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दीवान ग्रुप आफ इंस्टीट्युशंस को बेस्ट कालेज का पुरूस्कार

दीवान ग्रुप आफ इंस्टीट्युशंस को बेस्ट कालेज का पुरूस्कार

दीवान ग्रुप आफ इंस्टीट्युशंस को बेस्ट कालेज का पुरूस्कार

दीवान ग्रुप आफ इंस्टीट्युशंस को हायर एजुकेशन केटेगरी में इंटरनॅशनल एक्सचेंज प्रोग्राम के लिए बेस्ट कालेज का पुरूस्कार दिया गया है| निदेशक कर्नल नरेश गोयल ने यह पुरुस्कार प्राप्त किया है|अन्तराष्ट्रीय स्तर पर विदेशी सहयोग परियौजना [foreign collaboration project ] के लिए दिया गया है |
बीते दिवस दिल्ली के ली मेरिडियन होटल में भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् और लैटस कम्पनी द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित दो दिवसीय विश्व शिक्षा सम्मलेन में केन्द्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने आधुनिक शिक्षा में हो रहे व्यापक बदलाव के विषय में भी जानकारी दी| इस अवार्ड को पाने में योगदान के लिए डा. कर्नल नरेश गोयल+ डीन [शिक्षा एवं अनुसन्धान]डा. आर के त्यागी+ऐ एन सेठ+प्रो. बी एम् राणा को ग्रुप चेयर मैन विवेक दीवान ने सभी को बधाई देकर उनका उत्साह वर्धन किया है|

मंत्र मुग्ध करने वाली गायिका शमशाद बेगम अपने अल्लाह को प्यारी हो गई

मशहूर गायिका[पद्म भूषण] शमशाद बेगम अपने अल्लाह को प्यारी हो गई| 94 साल की शमशाद पिछले कुछ समय से बीमार चल रही थीं। उनका निधन मुंबई के उनके [पवई]घर में हुआ।14 अप्रैल 1919 को पंजाब के अमृतसर में जन्मी बेगम ने आज़ादी से पहले के दशक में लाहौर के पेशावर रेडियो पर१६ दिसंबर को पहली बारअपनी आवाज के जादू से दुनिया को मंत्र मुग्ध कर दिया | जिसके जादू ने लोगों को उनका प्रशंसक बना दिया। १५/= प्रति सांग से शुरुआत करने वाली इस गायिका को म्यूजिक कंपनी ने ५०००/= दिए| वर्ष 1955 में अपने पति गणपत लाल बट्टो के निधन के बाद से शमशाद मुंबई में अपनी बेटी उषा रात्रा और दामाद के साथ रह रही थीं। शमशाद बेगम हिंदी सिनेमा की पहली पार्श्व गायिकाओं में से एक थीं। उन्होंने कई सुपरहिट गानों में अपनी आवाज दी। लता मंगेशकर और आशा भोंसले जैसी प्रतिभावान गायिकाओं के सामने १९४० से १९५० में अपनी आवाज का लोहा मनवाने वाली गायिका शमशाद बेगम के गाए गीत आज भी मंत्र मुग्ध कर देते हैं|इन्होने हिंदी-उर्दू पंजाबी फिल्मों में लगभग पांच सौ से ज्यादे गाने गाये, जिनमें से दर्ज़नों गाने आज भी पुराने फ़िल्मी गीत-प्रेमियों की पसंद बने हुए हैं। उनके गाये कुछ सदाबहार गीत हैं – छोड़ बाबुल का घर+ होली आई रे कन्हाई+ गाडी वाले गाडी धीरे हांक रे+ तेरी महफ़िल में क़िस्मत आज़मा कर + लेके पहला−पहला प्यार…. काफी मशहूर हुआ। पूछ मेरा क्या नाम रे, नदी किनारे गांव रे+. कहीं पे निगाहें कहीं पर निशाना+ कजरा मोहब्बत वाला+जैसे गीतों के लिए वह अब भी याद रखी जाती हैं।
फ़िल्मी संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने वाले ओ पी नैय्यर ने शमशाद बेगम की आवाज की तुलना मंदिर की घंटियों से की थी|
शमशाद बेगम ने अपने गायन की शुरुआत रेडियो से की। 1937 में उन्होंने लाहौर रेडियो पर पहला गीत पेश किया। उस दौर में उन्होंने पेशावर, लाहौर और दिल्ली रेडियो स्टेशन पर गाने गाए। शुरुआती दौर में लाहौर में निर्मित फिल्मों खजांची और खानदान में गाने गाए। वह अंतत: 1944 में बंबई आ गईं।१९९८ में इनकी मृत्यु की खबर आ गई थी दरअसलदिलीप कुमार की पत्नी सायरा बानू की नानी का नाम भी शमशाद बेगम [क्लासिकल]था उनके निधन पर यह गलत फहमी हो गई थी|

इनरव्हील क्लब ने दांतों का निशुल्क चेकअप कैंप लगाया

शास्त्रीनगर के इनरव्हील क्लब ने आनंदी शिशु मंदिर में दांतों का निशुल्क चेकअप कैंप लगाया और बच्चों को दांतों की देखभाल करने के लिए जागृत किया|डा. सरोज मिश्रा और डा. हिमांशु मिश्रा ने बच्चो के दातों की जांच की|अनिता सिंह[अध्यक्षा]अंजू पांडे[कोषाध्यक्ष]नीलम + क्षमा+सीमा+रीना+आशा ढिल्लन+बबिता+आशा जैन आदि ने सहयोग दिया|

एकांत वास में रहने वाले बुजुर्ग भी आधुनिक तकनीक अपना कर अपनी देखभाल स्वयम कर सकते हैं:प्रो. एच आर सिंह

[शिकागो]एकांत वास में रहने वाले बुजुर्ग भी आधुनिक तकनीक अपना कर अपनी देखभाल स्वयम कर सकते हैं|इसके लिए भारतीय प्रो.एच आर सिंह ने रिमोट पेशेंट मोनिटरिंग डिवाईस नाम से एक सॉफ्टवेयर तैयार किया है|इसे विशेष रूप से हृदय रोगियों के लिए लाभ कारी माना जा रहा है|
राधा गोबिंद इंजनियरिंग कालेज[मेरठ] के प्रो.एच आर सिंह ने अमेरिका के शिकागो में आयोजित थर्ड क्लिनिकल एवं एक्सपेरिमेंटल कार्डियालोजी सम्मलेन में अपने शोध को पड़ते हुए बताया कि वर्तमान में भारतीय प्रतिभाएं भविष्य सुधारने के लिए विदेशों का रुख कर रहे हैं |इसमें पैसा तो ढेरो आ रहा है लेकिन नेटिव प्लेस में उनके बुजुर्गों के लिए आवश्यक सहायता का अभाव होने लगता है|ऐसे में उन्हें संकट की किसी भी घडी में चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए टेक्नोलोजी को विकसित किया गया है|इसका प्रयोग करने सेददोर बैठा डाक्टर स्वयम मरीज के रोग के विषय में जानकारी प्राप्त कर लेता है और उसका समय पर इलाज संभव होपाता है|१५ से १७ अप्रैल को आयोजित इस सम्मलेन में विश्व के १० वैज्ञानिक और डाक्टरों ने भाग लिया जबकि भारत से एक मात्र प्रो. एच आर सिंह को ही आमंत्रित किया गयाथा |

विश्व प्रसिद्ध नौचंदी मेले में विज्ञान प्रदर्शनी २०१३ लगाई गई

[मेरठ]विश्व प्रसिद्ध नौचंदी मेले में विज्ञान प्रदर्शनी २०१३ लगाई गई| प्रगति विज्ञानं संस्था जिला विज्ञान क्लब ने राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रोद्योगिक संचार विभाग भारत सरकार द्वारा इसका आयोजन किया गया है|ऐ डी एम् सिटी सतीश दुबे + -प्रो.एच एस सिंह+डा.. ऐ बी मिश्रा+जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा फीता काट कर इस प्रदर्शनी का उदघाटन किया गया |यह प्रदर्शनी ९ मई तक चलेगी|. इसमें शैक्षणिक संस्थाएं अपने संस्थान के बच्चों को यहाँ ला कर बच्चों का ज्ञान वर्धन कर सकती है| इसके लिए प्रति छात्र ५/=फी रखी गई है|

अमेरिकन न्यू मेक्सिको के अल्बर्किकी में सुन्दर काण्ड

अमेरिकन न्यू मेक्सिको के अल्बर्किकी में सुन्दर काण्ड

अमेरिकन न्यू मेक्सिको के अल्बर्किकी में सुन्दर काण्ड

[अमेरिका]अमेरिका में रोज़गार की तलाश में आये भारतीय प्रतिभावान युवाओं को अपने वतन से दूरी के अहसास को कम कराने के लिए भारतीय धर्म और संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम भी किये जाते है| ऐसे ही एक कार्यक्रम में मुझे भी जाने का अवसर मिला|अमेरिका की राज्य न्यू मेक्सिको के शहर अल्बर्किकी में एक कालोनी में कुछ लोगों ने सुन्दर कांड का पाठ किया|इस छोटे से आयोजन में पूरे भारत की विशाल छवि के दर्शन भी हुए| पंजाबी+गुजराती+तमिल+हैदराबादी+हरियाणवी आदि छेत्रो से आये तकनीकी विशेषज्ञों ने सपरिवार श्रद्धाभाव से भाग लिया |सुन्दर कांड के पश्चात् प्रशाद और लंगर का भी प्रबंध था|प्रशाद में भारतीय परम्परानुसार हलवा पूरी के बजाय यहाँ के चलन के अनुसार पोटेटो चिप्स+समोसे+केले और स्ट्राबरी वितरित किये गए जबकि लंगर में छोले भठूरे +इडली +आईस क्रीम आदि थे| पंजाब के होशियार पुर से दिल्ली में आ बसे शर्मा परिवार ने यह आयोजन किया था|इनकी बेटी का विवाह चैन्नई के समीप स्लेम निवासी शिक्षाविद के साथ हुआ है| यहाँ एक मंदिर और गुरुद्वारा भी है लेकिन प्रशिक्षित पुजारी के अभाव में कभी कभार ही खुलता है और गुरुद्वारे में रविवार को ही सगत आती है|इसीलिए अधिकांशत ऐसे आयोजन घरों में ही सफलता पूर्वक कर लिए जाते हैं|हां एक बात और माथा टेकते समय या आरती लेते समय चडावे के लिए अमेरिकन डालर ही चलता है| भारत में तो अधिकांशत चवन्नी+अठन्नी या ज्यादा से जयादा एक रूपया चडाया जाता है लेकिन यहाँ के एक अमेरिकन डालर आज की तारीख में भारतीय ५८.१५ रुपयों का है|

बिहार को विशेष राज्य का दर्ज़ा ही नितीश को चुनावी वैतरणी पार कराएगा

झल्ले दी झल्ल्लियाँ गल्लां

एक दुखी भाजपाई

ओये झल्लेया ये जे डी यू वालों पर कौन सी साडे सत्ती आ गई है |देखो ना बिहार में हमारे सहयोग से अच्छी खासी सरकार चला रहे हैं और अब हसाडी भाजपा को घरेड में डालने के लिए उलटी सीधी शर्ते रख रहे हैं| पहले कहा जा रहा था कि नरेन्द्र मोदी पी एम् के रूप में स्वीकार्य नहीं है और अब पी एम् डिक्लेयर करने के लिए आठ महीने का नोटिस दे दिया गया है|अब पी एम् भी इन्हें टोपी पहनने वाला साफ धर्म निरपेक्ष छवि का होना चाहिए| इन्होने तो हमारे सहयोग से सत्ता सुख भोगते हुए भी हसाडे मुख्य मंत्रियों के पीठ पर छुरा घोंप दिया है|अपने विकास की तो कोई बात कही नहीं उलटे नरेन्द्र मोदी के विकास को लेकर स्यापा डाला जा रहा है| इनके वड्डे नेता शरद यादव को अब सिद्धांतों की राजनीती याद आ रहे है और इनके मुख्य मंत्री बाबू नितीश कुमार ने एक बार भी केंद्र सरकार की नीतियों कि आलोचना तक नहीं की| ओये ऐसे चलता है कोई गठ बंधन भला ?

बिहार को विशेष राज्य का दर्ज़ा ही नितीश को चुनावी वैतरणी पार कराएगा

बिहार को विशेष राज्य का दर्ज़ा ही नितीश को चुनावी वैतरणी पार कराएगा


झल्ला

ओ मेरे भोले सेठ जी बिहार को विशेष राज्य का दर्ज़ा ही नितीश को चुनावी वैतरणी पार कराएगा |इसके लिए यूं पी ऐ को खुश करना जरुरी है और इसके लिए नरेन्द्र मोदी की टांग खींचने का मन्त्र जांचा परखा है |पीएम प्रत्याशी घोषित करने की तो आपकी पार्टी में परंपरा रही है। आपने बाबू जगजीवन राम के नाम का एलान किया था ये बात अलग है कि आप कि पार्टी का सुपडा साफ़ हो गया था| आपने लाल कृषण आडवाणी को पी एम् इन वेटिंग बनाया तो सत्ता तक पहुंचते पहुंचते रह गए| अब जबकि नमो मंत्र कामयाब होता दिख रहा है तो इसे भी गद्धिगेड में डाला जा रहा है|झल्ले विचारानुसार तो नितीश बाबू अपने भाषण में अपनी सरकार की उपलब्द्धि का बखान नहीं कर पाए शायद इसीलिए अब कांग्रेस को खुश करने के लिए नरेन्द्र मोदी की राह में रोड़े डाल रहे हैं |हो सकता है की उनको यह लग रहा हो कि यदि केंद्र सरकार खुश हो गई तो बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिल सकेगा और अगर यह हो गया तो इसके सहारे २० सांसदों वाली इनकी जे डी यू द्वारा २०१४ की चुनावी वैतरणी को आसानी से पार कर लिया जाएगा|

बाबा भीम राव आंबेडकर की १२२ वी जयंती पर आज कृतघ्न राष्ट्र ने उनका भाव पूर्ण स्मरण किया

भारतीय संविधान निर्माता[ बाबा] भीम राव आंबेडकर की १२२वॆ जयंती पर आज कृतघ्न राष्ट्र ने उनका भाव पूर्ण स्मरण किया |इस अवसर पर शोभा यात्राएं निकाली गई|इनकी मूर्तियों का माल्यापर्ण किया गया और गोष्ठियां आयोजित की गई|मेरठ में भी एन ऐ एस कालेज+ चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी +में अनेकों कार्यक्रम हुए |तेज गढ़ी चौराहे से शोभा यात्रा निकाली गई जिसमे बाबा के जीवन सम्बन्धी अनेकों आकर्षक झांकिया शामिल की गई|प्रस्तुत हैं कुछ झलकियाँ

अमेरिकन किड्स प्ले स्कूल में आज नन्हे मुन्नों ने बैसाखी की खुशियाँ लूटी

अमेरिकन किड्स प्ले स्कूल में आज नन्हे मुन्नों ने बैसाखी की खुशियाँ लूटी|

अमेरिकन किड्स प्ले स्कूल में आज नन्हे मुन्नों ने बैसाखी की खुशियाँ लूटी|

अमेरिकन किड्स प्ले स्कूल में आज नन्हे मुन्नों ने बैसाखी की खुशियाँ लूटी| शास्त्रीनगर और साकेत स्थित शाखाओं में सभी बच्चे आज रंग बिरंगे पहनावे बैसाखी के रंग में रंगे थे|निदेशक मोहिनी लांबा ने बच्चो को पर्व का महत्त्व बताया|बैसाखी चूंकि अन्न के उत्पादन से जुडी है इसीलिए अन्न की बर्बादी नहीं करने के प्रेरणा दी गई| बच्चो को गेहूं की पकी हुई बालियाँ भी दिखाई गई|इस अवसर पर बच्चो ने पंजाबी लोक गीतों पर आकर्षक भांगड़ा और गिद्दा भी किया |[अजा गिद्दा पा लैय्ये ] शास्त्रीनगर में प्रधानाचार्या श्री मति निरुपमा शर्मा और साकेत में श्रीमती नीना मित्थल ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग दिया|

सदी के महान कलाकार” एंड प्राण” के लिए दादा साहेब फाल्के पुरूस्कार घोषित

हीरो से विलेन और फिर चरित्र अभिनेता के रूप में हिंदी सिनेमा पर लगातार ५ दशक तक राज करने वाले एंड प्राण को दादा साहेब फाल्के एवार्ड देने की घोषणा की गई है|अपनी बेहतरीन अभिनय क्षमता की बदौलत धाक जमाने वाले गुजरे जमाने के अभिनेता एंड प्राण ने लगभग 350 फिल्‍मों में काम किया है| उन्‍हें 93 साल की उम्र में दादा साहब फाल्‍के सम्‍मान मिलने जा रहा है|
1998 में फिल्‍मों से रिटायर हो चुके एंड प्राण को 2001 में ‘पद्मभूषण’ से सम्‍मानित किया जा चुका है. यमला जट्ट+ हलाकू+जिस देश में गंगा बहती है+शहीद +उपकार +जंजीर +राम और श्याम+ जिद्दी+कश्मीर की कली+ आदमी+ पत्थर के सनम +गुमनाम जैसी ढेरों सुपरहिट फिल्‍मों में प्राण के अभिनय को खूब सराहा गया.
फिल्मों में खलनायक के किरदार में जान फूंकने के कारण पर्दे पर घृणा पात्र के प्रतीक बन गए| उन्होंने चरित्र अभिनेता के रूप में भी अपनी जबर्दस्त छाप छोड़ी. उपकार में उनके मंगल चाचा के किरदार ने दर्शकों का दिल जीत लिया. इसी तरह जंजीर कठोर लेकिन दयालु पठान के रूप आज भी लोग उन्हें भुला नहीं पाए हैं.
एंड प्राण की प्रमुख फिल्मों में छलिया,+ दो बदन+, जानी मेरा नाम+ गुड्डी+, +परिचय+, विक्टोरिया नंबर २०३+, बाबी,+ अमर अकबर एंथनी+, डान+शराबी आदि शामिल हैं.
एंड प्राण को सम्‍मान दिए जाने पर फिल्म जगत ने भी ख़ुशी जाहिर की है| सेलेब्रेटीज का मानना है कि यह पुरूस्कार एंड प्राण को बहुत पहले मिल जाना चाहिए था| एंड प्राण को चरित्र अभिनेता में ढालने वाले सीनियर कलाकार मनोज कुमार ने एक टी वी चैनल पर इस एवार्ड को अधूरा बताते हुए एंड प्राण के लिए भारत रत्न पर्याप्त सम्मान बताया| उन्होंने सदी के इस महान कलाकार को किसी भी रोल में फिट होजाने वाला भारत का एंथोनी क्वीन[हालीवुडस्टार] बताया |एंड प्राण पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे हैं कई बार अस्पताल में भर्ती करना पड़ा है एक बार तो उनके देहांत का समाचार |भी उड़ा दिया गया था|एंड प्राण के किताब का विमोचन अमिताभ बच्चन ने किया है| प्राण के लिए एंड प्राण लिखा गया है क्योंकि फिल्म की कास्ट में हमेशा उन्हें एंड प्राण लिख कर सम्मान दिया जाता रहा है|
गौरतलब है कि दादा साहब फाल्‍के अवॉर्ड सिनेमा जगत का सबसे बड़ा सम्‍मान है. वैसे इस सम्‍मान के तहत स्वर्ण कमल, एक शॉल तथा नकद राशि दी जाती है.