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टोल प्लाज़ा पर यात्रियों का उत्पीडन रोकने के लिए कोई सकारात्मक और त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जानी चाहिए

: सिवाया टोल प्लाजा पर चल रहे भाकियू के आंदोलन का मामला तीन सप्ताह पश्चात भी सुलझ नहीं पाया है|अब इसे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दरबार में पहुंचा दिया गया है। एनएचएआइ की शर्तो को लेकर स्वयं मुख्यमंत्री ने टिप्पणी की है। उनका मानना है कि उप्र में या तो एनएचएआइ एक्ट 1997 लागू हो या फिर एनएचएआइ एक्ट 2008। वायदे के मुताबिक ठेकेदार ने हाईवे पर अधूरे निर्माण कार्य को भी पूरा नहीं किया है। किसानों को बकाया मुआवजा भी समय पर नही दिया है। इस आन्दोलन के कारणवेस्ट यूं पी के 28 हजार करोड़ के 16 ऐसे प्रोजेक्ट खाती में पड़ते दिखाई देने लगे हैं|।उत्तर प्रदेश सरकार भी अब किसानों के हित में एन एच ऐ आई पर सवाल उठाने लगी है|

एन एच ऐ आई की धमकी

टोल प्लाज़ा पर यात्रियों का उत्पीडन रोकने के लिए कोई सकारात्मक और त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जानी चाहिए


एनएचएआइ के चेयरमेन आरपी सिंह ने विगत 16 नवम्बर को प्रदेश के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर मेरठ किसान आन्दोलन का जिक्र करते हुए कहा था कि आंदोलन के कारण टोल बंद है। ऐसे में एग्रीमेंट की शर्त के अनुसार टोल बंद होने से हुए नुकसान की भरपाई राज्य सरकार करे। यदि टोल पर यही हाल रहा तो वह उप्र में एनएचएआइ के अधीन चल रहे निर्माण कार्यो का बंद करा देंगे, क्योंकि ठेकेदारों ने इस बाबत चेतावनी दी है।

सरकार का पक्ष

मुख्य सचिव ने इस पत्र पर डीएम से रिपोर्ट मांगी तो उन्होंने कहा कि एनएचएआइ एक्ट की शर्तो का पालन नही कर रही है। जिस स्थान पर टोल बना है, वह विवादित जमीन है और एमडीए से उसका मानचित्र भी पास नहीं है। टोल के आसपास निर्माण कार्य पूरे न होने के कारण पिछले दो साल में सर्वाधिक दुर्घटनाएं हाईवे पर हुई है जबकि निर्माण कार्य पूरे करने के लिए कई बार प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस व एनएचएआई के अफसर ठेकेदार के साथ संयुक्त मुआयना कर चुके हैं। इसके बाद भी निर्माण कार्य पूरे नही हुए है। बहरहाल मुख्य सचिव ने जब यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री को भेजी तो उन्होंने लोनिवि के प्रमुख सचिव को हिदायत दी कि वह एनएचएआइ के चेयरमैन से बात कर इस मामले को निस्तारित कराएं ताकि किसानों का आंदोलन समाप्त हो।

प्लाज़ा केबिन से कम्प्यूटर हटाये गए

यद्यपि किसानों ने फिलहाल प्लाज़ा उखाड़ने के अपने फैसले को प्रशासन के कहने पर टाल दिया है मगर टोल प्लाजा कदम फूंक फूंक कर रख रहा है| 21वें दिन भी मंगलवार सुबह दस बजे टोल के एजीएम पीवी रंगासाई पहुंचे और केबिन में रखे 11 कंप्यूटर उठवा लिए। एमजीएम ने कहा कि कि दो दिन पहले किसानों ने केबिन में रखी पे-सीट फाड़ दी थी।

आन्दोलन का असर

राष्ट्रीय राजमार्ग-58 पर मेरठ के सिवाया स्थित टोल प्लाजा पर किसानों के आदोलन का असर है कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के अधीन करीब 27 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम रुक गया है। जिन प्रोजेक्ट पर परामर्शी की रिपोर्ट पर टेंडर आमंत्रित होने थे, वह भी फिलहाल टल गए हैं। ठेकेदारों के इस रुख के कारण सर्वाधिक वेस्ट यूपी प्रभावित हुआ है, क्योंकि यहां के प्रोजेक्ट पर भी काम होना था। ठेकेदारों की मजबूरी है कि उन्हें बैंकों ने ऋण देने से मना कर दिया है, जिस कारण उन्होंने काम रोक दिया है। ठेकेदारों ने फिलहाल इन प्रोजेक्ट पर काम करने से इन्कार कर दिया है। मुजफ्फरनगर-हरिद्वार मार्ग समेत 6 प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है पर बैंक द्वारा बीच में ही ऋण रोक देने से इन पर भी काम रुक गया है। 28 हजार करोड़ के 16 ऐसे प्रोजेक्ट हैं जिन पर परामर्शी की रिपोर्ट के बाद एनएचएआइ टेंडर आमंत्रित करने के लिए मुहर लगा चुका है लेकिन उनके टैंडर आमंत्रित नही किए हैं। किसानों के इस आदोलन के कारण हाईवे के कई प्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं। केंद्रीय सड़क एवं भूतल परिवहन मंत्री को भी इसकी जानकारी दी गई है।ये है मुख्य प्रोजेक्ट, जिन पर कार्य रुका प्रोजेक्ट किमी लागत आगरा बाईपास 33 457 मुजफ्फरनगर-हरिद्वार 62 320 मेरठ-बुलंदशहर 63 505 उन्नाव-लाल गंज 68 20 -काठगोदाम 93 846 गंगा ब्रिज-वाराणसी 177 1682 इंडो नेपाल बार्डर- धाधरा ब्रिज 122 1159 वाराणसी-सुल्तानपुर 142 1349 सुल्तानपुर-लखनऊ 124 1013 मेरठ-नजीबाबाद 139 417 रायबरेली-जौनपुर 169 507 लखनऊ-रायबरेली 82 246 अंबेडकर नगर-बांदा 287 861 वाराणसी-हनुमाना 287 861 बाराबंकी-बहराइच 152 456 गोरखपुर 99 297 इलाहाबाद 41 123 वाराणसी-गोरखपुर 206 619 भरतपुर-मथुरा-हाथरस 90 270 मुरादाबाद-अलीगढ़ 145 679 बरेली-सितारगंज 87 261 ईस्टर्न पेराफिल एक्सप्रेस वे 135 2699 आरारा-इटावा बाइपास 125 1485 इलाहाबाद-वाराणसी 160 1520इटावा 157 1492हापुड़-मुरादाबाद 110 110आगरा-ग्वालियर 85 850दिल्ली-हापुड़ 52 ५२०
तीन सप्ताह से चल रहे इस आन्दोलन का हल निकालने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से कोई पहल नहीं की गई है लगता है की केंद्र सरकार आंदोलन को लांग रोप देकर इसे समाप्त करने का की सोच रही है प्रदेश सरकार की तरफ से भी इस दिशा में कोई त्वरित एक्शन नहीं दिख रहा है| वहां पर रोड टेक्स के साथ इस टोल से समस्या बढती जा रही है|टोल वसूली में कोई पारदर्शिता नहीं है| जरूरी निर्धारित कार्य नहीं कराये जा रहे |सुविधाओं के नाम पर यात्रियों का उत्पीडन जारी है|प्लाज़ा पर सुविधा के नाम पर झगड़े + जाम और एक्सीडेंट आये दिन दिखाई देते
है| रविवार को गढ़ स्थित संकरा टोल प्लाज़ा पर एक किलोमीटर तक वाहनों की तीन कतारें अपने नंबर के इंतज़ार में खडी रही | रफ़्तार का रोमांच औरयात्रा का आनंद जाता रहा पूछने पर बताया गया के यह वहां रोजाना का सर दर्द है|ऐसे में टोल प्लाज़ा की वसूली के नाम पर यात्रियों का उत्पीडन रोकने के लिए कोई सकारात्मक और त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जानी चाहिए|

भारतीय रुपय्या अमेरिकी डॉलर के मुकाबिले कमजोर हुआ

भारतीय रुपय्या अमेरिकी डॉलर के मुकाबिले कमजोर हुआ

अमेरिकी मुद्रा के मजबूत होने और अमेरिकी $ की मांग बढऩे से आज $ के मुकाबले भारतीय रुपया 24 पैसे टूटकर 55.34 प्रति डॉलर पर खुला।बताया जा रहा है कि आयातकों और बैंकों द्वारा डॉलर की मांग बढ़ाए जाने से भी रुपया में कमजोर आई है| हालांकि शेयर बाजार में तेजी की वजह से रुपये में आई कमजोरी सीमित रही। कल बाजार बंद होने के समय डॉलर के मुकाबले रुपया 55.10 पर था और आज ४ पी एम् तक 55.२६२५ पर दिखाई दिया|

पोलिस और लेनदारों के दबाब से युवक की जान गई

थाना दिल्ली गेट सराय लाल दास[मेरठ] के एक युवक ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली|बताया जा रहा है किपोलिस के उत्पीडन और क़र्ज़ के बोझ के कारण रियाजुद्दीन आत्म हत्या करने को मजबूर हुआ|

पोलिस और लेनदारों के दबाब से युवक ने जान दे दी


चांदी का कारोबार करने वाले रियाजुद्दीन को व्यापार में बड़ा घाटा हो गया जिसके फलस्वरूप देन दारी भी बढ गई|तकाजे रोज होने लगे |लेन दारों ने पोलिस से दबाब बनाया और उसके तीन भाईयों को थाणे बुलवा कर उनका उत्पीडन किया गया |जिससे तनाव में आ कर रियाजुदीन ने अपनी जान दे दी|रियाजुद्दीन ने आठ पेज का सुसाईड नोट छोड़ा है यह परिजनों के गले नहीं उतर रहा|इसे संदेह द्रष्टि से देखा जा रहा है| परिवार जन इसे हत्या मान रहे हैं|

भारत अब थाईलेंड में आतंकवाद के विरुद्ध अभियान में सहायता प्रदान करेगा

भारत अब थाईलेंड में आतंकवाद के विरुद्ध अभियान में सहायता प्रदान करेगा

आतंक वाद का दंश झेल रहा भारत अब थाईलेंड में आतंकवाद के विरुद्ध अभियान में सहायता प्रदान करेगा|यह आश्वासन सोमवार को भारत के प्रधान मंत्री डाक्टर मन मोहन सिंह ने थाई पी एम् यिंग्लिक शिनावात्रा को दिया|कम्बोडिया में जरी आसियान देशों की शिखर वार्ता में भारत और थाई पी एम् की मुलाक़ात हुई जिसमे थाई पी एम् ने अपने देश में छाए आतंकवाद का जिक्र किया और मदद माँगी इसके जवाब में भारतीय पी एम् ने सकारात्मक उत्तर देते हुए हर संभव सहयोग का आश्वासन अपने काउंटर पार्ट को दिया|इसके साथ ही दोनों देशों में आर्तिक सहयोग बढाने पर भी चर्चा हुई

बाल ठाकरे की दहाड़ सुनने को थम जाने वाली मुम्बई आज उनके अंतिम दर्शन को उमड़ी

बाल ठाकरे की दहाड़ सुनने को थम जाने वाली मुम्बई आज उनके अंतिम दर्शन को उमड़ी

बाल ठाकरे को सुनने के लिए कभी पूरी मुम्बई थम जाया करती थी आज वोही आमची मुम्बई अपने प्रिय नेता के अंतिम दर्शन के लिए मातोश्री की तरफ उमड़ पडी है|आज बेशक बाला साहेब की दहाड़ से उनके समर्थक वंचित हो गए मगर उनके मराठा मानुष के आदर्श+ विचारधारा का समर्थन करने और उसे आगे लेजाने के संकल्प के साथ हज़ारों लोग इकट्टा हुए| महाराष्ट्र में हिंदुत्व के झंडाबरदार ठाकरे की अंतिम यात्रा आज रविवार को सुबह करीब 9:25 मिनट पर बांद्रा स्थित मातोश्री[निवास] से शुरू हो गई | मातोश्री से उनका शव बाहर आते ही वहां मौजूद हजारों लोंगों की आंखों से आंसू छलक आए। वहीं उद्धव भी अपने पिता के पार्थिव शरीर को कंधा देते वक्त फफक-फफक कर रो दिए। मातोश्री के बाहर उनके बेटे आदित्य[पौता] अपने पिता को सांत्वना देते दिखाई दिए। इससे पूर्व राज ठाकरे ने अंतिम यात्रा की तैयारियों का जायजा भी लिया। ठाकरे की पार्थिव देह को राजकीय सम्मान देने के बाद फूलों से सजे एक ट्रक पर रखा गया।धीरे-धीरे ठाकरे की शव यात्रा हज़ारों लोगों के साथ दादर स्थित शिवसेना भवन की ओर बढ़ रही है। शिवसेना भवन में उनकी पार्थिव देह को कुछ समय के लिए रखा जाएगा। इसके बाद यहां से उनकी पार्थिव देह को शिवाजी पार्क ले जाया जाएगा जहां उनका शाम करीब छह बजे अंतिम संस्कार किया जाएगा।

राहुल गांधी के २००९ में दाखिल नामांकन पत्र की सत्यता की जांच के लिए अमेठी चुनाव अधिकारी को शिकायत रैफर्ड

राहुल गांधी द्वारा २००९ में दाखिल किये गए नामांकन पत्र में दर्शाई गई संपत्ति की सत्यता की जांच के लिए अमेठी लोकसभा के चुनाव अधिकारी को शिकायत रेफर कर दी गई है|मुख्य चुनाव अधिकारी को 15 नवंबर को भेजे पत्र में सुब्रामनियम स्वामी ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने अपनी संपत्ति के संबंध में गलत सूचना दी थी । चुनाव आयोग ने जून 2004 के एक पत्र का हवाला देकर कहा है कि चुनाव अधिकारी ऐसी शिकायतों की जांच करने के लिए सक्षम अधिकारी है।आयोग ने अपने पत्र में कहा है कि चूंकि हलफनामा चुनाव अधिकारी के समक्ष दाखिल किया जाता है । सीआरपीसी की धारा 195 के प्रावधानों के तहत संबंधित चुनाव अधिकारी हलफनामा में किसी भी गलत बयानी की शिकायत पर विचार कर सकता है। प्रधान सचिव आर के श्रीवास्तव द्वारा लिखे गए पत्र में भी कहा गया है कि यदि चुनाव अधिकारी इस बात से संतुष्ट है कि हलफनामे में गलत बयान है तो वह उपयुक्त कार्रवाई कर सकता है।चुनाव आयोग ने कहा है कि इस मामले में उठाये जाने वाले कदमों की जानकारी भी आयोग को दी जाए।

राहुल गांधी के २००९ में दाखिल नामांकन पत्र की सत्यता की जांच के लिए अमेठी चुनाव अधिकारी को शिकायत रैफर्ड


गौरतलब है कि जनता पार्टी अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी ने हाल ही में श्रीमती सोनिया गाँधी और राहुल गांधी पर आरोप लगाए थे कि उन्होंने चुनावों के नामांकन में अपनी संपत्ति की गलत सूचना दी थी. स्वामी ने अपने आरोप लगाते हुए कहा था कि राहुल गांधी ने एसोसिएटेड जर्नल में अपने शेयरों की जानकारी नहीं दी थी जो अब बंद हो चुके नेशनल हेराल्ड का संचालन करता था, जिससे उनके खिलाफ गलत बयानी का मामला बनता है|गौरतलब है कि स्वामी ने आरोप लगाये थे कि एसोसिएटेड जर्नल में श्रीमती सोनिया और राहुल गाँधी के शेयर हैन्जिसे कांग्रेस ने तत्काल नकार दिया था|

जायदाद के बटवारे के लिए भाईयों में बंदूकें चली:पोंटी चड्डा और हरदीप चड्डा की मृत्यु

जायदाद के बटवारे पर जब बातचीत से कोई हल नहीं निकला तो भाईयों ने बन्दूक का सहारा लिया जिसके फल स्वरुप दोनों भाईयों की मौत हो गई| ये दोनों मशहूर शराब कारोबारी पॉन्टी चड्ढा और उसके भाई हरदीप हैं| दोनों भाईयों की मौत आपसी फायरिंग में हुई.| ये घटना पॉन्टी के छतरपुर स्थित फॉर्म हाउस में दोपहर करीब 1.30 बजे हुई. फायरिंग में पॉन्टी का एक गार्ड भी घायल हुआ.बताया जा रहा है कि सारा मामला जायदाद के बंटवारे से जुड़ा है.| इस फायरिंग में दो निजी गार्ड भी जख्‍मी हो गए हैं.
सूत्रों के अनुसार पहले पॉन्‍टी ने अपने भाई को गोली मारी, उसके बाद भाई हरदीप के गार्ड ने पॉन्‍टी को गोली मार दी. इस गोलीबारी में पहले तो पॉन्‍टी के भाई हरदीप की मौत हुई और बाद में पॉन्‍टी की भी मौत हो गई|

जायदाद के बटवारे के लिए भाईयों में बंदूकें चली:पोंटी चड्डा और हरदीप चड्डा की मृत्यु

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पॉन्टी चड्ढा के यूपी की राजनीति में खासी धमक रखते हैं. वो ना सिर्फ शराब के बड़े कारोबारी हैं, बल्कि रियल इस्टेट में भी उनका दबदबा है और कई मॉल्स और मल्टीप्लेक्स[वेव्स] के वे मालिक हैं| फिल्मों में भी पॉन्टी ने पैसा लगाया है|
उनके मायावती और अखिलेश यादव सरकार से बेहद निकटता रही|
इससे पहले 5 अक्टूबर को भी पॉन्टी चड्ढा के मुरादाबाद स्थित पुश्तैनी बंगले पर फायरिंग हुई थी लेकिन उस समय इस मामले को दबा दिया गया था. उस दिन पांच फायर हुए थे और पुलिस ने ये कहकर मामला रफा-दफा कर दिया था कि पॉन्टी के भतीजे ने नई रिवाल्वर खरीदी थी जिससे टेस्टिंग करते समय फायर हो गए|पोंटी चड्डा के परिवार ने इस जायदाद से अपने सम्बन्ध भी नकार दिए थे|
चत्तर पुर फार्म हॉउस करीब 13 एकड़ में फैला हुआ है। फायरिंग की सूचना मिलने पर दिल्‍ली पुलिस की मौके पर पहुंची एक टीम द्वारा जांच जारी है|
, वकील गौरांग के हवाले से बताया जा रहा है कि पॉन्टी चड्ढा, उनके भाई हरदीप और एक बड़े भाई तीनों साथ-साथ छतरपुर के फॉर्महाउस में रहते थे। करीब एक साल पहले पिता की मौत के बाद हरदीप ने अपना हिस्सा मांगना शुरू किया जिसे लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। सैटलमेंट की बात हो रही थी लेकिन कुछ मुद्दों को लेकर सहमति नहीं बन पा रही ही। गौरांग ने बताया कि तीनों भाई के बीच पहले काफी मेलमिलाप था लेकिन अब हरदीप और पॉन्टी के बीच बातचीत नहीं होती थी, हालांकि पूरा कुटुंब पहले साथ-साथ ही रहता था।

२ जी स्पेक्ट्रम की कीमतें बाज़ार ने नीलामी में तय कर दी हैं: भारत सरकार

दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल और पी चिदम्बरम [जी ओ एम्] ने आज विपक्ष के तमाम आरोपों को झुट्लाते हुए कहा कि सरकार नीलामी के फ्लॉप होने का जश्न नहीं मना रही है, बल्कि वह आगे बढ़ना चाहती है| उन्होंने कहा कि बेस और केलकुलेटेड प्राईज़ के मुकाबिले बाज़ार नीलामी के माध्यम से प्राईज़ तय करता है|बाज़ार ने जो प्राईज़ तय किया है इसमें कोई हार या जीत नहीं देखी जानी चाहिए| श्री सिब्बल ने आज एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि हाल में संपन्न 2जी स्पेक्ट्रम नीलामी के दौरान जिन सर्कलों के लिए बोली नहीं मिली उनके लिए सरकार ने 31 मार्च तक फिर से नीलामी की योजना बनाई है। साथ ही जल्द विनिवेश की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। अब भी इस साल स्पेक्ट्रम से 27,000 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई जा सकती है। वित्त वर्ष 2013 में 5.3 फीसदी वित्तीय घाटे का लक्ष्य हासिल करने का पूरा भरोसा है।सिब्बल ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दिल्ली एवं मुंबई समेत चार सर्कल में स्पेक्ट्रम की यह नीलामी चालू वित्त वर्ष के अंत तक कराने का इरादा है। प्रेस कांफ्रेंस में सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी भी थे|
दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि हाल में संपन्न 2जी स्पेक्ट्रम नीलामी के दौरान जिन सर्कलों के लिए बोली नहीं मिली है, उनके लिए सरकार ने 31 मार्च तक फिर से नीलामी की योजना बनाई है।सिब्बल ने कहा कि दिल्ली एवं मुंबई समेत चार सर्कल में स्पेक्ट्रम की यह नीलामी चालू वित्तवर्ष के अंत तक कराने का इरादा है। वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि सरकार नीलामी के फ्लॉप होने का जश्न नहीं मना रही है, बल्कि वह आगे बढ़ना चाहती है। उन्होंने कहा कि अगली कार्ययोजना पर फैसला करने के लिए अधिकार प्राप्त मंत्रिसमूह (ईजीओएम) की बैठक जल्दी ही होगी।
उल्लेखनीय है कि अभी हाल में 2जी स्पेक्ट्रम के लिए दो दिन तक चली नीलामी में कुल 9,407.64 करोड़ रुपये की बोलियां मिलीं, जो न्यूनतम 28,000 करोड़ रुपये के सरकार के लक्ष्य की एक-तिहाई के बराबर है।यह नीलामी 2010 में 3जी स्पेक्ट्रम की 35 दिन चली नीलामी प्रक्रिया के आगे बिल्कुल फीकी रही, जबकि भारी प्रतिस्पर्धा के बीच सरकार को 67,719 करोड़ रुपये हासिल हुए थे। सिब्बल ने कहा कि नीलामी से प्राप्त 9,407.64 करोड़ रुपये के अलावा सरकार को मौजूदा दूरसंचार कंपनियों को मान्य सीमा से अधिक स्पेक्ट्रम रखने पर लगाए जाने वाले एक-मुश्त शुल्क के तौर पर 7,936 करोड़ रुपये भी मिलेंगे। सिब्बल ने कहा, कुल मिलाकर काफी राशि प्राप्त होगी।
बताते चलें कि इस नीलामी की भाजपा और वाम पंथियों ने जम कर आलोचना की है |भाजपा ने जहां इसे विलम्भित एक्शन बताया जबकि सीताराम येचुरी ने कहा कि वर्तमान में ३ जी की नीलामी हो चुकू है और ४ जी के लिए प्रक्रिया प्रग्रती में है ऐसे में २ जी का उपयोग फोन पर डाटा ट्रांसफर करने में ज्यादा होगा वह टेक्नोलोजी पाईप में है इसीलिए इस नीलामी को टाला जाना चाहिए था | चूंकि सुप्रीम कोर्ट का आदेश था इसीलिए बेशक नीलामी जरुरी थी मगर सुप्रीम कोर्ट को स्थिति से अवगत करा कर स्थगन आदेश लेने के लिए प्रयास जाने चाहिए थे |
इसके अतिरिक्त इस नीलामी से प्राप्त आंकड़ों से उत्साहित केंद्रीय मंत्री वी नारायणसामी और सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) पर सरकार के हमले को जारी रखते हुए कहा है कि कैग को टू जी स्पेक्ट्रम के आवंटन से खजाने को 1.76 लाख करोड़ रुपये के अनुमानित नुकसान के अपने आंकलन पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री नारायणसामी ने चेन्नई हवाई अड्डे पर कहा कि हमने कहा था कि कैग का आकलन गलत है। नीलामी के बाद यह साबित हो गया है। कैग को इसके बारे में बताना चाहिए। कल सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने सरकार की ओर से हमला करते हुए कैग विनोद राय से पूछा था कि स्पेक्ट्रम की नीलामी में उनके नुकसान के आकलन के करीब की राशि क्यों प्राप्त नहीं हुई।
तिवारी ने कहा था कि मिस्टर कैग, कहां है 1.76 लाख करोड़ रूपये? मैं समझता हूं कि गंभीर आत्ममंथन का समय है। समय आ गया है जब कैग अपनी प्रक्रियाओं के बारे में आत्ममंथन करे और इस मामले में दो वर्षों से राजनीति करने वाली भाजपा और कुछ विपक्षी दलों को सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए।

चूहों से आतंकित गालापागोस में 22 टन जहरीला चारा गिराया जाएगा

चूहों के आतंक से आतंकित एक समाज इनसे निजात पाने के लिए हैलीकॉप्टर की मदद से 22 टन जहरीला चारा गिराया जाएगा| हर वर्ग मीटर पर १० चूहे हैं| इनकी आबादी 18 करोड़ से भी ज्यादा हो गई है। और वे विशाल कछुओं, लावा छिपकली, सांप और बाज तथा अन्य जीवों के अंडों और बच्चों के अलावा तमाम वनस्पतियों को चट कर रहे हैं। सुनने और पड़ने में बेशक यह अजीब लगे मगर प्रकृति संरक्षण विभाग के प्रमुख जुआन कार्लोस अनुसार ये चूहे हर 3 माह में प्रजनन करते हैं। कार्लोस ने चिंता व्यक्त की है कि चूहों का आतंक निर्जन द्वीप गालापागोस की अब तक की सबसे बड़ी समस्या बन गया है। हर देश की अपनी अलग ही समस्या है उससे निबटने के लिए तरीके भी अलग अलग हैं| इसीलिए लैटिन

चूहों से आतंकित गालापागोस में 22 टन जहरीला चारा गिराया जाएगा|

अमेरिकी कीटो इक्वाडोर के द्वीप गालापागोस में चूहों की इस भयावक समस्या से छुटकारे के लिए हेलीकाप्टर से चूहा मार जहरीली दवा को गिराया किया जाना है|

दशम पादशाही की बक्शी कृपाण की संसद के निकट के गुरु के द्वारे रकाब गंज में ही बेअदबी हुई

धर्म और कौम की रक्षा के लिए दशम पादशाही ने कौम को पांच ककार बक्शे जिनमे से एक कृपाण भी है|प्रत्येक सिख श्रधा और गर्व से इन्हें धारण भी करता है|मगर इस कृपाण की बेअदबी ब्रहस्पति वार को गुरु के द्वारे रकाब गंज में ही हुई एक झड़प में देखी गई| गुरुद्वारा प्रबंध पर कब्जे को लेकर दो गुट एक-दूसरे पर अपनी कृपाण लेकर भिड़ गए इस झड़प में 11 लोग घायल हो गए,|गुरुद्वारे में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव से पहले प्रस्तावित संशोधन विधेयक पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई गई थी, जो हिंसक हो गई.|सूत्रों के अनुसार विवाद की जड़ में गुरुद्वारे का प्रबंधन है अभी इसका जिम्मा सरना गुट के पास है आज भी सरना गुट की बैठक चल रही थी लेकिन इसी बीच बादल गुट के लोग भी वहां पहुंचे और अंदर घुसने की कोशिश करने लगे.
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (डीएसजीपीसी) के एग्जीक्यूटिव बोर्ड की बैठक के दौरान राजधानी के अति सुरक्षित इलाके संसद भवन के बेहद करीब स्थित गुरुद्वारा रकाबगंज परिसर में दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच गुरुवार को टकराव ने हिंसक रूप ले लिया। जिसमे 11 लोग घायल हो गए, जिन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ घायलों ने गुरुद्वारा टास्क फ़ोर्स पर हमला करने के आरोप लगाये हैं जबकि टास्क फ़ोर्स ने स्वयम को भी गुरुद्वारे का सेवक बता कर इसे नकार दिया है|
प्राप्त जानकारी के अनुसार रकाबगंज गुरुद्वारे में सुबह 11 बजे डीएसजीपीसी अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना और शिरोमणि अकाली दल बादल गुट के प्रमुख मनजीत सिंह जीके के समर्थकों के बीच हिंसक भिड़ंत हो गई।कथित रूप से इस बैठक में मनजीत सिंह को हिस्सा लेने से रोकने के चलते संघर्ष हुआ। इसके बाद दोनों ओर से समर्थक एक-दूसरे पर अपनी कृपाण लेकर भिड़ गए। उनमें से कुछ ने हवा में तलवारें भी लहराईं। लेकिन एकाएक एक गुट के समर्थक डंडे व तलवारें लेकर अपने प्रतिद्वंद्वी गुट पर टूट पड़े और उन्हें खदेड़कर गुरुद्वारा परिसर से बाहर कर दिया।हिंसा के दौरान कई गमले और दरवाजे व खिड़कियों के शीशे टूट गए। दोनों गुटों ने गोलियां चलाने के आरोप भी लगाए, लेकिन दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत ने इसकी पुष्टि नहीं की है। उन्होंने इसे अफवाह का मामला बताया है|.
गम्भीर रूप से घायल होने वालों में मंजीत सिंह भी शामिल हैं, जो शिरोमणि अकाली दल की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष हैं.। इनमें सरना ग्रुप के रंजीत सिंह, सरमेल सिंह, निर्मल और बचित्रा सिंह के अलावा दूसरे ग्रुप से खुद मंजीत सिंह जीके, चमन सिंह, परमजीत सिंह राणा, हरमीत सिंह कालरा, गुरनाम सिंह और इंद्रजीत सिंह मोंटी भी शामिल हैं। मंजीत सिंह के सिर, चेहरे व हाथ पैरों में गंभीर चोट लगी है।