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Category: Jhalli Gallan

इडली= दोसा+ साम्भर यूं पी ऐ और एन डी ऐ मिल कर सापड सापड

झल्ले दी झल्लिया गलां

एक बेचारा आम + साधारण आरक्षण विरोधी नागरिक

ओये झल्लेया ये क्या जुल्म हो रहा है ?एक तरफ तो कोयले घोटाला +सी डब्लू जी घोटाला + मनरेगा घोटाला+ आदर्श घोटाला+ एअरपोर्ट घोटाला + और अब गेल घोटाला|
इनकी वजह से संसद तो चल नहीं रही इस सरकार ने आनन् फानन में केबिनेट मीटिंग बुला कर प्रोमोशन में रिजर्वेशन के बिल के लिए अपनी मंजूरी दे दी अब कह रहे हैं कि
संसद चलने दो |ऐसे कैसे चलेगा ?

झल्ला

ओये मेरे भोले बालमा इतना भी नहीं समझे ?
यूं पी ऐ अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी ने भाजपाईयों से संसद चलने देने के लिए अंग्रेज़ी में रिक्वेस्ट की है|दूसरी और मानसून सत्र शुक्रवार को समाप्त होने जा रहा है|ऐसे में कांग्रेस तो कह सकते है कि उसने तीन बिल पास करा लिए मगर भाजपा के तो दोनों हाथ ख़ाली हैं| मी एम् ने इस्तीफा नहीं दिया+ कोल ब्लाक्स के एलात्मेंट्स केंसिल नहीं हुए+ घोटाले की बात तक नहीं मानी गई उलटे संसद नहीं चलने देने कि कालिख और लग गई|
ऐसे में पूर्वजों ने कहा है कि सारी जाती देखके आधी लीजिये बाँट|इसी सीख का पालन करते हुए एन डी ऐ और यूं पी ऐ ने अपनी अपनी फेस सेविंग के लिए आरक्षण के मुद्दे को पिटारे से बाहर लिकाला है|
बोले तो

मनुष्य की विशेषताएं ईश्वरीय देन हैं

संतजन मनुष्यों को समझाते हुए कहते हैं कि मनुष्य में जो भी विशेषता आती है, वह सब भगवान से ही आती है.
अगर भगवान में विशेषता न होती तो वह मनुष्य में कैसे आती? जो वस्तु अंशी में नहीं है, वह अंश में कैसे आ सकती
है? जो विशेषता बीज में नहीं है वह वृक्ष में कैसे आएगी?
उन्ही भगवान कवित्व शक्ति कवि में आती है,
उन्हीं की वक्तृत्व शक्ति वक्ता मैं आती है!
उन्ही की लेखन शक्ति लेखक में आती है,
उन्ही की दातृत्व शक्ति दाता में आती है.
जिनसे मुक्ति, ज्ञान, प्रेम आदि मिले हैं उनकी तरफ दृष्टि ना जाने से ही ऐसा दीखता है कि मुक्ति मेरी है, ज्ञान मेरा
है, प्रेम मेरा है. यह तो देने वाले भगवान् की विशेषता है कि सबकुछ देकर भी वे अपने को प्रकट नहीं करते, जिस से
लेने वाले को वह वस्तु अपनी ही मालूम होती है. मनुष्य से यह बड़ी भूल होती है कि वह मिली हुई वस्तु को तो अपनी
मान लेता है किन्तु जहाँ से वह मिली है उसको अपना नहीं मानता.
संतवाणी

सचिन अभी भी बोल्ड होने के विश्व रिकार्ड से ५ कदम दूर

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक युवा क्रिकेटर

ओये झल्लेया ये बी सी सी आई वाले टीम सलेक्शन में क्या गूगली फैंक रहे हैं|
सचिन बार बार क्लीन बोल्ड हो रहा है और उसको इनाम इकराम सभी कुछ अर्पित किया जा रहा है|राहुल द्रविड़ और लक्ष्मण के बाहर जाने से
हमारे पुजारा+विराट+जैसे लाईन बनाये खड़े होनहार क्रिकेटरों को चांस मिलने की आस जगी थी मगर सचिन जैसे तो कीला गाड़ कर टीम में बैठे हैं|
ओये हसाडा नंबर कब आयेगा?

jhalla Sablok

झल्ला

ओहो आप भी ना बड़े भोले ही हो भई सचिन को आप लोगों ने ही क्रिकेट का भगवान बनाया है अब इतनी बड़ी गद्दी कोई अपने आप छोड़ता है भला ?दूसरे
सचिन पहले रनों के रिकार्ड बनाते थे अब क्लीन बोल्ड होने के रिकार्ड बना रहे हैं|बोल्ड होने की इन्होने अब हाफ सेंचुअरी बना डाली है लेकिन अभी भी
माननीय राहुल द्रविड़[५५]और एलन बार्डर[५३] से पीछे ही हैं|यानि बोल्ड होने के वर्ल्ड रिकार्ड से मात्र ५ कदम की दूरी ही रह गई है|
क्यूंकि अब इनके पीठ पर क्रिकेटर सलेक्टरों के साथ साथ राज्य सभा सलेक्टरों का भी हाथ आ गया है ऐसे में श्रीमान जी को बोल्ड होने के वर्ल्ड रिकार्ड बनाने से कोई नहीं रोक सकता

संत के चरण कमलों में मुक्ति मार्ग है

चारि पदारथ जे को मांगै, साध जना की सेवा लागै
जे को आपुना दुखु मिटावै, हरि-हरि नामु रिदै सद गावै
जे को अपुनी सोभा लोरै, साध संगी इह हउमै छोरै
जे को जनम मरण ते डरे , साध जना की सरनी परै .

भाव:

चारों पदार्थों ( धर्म, अर्थ,काम,मोक्ष) में से कोई कुछ चाहे तो उसे सद्गुरु की सेवा करनी चाहिए. अगर किसी को
दुःख और कष्टों से छुटकारा पाने की इच्छा हो तो उसे अपने आन्तरिक ह्रदय आकाश की गहराई में जाकर शब्द (नाम)
के साथ संपर्क स्थापित करना चाहिए. अगर किसी को अपनी प्रसिद्धि और नाम की इच्छा हो तो किसी संत की संगत
में जाकर अपने अहंकार का त्याग करना चाहिए. अगर किसी को जीने- मरने के कष्ट से डर लगता है तो किसी संत
के चरण कमलों का सहारा ढूँढना चाहिए.
गुरु वाणी गुरु अर्जुन देव जीl

बिहारी नितीश हैं गुज्जू मोदी से बेहतर पी एम् मेटेरियल


झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक भाजपाई

ओये झल्लेया ये हसाड़े बिहारी मोदी सुशील कुमार को कौन सा पोलिटिकल कीड़ा काट गया |बिहारी नितीश कुमार पी एम् कि दौड़ में हिस्सा नहीं लेना चाहते और ये हसाड़े भाजपाई होते हुए भी बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार को अपणे गुज्जू मोदी नरेन्द्र से बेहतर पी एम् मेटेरियल बता रहे हैं|
ये तो अपना मुंडा ही विगड़ गया हुन ते बैंड वजे ही वजे|

झल्ला

शाह जी आपजी के सुशील कुमार जी बिहार में उप मुख्य मंत्री हैं यानि नितीश कुमार के एक दम नीचे |
ऐसे में उन्हें तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार में प्रधानमंत्री के सारे गुण दिखाई देने ही हैं|
क्योंकि बॉस इज आलवेज राईट|
वैसे हमारे में कहा जाता है कि

रब्ब नेड़े कि घुसन्न

यानि जब घूंसा[नितीश] सामने दिखाई देता है तो रब्ब[नरेंद्रा] को देखना ही नहीं चाहिए

राज ठाकरे गालियों की उल्टियां करने में जुटे हैं

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक हिंदी पत्रकार

ओये झल्लेया ये क्या हो रहा है?ये मुम्बईकर कभी कहते हैं कि कमिश्नर को हटाओ |गृह मंत्री को गिराओ| चैनल बंद करवा दूंगा|
बिहारियों को बाहर खदेड़ दूंगा|
सबक सिखा दूंगा|
ओये येआतंक वाद पीड़ित महाराष्ट्र में कोई कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज है भी के नहीं |आतंकवाद को रोकना है कि नहीं या इन्हें कोयले +कपास+ एअरपोर्ट+ खाद्दान्य के अलावा कुछ देखना ही नहीं

झल्ला

सर जी ये ठाकरे के राज के लिए राजनीती है|कांग्रेस के लिए महाराष्ट्रा में घरेड है शिव सेना+एन सी पी| अब शिव सेना की काट मनसे पैदा हो गई है|एन सी पी का बंटाधार करने के लिए गृह मंत्री को गिराना जरुरी है क्योंकि जब तक एक सहयोगी जाएगा नहीं तब तक दूसरा सहयोगी[मनसे]सत्ता में एडजस्ट कैसे होगा| इसके अलावा लुभाव में एन डी ऐ घटक बिहार की नींद हराम की जा रही है|
यानि सब तरफ से फायदा ही फायदा है +अपना फायदा है +पार्टी का फायदा है|ऐसे में इस सुहानी राजनीतिक शाम में देश के काले दुखदाई ग़मों की बात क्यूँ हो ??? आसमान पर मंडराते मांसाहारी चीलों के या गिद्धों की कौन सौचे???

हर घडी प्रभु की रहमत+ बरकत का शुक्र अदा करो

नफस नफस मुझे लाज़िम है शुक्र का सजदा
कि मेरे दोस्त का अहसान है जिन्दगी मेरी

भावार्थ: मेरे लिए ज़रूरी है कि मैं हर लम्हा अपने प्रभु का शुक्राना अदा करूँ क्योंकि
मेरी यह जिंदगी उसी की देन है . यह मेरे गुरु का करिश्मा है कि इस नाशवान
दुनिया में उसने मुझे अबदी जिंदगी अता कर दी , एक अमर जीवन दे दिया .
इसलिए मैं हर घड़ी उसकी बरकत का , उसकी रहमत का जिक्र करता हूँ
रूहानी .शायरी : संत दर्शन सिंह जी महाराज

कायनात का प्रेमी ही परमात्मा को पाता है

कहा भयो जो दोऊलोचन मूंदी कै
बैठ रहिओ बक धिआनु लगाइयो
न्हात फिरिओ लीए सात समुद्रन
लोक गइओ परलोक गवाइओ
बास कीओ बिखिअन सो बैठि कै
ऐसे ही ऐसे सु बैस बिताइओ

सच कहूँ सुनि लेहु सभै
जिनि प्रेम कीओ तिन ही प्रभु पाइओ

भाव : दोनों आँखें मूंद कर बगुले की तरह बैठने से क्या होगा जबकि अन्दर मन में कपट भरा हो .
ऐसा व्यक्ति सात समुंदर पार करके तीर्थों में नहाता फिरे तो समझो उसका इहलोक और
परलोक दोनों बेकार हैं . विषय – विकारों में सदा लिप्त रहने वाला अपनी आयु यूँ ही गवां
देता है . मैं सच कहता हूँ परमात्मा को वही पाता है जो उसे और उसकी कायनात से प्रेम करता है.
वाणी गुरु गोबिंद सिंह जी

प्रभु से अलग होने पर अस्तित्व समाप्त

दुर्लभ मानुष जन्म है, देह न बारम्बार
तरुवर ज्यों पत्ती झड़ें, बहुरि न लागे डार

संत कबीर दास जी कहते हैं
-हे मनुष्य! एक लाख चौरासी हजार योनिओं में भटकने के बाद
तुझे यह मनुष्य का जन्म मिला है. तुझे यह शरीर बार-बार नहीं मिलेगा . अब भी समय है
तू चेत जा और ईश्वर के भजन में लग जा . नहीं तो तेरा भी वही हाल होगा जैसे एक पेड़
की टहनी के पत्ते जब अलग होकर धरती पर गिर जाते हैं तो सूख जाते हैं और कभी
उस पेड़ की टहनी पर फिर से नहीं लग पाते इसी प्रकार अगर तुम अपने प्रभु से अलग हो
जाओगे तो तुम्हारा अस्तित्व ही समाप्त हो जायेगा.
संत कबीर वाणी

माननीय सांसदों और सोश्लाईट्स ने आपस में पाले बदले

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक सामान्य नागरिक

ओये झल्लेया ये क्या हो रहा है?इन माननीय सांसदों ने और सोश्लाईट्स ने आपस में पाले बदल लिए हैं क्या ?
सोश्लाईट्स के सडकों पर हो रहे आन्दोलनों से बौखला कर ये माननीय सांसद कहते थे कि संसद लोक तंत्र का मंदिर है
संसद सर्वोपर्री है | जो भी फैसला होगा संसद में ही होगा |इसीलिए संसद के फैसले सडकों पर नहीं लिए जा सकते |
अब यही सांसद स्वयम संसद के गेट पर अलिगढ़िया ताला लगा कर सडकों पर कोयले कि लड़ाई लड़ने के लिए ताल ठोंक
रहे हैं|ओये जिन लोगों को ये संसद में आने को उकसा रहे थे वोह सोश्लाईट्स अब सड़क की लड़ाई संसद में लड़ने कि तैय्यारी
करने लग गए है|कांग्रेस और भाजपा दो प्रमुख पार्टियाँ हैं|इन दोनों ने पहले संसद को स्थगित करवा कर मीडिया में लड़ाई लड़ी
अब मीडिया से सडकों पर जाने कि घोषणा कर दी है|

झल्ला

भापा जी मेरे भोले भाले भाप जी फूटबाल के मैच में हाफ टाईम के बाद जिस तरह से दोनों टीमे अपना अपना छेत्र रक्षण [गोल]
की अदला बदली कर लेती हैं ठीक उसी तरह सोश्लाईट्स और सांसदों ने भी अपने अपने गोल आपस में बदल लिए हैं|एक्सचेंज कर लिए हैं|
हाँ आप जी ने जो संसद पर अलिगढ़िये ताले की बात कही है तो माननीय सांसद अगर संसद छोड़ कर सड़क पर उतरेंगे तो ये सोश्लईट्स
संसद में घुस कर नहीं बैठ जायेंगे