदी है। ह्वाइट हाउस के पूर्व कर्मचारी पेन ने युवाओं से ओबामा का समर्थन करने की अपील की। सम्मेलन में तमिल मां और अफ्रीकी मूल के अमेरिकी पिता की बेटी और कैलिफोर्निया की पहली महिला अटार्नी कमला हैरिस भी मौजूद थीं।

वाशिंगटन पोस्ट ने भारतीय पी एम् की साख पर लगाई आग

अमेरिका के अंग्रेज़ी अखबार ‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ ने भारत के प्रधानमंत्री डाक्टर मनमोहन सिंह की साख पर नकारात्मक टिपण्णी करके दबाब बनाने के क्रम को एक कदम और आगे बड़ा दिया है|
इस विदेशी अखबार ने लिखा है कि प्रधानमंत्री भ्रष्ट सरकार के मुखिया हैं। अखबार ने साफ लिखा है कि मनमोहन सिंह की गिरती साख इतिहास में एक असफल प्रधानमंत्री के तौर पर दर्ज हो रही है।
मनमोहन सिंह के दूसरे कार्यकाल में आर्थिक मामलों में देश पहले से और नीचे चला गया है। भ्रष्टाचार की लगातार हो रहे खुलासे की वजह से मनमोहन सिंह की छवि खराब हुई है। देश को आर्थिक विकास की सड़क पर दौडाने वाले ७९ वर्षीय पी एम् अब अपने दूसरे कार्यकाल में असफल होकर इतिहास बनने जा रहे हैं|
इस मामले में सूचना एवं प्रसारण केंद्रीय मंत्री अंबिका सोनी ने अमेरिकी अखबार की टिप्पणी पर अफसोस जताया है
। सोनी ने कहा कि प्रधानमंत्री पर ऐसे आरोप लगाना सरासर गलत है। सोनी ने कहा कि सरकार इस बारे में विरोध जताएगी। सोनी ने कहा कि प्रधानमंत्री के बारे में पहले भी ऐसा कहा गया था और बाद में माफ़ी मांगी थी। ‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ को हमारे प्रधानमंत्री के बारे में इस तरह की बात करने का उन्हें कोई हक़ नहीं है।
प्रमुख विपक्षी बीजेपी ने इसे हाथों हाथ लेते हुए अखबार की टिप्पणी को सही ठहरा दिया है।
बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी का कहना है कि भ्रष्टाचार का सिंहासन कितना डोल रहा है इसकी जानकारी पूरी दुनिया को हो गई है। मालूम हो कि इससे पहले अमेरिकी मैगजीन ‘टाइम’ और ब्रिटेन के अखबार ‘द इंडिपेंडेंट’ भी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर सवाल खड़े कर चुके हैं।भ्रष्टाचार मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के अड़ियल रुख से संसद का मानसून सत्र ठप्प है ऐसे में विकास सम्बन्धी निर्णय लंबित हैं|विदेशी निवेश के लिए सरकार अपने घटकों तक को राजी नहीं कर पा रही है जाहिर है ऐसे में नकारात्मक तिपन्नियाँ आना स्वाभाविक ही है|

फ़ोर्ब्स ने चार और भारतीय कंपनियों को सूचिबद्ध किया

फो‌र्ब्स की 2012 की सूची में भारत की 11 कंपनियों ने अपना नाम दर्ज कराया है। अभी भी इस सूची में भारत का नाम चीन के बाद दूसरे स्थान पर ही है। पिछले वर्ष के मुकाबिले चार और कंपनियों की बढोत्तरी हुई है|
अमेरिकी की इस अन्तराष्ट्रीय पत्रिका की 2012 की सूची में जहां बड़ी भारतीय आईटी सॉफ्टवेयर सेवा एवं परामर्श कंपनियां- एचसीएल और टाटा कंसल्टेसी की वापसी हुई है, वहीं एक भारतीय दवा कंपनी सन फार्मास्युटिक ने पहली बार इस विशिष्ट सूची में अपना नाम दर्ज कराया है।
23 कंपनियों के साथ चीन ने फिर फिर इस सूची में शीर्षता बनाये रखी है|
दक्षिण कोरिया की मात्र चार कंपनियां के नाम इस वर्ष इस सूची में दर्ज हो पाए है, जबकि पिछले वर्ष यहां से आठ कंपनियां के नाम दर्ज हुए थे।
फो‌र्ब्स ने कहा है कि मंद अर्थव्यवस्था ने महान कंपनियों में से सिर्फ अच्छी रहीं कंपनियों को साफ कर दिया है। पत्रिका के अनुसार इस वर्ष 15 नई कंपनियां दर्ज हुई है। इसके अलावा 10 कंपनियां बीते वर्षो के दौरान ईरेज होने के बाद फिर से सूची में एड की गई हैं। भारत की जिन कंपनियों ने इस सूची में वरीयता के साथ स्थान हासिल किया है, उनमें टाटा कंसल्टेसी सर्विसिस + आईटीसी + एचडीएफसी बैंक + भारती एयरटेल + टाटा मोटर्स + सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज + बजाज आटो + कोटक महिंद्रा बैंक +, एचसीएल टेकनेलॉजीज + टाइटन इंडस्ट्रीज +और एशियन पेंट्स शामिल हैं
भारत की महिंद्रा एंड महिंद्रा स्थान बनाने में असफल रही है|

डीजल ३ और पेट्रोल ५ रुपये महंगा हो सकता है

बेशक सरकार ने कार लोन को सस्ता करके गाड़ियों के सड़क पर लाने के मार्ग को आसान कर दिया है मगर लगातार तेल के दामों में वृधि की जा रही है | वाहन इंधन की खपत बड़ा कर विदेशी मुद्रा के खर्च के दबाब को बढाया जा रहा हैदो कदम आगे और तीन कदम पीछे की इस चाल को किसी भी द्रष्टि से राष्ट्रहित+जनहित+या सरकार हित में नहीं कहा जा सकता |
अब फिर तेल कंपनियां पेट्रोल की कीमत बढ़ाने जा रही हैं | इस बार पेट्रोल के साथ-साथ डीजल के दाम भी बढ़ सकते हैं|
. शुक्रवार 7 सितम्बर को संसद का[स्थगित] मॉनसून सत्र को खत्‍म करने की ओपचारिकता पूरी कर दी जायेगी जिसके बाद दाम बढ़ाए जा सकते हैं. साथ ही रसोई गैस और केरोसीन के दाम भी बढ़ सकते हैं|
डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल पर ५ रुपये कि बढोत्तरी हो सकती है| जानकारों का मानना है कि मॉनसून सत्र शुक्रवार७ सितम्बर को खत्म होने के बाद पेट्रोल, डीजल, केरोसिन तेल और घरेलू गैस की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोत्तरी हो सकती है. पेट्रोल पर कंपनियों ने पांच रुपये प्रति लीटर घाटा बताया है. यानि पेट्रोल पांच रुपये का झटका दे सकता है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार

तेल कंपनियों ने सरकार को बताया है कि उन्हें एक लीटर डीजल पर 19 रुपये 26 पैसे का नुकसान हो रहा है. केरोसिन तेल पर 34 रुपये 34 पैसे का नुकसान हो रहा है और हर सिलेंडर पर 347 रुपये का नुकसान हो रहा है. रसोई गैस के दामों में भी 80 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी संभव है|

कोयले के सारे एलोटमेंट कैंसिल नहीं होंगे=सरकार

कोयला ब्लॉकों का आवंटन को तत्काल रद्द करने की संभावना से सरकार ने इंकार कर दिया है।पी एम् +कोयला मंत्री और वित्त मंत्री ने एक स्वर में बी जे पी की इस मांग को मानने से इनकार कर दिया है|प्रधानमंत्री डाक्टर मन मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे पर विपक्ष को जवाब देने को तैयार हैं।
भारतीय जनता पार्टी ने संसद चलने देने के लिए सरकार से 142 कोयला ब्लॉकों का आवंटन रद्द करने की मांग की है। सूत्रों अनुसार प्रधानमंत्री ने अपने कुछ वरिष्ठ मंत्रियों को अनौपचारिक रूप से अपने मन की यह दृढ़ इच्छा जता दी है कि वह 142 कोयला ब्लॉकों का आवंटन तत्काल रद्द नहीं करने जा रहे हैं। ६० ब्लाक्स [ जिनमे खदान शुरू नहीं हुई है]के लिए जांच चल रही है|रिपोर्ट अआने पर ही कार्यवाही होगी|
सूत्रों ने बताया कि भाजपा ने 142 कोयला ब्लॉकों का आवंटन रद्द करने की मांग की है, जबकि सिंह का मानना है कि तत्काल यह नहीं हो सकता। सिंह ने स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे पर विपक्ष के साथ संघर्ष करेंगे और साथ ही भाजपा द्वारा उठाए गए किसी भी सवाल का जवाब देने को तैयार हैं।
इससे पहले कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा कि कोयला ब्लॉक आवंटन मुद्दे की जांच दो मोर्चों सीबीआई और अंतर मंत्रालयी समूह द्वारा की जा रही है। अंतर मंत्रालयी समूह की 15 सितंबर को रिपोर्ट आने से पहले ब्लॉकों का आवंटन रद्द नहीं किया जा सकता। इसके अलावा वित्त मंत्री पी चिदम्बरम ने भी कोयले ब्लाक्स के एलोटमेंट को केंसिल किये जाने की किसी भी संभावना से इंकार कर दिया है|