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Category: Politics

सुब्रामनियम सुप्रीम कोर्ट में चिदम्बरम के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल करेंगे |

जनता पार्टी अध्यक्ष सुब्रामनियम स्वामी अब सुप्रीम कोर्ट में पी चिदम्बरम के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे |
आज सुप्रीम कोर्ट ने उनके साथ प्रशांत भूषण की याचिका खारिज करते हुए टिपण्णी की है कि २ जी घोटाले में किसी भी षड्यंत्र ने पी चिदम्बरम के हाथ होने के कोई सबूत पेश नहीं किये गए हैं|इसीलिए यह याचिका गौर करने लायक नहीं है|
इस फैसले को गलत बताते हुए श्री स्वामी ने कहा है कि उन्होंने अपनी याचिका में किसी भी षड्यंत्र का उल्लेख नहीं किया है इसीलिए यह फैसला उनकी याचिका पर नहीं है इसलिए उन्होंने पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की बात कही है|
मानव संसाधन विकास मंत्री और प्रसिद्द वकील कपिल सिब्बल ने इस पर चुटकी[ट्वीट] लेते हुए कहा है कि याचिका दायर करना तो सुब्रामनियम स्वामी का बिजनेस है ये याचिकाए दायर करते ही रहेंगे|

सोमवार को संसद नहीं चली तो मीडिया के जरिये जनता को कैग की असलियत बताएँगे=चिदम्बरम

वित्तमंत्री पी चिदम्बरम ने आज कहा की अगर सोमवार २७अगस्त को कैग रिपोर्ट पर प्रधान मंत्री को जवाब देने नहीं दिया गया तो जनता को सीधे तौर पर स्पष्टीकरण दिया जाएगा|उन्होंने आज प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से कैग कि रिपोर्ट पर सरकार कि स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि कोल ब्लॉक आवंटन पर आई नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रपट को लेकर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए विपक्ष ने लगातार चौथे दिन शुक्रवार को भी संसद में जमकर हंगामा किया।यह उचित नहीं है प्रधान मंत्री संसद में वक्तव्य देने को तैयार हैं मगर संसद को चलने नहीं दिया जा रहा उम्मीद है कि सोमवार को संसद को चलने दिया जाएगा और अगर संसद नहीं चलने दी जायेगी तब जनता की सामने सीधे जा कर अपनी बात कही जायेगी औए इसके लिए सशक्त माध्यम मीडिया है|मंत्री समूह ने कैग कि रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए नो लास की थियोरी की दलील दी वित्त मंत्री ने बताया कि जब खदानों में खुदाई हुई ही नहीं तब नुक्सान कहाँ हुआ |जबकि श्री जायसवाल ने कोल ब्लाक्स कि नीलामी नहीं किये जाने के लिए विपक्ष के राज्य सरकारों के सर ठीकरा फोड़ा[राजस्थान +उड़ीसा+ झारखंड+ छत्तीस गढ़]
मिड टर्म पोल को वित् मंत्री ने बी जी पी का गुब्बारा बताया और कहा कि वोह गुब्बारा पंचर हो गया है| उन्होंने कैग कि रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि रिपोर्ट को फायनल करते समय कैग ने मंत्रालय कि राय नहीं ली और यह १.८५ लाख करोड़ रुपयों के नुकसान का आंकलन सर्वथा गलत है|

कैग रिपोर्ट पर संसद में हंगामाई स्थिति के कारण आज चौथे दिन भी हॉउस नहीं चले| एक दिन पर लगभग पौने दो करोड़ रुपयों का खर्च आता है इसीलिए इन चार दिनों में संसद ठप्प रहने से सात करोड़ का नुक्सान हो चुका है|शायद इसीलिए आज कोयला मंत्री श्री प्रकाश जायसवाल+क़ानून मंत्री सलमान खुर्शीद के साथ वित् मंत्री पी चिदम्बरम ने प्रेस कांफ्रेंस में कैग पर सरकार कि स्थिति स्पष्ट की|

इस कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। इसके पहले सदन की कार्यवाही को 12 बजे तक के लिए स्थगित किया गया।
लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों ने प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। परिणामस्वरूप कुछ ही मिनट बाद दोनों सदनों की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
गौरतलब है कि बीते सप्ताह संसद में पेश की गई सीएजी की रपट में कहा गया है कि निजी कम्पनियों को कोयला ब्लॉक आवंटन में पारदर्शिता के अभाव के कारण सरकारी खजाने को गत वर्ष 11 मार्च तक 1.85 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।यह रिपोर्ट अभी जे पी सी के पास भी भेजी जानी है|

बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के विधायक की गिरफ्तारी से स्थिति बिगड़ी

तनावग्रस्त असाम में आज एक विधायक की गिरफ्तारी ने साम्प्रदाईकता की सुलगती आग में घी का काम किया है | कोकराझार में एक बार फिर से कर्फ्यू लगाना पड़ गया है|
आज बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के विधायक प्रदीप ब्रह्मा को अशांति फैलाने के जुर्म में गिरफ्तार किया गया है| इससे तनावग्रस्त कोकराझार में स्थिति बिगड़ गई और वहां एक बार फिर कर्फ्यू लगाना पड़ा.है|
असम के पश्चिमी कोकराझार में बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के विधायक प्रदीप ब्रह्मा के समर्थकों ने रोड और रेल रूट पर प्रदर्शन किया. प्रदर्शकारी रेल ट्रैक पर उतर आए और ट्रेन रोक दी। विधायक प्रदीप ब्रह्म को अशांति फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था जिसके बाद उनके समर्थकों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया. हालात को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में कर्फ्यू लागू कर दिया है. असम में बोडो-गैर बोडो के बीच हुई हिंसा का सबसे बड़ा केंद्र कोकराझार ही था.|
असाम में फैले इन दंगों के विरोध में देश में अनेक भागों में भी दंगे +प्रदर्शन हुए हैं| इसे लेकर अफवाहों का बाज़ार गर्म किया जा रहा है और अब सोशल मीडिया को भी शिकंजे में लेन के प्रयास किये जा रहे हैं|
मुम्बई के दंगों को कंट्रोल ना कर पाने पर कमिशनर अरूप पटनायक को भी हटा दिया गया है|

टी वी चेनलों पर आउट सोर्सिंग से बहस कराई जा रही है

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक सोशलाईट
ओये झल्लेया मुल्क में ये क्या गंद मचा हुआ है कोयले की कालिख में पुते हुए ये सभी नेता संसद को आज तीसरे दिन भी ठप्प किये हुए हैं|पहले ये कहते हुए नहें अघाते थे कि संसद एक पवित्र मंदिर हैं और अब उसी
मंदिर पर खुद ही अलिगढ़िया ताला लगाने की फिराक में हैं|ओये अब तक तो लगभग ५०० करोड़ का नुक्सान तो यही संसद नहीं चलने से हो गया | और यही नेता गण जो संसद नहीं चलने दे रहे टी वी चेनलों पर गला फाड़ फाड़ कर बहस कर रहे हैं और चेनलों की टी आर पी बड़ा रहे हैं | ये भी घोटाला ही हुआ |क्यों ठीक हैं ना ठीक???
झल्ला
बाऊ साहब जी आज कल हर जगह+ हर विभाग में आउट सोर्सिंग से काम चलाने का रिवाज है +फेशन है इसीलिए अब संसद के बजाये टी वी चेनलों पर ही आउट सोर्सिंग से बहस कराई जा रही है| क्या करें मजबूरी है|

भाजपा ने २ जी घोटाले का फ्रंट भी खोला

भाजपा ने आज 2 जी घोटाले का फ्रंट भी खोल दिया है| इस घोटाले की जांच कर रही जेपीसी को मज़ाक करार देते हुए बीजेपी के 5 नेताओं ने मीटिंग को छोड़ कर बाहर आ गए|
वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा के अनुसार कांग्रेस पक्ष के सदस्यों ने बेहद अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया जिस पर रोक लगाने की कोशिश समिति के अध्यक्ष की ओर से नहीं हुई। इसीलिए उन्होंने समिति की बैठक से वॉक आउट करने का फैसला किया।
श्री सिन्हा का कहना है कि जितनी सभ्य भाषा में संभव था उतनी सभ्य भाषा में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वित्त मंत्री पी. चिंदबरम की संयुक्त संसदीय समिति के सामने पेशी की मांग कि गई| इस पर कई कांग्रेस के सदस्य उखड़ गए। उन्होंने भद्दे शब्दों का इस्तेमाल शुरू कर दिया। जब चेयरमैन ने भी उन सदस्यों को रोकने की कोशिश नहीं की तब हमारे [ बी जे पी] सामने बैठक से बाहर आने के अलावा और कोई उपाय नहीं रह गया।
कांग्रेस सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की कि वे पीएम और चिदंबरम को जेपीसी के सामने बुलाए जाने का विरोध कर रहे थे। कांग्रेस का रुख था कि इस वक्त अहम पदों पर बैठे लोगों को बुलाया जाता है, तो उन लोगों को भी बुलाया जाए जो एनडीए सरकार के दौरान जिम्मेदार पदों पर थे।

कमजोर पी एम् पर १.८६ लाख करोड़ का बोझ

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक भाजपाई
ओये झल्लेया ये क्या हो रहा है ?अब तो सरकार की सी ऐ जी ने भी जी जी कहते हुए सरकारी खजाने को 1.85 लाख करोड़ रुपये के नुकसान के आरोप पर अपनी भी मोहर लगा दी है|
कोयला ब्लॉक आवंटन में घोटाले पर सीएजी की रपट संसद के पटल पर भी रख दी गई है| आप जी के प्रधान मंत्री उस समय कोयला मंत्री भी थे इसीलिए उन्हें[पी एम्] इस महा घोटाले की जिम्मेदारी ले लेनी चाहिए|
हमारे सोणे नेता अरुण जेटली ने कोयला खंड एलाटमेंट मामले में प्रधानमंत्री कोपूरा जिम्मेदार ठहरा दिया है| कह दिया है कि पी एम् को इस बारे में पूरी जानकारी थी। इसीलिए संसद में जारी गतिरोध को समाप्त
करने के लिए इस केंद्र सरकार के पास एक ही रास्ता है कि प्रधानमंत्री इस पूरे मामले की जिम्मेदारी स्वयं ले लें और उचित कदम लेने का प्रयास करें।
झल्ला
ओ मेरे भोले शाह जी एक तरफ तो आप यह कहते हुए नहीं थकते कि हसाड़े सोणे ते मन मोहने पी एम् बहुत कमजोर प्रधान मंत्री हैं अब १.८५ लाख करोड़ रुपयों के भारी भरकम घोटाले को उन कमजोर कन्धों पर डाल रहे हो
और यह भी कहते जा रहे हो कि ये कंधे जिम्मेदारी नहीं उठा रहे | ये तो सरासर नाइंसाफी है जी | ऐसे कैसे चलेगा ???

लोक तंत्र रक्षक सेनानियों को पेंशन की मांग उठी

लोक तंत्र रक्षक सेनानियों को पेंशन की मांग उठी
उत्तर प्रदेश सरकार से लोक तंत्र सेनानियों को बहु प्रतीक्षित सम्मान के रूप में पेंशन दिए जाने की मांग की गई है|
वयोवृद्ध धर्मवीर आनंद ने लोक तंत्र रक्षक सेनानी +मेरठ रत्न + शौर्य पदक +यूं पी पंजाबी बिरादरी सभा+के अध्यक्ष और खुखरान वर्ल्ड ब्रदर हुड के उप प्रधान है|और श्रीराम मंदिर एवं श्रीराम पब्लिक स्कूल के ट्रस्ट प्रधान भी हैं|
श्री आनंद ने सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव को एक पत्र लिखा है जिसमे यह स्मरण कराया गया है कि उनकी तत्कालीन सरकार [मुलायम सिंह]द्वारा इमरजेंसी के बाद स्वतंत्रता सेनानी कल्याण परिषद् उत्तर प्रदेश के माध्यम से लोक तंत्र रक्षकों को सम्मान पत्र दिए गए थे और आपात काल में जेल में कठिन यातनाएं सहते हुए लोक तंत्र कि रक्षा करने वालों को पेंशन भी देने कि घोषणा की गई थी
इस घोषणा के कुछ समय पश्चात ही बसपा की सरकार आने से यह घोषणा खटाई में पड़ गई|
अब पुनः सपा कि सरकार सत्ता में है और अखिलेश यादव के युवा हाथों में कमान है इसीलिए अब मानवता को सम्मानित करने के लिए युवा न्रेतत्व अपने बुजुर्गों के वचनों को निभाएगा और लोक तंत्र सेनानियों को मुख्य मंत्री द्वारा पेंशन के रूप में सम्मानित किया जाएगा|
गौरतलब है कि आपात काल में जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को जेल में डाल दिया गया था तब जेल जाने वाले कार्यकर्ताओं को लोक तंत्र के रक्षक सेनानी की संज्ञा दी गई थी और सम्मान पत्र के साथ पेंशन भी देने की घोषणा की गई थी उसी संदर्भ में अब यह मांग उठाई गई है|Permalink: http://jamosnews.com

आरक्षण का अलाव जलाने का मौसम आ गया

अखंड भारत में आरक्षण का अलाव जला कर अलग से राजनीतिक रोटियाँ सेंकने का मौसम फिर आ गया है| नौकरियों में आरक्षण के अलावा प्रोमोशन में आरक्षण की मांग जोर पकड़ रही है|सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रोमोशन में आरक्षण की अपील को ठुकराए जाने के बावजूद माननीय सांसद इस दिशा में संविधान में संशोधन की तैय्यारी में लग गए हैं|बसपा की आड लेकर केंद्र सरकार अब प्रोमोशन में आरक्षण देने को मन बना चुकी है|इस दिशा में सर्वदलीय बैठक भी बुलाई गई|लेकिन पहले दौर की यह बैठक बीते दिन शाम को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के आवास, 7 रेसकोर्स में मंगलवार को बुलाई गई थी |
पहले दौर की यह बैठक शाम तीन घंटे तक चली| सर्वदलीय बैठक बेनतीजा खत्म हो गई। सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जाति और जनजाति की पदोन्नित में आरक्षण पर सहमति बनाने के लिए ये बैठक बुलाई गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में पदोन्नति में आरक्षण को खारिज कर दिया था। सरकार ने संकेत दिया है कि वो इसके लिए तैयार है।
पीएमओ में राज्यमंत्री नारायण सामी का कहना है कि सरकार कानूनी तौर पर वैध बिल लेकर आएगी वहीं बीएसपी सुप्रीमो मायावती इसी सेशन में लाये जाने पर अड़ी हैं|
आरक्षण को अपनी राजनीति का अहम हिस्सा मानने वाले कई नेता इस बिल पर हीला-हवाली करते दिख रहे हैं|। जेडीयू नेता शरद यादव और आरजेडी नेता लालू यादव ने कहा है कि अगर पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को भी ये सुविधा दी जाए, तो वे समर्थन पर विचार कर सकते हैं। सपा पहले भी प्रोमोशन में आरक्षण का विरोध कर चुकी है और अभी भी समाजवादी पार्टी पदोन्नति में आरक्षण का खुला विरोध कर रही है। एसपी सांसद प्रोफ़ेसर रामगोपाल यादव ने कहा कि पार्टी इसके खिलाफ है।
मुख्य विपक्षी दल बीजेपी हमेशा की तरह कोई निर्णय नहीं ले पाई है इसीलिए पार्टी द्वारा फिलहाल कोई राय नहीं जताई गई है। बी जे पी ने मांग की है कि सरकार पहले प्रस्तावित बिल का मसौदा सामने लाए तभी उस पर प्रतिक्रिया व्यक्त की जायेगी|। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता मे हुई इस बैठक में यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, लालकृष्ण आडवाणी,सुषमा स्वराज समेत सभी पार्टियों के नेता मौजूद थे।
कोयले के मुद्दे पर संसद को पूरे दिन के लिए स्थगित कराने वाले ये पक्ष +विपक्ष और सहयोगी सभी इस सर्वदलीय बैठक को सुचारू रूप से चलाते रहे |
कुछ बुद्धिजीविओं का कहना है कि अपनी विफलताओं को ढकने के लिए आरक्षण का लिबादा ओडने का प्रयास है|
जबकि कुछ का मानना है कि मंडल और कमंडल का खेल फिर से शुरू करके वोट बैंक की बन्दर बाँट की तैय्यारी चल रही है|

बछड़े को काबू करने में लगे हैं फिर से कांग्रेसी नेतागण

झल्ले दी झल्लियाँ गल्ला
एक सोशलाईट
ओये झल्लेया ये कांग्रेसियों को कौन सा कीड़ा काट रहा है|रोजाना कोई ना कोई नेता राहुल गांधी को पी एम् बनाने का एलान कर देता है|
राहुल गांधी बेचारा इन सब से बचता फिर रहा है और ये हैं कि राहुल गांधी को लगातार पी एम् की कुर्सी की तरफ धकेलने में लगे हैं
पहले तो कभी कभार दिग्विजय सिंह+ सलमान खुर्शीदही हुआ करते थे अब बेनी प्रसाद वर्मा और अब अशोक गहलौत जैसे भी राहुल के नकेल डालने आगे आने लगे हैं|
अब तो इनकी लिस्ट लम्बी होती जा रही है
झल्ला
साहब जी मुझे याद आ रहा है कि कभी हरियाणा कि राजनीती में लालों [बंसी+भजन] कि तूती बोला करती थी|ये लोग संजय गांधी[अब स्वर्गीय]कि जूतियाँ तक उठाने को लालायित रहते थे और सत्ता सुख
भोगते थे ऐसों के कारण ही संजय गांधी शिखर पर पहुँच गए लेकिन माताश्री को ले डूबे |
उस समय जब लाल से पूछा जाता था कि भाई पी एम् श्रीमती इँदिरा गाँधीजी [अब स्वर्गीय] को छोड़ कर संजय को क्यूं पकड़ रहे हो तो जवाब आता था कि बछड़े[संजय] को काबू कर लो गायं[श्रीमति इँदिरा
गाँधी] खुद बखुद पीछे चली आयेगी |लगता है कि इन नेताओं के भी हाथ वोह लाल वाला पाठ लग गया है| तभी बछड़े[राहुल] को पकड़ने की फिराक में लगे हैं वरना राहुल से कहीं ज्यादा सफल हो रही
प्रियंका की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा

राजीव गांधी को श्रद्धा सुमन

राष्ट्रीय सद्भावना के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले राजीव गाँधी की आज ६८वी जयंती है|राष्ट्र ने अज उन्हें श्रद्धा से याद किया और सद्भावना के लिए समर्पित भावना से काम करने का संकल्प लिया |
आज के दिन सरकारी कार्यालयों में सद्भावना दिवस मनाया जाता है मगर १८ से २० तक छुट्टी होने के कारण १७ को ही यह दिवस मना लिया गया|
राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और अन्य वीवीआईपी लोगों ने आज सोमवार को उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
दिवंगत नेता की समाधि ‘वीरभूमि’ पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सोनिया और उनकी पुत्री प्रियंका गांधी वाड्रा ने पुष्पांजलि अर्पित की। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने भी कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के साथ तमिलनाडु के श्रीपेरम्बदूर ‘वीरभूमि’ में पुष्प चढ़ाए।
गौरतलब है कि यूपीए की प्रमुख सोनिया गांधी के पति और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे राजीव गांधी की 21 मई, 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरम्बदूर में हत्या कर दी गई थी। वह 1984 से 1989 तक देश के प्रधानमंत्री रहे।