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Category: Environment

बाबा राम देव ने तीन दिन का सांकेतिक उपवास शुरू किया

योग गुरु बाबा राम देव ने आज से राम लीला मैदान में तीन दिन का सांकेतिक अनशन शुरू करके केंद्र सरकार को भ्रष्टाचार मिटने के लिए चुनौती दे डाली है|
आज अपने भाषण में बाबा ने बताया की १० अगस्त से जिलों में भी अनशन किया जाएगा और आगे की रणनीति के लिए १२ अगस्त तक प्रतीक्षा करने को भी कहा |. बाबा रामदेव का आंदोलन गुरुवार से शुरू हो गया है।। रामलीला मैदान में करीब दस हजार लोगों के बीच बाबा रामदेव आंदोलन शुरू कर चुके हैं और उन्‍होंने केंद्र सरकार को अल्‍टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि तीन से पांच दिन के अंदर सरकार विदेश में जमा काला धन वापस लाने को लेकर कदम उठाने का ऐलान करे। बाबा रामदेव ने रामलीला मैदान में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, ‘मैं व्यवस्था के खिलाफ हूं। भ्रष्टाचार दूर होना चाहिए और काला धन वापस आना चाहिए। मैं किसी पार्टी या व्यक्ति के खिलाफ नहीं हूं। मेरे मंच से किसी व्यक्ति या पार्टी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। हमारा कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है। देश मिट्टी का टुकड़ा नहीं, हमारी मां है। सरकार को 20 हजार लाख करोड़ की भूसंपदा का हिसाब देना होगा।’
बाबा रामदेव ने अपने समर्थकों का हाथ उठवाकर ऐलान किया, ‘हम लोग 3 दिनों का सांकेतिक अनशन करेंगे। हम लोग 3 दिनों तक रामलीला मैदान में भूखे प्यासे रहेंगे। हम लोग मन, शरीर और विचारों की शुद्धि कर रहे हैं। मैं केंद्र सरकार को अंतिम मौका देता हूं। हम यहां से तभी जाएंगे, जब कोई हल होगा।’ रामदेव ने कहा कि हम लोग न आमरण अनशन करेंगे और न ही अनिश्चितकालीन अनशन। बाबा रामदेव इस मौके पर कहा कि रोज़ शाम को 5 बजे हर जिले, हर तहसील और हर गांव में लोग पैदल मार्च करें। जो लोग इसमें शामिल न हो पाएं वे अपने घरों से बर्तन लेकर बजाएं।
इस अवसर पर बाबा ने अपनी पुराणी काला धन वापिस लाने +भ्रष्टाचार मिटाने के लिए मज़बूत लोकपाल +सिटिजन चार्टर+सी बी आई+सी ऐ जी+ई सी+सी वी सी आदि संस्थायों की नियुक्ति में पारदर्शिता +शिक्षा में सदाचार+आदिकी मांगो को दोहराया और बीच बीच में वहां एकत्रित जन समूह से समर्थन भी लिया |

बाबा ने अब बाल कृष्ण को अमर शहीद प्रोजेक्ट किया

काले धन को लेकर दिल्ली के रामलीला मैदान में योग गुरु बाबा रामदेव का आंदोलन बेशक आज से शुरू होने जा रहा है मगर रामलीला मैदान में बाबा के मंच पर देश के अनेकों अमर शहीदों की तस्वीरें लगी है इनके साथ ही रामदेव के सहयोगी बालकृष्ण की तस्वीर भी नजर आ रही है|चंद्र शेखर आजाद, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस सरीखे देश के महान सपूतों के साथ बालकृष्ण की तस्वीर ने रामदेव के आंदोलन पर सवाल खड़े कर दिए। बता दें कि बालकृष्ण फर्जी पासपोर्ट मामले में जेल में हैं।अब उन्हें भी शहीद का दर्जा दिया जा रहा है यह कईयों को हजम नहीं होगा इसीलिए विवाद +बवाल+हंगामा तो होगा ही|
नियुज चेनल आईबीएन7 पर जैसे ही यह खबर दिखाई गई, मंच के दोनों ओर लगे पोस्टरों को तत्काल हटा लिया गया। जाहिर सी बात है कि यहां यहां बालकृष्ण को अमर शहीदों के समकक्ष दिखाने की पूरी कोशिश की गई। जानकार मानते हैं कि दरअसल, रामदेव को किसी भी तरह के राजनीतिक आंदोलन का अनुभव नहीं है, इसीलिए ऐसी बातें सामने आ रही है। बेशक नेपाली मूल के होने के बावजूद बाल कृषण ने उपेक्षित पड़े भारतीय चिकित्सा छेत्र में उल्लेखनीय योग दान दिया है लेकिन इतने भर से ही उन्हें राष्ट्रीय सम्मान दिए जाने से उपजा विवाद जल्द बाबा रामदेव का पीछा छोड़ने वाला नहीं है\
रामदेव को अपने सहयोगी बालकृष्ण को बचाने को पूरा अधिकार है लेकिन देश की आजादी के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर कर देने वाले शहीदों के बराबर दर्जा देकर वो क्या संदेश देना चाहते हैं यह सवाल अवश्य उठेगा?दिल्ली के रामलीला मैदान में आज से भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ बाबा रामदेव का आंदोलन शुरू हो रहा है । आंदोलन की तैयारियां पूरी हो गई हैं और बाबा रामदेव सरकार को हिलाने का दम भी भर रहे हैं। गुजरात के आलावा विदेशों में भी इन्होने अपने समर्थकों का शानदार प्रदर्शन कर दिया है\ इस बार के आंदोलन में बाबा रामदेव ने कालेधन के अलावा सीबीआई की स्वायत्तता और लोकपाल को भी मुद्दा बनाया है। बाबा रामदेव दिल्ली के रामलीला मैदान पहुच चुके हैं\

आल माईटी लेडीज ने पौधे रौपें

आलमाईटी लेड़ीज क्लब ने आज पौधे रौपे |शास्त्री नगर के पार्क में क्लब की सदस्यायों ने जामुन=नीम +अर्जुन+पीपल+आम आदि के पौधे रौंपे |
क्लब अध्यक्षा संगीता मक्कड़ के अनुसार समाज सेवा के कार्यों के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष पौधारौपण किया जाता है इससे पर्यावरण के लिए कुछ सेवा करने का सौभाग्य मिल जाता है| रेशमा+अरुणा+मोनिका+नीरा+अंजू +अलका+ आदि सदस्यायों ने पोधे रौंपे

एक्सप्रेस वे की आय को लेकर जयंत चौधरी ने साधे कई निशाने

एक्सप्रेस वे की आय को लेकर जयंत चौधरी ने साधे कई निशाने रालोद के युवा चेहरा जयंत चौधरी ने अब अपने पारंपरिक किसा वोट बैंक की सुध लेते हुए एक्सप्रेस वे की आय को किसानों में बांटे जाने की मांग की है|
सांसद और रालोद के राष्ट्रीय महा सचिव जयंत चौधरी ने कहा है की एक्सप्रेस वे से गुजरने वाले वाहनों से वसूला जा रहा टोल टेक्स का १०% वन विभाग को दिया जाना चाहिए इस आय से एक्सप्रेसवे के किनारे बसे गावं के किसानो को दिया जाना चाहिए जिससे खितों की मेड़ोंपैड लगाए जा सकें|इसके अलावा जिन किसानों की जमीन अधिग्रत की जा चुकी है उन किसानों को भी हिस्सा दिया जाना चाहिए|
युवा नेता ने एक्सप्रेसवे शुरू करने से पहले सर्विस लेन और अंडर पास को सही किये जाने की भी मांग की|
इस एक तीर से कई निशाने साधे गए हैं|[१]प्रदेश की आय बढेगी [२] किसानो की दशा सुधरेगी [३]पर्यावरण का सुधार होगा[४] और सबसे ऊपर वोट बैंक लौटेगा Permalink: http://jamosnews.com

नासा का स्पेसक्राफ्ट मार्स रोवर- क्यूरियोसिटी स्काईक्रेन के जरिए मंगल पर लैंड हुआ।

अमेरिकी हाई टेक मार्स रोवर क्यूरियोसिटी मंगल की सतह पर सफलता पूर्वक उतर गया है। । भारतीय समयानुसार सोमवार करीब 11 बजे गेल क्रेटर में इसकी लैंडिंग हुई। नासा इसका लाइव प्रसारण किया जा रहा है| इस मिशन में कुछ भारतीय वैज्ञानिक भी शामिल हैं।
मार्स साइंस लेबोरेटरी के शोध के आधार पर ही मंगल ग्रह पर मानव को भेजने की योजना साकार हो सकेगी। नासा का यह स्पेसक्राफ्ट मार्स रोवर- क्यूरियोसिटी स्काईक्रेन के जरिए मंगल पर लैंड हुआ। जैसे ही यह स्पेसक्राफ्ट मंगल पर लैंड हुआ और इससे सिग्लन मिलने लगे, नासा के वैज्ञानिक जश्न में डूब गए। नासा के वैज्ञानिकों को इस स्पेसक्राफ्ट से तस्वीरें मिलने लगी हैं।
: 6 पहियों वाले क्यूरियोसिटी का वजन 900 किलो है। ऊंचाई 3 मीटर, स्पीड औसतन 30 मीटर प्रति घंटा। यह रोवर मंगल पर 2 साल काम करेगा। इस दौरान कम से कम 19 किलोमीटर की दूरी तय करेगा। यह रोवर नासा ने 26 नवंबर 2011 को केप कैनेवरल स्पेस स्टेशन से एटलस-5 नामक रॉकेट से लॉन्च किया था। रोवर मंगल पर रेडियोआइसोटॉप जेनरेटर से मिलने वाली बिजली से चलेगा। ईंधन के रूप में प्लूटोनियम-238 का इस्तेमाल होगा।
इस मिशन में मंगल के मौसम, वातावरण और भूगोल की जांच होगी। इनसे मिले आंकड़ों से तय होगा कि क्या मंगल पर जीवन की कोई संभावना है।
इंडियन एंगल: नासा साइंटिस्टों और इंजिनियरों में कई भारतीय मूल के हैं। यही नहीं, रोवर में लगाए गए एक माइक्रोचिप पर 59,041 भारतीयों के नाम भी दर्ज हैं। असल में नासा ने पूरी दुनिया से लोगों को मिशन में हिस्सेदारी करने के लिए इनवाइट किया था। इस पर अमेरिका से सबसे ज्यादा 5,29,386, फिर ब्रिटेन से 77,329 नाम आए। तीसरे नंबर पर भारतीय रहे।
पिछले मार्स रोवर और उनका हासिल
जून व जुलाई 2003 को नासा ने स्पिरिट और फिर ऑपरट्यूनिटी नामक मार्स रोवरों से लदे दो रॉकेटों को मंगल की ओर रवाना किया था। स्पिरिट ने शुरुआती एक वर्ष में ही गुसेव क्रेटर की पड़ताल की। इस क्रेटर के बारे में माना जाता था कि यह गड्ढा वहां पानी की झील रहने के कारण बना होगा, पर स्पिरिट ने जो आंकड़े भेजे हैं, उनसे वहां पानी की मौजूदगी का कोई प्रमाण नहीं होने की पुष्टि हुई। ऑपरट्यूनिटी को चट्टानों में हेमेटाइट नामक खनिज का पता चला, जिसे पानी की उपस्थिति का अच्छा प्रमाण माना जाता है। पर स्पिरिट और ऑपरट्यूनिटी, दोनों मिलकर साबित नहीं कर पाए कि मंगल कभी आबाद था या वहां पानी वास्तव में था। 1960 से अब तक इंटरनैशनल लेवल पर 39 मार्स मिशन हो चुके हैं। इनमें से 17 को आंशिक या पूर्ण सफलता मिली है। कामयाब होने वाल मिशनों में ज्यादातर अमेरिकी मिशन रहे हैं।
यह अब तक का सबसे महँगा मिशन बताया जा रहा है

भागीरथी के बहाव में राहत दल के चार लोग बह गए

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में शनिवार को बाड़ पीड़ितों को राहत पहुंचाने के लिए गए राज्य जल विद्युत निगम के चार कर्मचारी भागीरथी के पानी की चपेट में आ गए।
राज्य आपदा केंद्र से रविवार को मिली जानकारी के अनुसार जल विद्युत निगम के ये सभी कर्मचारी राहत और बचाव के काम में जुटे थे, लेकिन इसी बीच चारों पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गए। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में अब भी भारी बारिश हो रही है तथा भूस्खलन की घटनाएं जारी हैं।
पिछले दो दिनों से राज्य में बारिश ने तबाही मचा रखी है। उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री राजमार्ग पर कल बादल फटने के बाद वहां एक पुल ढह गया और कई गांवों के हज़ारों लोग तबाह हो गए। इस घटना में 30 लोगों की जान गई है तथा सौ से अधिक लापता हैं।
बाढ़ के पानी के कारण कई होटल, रेस्टोरेंट, भवन तथा वाहनों को क्षति पहुंची है और सैकड़ों पशु बह गए हैं। क्षेत्र में सड़क यातायात अवरुद्ध हो गया है तथा बिजली और संचार सेवाएं ठप हो गई हैं। भारी बारिश तथा जगह-जगह मलबा आने के कारण चार धाम यात्रा को रोक दिया गया है। राज्य में सभी नदियां उफान पर हैं और कई जगह खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने पहाड़ी क्षेत्रों के साथ ही नदी तट पर बसे मैदानी इलाकों में भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाई जा रही है इसलिए उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं हैं।
इस बीच भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विशन सिंह चुफाल तथा वरिष्ठ नेता खजान दास प्रभावित क्षेत्र के दौरे पर चले गए हैं।

हरिद्वार में गंगा मैय्या ने खतरे के निशान को पार किया एडवायजरी जारी

उत्तराखंड में आई जल प्रलय से हरिद्वार में गंगा का जल स्तर बढ़ता जा रहा है \इस स्तर को खतरे के निशान से ऊपर देखा गया है |इसके प्रति एडवाईजरी भी जारी कर दी गई है |गंगा के किनारे बसे घरों को कहीं सुरक्षित स्थान पर जाने को कह दिया गया है|
गौरतलब है की उत्तरकाशी में भारी बारिश और बादल फटने से छेत्र में जल प्रलय की सी स्थिति हो गई है १०० से अधिक लोग लापता बताये जा रहे है मरने वालों की संख्या दस हो गई है|जल के वेग का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसमें अन्य भवनों के साथ एक चार मंजिला भवन भी बह गया है|

बादल आखिर फटते क्यूं हैं

बादलों के फटने से उत्तरकाशी और कुल्लू मनाली में तबाही मची है राहत कार्य जारी हैं लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है |कई लोगों ने बादलों के फटने के विषय में जानना चाहा है कि ये बादल आखिर फटते क्यूं हैं| विशेषज्ञों के अनुसार संघनित बादलों का नमी बढ़ने पर बूदों की शक्ल में बरसना बारिश कहलाता है। पर अगर किसी क्षेत्र विशेष में स्थित बादल में इक्कठा हुई बूंदों का भार बढ जाता है तब भारी बारिश की संभावनाओं वाला बादल एकाएक बरस जाता है, तो उसे बादल का फटना कहते हैं। इसमें थोड़े समय में ही असामान्य बारिश होती है।
भारत में बादल फटने की घटनाएं तब होती हैं, जब बंगाल की खाड़ी या अरब सागर से मानसूनी बादल हिमालय की ऊंचाइयों तक पहुंचते हैं और तेज तूफान से बने दबाव के कारण एक स्थान पर ही पानी गिरा देते हैं।बरसने से पहले बादल पानी से भरी एक ठोस वस्तु का आकार लिए होता है, जो आंधी की चपेट में आकर फट जाता है। किसी एक स्थान पर एकाएक तेज दबाव में पानी गिरता है। मानो नदी का मुहाना खुल गया है। ये बहाव इतना तेज होता है कि इसके साथ रास्ते के पत्थर और मलबा भी बह जाता है और रास्ते में आने वाली हर चीज बह जाती है। जमीन तक कट जाती है|
बादल फटने की घटनाएं अक्सर पहाड़ी क्षेत्रों में ही होती है।नवंबर, 1970 में हिमाचल के बरोत में (भारत में रिकॉर्ड 38 मिमी तक) दर्ज कि गई थी
पर इसके अपवाद के रूप में जुलाई, 2005 में मुंबई में बादल फटने के कारण आठ-दस घंटे में करीब 950 मिमी तक बारिश हुई थी।
विदेशों में भी बादल फटने कि घटनाएँ इतिहास में दर्ज़ हैं |अगस्त, 1906 में अमेरिका के गिनी वर्जीनिया में बादल फटने से 40 मिनट में 9.2 इंच बारिश हुई थी।इसी तरह नवंबर, 1911 में पनामा के पोर्ट बेल्स में (पांच मिनट में 2.43 इंच), जुलाई, 1947 के रोमानिया के कर्टी-डी-आर्जेस में (20 मिनट में 8.1 इंच), और कराची में पिछले साल जुलाई में तीन घंटे के अंदर 250 मिमी बारिश हुई थी।
बादल फटने से बचाव के उपाय
बादल को फटने से रोकने के कोई ठोस उपाय नहीं हैं मगर , वन क्षेत्र की मौजूदगी और प्रकृति से सामंजस्य बनाकर चलने पर इससे होने वाला नुकसान कम हो सकता है।
जम्मू एवं कश्मीर में बेटे दिनों बादल फटने से कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और कई लापता हो गए। इस हादसे में राजमार्ग का एक बड़ा हिस्सा भी बह गया, जिससे वहां पहुंचना काफी कठिन हो गया है। यह हादसा जम्मू से करीब 140 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में बगार इलाके में बातोते-किश्तवाड़ राजमार्ग पर हुआ। बादल फटने से सड़क का एक बड़ा हिस्सा और कई वाहन बह गए। अधिकारी अभी तक जानमाल के नुकसान का आकलन नहीं कर पाए हैं।
पुलिस उपायुक्त (डोडा) फारुक खान ने कहा, ने कहा कि बचाव अभियान चलाने के लिए सेना से सहायता मांगी गई है। पुलिस के मुताबिक घटना के बाद से ही तीन लोग लापता हैं जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि कई लागों से सम्पर्क नहीं हो पा रहा है। बादल फटने के बाद सड़क का एक बड़ा हिस्सा बह जाने से वहां पहुंचना भी कठिन हो गया है क्योंकि उस इलाके में जाने के लिए कोई दूसरी सड़क भी नहीं है।

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चार राज्यों में बारिश का कहर

उत्तरकाशी और मनाली में बादल फटने से और जमीन धंसने से जे &के में जीवन अस्तव्यस्त हो गया है| जबकि पंजाब के ब्यास का जलस्तर बढ गया है ६ लोगों की मौत हो गई है, और ५५ लोग लापता बताये जा रहे हैं| बारिश से चार राज्यों में जीवन अस्तव्यस्त हो गया है|
शुक्रवार रात बादल फटने से उत्तरकाशी जिले के असी गंगा घाटी में दयारा बुग्याल के पास पापड़गाड, स्वारी गाड, नहरी गाड, गवाना गाड और असी गंगा क्षेत्र में जल प्रलय जैसे हालत पैदा हो गए हैं।
बारिश और बाढ़ की आशंका के चलते 304 मेगावाट की मनेरी भाली जलविद्युत परियोजना-2 परियोजना के कर्मचारियों में भी अफरा-तफरी है।
70 किलोमीटर के दायरे में तबाही की बात कही जा रही है। बादल फटने के आधी रात के बाद तक इलाके में भारी बारिश हो रही थी। हालांकि देर रात तक यह अनुमान लगाना मुश्किल था कि इस आपदा से कितना नुकसान हुआ है। उत्तराकाशी में बिजली और संचार व्यवस्था ठप्प हो गई है|
मौसम विभाग ने शनिवार को खासकर कुमाऊं में भारी बारिश की चेतावनी दी है। देहरादून में भी कई दौर की बारिश का अनुमान लगाया गया है। पिछले तीन दिनों में जोरदार बारिश से गढ़वाल के चमोली और कुछ अन्य इलाकों में जनजीवन पर असर के साथ चार धाम यात्रा भी प्रभावित हुई है|
मनाली में भी बादल फटा
मनाली के पलचान इलाके में भी बादल फटने से लेह रोहतांग मार्ग बंद हो गया है । इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। मिट्टी खिसकने से मनाली रोहतांग लेह हाइवे पर यातायात बंद हो गया है। प्रशासन ने खतरे को देखते हुए पलचान, बांहग, आलू ग्राउंड, सोलंगनाला और पतलीकूहल में हाई अलर्ट जारी करते हुए इन इलाकों को खाली करवा दिया है। वहीं, सोलंग गांव का पुल भी बाढ़ में टूट गया है।| ब्यास [पंजाब] और यमनौत्री+ भागीरथी नदी का जल स्तर बढ गया है और किनारे के गावों को वहां से शिफ्ट कराया जा रहा है|
राम नगर जम्मू एंड काश्मीर में जमीन धंस गई है जिससे वहां के हाई वेज पर ट्रेफिक प्रभावित हुआ है|

दिल्ली के फ़ार्म हॉउस अब लीगल होंगे

दिल्ली विकास प्राधिकरण ने फरवरी २००७ से पहले बने दिल्ली के २४०० फ़ार्म हॉउस को नियमित करने का फैसला कर लिया है अब एक निश्चित जुर्माना अदा करने पर नेब सराय +बेर सराय+सत्बरी+छत्तरपुर और महरौली के फ़ार्म हॉउस के मालिकों का राहत मिल सकेगी जुर्माने की राशि का खुलासा अभी तक नहीं किया गया है|
फ्लोर एरिया में भी राहत दी जा रहे है|
लम्बे अरसे से लंबित पड़ी इस फायल को क्लीयर करते हुए अब कम से कम ५ एकड़ के फार्म हॉउस में शादी ब्याह के लिए पार्टी हाल + एम्युसमेंट पार्क बनाए जा सकेंगे|