Ad

Category: Honorarium

यूपी में खैरात बांटने के लिए आवश्यक धनराशि के लिए कितनी जेब कटेगी?

झल्लीगल्लां

भजपाईचेयरलीडर

ओए झल्लेया!हसाडे जन सेवा को समर्पित मुख्यमंत्री पूज्य महंत आदित्यनाथ योगी जी और उनके खास सिपहसलार वित्तमंत्री सुरेश खन्ना जी ने मानसून सत्र में कल्याणकारी यौजनाओं की बरसात कर दी।ओए  युवा और किसान वर्ग का विशेष ध्यान रखा गया है। अब तो हसाडी भजपा को पहले से ज्यादा बहुमत मिले ही मिले।अब

प्रदेश के एक करोड़ युवाओं को स्मार्टफोन/टेबलेट दी जाएंगी।

कम्पटीशन के लिए यात्रा करने वाले प्रतिभागियों को भत्ता दिया जाएगा।

गौवंश पालने वाले किसानों को विशेष भत्ता दिया जाएगा

वकीलों को सुरक्षा गारंटी राशि बढ़ा दी गई है

आंगनबाड़ी/आशा आदि को मानदेय ज्यादा मिलेगा

झल्ला

चतुर सेठ जी!रात लगी घटने और खैरात लगी बंटने

लेकिन इतना तो बता दो कि ये धनराशि के लिए हसाडी जेबें कितनी कटेगी???

यूट्यूब लिंक

 

भारत सरकार को बदनाम करने वाली कोरोना मदद से हाथ जोड़ लेने चाहिए

झल्लीगल्लां
आक्रोशितएनआरआई
Corona Help from USAओए झल्लेया! भलाई का कोई जमाना हिनहीँ रह गया।देख तो भारत ने संकट के समय अमेरिका की भरपूर मदद की।अब जब भारत मे छाए कोरोना संकट में अमेरिका मदद भेज रहा है तो प्रेजिडेंट बिडेन के प्रतिनिधि से उल्टे सीधे सवाल पूछ कर भारत को बदनाम करने का षड्यंत्र शुरू हो गया।ये लोग पूछ रहे हैं कि उनके टैक्स के पैसे से भेजी गई मदद कहां है और किस किस राज्य की दी गई।
झल्ला

Jhallaa Cartoonभापा जी! हसाडे मुल्क में तो दानकर्ता का एक हाथ देता है तो दूसरे को खबर नही होती और ये लोग हमें ही बदनाम करने पर तुल गए।झल्लेविचारानुसार भारत सरकार को ऐसी मदद से हाथ जोड़ लेने चाहिए

More Then ₹ 8 K Crores Transferred into Pb Farmers Bank A/C

(Delhi,Chd)More Then ₹ 8 K Crores Transferred into Pb Farmers Bank A/C
For the first time, farmers of Punjab receiving payments directly into their bank accounts against sale of their Wheat crop without any delay
FCI under GOI & other agencies procured 222.34 LMT Wheat in Central Pool up to 25.04.2021 against 77.57 LMT during corresponding period of last year
About 21.17 Lakh Wheat farmers have already been benefitted from the ongoing RMS procurement Operations with MSP value of about Rs. 43,912 Crore
MSP Operations during Rabi Marketing Season 2021-22 in full swing
Mission “One Nation, One MSP, One DBT ” taking firm shape
On the other side Punjab Chief Minister Captain Amarinder Singh has ordered the Food & Civil Supplies Department to clear the pending payments of farmers positively by the end of this month with a direction to all the heads of the procurement agencies to ensure prompt lifting of entire wheat procured so far in mandis across the state.

पँजांब में जनहित की फाइलें दबाने वाले एक्सीलेंस अवार्ड मैनेज करने में जुटे

झल्लीगल्लां
पँजांबकांग्रेसीचेयरलीडर

Cs Taking Charge

Cs Taking Charge

ओए झल्लेया!मुबारकां!! ओये हसाडी कर्मठ चीफ सेक्रेटरी सुश्री विनी महाजन जी को एक्सेलेन्स एडमिनिस्ट्रेटर वुमन के खिताब से नवाजा गया है ।ओये हसाडे कैप्टेन साहब की कप्तानी की हर तरफ प्रशंसा हो रही है और विपक्ष वाले बेफालतू में कुढ़ते जा रहै हैं
झल्ला
Jhallaa Cartoonचातुर सुजाण जी!
#1947 के रिफ्यूजियों के हक के कंपनसेशन/रिहैबिलिटेशन वाली फाइलें ना जाने किस कोने में दबा कर रखने वाले अवार्ड की सीना ठोक कर गल करते चंगे नही लगते ।इससे तो आप जी की सरकार और अवार्ड दाता की विश्वसनीयता पर स्वाभाविक प्रश्न चिन्ह लग जाता है

पँजांबसरकार नाकामियां छुपाने को अवार्ड हासिल करने में जुटी

(चंडीगढ़) #पँजांबसरकार आजकल अपनी नाकामियां छुपाने को अवार्ड हासिल करने में जुटी।
पंजाब की मुख्यसचिव सुश्री विनीमहाजन (1987 बैच आईएएस)आजकल एवार्ड हासिल करके अपने प्रशासनिक काबलियत के झंडे गाड़ने में व्यस्त है।दुर्भाग्य से इस कथित उपलब्धि पर प्रश्न चिन्ह लगाते कुछ पत्राचार प्रस्तुत हैं ।पँजांब सरकार की कार्यप्रणाली भी घेरे में आ जाती है और अवार्ड देने वालों की विश्वसनीयता भी। पत्राचार से स्पष्ट है कि राज्य सरकार द्वारा ना तो पीड़ित को उसके हक का कंपनसेशन क्लेम दिया जा रहा है और ना ही केंद्र सरकार की चिट्ठियों का जवाब दिया जा रहा है।!मालूम हो कि पँजांब के रेवेन्यू विभाग और हाई कोर्ट में ऐसे हजारों केस पेंडिंग हैं ।इस पर भी चीफ सेक्रेटरी ने कुशल प्रशासक का अवार्ड हासिल कर लिया
फोटो
पँजांब की मुख्य सचिव विनीमहाजन चार्ज लेते हुए

Capt Plays His Most Trusted Political Card “FREE” in Punjab

(Chd,Pb)Capt Plays His Most Trusted Political Card “FREE”
Cabinet today stamped its formal approval on Various such schemes announced by Chief Minister Captain Amarinder Singh earlier this month.
The CM had announced the free travel scheme in the Vidhan Sabha on March 5, as part of his government’s efforts to empower women and girls in the state.
The scheme will benefit over 1.31 crore women/girls across the state. As per Census 2011, Punjab has a population of 2.77 crores (males 1,46,39,465 and female 1,31,03,873).
Under the scheme, women residents of Punjab can avail free bus travel in Government-owned buses, including PEPSU Road Transport Corporation (PRTC), Punjab Roadways Buses (PUNBUS) and City Bus Services operated by Local Bodies. However, the scheme is not applicable to Government-owned AC Buses, Volvo Buses and HVAC Buses. Documents like Aadhaar Card, Voter Card or any other proof of residence in Punjab would be required to avail the facility.
Further, all women who are family members of Punjab Government employees and residing in Chandigarh, or are themselves employees of Punjab Government but live in Chandigarh, can avail the benefit, irrespective of age and income criteria, of free travel in the said government buses.
Punjab Cabinet on Wednesday also gave the nod to the Punjab Urban Development Authorities Amnesty Scheme-2021 for recovery of outstanding installments.
The allottees, who were issued allotment letters based on draw of lots or auction or through some other process but have defaulted in payment of one or more installments due after December 31, 2013, may deposit the principal amount, along with scheme rate of interest, within three months from the date of notification under the amnesty scheme.
The cases where allotments have been cancelled due to default in installments or there is litigation on this count, where instalments were due after December 31, 2013, may also avail this scheme. These cases would be treated as if the cancellation was not done, and the forfeited amount would be treated as credited to the allottees’ accounts on the date of forfeiture. However, the scheme is not applicable where physical possession has been taken over by an authority.
Notably, a sum of Rs. 700 crore is outstanding against various allotees of residential plots, flats, commercial plots, institutional plots, industrial plots and chunk sites sold through draw of lots and auctions. As per prevalent instructions, penalty is imposed if a person defaults in payment of due installment on time, which varies from 3% to 5% per annum, in addition to scheme rate of interest depending on delay in terms of years. This penalty translates into net interest rate of up to 17% per annum, which is very high.

हेमामालिनी ने अयोध्या की तर्ज पर मथुरा के लिए फंड्स मांगे ; मथुरा कार्ड

झल्लीगल्लां
कृष्णभक्त
ओए झल्लेया! राधे राधे !!
ओए हसाडी सोणी सांसद श्रीमती हेमा मालिनी जी ने लोक सभा मे अनुदान मांग पर हो रही चर्चा में भाग लेते हुए धर्म नगरी मथुरा के विकास और यमुना जी की सफाई के लिए अयोध्या की तर्ज पर विशेष फंड्स की मांग की है।राधे राधे
झल्ला
Jhallaa Cartoonभापा जी!राधे राधे!!आपकी धार्मिक नगरी मथुरा पर्यटन का भी मुख्य केंद्र है इसीलिए वहां का विकास होना ही चाहिए लेकिन चुनावी बेला में ऐसी मांग उठाने से कहीं ना कहीं लगता है कि अयोध्या के बाद अब मथुरा की तैयारी है।

लो जी! मैंने भी 250 ,₹ में वैक्सीन लगवा ही ली (व्यंग)

Vaccination लो जी! ये खोती भी ठाणे हो आई । बोले तो गदहिया पोलिस स्टेशन हो आई।कहने का मतलब है कि हम भी नजदीक के प्राइवेट अस्पताल में श्रीमती संग कोरोना वैक्सीन कॉविशिल्ड लगवा आये।सो दूसरों की तरह हमने भी इठलाते,श्रीमती जी ने बल खाते मुस्कुराते फोटो खिंचवांई।इन्हें सोशल मीडिया पर अपलोड तो बनता है।
सुबह आसमान साफ देख कर जल्द नहा धो कर जम कर नाश्ता किया । पूजा पाठ करके ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर नापी तो लगभग सामान्य आई । एआप लोगों से क्या छुपाना ,चलो बता दी देता हूँ।ब्लड प्रेशर 137/76/57 और ब्लड शुगर 111/193 आया जिसे देख कर मूड अच्छा बन गया।सामान्य तापमान देखा तो 31 ड स सो मुंह पर मास्क लगा श्रीमती जी को उनकी ही स्कूटी पर बैठा कर नजदीक के अस्पताल पहुंचें ।सड़क किनारे गाड़ियों के जमघट में अपनी स्कूटी लगभग घुसेड़ कर अंदर रिसेप्शन पर पहुंचे।प्राइवेट अस्पताल में तब इक्का दुक्का ही थे सो नम्बर जल्द आ गया। नंबर आया तो दूसरे काउंटर पर रेजिस्ट्रेशन के लिए भेज दिया जहां विराजे दूसरे रिसेप्शनिस्ट ने आधार कार्ड और फोन नंबर मांगा। कुछ एंट्री करके फिर वापिस पहले काउंटर पर भेज दिया जहां 500 ₹ की मांग की गई और पर्चे थमा कर बेसमेंट में भेज दिया गया।ये रखम टेबल के नीचे से नही वरण ऊपर से ली गई।इसलिए यह कहा जा सकता है कि हमारे टैक्स से सोने की लंका बनाने वाली वर्तमान सरकार अब लंका देखने के लिए टिकट से एंट्री दे रही है।सो सीजीएचएस लाभार्थी होने के उपरांत भी पेंशनर को जब थोड़ी सी भी राशि बेफजूल देना पड़े तो दिल मे फफोले उठने स्वाभाविक है।
खैर बेसमेंट में स्थित तीसरे रिसेप्शनिस्ट को रिपोर्ट किया।उन्होंने भी कुछ एंट्री करके आगे चौथे डेस्क पर भेज दिया जहां ब्लड प्रेशर और प्लस नापी गई जो 140/90 आई घर मे यह 137/76 थी।बुजुर्ग कहते आये हैं कि अस्पताल में आकर बी पी बढ़ ही जाता है सो इसे भी सामान्य बढ़ाव मां कर लाइन में बैठ गए। दो लाभार्थियों के पश्चात नम्बर आ गया डॉक्टर साहिब ने हम दोनों को (एक साथ नही) वैक्सीन लगा कर 20 मिनट्स तक बाहर प्रतीक्षा करने की एडवाइस दी।यहां हमने अधिकार के साथ एक दूसरे की फोटो खींची।मैंने आदतन डॉक्टर्स साहिब से वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स के विषय मे पूछ लिया।डॉक्टर साहिब ने आश्वस्त करते हुए बताया कि 700 वैक्सीन लगा चुके हैं लेकिन कोई शिकायत नही आई।हाँ बाहर केमिस्ट से पैरासिटामोल जरूर खरीद कर लेते जाना ।श्रीमती जी ने व्यंग मारा ,चश्मा अपना ही पहन कर चलना वरना घर पहुंच कर कहोगे की वैक्सीन के कारण धुंधला दिख रहा है।
20 मिनेट्स के पश्चात पुनः तीसरी डेस्क पर पहुंचे और वहां पेपर्स पर स्टाम्प लगावा कर हमें जाने का आदेश मिल गया।यहां बताता चलूं कि डॉ राणा अच्छे मूड में थे सो पता ही नही चला कि कब सुई बांह में घुसी और कब बाहरनिकल गई।यहां तक कि दवाई का भी कोई अहसास नही हुआ।हाँ पर्चे के पीछे लक्की ड्रा का प्रॉमिस छपा है अब उसकी प्रतीक्षा में पर्चे को संभालने की टेंशन जरूर रहेगी
यहां तक किसी को कोई टिप्पणी का अधिकार नही है लेकिन अतिआधुनिक इस अस्पताल में पांच डेस्क पर सिजदा करने पर यह पाया कि सभी जगह रजिस्टर पर ही एंट्री की गई।कंप्यूटर के इस युग मे पेपरलेस का दावा मगर सब जगह पेपर वर्क ।ये कुछ हजम नही हुई ।

Pb Vigilance Bureau Exposed Big Scam in PMJAY Scheme

(Chd,Pb)Pb Vigilance Bureau Exposed Big Scam in PMJAY Scheme
Punjab Vigilance Bureau has exposed a big scam worth crores of rupees under the Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana – ‘Aushmaan Bharat’ scheme in which private hospitals have obtained health insurance claims from insurance company named IFFCO TOKIO on the basis of fake bills for treatment of beneficiary patients possessing smart health cards. Contrary to this, the IFFCO TOKIO had rejected hundreds of insurance claims pertaining to government hospitals causing a huge loss to the state exchequer.As per DGP-cum-Chief Director Vigilance Bureau BK Uppal several well known private hospitals based in Jalandhar, Hoshiarpur and Kapurthala districts have prepared hefty fake bills on the names of smart card holders for their treatment under Ayushman Bharat scheme and took insurance claims from IFFCO TOKIO
A well known hospital of Sultanpur Lodhi town in Kapurthala district had claimed Rs. 4,43,98,450/- (Four crore forty three lacs ninety eight thousand four hundred fifty rupess) for the treatment of about 1,282 patients and out of which 519 claims have been rejected. On the basis of these medical bills, State Health Authority, Punjab have passed claims of this hospital to the tune of Rs. 4,23,48,050 (Four crore twenty three lacs forty eight thousand fifty rupess). Then IFFCO TOKIO insurance company reimbursed the claimed amount to the tune of Rs. 1,86,59,150 (One crore eighty six lacs fifty nine thousand one hundred fifty) out of Rs. 4,43,98,450 to the said hospital.
A patient named Paramjeet Kaur village Turna in Jalandhar district was admitted to the hospital for operating gall bladder stone but due to her personal reasons she did not undergo the operation. In this regard, the hospital prepared a fake medical bill of Rs. 22,000 for this patient and took reimbursement claim form IFFCO TOKIO under the Ayushman Bharat health insurance scheme. Furthermore, Uppal disclosed that in another such case patient Sukhjinder Kaur village Sidhupur was admitted to the same hospital for gall bladder operation. She presented her smart health card issued by the Punjab government but the director of this hospital asked the patient that her treatment could not be done with one smart card. In this connection, the hospital director told the patient to either deposit Rs. 25,000 in cash or bring 6/7 smart cards to avail the benefit of treatment. After this Sukhjinder Kaur’s family submitted three smart cards belonging to her family members to the hospital while facing under-compulsion.
It is pertinent to mention here that this health insurance scheme is being run in the state of Punjab under Sarbat Health insurance scheme. According to this scheme, 40% premium share as a financial assistance is being paid by Punjab government and the remaining share 60% is contributed by central government to the IFFCO TOKIO under this scheme. An amount of Rs. 1000 is being paid annually by the government as premium per family to the IFFCO TOKIO. In this regard, the Punjab Government also issues smart health cards to the poor and underprivileged families. Through this smart card if any beneficiary or his family member gets any serious illness, he/she could be admitted to the listed hospitals under this scheme and avail free cashless treatment upto Rs. five lakhs.

पासपोर्ट सेवा केंद्र या उपभोक्ता को लूटने के केंद्र

20/1/2021
(मेरठ,यूपी)पासपोर्ट बने दस वर्ष बीत गए तो अब इसे रिन्यू कराना लाज़मी हो गया।हम ठहरे पढ़े लिखे अनपढ़ सो बढ़े बेटे ने अमेरिका से ऑनलाईन फॉर्म भर कर PassPort Loot Kendr
20/1/2021 का अपॉइंटमेंट लेलिया।निश्चित तारीख को सुबह नहा धो कर आई डी प्रूफ +पुराना पासपोर्ट और 2 फोटो उठाये चेहरे पर कोरोना मास्क लगा कर सुबह दस बजे मुख्यडाक घर परिसर में सपरिवार पहुंच गए।बेशक सपरिवार का न्यौता नही था लेकिन पत्नि और छोटे पुत्र का भी पासपोर्ट रिन्यू होना था सो सपरिवार ही पहुंच गए।परिसर में प्रवेश द्वार से सेवा केंद्र का बोर्ड तलाशते तलाशते निकासी द्वार तक पहुंच गए लेकिन असफलता ही हाथ लगी।छावनी में पैदा हुए और कई बार परिसर में स्थित बीएसएनएल कार्यालय और डाकघर मे आना भी हुआ सो आज की असफलता पर कुछ स्वाभाविक आत्मग्लानि भीहुई ।हमारी निराशा देख कर श्रीमती जी ने कमान हमेशा की तरह,हथियाई और सड़क पर उपलब्ध एक मात्र महिला से पासपोर्ट आफिस की लोकेशन पूछी।उस भद्र महिला ने कहा कि आप मुख्य प्रवेश द्वार से बाहर निकलिए और बिल्डिंग के अंत मे जाईये।हम खरामा खरामा कदम दर कदम बढ़ते हुए पासपोर्ट सेवा केंद्र के बोर्ड पर निगाह डालने में सफल हो ही गये

भ्र्ष्टाचार के केंद्र

भ्र्ष्टाचार के केंद्र

इस सारी प्रक्रिया में लगभग 45 मिनट लग गए
मियां बीबी दोनों वरिष्ठ नागरिक ठहरे सो कोरोना कोरोना जपते जपते अपने बैग से सेनिटाइज़र निकाल कर हाथ धोकर छोटे से गेट से अंदर प्रवेश कर गए।यह शायद हमारा ही दुर्भाग्य रहा होगा कि गेट पर कोई बॉडी टेम्प्रेचर मापक यंत्र लिए किसी श्रेणी के कर्मी के दर्शन नही हुए। अंदर सामने ही मेज के पीछे दो महानुभाव बैठे थे।एक बुजुर्ग और एक युवा शेष कुर्सियां खाली थी । दुआसलाम के पश्चात हमने आदेश मिलने पर कागजात युवा अधिकारी(हेमंत)के सामने रख दिए।हेमंत बाबू शायद घर से लड़ कर आये थे या फिर सुबह सुबह सूखा ग्राहक देख कर असहज थे सो एक एक नजर तीनों फॉर्म पर डाली और बाल पेन से फॉर्म केकॉलम पर टिक करके यह कहते हुए लौटा दिए कि श्रीमती जी की माता का नाम दर्ज नहीँ है। मेरे और पुत्र केफॉर्म में पुराना रिफरेन्स नही है।मैंने लगभग मिमयाते हुए निवेदन किया कि यह तो आप भी लिख सकते हो तो जवाब आया कि यहां नही कर सकते,आप अपने एजेंट से ही करवाइये।श्रीमती जी ने फिर कमान हथियाते हुए कहा कि भाई साहब यह सेवा केंद्र है और हमने किसी एजेंट से नही बल्कि अमेरिका में बैठे पुत्र से भरवाए है।अब वोह साहब तो अपनी बोनी खराब करने के मूड में कतई नही दिखाई दे रहे थे।और एप्लीकेशन फॉर्म को रिशेड्यूल करवाने पर अड़ गए।इसी बीच झाड़ू लगाने वाले कर्मी ने झाड़ू फेरना शुरू कर दिया।सो बैरंग लौटने में ही भलाई थी।
फॉर्म भरने वाले बेटे को जब यह व्रतांत सुनाया तो उसे कही रिशेड्यूल करने का कोई कालम नही मिला सो ₹4500 दोबारा जमा करवा कर नया अपॉइंटमेंट 8/22021 का लिया गया
Screenshot_20210219-150250पेंशनर की जेब से ₹4500 व्यर्थ निकलने का गम कुछ कम नही होता सो टीसीएस+विदेशमंत्रालय को ऑन लाइन लिखना शुरू किया। पासपोर्ट बनाने के लिए मेजबान अर्थार्त विदेश मंत्रालय और टीसीएस आदि को कई बार सोशल मीडिया में टैग करने पर भी कोई सुनवाई नही हुई।पैसा लौटाना तो दूर हमारा दुखड़ा टालने में ही सभी व्यस्त है।
अभी समस्या का समाधान नही हुआ। तमाम डाक्यूमेंट्स देने के उपरांत भी पुलिस वेरिफिकेशन आवश्यक बताई गई है।अब उसी की प्रतीक्षा है उसका किस्सा अगले संस्करण में।यकीन मानिए वोह इससे अधिक रोचक होगा क्योंकि पुलिस का मामला होगा।

Nitin Sablok (1) GZ 3075195227421
(2) GZBZ32016110
Application. (A) 20-0007562182
Shashi. (1) GZ 3075195309221
Sablok (2)GZBZ 32016010
Application. (A)20-0007562138
Jagmohan (1)GZ3075195413821
Sablok. (2)GZBZ32196107
Application. (A)20-0007561996