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Category: Politics

कोयले ने किया करिश्माई काम सब तरफ कलह और कोहराम

कोयले पर कलह जारी है भाजपा जहां इस मुद्दे पर घिरे प्रधान मंत्री डाक्टर मन मोहन सिंह को छूट देने के लिए तैयार नहीं है संसद में जम कर हंगामा हुआ सो आज १३वे कार्यदिवस में भी दोनों सदन स्थगित कर दिए गए है|
संसद के बाहर एन डी ऐ ने आज धरना भी दिया |भाजपा पी एम् के इस्तीफे और कोयला खंड आवंटन को रद्द किये जाने की मांग पर अड़ी है|
सरकार +विपक्ष और सोशलाईट्स अपने अपने तरीके से मुद्दे को परिभाषित कर रहे हैं |सरकार का दावा है कि सी बी आई[ सेन्ट्रल ब्यूरो आफ ईन्वेस्तिगेशन] द्वारा घोटाले की जांच की जा रही है घोटाले बाजों के आरोपियों के यहाँ छापे मारे जा रहे हैं|कानून अपना काम कर रहा है| सांसद दर्डा और उसके भाई महाराष्ट्रा के मंत्री और जाय्सवाल्स आदि के यहाँ छापे डाले भी जा चुके हैं \सी बी आई ने दर्डा के खिलाफ ऍफ़ आई आर भी दर्ज़ करा दी है|
कांग्रेस की दलील है कि भाजपा शासित प्रदेशों के मुख्य मंत्रियों कि संतुति के पश्चात ही कोयला खंड बांटे गए |इसके लिए झारखण्ड+राजस्थान+मध्यप्रदेश+उड़ीसा+छत्तीसगढ़ के मुख्य मंत्रियों को निशाना बनाया जा रहा है|अब सी बी आई ने इन मुख्य मंत्रियों से पूछताछ करने का मन भी बना लिया है|
सी बी आई की कार्यविधि और नियत पर सवाल उठते रहे हैं|सोश्लाईट से राजनीती में आये अरविन्द केजरीवाल ने यह आरोप लगाया कि सी बी आई के छापों से पहले इसी के अधिकारी ने आरोपियों को छापों के बारे में पहले ही सूचित कर दिया था|जाहिर है अब वहां कुछ भी काम कि जानकारी नहीं मिलने वाली|अन्ना टीम शुरू से ही सी बी आई के स्थान पर जन लोक पाल को वरीयता देती आ रही है|भाजपा भी आये दिन सी बी आई को सरकार की कठपुतली बता रही है|
इस सबके बावजूद हाल ही में केन्द्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने यह कह कर सबको चौंका दिया है कि ऍफ़ आई आर दर्ज़ करने से कोई अपराधी नहीं हो जाता जबकि यह ऍफ़ आई आर उनकी अपनी सरकार की संस्था सी बी आई [जिसकी वोह शुरू से वकालत करते आये हैं ] द्वारा दर्ज़ कराई गई है|जाहिर है केन्द्रीय मंत्री की ऐसी टिपण्णी एक तरफ तो सी बी आई को कटघरे में रख रही है तो दूसरी तरफ आरोपियों को बचाने के लिए सरकार के नज़रिए को भी बयाँ किया जा रहा है|यह सी बी आई और दर्डा जैसे अनेकों दोषियों या आरोपियों के लिए सरकार कि तरफ से आश्वासन का सन्देश माना जा सकता है|
इस दिशा में कांग्रेस ने एक कदम और आगे जाते हुए बीते दिन उड़ीसा में कोयला घोटाले को लेकर मुख्य मंत्री नवीन पटनायक का इस्तीफा माँगा |लगभग ५०००० कांग्रेसियों ने उड़ीसा विधान सभा का घेराव किया विधान सभा में घोसने का प्रयास किया और तैनात पोलिस से फौजदारी भी की\बदले में लाठी चार्ज हुआ आंसू गैस के गोले और पानी कि बौछारें छोड़ी गई|इस अवसर पर एक महिला कर्मी को प्रदर्शन कारियों ने बुरी तरह से मारा और घसीटा|उसकी हालत नाज़ुक है|
किसी भी कांग्रेसी ने अभी तक ना तो इसकी जिम्मेदारी ली है और नाही खेद ही व्यक्त किया है|पोलिस संघ ने महिला साथी को मरने वाले को एरेस्ट करने कि मांग उठा दी है|
सी बी आई और सरकार को घसीटते हुए भजपा ने आज मांग कि है कि सी बी आई द्वारा मुख्य मंत्रियों से पूछ ताछ करने का मन बना रही है ऐसे में प्रधान मंत्री से भी पूछ ताछ की जायेगी क्या क्योंकि डाक्टर मन मोहन सिंह उस समय कोयला मंत्री थे |
कोयला मामले में जहां सी बी आई+सरकार और विपक्ष अपनी औपचारिकताएं निभा रहे हैं वहीं मीडिया सजग प्रहरी के रूप में रोजाना नए खुलासे कर रहा है|एन डी टी वी और ई बी एन ७ चेनलों के आलावा प्रिंट मीडिया भी नए नए रहस्योद्घाटन कर रहा है|बेशक इन्हें पोलितिशियंस द्वारा ही फीड बेक दिया जा रहा है मगर खबरे बाहर आ रही है|दर्डा और जायसवाल परिवारों के बाद मंत्री जगतरक्षण+ बिहार के लालू प्रसाद यादव के नजदीकी गुप्ता के अलावा नवीन जिंदल के नाम भी उजागर किये जा चुके हैं|
कहा जा रहा था कि इसमें कोयला तो मदर अर्थ में है इसीलिए जीरोलास है मगर मदर अर्थ में कोयला के आधार पर ही शेयरों के दाम आंसमां पर पहुंचा कर अनुचित लाभ कमाया गया| एक दिन में एक साहब ने ११० करोड़ बनाये|अब बेरोकटोक ऐसे लोगों को रुपया बनांते देख कर सी बी आई +इन्कम्म टेक्स+ सरकार+सी वी सी की चुप्पी रही इस चुप्पी पर जवाब देही तो बनती ही है\

अन्ना और अरविन्द के अराजनैतिक संबंधों में अब राजनीतिक कडवाहट

अन्ना और अरविन्द के अराजनैतिक संबंधों में अब कडवाहट आने लग गई है|अरविन्द केजरीवाल राजनीतिक पार्टी बनाने के पक्ष को उजागर कर चुके हैं और इस दिशा में एक प्रदर्शन भी कर चुके हैं|अन्ना हजारे अभी तक पक्ष या पार्टी बनाने के विषय में फैंसला फायनल नहीं कर पाए हैं| जंतर-मंतर के मंच से राजनीति विकल्प की बात कहने वाले अन्ना अब पार्टी बनाने के खिलाफ बयान दे रहे हैं।
टीम अरविंद अगर चुनाव लड़ती है तो वो उसके लिए प्रचार भी करेंगे या नहीं यह भी साफ़ नहीं हुआ है| अन्ना आंदोलन के जरिए सिर्फ जनता को जगाने के पक्ष में दिख रहे हैं। जिससे जनता योग्य उम्मीदवारों को चुनकर संसद और विधानसभाओं में भेज सके। इसके लिए अन्ना विकल्प देने की बात जरूर कहते आ रहे हैं|
कोयला आवंटन पर अरविंद के घेराव आंदोलन पर किरण और अरविंद के बीच मतभेद उभर कर सामने भी आ गए। अन्ना ने भी माना कि दोनों में इस बात पर मतभेद है, हालांकि उन्हें उम्मीद है कि इस मतभेद को मिल बैठ कर सुलझा लिया जाएगा। लेकिन इस दिशा में अभी तक कोई पहल होते नहीं दिख रही|
टीम अन्ना दिल्ली का विधानसभा चुनाव लड़ने के संकेत दे रही है|अन्ना ने अभी तक अपना विरोध प्रकट नहीं किया है| आंदोलन के दौरान मैं अन्ना हूं कि टोपी, मैं अरविंद हूं कि टोपी में बदलने लगी है \इससे भी अन्ना के दिल पर चोट लगना स्वाभाविक ही है|
बीते महीने अन्ना हजारे ने ऐलान किया था कि वो जनता को राजनीतिक विकल्प देंगे
गौरतलब है कि जंतर मंतर के आखिरी अनशन से पहले अन्ना लगतार राजनीति में उतरने से इनकार करते रहे हैं। लेकिन जब अरविंद-मनीष और गोपाल राय के अनशन पर सरकार ने कान नहीं दिया तो अन्ना के रुख में बदलाव साफ दिया। आईबीएन नेटवर्क के एडिटर इन चीफ राजदीप सरदेसाई से बात करते हुए अन्ना ने कहा कि अगर भ्रष्टाचार की सुरसा के वध के लिए सियासी पहल की जरूरत हुई और जनता ने आदेश दिया तो वो इनकार नहीं कर सकेंगे।
भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत से ही सत्ता पक्ष से अन्ना हजारे को इस बात की चुनौती दी जाती रही कि चुनाव मैदान में मुकाबला करके दिखाएं। लेकिन अन्ना कभी इसके हक में नहीं रहे। अन्ना का मानना था कि राजनीतिक दल बनाते ही आंदोलन की धार कमजोर पड़ जाएगी।
जाहिर है अन्ना का ताजा रुख उनके पहले के रुख से अलग दिख रहा है। जो अन्ना समर्थकों और सहयोगियों के पीछे खड़े रहने की बात कर रहे थे वो अब साफ कह रहे हैं कि पार्टी बनाने और चुनाव लड़ने की कोई जरूरत नहीं है। वो राजनीतिक विकल्प की बात तो अब भी कर रहे हैं लेकिन ये विकल्प जन जागरण का है खुद सियासत में उतरने का नहीं। अन्ना ने भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम का दायरा बढ़ाने की बात करते हुए यहां तक कह डाला कि अगर आंदोलन का स्वरुप व्यापक नहीं हुआ तो ये शिकायत निवारण केंद्र बन कर रह जाएगा। खैर इसका जो भी नतीजा निकलेगा सो निकलेगा मगर अभी तो जन लोकपाल का मुद्दा इनके हाथों से निकलता दिख रहा है|

क अक्षर वाले काम क वाले कांग्रेस को सूट करते हैं

झल्ले दी झल्लिया गल्लां

एक भाजपाई

ओये झाल्लेया ये क्या हो रहा है ?कोयले की कालिख में सर से लेकर पैर तक काली हुई पड़ी कांग्रेस ने उलटे उड़ीसा में हंगामा कर दिया|गुंडों की तरह विधान सभा को घेर लिया और पोलिस महिला तक को मारा और घसीटा |
चोर कांग्रेस तो उलटे नवीन पटनायक [बी जे डी] को डांटें

झल्ला

अरे मेरे चतुर सुजाण जी कोयला+कालिख+काली+कब्जा+करिश्मा आदि जितने भी क अक्षर वाले शब्द हैं उनकी राशि क वाले कांग्रेस से मिलती है +मेल खाती है|
इसीलिए इन्होने काले कोयले पर कब्जा करके उड़ीसा में भाजपा समर्थक बी जे डी को भम्बरभूसे में डालने का करिश्मा कर दिया |आप लोग तो ख्वाहमखाह ही हाथ काले करने में जुटे हो

संसद का मानसून सत्र १७वे दिन भी सूखा ही रहा

कोयला ब्लॉक आवंटन पर भारतीय जनता पार्टी + पदोन्नति में आरक्षण के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के सदस्यों के हंगामे के बीच आज गुरुवार को संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्षी सदस्यों ने लगातार 17वें दिन संसद की कार्यवाही में बाधा पहुंचाई।कल [शुक्रवार] को सत्र का आखरी दिन है|
लोकसभा की कार्यवाही दोपहर बाद दिनभर के लिए जबकि राज्यसभा की कार्यवाही को पहले दोपहर दो बजे तक और फिर शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
इससे पहले सुबह ११ बजे तमिलनाडु के शिवकासी में एक पटाखा फैक्टरी अग्निकांड हादसे में मारे गए ४० लोगों की याद में राज्यसभा व लोकसभा दोनों सदनों में मौन रख कर श्रधान्जली अर्पित की गई|
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रोन्नति में आरक्षण बिल को लेकर कांग्रेस अब बीजेपी को मनाने की कोशिश में है।
इसके लिए गृहमंत्री और लोक सभा में कांग्रेस के नेता सुशील कुमार शिंदे ने आज [गुरुवार] को भाजपा नेता एल के आडवाणी के साथ मुलाकात की है। इस बैठक में सुषमा स्वराज और अरुण जेटली भी मौजूद थे। विपक्ष बार-बार आरोप लगा रहा है कि सरकार कोयला घोटाले से ध्यान हटाने के लिए ही यह बिल सदन में लेकर आई है।
मानसून सत्र कल [शुक्रवार] खत्म होने जा रहा है यदपि बसपा की मायावती और बिहार के लालू प्रसाद यादव सत्र बढाने की मांग कर रहें है यदि यह मांग पूरी नहीं होती तब यह विधेयक राज्यसभा की संपत्ति बन जाएगा।
राज्यसभा में पेश हुए विधेयकों की समय-सीमा खत्म होने का खतरा नहीं रहता|

हसाड़ा सोणा मन मोह्णा बड़ा लिस्सा पी एम् है

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक कांग्रेसी

ओये झाल्लेया ये क्या हो रहा है?ओये हसाड़े सोणे ते मन मोहणे पी एम् के करेक्टर की जिसे देखो चिंदी चिंदी उड़ाने में लगा है|
भाजपा ने संसद में तो संसद के बाहर अरविन्द केजरीवाल ने ऐसी की तैसी कर रखी है| पहले देश के बाहर थोड़ी बहुत साख थी मगर उस में भी अब रोजाना पलीता लगाया जा रहा है|
कोई फिसड्डी कह रहा है तो कोई दब्बू तो कोई कोई साइलेंट मोड कह कर भडास निकाल रहा है|लंगडी बत्तख से अब चोरों +भ्रष्टों=घोटाले बाजों का खामोश मुखिया तक कहा जाने लगा है ओये ये तो यार देश का भी अपमान है|

झल्ला

सेठ जी दरअसल हसाड़े ये सोणे ते मन मोहणे पी एम् बेचारे बड़े लिस्से[सीधे]बन्दे हैं और डादेयाँ[जोरावारों]का जमाना है|इसीलिए ऐरे गेरे भी भडास निकालने को पी एम् को चुन रहे हैं|
कहा भी गया है कि गरीब की जौरू सबकी भाभी हो|\
लेकिन हसाड़े पी एम् को घुट्टी में एक गुर मिला हुआ है| हमारे गुरुओं ने भी कहा है जो नीवां सो गौरा|
इसीलिए एक ना सौ सुख या एक चुप सौ सुख क्यों ठीक है न ठीक ???

वाशिंगटन पोस्ट ने पी एम् की साख पर लिखे लेख पर माफ़ी नहीं माँगी

प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह की काबिलियत पर सवाल उठाने वाले वाशिंगटन पोस्ट के संवाददाता ने कहा है कि वह अपनी बात पर कायम हैं और माफी नहीं मांगेंगे।
अमेरिकी अखबार के भारतीय ब्यूरो के प्रमुख व इस लेख को लिखने वाले साइमन डेनयेर ने प्रधानमंत्री कार्यालय के संचार सलाहकार पंकज पचौरी की ओर से की गई एक शिकायत के जवाब में बुधवार को एक ब्लॉग में कहा कि मैं अपने लेख पर कायम हूं।
श्री डेनयेर ने कहा कि मेरी माफी इस बात के लिए है कि वेबसाइट डाउन थी और मैं प्रधानमंत्री कार्यालय अपना जवाब सीधे नहीं भेज सका। जैसे ही यह खराबी दूर हुई, मैंने सूचना दे दी है |
समाचार पत्र के पहले पृष्ठ पर बुधवार को प्रकाशित इस लेख में मनमोहन सिंह को निष्प्रभावी व अनिर्णय की स्थिति वाला नौकरशाह करार देते हुए भ्रष्ट सरकार का नेतृत्व करने वाला बताया गया है।
लेख में उन्हें एक ऐसा व्यक्ति बताया गया है, जो अपनी शालीनता वगैरह के चलते विकलांग है।
लेख पर प्रतिक्रिया देते हुए एन डी टी वी फेम श्री पचौरी ने डेनयेर को लिखे पत्र में कहा कि हम सरकार की आलोचना की शिकायत नहीं करते, क्योंकि यह एक पत्रकार का अधिकार है। लेकिन मैं

आपकी ओर से किए गए अनैतिक व अव्यवसायिक आचरण की ओर इशारा करने के लिए यह पत्र लिख रहा हूं।
पचौरी ने कहा कि बातचीत के सभी रास्ते खुले होने के बावजूद आपने लेख के सम्बंध में हमारा पक्ष जानने की कोशिश नहीं की, जबकि आप नियमित रूप से मुझसे प्रधानमंत्री कार्यालय की सूचनाएं लेते रहते हैं। यह लेख पूरी तरह से एकतरफा है।

कोयला घोटालों के यहाँ सी बी आई के छापे आई वाश=केजरीवाल

संसद के अन्दर भाजपा[कोयला]और सपा[रिजर्वेशन] ने कांग्रेस को मुसीबत में डाला हुआ है तो बाहर इंडिया अगेंस्ट करप्शन के लीडर अरविन्द केजरीवाल ने सी बी आई के छापों को आई वाश करार देकर कांग्रेस की मुसीबतों को बड़ा दिया है| इंडिया अगेंस्ट करप्शन के अहम् लीडर अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि कोयला आवंटन में सीबीआई के जायसवाल और दर्डा परिवारों पर छापे सिर्फ दिखावा हैं।
सीबीआई ने दो दिन पहले ही कंपनियों को छापे की जानकारी दे दी थी। कंपनियों को सारे दस्तावेज हटाने के लिए भी कह दिया गया था।
श्री केजरीवाल ने आरोप अपने एक ट्वीट में लगाए हैं। लेकिन सीबीआई ने अरविंद के बयान को सिरे से नकार दिया है।
सीबीआई ने अरविंद केजरीवाल के बयान को सरासर गलत ठहराया है। सीबीआई ने कहा कि ऐसा कभी नहीं होता कि छापेमारी से पहले किसी को इसके बारे में बताया जाता है।
अरविंद केजरीवाल के बयान पर कांग्रेस के जगदम्बिका पाल और मनीष तिवारी ने भी तत्काल प्रतिक्रिया दी है| कांग्रेस नेता जगदंबिका पाल का कहना है कि सीबीआई या पुलिस का कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगाना सरासर गलत है। उन्होंने साफ कहा कि अरविंद देश से माफी मांगे या फिर उस अधिकारी के बारे में पुख्ता जानकारी दें जिसने कंपनी को पहले से छापेमारी के बारे में बताया है।
कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने भी अरविंद केजरीवाल पर हमला करते हुए इन आरोपों को तथ्य हीन बताया

संसद में विरोध बादल तो गरजे मगर बिजनेस फुआरें नहीं बरसीं

संसद में मानसून सत्र के १२ वें कार्यदिवस पर भी रोजाना की तरह विरोध के बादल तो गरजे मगर जनहित के बिजनेस की ठंडी फुआरें नहीं बरसी|आज भी संसद के दोनों सदनों को १२ बजे तक के लिए स्थगित करके इतिश्री कर ली गई|
लोकसभा और राज्‍यसभा में कोयला ब्‍लॉक आवंटन में अनियमितता और प्रमोशन में आरक्षण विधेयक को लेकर आज भी जमकर हंगामा हुआ। लोकसभा और राज्‍यसभा की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्‍थगित कर दिया गया |
आज सुबह ग्यारह बजे राज्य सभा के चेयर मेन मोहम्मद हामिद अंसारी ने दक्षिण में सिवाकाशी के निकट ॐ शक्ति पटाखा फेक्टरी में भीषण आग से मारे गए ४० लोगों की आत्मा की शांति के लिए शोक प्रस्ताव पडा इसके बाद हाउस द्वारा दो मिनट का मौन रख कर श्रधांजली अर्पित की गई |इसके तत्काल पश्चात रोज़ाना की भांति हंगामा शुरू हो गया और चेयर मेन के पास हाउस एडजर्न करने के अलावा कोई चारा नहीं बचा |
गौरतलब है कि संसद में दो हफ्तों से कोयला घोटाला को लेकर गतिरोध बना हुआ है। बीजेपी पीएम के इस्‍तीफे की मांग पर अडिग है।
भाजपा ने एक कदम पीछे हटाते हुए कोयला ब्लॉक आवंटन के मुद्दे पर प्रधानमंत्री के इस्तीफे की अपनी मांग पर कुछ नरमी दिखाई है लेकिन संसद को सुचारू रूप से चलाने के लिए कोयला ब्लॉकों का आवंटन रद्द किये जाने पर अभी भी अड़ी है| भाजपा ने आज एक बयान जारी कर कहा कि 142 कोयला ब्लॉकों के मनमाने तरीके से आवंटन को लेकर सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के चलते संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही नहीं चल पा रही।
पार्टी के मुताबिक अगर उसकी दोनों मांगे मान ली गयीं तो वह कोयला ब्लॉक आवंटन के साथ ही पदोन्नति में आरक्षण संबंधी संविधान संशोधन विधेयक पर भी संसद में चर्चा के लिए तैयार है।
भाजपा सरकार को भ्रष्टाचार से ध्यान नहीं हटाने देगी। यदि सरकार तत्काल ऐसा करती है तो पार्टी दोनों मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है।

Media Mousing Dr Manmohan Singh

British &American Media Is Vomiting Their Share Of Spit In The Form Of Ink To Build A Road To The Investments In India .
It May Be The Gallicism To Galley Under The Gaberdine Of Media
So They Have Criticized Indian P M Dr. Manmohan Singh & Politics
[1] Washinton Post Has Characterized Him A WEAK P M
[2]Time Magazine Has Rated Him Underachiever
[3]The Economist Sees Him Helpless
[4]The Independent Called him Puppet
[5] Moodiest Prophecy Is Lame Duck .
In The Election Campaigns The Ruling Party & Opposition Both In U S A
Are En cashing The Policy Of Economic Reforms With India Is It A Duel Faced Diplomacy ???

डा. मन मोहन सिंह को सत्ता मोह =संतोष हेगड़े

भारत के प्रधान मंत्री डाक्टर मन मोहन सिंह की साख पर देश और विदेश में हमले होने शुरू हो गए हैं|अब टीम अन्ना के संतोष हेगड़े ने भी पी एम् पर सत्ता से चिपके रहने का लोभी बताया है | श्री हेगड़े न कहा है कि डाक्टर मन मोहन सिंह नौकर शाह हैं इसीलिए पी एम् की कुर्सी से चिपके हैं अगर राजनीतिक होते तो कब के इस्तीफा दे दिए होते| गौरतलब है कि डा. मन मोहन सिंह ने कभी भी सत्ता से मोह नहीं रखा ज़रा सी स्वाभिमान पर चोट पड़ते ही इस्तीफा दे दिया करते थे |अब इतने घोटालों के आरोपों के बावजूद सत्ता में रहने पर ही इस किस्म की टिपण्णी की जा रही है|
इसके अलावा अमेरिकन अखबार वाशिंगटन पोस्ट ने भी पी एम् की मौन रहने की प्रवर्ति पर सवाल उठाये हैं| रिपोर्ट के रिपोर्टर साइमन द्वारा माफ़ी मांगे जाने की खबर को प्रचारित किया गया|
इसका तत्काल खंडन भी आ गया| वाशिंगटन पोस्ट के रिपोर्टर साइमन ने माफी मांगने से इनकार कर दिया है उन्होंने कहा है कि वह अपनी स्टोरी पर कायम हैं। इसके साथ ही पी एम् के किसी भी कमेंट्स का स्वागत किया जाएगा | इस खबर में पी एम् के भूतपूर्व सलाहकार संजय बारू के ब्यान का हवाला दिया गया है| लेकिन अब संजय बारू ने इसका खंडन कर दिया है | इस खंडन के बाद अब वॉशिंगटन पोस्ट के रिपोर्टर साइमन भी सवालों के घेरे में आ गए है।