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Category: Politics

लोक तंत्र रक्षक सेनानियों को पेंशन की मांग उठी

लोक तंत्र रक्षक सेनानियों को पेंशन की मांग उठी
उत्तर प्रदेश सरकार से लोक तंत्र सेनानियों को बहु प्रतीक्षित सम्मान के रूप में पेंशन दिए जाने की मांग की गई है|
वयोवृद्ध धर्मवीर आनंद ने लोक तंत्र रक्षक सेनानी +मेरठ रत्न + शौर्य पदक +यूं पी पंजाबी बिरादरी सभा+के अध्यक्ष और खुखरान वर्ल्ड ब्रदर हुड के उप प्रधान है|और श्रीराम मंदिर एवं श्रीराम पब्लिक स्कूल के ट्रस्ट प्रधान भी हैं|
श्री आनंद ने सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव को एक पत्र लिखा है जिसमे यह स्मरण कराया गया है कि उनकी तत्कालीन सरकार [मुलायम सिंह]द्वारा इमरजेंसी के बाद स्वतंत्रता सेनानी कल्याण परिषद् उत्तर प्रदेश के माध्यम से लोक तंत्र रक्षकों को सम्मान पत्र दिए गए थे और आपात काल में जेल में कठिन यातनाएं सहते हुए लोक तंत्र कि रक्षा करने वालों को पेंशन भी देने कि घोषणा की गई थी
इस घोषणा के कुछ समय पश्चात ही बसपा की सरकार आने से यह घोषणा खटाई में पड़ गई|
अब पुनः सपा कि सरकार सत्ता में है और अखिलेश यादव के युवा हाथों में कमान है इसीलिए अब मानवता को सम्मानित करने के लिए युवा न्रेतत्व अपने बुजुर्गों के वचनों को निभाएगा और लोक तंत्र सेनानियों को मुख्य मंत्री द्वारा पेंशन के रूप में सम्मानित किया जाएगा|
गौरतलब है कि आपात काल में जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को जेल में डाल दिया गया था तब जेल जाने वाले कार्यकर्ताओं को लोक तंत्र के रक्षक सेनानी की संज्ञा दी गई थी और सम्मान पत्र के साथ पेंशन भी देने की घोषणा की गई थी उसी संदर्भ में अब यह मांग उठाई गई है|Permalink: http://jamosnews.com

आरक्षण का अलाव जलाने का मौसम आ गया

अखंड भारत में आरक्षण का अलाव जला कर अलग से राजनीतिक रोटियाँ सेंकने का मौसम फिर आ गया है| नौकरियों में आरक्षण के अलावा प्रोमोशन में आरक्षण की मांग जोर पकड़ रही है|सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रोमोशन में आरक्षण की अपील को ठुकराए जाने के बावजूद माननीय सांसद इस दिशा में संविधान में संशोधन की तैय्यारी में लग गए हैं|बसपा की आड लेकर केंद्र सरकार अब प्रोमोशन में आरक्षण देने को मन बना चुकी है|इस दिशा में सर्वदलीय बैठक भी बुलाई गई|लेकिन पहले दौर की यह बैठक बीते दिन शाम को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के आवास, 7 रेसकोर्स में मंगलवार को बुलाई गई थी |
पहले दौर की यह बैठक शाम तीन घंटे तक चली| सर्वदलीय बैठक बेनतीजा खत्म हो गई। सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जाति और जनजाति की पदोन्नित में आरक्षण पर सहमति बनाने के लिए ये बैठक बुलाई गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में पदोन्नति में आरक्षण को खारिज कर दिया था। सरकार ने संकेत दिया है कि वो इसके लिए तैयार है।
पीएमओ में राज्यमंत्री नारायण सामी का कहना है कि सरकार कानूनी तौर पर वैध बिल लेकर आएगी वहीं बीएसपी सुप्रीमो मायावती इसी सेशन में लाये जाने पर अड़ी हैं|
आरक्षण को अपनी राजनीति का अहम हिस्सा मानने वाले कई नेता इस बिल पर हीला-हवाली करते दिख रहे हैं|। जेडीयू नेता शरद यादव और आरजेडी नेता लालू यादव ने कहा है कि अगर पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को भी ये सुविधा दी जाए, तो वे समर्थन पर विचार कर सकते हैं। सपा पहले भी प्रोमोशन में आरक्षण का विरोध कर चुकी है और अभी भी समाजवादी पार्टी पदोन्नति में आरक्षण का खुला विरोध कर रही है। एसपी सांसद प्रोफ़ेसर रामगोपाल यादव ने कहा कि पार्टी इसके खिलाफ है।
मुख्य विपक्षी दल बीजेपी हमेशा की तरह कोई निर्णय नहीं ले पाई है इसीलिए पार्टी द्वारा फिलहाल कोई राय नहीं जताई गई है। बी जे पी ने मांग की है कि सरकार पहले प्रस्तावित बिल का मसौदा सामने लाए तभी उस पर प्रतिक्रिया व्यक्त की जायेगी|। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता मे हुई इस बैठक में यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, लालकृष्ण आडवाणी,सुषमा स्वराज समेत सभी पार्टियों के नेता मौजूद थे।
कोयले के मुद्दे पर संसद को पूरे दिन के लिए स्थगित कराने वाले ये पक्ष +विपक्ष और सहयोगी सभी इस सर्वदलीय बैठक को सुचारू रूप से चलाते रहे |
कुछ बुद्धिजीविओं का कहना है कि अपनी विफलताओं को ढकने के लिए आरक्षण का लिबादा ओडने का प्रयास है|
जबकि कुछ का मानना है कि मंडल और कमंडल का खेल फिर से शुरू करके वोट बैंक की बन्दर बाँट की तैय्यारी चल रही है|

बछड़े को काबू करने में लगे हैं फिर से कांग्रेसी नेतागण

झल्ले दी झल्लियाँ गल्ला
एक सोशलाईट
ओये झल्लेया ये कांग्रेसियों को कौन सा कीड़ा काट रहा है|रोजाना कोई ना कोई नेता राहुल गांधी को पी एम् बनाने का एलान कर देता है|
राहुल गांधी बेचारा इन सब से बचता फिर रहा है और ये हैं कि राहुल गांधी को लगातार पी एम् की कुर्सी की तरफ धकेलने में लगे हैं
पहले तो कभी कभार दिग्विजय सिंह+ सलमान खुर्शीदही हुआ करते थे अब बेनी प्रसाद वर्मा और अब अशोक गहलौत जैसे भी राहुल के नकेल डालने आगे आने लगे हैं|
अब तो इनकी लिस्ट लम्बी होती जा रही है
झल्ला
साहब जी मुझे याद आ रहा है कि कभी हरियाणा कि राजनीती में लालों [बंसी+भजन] कि तूती बोला करती थी|ये लोग संजय गांधी[अब स्वर्गीय]कि जूतियाँ तक उठाने को लालायित रहते थे और सत्ता सुख
भोगते थे ऐसों के कारण ही संजय गांधी शिखर पर पहुँच गए लेकिन माताश्री को ले डूबे |
उस समय जब लाल से पूछा जाता था कि भाई पी एम् श्रीमती इँदिरा गाँधीजी [अब स्वर्गीय] को छोड़ कर संजय को क्यूं पकड़ रहे हो तो जवाब आता था कि बछड़े[संजय] को काबू कर लो गायं[श्रीमति इँदिरा
गाँधी] खुद बखुद पीछे चली आयेगी |लगता है कि इन नेताओं के भी हाथ वोह लाल वाला पाठ लग गया है| तभी बछड़े[राहुल] को पकड़ने की फिराक में लगे हैं वरना राहुल से कहीं ज्यादा सफल हो रही
प्रियंका की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा

राजीव गांधी को श्रद्धा सुमन

राष्ट्रीय सद्भावना के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले राजीव गाँधी की आज ६८वी जयंती है|राष्ट्र ने अज उन्हें श्रद्धा से याद किया और सद्भावना के लिए समर्पित भावना से काम करने का संकल्प लिया |
आज के दिन सरकारी कार्यालयों में सद्भावना दिवस मनाया जाता है मगर १८ से २० तक छुट्टी होने के कारण १७ को ही यह दिवस मना लिया गया|
राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और अन्य वीवीआईपी लोगों ने आज सोमवार को उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
दिवंगत नेता की समाधि ‘वीरभूमि’ पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सोनिया और उनकी पुत्री प्रियंका गांधी वाड्रा ने पुष्पांजलि अर्पित की। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने भी कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के साथ तमिलनाडु के श्रीपेरम्बदूर ‘वीरभूमि’ में पुष्प चढ़ाए।
गौरतलब है कि यूपीए की प्रमुख सोनिया गांधी के पति और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे राजीव गांधी की 21 मई, 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरम्बदूर में हत्या कर दी गई थी। वह 1984 से 1989 तक देश के प्रधानमंत्री रहे।

बेनी मंत्री को अब सपाई टर्र टर्र नज़र आने हैं

कांग्रेसी बेनी मंत्री को अब अपने पुराने सपाई साथी मौसमी टर्र टर्र नज़र आने लग गए हैं |आज बेनी मंत्री ने एक नया रुख अख्तियार कर लिया है|उन्होंने अपनी पुराणी सपा पार्टी के समाजवादी भ्राता पुरुस्कृत सांसद मोहन सिंह को मौसमी टर्र टर्र तक कह डाला|
दरअसल बीते दिन इस्पात मंत्री बेनी ने महंगाई बड़ाने पर ख़ुशी का इज़हार किया था और सपा के मुखिया को मुंगेरी लाल बता कर अजीबोगरीब टिपण्णी कर डाली और अपने वरिष्ठों को प्रसन्न करने का प्रयास किया जिस से भड़क कर मोहन सिंह ने बेनी को सरकार से बर्खास्तगी की मांग कर डाली थी ऐसा नहीं करने पर यूं पी ऐ को दिया जा रहा सपा का सहयोग वापिस लेने की धमकी तक दे डाली थी |इसके जवाब में माननीय मंत्री ने टर्र टर्र वाला विश्लेषण जड़ दिया और सपा को चुनौती दे डाली कि अगर हिम्मत हो तो सरकार से बाहर निकलवा कर दिखाएँ|
इधर सपा के काबिना मंत्री आज़म खान ने बेनी को आड़े हाथो लिया और उनकी दशा की जांच करने की मांग तक कर डाली|
मजबूती के कारण
सपा की बैसाखियों पर टिकी यूं पी ऐ सरकार के मंत्री अगर इस भाषा का प्रयोग करके अपने सहयोगी को धमकी देते हैं और तत्काल केन्द्रीय कानून मंत्री बचाव में उतर आते हैं तो लगता है कि कहीं ना कहीं ये लोग पार्टी लाईन पर ही बोल रहे हैं|क्योंकि अज भी बेनी प्रसाद वर्मा ने फौलादी तेवरों के साथ महंगाई पर ख़ुशी वाले अपने ब्यान का समर्थन किया और मिडिया को आटा दाल चावल छोड़ कर दूसरे छेत्रों कि महंगाई को देखने का उपदेश दे दिया ऐसे में वोह भूल गए कि सरकार उनकी ही है और ये सब महंगाई से सारी बची हुई उंगलियाँ भी उनकी तरफ ही हो जाती हैं|

महंगाई के मरुस्थल में मंत्री को ख़ुशी की मृगतृष्णा

बेनी प्रसाद वर्मा केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण मंत्री हैं|ये अक्सर लाईम लाईट में आने के लिए अपनी सरकार को बचाने का प्रयास करते है मगर मुफ्त्लिफ अंदाजे ब्यान और जरुरत से ज्यादा जानकारी के कारण इनके ब्यान सरकार के गले की हड्डी बन कर दोनों की फजीहत कराते रहते है| ये बेचारे सपा से कांग्रेस में आये हैं|
प्रधानमंत्री डाक्टर मनमोहन सिंह बेशक महंगाई पर चिंतित हों मगर उनकी कैबिनेट की शोभा बढ़ाने वाले इन केंद्रीय मंत्री ने देश में लगातार बढ़ रही बेहिसाब महंगाई से ख़ुशी जाहिर की है|
इन्होने दावल, चावल औऱ आटा जैसी चीजों की कीमत में बढ़ोतरी होने से अपनी इस खुशी का इजहार मीडिया के सामने भी खुलकर कर दिया|
अब जिस महंगाई से देश की जनता त्रस्त है श्री वर्मा उस महंगाई की तान छेड़ कर अपना राग अलाप रहे हैं|
श्री बेनी की यह ख़ुशी अकारण नहीं हो सकती |ऐसा लगता है कि किसानों की हमदर्दी की मृगतृष्णा में अब महंगाई में भी ख़ुशी दिखाई दे रही है|इस ख़ुशी से देश के वर्तमान कर्णधारों के हंसते हुए होटों की गोलाई जरूर कम हो गई होगी|जबकि विपक्ष भाजपा ने अपनी मुस्कराहट को थोड़ा बड़ा लिया है| और उनकी सहयोगी [पुरानी पेरेंटल पार्टी ]सपा ने अपनी त्यौरियां चड़ा करइनसे अपनी दूरी का अहसास करा दिया|
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहन सिंह ने केन्द्रीय मंत्री को जमीनी हकीकत से दूर बताया है। मोहन सिंह ने किसानो की व्यथा बताते हुए कहा कि किसान अपने उत्पादों को सस्ते दामों पर बेच देते हैं जिन्हें बिचौलिए आगे महंगे दाम पर बेचकर भारी मुनाफा कमाते हैं। महंगाई बढ़ने से फायदा बिचोलियों का ही होता है, ऐसे में बेनी इसलिए खुश हो सकते हैं क्योंकि इसी वजह से उनका वेतन, सुविधाएं आदि बढ़ती हैं।
पुरुस्कृत सांसद मोहन सिंह ने ऐसे मंत्रियों कि जबान पर काबू करने के लिए केंद्र सरकार को नसीहत भी दे डाली|
बीजेपी ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है ।पार्टी प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन के अनुसार कांग्रेस के नेताओं के लिए महंगाई भी एक उपलब्धि ही है। सरकार का कैबिनेट मंत्री अगर ऐसा कहे तो इससे बुरी बात कुछ नहीं हो सकती। किसानों को खाद, बिजली, बीज महंगी मिलने की बात करते हुए शाहनवाज ने कहा कि आज खेती का दाम बढ़ रहा है। काग्रेस पूरी तरह से आम आदमी के साथ होने की बात तो करती है लेकिन हकीकत में वह आम आदमी से काफी दूर चली गई है।
यह पहली बार नहीं है इससे पहले भी कई बार बेनी प्रसाद वर्मा ऐसी ही प्रसिद्धि पा चुके हैं|

मिशेल ओबामा ओक क्रीक गुरुद्वारा गोलीकांड के पीड़ित परिवारों से मिलेंगी

अमेरिका में होने वाले चुनावों के मद्देनज़र लगता है कि बराक ओबामा की पार्टी कोई मौका खोना नहीं चाहती इसलिए अब प्रथम महिला मिशेल भी अगले सप्ताह विस्कॉन्सिन गुरुद्वारा गोलीकांड के पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगी।
सिख परिषद ने मिशेल के इससहानुभूतिपूर्वक कदम स्वागत किया है| यह सुनना सुखद है कि प्रथम महिला मिशेल गुरुद्वारे में हुई हिंसा से उजड़े परिवारों से मुलाकात करेंगी।
सिख परिषद् के अध्यक्ष राजवंत सिंह के अनुसार यह वाकई महत्वपूर्ण है कि शीर्ष नेतृत्व पीड़ित परिवारों व पूरे सिख समुदाय के ताजा जख्मों को सम्मानजनक तरीके से भरता है।
उन्होंने कहा है कि प्रथम महिला का दौरा सिखों को फिर से भरोसा दिलाने व उनका दिल छूने वाला कदम होगा और यह इस गम्भीर मोड़ पर राष्ट्रपति ओबामा द्वारा सिख समुदाय को गले लगाने का सशक्त प्रतीक होगा। यह न केवल सिख त्रासदी है, बल्कि अमेरिका की त्रासदी है।
गौरतलब है कि कि पांच अगस्त के रविवार को विस्कॉन्सिन के ओक क्रीक स्थित गुरुद्वारे में कथित श्वेत नस्ल कट्टरपंथी, वेड माइकल पेज द्वारा की गई गोलीबारी में छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी और चार अन्य घायल हो गए थे। घायलों में एक पुलिसकर्मी भी शामिल था|इस घटना में मारे गए लोगों के सम्मान में राष्ट्रीय ध्वज आधे झुका दिए थे|

बाबा रामदेव से अब आंदोलन के खर्च का ब्यौरा मांगा

योगगुरु बाबा राम देव पर संवैधानिक संस्थाओं ने शिकंजा कसना शुरु कर दिया है|
कांग्रेस के विरुद्ध राजनेतिक युद्ध का बिगुल फूंक चुके बाबा रामदेव से उनके आंदोलन के खर्च का ब्योरा मांगा गया है।
इससे पूर्व पतंजलि योग पीठ के उत्पादों के सैम्पल भी भरे जा चुके हैं|
इस बाबत डीजीसीईआई ने बाबा रामदेव के भारत स्वाभिमान ट्रस्ट को नोटिस भेजा है।
डीजीसीईआई के कानपुर मुख्यालय की तरफ से भेजे गए नोटिस में रामदेव से आंदोलन के दौरान हुए हर तरह के खर्च का ब्यौरा देने को कहा गया है। गौरतलब है कि रामदेव का आंदोलन 9 से 14 अगस्त तक हुआ था।

न्यायालयों में लंबित मामलों में जुलाई-दिसंबर 2011 के दौरान ६ लाख की कमी हुई है=पी एम्

प्रधानमंत्री डाक्टर मनमोहन सिंह ने शनिवार को मुम्बई में बताया कि सरकार ने न्याय आपूर्ति प्रणाली में सुधार के लिए राष्ट्रीय न्याय आपूर्ति मिशन [एनएमजेडी] सहित अनेक पहल की है। पिछले वर्ष शुरू हुआ एनएमजेडी मामलों में विलंब और लंबित मामलों को कम कर, और न्यायिक प्रणाली में जवाबदेही बढ़ाकर न्यायिक सुलभता बढ़ाने के दोहरे लक्ष्यों पर जोर देता है।
मनमोहन सिंह ने अगस्त, 1862 को स्थापित मुम्बई हाई कोर्ट के 150वें स्थापना दिवस समारोह में कहा, ‘उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति उम्र बढ़ाने से संबंधित एक संविधान संशोधन विधेयक संसद में है और अखिल भारतीय न्यायिक सेवा की स्थापना के लिए एक व्यापक प्रस्ताव तैयार हो चुका है।श्रीसिंह ने कहा कि चेक बाउंस होने के मामलों से पैदा हो रहे मुकदमों में वृद्धि को रोकने के लिए निगोसिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट में आवश्यक संशोधनों के बारे में जांच-पड़ताल की जा रही है|
प्रधानमंत्री ने कहा कि विधि आयोग के अध्यक्ष के नेतृत्व में एक अन्य समूह एक बेहतर अपराध न्याय प्रणाली के लिए न्यायालयी प्रक्रिया में जरूरी सुधारों की पड़ताल कर रहा है। मनमोहन सिंह ने कहा कि विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या में जुलाई-दिसंबर 2011 के दौरान 600,000 से अधिक की कमी हुई है।
पी एम् ने , ‘बंबई हाई कोर्ट और इसके सहयोगी न्यायालयों ने की योगदान की सराहना भी की |
उन्होंने ने स्वीकार किया कि न्यायिक संस्थान समय पर और सस्ता न्याय मुहैया कराने में अवांछनीय चुनौती का सामना कर रहे है। इसके साथ ही उन्होंने इस बात के लिए न्यायपालिका की प्रशंसा की कि उसने अपनी जिम्मेदारियां निभाने में खुद को भेदभाव से परे रखे हुए है।

[जी डी] गवर्नेंस डेफिसिट और [पी पी] पालिसी पेरालाईसेस लगातार बढ रहा है= गडकरी

भाजपा के मुख्य मंत्रिओं की तीसरी बैठक में आज देश के आर्थिक हालत पर चिंता व्यक्त की गई| पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा कि [जी डी] गवर्नेंस डेफिसिट और [पी पी] पालिसी पेरालाईसेस लगातार बढ रहा है | ऐसा लगता है कि यूं पी ऐ की रूलिंग सरकार में कोई लीडर+कर्ता+उत्तरदाता नहीं है है नीयत और निति के अकाल से देश में अकाल पड़ रहा है| आर्थिक सुधार महीनों से लटक रहे हैं और बुनियादी निर्णय टाले जा रहे हैं|
असाम में विदेशियों को रेड कारपेट स्वागत और देश भक्तों को देश निकाला दिया जा रहा है|
श्री गडकरी ने आरोप लगते हुए कहा कि एन डी ऐ सरकार कि उपलब्धिओं को यूं पी ऐ सरकार ने गवां दिया है|
इस अवसर पर पार्टी अध्यक्ष ने राज्यों में अपनी सरकारों कि पीठ भी थपथपाई |
इस अवसर पर उन्होंने वर्तमान परिस्थितिओं में अपनी गवर्नेंस के आधार पर केन्द्रीय सत्ता में आने के प्रयास करने का भी आह्वाहन किया|