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सलमान खुर्शीद ने अपनी प्रेस कांफ्रेंस में अपने विरोधी चैनल को ब्लैक मेलर और केजरीवाल को सड़क का आदमी बताया

केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने आज प्रेस कांफ्रेस बुलाई जिसमे सफाई देने के लिए उन्होंने तस्वीरों, अखबारों की कतरनों और लोगों[रंगी मिस्त्री] को अपनी प्रेस कांफ्रेंस में लाकर खुद पर लगे तमाम आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कैम्प नहीं होने के आरोपों के खारिज किया और स्टिंग करने वाले पत्रकारों को ब्लैक मेलर और अरविन्द केजरीवाल को रास्ते का आदमी कह कर अपनी खीझ भी उतारी| कई बार अपना सयम भी खोया और बीच बीच में पानी पीते रहेउनकी पत्नि श्रीमती लुइस और उनके सहयोगी उन्हें नियंत्रित करते देखे गए| लेकिन इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री ने अरविन्द केजरीवाल के आरोपों का जवाब यह कहते हुए देने से मना कर दिया कि रास्ते के आदमी का जवाब नहीं दूंगा| इसके बाद एक निजी चैनल से बातचीत के दौरान जब उनसे अरविंद केजरीवाल को गंदी नाली का कीड़ा कहे जाने पर प्रश्न किया तो सलमान खुर्शीद ने जवाब दिया, ‘मैंने पूरे होश में केजरीवाल को गटर स्नाइप कहा था। ‘गटर स्नाइप’ कीड़े से भी ज्यादा खतरनाक होता है, यह नाली के सांप होते हैं।’

सलमान खुर्शीद ने अपनी प्रेस कांफ्रेंस में अपने विरोधी चैनल को ब्लैक मेलर और केजरीवाल को सड़क का आदमी बताया


अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर खुर्शीद पर निशाना साधा है. उन्‍होंने कहा कि वह खुर्शीद के खिलाफ सोमवार सुबह 11 बजे सबूत पेश करेंगे. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि खुर्शीद देश को गुमराह कर रहे हें, वह इस्‍तीफा दें और गिरफ्तार किए जाएं.
केजरीवाल ने कहा कि खुर्शीद ने स्वयम फर्जीवाड़े की बात मानी है|, उनके पास अब कोई जवाब नहीं है. वह जांच करवाने की बात कर रहे हैं, लेकिन जांच हो चुकी है और उसमें अब सिर्फ लीलापोती होगी.
साथ ही केजरीवाल ने कहा कि यह पूरा मामला साल 2009 से लेकर मार्च 2010 का है, जबकि खुर्शीद ने जुलाई 2010 के डॉक्युमेंट्स और तस्वीरें पेश की हैं.वहीं खुर्शीद को जवाब देते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आगामी चुनावों में एक विकलांग उम्मीदवार ही सलमान खुर्शीद को हरा देगा, अगर वो अभी इस्तीफा नहीं देंगे तो 2014 में जनता उनकी जमानत जब्त कर लेगी। .
अरविंद के मुताबिक उन्होंने अहम सवालों के जवाब नहीं दिए और इधर-उधर की बातें करके प्रेस कॉन्फ्रेंस से चलते बने।’देश को गुमराह कर रहे हैं खुर्शीद’
केजरीवाल ने अखिलेश सरकार की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि खुर्शीद के एनजीओ ने ग्रांट लेने के लिए पूर्व सरकारी अधिकारी राम राज सिंह के सिग्नेचर को लेकर गड़बड़ी की है। केजरीवाल ने कहा, ‘राम राज सिंह का कहना है कि उन्होंने खुर्शीद के एनजीओ के लिए कोई पेपर साइन नहीं किया। राम राज सिंह तो जनवरी में ही रिटायर हो गए हैं, फिर वह मार्च में कैसे साइन कर सकते हैं। इसका मतलब साफ है कि खुर्शीद के एनजीओ ने फर्जी सिग्नेचर किए हैं। ऊपर से मंत्री जी का यह कहना हैरान करता है, कि उन्हें ऐफिडेविट के बारे में कुछ नहीं मालूम|’ संसद मार्ग पर रविवार को दिनभर विरोध-प्रदर्शन हुआ। केजरीवाल ने दोपहर में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गत 12 जून को मामले की जांच कराई थी, जिसमें अधिकारियों के हस्ताक्षर फर्जी निकले हैं। अब फिर से जांच के नाम पर लीपापोती करने की कोशिश की जा रही है। इससे पता चलता है कि दोनों के बीच समझौता हो चुका है। खुर्शीद की प्रेस वार्ता के बाद केजरीवाल ने शाम को फिर अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि कानून मंत्री ने मेरे पांच सवालों का जवाब देने से मना कर दिया। उन्होंने हर सवाल के जवाब में यही कहा कि मुझे नहीं पता, इसकी जांच करा लो। वह पूरे देश को गुमराह कर रहे हैं। खुर्शीद और उनकी पत्‍‌नी ने प्रेस वार्ता में कैंप लगाने से संबंधित जो फोटो दिखाई है, उसमें 17 जुलाई, 2010 की तारीख लिखी है, जबकि विकलांगों के फंड से सामान वितरण एक अप्रैल, 2009 से 31 मार्च, 2010 के बीच होना दर्शाया गया है।
ये हैं पांच सवाल
१]. क्या आप मानते हैं कि आपकी संस्था ने उत्तर प्रदेश के तत्कालीन विशेष सचिव रामराज सिंह का फर्जी पत्र दिखाकर अगले साल की ग्रांट लेने की कोशिश की थी?
[२]. क्या आप मानते हैं कि उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व सीडीओ जेबी सिंह का शपथ पत्र फर्जी है? अगर हां, तो आपने फर्जी शपथ पत्र क्यों लगाया?
[३]. अखिलेश यादव सरकार ने भारत सरकार को 12 जून, 2012 को एक पत्र लिखा, जिसमें कई अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर होने की बात कही गई है। आपके मुताबिक उत्तर प्रदेश सरकार का यह पत्र सही है या फर्जी?
[4.] आपकी संस्था ने दावा किया है कि कैंप लगाकर सामान बांटा था। अखिलेश यादव सरकार की जांच के मुताबिक न तो कैंप लगे और न सामान बंटा। क्या आप 12 जून के उत्तर प्रदेश सरकार के इस पत्र में लिखी बातों से सहमत हैं?
[५]. आपकी संस्था के लाभार्थियों की सूची में ऐसे कई विकलांग हैं, जिनका कहना है कि उन्हें तो आपसे कोई सामान नहीं मिला, जबकि आपकी संस्था कहती है कि उन्हें सामान दिया गया। यदि उनमें से कुछ लाभार्थी सार्वजनिक तौर पर यह कहते हैं कि उन्हें सामान नहीं मिला, तो क्या आप कानून मंत्री के पद से इस्तीफा देकर राजनीति से सन्यास ले लेंगे?
खुर्शीद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिस सख्स को पेश किया, उसके बयान बदलने से साफ है कि कानून मंत्री अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके कुछ भी करा सकते हैं। जब तक सलमान खुर्शीद कानून मंत्री हैं, तब तक जांच निष्पक्ष रूप से हो ही नहीं सकती। अगर वह वाकई में जांच कराना चाहते हैं, तो पहले कानून मंत्री के पद से इस्तीफा दें।’ गौरतलब है कि पेश किये गए रंगी मिस्त्री के कान में आज बिलकुल नई सफ़ेद मशीन लगी हुई थीअरविंद ने कहा है कि रंगी मिस्त्री के जवाब में सोमवार को कुछ और सबूत पेश करेंगे।
केजरीवाल ने कहा कि साल 2014 के इलेक्शन में वह सलमान खुर्शीद के खिलाफ किसी विकलांग से ही चुनाव लड़वाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार जांच का सिर्फ दिखावा कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस और प्रधानमंत्री को भी इस मामले पर अपन रुख साफ करना चाहिए। केजरीवाल ने कहा, ‘आम और पीड़ित आदमी ही इस सरकार को सबक सिखाएगा।’

विकलांग फंड्स फर्जी वाडे में फंसे सलमान खुर्शीद को एअरपोर्ट पर काले झंडे दिखाए गए

इंडिया अगेंस्ट करप्शन के अरविन्द केजरीवाल के चक्रव्यूह में फंसे कानून मंत्री सलमान खुर्शीद आज

विकलांग फंड्स फर्जी वाडे में फंसे सलमान खुर्शीद को एअरपोर्ट पर काले झंडे दिखाए गए

देश लौट आये हैं| देश लौटते ही एयरपोर्ट पर इंडिया अगेंस्ट करप्शन के कार्यकर्ताओं ने सलमान खुर्शीद के खिलाफ नारेबाजी की काले झंडे दिखाए और विरोध जताया। सुरक्षाकर्मियों ने खुर्शीद को वीआइपी गेट नंबर दो से बाहर निकाल तो दिया मगर इस दौरान आई ऐ सी के कार्यकर्ताओं का विरोध जारी रहा। कुछ कार्यकर्ता उनकी गाड़ी के पीछे भागते भी देखे गए \ कार्यकर्ता अपने साथ में बैनर लेकर आए थे जिस पर लिखा था खुर्शीद हाय हाय | खुर्शीद अपने ट्रस्ट के ऊपर लगाए गए आरोपों पर आज प्रेस कांफ्रेंस करेंगे।इससे पूर्व इंग्लैण्ड में दिए एक ब्यान में उन्होंने साफ कर दिया था की वोह [खुर्शीद]ब्लैकमेलिंग पर झुकने वाले नहीं है|
आई. ऐ. सी. के नेता अरविंद केजरीवाल अपनी इस मुहिम को करो या मरो की जंग करार दे चुके हैं। शनिवार को जेल से छूटते ही उन्होंने संसद मार्ग का रुख किया और धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि संसद मार्ग पुलिस थाना अगला ‘तहरीर चौक’ बनेगा। वहीं खुर्शीद ने केजरीवाल एंड पार्टी को थर्ड ग्रेड इंसान+गंदी नाली का कीड़ा +बलैकमेलर कहते हुए उनपर निशाना साधा है।केजरीवाल ने खुर्शीद के खिलाफ कार्रवाई होने तक थाने के सामने अनिश्चितकालीन धरना देने का निर्णय लिया।
गौरतलब है की एक न्यूज चैनल ने स्टिंग करके डाक्टर जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट पर आरोप लगाया कि ट्रस्ट के चेयर मैन सलमान खुर्शीद और प्रोजेक्ट मेनेजर उनकी पत्नी श्रीमती लुईस ने केंद्र सरकार द्वारा मुहैया कराए गए धन का राज्य सरकार के अधिकारियों का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर गबन किया। यह गबन 10 जिलों में सहायता शिविर के फर्जी हिसाब दिखाकर किए गए, ये शिविर कभी आयोजित नहीं किया गया।केंद्रीय समाज कल्याण और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा 71.50 लाख रुपए खुर्शीद के एनजीओ को दिया गया था इस रुपए से उत्तर प्रदेश 17 जिलों में विकलांगों को तिपहिया वाहन का वितरण करना था, जिसमें धांधली की गई। फलस्वरुप इन दिनों सलमान खुर्शीद और उनकी पत्नी लुईस खुर्शीद का काफी आलोचना हो रही है। देश लौटने से पहले कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने इस मामले पर कहा है कि उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि एक-एक कर काग्रेस के नेताओं को बर्बाद करने की साजिश रची जा रही है|। लुईस खुर्शीद ने भी ट्रस्ट के ऊपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने केजरीवाल पर राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दा गढ़ने का आरोप मढ़ा।केजरीवाल ने खुर्शीद को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की और आरोप लगाया कि यदि वह मंत्रिमंडल में बने रहे तो वे सारे सबूत नष्ट कर देंगे। उनका आरोप है कि खुर्शीद और लुईस खुर्शीद पर राज्य सरकार, केंद्र सरकार और नियमक एवं महालेखा परीक्षक[कैग] ने भी आरोप लगाया है। इन तीनों संस्थाओं ने जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा विकलागों के लिए आवंटित धन के गबन की जाच की है। इसके अलावा ट्रस्ट के कर्मचारियों ने भी वेतन संवितरण में अनियमितताओं की शिकायत की है|खुर्शीद के बचाव में सामने आई सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने कहा खुर्शीद बेहद ईमानदार छवि रखने वाले सम्मानित राजनेता हैं। उन्होंने कहा कि कुछ कहने से पहले खुर्शीद के विदेश से वापस आने का इंतजार करना चाहिए और उन्हें वापस आकर जवाब देने का मौका दिया जाना चाहिए।

रामदेव श्राप+केजरीवाल हाय या नीति अपराध कारणे कांग्रेस को उपचुनावों में झटके

इसे बाबा राम देव का श्राप कहा जाय या अरविन्द केजरीवाल के दुखी मन की हाय या फिर कांग्रेस की आर्थिक नीतिओं के अपराध का दंड कि
लोकसभा की दो सीटों पर हुए उपचुनावों में कांग्रेस को करारा झटका लगा है। उत्तराखंड और वेस्ट बंगाल में क्रमश विजय बहुगुणा और प्रणव मुख़र्जी द्वारा सीटें खाली की गई थी कांग्रेस की सुरक्षित सीटों पर बहुगुणा और मुख़र्जी के पुत्रों को चुनाव में उतारा गया| उत्तराखंड में टिहरी लोकसभा सीट के लिए हुए चुनाव में जहां मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के बेटे को जनता ने नकार दिया है, वहीं पश्चिम बंगाल की जांगीपुर सीट से राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजीत मुखर्जी हारते हारते बचे|
लोकसभा उपचुनाव में अभिजीत ने जहां अपने निकटतम सी पी एम् उम्मीदवार को महज 2500 वोट से हराया तो दूसरी तरफ उत्तराखंड के टिहरी में मुख्यमंत्री बहुगुणा की फजीहत हो गई। टिहरी की जनता ने बहुगुणा के बेटे साकेत को 25 हजार से भी ज्यादा वोटों से हरा दिया और मुख्य मंत्री के पद पर विजय बहुगुणा की ताजपोशी पर फिर एक बार सवालिया निशान लगा दिया है|
गौरतलब है कि सूबे के विधानसभा चुनाव के दौरान विजय बहुगुणा को भी जनता ने हरा दिया था लेकिन बाद में मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके लिए एक सीट खाली कराई गई। इसके बाद उन्होंने चुनाव जीतकर विधानसभा में अपनी जगह बनाई।

रामदेव श्राप+केजरीवाल हाय या नीति अपराध कारणे कांग्रेस को उपचुनावों में झटके


दूसरी ओर पश्चिम बंगाल की जांगीपुर सीट प्रणब मुखर्जी के राष्ट्रपति बन जाने के बाद खाली हुई। इस सीट पर उनके बेटे अभिजीत मुखर्जी को कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया। अभिजीत सीपीएम के मुजफ्फर हुसैन से महज 2500 वोटों से जीत पाए। अभिजीत को ये जीत तब नसीब हुई जब प्रदेश की सत्ताधारी और कुछ समय पहले तक कांग्रेस की सहयोगी टीएमसी ने उनके लिए मैदान खाली छोड़ दिया था। इस सीट पर टीएमसी के हट जाने से कांग्रेस और सीपीएम में सीधी टक्कर थी लेकिन अंत में विजय कांग्रेस की ही हुई।
कांग्रेस ने इन चुनावों में भ्रष्टाचार +वढेरा विवाद या महंगाई को कारण मानने से इनकार कर दिया है| मनीष तिवारी ने तो इस धरना को ही मज़ाक में उड़ा दिया है|एक कांग्रेसी नेता ने यह स्वीकार किया है कि कांग्रेस कि उदार वादी नीतिओं के विषय में आम जनता तक मैसेज नहीं पहुँच पा रहा है| पराजित साकेत ने कहा है कि उनकी हार के पीछे वढेरा+महंगी+भ्रष्टाचार मुद्दा नहीं था | अब सवाल यह उठता है कि क्या आपसी गुटबाजी के चलते उनकी हार हुई |बताते चलें कि प्रदेश में हरीश रावत और विजय बहुगुणा में सब कुछ ठीक नहीं है|
इन दोनों सुरक्षित सीटों पर मिले झटके से यह तो स्पष्ट है कि कांग्रेस की ५०% लोक प्रियता घटी है| कांग्रेस को वेस्ट बंगाल में अभी भी लेफ्टिस्ट के मुकाबिले ममता बेनर्जी की टी एम् सी की बैसाखी चाहिए और उत्तराखंड में आपसी गुट बाज़ी को दूर करना ही होगा|

अरविन्द केजरीवाल को विकलांगों के साथ दिल्ली पोलिस ने हिरासत में लिया

विकलांगों के मुद्दे को लपक कर इंडिया अगेंस्ट करप्शन के नेता अरविन्द केजरीवाल आज राज पथ को रणभूमि बनाने के लिए धरने पर बैठे |उनके साथ मनीष शिशोदिया और गोपाल राय के अलावा बड़ी संख्या में विकलांग थे| इससे पहले कि राज पथ तहरीर चौक (मिस्र में सत्ता विरोधी प्रदर्शनों का केंद्र)बनता पोलिस ने केजरीवाल और उनके साथ धरना दे रहे कार्यकर्ताओं को जबरन उठाकर हिरासत में ले लिया।और बसों में लाद कर बवाना ले गए| किसी के हताहत होने का समाचार नहीं मिला हैहाँ केजरीवाल की कमीज की दाईं कंधें से जरुर धक्का मुक्की में फट गई|
।केजरीवाल को हिरासत में लिए जाने के बाद उन्‍होंने पत्रकारों से कहा कि मुझे नहीं मालूम कि पुलिस मुझे लेकर कहां जा रही है। यदि मैं जेल गया तो बाहर नहीं निकलूंगा। उन्‍होंने यह भी कहा कि आज जिसको जेल में होना चाहिए वह खुलेआम घूम रहा है। मार्च जनपथ से शुरू हुआ लेकिन पुलिस ने उसे 100 मीटर के बाद ही राजपथ चौराहे पर रोक दिया।उन्होंने कहा कि खुर्शीद ने कानून मंत्री के पद का अपमान किया है। इस पद पर एक समय में बी आर अंबेडकर कार्य कर चुके हैं। खुर्शीद और उनकी पत्नी के खिलाफ एक मामला दर्ज किया जाना चाहिए। जब तक वह पाक साफ घोषित नहीं हो जाते उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर रहना चाहिए।
अब लोगों को छुट्टी लेकर इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होना चाहिए। अब यह आरपार की लड़ाई है।
गौरतलब है कि एक चेनल के स्टिंग आपरेशन में डाक्टर जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट के तत्वधान में विकलांगों के लिए एलोटेड लगभग ७१ लाख प्रतिवर्ष के फंड्स का दुरूपयोग सामने आया है| इस ट्रस्ट के चेयर मैन डाक्टर जाकिर हुसैन के नवासे और वर्तमान कानून मंत्री सलमान खुर्शीद हैं और उनकी पत्नि श्रीमति लुईस प्रोजेक्ट निदेशक हैं|इस मुद्दे को जोर शोर से लपकने वाले नए नए राजनीतिक बने केजरीवाल और स्टिंग करने वाले मीडिया को मंत्री ने इंग्लैण्ड से ही गन्दी नाली का कीड़ा कह कर अपनी भड़ास निकाली|
इस मुद्दे को लेकर पहले तो केजरीवाल ने श्रीमती सोनिया गांधी के निवास को घेरने की घोषणा की थी मगर बाद में पी एम् निवास को टार्गेट बनाया गया | पी एमओ ने कहा कि पी एम् डाक्टर मनमोहन सिंह के पहले से कार्यक्रम तय हैं इसलिए वे केजरीवाल से नहीं मिल सकते। जिसके बाद केजरीवाल और उनकी टीम ने पीएम आवास घेरने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। जिसके बाद केजरीवाल वहीं जनपथ पर धरने पर बैठ गये। केजरीवाल ने कहा है कि जब तक प्रधानमंत्री नहीं

अरविन्द केजरीवाल को विकलांगों के साथ दिल्ली पोलिस ने हिरासत में लिया

कर बसों में लाद कर वहां से हटाया |
इसी बात पर केजरीवाल ने कानून मंत्री के इस्तीफे की मांग की है तो वहीं खुर्शीद ने सारे आरोपों को नकारते हुए केजरीवाल को कोर्ट में खींचने की बात कही है।
पत्रकारों से बातचीत में अरविंद केजरीवाल ने सवालिया लहजे में पूछा कि क्या प्रधानमंत्री डर के छुप गए हैं? केजरीवाल ने मांग की कि पीएम को कानून मंत्री खुर्शीद को तुरंत बर्खास्त कर देना चाहिए।
उधर सलमान खुर्शीद ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। साथ ही उन्होंने केजरीवाल के खिलाफ अदालत में जाने का फैसला किया है। खुर्शीद का कहना है कि केजरीवाल काफी घटिया व्यवहार कर रहे हैं और वो इसका सही जवाब उन्हें अदालत में मामला दर्ज करके देंगे। कांग्रेस ने भी कहा है कि खुर्शीद सफाई दे चुके हैं। अब सड़क पर प्रदर्शन का कोई मतलब नहीं है। कांग्रेस प्रवक्ता और दिल्ली की मुख्य मंत्री शीला दीक्षित के पुत्र संदीप दीक्षित ने कहा कि पीएम हर किसी से किसी भी वक्त नहीं मिल सकते। जबकि यूं पी ऐ की एक सहयोगी सपा ने इस घोटाले को राष्ट्रीय अपराध की संज्ञा दी है|
अरविन्द केजरीवाल का कहना है कि पहले मांग, फिर दबाव और तब भी बात न बनी, तो धरना-प्रदर्शन का निर्णय किया गया.
ब्यूरोक्रेट से सोश्लाईट और अब राजनीतिक बने अरविंद केजरीवाल को राजनीती का मन्त्र समझ में आ गया है कि सियासत में सबसे जरूरी है मशहूर होना और मशहूर होने के लिए मशहूर हस्तियों को निशाना बनाना सबसे आसान रास्ता है.| उनके भाग्य या केंद्र सरकार के दुर्भाग्य से अरविन्द को लगातार मुद्दे मिलते जा रहे हैं|अरविन्द को डील करने में शासन और प्रशासन की कार्यविधि से सरकार की लोक प्रियता का ग्राफ लगातार गिरता जा रहा है| दिल्ली में अपनी राजनीतिक बिसात बिछाने में लगातार सफल होते जा रहे अरविन्द ने पहले [१] बिजली के बिल जलाए+बिजली के कनेक्शन जोड़े+ [२] रॉबर्ट वाड्रा और डी एल ऍफ़ के साथ हरियाणा सरकार को कठघरे में ले आये +[३]डी एल ऍफ़ और इंडियन बुल जैसी कंपनियों के शेयर गिराने के लिए अरविन्द का एक ही बयाँ पर्याप्त बन गया|अब केन्द्रीय कानून मंत्री और मौजूदा सरकार के भरोसे मंद सलमान खुर्शीद का मुद्दा मिल गया है|मीडिया को लाख सर्कार ताने मारे मगर मीडिया को लगातार एक्टिव +नए+जनहित के मुद्दे देने में सफल रहे हैं| इसीलिए अब सरकार को भी समझ लेना चाहिए कि अरविन्द केजरीवाल न तो किसी गन्दी नाली के कीड़े है और नाही इनके लिए अब कोई या किसी या ऐरे गैरे जैसी पदवियाँ दे देने भर से मामले टलने वाले नहीं हैं बल्कि एक नए राजनीतिक मोर्चे के खुलने का यह एलान है|इसके अलावा यह भी कहना जरुरी है कि यह ट्रस्ट देश के प्रेसिडेंट रहे डाक्टर जाकिर हुसैन के नाम पर है|येही वोह डाक्टर जाकिर हुसैन हैं जिन्होंने मोहम्मद अली जिन्नाह के खिलाफ पंडित जवाहर लाल नेहरु के मूवमेंट को समर्थन दिया था |ऐसे स्वतन्त्रता सेनानी के नाम पर लगा धब्बा मिटाना वर्तमान सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए|

मोदी जोगने को विदेशों से मान्यता मिल रही है अब देश में जोगी का रूतबा भी मिल ही जाएगा

भारत में कहा जाता है घर का जोगी जब तक बाहर प्रसिधी नहीं पाता तब तक जोगना ही रहता है शायद इसीलिए गुजरात के मुख्य मंत्री नरेन्द्र मोदी भी केंद्र सरकार के लिए जोगना ही हैं|एन डी ऐ और यूं पी ऐ के अनेकों घटकों ने मोदी को अछूत भी घोषित किया हुआ है|मोदी के नाम पर नितीश कुमार और मुलायम सिंह का बिदकना जग जाहिर है लेकिन अभी हाल ही में ग्रेट ब्रिटेन ने जिस तरह मोदी के विकास को मान्यता दे दी है और एक और समाचार के अनुसार अब अमेरिका भी गुजरात के विकास में अपने यहाँ की मंदी का पाप धो लेना चाह रहा है इससे लगता है कि जोगना मोदी भी जल्दी ही देश में जोगी का रुतबा+मुकाम+सम्मान पाने जा रहा है|
लोक कल्याण मामलों के सहायक विदेश मंत्री माइक हैमर ने कहा है कि अमेरिका किसी भी वीजा आवेदन का मूल्यांकन योग्यता और अमेरिकी नियमों के मुताबिक करेगा।
संवाददाता सम्मेलन के दौरान बताया गया कि आप जानते हैं कि हम किसी व्यक्ति विशेष के वीजा मामले से जुड़े सवालों में नहीं पड़ते।
नरेंद्र मोदी के बारे में ब्रिटेन के हालिया सकारात्मक फैसले के संदर्भ में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में मोदी के प्रति अमेरिका की एक दशक पुरानी नीति बदलने का संकेत दिया गया है|
गौरतलब है कि ब्रिटेन और अमेरिका समेत कुछ देशों ने गुजरात में २००२ के दंगों के बाद मोदी से संपर्क न रखने की नीति अपनाई थी।ब्रिटेन ने गुजरात के साथ विदेशी निवेश पर कोई साझेदारी भी नहीं की थी ब्रिटिश फैसले पर अमेरिका की बड़ी अखबार वाशिंगटन पोस्ट ने लिखा है कि विश्व में तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्था के उद्यम प्रिय सरकारी अधिकारी बहुत सी राजनीतिक बाधाएं हटा सकते हैं। भारत मामलों के नए ब्रिटिश मंत्री ह्यूगो स्वायर ने एक बयान में कहा कि मैंने नई दिल्ली स्थित ब्रिटिश उच्चायुक्त को मोदी से मिलाने को कह दिया गया है| ब्रिटेन के इस रुख को पश्चिमी देशों में मोदी की बदलती छवि के तौर पर भी देखा जा रहा है। ब्रिटेन के इस कदम का स्वागत करते हुए मोदी ने भी कहा है कि गाड इज ग्रेट |देर आए दुरुस्त आए।
मोदी ने इस बदलाव को राजनीयिक परिपेक्ष्य में भुनाते हुए तत्काल केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गुजरात का महत्व सात संमदर दूर बैठे लोग समझते हैं लेकिन दिल्ली में बैठे लोगों को समझ में नहीं आता है। केन्द्र सरकार की ओर से कभी भी गुजरात को शाबाशी नही दी गयी, हमेशा उससे दोहरा बर्ताव किया गया।मोदी ने कहा, कि दिल्ली में सौ देशों के नेता एक मंच पर एक साथ नहीं आए। लेकिन ‘वाइब्रेंट गुजरात समिट’ में 120 से ज्यादा देशों के नेता एक साथ आए हैं। मोदी ने साफ कही कि अगर केन्द्र सरकार हमारे साथ होती तो भारत का नाम बहुत ऊंचा होता और गुजरात की जनता को वोह सारी दिक्कतें नहीं सहनी पड़ती जो आज सहनी पड़ रही हैं|
अब दस साल बाद इन विकसित देशों का नरेन्द्र मोदी के प्रति ह्रदय परिवर्तन एक दम या अचानक नहीं हो गया है|दरअसल वहां रहने वाले गुजरात मूल के व्यापारिओं की लाबी बेहद शक्तिशाली है और राजनीतिक दान में भी विशवास रखती है इन लोगों में नरेन्द्र मोदी अच्छे खासे प्रसिद्ध हैं| मोदी ने अपने देश में भी तमाम अपमान जनक स्थितिओं को झेलते हुए भी प्रदेश का विकास कार्यक्रम जारी रखा यहाँ तक कि
रतन टाटा से नैनो की फेक्ट्री लगवाई +

मोदी जोगने को विदेशों से मान्यता मिल रही है अब देश में जोगी का रूतबा भी मिल ही जाएगा

अमिताभ बच्चन को गुजरात का ब्रांड अम्बेसडर बनाया + अजय देवगन के साथ इंटर नेट पर छाए इसीलिए अब गुजरात में विकास की धाराएँ देखी जाने लगी है| |उधर आर्थिक मंदी की मार झेल रहे इन विकसित देशों को नया बाज़ार चाहिए जो उन्हें अब गुजरात में दिखाई दे रहा है|यहाँ यह कहना भी अतिशियोक्ति नहीं होगा की गुजरात में चुनावी प्रक्रिया चल रही है और चुनावी हवा कुछ हद तक गुजरात के विकास पुरुष कहे जा रहे नरेन्द्र मोदी के पक्ष में बह रही प्रतीत होती है| ऐसे में अक्लमंद व्यापारी के लिए अपना पैसा इन्वेस्ट करने के लिए फिलहाल गुजरात ही फायदे मंद साबित हो सकता है|

कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने प्रशासन को आगाह किया

मेरठ में दिनों दिन बिगड़ती जा रही क़ानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेसियों ने आज जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप कर विपक्षी भूमिका की औपचारिकता पूरी की
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कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने प्रशासन को आगाह किया


जिलाध्यक्ष जगदीश शर्मा के हस्ताक्षर से प्रस्तुत ज्ञापन में बताया गया है कि नगर में कोई सुरक्षित नहीं है|लूट+किडनैपिंग+हत्याएं+डकैती से सारा समाज भयभीत है|सरकार अपने दाईत्व का निर्वाह करने में विफल रही है|यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो कांग्रेस अल्दोलन को बाध्य होगी|

राहुल गांधी ने राजनीति की सफाई के लिए पंजाब के युवाओं को राजनीती का पाठ पढाया

कांग्रेस के युवा महासचिव राहुल गांधी ने आज चण्डीगढ़ में पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्रों को युवाओं को राजनीती की सफाई के लिए राजनीती में आने के लिए प्रेरित किया|

युवा शक्ति

युवाओं को एम् पी =एम् एल ऐ आदि बनने का मन्त्र देते हुए उन्होंने कहा कि पहले एन एस यू आई के सदस्य बन कर यूथ कांग्रेस में जाइये वहां चुनाव लड़ कर कांग्रेस में आईये और चुनाव लड़ कर एम् पी एम् एल ऐ बनिए|राहुल गांधी ने युवाओं की नब्ज़ पर हाथ रख कर उन्हें प्रोत्साहित करती हुए कहा कि बीसवीं सदी में कच्चे तेल के मालिक साउदी अरब विश्व का लीडर था मगर इस २१वी सदी की उम्मीद भारत है और भारत की शक्ति युवाओं में हैं|राजनीती को साफ कीजिये और खुद राजनीती में आईये
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राहुल गांधी ने राजनीति की सफाई के लिए पंजाब के युवाओं को राजनीती का पाठ पढाया

महिला सशक्तिकरण

उन्होंने महिलाओं कि प्रग्रती को विकास जोड़ते हुए कहा कि जहां विकास हुआ है वहां महिलायें अपने पैरों पर खडी हुई हैं| इसीलिए पंजाब में भी विकास होना चाहिए |उन्होंने कहा कि मेरी इच्छा है कि आने वाले १०-१५ सालों में पंजाब की मुख्यमंत्री एक महिला ही बने|

ऍफ़ डी आई

राहुल गांधी ने खुदरा में विदेशी निवेश का विरोध करने वालों को भी आड़े हाथों लिया|उन्होंने ऍफ़ डी आई की सीधी सीधी परिभाषा बताई उन्होंने कह कि ऍफ़ डी आई का मतलब है किसान को सीधा पैसा देना मगर इस पर भी हामारा विरोध किया जा रहा है|विपक्ष खुद तो कुछ करता नहीएँ और जब सरकार कुछ अच्छा करने लगती है तो उसका रास्ता रोका जाता है|

पंजाब सरकार

कांग्रेस महासचिव ने पंजाब सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि आज यहाँ युवाओं की अनदेखी हो रही है ७०% युवा ड्रग के शिकार हैं| सभी बेरोजगारों को भत्ता नहीं दिया जा रहा |केंद्र से पैसा भेजा जाता है मगर उन यौजनाओं को लागू नहीं किया जाता|| इसीलिए युवाओं को राजनीती में आना होगा|

क़ानून मंत्री सलमान खुर्शीद ट्रस्ट मामले में अरविन्द केजरीवाल को अदालत में ले जायेंगें

केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद बेशक श्रीमती सोनिया गांधी के लिए जान न्योछावर करने को तत्पर हैं मगर उनकी ढाल बनने को अभी तक कोई बड़ा कांग्रेसी नाम सामने नहीं आया है|शायद इसीलिए अब खुर्शीद ने स्वयम आई ऐ सी के नेता अरविन्द केजरीवाल को अदालत में घसीटने का मन बना लिया है| श्रीमति लुईस खुर्शीद ने ट्रस्ट पर लगे आरोपों को पहले ही खारिज कर दिया है| न्‍यूज चैनल आज तक के [ दुर्योधन ] स्टिंग ऑपरेशन में डाक्टर जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट पर विकलांगों के लिए प्राप्त सरकारी इमदाद को हड़पने का आरोप लगाया गया है|इस स्टिंग के बाद केजरीवाल ने खुर्शीद पर निशाना साधा था। केजरीवाल ने कहा था कि अगर देश के कानून मंत्री ऐसा काम करेंगे तो लोगों को किस तरह का इंसाफ मिलेगा यह सभी जान सकते हैं। उन्‍होंने इस मामले में कानून मंत्री को बर्खास्त करने और उनके खिलाफ केस दर्ज करने की मांग भी की थी। केजरीवाल ने इस मांग को लेकर यूपीए अध्यक्षा सोनिया गांधी के घर के घेराव करने का भी ऐलान कर डाला है।

क़ानून मंत्री सलमान खुर्शीद ट्रस्ट मामले में अरविन्द केजरीवाल को अदालत में ले जायेंगें


आरोप है कि पुर्व राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन के नाम पर बने इस मेमोरियल ट्रस्ट, फर्रूखाबाद ने विकलांग कल्याण के नाम पर अफसरों के जाली दस्तखत और मोहर लगाकर घोटाला किया है। एनजीओ को केंद्र सरकार की ओर से करोड़ों रुपयों के [१.३९]फंड 2010 में दिए गए थे। पूर्व राष्ट्रपति के नवासे सलमान खुर्शीद इस ट्रस्ट के अध्यक्ष और उनकी पत्नी लुइस खुर्शीद इसकी प्रोजेक्ट डायरेक्टर हैं। चैनल ने दावा किया है कि डॉ. जाकिर हुसैन ट्रस्ट, फर्रूखाबाद का कामकाज उत्तर प्रदेश के 17 जिलों में फैला हुआ है। इस एनजीओ का पता सलमान खुर्शीद दिल्ली में मौजूद स्थायी घर 4, गुलमोहर एवेन्यू, जामिया नगर, नई दिल्ली है। डॉ. जाकिर हुसैन सलमान खुर्शीद के नाना और देश के पूर्व राष्ट्रपति हैं। इस ट्रस्ट की स्थापना 1986 में हुई थी। । वहीं, कांग्रेस की एक मात्र नेत्री रेणुका चौधरी का कहना है लुईस खुर्शीद (सलमान की पत्‍नी और एनजीओ को चलाने वाली) ने इस मामले की जांच करने के लिए यूपी सरकार को कह दिया है। रेणुका चौधरी आजकल गांधी परिवार के तरफ से केजरीवाल और बाबा राम देव के आरोपों का जवाब देने में चर्चा में आ रही हैं|

बसपा सुप्रीमो ने अपने कल के कड़े शब्दों को आज केंद्र सरकार के खिलाफ एक्शन में तब्दील नहीं किया :समर्थन जारी रहेगा

बसपा सुप्रीमो सुश्री मायावती ने कल अपनी विशाल रैली में जो तीखे या कड़े शब्दों का प्रयोग करके केंद्र सरकार पर प्रहार किये थे उन शब्दों को आज बसपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में पूर्व की तरह अमली जामा नहीं पहना सकी |उन्होंने केंद्र सरकार को सपोर्ट जरी राकहने के संकेत दे दिए हैं|इस फैसले से अगर उत्तर प्रदेश की सपा सरकार को निराशा हुई तो केंद्र की यूं पी ऐ को राहत भी मिली है|
मायावती ने मंगलवार को अपनी महारैली में यूपीए सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि बुधवार की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में बसपा संप्रग सरकार अपना समर्थन देने पर दोबारा विचार करेगी|पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक के बाद मायावती ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा,”पार्टी कार्यकारिणी और पार्टी संसदीय बोर्ड ने समर्थन पर अंतिम फैसला लेने के लिए मुझे अधिकृत किया है. सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा.” मायावती ने आगे कहा, “पार्टी ने फैसले लेने की जिम्मेदारी मुझे दी है और अब मेरा फर्ज है कि देश और पार्टी के हित को मद्देनजर रखते हुए कोई फैसला लूं. जल्द ही इस संबंध में कोई निर्णय लिया जाएगा और इसकी जानकारी आप लोगों को दी जाएगी.”टीकाकारों की राय में मायावती का यह फैसला सोचा समझा और रणनीति का हिस्सा है. उनके इस फैसले पर कांग्रेस पर दबाव भी बनेगा और पार्टी कार्यकर्ताओं को वह बताने में कामयाब हो गई हैं कि चुनाव कभी हो सकते हैं और इसके लिए वह तैयार रहें
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Mayavati Will Continue her support ko central govt.

बसपा सुप्रीमो ने अपने कल के कड़े शब्दों को आज केंद्र सरकार के खिलाफ एक्शन में तब्दील नहीं किया :समर्थन जारी रहेगा

इस निर्णय के कारण

[१]अगर मायावती अलग होती हैं तो ये संसद में यूं पी ऐ के समर्थकों का आंकड़ा हो जाता 283 यानि सरकार रहेगी तो बहुमत में ही, लेकिन माया के विरोधी मुलायम सिंह यादव और ताकतवर हो जाते.ऐसे में मुलायम का कद सरकार में काफी बढ़ जाता यह मायावती की राजनीतिक सेहत के लिए ठीक नहीं होता| जाहिर है इसे ही ध्यान में रखते हुए मायावती ने कोई फैसला नहीं लिया
[२].मायावती के सामने एक और बड़ी चुनौती भी थी और वो है आय से अधिक संपत्ति का केस. कल सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया कि उसने सीबीआई को बीएसपी अध्यक्ष मायावती के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के केस में आगे जांच करने से नहीं रोका है.सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसने कभी ऐसा नहीं कहा था कि सीबीआई को इस केस में जांच करने का अधिकार नहीं है. सीबीआई आय से ज्यादा संपत्ति के केस में आगे जांच करने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन इसके लिए उसे राज्य सरकार से इजाजत लेनी होगी. संभवत इसी छाया से डरते हुए मायावती ने एक बार फिर यूपीए सरकार को समर्थन बनाए रखने या वापस लेने के फैसले को कुछ दिनों के लिए टाल दिया है। उन्होंने कल ही अपनी रैली में कहा था कि यूपीए सरकार को समर्थन देने के मुद्दे पर वे आज फैसला लेगी। लेकिन उन्होंने उधर रैली में यूपीए सरकार को समर्थन देने पर पुनर्विचार का ऐलान किया और इधर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और मायावती को नोटिस जारी कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने नोटिस में सीबीआई से कहा है कि अगर राज्य सरकार चाहे और अपनी अनुमति दे तो सीबीआई दोबारा मायावती के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच शुरू कर सकती है। शायद इसी नोटिस का कमाल है कि मुलायम सिंह की तरह सांप्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए केन्द्र की यूपीए सरकार के समर्थन पर पुनर्विचार का विचार कुछ दिनों के लिए टाल दिया है। हां, उन्होंने इतना जरूर कहा कि उनका भी दल समाजवादी पार्टी की तर्ज पर आमचुनाव के लिए तैयार है।अर्थार्त हाथी की सूंड फिर सी बी आई के हाथों में आ गई है|दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी के नेता शाहनवाज हुसैन ने मायावती पर यही आरोप लगाकर उनसे सफाई भी मांग ली है। हुसैन ने कहा है कि मायावती जैसे नेता एक ओर तो एफडीआई के मुद्दे पर केंद्र की आलोचना कर रहे हैं, दूसरी ओर उसी का समर्थन कर रहे हैं। क्या ये नेता सीबीआई से डरे हुए हैं? राजनीतिक पर्यवेक्षकों का भी कहना है कि मायावती के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में उच्चतम न्यायालय ने ‘सीबीआई को जांच के लिए स्वतंत्र है’ कह कर उन्हें पिछले पायदान पर ला दिया। अब वह समर्थन वापस नहीं ले सकती हैं।भाजपा के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने मायावती को ललचाने के लिए यह लालीपाप दिखाया है कि भाजपा कि सरकार बनने पर नेताओं को ब्लैक मेल करने वाले सी बी आई के अफसरों के विरुद्ध जाँच करवाई जायेगी|
दरअसल मायावती खुद आय से अधिक संप‌त्ति के मामले में फंसी हैं।उत्तर प्रदेश में बसपा के पूर्व मंत्रिओं पर रोजाना भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं |अब भाजपा जब पावर में आयेगी तब आयेगी फिलहाल तो सीबीआई और अदालती कार्रवाही का खौफ भी मुह फाड़े खड़ा है| इस सब के बावजूद अगर मायावती समर्थन वापिस लेती भी हैं तो भी केंद्र सरकार गिराने वाली नहीं उलटे सपा की बैसाखी की कीमत बढ जायेगी| ऐसे में केंद्र सरकार की नाराज़गी क्यूँ कर मौल ली जाए|शायद यही सोच कर मायावती आज केंद्र सरकार को समर्थन जारी रखने का एलान कर दिया है

२०० सरकारी कर्मी मेरठ में राजनीतिक वैमनस्य के शिकार हुए

उत्तर प्रदेश की राजनीती में राजनीतिक वैमनस्य निकालने के लिए अब बसपाई नेताओं के बाद आम सरकारी कर्मिओं को निशाना बनाया जाने लगा है|मंगल वार को लखनऊ में बसपा के संस्थापक कांशी राम की पुन्य तिथि के अवसर पर एक विशाल राष्ट्रीय रैली का आयोजन किया गया जिसमे भारी संख्या में कांशी राम के सरकारी और गैर सरकारी समर्थकों ने भाग लिया|
इस रैली से लोगों को दूर करने के लिए पहले प्रदेश सरकार ने ९ अक्टूबर की सरकारी छुट्टी को कैंसिल कर दिया|इसके उपरान्त भी लोग रैली में पहुंचे| जाहिर है सरकारी कर्मिओं को भी ने अपने प्रेरणास्रौत कांशी राम को श्रधान्जली देने लखनऊ जाना ही था सो प्रदेश से सैकड़ों कर्मी रैली में गए|
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२०० सरकारी कर्मी मेरठ में राजनीतिक वैमनस्य के शिकार हुए

उधर लखनऊ में रैली चल रही थी तो मेरठ के सरकारी दफ्तरों में छापे पड़ रहे थे हाजिरी चेक की जारी थी| सुबह कार्यालय खुलते ही कई विभागों में हड़कंप मच गया। डीएम द्वारा कराए गए निरीक्षण में दो सौ से ज्यादा कर्मचारी अनुपस्थित मिले। डीएम ने इनका एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं। हालांकि इनमें से कई कर्मचारियों की ड्यूटी बीएलओ के रूप में लगी बताई गई है।
एडीएम ई दीपचंद ने कलक्ट्रेट+ एडीएम एफ फैसल आफताब ने विकास भवन+ सिटी मजिस्ट्रेट डीपी श्रीवास्तव ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया+ एसीएम ने वाणिज्य कर और आरटीओ कार्यालय का निरीक्षण किया। सभी विभागों में अधिकारी मौजूद मिले, मगर 127 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। विकास भवन में दस, पीडब्लूडी प्रांतीय खंड में 34, निर्माण खंड में बीस, भवन खंड में 19, एक्सईएन कार्यालय में 14 और आरटीओ में दो, जिला अस्पताल में चार, जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में दो, डीआरडीए में तीन, भूमि संरक्षण विभाग में चार, बेसिक में तीन, बिजली विभाग के विभिन्न कार्यालय में 24 कर्मचारी गैरहाजिर मिले। कलक्ट्रेट में तीस कर्मचारी विलंब से आए। बीएलओ में ड्यूटी लगे होने के कारण विभिन्न विभागों के करीब पचास कर्मचारी अनुपस्थित मिले। डीएम विकास गोठलवाल ने बताया कि जो कर्मचारी विलंब से आए हैं, उनके आधे दिन का और जो कर्मचारी नहीं आए हैं, उनके एक दिन का वेतन काटा जाएगा।
अनुपस्थित कर्मी रैली में ही गएँ होंगे ऐसा जरुरी नहीं है मगर गेहूं के साथ घुन्न तो पिस्ता ही है सो विलंभ से आने वालों से आधे दिन का और जो कर्मचारी नहीं आए हैं, उनके एक दिन का वेतन काटा जाएगा।
ऐसा ही एक प्रयास राजस्थान के मुख्य मंत्री गहलौत ने भी किया था |वहां आर एस एस की रैली में जाने वाले सरकारी कर्मिओं को दण्डित करने की घोषणा की थी मगर विरोध होने पर उन्हें पलटना पडा और उन्होंने कहा था की यह दंड आर एस एस के रैली के लिए नहीं है| लोगों का कहना है की यहाँ मेरठ में भी जरुरी नहीं के सारे अनुपस्थित कर्मी लखनऊ ही गए हों सो इन्हें अपना स्पष्टीकरण देने का मौका दिया जाना चाहिए था
लोगों का यह भी कहना है के जेल काटने वाले १२०० सपाइयों को इनाम देने के घोषणा हो रही है और रैली में जाने वाले बसपाईयों के वेतन काटे जा रहे है