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Category: Environment

जलपई गुडी में बाड़

वेस्ट बंगाल के जल पईगुडी में भारी बारिश और बाड़ से ४८ वर्षीय रहमान के बह जाने और एक बड़ा छेत्र प्रभावित हुआ है |तीस्ता नदी का जल स्तर खतरे के निशाँ तक पहुँच गया है इससे चाय के बाग़ [ खैरकता+धुपगुड़ी]]
. ट्रेंड हाथिओं को राहत कार्य पर लगाया गया है|
इसके समीप दार्जलिंग में भूस्खलन से पंख्बरी मार्ग बंद हो गया है

उत्तर प्रदेश में आज से भूजल सप्ताह

भूजल अमूल्य प्राक्रतिक संपदा है और मानव के अपने अस्तित्व के लिए इसका स्थाईत्व जरुरी है|इसीलिए उत्तर प्रदेश में आज से २२ जुलाई तक भूजल सप्ताह मनाया जा रहा है| भू जल के अंधाधुंध दोहन +नम भूमि के उद्द्यौगीकरण और मौसम की बेरुखी के चलते भूजल स्तर में चिंताजनक रूप से गिरावट आ रही है इसीलिए इस सप्ताह भूजल संसाधनों के सरंक्षण एवं प्रबंधन के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जाएगा|
उत्तर प्रदेश द्वारा जारी आकड़ों के अनुसार वर्ष २००० में अति दोहित और क्रिटिकल विकास खण्डों की संख्या २२ बताई गई थी वहीं २००९ में यह संख्या १०८ दर्ज़ की गई है|विगत दशक में ८२० विकास खण्डों में से ६१९ विकास खण्डों के भूजल स्तर में निरंतर गिरावट दर्ज़ की जा चुकी है|
भारत में लगभग ८०% भूमि कृषि भूमि है और और हमारी विकास+=जीवन +अर्थ व्यवस्था भी कृषि पर ही आधारित है|इसीलिए भूजल बेहद आवश्यक है |इस आल मौसम भी कुछ दगा दे रहा है |जुलाई के प्रारंभ तक बारिश में ३१% कमी बताई गई थी और अब अगस्त सितम्बर में भी हालात में सुधार की कोई संभावना नहीं बताई जारही | इसके अलावा रैन वाटर हार्वेस्टिंग यौजना के प्रति भी कोई उत्साह नहीं देखा जा रहा |
यदपि कृषि मंत्री शरद पवार ने सूखे की स्थित से इनकार किया है मगर उन्होंने बुवाई के कम होने के कारण चावल और दालों के उत्पादन पर प्रभाव पड़ने के संकेत दे दिए हैं जाहिर है की इससे देश की अर्थ व्यवस्था पर प्रभाव पडेगा |
इसीलिए पानी और विशेष कर भूजल बेहद आवश्यक है कवी रहीम भी कह गए हैं की
रहिमन पानी राखिये बिन पानी सब सून
पानी बिना ना ऊबरे मोती मानस और चून

प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा भूजल सप्ताह का आयोजन वाकई सराहनीय है मगर यह सप्ताह केवल अखबारों में विज्ञापन तक ही सिमित नहीं रहना चाहिए |नम भूमि के उद्योगों के लिए अधिग्रहण को रोकना होगा |खेती योग्य भूमि पे कंक्रीट के जंगल बनाने की प्रवर्ति को हतोत्साहित किया जाना जरुरी है व्रक्षारोपण अभियान चलाये जाने भी जरुरी है

बारिश ने दी कुछ राहत और खोली निकायों की पोल

एन सी आर में चारों और बरसने के बाद आज थोड़े दिएर के लिए मेरठ में भी बरसात हुई इससे नगर वासिओं और भोले के भक्तों को कुछ राहत मिली मगर इस राहत ने हमेशा की तरह स्थानीय निकायों की पोल खोल कर रख दी है वर्तमान में छावनी और निगम में चुनी हुई स्थानीय सरकारे हैं इस पर भी छावनी के सदर और नगर निगम के खैरनगर आदि इलाकों में पानी सडकों पर भरा रहा यहाँ तक की बारिश के कारण आबू लेन स्थित एक रेस्टुरेंट का हिस्सा भी गिर गया|किसी के हताहत की सूचना नहीं आई है|

Jal Bharaav In Sadar Cantonment

Its Nagar Nigam