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Category: Glamour

श्रीदेवी के कमबेक के लिए अपरम्परागत इंग्लिश विन्ग्लिश रुम्बा टेस्टी

नायिका प्रधान फिल्म ‘इंग्लिश विंग्लिश’ देख कर जब हाल से बाहर निकलने लगा तो देख कर बेहद सुखद आश्चर्य हुआ कि एक विशेष आयु और वर्ग के दर्शक फिल्म के टाईटल धुन पर थिरकते हुए + सर हिलाते हुए बाहर निकल रहे थे लेकिन इसके साथ ही महिलायें विशेष तौर पर नायिका की उम्र की महिलाये अंग्रेज़ी में नायिका के डायलाग्स को दोहरा रही थी और अपने बच्चों को अपनी अंग्रेज़ी प्रतिभा दिखा रही थी|
मेरी खुद की श्रीमती जी ,जिसने अभी अभी अमेरिका के वीजा के लिए इंटरवियु क्वालीफाई किया है, कहने लगी कि मुझे भी इंग्लिश क्लासेस ज्वाईन कर लेनी चाहियें|शायद ये सब किसी फिल्म की सफलता की गारंटी हो सकती हैं| दक्षिण एशियाई प्रवासियों से जुड़े पारिवारिक मसलों से पैक करके प्रस्तुत की गई मध्यम वर्गीय गृहिणी शशी की इस कहानी में श्री देवी के अतिरिक्त सभी कलाकारों ने पात्रों के साथ न्याय किया है| यहाँ तक कि फिल्म में लम्बे लम्बे अंग्रेज़ी और फ्रेंच भाषा के डायलाग बोलते समय कलाकारों ने शब्दों से ज्यादा अपने हाव भाव से भावनाओं का सजीव प्रदर्शन किया है| शायद इसीलिए डायलाग समझने के झंझट में फंसने के बजाये दर्शक अभिनय से ही मन्त्र मुग्ध रहता है लगातार स्पीड बना कर हलकी फुलकी भाषा में कसी हुई [टाईट ] स्क्रीन प्ले के माध्यम से दक्षिण एशियाई प्रवासियों से जुड़े, गंभीर मुद्दों को सराहनीय ढंग में उठाया गया है| जिसके परिवार वाले उसका ढंग से अंग्रेज़ी नहीं बोलने के कारण मज़ाक उड़ाते हैं। शशी गड़बड़ करती है, शब्दों का गलत उच्चारण करती है और अपने नज़दीकी लोगों (पति और बच्चों) द्वारा उपहास का विषय बनती है। जब भांजी की शादी तय करने के लिए न्यूयॉर्क जाने पर वो खुद को वहां के हलचल भरे माहौल में पाती है, तो आत्मविश्वास और अपने परिवार का सम्मान हासिल करने के लिए अंग्रेज़ी भाषा में पारंगत होती है और सबको चकित करती है | शशी को अक्षम महसूस कराने वाले किरदारों को विलेन कहना अतिश्योक्ति होगा क्योंकि उन्होंने बेशक अंग्रेज़ी बोलने में गलतियां करने वाली नायिका को लगातार ताने मार मार कर रुलाया है मगर इन्ही तानो से नायिका का चरित्र और सशक्त हुआ है| और शायद यही फिल्म की जान भी है|
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श्रीदेवी के कमबेक के लिए अपरम्परागत इंग्लिश विन्ग्लिश रुम्बा टेस्टी


इसलिए इंग्लिश विंग्लिश मात्र अंग्रेज़ी के सबक या विदेशी लोकेशन के मोह से कहीं बढ़कर है| |४९ वर्षीय श्रीदेवी को पुनः सिल्वर स्क्रीन से जोड़ने के लिए पुराने जमाने की आफ बीट टाईप अपरंपरागत विषय चुन कर जो जोखिम उठाया गया था वह कारगर साबित हुआ है| मार्केट रिपोर्ट के अनुसार ओपनिंग वीक पर ही इस फिल्म की कमाई करीब 13 करोड़ रुपये बताई जा रही है|बेशक यह अभी १०० करोड़ के क्लब से दूर है मगर मार धाड़ और हाट फिल्मो के दौर में श्रीदेवी की इस जिंदादिल परफॉर्मेंस और गौरी शिंदे के डायरेक्शन ने दर्शकों पर जादू कर दिया है । बेशक श्री देवी के पति बौनी कपूर इस फिल्म को रोजाना देखना चाहते हैं मगर वास्तव में वेलपैकेड +अपरम्परागत इंग्लिश विन्ग्लिश दिल को छु गई है

महात्मा गांधी के स्वराज, शास्त्री की सादगी और तत्काल निर्णय लेने की क्षमता की आज बेहद जरुरत है

राष्ट्र ने आज अपने सपूत मोहन दास करम चंद गांधी [महात्मा गांधी]और देश के दूसरी प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। यात्राएं +सभाएं +श्रधान्जली सभाएं आयोजित की गई| मेरठ में भी जिलाधिकारी और गण्यमान लोगों ने दोनों के चित्रों पर फूल चढ़ा कर अपनी श्रधान्जली अर्पित की|अनेक स्थानों पर वार्ताएं भी आयोजित हुई वक्ताओं ने समाज के सभी वर्गो से दोनों महापुरुषों के बताए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। वक्ताओं ने आज के दौर में महात्मा गांधी के स्वराज + शास्त्री सादगी और तत्काल निर्णय लेने की क्षमता को जरूरी बताया | लोगों ने दो मिनट का मौन रख कर महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित की। लोगों ने सत्य, अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए सदैव मानवता की सेवा करने का प्रण लिया।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व देश के दूसरी प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर फूल चढ़ा कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई

यश चोपड़ा ने नई फिल्म में एक साथ कई झल्ले पैदा किये

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

झल्ला प्रसंशक

ओये झल्लेया मुबारकां ओये अब तू एकला झल्ला नहीं रहा अब तो फिल्म मेकर यश चोपड़ा ने अपनी नई फिल्म जब तक है जान में एक साथ कई झल्ले उतार दिए हैं|
शाहरुख़ खान जैसा सुपर स्टार तो लन्दन में झल्ला बनके हसंता+ रोता+ गाता रुल्दा फिर रहा है|

झल्ला

वाकई शाहरुख़ खान ने झल्ल्यत की बादशाहत तो लन्दन में भी कायम कर दी है|मैंने इस गाने का ट्रेलर देखा है बहुत अच्छा है|
[१]गुलज़ार ने हमेशा की तरह शब्दों की मीनिंगफुल झल्लयत साड़ी है|
झल्ला की लबदा[ढूँढ़ता]फिरे
झल्ला हंसदा[हंसता]फिरे झल्ला रौंदा[रोता]फिरे झल्ला गली गली रुल्दा[भटकता]फिरे
यारां दा घर कै थां [किधर] लोगाँ तो पुचदा[पूछता] फिरे
झल्ला तू सब्दा[सभी का] झल्ला तेरा कोई ना \झल्ला गली गली रुल्दा फिरे
काले बदलां[बादलों]विच[में]चन[चाँद]लबदा
गूंगी हवाओं दी वाजाँ[आवाज] सुणदा
[२]शेरगिल ने इस गाने में सूफियाना टच देते हुए आवाज़ में जो उतार चड़ाव पैदा किया है वोह अच्छे अच्छे झल्ले भी नहीं कर पाते हैं
[३]ऐ आर रहमान ने बेहद ख़ूबसूरती से गिटार की स्टिंग[तारों] में पंजाबी झ्ल्लयत पैदा कर दी है|
[४] वयोवृद्ध निर्देशक यश चोपड़ा ने संभवत अपनी अंतिम इस फिल्म में पंजाबी गाने को डालने का रिस्क लिया उसे फिल्म का बेस बनाया और फिर उसे लन्दन की ब्यूटीफुल लोकेशंस पर शूट किया सो हेट्स आफ तो यश चोपड़ा
[५]इन सबसे ऊपर सबसे वड्डे झल्ले शाहरुख़ खान का जिक्र जरुरी है| रोमांटिक हीरो लन्दन की गलिओं में गाडी धोते +मच्छियाँ ढ़ोते+ नाचते +गाते गिटार बजाते सबको हंसाते नचाते अपनी प्रेयसी को तलाशते फिरते हैं | अपने दिल के दर्द को मुस्कान में ढाल कर पेश करने में फिर बादशाहत दिखाई
लेकिन यार इस गाने में एक ही कमी है अनुष्का शर्मा और केटरीना कैफ कोई झल्लय्त नहीं दिखा पाई \केट तो एक झलक ही दिखला कर रह गई

ओह माई गाड को जालंधर में कांग्रेस ने बैन कराया

अक्षय कुमार की नै फिल्म ओह माई गाड को पंजाब के जालंधर में बैन कर दिया गया है|जालंधर महिला कांग्रेस ने शुक्रवार को रिलीज हुई इस पिक्चर में धार्मिक भावनाएं आहात किये जाने की शिकायत की और विरोध प्रदर्शन भी किया|इसमें अक्षय को एक भगवान के रोल में दिखाया गया है|जबकि दूसरे कलाकार परेश रावल के कुछ डायलाग्स को हिन्दू ड्रम पार आघात बताया गया है|कुछ डायलाग्स इस प्रकार हैं|परेश रावल स्वयम भगवान बनने के लिए दुकानदार से कहता है कि
[१]एक दर्ज़न बड़े पेट वाले गणपति दे
[२] आठ बाडी बिल्डर हनुमान दे[३]पांच टायगर वाली दे शेराँ वाली
[४]ढाई सौ वाला कृष्ण दे अब बोनस में तीन साईँ बाबा मिलेगा क्या |
इसके अलावा दारू को गंगा जल कहा जाना+पवित्र ज्योती दिखाए जाने के अलावा कलाकारों द्वारा स्वयम को भगवान कहना भी एतराज़ का कारण बना है|

ओह माई गाड को जालंधर में कांग्रेस ने बैन कराया


लगता है कि अक्षय का विवादों से पुराना नाता है|पहले रवीना टंडन+ शिल्पा शेटी+ रेखा आदि फिल्मो की नाईकाओं के साथ रोमांस के किस्से हवा में तैरते रहते थे तो उसके बाद फिल्मो पर भी विवाद होने लग गए
[१]किंग इज सिंह[२] चांदनी चौक टू चाइना [३] और अब ओह माई गाड पर विवाद उठ खड़ा हुआ है |पहली और तीसरी फिल्म पर धर्मिक भावनाओं से खिलवाड़ का आरोप लगाया गया है तो दूसरे नंबर की फिल्म पर अपने ऊपर एक चीनी बदमाश से पेशाब करवाने पर शोर शराबा हो चुका है|

ओह माई गाड

ओह माई गॉड कांजी विरुद्ध कांजी नामक गुजराती नाटक पर आधारित है| यह फिल्म धर्म के नाम पर होने वाले व्यवसायीकरण जैसे मुद्दों पर बहस करती है | यह एक व्यावसायिक फिल्म है, जिसकी एक नजर उन संवेदनशील दर्शकों पर है, जो ईश्वर में आस्था रखते हैं और इसीलिए वे कभी उन लोगों में शामिल नहीं होंगे, जो ईश्वर पर सवाल उठाते हैं। खुद सवाल उठाना तो दूर की बात है। सोनाक्षी-प्रभुदेवा पर फिल्माया गो गो गोविंदा गाना कई म्यूजिक चार्ट पर है।

कथानक

कांजीभाई मेहता के किरदार में परेश रावल चोर बाजार में एंटीक स्टोर के मालिक हैं जो भगवान में विश्वास नहीं करता है और जो विश्वास करता है उन्हें लूटने में पीछे भी नहीं रहता। फिल्म के ओपनिंग में कांजीभाई बहुत ही चालाकी से एक राजस्थानी सेठ को बेवकूफ बनाता है। उसे उसके गहनों के बदले भगवान की मूर्ति बेचकर, जो खुद उसने बहुत ही कम दाम में खरीदी थी।
पर जब भूकंप के दौरान उसके अकेले की दुकान तहस-नहस हो जाती है तो वो उसका इंश्योरेंस क्लेम करने बीमा कंपनी जाता है। कंपनी उसे ये कहकर भगा देती है कि भगवान की मर्जी से हुए हादसों का बीमा कवर नहीं है। परेशान और दिवालिया हो चुका कांजीभाई भगवान और बीमा कंपनी दोनों पर ही केस फाइल कर देते हैं, ये कहते हुए कि इनमें से किसी एक को तो उसके नुकसान की भरपाई करनी पड़ेगी।
कोर्ट में भगवान के अस्तित्व पर सवाल खड़े करने पर उसका सामना करने खड़े हो जाते हैं कई साधु, मौलवी और पुजारी जिनमें से एक स्वामी के किरदार में हैं मिथुन चक्रवर्ती जो हर बार खुद को भगवान का सेल्समैन और धर्म को धंधा कहने पर अपनी नाक फुला लेते हैं। इसी दौरान उसके घर एक नया और अनोखा मेहमान आता है कृष्ण वासुदेव यादव जिसके किरदार में है अक्षय कुमार।यह किरदार कांजीभाई को इस अनोखी कानूनी लड़ाई में मदद करता है। उमेश शुक्ला लिखी और निर्देशित ‘ओह माई गॉड’ अंधविश्वास और जरूरत से ज्यादा धार्मिक रीति-रिवाजों और खुद ही बनाए हुए भगवान के दूतों का विरोध करती है। ये ज्यादा कुछ न कहते हुए मानो ज्यादा भड़काऊ होने से डरती है।
यहां काफी कुछ मजेदार भी है जैसे इसके डायलॉग। खास तौर पर जिद्दी और नास्तिक के किरदार में परेश रावल जो अपने इस मिशन के लिए पूरी तरह समर्पित हैं

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‘द इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स’ के निर्माता बैसेले नाकौला गिरफ्तार

इस्लाम विरोधी फिल्म बनाने वाले निर्माता नाकौला बैसेले नाकौला को अमेरिका में गिरफ्तार कर लिया गया है।
अब उसे लॉस एंजिलिस की संघीय अदालत में पेश किया जाना है। सुरक्षा कारणों से यह पता नहीं चल पाया है की उसे किस अदालत में पेश किया जाएगा| स्थानीय मीडिया की खबरों के मुताबिक, फिल्मकार की वीडियो कांफ्रेंस के जरिए अदालत में पेशी की संभावना है। नाकौला को पूछताछ के लिए इस महीने की शुरूआत में हिरासत में भी लिया गया था, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया इस फिल्म निर्माता की बनाई फिल्म पर मुस्लिमों ने इस्लाम को गलत तरीके से पेश कर उसका अपमान करने का आरोप लगाया। फिल्म के विरोध में अरब जगत में अमेरिका विरोधी प्रदर्शन शुरू हो गए। इन प्रदर्शनों में कई लोगों की जान गई और अमेरिकी स्कूलों, दूतावासों और कारोबारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया। नाकोउला की फिल्म ‘द इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स’ की वजह से दुनियाभर के मुस्लिम देशों में विरोध प्रदर्शन हुए।वर्ष 2011 में एक दूसरे मामले में उसे जमानत मिली हुई है|अधिकारियों की नजर उस पर थी कि वह जमानत की शर्तो का पालन कर रहा है या नहीं? अभी तक अभिव्यक्ति के अधिकार के नाम पर उसे अभी दान मिला हुआ था मगर इस विषय में हाल ही में आयोजित संयुक्त राष्ट्र के सम्मलेन में पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भी कार्यवाही की मांग की थी| अब सब तरफ अमेरिका का विरोध होने पर संभवत यह गिरफ्तारी हुई है|

‘द इनोसेंस ऑफ मुस्लिम्स’ के निर्माता बैसेले नाकौला गिरफ्तार

उम्र के अंतर को लांघ कर लता ने सदा बहार गाने दिए हैं

भारत रत्न लता मंगेशकर के ८३ वें जन्म दिन की ढेरों बधाईयाँ |

भारत रत्न लता मंगेशकर के ८३ वें जन्म दिन की ढेरों बधाईयाँ


भारतीय संगीत के आकाश पर ६ दशकों से एक छत्र राज कर रही लता मंगेशकर आज ८३ साल की हो गई हैं|जमोस न्यूज डाट काम परिवार की तरफ से उन्हें ढेरों बधाइयाँ|इस अवसर पर मुझे एक पुराना किस्सा[ जो शायद फ़िल्मी गोस्सिप ज्यादा था] याद आ रहा है| राज कपूर सत्यम शिवम सुन्दरम बना रहे थे यह एक महिला गायक की जीवनी पर आधारित है|इस फिल्म की नाईका के लिए लता मंगेशकर के नाम के खूब चर्चा उडी |लता मंगेशकर चूंकी फिल्मो के परदे से दूर ही रही है सो वे विदेश चली गई और बाद में राज कपूर ने हार कर जीनत अमान को कास्ट किया|गौरतलब है की राज कपूर की हमेशा पहली पंसंद लता मंगेशकर ही रही है|यहाँ तक की जीनत अमान के बचपन का रोल निभाने वाली बाल कलाकार पद्मिनी कोल्हापुर की आवाज़ के लिए भी लता से ही गवाया गया|यदपि लता और पद्मिनी की उम्र में जमीन आसमान का फर्क था फिर भी लता की आवाज़ में वो आयु का अंतर कहीं नही दिखाई दिया|उन्होंने उम्र के अंतर को लाँघ कर गाने गाये हैं|
इस अवसर पर मुझे एक और फ़िल्मी कहानी याद आ रही है|अक्सर कहा जाता था कि लता सात सुरों में गाने वाले एक मात्र कलाकार हैं उनके समकालीन गायक मोहम्मद रफ़ी भी अपने समय में मेल सिंगर्स में टाप पर थे मगर उन्हें कभी सात सुरों में गाने वाला गायक का खिताब नहीं दिया गया|
लता के खाते में भारत रत्न के अलावा ढेरों ख़िताब हैं|राज कपूर के अलावा दिलीप कुमार की भी हमेशा पसंदीदा रही हैं| आज के नायक सचिन तेदुलकर तो उन्हें ताई कह कर बुलाते हैं|

रोमांटिक फिल्मो के किंग यश चोपड़ा ने आज आठ दशक पूरे किये

रोमांटिक फिल्मो के किंग कहे जाने वाले यश चोपड़ा ने आज अपनी ज़िंदगी के 80 साल पूरे कर लिए| जमोस न्यूज डाट काम परिवार की तरफ से बधाई \यश चोपड़ा के इस खास दिन पर शाहरुख ने खान ने यश चोपड़ा को एक अनोखा उपहार दिया हैं उन्होंने एन डी टी वी पर यश चोपड़ा के साथ उनकी अब तक की ज़िंदगी के बारे में बात की और साथ ही उनके अब तक के फिल्मी करियर से जुड़े कई ऐसे पहलुओं को सामने लाये जिनके बारे में किसी को अभी तक नहीं पता।
शाहरुख खान की अधिकतर बड़ी और हिट फिल्में यश राज और उनके बैनर के साथ ही बनी हैं। ।
आज की जेनरेशन में शाहरुख ही एक ऐसे एक्टर हैं जिन्होंने यश चोपड़ा के साथ इतना काम किया है। इस ईवेंट को बहुत बड़े स्तर पर करने का प्लान किया गया है। यश चोपड़ा आमतौर पर कैमरे को फेस करना पसंद नहीं करते हैं। एन डी टी वी पर हुई इस बातचीत में बताया गया कि रोमांटिक फिल्मों की शुरुआत करने से पहले यश चोपड़ा बहुत ही गहरी सोच वाली फिल्में बनाते थे।
शाहरुख की यश चोपड़ा के साथ पहली फिल्म डर जो कि 1993 में रिलीज हुई थी बॉक्स ऑफिस पर काफी सफल हुई उसके बाद शाहरुख ने यश चोपड़ा के साथ और भी कई फिल्में की। जिनमें दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे (1995) दिल तो पागल है(1997) मोहब्बतें (2000) वीर ज़ारा (2004) और रब ने बना दी जोड़ी (2008) शामिल हैं।
वीर ज़ारा के बाद शाहरुख खान और यश चोपड़ा की जोड़ी एक बार फिर से ‘जब तक है जान’ से दोबारा अपना जादू चलाने आ रही है। इस फिल्म में एक बार फिर काश्मीर की ख़ूबसूरत वादिओं का हुस्न जलवे बिखेरेगा|
कहा जा रहा है कि ये फिल्म यश चोपड़ा की आखिरी फिल्म होगी इसके बाद वो कोई फिल्म डायरेक्ट नहीं करेंगे। फिल्हाल हर किसी को बेसब्री से यश चोपड़ा की इस फिल्म का इंतज़ार है जिसमें एक बार फिर से शाहरुख एक रोमांटिक हीरो के रुप में नज़र आएंगे। यश चोपरा ने अपने बड़े भाई बी आर चोपड़ा के एसिस्टेंस के रूप में फ़िल्मी करियर शुरू किया| शहरुख के साथ इस बात चीत में उन्होंने अपने शायरी के शौक को भी सांझा किया|

लता और रफ़ी की कडवाहट २५ साल बाद रफ़ी पुत्र और लता में पैदा हो गई

लता और रफ़ी की कडवाहट २५ साल बाद रफ़ी पुत्र और लता में पैदा हो गई

बेशक पंद्रहवीं लोक सभा ने बरसों से चली आ रही रायल्टी की मांग को जायज़ ठहरा दिया हैमगर इसके बावजूद २५ साल पुराना रायल्टी पर उठा एक बहु चर्चित विवाद पुनः चर्चा में आ गया है| अपने समय में टाप पर रहे सुर सम्राज्ञी लता मंगेशकर और दिवंगत सदा बहार गायक मुहम्मद रफी को कौन नहीं जानता| दोनों के बीच चली कुछ सालों की कड़वाहट ने संगीत जगत की एक अलग ही छवि लोगों के सामने ला दी थी। वोही कडवाहट अब मोहम्मद रफ़ी के पुत्र शाहिद अली रफ़ी और लता में आ गए हैं|
लता मंगेशकर ने एक इंटरव्यू में कहा है कि मोहम्मद रफी ने एक बार एक गाने की रॉयेल्टी के मसले को लेकर उनसे माफी मांगी थी। मगर इस पर मोहम्मद रफी के बेटे ने आपत्ति जताई है और कहा है कि रफी ने कभी भी लता से माफी नहीं मांगी।बताते हैं कि एक समय लता और रफ़ी के एक साथ गाये गए गाने रिलीज नहीं हुए थे|मोहम्मद रफी [अब स्वर्गीय ] ने लता मंगेशकर के साथ गाने को मना कर दिया था। इस पर लता ने भी कह दिया कि वे खुद भी अब उनके साथ नहीं गाएंगी। माहौल को गर्म देखते हुए संगीतकार जयकिशन[अब स्वर्गीय] ने दोनों में सुलह कराने की कोशिश की थी। इस पर लता ने रफी से लिखित माफी मांगने को कहा था।रफी ने लिखित तौर पर माफी मांगी, तब कहीं जाकर दोनों में सुलह हुई।
लता के इस कथन का रफ़ी के पुत्र शाहिद अली ने कडा विरोध किया है| शाहीद का कहना है कि रफी साहब के देहांत के बरसों बाद लता पत्र के बारे में ऐसी बातें कर रही हैं। अगर ऐसा ही था तो उन्होंने उस पत्र को सुरक्षित क्यों नहीं रखा। उन्होंने कहा कि रफी के साथ गाना शुरू करने पर अप्रसन्नता प्रकट करने की बात कहकर लता युवा पीढ़ी को गलत संदेश दे रही हैं| उन्होंने कहा कि उनके [शाहिद]पिता को बदनाम किया जा रहा है। ऐसी कोई घटना हुई ही नहीं थी। पूरी दुनिया जानती है कि मोहम्मद रफी रॉयल्टी या पैसों के लालची नहीं थे।शाहिद का कहना है कि अगर ऐसा हुआ है तो लताजी को वह पत्र दिखाना चाहिए मीडिया को न कि सिर्फ रफी साहब का नाम खराब करना चाहिए। कि रफी साहब की मृत्यु के 25 साल के बाद लताजी यह बात कह रही हैं यह दुखद है | लताजी को अपनी यह बात वापस लेनी चाहिए।मशहूर गायक मोहम्मद रफी के बेटे उन्होंने कहा, ‘आज अपना पक्ष रखने के लिए न तो मेरे पिता हैं और न ही जयकिशन। लता जी झूठ बोल रही हैं। बहुत दिनों से लता जी चर्चा में नहीं हैं इसीलिए अब चर्चा में आने के लिए रफी साहेब को बदनाम कर रही हैं| मेरे पिता के बारे में दुर्भावना पैदा कर रही हैं। यदि मेरे पिता ने लिखित में माफी मांगी थी तो उन्हें वह पत्र दिखाना चाहिए।’ शाहिद ने लता से 10 दिन के भीतर माफी मांगने को कहा है। नहीं तो वे लता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं।

ओह माई गाड अक्षय+ट्विंकल को भी लक्ष्मी रत्न

ओह माई गाड
अक्षय भाटिया और ट्विंकल को लक्ष्मी रत्न प्राप्त हो ही गया |इसके लिए मम्मी +पापा+नानी & अबोव आल स्वर्ग में बैठे दादा+नाना को जमोस न्यूज डाट काम की टीम की तरफ से लख लख वधाईयां
मंगलवार को अक्षय कुमार एक बेटी के भी पापा बन गए| अपनी इस खुशी का इज़हार करते हुए अक्षय कुमार ने टि्वटर पर लिखा है कि उनकी नन्ही राजकुमारी बिल्कुल अपनी मम्मी और नानी के जैसी है यानी की बियुटिफुल है सुन्दर है|
बताते चलें कि अक्षय कुमार की पत्नी और पूर्व अभिनेत्री टि्वंकल खन्ना मंगलवार को मुंबई के ब्रेंच कैंडी अस्पताल में प्यारी सी बेटी को जन्म दिया है। मां औऱ बच्ची फिलहाल स्वस्थ हैं। यह एक नार्मल डिलेवरी है।
यह बेटी अक्षय-टिंवकल की दूसरी संतान है। दोनों को अपनी शादी से दस साल का बेटा आरव है। अक्षय कुमार इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म ओह माइ गॉड के प्रमोशन में व्यस्त हैं। फिलहाल वो अपनी बेटी के जन्म के कारण अपना प्रमोशन प्रोग्राम जयपुर में बीच में छोड़कर मुंबई में आये हुए हैं।

ओह माई गाड
अक्षय भाटिया और ट्विंकल को लक्ष्मी रत्न प्राप्त हो ही गया

कृतघ्न राष्ट्र ने देश के सपूत मोती लाल नेहरू को याद किया

कृतघ्न राष्ट्र ने आज देश के सपूत मोती लाल नेहरू को याद किया इस अवसर पर नए सिक्के और डाक टिकट्स जारी किये गए|
विज्ञानं भवन में आज मोती लाल नेहरू की १५० वीं जन्म दिवस [६-५-१८६१ से ६-२-१९३१] पर विशेष आयोजन हुआ |पिन ड्राप सायलेंस में यूं पी ऐ अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गाँधी और राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने मोती लाल नेहरू से सम्बंधित इतिहास के पन्ने खोले| मोती लाल की जीवनी से प्रेरणा लेकर पार्टी और राष्ट्र को मज़बूत बनाने का अहवाह्न किया गया|वित्त मंत्री पी चिदम्बरम ने १५०/= और ५/= के नए सिक्के राष्ट्रपति को भेंट किये जबकि मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल ने नए डाक टिकट प्रणव मुखर्जी को भेंट किये| सिक्के मुम्बई में ढाले गए जबकि टिकट नासिक की प्रेस में छापे गए || राष्ट्रपति प्रणव ने एक बार फिर अपने काबिलियत का सराहनीय प्रदर्शन किया और बिना पड़े मोती लाल नेहरू से सम्बन्धित १९१९ और १९२८ के कांग्रेस के इतिहास के महत्वपूर्ण पन्नों को उजागर किया| उन्होंने बताया कि मोतीलाल को लगातार दो बार कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया था उनके कार्यकाल में अनेकों क्रांतिकारी फैसले लिए गए जो आगे चल कर स्वतंत्रता संग्राम में मील के पत्थर साबित हुए|इस आयोजन की गरिमा का पालन मीडिया द्वारा भी किया गया| गौरतलब है कि मंच पर लगाई गई मोती लाल कि तस्वीर से आज के राहुल गाँधी की शक्ल काफी हद तक समानता दिखाई दी

FAMILY OF MOTI LAL NEHRU



Glorious House Of Moti Lal Nehru In Allahabad Dedicated To Party