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Category: Glamour

अल्ट्राटेक ने अपने डीलर्स और उनके परिजनों के साथ मस्ती भरे त्यौहार होली की खुशियाँ बांटी

अल्ट्राटेक ने अपने डीलर्स और उनके परिजनों के साथ मस्ती भरे त्यौहार होली की खुशियाँ बांटी

अल्ट्राटेक ने अपने डीलर्स और उनके परिजनों के साथ मस्ती भरे त्यौहार होली की खुशियाँ बांटी

[मेरठ ]आदित्य बिरला ग्रुप की सीमेंट कम्पनी अल्ट्राटेक ने आज अपने डीलर्स और उनके परिजनों के साथ मस्ती भरे त्यौहार होली की खुशियाँ बांटी |दिल्ली से आये यूं पी और दिल्ली के छेत्रिय प्रमुख[जी एम्] देवेन्द्र सिंह ने होली की सबको बधाईयाँ दी और बताया के इसी प्रकार डीलर्स पार्टनर्स के साथ प्रति वर्ष होली मिलन आयोजित किया जाता है|
सेवेन इलेवन में आयोजित इस होली मिलन में नोयडा+गाजियाबाद+मेरठ और बिजनौर के डीलर अपने परिवार जनों के साथ शामिल हुए|राकेश शर्मा+नम्रिता+ने अनेको रोचक सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सबका मनोरंजन किया|बच्चों के अनेकों खेल भी कराये गए|अनुराग अग्रवाल ने बताया के इस समारोह में मेरठ+बिजनौर+नोयडा और गाजियाबाद के डीलर और उनके परिवारजनों ने भाग लिया|पंकज पनिश्वर+पी कटियाल+शुरित रॉय +आदि ने सहयोग दिया|

पान सिंह तोमर को सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय फिल्म का पुरूस्कार: 14 भाषाओं की 38 फिल्मों को चुना गया

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार ६०वे समारोह में २०१२ के लिए पुरुस्कारों की घोषणा कर दी गई है| डाकू बने एक खिलाड़ी के जीवन को चरितार्थ करने वाली फिल्म पान सिंह तोमर को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म चुना गया है ।।राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के लिए 14 भाषाओं की 38 फिल्मों को चुना गया है ।
टी धूलिया द्वारा निर्देशित इस फिल्म के लिए इरफान खान ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार भी दिया गया है|। इरफान ने इस फिल्म में राष्ट्रीय स्तर के एक धावक का किरदार निभाया है, जो बाद में चम्बल घाटी का दुर्दांत डकैत बन गया।
सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार इरफान और विक्रम गोखले को सामूहिक रूप से प्रदान किया गयाहै| 2012 के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कारों की घोषणा फिल्मकार बासु चटर्जी,+अरूणा राजे +स्वपन मलिक द्वारा की गई| मनोरंजन[Entertainment] प्रदान करने वाली सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार सम्मिलित रूप से हिंदी फिल्म ‘विकी डोनर+ मलयालम फिल्म उस्ताद होटल को मिला।
‘विकी डोनर के लिए ही अनु कपूर तथा डॉली अहलूवालिया को क्रमश: सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता और सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया |

पान सिंह तोमर को सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय फिल्म का पुरूस्कार: 14 भाषाओं की 38 फिल्मों को चुना गया

पान सिंह तोमर को सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय फिल्म का पुरूस्कार: 14 भाषाओं की 38 फिल्मों को चुना गया


सर्वश्रेष्ठ बाल अभिनेता का पुरस्कार हिंदी फिल्म ‘देख इंडिया सर्कस में अभिनय के लिए वीरेंद्र प्रताप तथा मलयालम फिल्म 101 चोदियांगल में अभिनय के लिए मिनन के नाम सामूहिक रूप दिया गया है।
कमल हासन की तमिल फिल्म ‘विश्वरूपम के लिए सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफी का राष्ट्रीय पुरस्कार बिरजू महाराज के नाम गया है
सर्वश्रेष्ठ मनोरंजक फिल्म की श्रेणी का पुरस्कार फिल्म विक्की डोनर के खाते में गया।
मुख्य पुरूस्कार इस प्रकार रहे
सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म- पान सिंह तोमर
सर्वश्रेष्ठ अभिनेता – इरफान खान
सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री – उषा जाधव (धाग)
सर्वश्रेष्ठ मनोरंजक फिल्म – विक्की डोनर
सर्वश्रेष्ठ सह अभिनेता – अन्नू कपूर (विक्की डोनर)
सर्वश्रेष्ठ सह अभिनेत्री- डॉली आहलूवालिया
सर्वश्रेष्ठ निर्देशक – शिवाजी लोटन पाटिल (धाग)
सर्वश्रेष्ठ पटकथा – कहानी

एम नॉट रेडी आई एम् जैल सिंह

 एम नॉट रेडी आई एम् जैल सिंह

एम नॉट रेडी आई एम् जैल सिंह

एल के अडवाणी के ब्लाग से उद्धत टेलपीस (पश्च्यलेख)
राष्ट्रपति जैल सिंह का उसी टेक्सन अस्पताल में ऑपरेशन हुआ जिसमें उनके पूर्ववर्ती संजीवा रेड्डी का हुआ था। जब उन्हें ऑपरेशन थियेटर में ले जाया गया तो मुख्य सर्जन ने राष्ट्रपति से पूछा: ‘आर यू रेडी?’ (क्या आप तैयार हो)।
‘नो, ऑय एम नॉट, उन्होंने जवाब दिया ‘ऑय एम जैल सिंह।‘ (नहीं, मैं नहीं हूं। मैं जैल सिंह हूं)।
पुस्तक के ”ह्यूमर इज ए लैथिल वैपन” अध्याय से

लाल कृषण अडवाणी ने खुशवंत सिंह को एक अद्भुत लेखक और उनकी पुस्तक को विचारप्रेरक पुस्तक बताया

एन डी ऐ के पी एम् इन वेटिंग ८५ वर्षीय [८ नवम्बर १९२७] लाल कृषण अडवाणी ने अपने ब्लॉग में 98 नाट आउट खुशवंत सिंह को एक अद्भुत लेखक: और उनकी नवीनतम पुस्तक ‘खुशवंतनामा : दि लेसन्स ऑफ माई लाइफ‘ को विचारप्रेरक पुस्तक बताया है| प्रस्तुत है अडवाणी के ब्लाग से साभार उनके विचार उनके ही शब्दों में :
पिछले महीने मुझे ‘खुशवंतनामा : दि लेसन्स ऑफ माई लाइफ‘ की एक प्रति प्राप्त हुई। 188 पृष्ठों की इस पुस्तक को मैं लगभग एक बार में ही पढ़ गया। पुस्तक पढ़ने के पश्चात् मुझे पहला काम यह लगा कि मैंने अपने कार्यालय से खुशवंत सिंह से सम्पर्क करने को कहा ताकि पेंगइन[Penguin] विंकिंग द्वारा प्रकाशित इस शानदार पुस्तक के लिए मैं उनको बधाई दे सकूं।
खुशवंत सिंह के घर पर फोन उठाने वाले व्यक्ति ने मेरे कार्यालय को सूचित किया कि वे फोन पर नहीं आ सकेंगे। एक संदेश यह दिया गया कि यदि आडवाणी खुशवंत सिंह ही को मिलना चाहते हैं तो शाम को आ सकते हैं। मैंने तुरंत उत्तर दिया कि आज शाम को मेरा अन्यत्र कार्यक्रम है लेकिन अगले दिन में निश्चित ही उनसे मिलने आऊंगा।

 लाल कृषण अडवाणी ने खुशवंत सिंह को एक अद्भुत लेखक और उनकी पुस्तक को विचारप्रेरक पुस्तक बताया

लाल कृषण अडवाणी ने खुशवंत सिंह को एक अद्भुत लेखक और उनकी पुस्तक को विचारप्रेरक पुस्तक बताया


खुशवंत सिंह का जन्म 2 फरवरी, 1915 को हुआ। इसलिए जब फरवरी, 2013 में यह पुस्तक प्राप्त हुई तो मैं जानता था कि उन्होंने अपने जीवन के 98 वर्ष पूरे कर 99वें में प्रवेश किया है!
मैंने किसी और अन्य लेखक को नहीं पढ़ा जो सुबोधगम्यता के साथ-साथ इतना सुन्दर लिख सकता है, और वह भी इस उम्र में। इसलिए इस ब्लॉग के शीर्षक में मैंने न केवल पुस्तक अपितु लेखक की भी प्रशंसा की है।
पुस्तक की शुरुआत में शेक्सपियर की पंक्तियों को उदृत किया गया है:

दिस एवव ऑल, टू थाइन ऑन सेल्फ बी टू्र
एण्ड इट मस्ट फॉलो, एज दि नाइट दि डे,
थाऊ कांस्ट नॉट दैन बी फाल्स टू एनी मैन।
हेमलेट एक्ट-1, सीन III

(भावार्थ: जो व्यक्ति अपने बारे में ईमानदार होगा वही दूसरों के बारे में झूठा नहीं हो सकता।)
मैं यह अवश्य कहना चाहूंगा कि यह पुस्तक मन को हरने वाले प्रमाण का तथ्य है कि खुशवंत सिंह ने अपने बारे में लिखते समय भी उन्होंने असाधारण साफदिली के साथ लिखा है। उनके परिचय के पहले दो पैराग्राफ उदाहरण के लिए यहां प्रस्तुत हैं:
”परम्परागत हिन्दू मान्यता के अनुसार अब मैं जीवन के चौथे और अंतिम चरण संन्यास में हूं। मैं कहीं एकांत में ध्यान लगा रहा होऊंगा, मैंने इस दुनिया की सभी चीजों से लगाव और अनुराग छोड़ दिया होगा। गुरु नानक के अनुसार, नब्बे की आयु में पहुंचने वाला व्यक्ति कमजोरी महसूस करने लगता है, इस कमजोरी के कारणों को नहीं समझ पाता और निढाल सा पड़ा रहता है। अपने जीवन के इस मोड़ पर मैं अभी इनमें से किसी भी अवस्था में नहीं पहुंचा हूं।
अठानवें वर्ष में, मैं अपने को सौभाग्यशाली मानता हूं कि हर शाम को सात बजे मैं अभी भी माल्ट व्हिस्की के एक पैग का आनन्द लेता हूं। मैं स्वादिष्ट खाना चखता हूं, और ताजा गपशप तथा घोटालों के बारे में सुनने को उत्सुक रहता हूं। मुझसे मिलने आने वाले लोगों को मैं कहता हूं कि यदि किसी के बारे में आपके पास अच्छा कहने के लिए नहीं है, तो आओ और मेरे पास बैठो। मेरे आस-पास की दुनिया के बारे में जानने की उत्सुकता मैंने बनाए रखी है; मैं सुंदर महिलाओं के साथ का आनन्द लेता हूं; मैं कविताओं और साहित्य तथा प्रकृति को निहारने का आनंद उठाता हूं।”
प्रस्तावना के अलावा पुस्तक में सोलह अध्याय हैं। एक पूर्व पत्रकार होने के नाते यह तीन विशेष मुझे ज्यादा पसंद आए:
1- दि बिजनेस ऑफ राइटिंग
2- व्हाट इट टेक्स टू बी ए राइटर
3- जर्नलिज्म दैन एण्ड नाऊ
***‘डीलिंग विथ डेथ‘ शीर्षक वाले अध्याय में लेखक लिखता है :
वास्तव में मृत्यु के बारे में, मैं जैन दर्शन में विश्वास करता हूं कि इसका जश्न मनाना चाहिए। सन् 1943 में जब मैं बीसवें वर्ष में था तभी मैंने अपनी स्वयं की श्रध्दांजलि लिखी थी। बाद में यह लघु कहानियों के मेरे संस्करण में ‘पास्चुमस‘ (मरणोपरांत) शीर्षक से प्रकाशित हुई थी। इसमें मैंने कल्पना की कि दि ट्रिब्यून ने अपने मुखपृष्ठ पर एक छोटे चित्र के साथ मेरी मृत्यु का समाचार प्रकाशित किया है। शीर्षक इस तरह पढ़ा जाएगा: ‘सरदार खुशवंत सिंह डेड; और आगे छोटे अक्षरों में प्रकाशित होगा: गत् शाम 6 बजे सरदार खुशवंत सिंह की अचानक मृत्यु की घोषणा करते हुए खेद है। वह अपने पीछे एक युवा विधवा, दो छोटे बच्चे और बड़ी संख्या में मित्रों और प्रशंसकों…. को छोड़ गए हैं। दिवगंत सरदार के निवास पर आने वालों में मुख्य न्यायाधीश के निजि सचिव, अनेक मंत्री और उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे।‘
पुस्तक के अंत में एक अध्याय ”ट्वेल्व टिप्स टू लिव लॉन्ग एण्ड बी हैप्पी” (लंबे और प्रसन्न जीवन के बारह टिप्स) शीर्षक से इसमें है। मेरी सुपुत्री प्रतिभा ने मुझे कहा: ”इस पुस्तक को पढ़े बगैर ऐसा लगता है कि खुशवंत सिंह द्वारा बताए गए टिप्स में से अधिकांश का आप पालन कर रहे हैं। इस पुस्तक में बताए गए टिप्स में से दो अत्यन्त मूल्यवान यह हैं: अपना संयम बनाए रखें, और झूठ न बोलें! और आप लगभग सहज भाव से दोनों का पालन करते हैं।”
पुस्तक का अंतिम अध्याय स्मृतिलेख (एपटैफ) है जोकि निम्न है:
जब मैं नहीं रहूंगा तब मुझे कैसे स्मरण किया जाएगा? मुझे एक ऐसे व्यक्ति के रुप में स्मरण किया जाएगा जो लोगों को हंसाता था। कुछ वर्ष पूर्व मैंने अपना ‘स्मृति लेख‘ लिखा था:
यहां एक ऐसा शख्श लेटा है जिसने न तो मनुष्य और न ही भगवान को बख्शा,
उसके लिए अपने आंसू व्यर्थ न करो, वह एक समस्या कारक व्यक्ति था,
शरारती लेखन को वह बड़ा आनन्द मानता था,
भगवान का शुक्रिया कि वह मर गया, एक बंदूक का बच्चा।
-खुशवंत सिंह
रविवार 3 मार्च, 2013 को मैं सरदार खुशवंत सिंह से मिलने नई दिल्ली स्थित उनके निवास स्थान सुजान सिंह पार्क (उनके दादा के नाम पर) गया। मैंने उन्हें इस पुस्तक को लिखने पर हार्दिक बधाई दी और उनका अभिनंदन किया। चाय पीते हुए उस स्थान पर एक घंटा आनन्द से गुजारा। मैं उनकी पुत्री माला से भी मिला जो साथ वाले फ्लैट में रहती हैं और उनकी अच्छे ढंग से देखभाल करती हैं।

मुलायम सिंह यादव और बेनी प्रसाद वर्मा लोक सभा में भीड़ गए:संसद नहीं चली

अपने अपने प्रभावी छेत्रों में एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने वाले सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव और केन्द्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा आज सोमवार को लोक सभा में भीड़ गए| मुलायम सिंह यादव ने कहा कि या तो बेनी प्रसाद को बर्खास्त किया जाना चाहिए वरना सबूत होतोउन्हें [ मुलायम सिंह] को गिरफ्तार किया जाना चाहिए
लोकसभा में समाजवादी पार्टी सुप्रीमो नेता मुलायम सिंह यादव और केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने एक दूसरे पर तीखे हमले बोले। इसे लेकर सदन में समाजवादी पार्टी के सांसदों ने जमकर हंगामा किया। शोर न थमते देख लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। मुलायम सिंह ने लोकसभा में बेनी प्रसाद को यहां तक कह दिया कि इनकी औकात क्या है, यह खुद को क्या समझते हैं। इसके बाद समाजवादी पार्टी ने बेनी प्रसाद वर्मा को मंत्री पद से बर्खास्त करने की मांग की।
उधर, बेनी के बयान पर बढ़ते बवाल को देखते हुए सरकार ने उनके बयान से किनारा कर लिया है। संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने मुलायम सिंह के बारे में दिए गए बेनी प्रसाद वर्मा के बयान की निंदा की। कांग्रेस पार्टी ने मुलायम सिंह के प्रति नरम रुख अपनाते हुए अपने मंत्री के बयान को खेदजनक बताया।
गौरतलब है कि बेनी प्रसाद वर्मा ने एक विवादित बयान में मुलायम सिंह यादव पर आतंकियों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया इससे पूर्व उन्होंने मुलायम सिंह को बदमाश तक कहा |और अपनी उनसे अपनी[बेनी] जान को खतरा बताया जिस पर समाजवादी पार्टी और मुलायम सिंह की तरफ से कड़ी आपत्ति जताई गई।

मुलायम सिंह यादव और बेनी प्रसाद वर्मा लोक सभा में भीड़ गए:संसद नहीं चली

मुलायम सिंह यादव और बेनी प्रसाद वर्मा लोक सभा में भीड़ गए:संसद नहीं चली


सपा सदस्यों के हंगामे के कारण उच्च सदन की बैठक भी स्थगित कर दी गई।
गौरतलब है कि बेनी प्रसाद वर्मा ने अपने लोकसभा क्षेत्र गोंडा में एक रैली को संबोधित करते हुए मुलायम सिंह को लूटेरा और आतंकवादियों को मदद करने वाला शख्स बताया था। इन आरोपों से भड़के मुलायम सिंह ने लोकसभा में बेनी प्रसाद पर हमला बोला, लेकिन केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद ने मुलायम को फिर से करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जो मैंने कहा था उस पर कायम हूं।लेकिन इस बार उन्होंने अपने पूर्व की ब्यान को करवट देते हुए कहा किउन्होंने किसी धर्म का नाम नहीं लिया| इससे पूर्व समाज वादी पार्टी बेनी प्रसाद को पागल कह चुकी है|
उन्होंने कहा, ‘आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता है और न ही जाति, लेकिन मुलायम सिंह आतंकवादियों को मदद करते हैं।
मुलायम सिंह की बर्खास्त करने की मांग पर बेनी प्रसाद ने कहा कि मुलायम कौन होते हैं हटाने की मांग करने वाले। बेनी प्रसाद फिलहाल यूपीए सरकार में स्टील मंत्री हैं। वह कांग्रेस में आने से पहले समाजावादी पार्टी में ही थे। मुलायम और किसी कांग्रेस नेता के बीच इतनी तल्खी तब है जब समाजवादी पार्टी केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन कर रही है।आलोचनाओं के बावजूद बेनी प्रसाद वर्मा अपने कहे पर अडिग हैं।

निकिता निगम ने स्वर लहरियां बिखेर कर सभी को मन्त्र मुग्ध किया

निकिता निगम ने स्वर लहरियां बिखेर कर सभी को मन्त्र मुग्ध किया

निकिता निगम ने स्वर लहरियां बिखेर कर सभी को मन्त्र मुग्ध किया

[मेरठ]दी अध्ययन स्कूल के प्रांगण में संगीत शाला का आयोजन किया गया|जिसमे सोनू निगम की बहन निकिता निगम ने स्वर लहरियां बिखेर कर सभी को मन्त्र मुग्ध किया |संजय मिश्रा+ऋषिता भट्ट की प्रस्तुति भी सराही गई|स्कूल के चेयर मेन श्री राम निवास +श्री मति शशि ने कलात्मक बोर्ड का अनावरण भी किया|
प्राचार्या श्रीमती शर्मिला वसु राम ने आतिथियों का आभार व्यक्त किया|आरती गुरुमंत्र सुनाया| डी पी एस की प्रधानाचार्या श्रीमती रीता + प्रिया अग्रवाल+प्रियांशु+दिव्या+सुनील त्यागी+अनुज आदि भे उपस्थित थे

भारतीय पत्रकार बॉबी घोष बने टाइम इंटरनेशनल पत्रिका के नए संपादक

 भारतीय पत्रकार बॉबी घोष बने टाइम इंटरनेशनल पत्रिका के नए संपादक

भारतीय पत्रकार बॉबी घोष बने टाइम इंटरनेशनल पत्रिका के नए संपादक

भारतीय पत्रकार बॉबी घोष को टाइम इंटरनेशनल पत्रिका का नया संपादक नियुक्त किया गया है। समाचार एजेंसी भाषा द्वारा जारी एक समाचार के अनुसार भारतीय पत्रकार बॉबी घोष को समाचार पत्रिका टाइम्स इंटरनेशनल का अंतरराष्ट्रीय संपादक 15 मार्च 2013 को नामित किया गया. इन्होंने जिम फ्रेडरिक का स्थान लिया| टाइम्स इंटरनेशनल के सम्पादक नियुक्त होने के पूर्व बॉबी घोष टाइम्स के उपसंपादक, अंतरराष्ट्रीय (डिप्टी इंटरनेशनल एडिटर) थे. इस पत्रिका के इतिहास में पहली बार गैर अमरीकी बॉबी घोष को संपादक बनाया गया.
श्री घोष ने अपने करियर की शुरुआत विशाखापट्नम में डेक्कन क्रॉनिकल से की थी| भारत में 10 वर्षो तक पत्रकार रहे|

भूतपूर्व सैनिक रैली का शुभारंभ: जांबाजों की शहादत को सम्मान :अफसरों की कमी लेकिन चिंता नहीं :मेरठ के आस पास खुल सकेगा सैनिक स्कूल

[मेरठ ] एतिहासिक माल रोड स्थित सेना के कुलवंत सिंह स्टेडियम में १५ मार्च शुक्रवार को दो दिवसीय भूतपूर्व सैनिक रैली का शुभारंभ हुआ |इसमें सेना के जवानो की वीरता और देश की रक्षा में अपने प्राणों का बलिदान करने वाले वीरों की स्मृति में उनके परिजनों को सम्मान दिया गया | 47 महिलाओं को वीर नारी पुरस्कार दिया गया। इसमें से 21 लोगों के अपनों ने भारत पाक युद्ध में शहादत दी है| छह पूर्व विकलांग और ११ आर्थिक रूप से पिछड़े सनिकों को सम्मानित किया गया|
वीर नारियों को स्टेशन कमांडर की मेजर जनरल वी के यादव की पत्‍‌नी पूनम यादव एवं आरवीसी कमांडेंट की पत्‍‌नी ने सम्मानित किया। अंत में सेना की परंपरा के अनुसार बड़ा खाना हुआ|यूं बी एरिया कमांडर जी ओ सी लेफ्टी.जनरल एन एस बावा ने पूर्व सैनिको को सम्मानित किया और प्रेस को संबोधित भी किया |

भूतपूर्व सैनिक रैली का शुभारंभ: जांबाजों की शहादत को सम्मान :अफसरों की कमी लेकिन चिंता नहीं :मेरठ के आस पास खुल सकेगा सैनिक स्कूल

भूतपूर्व सैनिक रैली का शुभारंभ: जांबाजों की शहादत को सम्मान :अफसरों की कमी लेकिन चिंता नहीं :मेरठ के आस पास खुल सकेगा सैनिक स्कूल


मध्य कमान के जीओसी-इन-सी ले. जनरल अनिल चैत ने लखनऊ से सीधा संबोधन करके कार्यक्रम को प्रारम्भ किया| अपने सन्देश में उन्होंने कहा कि मध्य कमान द्वारा अपनी स्थापना की स्वर्ण जयंती को वेटरंस ऑफ द इयर के रूप में मनाया जा रहा है ।

सेना में अफसरों की आठ सालों से कमी

लेफ्टिनेंट जनरल एन एस बावा ने प्रेस से बात करते हुए सेना में अधिकारीयों की कमी पर चिंता व्यक्त की|उनके अनुसार पिछले आठ सालों से अफसरों की कमी चली अ रही है और अब यह कमी १२००० है|सुपात्रों को सेना की तरफ से अनेकों आकर्षक यौज्नाएं भी बनाई जा रही हैं इनमे से एक आवास सुविधा भी है| बताते चलें केइसी विषय पर इससे पूर्व बीते दिनों सोफिया और सेंट् मैरी आदि कान्वेंट स्कूलों में सैनिक अफसरों ने कार्यक्रम भी किये थे|

सैनिक स्कूल

जनरल बावा ने उत्तर प्रदेश में सैनिक स्कूल खोले जाने के निर्णय को भी शेयर किया उन्होंने कहा के हमारी इच्छा है के मेरठ के आस पास सैनिक स्कूल खोल जाए मगर इसके लिए जमीन राज्य सरकार द्वारा दी जानी है जहाँ जमीन दी जायेगी वहीं स्कूल खोला जाएगा|
इस अवसर पर प्रकाश और ध्वनी कार्यक्रम के माध्यम से मेरठ के इतिहास को भी दिखाया गया||इससे पूर्व सूर्यकिरण रैली का स्वागत भी किया गया|

शाहिद मंज़ूर ने पार्टी के चुनावी चिन्ह साइकिल पर रैली निकाल कर सरकार की पहली वर्षगांठ मनाई

शाहिद मंज़ूर ने पार्टी के चुनावी चिन्ह साइकिल पर रैली निकाल कर सरकार की पहली वर्षगांठ मनाई

शाहिद मंज़ूर ने पार्टी के चुनावी चिन्ह साइकिल पर रैली निकाल कर सरकार की पहली वर्षगांठ मनाई

[मेरठ]शाहिद मंज़ूर ने पार्टी के चुनावी चिन्ह साइकिल पर रैली निकाल कर सरकार की पहली वर्षगांठ मनाई |उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार ने आज एक साल पूरा कर लिया है इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और मंत्री शाहिद मंज़ूर ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ पार्टी के चुनावी चिन्ह साइकिल पर रैली निकाली और पार्टी की उपलब्धियों का प्रदर्शन किया | जेल चुंगी स्थित पार्टी कार्यालय से निकाली गई इस रैली को कचहरी+साकेत+बेगम पुल +बच्चा पार्क आदि छेत्रों से निकल गया | आयु के पांच दशक पूरे कर चुके शाहिद मंज़ूर किठौर विधान सभा से एम् एल ऐ हैं|और पार्टी के कद्दाव र नेता आज़म खान से राजनितिक अदावत के लिए प्रसिद्द हैं|इनके पिता मंज़ूर अहमद [अब स्वर्गीय] भी एम् एल ऐ रह चुके हैं|

संसद ने पाकिस्तान के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव पास किया और कहा ,पी ओ के सहित सम्पूर्ण जे & के भारत का अभिन्न अंग है

 संसद ने पाकिस्तान के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव पास किया और कहा ,पी ओ के सहित सम्पूर्ण जे & के भारत का अभिन्न अंग है:

संसद ने पाकिस्तान के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव पास किया और कहा ,पी ओ के सहित सम्पूर्ण जे & के भारत का अभिन्न अंग है:

पकिस्तान के निचले सदन में कल पास किये गए भारत के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव के जवाब में भारतीय संसद ने भी कडा रुख अख्तियार करते हुए पाकिस्तान के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव पारित किया | स्पीकर मीरा कुमार ने निंदा प्रस्ताव पडा और सभी ने मेजें थपथपा कर इसका समर्थन किया|इस प्रस्ताव में पाकिस्तान को चेतावनी दी गई है कि भारत के विरुद्ध आतंकवादी गतिविधियों से अलग रह कर आतंकवाद के विरुद्ध जंग की अपनी वचनबद्धता का पालन करे |इसके अलावा पूरे विस्श्व को भी यह सन्देश दिया गया कि पाक के कब्जे वाले काश्मीर सहित जे &के भारत का अभिन्न अंग है और रहेगा|
इससे पूर्व राज्यसभा में नेता विपक्ष अरुण जेटली ने सरकार से पाकिस्तान के इस प्रस्ताव के खिलाफ संसद में बहस की मांग की |श्री जेटली ने राज्यसभा में कहा कि आधिकारिक तौर पर ये पुष्ट हो गया है कि पाकिस्तान क्या चाहता है| अब समय आ गया है| भारत सरकार को कड़ा फैसला लेना चाहिए। पाकिस्तान से बातचीत का कोई फायदा नहीं है। इस तरह के प्रस्ताव पास करने से दोनों देशों के बीच शांति नहीं बहाल हो सकती है। इसलिए इस मुद्दे पर चर्चा के लिए किसी एक तारीख का चयन कर चर्चा करा लेनी चाहिए। वहीं नेता विपक्ष के चर्चा की मांग पर कांग्रेस के राजीव शुक्ला ने कहा कि सरकार विदेश मुद्दे को लेकर बहस को तैयार है।उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा तय तारीख पर सरकार बहस के लिए तैयार है। उधर समाजवादी पार्टी के नेता कमाल फारूकी का कहना है कि पाकिस्तान को भारत के अंदरूनी मसले पर दखल देने का कोई हक नहीं है।
वहीं लोकसभा की प्रारम्भिक कार्यवाही को हंगामे के बाद स्थगित करना पड़ा।सपा +बसपा+शिव सेना+भाजपा आदि ने भी मीरा कुमा के प्रस्ताव का समर्थन किया
बीजेपी ने मांग की कि संसद में पाकिस्तान के प्रस्ताव का विरोध होना चाहिए और इस मुद्दे पर बहस कराई जानी चाहिए। यशवंत सिन्हा के अलावा प्रकाश जावडेकर ने भी दोनों सदनों में प्रश्नकाल स्थगित करने का नोटिस दिया।
गौरतलब है कि पाकिस्तान ने अपनी संसद में अफजल को फांसी दिये जाने की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पास किया है |पाकिस्तान की इस हरकत को बीजेपी ने भारत के आंतरिक मामले में हस्तक्षेप बताया है और और संसद से पाकिस्तान को जवाब देने की मांग की है|