Ad

Category: Social Cause

राम नाम की पूँजी एकत्र करने को सत्संग में जाओ अपना वर्तमान+भविष्य उज्जवल करो

, सफदरजंग एन्क्लेव, नई दिल्ली में सत्संग के सुअवसर पर पुज्यश्री भगत नीरज मणि जी ने राम नाम के धन को सबसे बड़ा धन बताते हुए सत्संगों में राम नाम के धन को एकत्र करने का उपदेश दिया|
” जाके राम धनि वाको काहेकी कमी ”

राम नाम की पूँजी एकत्र करने को सत्संग में जाओ अपना वर्तमान+भविष्य उज्जवल करो

भगत नीरज मणि ऋषि जी ने बताया कि सभी संतजन एक ही बात कहते हैं कि जिस जिज्ञासु के पास राम नाम की पूँजी है वही सबसे बड़ा धनी है। जगत की
जितनी भी संपदाएं हैं वो इही लोक की हैं केवल भक्ति और नाम की पूँजी ही परलोक गामी है। हम जो भी कर्म रुपी बीज बोते हैं ,
परमात्मा वैसा ही फल हमारी झोली में दाल देता है। सत्य कर्मों का फल हमारे जीवन में सुख एवं वैभव के रूप में आता है तथा
पाप कर्मों का फल हमारे जीवन में कष्टों के रूप में आता है।
सत्य कर्मों से हमारी प्रारब्ध बनती है। हमारा वर्तमान उज्जवल होता है तथा जिसका वर्तमान उज्जवल होता उसका भविष्य
भी उज्जवल होता है। संतजन समझाते हैं की परमात्मा का नाम जपो, सत्संग में जाओ और राम नाम की पूँजी एकत्र करो और
अपना वर्तमान तथा भविष्य दोनों उज्जवल करो।
श्री रामशरणम् आश्रम , गुरुकुल डोरली, मेरठ

बसपा सुप्रीमो ने अपने कल के कड़े शब्दों को आज केंद्र सरकार के खिलाफ एक्शन में तब्दील नहीं किया :समर्थन जारी रहेगा

बसपा सुप्रीमो सुश्री मायावती ने कल अपनी विशाल रैली में जो तीखे या कड़े शब्दों का प्रयोग करके केंद्र सरकार पर प्रहार किये थे उन शब्दों को आज बसपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में पूर्व की तरह अमली जामा नहीं पहना सकी |उन्होंने केंद्र सरकार को सपोर्ट जरी राकहने के संकेत दे दिए हैं|इस फैसले से अगर उत्तर प्रदेश की सपा सरकार को निराशा हुई तो केंद्र की यूं पी ऐ को राहत भी मिली है|
मायावती ने मंगलवार को अपनी महारैली में यूपीए सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि बुधवार की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में बसपा संप्रग सरकार अपना समर्थन देने पर दोबारा विचार करेगी|पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक के बाद मायावती ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा,”पार्टी कार्यकारिणी और पार्टी संसदीय बोर्ड ने समर्थन पर अंतिम फैसला लेने के लिए मुझे अधिकृत किया है. सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा.” मायावती ने आगे कहा, “पार्टी ने फैसले लेने की जिम्मेदारी मुझे दी है और अब मेरा फर्ज है कि देश और पार्टी के हित को मद्देनजर रखते हुए कोई फैसला लूं. जल्द ही इस संबंध में कोई निर्णय लिया जाएगा और इसकी जानकारी आप लोगों को दी जाएगी.”टीकाकारों की राय में मायावती का यह फैसला सोचा समझा और रणनीति का हिस्सा है. उनके इस फैसले पर कांग्रेस पर दबाव भी बनेगा और पार्टी कार्यकर्ताओं को वह बताने में कामयाब हो गई हैं कि चुनाव कभी हो सकते हैं और इसके लिए वह तैयार रहें
|

Mayavati Will Continue her support ko central govt.

बसपा सुप्रीमो ने अपने कल के कड़े शब्दों को आज केंद्र सरकार के खिलाफ एक्शन में तब्दील नहीं किया :समर्थन जारी रहेगा

इस निर्णय के कारण

[१]अगर मायावती अलग होती हैं तो ये संसद में यूं पी ऐ के समर्थकों का आंकड़ा हो जाता 283 यानि सरकार रहेगी तो बहुमत में ही, लेकिन माया के विरोधी मुलायम सिंह यादव और ताकतवर हो जाते.ऐसे में मुलायम का कद सरकार में काफी बढ़ जाता यह मायावती की राजनीतिक सेहत के लिए ठीक नहीं होता| जाहिर है इसे ही ध्यान में रखते हुए मायावती ने कोई फैसला नहीं लिया
[२].मायावती के सामने एक और बड़ी चुनौती भी थी और वो है आय से अधिक संपत्ति का केस. कल सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया कि उसने सीबीआई को बीएसपी अध्यक्ष मायावती के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के केस में आगे जांच करने से नहीं रोका है.सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसने कभी ऐसा नहीं कहा था कि सीबीआई को इस केस में जांच करने का अधिकार नहीं है. सीबीआई आय से ज्यादा संपत्ति के केस में आगे जांच करने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन इसके लिए उसे राज्य सरकार से इजाजत लेनी होगी. संभवत इसी छाया से डरते हुए मायावती ने एक बार फिर यूपीए सरकार को समर्थन बनाए रखने या वापस लेने के फैसले को कुछ दिनों के लिए टाल दिया है। उन्होंने कल ही अपनी रैली में कहा था कि यूपीए सरकार को समर्थन देने के मुद्दे पर वे आज फैसला लेगी। लेकिन उन्होंने उधर रैली में यूपीए सरकार को समर्थन देने पर पुनर्विचार का ऐलान किया और इधर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और मायावती को नोटिस जारी कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने नोटिस में सीबीआई से कहा है कि अगर राज्य सरकार चाहे और अपनी अनुमति दे तो सीबीआई दोबारा मायावती के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच शुरू कर सकती है। शायद इसी नोटिस का कमाल है कि मुलायम सिंह की तरह सांप्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए केन्द्र की यूपीए सरकार के समर्थन पर पुनर्विचार का विचार कुछ दिनों के लिए टाल दिया है। हां, उन्होंने इतना जरूर कहा कि उनका भी दल समाजवादी पार्टी की तर्ज पर आमचुनाव के लिए तैयार है।अर्थार्त हाथी की सूंड फिर सी बी आई के हाथों में आ गई है|दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी के नेता शाहनवाज हुसैन ने मायावती पर यही आरोप लगाकर उनसे सफाई भी मांग ली है। हुसैन ने कहा है कि मायावती जैसे नेता एक ओर तो एफडीआई के मुद्दे पर केंद्र की आलोचना कर रहे हैं, दूसरी ओर उसी का समर्थन कर रहे हैं। क्या ये नेता सीबीआई से डरे हुए हैं? राजनीतिक पर्यवेक्षकों का भी कहना है कि मायावती के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में उच्चतम न्यायालय ने ‘सीबीआई को जांच के लिए स्वतंत्र है’ कह कर उन्हें पिछले पायदान पर ला दिया। अब वह समर्थन वापस नहीं ले सकती हैं।भाजपा के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने मायावती को ललचाने के लिए यह लालीपाप दिखाया है कि भाजपा कि सरकार बनने पर नेताओं को ब्लैक मेल करने वाले सी बी आई के अफसरों के विरुद्ध जाँच करवाई जायेगी|
दरअसल मायावती खुद आय से अधिक संप‌त्ति के मामले में फंसी हैं।उत्तर प्रदेश में बसपा के पूर्व मंत्रिओं पर रोजाना भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं |अब भाजपा जब पावर में आयेगी तब आयेगी फिलहाल तो सीबीआई और अदालती कार्रवाही का खौफ भी मुह फाड़े खड़ा है| इस सब के बावजूद अगर मायावती समर्थन वापिस लेती भी हैं तो भी केंद्र सरकार गिराने वाली नहीं उलटे सपा की बैसाखी की कीमत बढ जायेगी| ऐसे में केंद्र सरकार की नाराज़गी क्यूँ कर मौल ली जाए|शायद यही सोच कर मायावती आज केंद्र सरकार को समर्थन जारी रखने का एलान कर दिया है

बी डी एम् के सुधीर महाजन आज छुड़वा लिए गए

बी डी एम् के निदेशक सुधीर महाजन को छुड़वा लिया गया है पोलिस की जीप में अभी थोड़ी देर पहले ही महाजन को उनके निवास प़र लाया गया है| पोलिस ने दो अपहरण कर्ताओं को गिरफ्तार करने का दावा किया है|अपहरण के मास्टर माईंड बताये जा रहे ड्राईवर रविंदर अभी भी पोलिस की गिरफ्त से दूर ही हैं|यह महाजन परिवार के लिए अच्छी खबर है इसके साथ ही इस हाई प्रोफाईल केस को खोलने से पोलिस ने भी गुड वर्क दर्ज़ किया है|

बी डी एम् के सुधीर महाजन आज छुड़वा लिए गए


गौरतलब है कि दो करोड़ की फिरौती के लिए स्पोर्ट्स गुड्स निर्माण व्यवसाई सुधीर महाजन को बीती रात ग्यारह बजे एक पोलिस चौकी के सामने से किडनैप कर लिया गया था| मशहूर बैट्स बी डी एम् के निदेशक सुधीर महाजन की फिरौती के लिए २ करोड़ रुपयों की मांग की गई थी मवाना फलावदा रोड पर सुधीर की कार लावारिस रूप में खडी मिल गई थी
शक की सुई ड्रायवर रविंदर की तरफ घूमती रही|बताया जा रहा है कि मात्र एक माह पूर्व रखे गए इस इस ड्रायवर ने पहले भी तीन बड़े बड़े बिजनेस मेन के यहाँ थोड़े समय नौकरी करके छोड़ दी फिर महाजन के यहाँ एक माह पहले ही नौकरी की | रविंदर का कोई वेरिफिकेशन नहीं करवाया गया|यहाँ तक कि उसका कोई फोटो भी उपलब्ध नहीं हुआ|दो लोगों को गिरफ्तार करने की बात कही जा रहे है मगर फिरौती की रकम के विषय में कोई जानकारी सामने नहीं आई है|

अपहत सुधीर महाजन से पोलिस अभी भी दूर

दो करोड़ की फिरौती के लिए अपहत स्पोर्ट्स व्यवसाई सुधीर महाजन का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है|पोलिस की छान बीन जारी है| सूत्रों के अनुसार मशहूर बैट्स बी डी एम् के निर्माता सुधीर महाजन की फिरौती के लिए २ करोड़ रुपयों की मांग की गई है|मवाना फलावदा रोड पर सुधीर की कार लावारिस रूप में खडी मिल गई हैलेकिन अपराधियों से हमेशा की तरह पोलिस की दूरी कम नहीं हुई है|
शक की सुई ड्रायवर रविंदर की तरफ घूम रही है|बताया जा रहा है के मात्र एक माह पूर्व रखे गए इस इस ड्रायवर ने तीन बड़े बड़े बिजनेस मेन के यहाँ थोड़े समय नौकरी करके छोड़ दी फिर महाजन के यहाँ एक माह पहले ही नौकरी की |महाजन के साथ ही ड्रायवर रविंदर के गायब होने से यह शक और पुख्ता होता जा रहा है|
क्राईम रेट्स के यकायक बढ जाने से शहर के व्यापारिओं में दहशत +असंतोष बढ़ता जा रहा है| संयुक्त व्यापार संघ और स्पोर्ट्स मेनुफेक्च्रिंग एसोशिएशन के मीटिंग्स जारी हैं|
गौर तलब है के अपराध की रोक थाम के लिए पोलिस अनेकों आपरेशन चलाने का दावा कर रही है |लेकिन अपराध बढ ही रहे हैं|शायद इसीलिए विपक्षी मायावती ने कल लखनऊ में उत्तर प्रदेश को अपराध प्रदेश की संज्ञा दे डाली |पिछले हफ्ते ही एक मशहूर न्यूरोलोजिस्ट डाक्टर विनोद अरोड़ा के यहाँ बड़ी लूट हुई थी |जिसका अभी तक माल बरामद नहीं हुआ है|उलटे उस पाश इलाके[साकेत]में पोलिस चौकी पर आज ताला लगा मिला|दूसरी पोलिस चौकी गंगानगर के सामने से ये सुधीर महाजन गायब हुए हैं| महाजन की कार की लोकेशन कल रात ही मिल गई थी मगर उसकी जांच की खाना पूर्ति आज सुबह की गई| सवाल उठाया जा रहा है की क्या फलावदा पोलिस रात को काम नहीं करती ? सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार दो भाईयों में भूमि विवाद को भी पोलिस देख रही है| अब कारण कुछ भी हो अपराध तो हुआ है और दुसास्हिक तरीक से हुआ है अगर बताये घटना क्रम को माने तो पोलिस चौकी के सामने से खड़ी गाड़ी से अपहरण हुआ है

अगर वाकई ऐसा हुआ है तो यह पोलिस और शासन को भी एक जोरदार चुनौती है|

२०० सरकारी कर्मी मेरठ में राजनीतिक वैमनस्य के शिकार हुए

उत्तर प्रदेश की राजनीती में राजनीतिक वैमनस्य निकालने के लिए अब बसपाई नेताओं के बाद आम सरकारी कर्मिओं को निशाना बनाया जाने लगा है|मंगल वार को लखनऊ में बसपा के संस्थापक कांशी राम की पुन्य तिथि के अवसर पर एक विशाल राष्ट्रीय रैली का आयोजन किया गया जिसमे भारी संख्या में कांशी राम के सरकारी और गैर सरकारी समर्थकों ने भाग लिया|
इस रैली से लोगों को दूर करने के लिए पहले प्रदेश सरकार ने ९ अक्टूबर की सरकारी छुट्टी को कैंसिल कर दिया|इसके उपरान्त भी लोग रैली में पहुंचे| जाहिर है सरकारी कर्मिओं को भी ने अपने प्रेरणास्रौत कांशी राम को श्रधान्जली देने लखनऊ जाना ही था सो प्रदेश से सैकड़ों कर्मी रैली में गए|
|

२०० सरकारी कर्मी मेरठ में राजनीतिक वैमनस्य के शिकार हुए

उधर लखनऊ में रैली चल रही थी तो मेरठ के सरकारी दफ्तरों में छापे पड़ रहे थे हाजिरी चेक की जारी थी| सुबह कार्यालय खुलते ही कई विभागों में हड़कंप मच गया। डीएम द्वारा कराए गए निरीक्षण में दो सौ से ज्यादा कर्मचारी अनुपस्थित मिले। डीएम ने इनका एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं। हालांकि इनमें से कई कर्मचारियों की ड्यूटी बीएलओ के रूप में लगी बताई गई है।
एडीएम ई दीपचंद ने कलक्ट्रेट+ एडीएम एफ फैसल आफताब ने विकास भवन+ सिटी मजिस्ट्रेट डीपी श्रीवास्तव ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया+ एसीएम ने वाणिज्य कर और आरटीओ कार्यालय का निरीक्षण किया। सभी विभागों में अधिकारी मौजूद मिले, मगर 127 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। विकास भवन में दस, पीडब्लूडी प्रांतीय खंड में 34, निर्माण खंड में बीस, भवन खंड में 19, एक्सईएन कार्यालय में 14 और आरटीओ में दो, जिला अस्पताल में चार, जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में दो, डीआरडीए में तीन, भूमि संरक्षण विभाग में चार, बेसिक में तीन, बिजली विभाग के विभिन्न कार्यालय में 24 कर्मचारी गैरहाजिर मिले। कलक्ट्रेट में तीस कर्मचारी विलंब से आए। बीएलओ में ड्यूटी लगे होने के कारण विभिन्न विभागों के करीब पचास कर्मचारी अनुपस्थित मिले। डीएम विकास गोठलवाल ने बताया कि जो कर्मचारी विलंब से आए हैं, उनके आधे दिन का और जो कर्मचारी नहीं आए हैं, उनके एक दिन का वेतन काटा जाएगा।
अनुपस्थित कर्मी रैली में ही गएँ होंगे ऐसा जरुरी नहीं है मगर गेहूं के साथ घुन्न तो पिस्ता ही है सो विलंभ से आने वालों से आधे दिन का और जो कर्मचारी नहीं आए हैं, उनके एक दिन का वेतन काटा जाएगा।
ऐसा ही एक प्रयास राजस्थान के मुख्य मंत्री गहलौत ने भी किया था |वहां आर एस एस की रैली में जाने वाले सरकारी कर्मिओं को दण्डित करने की घोषणा की थी मगर विरोध होने पर उन्हें पलटना पडा और उन्होंने कहा था की यह दंड आर एस एस के रैली के लिए नहीं है| लोगों का कहना है की यहाँ मेरठ में भी जरुरी नहीं के सारे अनुपस्थित कर्मी लखनऊ ही गए हों सो इन्हें अपना स्पष्टीकरण देने का मौका दिया जाना चाहिए था
लोगों का यह भी कहना है के जेल काटने वाले १२०० सपाइयों को इनाम देने के घोषणा हो रही है और रैली में जाने वाले बसपाईयों के वेतन काटे जा रहे है

काल के दायरे से बाहर निकलने में रूहानी गुरु ही सहायक है

गुरु का महत्व और महिमा का वर्णन पौराणिक काल से हमारे शास्त्रों में दिया जा रहा है जो वर्तमान में भी जारी है|अनेक गुरुं + महंतों यहाँ तक की अवतारों ने भी गुरु के आगे शीश नवाया है|इसी कड़ी में प्रस्तुतु है दो महापुरुषों [स्वामी शिवदयालसिंह जी महाराज +संत दर्शन सिंह जी महाराज ] के विचार
गुरु बिन कभी न उतरे पार ।
नाम बिन कभी न होय उधार ।
शब्द : स्वामी शिवदयालसिंह जी महाराज
भाव : स्वामीजी महाराज हमें समझाते हैं हमें काल के दायरे से बाहर निकलना है किसी गुरु के बिना


हम ऐसा नही कर सकते । हमें या ऐसे गुरु की तलाश करनी चाहिए जो स्वयं रूहानियत के रास्ते
पर चलता हो, एक ऐसा महापुरुष जो प्रभु के हुक्म से यहाँ भेजा गया हो ।ऐसा गुरु जब हमें परमात्मा
के शब्द से जोड़ता है तो हमारा उद्धार संभव है ।
संत दर्शन सिंह जी महाराज ने भी अपने एक रूहानी शेर में फ़रमाया है :-
गुरु मिले तो मुहब्बत के राज खुलते हैं ।
निजात मिलती है सारे गुनाह धुलते हैं ।।
प्रस्तुति राकेश खुराना

मायावती ने लखनऊ में शक्ति प्रदर्शन किया :सरकार ने इसे काली कमाई का दुरूपयोग बताया

बसपा सुप्रीमो मायावती ने आज लखनऊ में एक रैली करके शक्ति प्रदर्शन किया और केंद्र व राज्य सरकारों को चुनौती दी| वहीं प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया है कि काली कमाई का करोड़ों रुपया फूंकने के बावजूद बसपा रैली में अपेक्षित भीड़ नहीं जुटी |

मायावती ने लखनऊ में शक्ति प्रदर्शन किया :सरकार ने इसे काली कमाई का दुरूपयोग बताया

लखनऊ में बसपा के पूर्व प्रमुख कांशीराम की पुण्यतिथि पर बहुजन समाज पार्टी की संकल्प महारैली में मायावती ने अखिलेश सरकार द्वारा लिए गए फैसलों को दलित विरोधी करार देते हुए जम कर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि इसका भविष्य में बहुत बुरा अंजाम होगा। प्रदेश में जानबूझकर बसपा सरकार के कार्यकाल में रहे मंत्रियों और अधिकारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। मायावती ने प्रोमोशन में आरक्षण का विरोध करने वाली सपा के मुखिया को निशाना बनांते हुए कहा कि अगर अम्‍बेडकर नहीं होते आरक्षण नहीं होता तो मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव आदि कि जमींदार के खेतों में गाय और भैंस चरा रहे होते। प्रोफ़ेसर राम गोपाल ने यादव ने तत्काल इसका उत्तर देते हुए कहा कि गाय +भैंसे चराना कोई बुरी बात नहीं है इसीलिए मायावती को समझ जाना चाहिए कि गाय + भैसे चराने वाले सरकार भी चला सकते हैं| है केंद्र की खुदरा में एफ डी आई का विरोध किया मगर केंद्र सरकार के समर्थन वापिसी के निर्णय को कल तक के लिए टाल दिया|
अखिलेश यादव ने फिर किया वार, कहा- तकलीफ में हैं मायावती
बसपा सुप्रीमो मायावती द्वारा बसपा रैली में सपा पर लगाए गए आरोपों पर आजमगढ़ में कन्‍या विद्याधन और बेरोजगारी भत्‍ता बांटने गए मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव का कहना है कि लोकतंत्र में सबसे बड़ी सजा चुनाव में हार होती है। यह सजा यूपी की जनता ने बसपा को दे दी है। मायावती जिन दलित महापुरुषों के अपमान की बात कर रही हैं और वह जरा सा भी उन महापुरुषों को मानतीं तो प्रदेश में भीमराव अम्‍बेडकर और दूसरे महापुरुषों के नाम पर बनाए गए पार्कों में अरबों रुपयों की लूट नहीं करतीं।

अरविन्द केजरीवाल ने डी एल ऍफ़+ वढेरा और हरियाणा सरकार की मिलीभगत को लेकर श्वेत पत्र की मांग की

इंडिया अगेंस्ट करप्शन के नेता अरविन्द केजरीवाल ने हरियाणा सरकार + रिएल इस्टेट कंपनी डीएलएफ और राबर्ट वढेरा के बीच सांठ गांठ के अपने पुराने आरोपों को दोहराते हुए हरियाणा सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है|अरविंद केजरीवाल ने कुछ कागज़ लहराते हुए हरियाणा की हुड्डा सरकार पर पिछले सालों में डी एल ऍफ़ कंपनी को कई फायदे पहुंचाने के आरोप दोहराए हैं| भाजपा ने जहां इस मुद्दे के साथ खुद को जोड़ते हुए निपक्ष जांच की मांग की है वहीं कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से ही खारिज कर दिया है|रेणुका चौधरी ने तो अरविन्द की शैली में ही कुछ कागज़ हवा में लहराते हुए उलटे अरविन्द टीम पर ही आरोप लगाने शुरू कर दिए|
दिल्ली में आज मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए केजरीवाल ने कहा कि हरियाणा सरकार ने किसी प्रभाव में डी एल ऍफ़ को सस्ती जमीन दी+उसके लिए नियम बदले गए+और एक तरीके से डेवेलोपर के एजेंट के रूप में कार्य किया| इसका आर्थिक फायदा यूं पी ऐ अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गाँधी के दामाद राबर्ट वढेरा को हुआ| अपने इन आरोपों के समर्थन में कुछ नए दस्तावेज भी प्रेस को मुहैय्या करवाए गए|
कुछ दिन पहले जनलोकपाल के सहारे राजनीति की राह पकड़ने वाले केजरीवाल ने कहा था कि डीएलएफ़ समूह ने गलत तरीकों से रॉबर्ट वाड्रा को 300 करोड़ रुपयों की संपत्ती कौड़ियों के दामों में दे दी.|यहाँ तक कि

अरविन्द केजरीवाल ने डी एल ऍफ़+ वढेरा और हरियाणा सरकार की मिलीभगत को लेकर श्वेत पत्र की मांग की

८५ करोड़ रुपयों का असुरक्षित कर्ज़ और एक कंपनी सेज में ५०% शेयर भी दिए|
केजरीवाल ने आज इन आरोपों को आगे ले जाते हुए कहा कि हरियाणा सरकार डीएलएफ को पिछले 10 सालों में दिए गए फायदों पर श्वेत पत्र जारी करे.
केजरीवाल ने कहा, कि हरियाणा सरकार ने 350 एकड़ ज़मीन 1700 करोड़ में दी थी.
हरियाणा का कहना था कि डीएलएफ को कोई फायदा नहीं पहुंचाया गया था बल्कि इसके ज़मीन देने के लिए अंतरराष्ट्रीय ‘बिडिंग’ हुई|इस सफाई की बखियां उधेड़ते हुए . केजरीवाल ने कहा, कि इसके लिए तीन कंपनियां कंटरी हाईटस, यूनिटेक और डीएलएफ ने बिड दिए थे लेकिन केवल डीएलएफ के ही फाइनेशल बिड खोले गए. शेष दोनों को गोल्फ कोर्स बनाने का अनुभव नहीं होने का नया अघोषित टेक्नीकल फाल्ट निकाल कर प्रतिस्पर्द्धा से बाहर कर दिया गया|लेकिन एक वेबसाइट से पता चला कि दोनों के डीएलएफ से अधिक ‘बिड’ थे.इस तरह से सरकार को भी घाटा पहुंचाया गया| सिंगल टेंडर में इतनी बड़ी डील को फायनल किया गया केनंस आफ फायनेंशियल प्रोपर्टी के नियम की अनदेखी की गई|
केजरीवाल ने कहा, हुडा (एक सरकारी संस्थान) का काम आम लोगों के लिए सस्ते मकान और दूकान आदि बनाना होता है लेकिन उसने सभी से धोखा किया. गांव के किसानों से ज़मीन इसलिए ली थी ताकि घर सड़क और बाकी विकास किया जाए लेकिन ऐसा नहीं हुआ.”
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि राबर्ट वाड्रा के पास कंपनी के ५०% शेयर थे जो उन्होंने अगले साल बेच दिए. उन्होंने कहा कि इस दौरान कुछ तो हुआ होगा…इसके पीछे कुछ न कुछ कहानी है जिसकी जांच होनी चाहिए.”

कांग्रेस का बचाव

इस बीच कांग्रेस ने रॉबर्ट वढेरा का बचाव करते हुए केजरीवाल के आरोपों को खारिज किया है.|कांग्रेस की प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने केजरीवाल के आरोपों का मज़ाक उड़ाते हुए पूछा , ”किसने इन दस्तावेज़ों को प्रमाणित किया है. सारा देश किसानों की ज़मीन पर है. जंगल की ज़मीन पर भी विकास होता है. उन्होंने कहा,क्या राजनीति में आने वालों के बच्चों का बिज़नेस करने का कोई हक नही है?…अरविंद केजरीवाल का अपना कोई स्तर नहीं है और अब उनका स्तर और भी गिर गया है. प्रवक्ता राशिद अल्वी ने अरविन्द के आरोपों को अमान्य करार देते हुए उन्हें कानून का दरवाज़ा खटखटाने को कहा|

भाजपा

बीजेपी ने केजरीवाल के लगाए गए आरोपों के बाद मामले की जांच की मांग की है.

डीएलएफ सेज में वढेरा के हिस्से दारी

केजरीवाल के मुताबिक डीएलएफ ने 2007 में डीएलएफ सेज होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी बनाई। 2008 में इसमें 50 फीसदी हिस्सेदारी रॉबर्ट वढेरा को दी गई। 2009 में शेयर वापस डीएलएफ को बेच दिए गए। आखिर ऐसा क्यों किया गया ? एक साल के भीतर वढेरा ने ऐसा क्या किया कि उन्हें डीएलएफ में 50 % शेयर दे दिए गए। क्या डीएलएफ सेज वढेरा के कंट्रोल में था ? केजरीवाल ने कहा कि उनके पास कई सबूत है। मानेसर , वजीराबाद और गुड़गांव के कई इलाकों के किसानों ने उन्हें सबूत दिए हैं।
अरविंद ने पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट के हवाले से कहा कि हरियाणा सरकार और डीएलएफ के बीच में किसी तरह की साठगांठ है , ‘ यह हम नहीं कह रहे लेकिन , पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने कहा है कि दोनों के बीच में साठगांठ है। गुड़गांव में 30 एकड़ जमीन में हॉस्पिटल बनाना था , जिसकी नोटिफिकेशन जारी किया गया था। लेकिन हॉस्पिटल बनाने के बजाए हरियाणा सरकार ने 9 मार्च , 2007 को इस जमीन कोबनाकर डीएलएफ को सौंप दिया। बाद में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने इसे फैसले को रद्द कर दिया और कहा – इस केस के तथ्यों से साफ होता है कि हरियाणा सरकार और डीएलएफ के बीच में साठगांठ है। दी

डीएलएफ को पहुंचाए गए फायदे..

[१]इस प्रॉजेक्ट के लिए बिड में तीन पार्टियों डीएलएफ , कंट्री हाइट्स और यूनिटेक ने आवेदन किया था। यूनिटेक और कंट्री हाइट्स की बिड खोली तक नहीं गई। उन्हें गोल्फ कोर्स का अनुभव न कहते हुए अयोग्य करार दिया गया। यह कंडीशन बाद में जोड़ी गई थी। यह डीएलएफ को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया। बाद में अखबारों के रिपोर्ट से भी पता चला कि बाकी दो कंपनियों की बिड डीएलएफ से ज्यादा थी। इससे साबित होता है कि डीएलएफ की बिड से सरकार को घाटा हुआ।
[२] उद्योगों के लिए अधिग्रहित जंगल की यह जमीन डीएलएफ को कैसे दे दी गई ?
[३]350 एकड़ में से 75.98 एकड़ जमीन हूडा की थी। 275 एकड़ जमीन की थी। हूडा ने इंडस्ट्रीज को बढावा देने के लिए अधिकृत जमीन का इस्तेमाल रेजिडेंशल यूज के लिए किया। आखिर डीएलएफ को यह जमीन इस तरह कैसे ट्रांसफर की गई ?

रॉबर्ट वढेरा को क्या बचाया जा रहा है ?

अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस से सवाल पूछा कि वढेरा को क्यों बचाया जा रहा है। अरविंद ने कहा कि जिस तरह से हर मंत्री वढेरा के बचाव में उतर आया है | वह शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि पहले वित्त मंत्री पी चिदम्बरम कहते हैं कि यह दो प्राइवेट पार्टिओं में हुए प्राईवेट ट्रांजेक्शन का है इसीलिए इसकी जाँच नहीं होगी|आज अरविन्द केजरीवाल की प्रेस कांफ्रेंस से पहले इंडस्ट्रीज मंत्री वीरप्पा मोइली कहते हैं की राबर्ट वढेरा की कंपनियों की जांच कर ली गई है और सब कुछ ठीक है यानि क्लीन चिट दे दी गई है| प्रवक्ता राशिद अल्वी केजरीवा के कागजात को सबूत नहीं नहीं मानते| केजरीवाल कि प्रेस कांफ्रेंस के साथ ही स्वयम भी अलग पत्रकारों को सम्भोधित संबोधित करते हुए कहते हैं कि केजरीवाल को कोर्ट में जाना चाहिए|यानि ये भी जांच को तैयार नहीं हैं| एक प्रश्न के उत्तर में आश्चर्यजनक रूप से पहले कहते हैं कि वीरप्पा मोइली और पी चिदम्बरम ने क्या कहा उन्हें इसकी जानकारी नहीं है फिर दुसरे प्रश्न के उत्तर में दोनों को डिफेंड करने लगते हैं|

नया खुलासा

अरविंद केजरीवाल ने लोगों से अपील की कि अब देश की राजनीति को बदलने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि वह आगे भी करप्शन के मामले सामने लाते रहेंगे , ताकि जनता को सचाई का पता चल सके। अरविंद ने कहा कि वह 16 अक्टूबर को एक और खुलासा करेंगे।
सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा को कांग्रेस के मंत्रियों की क्लीन चिट पर भी केजरीवाल ने उंगली उठाई है. खासकर वित्त मंत्री पी चिदंबरम रहे केजरीवाल के निशाने पर थे. वाड्रा को चिदंबरम के क्लीन चिट देने के मामले पर केजरीवाल ने पूछा है कि क्या पी चिदंबरम वढेरा के इनकम टैक्स अफसर हैं ?

अब राबर्ट वढेरा के साथ हरियाणा सरकार भी घेरे में हैं|श्वेत पत्र की राजनीती किसी काम आयेगी? महाराष्ट्र में घोषणा करने के बावजूद भी श्वेत लाने में मुख्यमंत्री असहज महसूस कर रहे है अब हरियाणा में भी श्वेत पत्र की मांग उठाने से कांग्रेस की स|रकार और पार्टी की नियत और नीति दोनों पर सवाल उठने लगे हैं| डी एल ऍफ़ की कम्पनी में राबर्ट की ५०% की भागेदारी के आज के खुलासों से मामला सीधे सीधे राबर्ट वढेरा और हरियाणा सरकार के बीच का बनता जा रहा है| जिस तरह से कांग्रेस इस मामले को हेंडल कर रही है उससे कांग्रेस के पालिटिकल इमेज पर भी सवालिया निशाँ लग रहे हैं|जिनका तात्कालिक असर गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनावो में पड़ सकता है| अब जब एक व्यक्ति की निज़ी ट्रांजेक्शन को बचाने के लिए कांग्रेस के बड़े बड़े नेता और केंद्र में मंत्री के साथ हरियाणा के मुख्य मंत्री मीडिया के चक्कर लगा रहे हैं और तत्काल आरोपों का ख़ारिज किया जा रहा है उससे यह सन्देश जा रहा है की सरकार कहीं ना कहीं अरविन्द केजरीवाल के आरोपों से खुद को घिरा हुआ महसूस कर रही है और आरोपों को महत्त्व दिया जा रहा है|ऐसे में उसी एक महत्वपूर्ण व्यक्ति को पाक साफ़ साबित करने के लिए एक जांच कमिटी भी बैठाई जा सकती है|यह कांग्रेस के अहम् को बेशक नागवार गुजरे मगर वर्तमान में गुजरात और हिमाचल प्रदेश में होने वाले चुनावों में उतरने के लिए महत्वपूर्ण औजार साबित हो सकता है

स्टेम सेल के निर्माण में कामयाबी हासिल करने पर जॉन और शिन्या को संयुक्त नोबल पुरुस्कार

क्रांतिकारी खोज के अनुसार अब व्यस्क शरीर के सेलों को फिरसे भ्रूण स्थिति में रिप्रोग्राम करना संभव होगा| इसकी खोज करने वाले दो वैज्ञानिकों ब्रिटिश वैज्ञानिक जॉन गुरडन और जापान के शिन्या यामानाका को संयुक्त रूप से सवा छह करोड़ रुपयों के नोबल पुरूस्कार की घोषणा की गई है|शरीर की सामान्य कोशिकाओं से स्टेम सेल बनाने में कामयाबी हासिल करने वाले जापान और ब्रिटेन के इन वैज्ञानिकों को स्वीडिश केरोलिंस्का इंस्टीट्यूट की नोबेल समिति द्वारा इस साल के संयुक्त रूप से चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार दिया गया है। इंस्टीट्यूट द्वारा जारी बयान के मुताबिक इन महत्वपूर्ण खोजों से कोशिकाओं के विकास को लेकर हमारा नजरिया बदल गया। इस खोज से नई स्टेम कोशिकाओं के निर्माण का तरीका सामने आया, जो प्रौढ़ कोशिकाओं को फिर उस पुरानी समर्थ स्थिति में ले जा सकेगा| अर्थार्त बीमार लोगों की त्वचा से प्राप्त कोशिकाओं से उनकी बीमारियों के बारे में पता लगाया जा सकेगा और उनके उपचार में मदद मिल सकेगी।इस क्रांतिकारी खोज की मदद से भविष्य में नष्ट हो चुके अंगों को भी विकसित किया जा सकेगा|।इस तकनीक का विकास हुआ तो बहुत संभव है कि आगे चल कर हमें कोशिकाओं को बदलने की तकनीक का भी ज्ञान हो जाए.मसलन त्वचा और ब्लड कोशिकाओं से दिमाग़ और दिल की कोशिकाएं तैयार कीजा सकेंगी|आज कल हालीवुड की अनेको फिल्मों में यह चमत्कार के रूप में दिखाया जा रहा है जिसे अब वैज्ञानिक स्तर पर

स्टेम सेल के निर्माण में कामयाबी हासिल करने पर जॉन और शिन्या को संयुक्त नोबल पुरुस्कार

संभव कर दिखाया गया है|
ब्रिटिश वैज्ञानिक जॉन गुरडन और जापान के शिन्या यामानाका पुरस्कार के तौर पर मिलने वाली 12 लाख डॉलर (करीब 6.25 करोड़ रुपये) की राशि बराबर से साझा करेंगे।
गौरतलब है कि नोबेल पुरस्कार की श्रेणी में सबसे पहले चिकित्सा के क्षेत्र में अवार्ड घोषित किए जाते हैं।[१] मंगलवार को भौतिक,[२] बुधवार को रसायन,[३] गुरुवार को साहित्य और[४] शुक्रवार को शांति के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार की घोषणा की जाएगी। वार्षिक नोबेल पुरस्कारों की घोषणा अक्टूबर में होती है और हर साल 10 दिसंबर को दिए जाते हैं यह तारीख इस पुरस्कार के संस्थापक और डायनामाइट के आविष्कारक अलफ्रेड नोबेल की बरसी की तिथी है|
यह पुरस्कार 1901 से दिया जा रहा है. 1901 से 2011 तक 853 लोगों या संस्थानों को ये पुरूस्कार प्रदान किये जा चुके हैं| अब तक 199 लोगों को चिकित्सा क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार दिए जा चुके हैं. इस वर्ष के विजेता [१]शिन्या यमनाका – जापान की क्योटो यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता हैं। इनकी उम्र पचास साल है।
[२] सर जॉन गर्डन – जॉन कैंब्रिज के गर्डन इंस्टीट्यूट से ताल्लुक रखते हैं। उन्यासी वर्षीय गर्डन एक ब्रिटिश हैं।

अमृत हमारे शरीर में है इसीलिए अंतर में शब्द से जुड़ना होगा

गुरु अर्जुनदेव जी की अमृत वाणी
सभ किछु घर महि बाहरि नाही
बाहरि टोलै सो भरमि भुलाही |
गुरपरसादी जिनी अंतरि पाइया |
सो अंतरि बाहरि सुहेला जीउ |
|

अमृत हमारे शरीर में है इसीलिए अंतर में शब्द से जुड़ना होगा


भाव : जो कुछ है हमारे शरीर में है , बाहर कुछ भी नहीं है , वे समझा रहे हैं कि अमृत हमारे
शरीर में है | इस समय आत्मा इस शरीर रुपी घर में है | जो कुछ हमने पाना है वह इस
शरीर के भीतर है | जो इन्सान बाहर ही भटकता रहता है , वह माया के भ्रम में फँसा रह
जाता है | परन्तु जिसने गुरु की कृपा से अपने अन्दर अमृत पा लिया , फिर तो वह इन्सान
अन्दर और बाहर अमृत से भर जायेगा | अगर हमें दुखों से दूर होना है , अपने आपको सही
रूप से जानना है तो अंतर में शब्द से जुड़ना होगा |
वाणी : गुरु अर्जुनदेव जी
पंचम सच्चे पादशाह गुरु अर्जन देव जी गुरु राम दास जी के सबसे छोटे सुपुत्र थे |इनका जन्म संवत १६२० की वैसाख वडी सात [१५ -४-१५६३] को हुआ |गुरु जी ने हरमिंदर साहेब की नीवं एक मुस्लिम संत हजरत मियाँ से दिसंबर १६४४ को रखवाई और साम्प्रदाईक सौहार्द की नीवं रखी| गुरु जी ने तरनतारण साहेब + करतारपुर+ हरगोबिन्द पुर जैसे शहरों की नीवं रखी| गुरु जी ने लाहौर में भी एक बाओली का निर्माण कराया था मगर तत्कालीन शहंशाह ने उसे खत्म करवा दिया इसके बाद महाराजा रंजीत सिंह ने इसका जीर्णोद्धार कराया लेकिन १९४७ में उन्मादी भीड़ ने इसे फिर बंद करा दिया|
प्र्स्तुति राकेश खुराना