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बारहवें [पूर्व]प्रधान मंत्री पुरुषार्थी इंद्र कुमार गुजराल नहीं रहे :श्रधान्जली

पूर्व प्रधानमंत्री पुरुषार्थी+स्वतन्त्रता सेनानी इंद्र कुमार गुजराल का आज शुक्रवार दोपहर साड़े तीन बजे निधन हो गया। श्री गुजराल को 19 नवंबर को गुडगांव के मेडिसिटी मेदांता हास्पिटल में फेफड़े के संक्रमण के इलाज़ के लिए भर्ती कराया गया था। पिछले दो-तीन दिन से उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। डॉ नरेश त्रेहान के नतृत्व में नौ डॉक्टरों की टीम उनकी देखभाल कर रही थी। अंतिम संस्कार कल शनिवार को दिल्ली में होगा। विभाजन के बाद पाकिस्तान से भारत आए श्री गुजराल भारत के प्रधानमंत्री पद तक पहुंचे। इसे पूर्व 1950 के दशक में वे एनडीएमसी के अध्यक्ष बने और उसके बाद केंद्रीय मंत्री बने और फिर रूस में भारत के राजदूत भी रहे। जमोस न्यूज़.काम परिवार की एक विनम्र श्रधान्जली |

बारहवें [पूर्व]प्रधान मंत्री पुरुषार्थी इंद्र कुमार गुजराल


अच्छे पड़ोसी संबंध को बनाए रखने के लिए ‘गुजराल सिद्धांत’ [डाक्टराइन] का प्रवर्तन करने वाले गुजराल कांग्रेस छोड़कर 1980 के दशक में जनता दल में शामिल हो गए। वह 1989 में वीपी सिंह के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय मोर्चा सरकार में [१]विदेशमंत्री बने। विदेशमंत्री के तौर पर इराकी आक्रमण के बाद वह कुवैत संकट के दुष्परिणामों से निपटे, जिसमें हजारों भारतीय विस्थापित हो गए थे।वह 1998 में पंजाब के जालंधर से लोकसभा में अकाली दल के सहयोग से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुने गए। उनकी सरकार का विवादास्पद निर्णय 1997 में उत्तर प्रदेश में [२]राष्ट्रपति शासन की अनुशंसा करना था। तत्कालीन राष्ट्रपति केआर नारायणन ने उस पर दस्तखत करने से इनकार कर दिया और पुनर्विचार के लिए इसे सरकार के पास वापस भेज दिया। उनकी पत्नी शीला गुजराल कवयित्री और लेखिका थीं, जिनका निधन, 2011 में हो गया। उनके भाई सतीश गुजराल मशहूर पेंटर और वास्तुविद हैं उनके परिवार में दो बेटे हैं, जिनमें एक नरेश गुजराल राज्यसभा के सदस्य और अकाली दल के नेता हैं।
एचडी देवेगौड़ा की सरकार में गुजराल दूसरी बार विदेशमंत्री बने और बाद में जब कांग्रेस ने समर्थन वापस ले लिया, तो 1997 में वह प्रधानमंत्री बने। लालू प्रसाद यादव, मुलायम सिंह और अन्य नेताओं सहित संयुक्त मोर्चे की सरकार में गंभीर मतभेद होने के बाद वह सर्वसम्मति से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में उभरे। यह अलग बात है कि उनकी सरकार कुछ महीने ही चली, क्योंकि राजीव गांधी की हत्या पर जैन आयोग की रिपोर्ट को लेकर कांग्रेस फिर असंतुष्ट हो गई।
लोकसभा में गुजराल के निधन की सूचना देते हुए गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री 93 वर्षीय इंद्र कुमार गुजराल का निधन साढ़े तीन बजे गुडगांव के मेदांता हास्पिटल में हुआ। गुजराल के निधन की खबर के बाद दोनों सदनों को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया।

निधन से पहले ही श्रधान्जली

झारखंड विधानसभा में आज पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के निधन के पहले ही सदन में उन्हें श्रृद्धांजलि दे दी गई।
राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन कार्यवाही शुरू होने पर गुजराल के निधन के पहले ही विधानसभा में उन्हें श्रद्धांजलि दे दी गई। इसके बाद सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।
श्री गुजराल को म्रदुभाषी + कुशल राजनयिक+ महान दार्शनिक+सज्जन राजनितिज्ञ माना जाता रहा है। गुजराल को उनके सिद्धांतों के कारण जाना जाता है। उनक तर्क था कि भारत को अपने पड़ोसियों के साथ उदारता से व्यवहार करना चाहिए। गुजराल का जन्म चार दिसंबर 1919 को झेलम (अविभाजित पंजाब) में हुआ था। स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार से ताल्लुक रखने वाले गुजराल 1942 भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान जेल भी जा चुके हैं।

म्रदुभाषी+चिन्तक+लेखक एवं पूर्व प्रधान मंत्री इंद्र कुमार गुजराल की स्वास्थ्य स्थिति चिंतनीय

देश के बारहवें प्रधानमंत्री रहे म्रदुभाषी+चिन्तक+लेखक श्री इंद्र कुमार गुजराल की स्वास्थ्य स्थिति चिंतनीय बताई जा रही है श्री गुजराल को मेडिसिटी मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है| छाती में संक्रमण के कारण उनकी स्थिति ‘गंभीर’ बतायी जा रही है|जमोस न्यूज डाट काम परिवार उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता है|
92 वर्षीय श्री गुजराल कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे हैं और तबीयत बिगड़ने पर शनिवार को उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया. वह करीब एक वर्ष से डायलीसिस पर हैं और पिछले चार दिनों से अस्पताल में भर्ती हैं जहां शनिवार से उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया है|

पूर्व प्रधान मंत्री इंद्र कुमार गुजराल


अस्पताल सूत्रों के अनुसार 92 साल के इंद्रकुमार गुजराल की हालत गंभीर है.|
4 दिसंबर 1919 को पाकिस्तान के झेलम में पैदा हुये और आजादी के बाद विस्थापित हुए और पुरुषार्थी के रूप में पी एम् बनने वाले इंद्रकुमार गुजराल को लेकर चिकित्सकों का कहना है कि उनकी हालत अभी भी स्थिर है और सुधार नजर नहीं आ रहा है.12 वें प्रधानमंत्री रहे श्री गुजराल के बेटे एवं सांसद नरेश गुजराल ने बताया कि उनकी हालत ठीक नहीं है और वह गंभीर हैं।
शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री को देखने के लिए प्रधानमंत्री डाक्टर मनमोहन सिंह भी आने वाले थे, लेकिन बाद में प्रधानमंत्री का दौरा रद्द हो गया
21 अप्रैल 1997 से 18 मार्च 1998 तक भारत के प्रधानमंत्री का पद संभालने वाले इंद्रकुमार गुजराल की पहचान एक ऐसे प्रधानमंत्री के तौर पर रही है, जिसने लेखन और रचनात्मकता को भी पर्याप्त स्थान दिया.|
कई वर्षों से सक्रिय राजनीति से दूर रहने वाले इंद्र कुमार गुजराल की उपस्थिति अरसे बाद अन्ना हजारे के आंदोलन में पिछले साल दर्ज की गई थी.

कसाब को पुणे में फांसी दिए जाने पर मेरठ में खुशियाँ मनाई जा रही है

अजमल आमिर कसाब को फांसी दिए जाने पर मेरठ में आज खुशियाँ मनाई जा रही है| व्यापारी और वकीलों ने मिठाई बांटी और आतिश बाज़ी भी की |

कसाब को पुणे में फांसी दिए जाने पर मेरठ में खुशियाँ मनाई जा रही है


गौरतलब है कि २६/११ मुम्बई के एक मात्र ज़िंदा पकडे गए आतंकवादी अजमल आमिर कसाब को आज सुबह यरवदा जेल में फांसी देकर उसे वहीं दफना भी दिया गया|
इस एक फांसी से आपने कई सन्देश दे दिए हैं|[१]विपक्ष के हाथों से यह मुद्दा छीन लिया[२] आतंक वाद के खिलाफ प्रतिबद्दता को दोहरा दिया[३]महाराष्ट्रा में बाल ठाकरे के निधन से शिव सेना के प्रति उत्पन्न सहानुभूति और फेस बुक पर टिपण्णी के लिए शाहीन +रेनू की गिरफ्तारी को फीका करके मुख्य चर्चा में कसाब को डाल दिया दिया|[४] इस प्रकार के भाड़े के आतंकवादियों के लिए यह सन्देश भी गया है कि आतंकवादियों को मरने के बाद कूए यार में दफन होने के लिए दो गज जमीन भी नसीब नहीं होती |इसके अलावा अभी भी १२ समान फायलें पेंडिंग ही रह गई |कसाब के पाक में शरणागत आकाओं +अफजाल गुरु और आपके अपने राजीव गांधी के हत्यारों से सम्बंधित फायलों से अभी भी धूल साफ़ नहीं की जा सकी है| फिर भी कहा जा सकता है कि बेटर लेट देन नेवर |

एंड प्राण की हालत बिगड़ी लीलावती अस्पताल में भर्ती

सदी के खलनायक और प्राण या एंड प्राण की हालत अस्वस्थ होने के कारण उन्हें मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। । और प्राण ने साढ़े तीन सौ से अधिक फिल्मों में काम किया है। बेवकूफ+खानदान+औरत+बड़ी बहन+जिस देश में गंगा बहती है+हाफ टिकट+ शहीद+उपकार+पूरब और पश्चिम’+ गुमनाम+ कश्मीर की कली+एन इवनिंग इन पेरिस+ कब क्यूं और कहाँ+राजा और राना+विक्टोरिया २०३ +साधू और शैतान + ‘डॉन’ + दस लाख+जंजीर’+ बोबी +यमला जट्ट[पंजाबी] आदि प्रमुख है |प्राप्त जानकारी के अनुसार ९२ साल के एंड प्राण को सांस लेने में दिक्कत आ रही है| जिसके कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। उन्होंने खलनायक+कामेडियन या चरित्र रोल में अपने दमदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीता। उधर प्राण के अस्वस्थ होने की खबर के बाद उनके प्रशंसक उनके लिए दुआएं मांग रहे हैं। । बताया जा रहा है कि उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है हालांकि उनके परिवार वाले तो यही कह रहे हैं कि प्राण की हालत ठीक है लेकिन वो शुक्रवार से अस्पताल में भर्ती है। परिवार वालों की ओर से बार-बार कहा जा रहा है कि प्राण पूरी तरह से ठीक हैं।
92 वर्ष के पद्म भूषण से सम्मानित प्राण जैसा खलनायक बॉलीवुड में दूसरा कोई नहीं हुआ। कितने सितारे आये गये लेकिन प्राण का मुकाबला कोई नहीं कर पाया है। दर्जनों फिल्मों में खलनायक की भूमिका निभाने वाले फिल्म उपकार से चरित्र किरदार निभाने शुरू किये और उस में भी अपना लोहा मनवाया।इसीलिए पिक्चर की कास्टिंग में एंड प्राण या और प्राण लिखा जाने लगा था जिसकी पुनरावर्ती शशि कपूर के लिए की गई थी| इसके अलावा चांदी की छोटी सी शीशी से शराब की चुस्कियां लेने का अंदाज़ भी पहुत पसंद किया गया| प्रत्येक फिल्म में इनके नए गेटअप भी चर्चा में रहे हैं| अभी हाल ही में उन्होंने

एंड प्राण की हालत बिगड़ी लीलावती अस्पताल में भर्ती


एक किताब भी प्रकाशित करवाई जिसका विमोचन अमिताभ बच्चन ने किया था |

आयरन लेडी इंदिरा गाँधी की 95वीं जयंती पर कृतघ्न राष्ट्र ने उन्हें याद किया

>मेरठ में भी कांग्रेसियों ने इंदिरा गाँधी को याद कियामगर कांग्रेसियों की संख्या कोई उत्साह जनक नहीं थी| संगठन और सरकार के बीच की दूरी को कम करने के लिए किये जा रहे राहुल गांधी के प्रयासों को अंगूठा दिखा रहा है|

पूर्व प्रधानमंत्री [अब स्वर्गीय]इंदिरा गांधी को उनकी 95वीं जयंती पर कृतघ्न राष्ट्र ने याद किया राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी आदि ने दिवंगत नेता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। आज यमुना तट पर इंदिरा गांधी के समाधि शक्तिस्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की जा रही है|संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की अध्यक्ष सोनिया गांधी, केंद्रीय मंत्री सुशील कुमार शिंदे और कमलनाथ आदि शक्तिस्थल गए एवं उन्होंने वहां पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुखर्जी, अंसारी और सोनिया ने तिरंगे गुब्बारे आसमान में छोड़े|
इंदिरा गांधी के पुराने रिकार्डेड भाषण के साथ ही देशभक्ति संगीत बजाया गया। प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की बेटी इंदिरा गांधी देश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं। पढ़ाई में एक सामान्य दर्जे की छात्रा रही इंदिरा प्रियदर्शिनी गांधी को विश्व राजनीति में लौह-महि लाके रूप में जाना जाता है |उनका जन्म 19 नवंबर, 1917 को हुआ था देश की पहली महिला प्रधान मंत्री बनी और उन्होंने 16 वर्ष तक इस पद को सुशोभित किया | इंदिरा गांधी हमेशा अपने विरोधियों पर भारी रहीं | चौथे राष्ट्रपति चुनाव में कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार नीलम संजीव रेड्डी की जगह वीवी गिरि को जिताकर उन्होंने इसे और पुख्ता किया था। इंदिरा गांधी के खाते में ‘दुर्गा’, ‘लौहमहिला’, ‘भारत की साम्राज्ञी’ और न जाने कितने टाईटल दर्ज़ हैं|, यह ऐसी नेता की ओर इशारा करते थे, जो आज्ञा का पालन करवाने और डंडे के जोर पर शासन करने की क्षमता भी रखती थी।
उनके शासनकाल में कई उतार-चढ़ाव आए। वर्ष 1975 में आपातकाल लागू करने के फैसले को लेकर इंदिरा को भारी विरोध-प्रदर्शन और तीखी आलोचनाएं झेलनी पड़ी थीं। इंदिरा गांधी ने खुद ही आपातकाल खत्म कर आम चुनाव करवाया। हालांकि कांग्रेस को वर्ष 1977 के चुनाव में हार का सामना करना पड़ा| वर्ष 1980 में उन्होंने भारी बहुमत से वापसी की। फिर वर्ष 1983 में उन्होंने नई दिल्ली में निर्गुट सम्मेलन और उसी साल नवंबर में राष्ट्रमंडल राष्ट्राध्यक्षों के सम्मेलन का आयोजन किया। इनसे भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि सशक्त हुई।
कहा जाता है कि अंतरिक्ष, परमाणु विज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान में भारत की आज जैसी स्थिति की कल्पना इंदिरा गांधी के बगैर नहीं की जा सकती थी।
प्रत्येक व्यक्तित्व की अगर सराहना होती है तो उसकी आलोचना भी होती है और इंदिरा गाँधी इसका अपवाद नहीं थी |जहां आज उनकी पूजा करने वाले हैं तो उनकी इमरजेंसी के दंश से पीड़ित भी हैं|।

आयरन लेडी इंदिरा गाँधी की 95वीं जयंती पर कृतघ्न राष्ट्र ने उन्हें याद किया

आयरन लेडी इंदिरा गाँधी की 95वीं जयंती पर कृतघ्न राष्ट्र ने उन्हें याद किया

शिवसेना सुप्रीमो बाल ठाकरे के निधन से शोकाकुल मुम्बई आज भी बंद रहेगी

शिवसेना सुप्रीमो बाल ठाकरे के निधन से मुम्बई अभी भी संभल नहीं पाई है| आज सोमवार को भी सर्राफा बाजार बंद रहेगा. इसके अलावा मुंबई के प्राइवेट स्‍कूल को भी सोमवार को बंद रखा गया है. शिवसेना ने दावा किया है की पार्टी ने इस बंद का ऐलान नहीं किया है.| शिवसैनिकों ने कहा, ‘शिवसेना ने मुंबई में किसी भी तरह का बंद नहीं बुलाया है. सोमवार को बाजार बंद नहीं रहेंगे. थोक व्यापारियों ने पहले बंद का ऐलान किया था, लेकिन अब बंद वापस ले लिया है. ज्वैलर्स दुकान नहीं खुलेंगे यानी जावेरी बाजार बंद रहेगा. जो दुकानदार दुकानें बंद रखेंगे वो अपनी मर्जी से उनके प्रमुख को श्रद्धांजलि देने के लिए ऐसा करेंगे.
बाल ठाकरे के निधन की वजह से मुंबई में सोमवार को प्राइवेट स्कूल बंद रहेंगे. स्कूल मैनेजमेंट ने स्कूलों को बंद रखने का के फैसले के पीछे स्कूल बस एसोसिएशन द्वारा बसें नहीं नहीं चलाने की घोषणा कारण बताई गई है|

शिवसेना सुप्रीमो बाल ठाकरे के निधन से शोकाकुल मुम्बई आज भी बंद रहेगी


इससे पहले रविवार को मुंबई के शिवाजी पार्क में बालासाहेब ठाकरे के पार्थिव शरीर का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. अंतिम दर्शन के लिए प्रत्येक छेत्र से दिग्गज लोग शिवाजी पार्क पहुंचे|. बेटे उद्धव ठाकरे ने अपने पिता को मुखाग्नि दी.|
शिवाजी पार्क में अंतिम संस्कार के समय बालासाहेब के भतीजे और उद्धव ठाकरे के राजनितिक प्रतिद्वंदी राज ठाकरे पूरे ठाकरे परिवार के साथ खड़े रहे, | उन्होंने अपने चाचा के पार्थिव शरीर को कंधा भी दिया. अंतिम संस्कार के समय राज ठाकरे अपनी आँखों में आ रहे आंसूओं को कंट्रोल करते दिखे

शिव सेना सुप्रिमो बालासाहेब ठाकरे रक्षा प्रणालियों को तोड़ कर अपने समर्थकों को बिलखता छोड़ गए

शिव सेना सुप्रिमो बालासाहेब ठाकरे आज शनिवार को डाक्टरों की तमाम रक्षा प्रणालियों के चंगुल को तोड़ ताड़ कर अपने समर्थकों को रोता बिलखता छोड़ गए|ठाकरे का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। 86 वर्षीय बालासाहेब ने शनिवार दोपहर लगभग 3:30 बजे आखिरी सांस ली। बीते कुछ दिनों से उनकी सेहत खराब चल रही थी। शोक समाचार मिलते ही मातोश्री के बाहर आंखें नम किए हुए बालासाहेब के समर्थकों की भारी भीड़ एकत्रित हो गई। बाल ठाकरे के शोक में मुंबई के कई इलाकों में बाजार बंद कर दिए गए हैं । उनके पार्थिव शरीर को शिवाजी पार्क में अंतिम दर्शन के लिए रविवार सुबह 7 रखा जाएगा। रविवार दोपहर बाद बाला साहब का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

शिव सेना सुप्रिमो बालासाहेब ठाकरे रक्षा प्रणालियों को तोड़ कर अपने समर्थकों को बिलखता छोड़ गए


शिवसेना प्रमुख के निधन की सूचना मिलते ही प्रधानमंत्री ने शनिवार की शाम को आयोजित रात्रिभोज को रद्द कर दिया है। पी एम् ने अपने शोक सन्देश में कहा कि बाला साहब ठाकरे के लिए महाराष्ट्र का हित सर्वोपरि रहा |लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज ने भी ट्वीट कर बाल ठाकरे के निधन पर दुख जताया है। गुजरात के मुख्य मंत्री नरेंद्र मोदी ने बाला साहब के जाने को एक युग की विदाई बताया है | वहीं, ठाकरे के निधन पर शोक जताते हुए भाजपा प्रवक्ता शहनवाज हुसैन ने कहा कि इनके निधन के साथ ही भारतीय राजनीति का एकयुग समाप्त हो गया है| – पी एम् डॉ. मनमोहन सिंह +गृह मंत्री शिंदेपूर्व मंत्री + शाहनवाज़ हुसैन + सुषमा स्वराज+ नितिन गडकरी +मिलिंद देवड़ा+ अरविंद केजरीवाल+ दीया मिर्जा+ स्मृति ईरानी + मधुर भंडारकर शोभा डे+ विवेक ओबराय + लता मंगेशकर+ अजय देवगन+ रजनीकांत आदि ने भी श्रधान्जली अर्पित की है| शेर+बेबाक + लौहपुरुष+ शानदार शख्सियत वाला नेता करार दिया।.महाराष्ट्र में हिंदूवादी व मराठी राजनीति की हनक के लिए चर्चित ठाकरे ने 1966 में शिव सेना की स्थापना की थी|.ठाकरे को सांस की बीमारी के अलावा पेंक्रियास की बीमारी थी 86 वर्षीय शिवसेना प्रमुख की हालत बुधवार की रात को बहुत बिगड़ गयी थी और उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया था. उनकी स्थिति में कुछ सुधार होने के बाद उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली से हटा दिया गया था.\इससे पूर्व भी ठाकरे की डैथ की खबर उड़ा दी गई थी तब भी मुम्बई मानो थम गई थी मगर ठाकरे ने रक्षा प्रणाली पर रहने से इनकार कर दिया था|

जवाहर लाल नेहरू को जन्म दिन पर श्रधा सुमन

भारत के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू के जन्म दिवस को बाल दिवस के रूप में मनाया जा रहा है और उन्हें याद करते हुए शांति वन में उनकी समाधि पर फूल चढ़ाए.जा रहे हैं|
जवाहर लाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद में हुआ था. उनके पिता का नाम पंडित मोतीलाल नेहरू और माता का नाम श्रीमती स्वरूप रानी था.
बच्चों से इतना अधिक स्नेह होने के कारण ही 14 नवंबर को उनके जन्मदिन को ‘बाल दिवस’ के रूप में मनाया जाता है. इस अवसर पर कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी, और दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमति शीला दीक्षित शांति वन में देश के पहले प्रधान मंत्री की समाधि पर श्रधा सुमन अर्पित करने पहुंचे|.
ऐसे शुभ अवसरों पर इतिहास के पन्ने खंगाल कर उनसे सबक लेने की आदत अपनाया जाना प्रगर्ति के पहिये को गति देता है|इसीलिए यहाँ में एक उल्लेख करना चाहूंगा:
स्वतंत्रता सेनानी और देश के पहले पी एम् जवाहर लाल नेहरू एक कुशल वक्ता+वकील और भविष्य द्रष्टा थे उन्होंने स्वयम लिखा है कि, ‘हमारे चारों ओर सुन्दर दुनिया है और अच्छी-अच्छी चीजें हैं. लेकिन जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है हम इन सुन्दर चीजों को भूलते जाते हैं और छोटी-छोटी बातों पर एक दूसरे से लड़ते हैं. हम अपने कार्यालय में बैठकर यह कल्पना करते हैं कि हम दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं’.| मुझे लगता है कि ये उपदेश आज ज्यादा प्रसांगिक है|यूं तो छोटी-छोटी बातों पर एक दूसरे से लड़ने का घुन्न आज़ादी की लड़ाई के दौरान ही शुरू हो गया था [१]मोहम्मद अली जिन्नाह V/ S नेहरू+पटेल आदि[२] आजादी के बाद नेहरू V/S सरदार वल्लभ भाई पटेल विवाद इतिहास में दर्ज़ है |अब आज़ादी के पौने सात दशक बीतने के बाद भी छोटी छोटी बातों पर लड़ाई जारी है |सत्ता रूड नेहरू की कांग्रेस के साथ अब मुख्य विपक्षी दल भाजपा में भी यह घुन्न कोड़ बनता जा रहा है |
इन्ही नेहरू वादी स्वार्थों के चलते आज अपना मुकाम खोती जा रही है |इसके सहयोगी और अपने मंत्री भी विवादों में घिरते जा रहे हैं| नारायण स्वामी का उदहारण नवीनतम है|भाजपा तो आज कल कदम कदम पर लड़खड़ा रही है इसके अपने अध्यक्ष और मुख्य मंत्रियों पर चारों और से हमले हो रहे हैं |जाहिर है ऐसे में अपने विवाद सुलटाने में बिज़ी [व्यस्त] ये राष्ट्रीय नेता राष्ट्र की हित का कितना सोच पाते होंगे यह यक्ष प्रश्न चर्चा का विषय बनाया जाना चाहिए|

इंडिया के विकास चिराग जल रहे हैं उनके नीचे छाए भारत के अँधेरे में असंख्यक दरिद्र नारायन दुबके हैं

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक झल्ल्यत प्रेमी

ओये झल्लेया दिवाली दी लख लख वधाईयां +मुबारकां ते कान्ग्रेचुलेश्नाश । देखा दीपावली के पवित्र अवसर पर रविवार की धनतेरस से ही पूरा शहर रोशनी से नहाया हुआ है ।व्यापारियों पर खूब हो रही है धन की वर्षा|
ज्योति से ज्योति जल रही है घर -घर रोशनी में जगमगा रहा है । व्यापारी हो या दरवेश हसाड़े लक्ष्मी+ गणेश काट रहे हैं सबके कलेश|

इंडिया के विकास चिराग जल रहे हैं उनके नीचे छाए भारत के अँधेरे में असंख्यक दरिद्र नारायन दुबके हैं


झल्ला

वधाईयां जी आप जी भी खूब वधो।लेकिन साहब जी ये जो इंडिया के विकास रूपी चिराग जल रहे हैं उनके नीचे छाए भारत के अँधेरे में असंख्यक दरिद्र नारायन दुबके बैठे हैं । कहा जाता है कि दीवाली पर धन की देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है और ये लक्ष्मी देवी चंचला स्वभाव की होने के साथ साथ कर्म प्रधान भी है ।ये माता राणी कर्म करने वालों को ही वांछित लाभ या फल देती है।इसीलिए झल्ले का निवेदन है कि अपने जीवन काल में कम से कम एक दरिद्र नारायणको चिराग के अँधेरे से उठा कर बाहरी विकास की रोशनी के दर्शन कराने से बड़ा कोई दूसरा कर्म नहीं होगा|कर्म करने से माता राणी के प्रसन्न होने के चांस काफी बढ जायेंगें|

नरक चतुर्थी पर स्वर्गीय आनंदों के साथ दीपावली मनाएं

सबको हैप्पी दीपावली

नरक चतुर्थी पर स्वर्गीय आनंदों के साथ दीपावली मनाएं

| लंकापति रावण पर अयोध्यापति श्री राम की विजय के पश्चात श्री राम के घर लौटने पर खुशियाँ बांटने को दीपावली पर्व का नाम दिया गया है| यह त्योहार बुराई पर अच्छाई का प्रतीक और धन धान्य प्रदान करने वाली लक्ष्मी के पूजन से भी जुडा है|धन तेरस +छोटी दिवाली और बड़ी दीपावली पर प्रकाश करने +खरीददारी करने और पूजन का विशेष महत्व है| इसीलिए इन तीन दिनों में अरबों /= का व्यापार होता है|यहाँ तक की शेयर बाज़ार में भी महूरत खरीददारी का चलन है|