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Category: Glamour

प्रगाश रॉकबैंड की कन्या कलाकारों ने संगीत की दुनिया को धार्मिक दबाब में अलविदा कह ही दिया

प्रगाश रॉक बैंड की दसवीं कक्षा की तीनों कन्या कलाकारों ने संगीत की दुनिया को अलविदा कह दिया है ।काश्मीरी टेलेंट को दफन करने का यह तालिबानी फरमान है। इसकेलिए जारी फतवे पर केंद्र सरकार के वित्त मंत्री पी चिदम्बरम ने भी टिपण्णी करने से इनकार कर दिया है।इन बच्चियों ने प्रगाश से उजाले की जो किरण दिखाई थी वह इनके पीछे हट जाने से फिर से अँधेरे की और चल पड़ी है।जम्मू-कश्मीर के मुफ्ती बशरुद्दीन अहमद ने लड़कियों के इस रॉकबैंड को गैर इस्लामिक करार देते हुए इसके खिलाफ फतवा जारी किया था|.
P T I के मुताबिक ‘प्रगाश’ रॉक बैंड की तीनों लड़कियों ने संगीत को अलविदा कहने का मन बना लिया है.
तीनों कन्या कलाकारों ने संभवत नोमा नजीर, ड्रमर फराह दीबा और गिटारिस्ट अनिका खालिद ने खुद इस विवाद से बचने के लिए संगीत छोड़ने का मन बना लिया है. जबकि मुख्‍यमंत्री उमर अब्दुल्ला उनके समर्थन में ट्वीट कर चुके हैं. यही नहीं, रॉक बैंड की लड़कियों के खिलाफ फतवा जारी करने को बीजेपी, कांग्रेस और पीडीपी जैसी पार्टियों ने ब्यान जारी करके गलत बताया है.हालांकि मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड हो या फिर धर्मगरु ये सभी रॉकबैंड को मजहब के खिलाफ मानते हैं. कश्मीर की लड़कियों का यह पहला रॉक बैंड”प्रगाश कट्टर पंथियों को अरसे से रास नहीं आ रहा हैथा| बेशक इस रॉक बैंड को काफी समर्थन मिल रहा है परन्तु कट्टरपंथी इस रॉक बैंड के सुरों को बंद कराने के लिए सोशल साईट से लेकर फतवे तक जारी कराने लग गए |वरिष्ठ धार्मिक गुरु .मुफ्ती बशरुद्दीन अहमद ने तो इसे गैर-इस्लामी करार देते हुए रॉक बैंड के खिलाफ फतवा तक जारी भी कर दिया है.| मुफ़्ती का कहना है कि इस प्रकार के खुले पन से बलात्कार की घटनाएँ बढ रही है| लड़कियों को खुले में गाने के बजाये घर में ही रहना चाहिए और बुर्के का प्रयोग किया जाना चाहिए| प्रगतिशील कहे जा रहे मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का समर्थन बैंड को हासिल है.उन्होंने कहा था कि, पुलिस इस मामले की जांच करेगी और धमकी देने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. कुछ सिरफिरे लोगों की वजह से टैलेंटेड आवाज दबने नहीं दी जाएगी|
लड़कियों का ये रॉक बैंड पहली बार तब चर्चा में आया जब पिछले साल दिसंबर महीने में उन्होंने सालाना ‘बैटल ऑफ द बैंड्स’ प्रतियोगिता में अपना शो किया. इसके बाद इस बैंड के फैन्स की तादाद भी बढ़ने लगी है |नोमा भट्ट, फराह डीबा और अनीका खालिद ने पिछले साल जनवरी में “प्रगाश” नाम से यह रॉक बैंड बनाया था। प्रगाश का मतलब होता है “अंधेरे से उजाले की ओर”। कश्मीर में लडकियों का यह पहला और अकेला रॉकबैंड है। पिछले साल दिसंबर में बैंड ने श्रीनगर में हुए म्यूजिक फेस्टिवल में लाइव दी थी। आज कल उदार वादी कहे जा रहे अनेको सामाजिक और राजनीतिक संगठन विचारों की अभिव्यक्ति के लिए आवाज़ उठाते आ रहे हैं |कमल हासन की विश्वरूपम नवीनतम उदहारण है लेकिन आश्चर्यजनक रूप से इस उजाले के प्रति सभी की केवल ब्यान बाजी कुछ परेशान करने वाली जरूर है|यह दुर्भाग्यपूर्ण है |

काश्मीरी अंधेरे में उजाले का “प्रगाश” के खिलाफ कट्टर पंथी फतवे जारी

: कश्मीर की लड़कियों का पहला रॉक बैंड”प्रगाश कट्टर पंथियों को रास नहीं आ रहा है| बेशक इस रॉक बैंड को काफी समर्थन मिल रहा है परन्तु कट्टरपंथी इस रॉक बैंड के सुरों को बंद करने के लिए फतवे जारी कराने लग गए हैं|वरिष्ठ धार्मिक गुरु .मुफ्ती बशरुद्दीन अहमद ने तो इसे गैर-इस्लामी करार देते हुए रॉक बैंड के खिलाफ फतवा जारी कर भी दिया है.| मुफ़्ती का कहना है कि इस प्रकार के खुले पण से बलात्कार की घटनाएँ बढ रही है| लड़कियों को खुले में गाने के बजाये घर में ही रहना चाहिए और बुर्के का प्रयोग किया जाना चाहिए| प्रगतिशील कहे जा रहे मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का समर्थन बैंड को हासिल है.उन्होंने कहा है कि, पुलिस इस मामले की जांच करेगी और धमकी देने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. कुछ सिरफिरे लोगों की वजह से टैलेंटेड आवाज दबने नहीं दी जाएगी|
लड़कियों का ये रॉक बैंड पहली बार तब चर्चा में आया जब पिछले साल दिसंबर महीने में उन्होंने सालाना ‘बैटल ऑफ द बैंड्स’ प्रतियोगिता में अपना शो किया. इसके बाद इस बैंड के फैन्स की तादाद भी बढ़ने लगी है |नोमा भट्ट, फराह डीबा और अनीका खालिद ने पिछले साल जनवरी में “प्रगाश” नाम से यह रॉक बैंड बनाया था। प्रगाश का मतलब होता है “अंधेरे से उजाले की ओर”। कश्मीर में लडकियों का यह पहला और अकेला रॉकबैंड है। पिछले साल दिसंबर में बैंड ने श्रीनगर में हुए म्यूजिक फेस्टिवल में लाइव दी थी। आज कल उदार वादी कहे जा रहे अनेको सामाजिक और राजनीतिक संगठन विचारों की अभिव्यक्ति के लिए आवाज़ उठाते आ रहे हैं |कमल हासन की विश्वरूपम नवीनतम उदहारण है लेकिन आश्चर्यजनक रूप से इस उजाले के प्रति सभी की चुप्पी कुछ परेशान करने वाली जरूर है|

98 नॉट आउट खुशवंत सिंह लाये नई किताब खुशवंतनामा: दी लेसंस ऑफ माई लाइफ’

98 नॉट आउट ,साहित्यकार, इतिहास कार,खुशवंत सिंह अपने ९८ वें जन्म दिन पर लाये है एक नई किताब खुशवंतनामा: दी लेसंस ऑफ माई लाइफ’ |अपने निवास पर २ फरवरी शनिवार को अपने जन्मदिन के मौके पर आयोजित एक निजी समारोह में खुशवंत सिंह ने अपनी नई किताब ‘खुशवंतनामा: दी लेसंस ऑफ माई लाइफ’ की पहली प्रति प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पत्नी श्री मति गुरशरण कौर को भेंट की।
खुशवंत सिंह का जन्म 2 फरवरी को हडाली [अब पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित ]में हुआ। इनके नाम अनेकों उपलब्धियां दर्ज़ हैं|भारत के विदेश मंत्रालय में विदेश सेवा के महत्त्वपूर्ण पदों पर रहे। 1980 से 1986 तक राज्य सभा के मनोनीत सदस्य रहे| ‘योजना’ के संस्थापक संपादक होने के साथ ही इलस्ट्रेटेड वीकली ऑफ इंडिया+, नेशनल हेराल्ड+ और हिन्दुस्तान टाइम्स के संपादक रहे।उन्होंने पाकिस्तान मेल+,दि कंपनी ऑफ़ वूमन+ दिल्ली और ए हिस्ट्री ऑफ सिख जैसी किताबें लिखीं। 1974 में उन्हें पद्म भूषण मिला, लेकिन 1984 में स्वर्ण मंदिर में सेना की कार्रवाई के विरोध में उन्होंने यह सम्मान लौटा दिया। वर्ष 2007 में उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया| सिक्खों का इतिहास उनकी प्रसिद्ध ऐतिहासिक कृति है। 2000 ई. में उनको ‘वर्ष का ईमानदार व्यक्ति’ सम्मान मिला था। खुशवंत सिंह का लेखन अभी भी जारी है |जमोस न्यूज डाट काम परिवार की तरफ से इनके दीर्घायु होने की कामना की जाती है और आशा की जाती है कि सुखी जीवन से ऐसे ही लिखते हुए शतक भी बनाएं |

जय ललिता ने तथ्य प्रधान पट कथा,चुटीलेसंवाद,आकर्षक भाव भंगिमाओं के साथ “विश्वरूपम” पर बैन को सही ठहराया

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक दुखी सिने प्रेमी

ओये झल्लेया ये क्या नयी भसूडी डाल दी | दुनिया भर से तमाम आलोचना होने और केंद्र सरकार के कहने के बावजूद ये साउथ की महारानी तमिल नाडू की मुख्य मंत्री जयललिता ने कमल हासन की सबसे महंगी फिल्म विश्व रूपम पर लगाये गए बैन को सही ठहरा दिया है|और तो और अपने चेन्नई में मीडिया के सामने आकर पूरे मामले को घुमा कर रख दिया | अब उन्हें वहां राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखने की चिंता खाने लगी है|
ओये आंध्र प्रदेश और कर्नाटक आदि पड़ोसी राज्यों के साथ कतर, संयुक्त अरब अमीरात, श्रीलंका, मलेशिया और सिंगापुर आदि देशों में इस पर प्रतिबंध लग चुका है।अब तो लगता है कि भारतीय अर्थ व्यवस्था को भी १०० करोड़ का चूना लगे ही लगे|

“विश्वरूपम” पर बैन


झल्ला

भोले राजा अगर शुरुआत में आपके कमल हासन फिल्म के कुछ आपत्ति जनक दृश्य हटाने और मुस्लिम संगठनों को इसे दिखाने के लिए तैयार हो जाते तो आज हालात यहां तक नहीं पहुंचते।लेकिन तब तो उन्हें फिल्म की पब्लिसिटी मुफ्त में मिल रहे थी|अब जब फिल्म गद्दिगेड में पड़ी है तब इस्लाम याद आ रहा है| अपना उत्पीडन दिख रहा है| लेकिन वोह शायद ये भूल गए कि जयललिता भी पुरानी अभिनेत्री और राजनीतिक हैं मीडिया के सामने उन्होंने कसी हुई+ तथ्य प्रधान पट कथा + चुटीले संवाद+आकर्षक भाव भंगिमाओं के साथ मीडिया के कैमरों का सामना किया है उस के लिए इस पुराने मंझे कलाकार को बधाई देनी तो बनती ही है|अब जयललिता ने कह दिया है कि विश्व रूपम राज्य के 524 थियेटरों में रिलीज होनी थी, लेकिन राज्य के पास जितना पोलिस बल है उससे इतने थियेटरों में सुरक्षा-व्यवस्था बनाए रखना संभव नहीं था उन्होंने कमल हासन के साथ अपने धुर्र विरोधी एम् करूणानिधि वित्त मंत्री पी चिदम्बरम और सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी को ठेंगा दिखाते हुए कह दिया है कि करीब सौ करोड़ की लागत से बनी इस फिल्म पर सरकार को प्रतिबंध लगाने का अधिकार है लेकिन उनकी सरकार ने सिर्फ 15 दिन की पाबंदी लगाई है। ताकि मामला कुछ शांत हो और कमल हासन व मुस्लिम संगठन कोई समझौता कर सकें।अब तो बाल फिर से कमल हासन के पाले में डाल दी गई है |अगर अभी भी राजनीती या पब्लिसिटी लाभ का मोह नहीं छोड़ा गया तो यही कहना पडेगा ना खुदा मिला और न ही विसाले सनम

कृष्णा अरोड़ा को ऑस्ट्रेलिया के प्रतिष्ठित सम्मान ऑर्डर ऑफ ऑस्ट्रेलिया मेडल (O A M ) के लिए चुना गया

भारतीय मूल की 85 वर्षीय कृष्णा अरोड़ा को प्रतिष्ठित सम्मान ऑर्डर ऑफ ऑस्ट्रेलिया मेडल (O A M ) के लिए चुना गया है। एक सामुदायिक सेवा का संचालन करने वाली कृष्णा को भारतीय समुदाय को दिए गए योगदान के लिए इस साल का प्रतिष्ठित पुरुस्कार देने के लिए चुना गया है।
भारत की राजधानी दिल्ली के एक कैटरिंग कॉलेज की पूर्व प्राचार्य कृष्णा अरोड़ा ने प्रवासियों के अकेलापन को दूर करने के लिए समर्पित भाव से काम किया है|

कृष्णा अरोड़ा को ऑस्ट्रेलिया के प्रतिष्ठित सम्मान ऑर्डर ऑफ ऑस्ट्रेलिया मेडल (O A M ) के लिए चुना गया

कृष्णा आस्ट्रेलिया में एक हॉटलाइन टेलीसर्विस चलाती हैं, जो कुकिंग [ पाक कला \के बारे में रोचक जानकारी और सुझाव देती है।
वह विक्टोरिया में एक सामुदायिक केंद्र में दो साल से ऑस्ट्रेलियाई लोगों को एशियाई पाक कला भी सिखा रही हैं।
पूर्व में भारतीय मूल की जायसी वेस्ट्रिप (2000), माला मेहता (2006) और वेत्तात राजकुमार (2009) को भी सम्मानित किया जा चुका है। बीते साल नवंबर में भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर को इस प्रतिष्ठित सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है |

कमल हासन ने मुस्लिमो को मनाया तो हाई कोर्ट ने विश्वरूपम के प्रदर्शन पर रोक का हथौड़ा चला दिया

निर्माता-निर्देशक-अभिनेता कमल हासन की फिल्म ‘विश्वरूपम’ चारों तरफ से घिर गई है|बीते दिन अगर एक अदालत ने फिल्म की रिलीज को ओ के कर दिया तो आज मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु में फिल्म की रिलीज पर अगले आदेश तक बैन के लिए न्यायिक हथौड़ा चला दिया गया है| मुस्लिमों के कुछ प्रतिनिधियों के साथ आज मीटिंग करके अनेकों सीन और डायलाग्स हटाने पर राजी नामा हो गया तो इस फैसले के खिलाफ कमल हासन ने सुप्रीम कोर्ट जाने को मजबूर होना पड़ रहा है |
२९ जनवरी को हाईकोर्ट की एक सदस्यीय बेंच ने विश्वरूपम पर से बैन हटा लिया था और तमिलनाडु में इसके प्रदर्शन की इजाजत दे दी थी। लेकिन कमल ने न्यायिक प्रक्रिया का पालन करते हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी नहीं मिलने तक फिल्म का प्रदर्शन नहीं किया। अब डबल बेंच ने इसपर रोक लगाते हुए अगली सुनवाई सोमवार को तय की है।
आश्चर्यजनक रूप से इस फिल्म के टाईटल [विश्वरूपम] को लेकर पहले हिंदूवादी संगठन हिंदू मक्कल काची और अब फिल्म में पाक कुरान की कुछ आयातों के कारण तमिलनाडु में मुस्लिम मुनेत्र कडगम और केरल में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया नामक मुस्लिम संगठन विरोध कर रहे हैं|
शीर्षक को लेकर विरोध शांत हुआ तो फिल्म में पवित्र कुरान से संबंधित कुछ दृश्योंपर बवाल हो गया |अब टी वी चैनलों पर आ कर बताया जा रहा है कि कमल हासन का इस मामले में विरोध कर रहे मुस्मिल संगठनों के साथ समझौता हो गया है। फिल्म से विवादित डॉयलाग भी हटाने के लिए कमल ने माथा टेक दिया है
इस सारे घटना क्रम से व्यथित कमल हासन का कहना है कि उनके विरुद्ध राजनीतिक खेल खेला जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया है कि आखिर जयललिता सरकार की उनसे क्या दुश्मनी है? क्या उनकी फिल्म को किसी साजिश का शिकार बनाया गया है?अब श्रीलंका और मलेशिया ने भी फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगा दी है|

कमल हासन विश्वरूपम


आज भी कई शहरों में फिल्म का विरोध-प्रदर्शन जारी रहा अपनी फिल्म ‘विश्वरूपम’ के प्रदर्शन पर रोक को लेकर अभिनेता-निर्माता कमल हासन ने भावुक होते हुए कहा कि तमिलनाडु सरकार नहीं चाहती कि वह राज्य में रहें और वह रहने के लिए देश या विदेश में किसी ‘धर्मनिरपेक्ष’ स्थान की तलाश कर सकते हैं। मुझे तमिलनाडु को छोड़कर कश्मीर से लेकर केरल तक धर्मनिरपेक्ष राज्य की तलाश करनी होगी। तमिलनाडु सरकार मुझे यहां नहीं देखना चाहती है।इसके पीछे मुख्य मंत्री जयललिता के धुर्र विरोधी वित्त मंत्री पी चिदम्बरम से कमल हासन के नजदीकी रिश्तों को भी देखा जा रहा है|
इस ९५ करोड़ की इस फिल्म के साथ इस प्रकार के खेल से कई सवाल उठ खड़े हुए है सबसे पहले सेंसर बोर्ड की विश्वसनीयताऔर उपयोगिता पर एक बड़ा प्रश्न चिन्ह लग गया है|जब सेंसर बोर्ड ने एक बार रिलीज के लिए सर्टिफिकेट जारी कर दिया तब राज्य सरकार या ही कोर्ट की तरफ से रूकावट क्या जायज हो सकती है |वोह भी तब जब सुप्रीम कोर्ट एक अलग केस में यह निर्णय दे चुकी है कि सेंसर बोर्ड के सर्टिफिकेट के बाद रुकावट नहीं होनी चाहिए | इसके साथ ही राज्य और केंद्र के रिश्तों में आई कटुता पर भी चर्चा की जानी चाहिए क्योंकि यह केवल एक फिल्म का नहीं वरन देशकी अर्थ व्यवस्था और फिल्म उद्योग से जुड़े एक बड़े समाज के अस्तित्व की भी है|

अमिताभ बच्चन के नाम ग्रीन फील्ड में अनाधिकृत प्रॉपर्टी : हैं ?

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक सोश्लाईट

ओये झल्लेया देखा हसाड़े स्वयम सेवको का कमाल|ओये सबको कर रहे हैं बेहाल|अन्ना बाबु राव हजारे ने महात्मा गांधी की शहादत को नमन करते हुए पटना में अपने जन लोक पाल को लेकर रैली निकाल रहे हैं यूं पी ऐ की अध्यक्ष श्री मति सोनिया गांधी को घेरने की तैय्यारी में हैं तो आई पी एस अधिकारी से खोजी स्वयम सेवक बने वाई पी सिंह ने बालीवुड स्टार अमिताभ बच्चन और उनकी पत्नी श्री मति जया बच्चन द्वारा ९ करोड़ रुपये के इन्वेस्टमेंट करके भवन निर्माण कम्पनी [ Ecstacy Reality Private Ltd.]के माध्यम से अंधेरी की एक ग्रीन फील्ड में अनाधिकृत बिल्डिंग्स[माल्स] बनवाने का भांडा फोड़ दिया है |ओये वड्डे वड्डे आदर्शवादी बातें करने में माहिर अमिताभ बच्चन के ऐसे कारनामे |हैं?

अमिताभ बच्चन के नाम ग्रीन फील्ड में अनाधिकृत प्रॉपर्टी : हैं ?


झल्ला

बाबू साहब मैंने तो सुना है कि बच्चन परिवार की इस मॉल में कोई हिस्से दारी नहीं है और न ही उन्होंने कोई लोन ही दिया है हाँ प्रोपटी जरूर खरीदी होगी| बी एम् सी या वहां कि सरकार तो वैसे भी अमिताभ जैसों के पीछे दूरबीन लेकर पड़ी रहती है उन्होंने भी माल को बनाने दिया ऐसे में तो जानब यकीं कर लीजिये कि इन पायजामा सिलवाने वालों ने नाड़े का इंतज़ाम कर ही लिया होगा | अब ये तो आप भी मानेंगे कि इन सारे पंगों को झेलने में माहिर ठाकुर अमर सिंह तो अब उनके साथ हैं नहीं और स्वयम अमिताभ बच्चन साहब की हाईट बोले तो कद बहुत ज्यादा है उन्हें ऎसी छोटी छोटी बातों का या फार्मेलिटीज को देखने में दिक्कत तो होती ही होगी|

शाहरुख़ को कोई समस्या नहीं है रहमान मलिक चाहें तो कमल हासन की विश्वरूपम को पाकिस्तान में रिलीज करवा लेवें

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक सिने प्रेमी

ओये झल्लेया ये क्या नया शाहरुख़ खान का पंगा पड़ गया? जमात उद दावा के आतंकवादी नेता हाफ़िज़ सईद और पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक एक ही भाषा बोलने लग गए हैं|अभी महाराष्ट्र सरकार शाहरुख़ की सुरक्षा व्यवस्था को रिव्यू कर ही रहे है कि पाकिस्तान और वहां के आतंकवादी भी हमारे इस प्यारे डॉन को अपना कहने लग गए हैं| भारत में भी सारी मुसीबतों को ठन्डे बसते में डाल कर पक्ष +विपक्ष सभी शाहरुख़ खान की माला जपने लग गए और पाकिस्तान को कोसने लग गए हैं| पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ हो रही दुर्गति को सब भूल गए ये नई शाहरुखी घरेड शुरू हो गई| बेचारे शाहरुख़ ने बेवजह राजनीतिक नेताओं के निशाने पर वाला साक्षात्कार आउटलुक टर्निंग प्वाइंट्स को क्या दिया कि अब सारे शाहरुख़ को लुक करने के लिए आउट हुए जा रहे हैं

Sharukh Khan,s Security


झल्ला

बाऊ जी पाकिस्तान की पुरानी आदत है जब ही हमारा पानी शांत होता है तभी वोह उसमे कंकर फैंकता है और कंकर से पैदा होने वाली लहरों को देख देख कर मजे लेता है|अब चूंकी शाहरुख़ खान की दिल्ली से नजदीकियां हैं+पाकिस्तान क्रिकेटरों से दोस्ती है और पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ के शहरी हैं सो लहरें कुछ ज्यादा दूर तक ही उठ रही हैं|माफ़ करना झल्लेविचारानुसार शाहरुख़ को अमेरिका के हवाई अड्डों पर दो बार खान होने के लिए अपमानित होना अपने यहाँ तो उसकी कोई फिल्म भी पब्लिसिटी के लिए नहीं रुकी हुई है |हाँ इस्लाम के नाम पर हमारे कमाल हासन की फिल्म ९५ करोड़ की विश्वरूपम कोरिलीज करवाने में समस्या हो रही है इसीलिए पाकिस्तान चाहे तो कमाल हासन की फिल्म को पाकिस्तान में रिलीज करवा कर उसका भला करा देवे |

दक्षिण भारत की स्वर कोकिला एस जानकी ने पद्म भूषण पुरस्कार को इनकार किया

स्वर कोकिला एस जानकी

कांग्रेस और विवादों का पुराना नाता हैऔर अब वर्ष 2013 के लिए घोषित पद्म पुरस्कारों पर भी विवाद शुरू हो गया है।दक्षिण भारत के कलाकारों की अनदेखी का आरोप लगाया जा रहा है| भारत सरकार ने बुधवार को पद्म भूषण और पद्मश्री पुरस्कारों की भी घोषणा की है|इसमें पद्म भूषण के लिए नामित दक्षिण भारत की जानी-मानी प्रख्यात गायिका एस जानकी Sishtla Sreeramamurthy Janaki] ( April 23, 1938) ने पद्म भूषण पुरस्कार लेने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि उनके साढ़े पांच दशक के शानदार करियर में इससे पहले उन्हें पद्म पुरस्कार के लायक नहीं समझा गया।चार नेशनल फिल्म अवार्ड्स + 31 विभिन्न स्टेट फिल्म अवार्ड्स जीतने वाली इस दक्षिण भारतीय कोकिला ने कहा, ‘मैंने पद्म अवार्ड लेने से इंकार कर दिया है। 55 साल से गायकी मेरा पेशा है। क्या अब तक सरकार को मेरी याद नहीं आई थी। मेरे लिए सबसे बड़ा अवार्ड मेरे फैंस हैं जो अलग-अलग भाषाओं में मेरे गायन को पसंद करते हैं।’ बता दें कि मानद डाक्टरेट की उपादि से सम्मानित जानकी ने तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और हिंदी भाषाओं में 20 हजार से अधिक गाने गाए हैं।
इसके अलावा , दो बार ओलंपिक में मेडल जीतने वाले पहलवान सुशील कुमार ने पद्म अवॉर्ड के लिए नहीं चुने जाने पर नाराजगी जताई है।इस वर्ष पुरस्कार पाने वालों में 24 महिलाएं हैं। जबकि 11 अन्य में विदेशी, अप्रवासी भारतीय, मरणोपरांत पुरस्कार पाने वाली हस्तियां हैं।
इस साल फिर भारत रत्न किसी को नहीं दिया गया है। पुरस्कारों की तीन श्रेणियों में जिन लोगों को चुना, उनमें जन चेतन को जगाने वाले अन्ना हजारे, उनकी टीम का सदस्य या भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का कोई कार्यकर्ता शामिल नहीं है। हाँ इसके अपवाद के रूप में अन्ना बाबू राव का इलाज करने वाले चिकित्सक के संचेती को जरूर सरकार ने पद्म विभूषण दिया है । भारत रत्न की सूची में खेल को भी शामिल करने के बाद क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर या हॉकी के जादूगर ध्यानचंद को इस बार देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित किया जा सकता है। खेल मंत्रालय ने इन दोनों के साथ ही पहली बार एवरेस्ट फतह करने वाले शेरपा तेनजिंग नोरगे का नाम भी भारत रत्न के लिए प्रस्तावित किया था। लेकिन, इसे अब तक स्वीकार नहीं किया गया है। इससे पहले वर्ष 2009 में मशहूर शास्त्रीय गायक पंडित भीमसेन जोशी को भारत रत्न से सम्मानित किया गया जा चुका है|
पद्म पुरस्कारों का और विवादों का नाता पुराना है| गए साल फोटोग्राफर सुनील जाना को पद्म श्री दिया गया था। उन्हें 40 साल पहले भी यही अवॉर्ड मिला था।

६४ वां गणतंत्र आज हर्षोल्लास से मनाया गया

Commissionaire+Police Lines+ Collect orate ,

६४ वां गणतंत्र आज हर्षोल्लास से मनाया गया |सरकारी संस्थानों,स्कूल कालेजों,सामाजिक संगठनों में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को सेल्यूट किया गया और अनेकों आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किये गए|राष्ट्रीय पर्व के आनंद में युवा और बालक भी सराबोरनज़र आये |हमेशा की तरह सामान्य घरों की छतों पर भी तिरंगा आसमान से बातें करता दिखा |कमिशनरी और कलेक्ट्रेट से लेकर पोलिस लाइन्स में भी अनेकों कार्यक्रम किये गए