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Category: Glamour

अमिताभ बच्चन लन्दन में ओलम्पिक टार्च लेकर दौड़े

६९ वर्षीय बोलीवुड स्टार अमिताभ बच्चन आज सफ़ेद ट्रेक सूट[०६३] में ६९ दिवसीय ओलम्पिक ज्योति को रिले सुनहरी टार्च में लेकर साउथ वार्क में ३०० मीटर तक दौड़े|मार्ग के दोनों और खड़े प्रशंषकों का हाथ हिला कर अभिवादन भी करते गए | दर्शकों ने भी तालिया बजा कर अपने प्रिय अभिनेता का सम्मान किया
कल से ओलम्पिक गेम्स प्रारंभ किये जाने हैं लन्दन ओलम्पिक आर्गेनाइजिंग कमिटी द्वारा आमंत्रित श्री बच्चन ने इस सम्मान पर गर्व महसूस किया और इसे नाकेवल अपने लिए वरन देश का भी सम्मान बताया है | ऐ बी नियुज चेनल पर उन्होंने बताया की इस प्रकार के आयोजनों से विश्व बंधुत्व की भावना को बल मिलता है और भविष्य में भी इसीप्रकार के आयोजनों में भाग लेते रहेंगे इस अवसर पर उद्योगपति लक्ष्मी मित्तल और संयुक्त राष्ट्र के महा सचिव बाण की मून भी थे

दरगाह दीवान ने अब बनाया क्या कूल है हम को निशाना

लगता है कि फिल्मो की आलोचना करके मीडिया की सुर्ख़ियों में रहने का गुर मुक़द्दस अजमेर शरीफ दरगाह के दीवान ने सीख लिया है तभी आये दिन फिल्मो से सम्बंधित विवादस्पद ब्यान देने लगे है |अब उन्होंने तुषार कपूर स्टारर क्या कूल हैं हम को निशाना बना डाला है|इस फिल्म में एक पालतू कुत्ते का नाम फखरूद्दीन रखे जाने पर कडा ऐतराज जताया गया है |हजरत ख्वाजा गरीबनवाज़ जी के बेटे का नाम भी फखरूद्दीन ही था |इससे पहले दरगाह दीवान ने फिल्म के प्रमोशन के लिए मुक़द्दस दरगाह में जियारत के लिए आने वाले फिल्मकारों को भी आड़े हाथों लिया था|
अब क्या कूल हैं हम कि आलोचना करके फिल्म को अनावश्यक पब्लिसिटी तो दे ही दी गई है|

प्रणव मुख़र्जी बन गए भारत के महामहिम

प्रणव मुखर्जी आज महामहिम बन गए उन्होंने राष्ट्र के १३ वें राष्ट्रपति के पद की शपथ ली|संसद के सेन्ट्रल हल में आयोजित एक गरिमापूर्ण समारोह में प्रणव मुखर्जी को देश के पहले नागरिक होने का सम्मान भी मिला|समारोह में पश्चिम बंगाल की बहु चर्चित मुख्य मंत्री ममता बेनर्जी भी उपस्थित थी
इस अवसर पर महामहिम ने अपने मर्यादित भाषण में शिक्षा +शांति को सम्रद्धि की कुंजी बताया |उन्होंने गरीबी को दूर करने +शिक्षा काप्रसार और शान्ति को आज की आवश्यकता बताया |श्री प्रणव ने आतंकवाद के विरुद्ध लड़ी जाने वाली चौथी लड़ाई पर भी टिप्पणी की \इसके पश्चात मोहम्मद हामिद अंसारी ने हिंदी में महामहिम के भाषण का अनुवाद पडा |महामहिम की अनुमति से समारोह का समापन किया गया |अंत में बाहर आ कर नए राष्ट्रपति को गार्ड आफ आनर भी दिया गया

स्वंत्रता सेनानी डाक्टर [कप्तान] लक्ष्मी सहगल का आज ९७ वर्ष की आयु में निधन हो गया

स्वंत्रता सेनानी डाक्टर [कप्तान] लक्ष्मी सहगल का आज ९७ वर्ष की आयु में निधन हो गया कानपूर में उन्होंने अंतिम साँस ली |
१९ जुलाई को ह्रदय रोग के कारण इन्हें अस्पताल के आई सी यूं में भर्ती कराया गया था जहां मस्तिष्क आघात भी हो गया इनकी हालत दिन बदिन बिगड़ती ही चली गई आज उन्होंने अंतिम सांस ली| अंतिम समय में इनकी पुत्री[ लेफ्टिस्ट नेत्री] सुहासिनी अली साथ थीं |
२४-१०-२०१४ को चेन्नई में स्वामीनाथन परिवार में जन्मी लक्ष्मी को देश के लिए मर मिटने का जज्बा अपने स्वंत्रता प्रेमी परिवार से ही मिला था |इसी जज्बे ने लक्ष्मी को नेता जी सुभाष चन्द्र बोस से मिलवाया जहां आज़ाद हिंद सरकार में नेता जी ने इन्हें मिनिस्टर फार वोमेन अफेयर्स बनाया और झांसी रेजिमेंट का कप्तान बनाया\इसके बाद सहगल परिवार में शादी हुई और आज़ादी के बाद कानपुर में ही बस गए \यहाँ यह परिवार पकिस्तान विभाजन के कारण आ रहे रिफ्युजिओं की सहायता में समर्पित रहे|१९९८ में तत्कालीन राष्ट्रपति के आर नारायण के द्वारा लक्ष्मी सहगल को पदम् विभूषण एवार्ड प्रदान किया गया Permalink: http://jamosnews.com

मुक़द्दस दरगाह में फिल्म वालों की एंट्री पर बैन हो = दरगाह दीवान

मुक़द्दस दरगाह अजमेर शरीफ के दीवान जैनुल आबेदीन ने दरगाह में आने वाले फिल्म वालों की एंट्री पर कड़ा एतराज जताया है|
इनके अनुसार इस्लाम में न्रत्य और फिल्मो की मनाही है|इसीलिए अपनी फिल्मो की सफलता के लिए यहाँ आकर कामना करना उचित नहीं है |
दरगाह अजमेर शरीफ पर हर धर्म के लोगों का विश्वास है। यहाँ आने वाले जायरीन चाहे वे किसी भी मजहब के क्यों न हों, ख्वाजा के दर पर दस्तक देने के बाद उनके जहन में सिर्फ अकीदा ही बाकी रहता हैयह हिन्दू मुस्लिम एकता का प्रतीक है|
इतिहास के पन्नों में झांकने पर पता चलता है कि बादशाह अकबर को भी इसी मुक़द्दस दरगाह पर माथा टेकने से पुत्र[सलीम] की प्राप्ति हुई थी ।ख्वाजा साहब का शुक्रिया अदा करने के लिए अकबर बादशाह ने आमेर से अजमेर शरीफ तक पैदल आये थे |पिछले दिनों पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी भी आये थे और एक बड़ी राशि दे कर गए थे यहाँ हाजरी देने वालों में मज़हब की कोई दीवार नहीं है|फिल्म वाले भी अपनी फिल्मो कि सफलता और प्रसिद्धि के लिए आते हैं|इसी पर एतराज जताते हुए दरगाह दीवान[प्रमुख] श्री जैनुल द्वारा इस्लाम के बुद्धिजीवी+अनुयायी +उलेमाओं से फिल्म वालों की एंट्री पर विचार करने की|अपी;ल की गई है |
तारागढ़ पहाड़ी की तलहटी में स्थित दरगाह शरीफ वास्तुकला की दृष्टि से भी बेजोड़ है…यहाँ ईरानी और हिन्दुस्तानी वास्तुकला का सुंदर संगम दिखता है। दरगाह का प्रवेश द्वार और गुंबद बेहद खूबसूरत है। इसका कुछ भाग अकबर ने तो कुछ जहाँगीर ने पूरा करवाया था। माना जाता है कि दरगाह को पक्का करवाने का काम माण्डू के सुल्तान ग्यासुद्दीन खिलजी ने करवाया था। दरगाह के अंदर बेहतरीन नक्काशी किया हुआ एक चाँदी का कटघरा है। इस कटघरे के अंदर ख्वाजा साहब की मजार है। यह कटघरा जयपुर के महाराजा राजा जयसिंह ने बनवाया था। दरगाह में एक खूबसूरत महफिल खाना भी है, जहाँ कव्वाल ख्वाजा की शान में कव्वाली गाते हैं।

श्रद्धा भाव से आज पूजा गुग्गा

आज श्रद्धा भाव से गुग्गा पूजन किया गया और अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई|
अविभाजित पंजाब में आज के दिन गावों के बाहर पीपल आदि के पेड़ों पर मीठे जवे[सेवैय्याँ]दूध,फल आदि चड़ा कर
दीपक जलाया जाता था और पूर्वजों की आत्मा की शांति की कामना की जातीथी |इस परम्परा को पर्यावरण संरक्षण
से भी जोड़ा जाता रहा है|
अब चूँकि शहर बसते जा रहे हैं इसीलिए मंदिर में ही पीपल की पूजा की जारही है|
एक और मान्यता के अनुसार गावों के रेंगने वाले जीवों को गावों के बाहर ही रखे जाने के लिए यह प्रथा चलाई गई थी
आज विभाजन के पश्चात भी यह प्रथा को जीवित रखा जा रहा है और इस सांस्कृतिक धार्मिक धरोहर को अगली पीडी
को सौंपा जा रहा है

हेप्पी वैली में राखी प्रतियोगिता

मेरठ के फूल बाग़ स्थित हेप्पी वैली पब्लिक स्कूल में आज राखी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया इसमें कक्षा आठ तक के छात्रों ने आकर्षक राखियाँ बनाई और पुरूस्कार जीते

किट्टी क्लब ने मनाई हरियाली तीज

मेरठ किट्टी क्लब की सदस्यायों ने आज हरियाली तीज की खुशियाँ बटौरी गंगा नगर के ग्लोबल सिटी में आयोजित इस तीज मिलन में गीता ,प्रोमिला अंजू ,संयोगिता ,चंचल, अंजलि,आशा ,सोनाली,शशि,अनीशा,ने भाग लिया\इस अवसर पर हरे रंग को प्राथमिकता देते हुए वस्त्राभूषण आदि ग्रहण करने आवश्यक थे |
तम्बोला गेम के माध्यम से तेज क्वीन का खिताब श्रीमती आशा शिव चरण को दिया गया|

नज़र लागी राजेश खन्ना तोरे बंगले पे

सुपर स्टार राजेश खन्ना यूं तो सारे जीवन किसी न किसी विवाद से जुड़े रहे मगर मरने के बाद भी ये विवाद उनका पीछा नहीं छोड़ रहे हैं|अब अनीता आडवाणी[५०] नामक महिला ने श्री खन्ना के साथ लिव इन रिलेशन में आठ साल बिताने का दावा किया है और बदले में आशीर्वाद[निवास] मांग लिया है|
गौर तलब हे की अप्रैल माह से बीमार चल रहे श्री खन्ना का इसी सप्ताह निधन हुआ है अब उनकी मौत के बाद अनीता का यह विवाद क्या केवल प्रसिद्धि पाने का कोई फ़िल्मी डिवाईस तो नहीं है |
यद्यपि राजेश खन्ना की अंतिम वसीयत के अनुसार आशीर्वाद [जिसमे कभी भारत भूषण और राजेंदर कुमार सरीखे स्टार रहा करते थे ]को एक मियुजियम में तब्दील कर दिया जाना चाहिए और इसके लिए भी श्री खन्ना ने अपनी दोनों बेटियों को ही निर्णय का अधिकार दिए हैं||मगर ठीक उनकी मौत के दिन लीगल नोटिस भेज कर अनीता आडवाणी ने यह नया विवाद खडा कर दिया|अनिता स्वयम को फिलिपीन्स के पूर्व राष्ट्रपति की रिश्ते दार बता रही हैं |उन्होंने दावा किया है की जून माह तक वोह इसी बंगले में रही सर्व विदित है की बीमारी के समय श्री खन्ना की फेमिली ही उनके साथ थी| गौर तलब है की श्री खन्ना द्वारा छोड़ी गई संपत्ति को २०० करोड़ का आंका जा रहा हैऔर एन मौत के दिन लीगल नोटिस कई स्वाभाविक सवाल खडा करता है इनका उत्तर तो केवल डी एन ऐ का परीक्षण ही दे सकता है\
खैर इस समय मुझे देवानंद की फिल्म काला पानी का पुराना एक गीत याद आ रहा है जिसका मुखड़ा कुछ इस प्रकार था
नज़र लागी राजा तोरे बंगले पे \
इस गाने को गाने वाली खलनायिका को तो बँगला नहीं मिला था अब इस अनिता आडवाणी का भविष्य क्या होगा यह अब अदालतें ही बता पाएंगी

ज़िन्दगी से प्यार करने वाले काका मोहब्बत निभाने ऊपर आका के पास चले गए


ज़िन्दगी को बहुत प्यार करने वाले हरदिल अज़ीज़ काका आज ऊपर वाले आका से भी महोब्बत निभाने यह कहते हुए चले गए की अच्छा तो हम चलते हैं|
फ़िल्मी जगत के पहले सुपर स्टार राजेश खन्ना[काका] का आज निधन हो गया \श्री खन्ना पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे | इस महीने तीन बार अस्पताल में इलाज़ करवा कर दो दिन पूर्व ही आशीर्वाद[निवास] में लौटे थे |सातवें दशक में इन्होने एक के बाद एक अनेकों हिट फिल्मे दी |
श्री खन्ना ने राजनीती में भी हाथ आजमाया और कांग्रेस के टिकट पर बीती सदी के ९वे दशक में सांसद भी बने | फिल्म फेयर की लगातार तीन बार और २००८ में इन्हें फाल्के लेजेंदरी अवार्ड भी दिया गया | श्री खन्ना ने आख़री ख़त से शुरू करके राज + अराधना+ आन मिलो सजना+दुश्मन+ कटी पतंग + हाथी मेरे साथी+रोटी ++इतेफाक+अमरप्रेम + प्रेम नगर+खामोशी++ सफ़र+आनंद+बावर्ची+नमक हराम+ आदि अनेक मेन स्ट्रीम और आफबीट फिल्मो में प्रसिद्धि पाई
२९ दिसंबर १९४२ को अमृतसर में जन्मे जतिन खन्ना ने राजेश खन्ना के नाम से फिल्मो में कदम रखा |और सफलता की सीडियां चडते गए |अपनी उम्र से लगभग आधी उम्र की बोबी गर्ल डिम्पल कपाडिया से ७वे दशक के शुरुआत में शादी की और दो पुत्रिओं ट्विंकल+रिंकी] के बाप बने एक्शन कुमार अक्षय कुमार भाटिया इनके दामाद बने | शुरूआती दौर में जहां मुकेश की आवाज़ इन्हें भाई वहीं सफलता पाने के बाद राहुल देव बर्मन और किशोर कुमार से इनकी जोड़ी ने सफलता के नए आयाम छुए |
मुझे याद आता है की एक बार राजेश खन्ना को मेर्ताथ के नौचंदी मेले में पंजाबी संगठन के प्रोग्राम में बुलाया गया था समय से पहले आने पर अधिकाँश कुर्सिया खाली थी मगर गेटों पर भीड़ जमी थी यह देख काका ने मंच से ही गेट खोलने को यह कहते हुए कहा की अरे ये पब्लिक है ये सब जानती है और सारा हाल भर गया|
हमारी श्रधांजलि
इश्वर इनकी आत्मा को शान्ति प्रदान करें और इनके परिवार को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें|
पंजाबी कल्चरल सोसायटी मेरठ महानगर ने भी शोक सभा की और अपने प्रिय अदाकार को भाव पूर्ण श्रधांजलि अर्पित की |इसमें सुनील शर्मा[प्रधान]राज कोहली[महासचिव]जगदीश अरोरा,अशोक अनेजा,जगमोहन सबलोक,संजय मदान आदि ने श्रधान्जली अर्पित की