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Category: Social Cause

अरविन्द केजरीवाल ने डी एल ऍफ़+ वढेरा और हरियाणा सरकार की मिलीभगत को लेकर श्वेत पत्र की मांग की

इंडिया अगेंस्ट करप्शन के नेता अरविन्द केजरीवाल ने हरियाणा सरकार + रिएल इस्टेट कंपनी डीएलएफ और राबर्ट वढेरा के बीच सांठ गांठ के अपने पुराने आरोपों को दोहराते हुए हरियाणा सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है|अरविंद केजरीवाल ने कुछ कागज़ लहराते हुए हरियाणा की हुड्डा सरकार पर पिछले सालों में डी एल ऍफ़ कंपनी को कई फायदे पहुंचाने के आरोप दोहराए हैं| भाजपा ने जहां इस मुद्दे के साथ खुद को जोड़ते हुए निपक्ष जांच की मांग की है वहीं कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से ही खारिज कर दिया है|रेणुका चौधरी ने तो अरविन्द की शैली में ही कुछ कागज़ हवा में लहराते हुए उलटे अरविन्द टीम पर ही आरोप लगाने शुरू कर दिए|
दिल्ली में आज मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए केजरीवाल ने कहा कि हरियाणा सरकार ने किसी प्रभाव में डी एल ऍफ़ को सस्ती जमीन दी+उसके लिए नियम बदले गए+और एक तरीके से डेवेलोपर के एजेंट के रूप में कार्य किया| इसका आर्थिक फायदा यूं पी ऐ अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गाँधी के दामाद राबर्ट वढेरा को हुआ| अपने इन आरोपों के समर्थन में कुछ नए दस्तावेज भी प्रेस को मुहैय्या करवाए गए|
कुछ दिन पहले जनलोकपाल के सहारे राजनीति की राह पकड़ने वाले केजरीवाल ने कहा था कि डीएलएफ़ समूह ने गलत तरीकों से रॉबर्ट वाड्रा को 300 करोड़ रुपयों की संपत्ती कौड़ियों के दामों में दे दी.|यहाँ तक कि

अरविन्द केजरीवाल ने डी एल ऍफ़+ वढेरा और हरियाणा सरकार की मिलीभगत को लेकर श्वेत पत्र की मांग की

८५ करोड़ रुपयों का असुरक्षित कर्ज़ और एक कंपनी सेज में ५०% शेयर भी दिए|
केजरीवाल ने आज इन आरोपों को आगे ले जाते हुए कहा कि हरियाणा सरकार डीएलएफ को पिछले 10 सालों में दिए गए फायदों पर श्वेत पत्र जारी करे.
केजरीवाल ने कहा, कि हरियाणा सरकार ने 350 एकड़ ज़मीन 1700 करोड़ में दी थी.
हरियाणा का कहना था कि डीएलएफ को कोई फायदा नहीं पहुंचाया गया था बल्कि इसके ज़मीन देने के लिए अंतरराष्ट्रीय ‘बिडिंग’ हुई|इस सफाई की बखियां उधेड़ते हुए . केजरीवाल ने कहा, कि इसके लिए तीन कंपनियां कंटरी हाईटस, यूनिटेक और डीएलएफ ने बिड दिए थे लेकिन केवल डीएलएफ के ही फाइनेशल बिड खोले गए. शेष दोनों को गोल्फ कोर्स बनाने का अनुभव नहीं होने का नया अघोषित टेक्नीकल फाल्ट निकाल कर प्रतिस्पर्द्धा से बाहर कर दिया गया|लेकिन एक वेबसाइट से पता चला कि दोनों के डीएलएफ से अधिक ‘बिड’ थे.इस तरह से सरकार को भी घाटा पहुंचाया गया| सिंगल टेंडर में इतनी बड़ी डील को फायनल किया गया केनंस आफ फायनेंशियल प्रोपर्टी के नियम की अनदेखी की गई|
केजरीवाल ने कहा, हुडा (एक सरकारी संस्थान) का काम आम लोगों के लिए सस्ते मकान और दूकान आदि बनाना होता है लेकिन उसने सभी से धोखा किया. गांव के किसानों से ज़मीन इसलिए ली थी ताकि घर सड़क और बाकी विकास किया जाए लेकिन ऐसा नहीं हुआ.”
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि राबर्ट वाड्रा के पास कंपनी के ५०% शेयर थे जो उन्होंने अगले साल बेच दिए. उन्होंने कहा कि इस दौरान कुछ तो हुआ होगा…इसके पीछे कुछ न कुछ कहानी है जिसकी जांच होनी चाहिए.”

कांग्रेस का बचाव

इस बीच कांग्रेस ने रॉबर्ट वढेरा का बचाव करते हुए केजरीवाल के आरोपों को खारिज किया है.|कांग्रेस की प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने केजरीवाल के आरोपों का मज़ाक उड़ाते हुए पूछा , ”किसने इन दस्तावेज़ों को प्रमाणित किया है. सारा देश किसानों की ज़मीन पर है. जंगल की ज़मीन पर भी विकास होता है. उन्होंने कहा,क्या राजनीति में आने वालों के बच्चों का बिज़नेस करने का कोई हक नही है?…अरविंद केजरीवाल का अपना कोई स्तर नहीं है और अब उनका स्तर और भी गिर गया है. प्रवक्ता राशिद अल्वी ने अरविन्द के आरोपों को अमान्य करार देते हुए उन्हें कानून का दरवाज़ा खटखटाने को कहा|

भाजपा

बीजेपी ने केजरीवाल के लगाए गए आरोपों के बाद मामले की जांच की मांग की है.

डीएलएफ सेज में वढेरा के हिस्से दारी

केजरीवाल के मुताबिक डीएलएफ ने 2007 में डीएलएफ सेज होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी बनाई। 2008 में इसमें 50 फीसदी हिस्सेदारी रॉबर्ट वढेरा को दी गई। 2009 में शेयर वापस डीएलएफ को बेच दिए गए। आखिर ऐसा क्यों किया गया ? एक साल के भीतर वढेरा ने ऐसा क्या किया कि उन्हें डीएलएफ में 50 % शेयर दे दिए गए। क्या डीएलएफ सेज वढेरा के कंट्रोल में था ? केजरीवाल ने कहा कि उनके पास कई सबूत है। मानेसर , वजीराबाद और गुड़गांव के कई इलाकों के किसानों ने उन्हें सबूत दिए हैं।
अरविंद ने पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट के हवाले से कहा कि हरियाणा सरकार और डीएलएफ के बीच में किसी तरह की साठगांठ है , ‘ यह हम नहीं कह रहे लेकिन , पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने कहा है कि दोनों के बीच में साठगांठ है। गुड़गांव में 30 एकड़ जमीन में हॉस्पिटल बनाना था , जिसकी नोटिफिकेशन जारी किया गया था। लेकिन हॉस्पिटल बनाने के बजाए हरियाणा सरकार ने 9 मार्च , 2007 को इस जमीन कोबनाकर डीएलएफ को सौंप दिया। बाद में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने इसे फैसले को रद्द कर दिया और कहा – इस केस के तथ्यों से साफ होता है कि हरियाणा सरकार और डीएलएफ के बीच में साठगांठ है। दी

डीएलएफ को पहुंचाए गए फायदे..

[१]इस प्रॉजेक्ट के लिए बिड में तीन पार्टियों डीएलएफ , कंट्री हाइट्स और यूनिटेक ने आवेदन किया था। यूनिटेक और कंट्री हाइट्स की बिड खोली तक नहीं गई। उन्हें गोल्फ कोर्स का अनुभव न कहते हुए अयोग्य करार दिया गया। यह कंडीशन बाद में जोड़ी गई थी। यह डीएलएफ को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया। बाद में अखबारों के रिपोर्ट से भी पता चला कि बाकी दो कंपनियों की बिड डीएलएफ से ज्यादा थी। इससे साबित होता है कि डीएलएफ की बिड से सरकार को घाटा हुआ।
[२] उद्योगों के लिए अधिग्रहित जंगल की यह जमीन डीएलएफ को कैसे दे दी गई ?
[३]350 एकड़ में से 75.98 एकड़ जमीन हूडा की थी। 275 एकड़ जमीन की थी। हूडा ने इंडस्ट्रीज को बढावा देने के लिए अधिकृत जमीन का इस्तेमाल रेजिडेंशल यूज के लिए किया। आखिर डीएलएफ को यह जमीन इस तरह कैसे ट्रांसफर की गई ?

रॉबर्ट वढेरा को क्या बचाया जा रहा है ?

अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस से सवाल पूछा कि वढेरा को क्यों बचाया जा रहा है। अरविंद ने कहा कि जिस तरह से हर मंत्री वढेरा के बचाव में उतर आया है | वह शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि पहले वित्त मंत्री पी चिदम्बरम कहते हैं कि यह दो प्राइवेट पार्टिओं में हुए प्राईवेट ट्रांजेक्शन का है इसीलिए इसकी जाँच नहीं होगी|आज अरविन्द केजरीवाल की प्रेस कांफ्रेंस से पहले इंडस्ट्रीज मंत्री वीरप्पा मोइली कहते हैं की राबर्ट वढेरा की कंपनियों की जांच कर ली गई है और सब कुछ ठीक है यानि क्लीन चिट दे दी गई है| प्रवक्ता राशिद अल्वी केजरीवा के कागजात को सबूत नहीं नहीं मानते| केजरीवाल कि प्रेस कांफ्रेंस के साथ ही स्वयम भी अलग पत्रकारों को सम्भोधित संबोधित करते हुए कहते हैं कि केजरीवाल को कोर्ट में जाना चाहिए|यानि ये भी जांच को तैयार नहीं हैं| एक प्रश्न के उत्तर में आश्चर्यजनक रूप से पहले कहते हैं कि वीरप्पा मोइली और पी चिदम्बरम ने क्या कहा उन्हें इसकी जानकारी नहीं है फिर दुसरे प्रश्न के उत्तर में दोनों को डिफेंड करने लगते हैं|

नया खुलासा

अरविंद केजरीवाल ने लोगों से अपील की कि अब देश की राजनीति को बदलने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि वह आगे भी करप्शन के मामले सामने लाते रहेंगे , ताकि जनता को सचाई का पता चल सके। अरविंद ने कहा कि वह 16 अक्टूबर को एक और खुलासा करेंगे।
सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा को कांग्रेस के मंत्रियों की क्लीन चिट पर भी केजरीवाल ने उंगली उठाई है. खासकर वित्त मंत्री पी चिदंबरम रहे केजरीवाल के निशाने पर थे. वाड्रा को चिदंबरम के क्लीन चिट देने के मामले पर केजरीवाल ने पूछा है कि क्या पी चिदंबरम वढेरा के इनकम टैक्स अफसर हैं ?

अब राबर्ट वढेरा के साथ हरियाणा सरकार भी घेरे में हैं|श्वेत पत्र की राजनीती किसी काम आयेगी? महाराष्ट्र में घोषणा करने के बावजूद भी श्वेत लाने में मुख्यमंत्री असहज महसूस कर रहे है अब हरियाणा में भी श्वेत पत्र की मांग उठाने से कांग्रेस की स|रकार और पार्टी की नियत और नीति दोनों पर सवाल उठने लगे हैं| डी एल ऍफ़ की कम्पनी में राबर्ट की ५०% की भागेदारी के आज के खुलासों से मामला सीधे सीधे राबर्ट वढेरा और हरियाणा सरकार के बीच का बनता जा रहा है| जिस तरह से कांग्रेस इस मामले को हेंडल कर रही है उससे कांग्रेस के पालिटिकल इमेज पर भी सवालिया निशाँ लग रहे हैं|जिनका तात्कालिक असर गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनावो में पड़ सकता है| अब जब एक व्यक्ति की निज़ी ट्रांजेक्शन को बचाने के लिए कांग्रेस के बड़े बड़े नेता और केंद्र में मंत्री के साथ हरियाणा के मुख्य मंत्री मीडिया के चक्कर लगा रहे हैं और तत्काल आरोपों का ख़ारिज किया जा रहा है उससे यह सन्देश जा रहा है की सरकार कहीं ना कहीं अरविन्द केजरीवाल के आरोपों से खुद को घिरा हुआ महसूस कर रही है और आरोपों को महत्त्व दिया जा रहा है|ऐसे में उसी एक महत्वपूर्ण व्यक्ति को पाक साफ़ साबित करने के लिए एक जांच कमिटी भी बैठाई जा सकती है|यह कांग्रेस के अहम् को बेशक नागवार गुजरे मगर वर्तमान में गुजरात और हिमाचल प्रदेश में होने वाले चुनावों में उतरने के लिए महत्वपूर्ण औजार साबित हो सकता है

स्टेम सेल के निर्माण में कामयाबी हासिल करने पर जॉन और शिन्या को संयुक्त नोबल पुरुस्कार

क्रांतिकारी खोज के अनुसार अब व्यस्क शरीर के सेलों को फिरसे भ्रूण स्थिति में रिप्रोग्राम करना संभव होगा| इसकी खोज करने वाले दो वैज्ञानिकों ब्रिटिश वैज्ञानिक जॉन गुरडन और जापान के शिन्या यामानाका को संयुक्त रूप से सवा छह करोड़ रुपयों के नोबल पुरूस्कार की घोषणा की गई है|शरीर की सामान्य कोशिकाओं से स्टेम सेल बनाने में कामयाबी हासिल करने वाले जापान और ब्रिटेन के इन वैज्ञानिकों को स्वीडिश केरोलिंस्का इंस्टीट्यूट की नोबेल समिति द्वारा इस साल के संयुक्त रूप से चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार दिया गया है। इंस्टीट्यूट द्वारा जारी बयान के मुताबिक इन महत्वपूर्ण खोजों से कोशिकाओं के विकास को लेकर हमारा नजरिया बदल गया। इस खोज से नई स्टेम कोशिकाओं के निर्माण का तरीका सामने आया, जो प्रौढ़ कोशिकाओं को फिर उस पुरानी समर्थ स्थिति में ले जा सकेगा| अर्थार्त बीमार लोगों की त्वचा से प्राप्त कोशिकाओं से उनकी बीमारियों के बारे में पता लगाया जा सकेगा और उनके उपचार में मदद मिल सकेगी।इस क्रांतिकारी खोज की मदद से भविष्य में नष्ट हो चुके अंगों को भी विकसित किया जा सकेगा|।इस तकनीक का विकास हुआ तो बहुत संभव है कि आगे चल कर हमें कोशिकाओं को बदलने की तकनीक का भी ज्ञान हो जाए.मसलन त्वचा और ब्लड कोशिकाओं से दिमाग़ और दिल की कोशिकाएं तैयार कीजा सकेंगी|आज कल हालीवुड की अनेको फिल्मों में यह चमत्कार के रूप में दिखाया जा रहा है जिसे अब वैज्ञानिक स्तर पर

स्टेम सेल के निर्माण में कामयाबी हासिल करने पर जॉन और शिन्या को संयुक्त नोबल पुरुस्कार

संभव कर दिखाया गया है|
ब्रिटिश वैज्ञानिक जॉन गुरडन और जापान के शिन्या यामानाका पुरस्कार के तौर पर मिलने वाली 12 लाख डॉलर (करीब 6.25 करोड़ रुपये) की राशि बराबर से साझा करेंगे।
गौरतलब है कि नोबेल पुरस्कार की श्रेणी में सबसे पहले चिकित्सा के क्षेत्र में अवार्ड घोषित किए जाते हैं।[१] मंगलवार को भौतिक,[२] बुधवार को रसायन,[३] गुरुवार को साहित्य और[४] शुक्रवार को शांति के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार की घोषणा की जाएगी। वार्षिक नोबेल पुरस्कारों की घोषणा अक्टूबर में होती है और हर साल 10 दिसंबर को दिए जाते हैं यह तारीख इस पुरस्कार के संस्थापक और डायनामाइट के आविष्कारक अलफ्रेड नोबेल की बरसी की तिथी है|
यह पुरस्कार 1901 से दिया जा रहा है. 1901 से 2011 तक 853 लोगों या संस्थानों को ये पुरूस्कार प्रदान किये जा चुके हैं| अब तक 199 लोगों को चिकित्सा क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार दिए जा चुके हैं. इस वर्ष के विजेता [१]शिन्या यमनाका – जापान की क्योटो यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता हैं। इनकी उम्र पचास साल है।
[२] सर जॉन गर्डन – जॉन कैंब्रिज के गर्डन इंस्टीट्यूट से ताल्लुक रखते हैं। उन्यासी वर्षीय गर्डन एक ब्रिटिश हैं।

अमृत हमारे शरीर में है इसीलिए अंतर में शब्द से जुड़ना होगा

गुरु अर्जुनदेव जी की अमृत वाणी
सभ किछु घर महि बाहरि नाही
बाहरि टोलै सो भरमि भुलाही |
गुरपरसादी जिनी अंतरि पाइया |
सो अंतरि बाहरि सुहेला जीउ |
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अमृत हमारे शरीर में है इसीलिए अंतर में शब्द से जुड़ना होगा


भाव : जो कुछ है हमारे शरीर में है , बाहर कुछ भी नहीं है , वे समझा रहे हैं कि अमृत हमारे
शरीर में है | इस समय आत्मा इस शरीर रुपी घर में है | जो कुछ हमने पाना है वह इस
शरीर के भीतर है | जो इन्सान बाहर ही भटकता रहता है , वह माया के भ्रम में फँसा रह
जाता है | परन्तु जिसने गुरु की कृपा से अपने अन्दर अमृत पा लिया , फिर तो वह इन्सान
अन्दर और बाहर अमृत से भर जायेगा | अगर हमें दुखों से दूर होना है , अपने आपको सही
रूप से जानना है तो अंतर में शब्द से जुड़ना होगा |
वाणी : गुरु अर्जुनदेव जी
पंचम सच्चे पादशाह गुरु अर्जन देव जी गुरु राम दास जी के सबसे छोटे सुपुत्र थे |इनका जन्म संवत १६२० की वैसाख वडी सात [१५ -४-१५६३] को हुआ |गुरु जी ने हरमिंदर साहेब की नीवं एक मुस्लिम संत हजरत मियाँ से दिसंबर १६४४ को रखवाई और साम्प्रदाईक सौहार्द की नीवं रखी| गुरु जी ने तरनतारण साहेब + करतारपुर+ हरगोबिन्द पुर जैसे शहरों की नीवं रखी| गुरु जी ने लाहौर में भी एक बाओली का निर्माण कराया था मगर तत्कालीन शहंशाह ने उसे खत्म करवा दिया इसके बाद महाराजा रंजीत सिंह ने इसका जीर्णोद्धार कराया लेकिन १९४७ में उन्मादी भीड़ ने इसे फिर बंद करा दिया|
प्र्स्तुति राकेश खुराना

जम्‍मू व कश्‍मीर विधानसभा में आज सोमवार को तीन युवकों ने बेरोजगारी बम फोड़ा

जम्‍मू व कश्‍मीर विधानसभा में आज सोमवार को तीन युवकों ने बेरोजगारी बम फोड़ा | जम्‍मू व कश्‍मीर की ग्रीष्म कालीन राजधानी श्रीनगर में एक युवक विधानसभा में विजिटर गैलरी से सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सभापति के आसन के सामने कूद गया। इस दौरान युवक के दो अन्य साथी प्रेस गैलरी में खड़े होकर नारेबाजी कर रहे थे और झंडे लहराने लगे| ये युवक रोजगार नीतियों को लागू करने की मांग करते हुए भारत माता की जय के नारे लगा रहे थे।

जम्‍मू व कश्‍मीर विधानसभा में आज सोमवार को तीन युवकों ने बेरोजगारी बम फोड़ा


उसी समय स्पीकर के आदेश पर मार्शलों ने उन्हें बाहर घसीट कर निकाल दिया| प्र्रप्त जानकारी के अनुसार । स्पीकर मुहम्मद अकबर लोंद ने युवकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। तीनों युवक रोजगार नीतियों को लागू करने की मांग करते हुए ‘भारत माता की जय’ के नारे लगा रहे थे। युवकों के इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सदन के भीतर तैनात मार्शल हरकत में आ गए और तीनों को घसीट कर बाहर कर दिया। इस दौरान एक युवक की शर्ट बुरी तरह से फट गई। विरोध कर रहे युवक जम्मू के रहने वाले बताए गए हैं।
उल्लेक्नीय है की अभी बीते दिन कांग्रेस के युवा नेता राहुल गांधी जे & के में रोज़गार के अवसर बढाने के लिए बड़े उद्योग पतिओं को ले कर गए थे और विकास के लिए शांति बहालीकी अपील भी की थी|

आशा भोंसले की डायवोर्सी बेटी वर्षा भोंसले ने डिप्रेशन में खुद को गोली मारी

आशा भोंसले की डायवोर्सी बेटी वर्षा भोंसले ने डिप्रेशन में खुद को गोली मारी

बॉलीवुड की मशहूर गायिका आशा भोंसले की बेटी श्रीमति वर्षा भोंसले[तलाकशुदा] ने सोमवार को अपने सिर में गोली मार कर आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार वर्षा ने दक्षिण मुंबई पैडर रोड स्थित अपने घर ‘प्रभु कुंज’ में लायसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली।वर्षा स्वयम एक गायिका के साथ साथ स्वतंत्र पत्रकार भी थीं। बताया गया है कि 55 वर्ष की वर्षा ने इससे पहले भी दो बार आत्महत्या का प्रयास किया था। खबर मिलते ही उन्हें तत्काल पास के जसलोक अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सुसाईड के कारण या सुसाईड नोट के विषय में सवाल निरुत्तर रहे हैं|वहां से एक खोखा भी मिला है।
घटना के वक्‍त घर पर आशा भोंसले या उनकी बहन लता मंगेशकर घर पर नहीं थीं। आशा सिंगापुर में एक अवॉर्ड फंक्शन में हिस्सा लेने गई थीं। घटना की जानकारी मिलते ही वह मुंबई के लिए रवाना हो गईं।
वर्षा कुछ हिंदी और मराठी फिल्मों के लिए गाना गा चुकी हैं साथ ही अपनी मां के साथ कंसर्टो में भी भाग लेती थीं। इसके साथ ही वर्षा समाचार पत्रों+, पत्रिकाओं व वेबसाइटों में लेख भी लिखती थीं। उनकी शादी विज्ञापन की दुनिया से जुड़े हेमंत से हुई थी। बाद में दोनों का तलाक हो गया।।, आशा भोंसले के इसी फ्लैट के पड़ोस का फ्लैट सुर-कोकिला कहीं जानेवाली लता मंगेशकर का है। बताया जा रहा है कि इसी अपार्टमेंट में मंगेशकर परिवार के बाकी सदस्यों के भी फ्लैट्स है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आज सोमवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों ने गोली चलने की आवाज सुनी। गोली सुनते ही अफरा-तफरी मच गई।
बताया जा रहा है कि वर्षा पिछले कई साल से डिप्रेशन में थी।
इस आत्म हत्या से कई सवाल उठाये जा रहे हैं
[१] जब मंगेशकर-भोंसले परिवार को मालूम था कि वर्षा भोंसले ने पहले भी सुसाइड करने की कोशिश की हैं, तो फिर पिस्तौल जैसा घातक हथियार उसकी पहुंच में कैसे आने दिया गया? क्या परिवार के लोगों को इस बात की भनक नहीं लग पाई कि वर्षा अकेली रहने पर डिप्रेशन में जाने लगती है?[२] इतना ही नहीं ग्लैमर की दुनिया के लोगों की इस तरह की मौत उस चमकीले, रुपहले परदे के पीछे के स्याह, घने अंधेरे की ओर भी इशारा करती है, जिसमें कभी स्टार रहने वाला व्यक्ति बिलकुल अकेला रह जाता है और अपनी जिंदगी खत्म कर देता है,

बिजली बिल का पक चुका ज्वलंत मुद्दा कब्जाने को केजरीवाल ने आज पसीना और विजय गोयल ने आंसू बहाए

दिल्ली में बिजली बिल पर आज सोमवार को हाईवोल्टेज राजनीतिक ड्रामाई अंदाज़ में विरोध और प्रदर्शन हुआ| इंडिया अगेंस्ट करप्शन के अरविन्द केजरीवाल ने जहां लोक पाल की टोपी पहन कर कटे हुए कनेक्शन जोड़ने में पसीना बहाया वहीं भाजपा के विजय गोयल गांधी टोपी पहन कर आये और डीईआरसी पर बिजली के पक चुके मुद्दे को छीनने का भरपूर प्रयास किया|इस दौरान उन्होंने उपभोक्ताओं के समर्थन में आंसू भी बहाए | लोगों की शिकायतें सुनने के लिए आज दिल्ली की डीईआरसी ने जन सुनवाई का आयोजन किया था| इस बैठक में विजय गोयल की अगुवाई में बीजेपी और अरविंद केजरीवाल के बीच बिजली के मुद्दे की छीना झपटी साफ दिखाई दी| श्री केजरीवाल ने बिजली के मुद्दे पर काफी क्रेडिट बटौर लिया है| बीजेपी को लगता है कि ये लोकप्रिय मुद्दा उसके हाथ से निकल ना जाए| लिहाज़ा, बीजेपी भी इस मुद्दे पर अपनी आवाज़ ऊंची करने में लग गई है|. बताते चलें कि अभी तक दिल्ली की राजनीती में केवल भाजपा और कांग्रेस ही चाई हुई थे मगर अब बिजली बिल के मुद्दे ने केजरीवाल को भी जमीन दे दी है| चूंकि दिल्ली में बिजली की बढ़ी कीमतों के विरोध में बीजेपी अपना मुकाबिला अरविंद केजरीवाल से समझ रही है सो इससे पहले कि टीम केजरीवाल मालवीय नगर में डीईआरसी के दफ्तर पहुंचती, बीजेपी के कार्यकर्ता वहां पहुंचे और धरना शुरू कर दिया।केजरीवाल और विजय गोयल ने डीईआरसी का घेराव भी किया।
बीजेपी कार्यकर्ताओं ने डीईआरसी के दफ्तर में तोड़फोड़ भी की।मुख्य द्वार को क्षति पहुंचाई | केजरीवाल की टीम के लोग सफेद टोपी लगाकर आंदोलन करते हैं, जबकि विजय गोयल और उनकी टीम के लोगों ने काली टोपी पहनकर प्रदर्शन किया। एक समय अजीबोगरीब स्थिति हो गई|विजय गोयल गरीबों की दुहाई देते- देते भावुक हो गए और रोने लगे। आज केजरीवाल को दिल्ली के मालवीय नगर में डीईआरसी के दफ्तर के सामने धरना देने आना था लेकिन केजरीवाल के पहुंचने से पहले पहुंच गए बीजेपी के महासचिव विजय गोयल अपने समर्थकों के साथ और उसके बाद हुआ खूब ड्रामा.विपक्ष की दावेदारी में बीजेपी नेता विजय गोयल ने बहाए आंसू. बिजली को लेकर अरविंद केजरीवाल की पार्टी पहले से ही आंदोलन कर रही है और जब केजरीवाल को लोगों का समर्थन मिल रहा है तो अब बीजेपी भी मैदान में उतर आई है
अब केजरीवाल सवाल पूछ रहे हैं कि अब तक बीजेपी कहां थी. केजरीवाल जो सवाल बीजेपी नेताओं से पूछ रहे हैं वो एक मायने में जायज भी है, लेकिन इस कहानी का क्लाइमेक्स अभी बाकी है.
दोपहर करीब डेढ बजे अपना अलग मंच बनाने के बजाये बीजेपी के मंच पर पहुंच गए केजरीवाल|उनकी बगल में खड़े थे विजय गोयल| इस जगह भी केजरीवाल विजय गोयल और बीजेपी नेताओं को जमकर खरी खोटी सुनाने में पीछे नहीं हटें
गौरतलब है कि बिजली को लेकर केजरीवाल इन दिनों शीला सरकार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोले हुए हैं.|दिल्ली में बीजेपी की हालत पहले से पतली है और केजरीवाल को मिल रहे जनसमर्थन ने अब बीजेपी नेताओं को इस हाल में आने को मजबूर कर दिया है.बीजेपी का बिजली मुद्दा लपकना यह जता रहा है कि यह अरविंद केजरीवाल के हाथों मुद्दा जाने का डर था। केजरीवाल और बीजेपी नेता विजय गोयल ने इस मौके पर मंच भी बांटा |
केजरीवाल ने सवाल उठाया कि आखिर वह दरें घटाने की कॉपी क्यों दबाकर बैठी है? मुख्य विपक्षी पार्टी होकर भी बीजेपी ने ये मु्द्दा न तो संसद में और न ही विधानसभा में उठाया। केजरीवाल ने कहा कि हमें किसी तरह का क्रेडिट नहीं चाहिए लेकिन बीजेपी-कांग्रेस दोनों ही आपस में मिले हुए हैं।
बताया जा रहा है कि डीईआरसी की नई योजना के मुताबिक पहले स्लैब में बदलाव कर 0 से 200 यूनिट तक की बिजली को 3 रुपये 70 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से ही फिक्स किया जाएगा। 200 से 400 यूनिट तक का रेट 5 रुपये 70 पैसा रखा जाएगा। यानी दूसरे स्लैब में बिजली की दर में एक रुपये का इजाफा हुआ जबकि 400 से ज्यादा यूनिट के लिए 6 रुपये 40 पैसे के हिसाब से बिल देना होगा।इसके अलावा फिक्स्ड रेट्स भी बड़ा दिए गए हैंजिसके फलस्वरूप चार से पांच गुना अधिक के बिल रहे हैं| केजरीवाल ने बिलों का भुगतान नहें करने और बिलों को जलाने का आह्वाहन किया हुआ है|बिल का भुगतान नहीं करने पर कनेक्शन काटे भी जा रहे हैं|एक बार कनेक्शन जोड़ देने पर दोबारा कनेक्शन काट दिए गए हैं|इससे लोगों में असंतोष और देश की राजधानी में अराजकता के बीज जमने लग गए हैं|

गुरु ही हमारे ध्यान को प्रभु की ज्योति और श्रुति से जोड़ते हैं

हरि किरपा जो होय तो , नाहीं होय तो नाहिं |
पै गुर किरपा दया बिन , सकल बुद्धि बहि जाहिं ||
राम तजूं पै गुरु न बिसारूँ ,
गुरु के सम हरि कूँ न निहारूँ |
वाणी : सहजोबाई जी
भाव : यहाँ सहजोबाई जी हमें गुरु की महिमा के बारे में समझा रही हैं कि अगर प्रभु की कृपा हो तो
बहुत अच्छी बात है , नहीं भी होती तो भी कोई बात नहीं परन्तु यदि गुरु कृपा न हुई तो हम
बुद्धि रुपी अन्धकार यानि अपराविद्या में ही लगे रहेंगे और पराविद्या की ओर नहीं जायेंगे |
यदि किसी गुरु की छत्रछाया में हम नहीं पहुँचते तो हमारी जिंदगी व्यर्थ हो जाती है |
वे कहतीं हैं राम यानि परमात्मा को तो मैं छोड़ सकती हुईं लेकिन मैं अपने गुरु को कभी भी
नहीं भूल सकती तथा गुरु और परमात्मा यदि साथ – साथ खड़े हों तो मैं गुरु की ही ओर देखती
रहूंगी परमात्मा की ओर बिलकुल नहीं देखूंगी क्योंकि प्रभु की प्राप्ति केवल गुरु द्वारा ही संभव है |
गुरु ही हमारे ध्यान को प्रभु की ज्योति और श्रुति से जोड़ते हैं
संत कबीर दास जी भी कहते हैं :-
हरि रूठे को ठौर है , गुरु रूठे नाहीं ठौर |
प्रस्तुति राकेश खुराना

सुपर टेक पाम ग्रीन के खिलाफ भी आर डब्लू ऐ ने अवज्ञा आन्दोलन छेड़ दिया है

मेरठ में भी लगता है कि इंडिया अगेंस्ट करप्शन के आन्दोलन का असर होने लग गया है |यहाँ के एक प्रमुख कालोनाईज़र सुपर टेक पाम ग्रीन के खिलाफ भी आर डब्लू ऐ ने अवज्ञा आन्दोलन छेड़ दिया है
|हापुड़ बाई पास[ दिल्ली रोड]स्थित पाम ग्रीन रेसीडेंसी की रेसिडेंट वेल्फैर एसोसिएशन ने आज कालोनाईज़र बिल्डर सुपरटेक पाम ग्रीम के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है और बड़ी हुई दरों पर मेंटिनेंस और जेनेरेटर बेक अप शुल्क देने से इनकार कर दिया है|गौर तलब है कि मेंटिनेंस शुल्क को ५०% और जेनेरेटर बेक अप को ३०% बड़ा दिया गया है|रेसिडेंट्स का आरोप है कि सुविधाओं के नाम पर जीरो होने के उपरान्त भी टेक्स लगातार बढाए जा रहे हैं|इस अन्याय का पुरजोर विरोध किया जाएगा |

सुपर टेक पाम ग्रीन के खिलाफ भी आर डब्लू ऐ ने अवज्ञा आन्दोलन छेड़ दिया है

पेंशन में ऍफ़ डी आई का विरोध केन्द्रीय कर्मिओं की कन्फेडरेशन भी करेगी

केन्द्रीय कर्मिओं के वेतन से की जाने वाली पेंशन कटौती के लिए अब विदेशी बाज़ार खोलने की घोषणा से वाम पंथी दलों के साथ केन्द्रीय कर्मिओं में भी उबाल आने लगा है| वाम पंथी पोलित ब्यूरो ने एक स्टेटमेंट जारी करके केंद्र सरकार की पेंशन में ऍफ़ डी आई की नीति की कड़ी आलोचना की है| लेफ्टिस्ट विचारानुसार कर्मिओं की जमा पूंजी के साथ इसे पेंशन नीति को खतरनाक खिलवाड़ बताया है| और पोलित ब्यूरो ने इस घातक नीति का जम कर विरोध करने का आह्वाहन किया है|पोलिटिकल दलों से संसद में भी एकजुटता दिखाने का अहवाह्न किया है|

पेंशन में ऍफ़ डी आई का विरोध केन्द्रीय कर्मिओं की कन्फेडरेशन भी करेगी

गौरतलब है की एन डी ऐ सरकार के समय से ही केंद्र सरकार के कर्मिओं की पेंशन के लिए कटौती के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी गई थी जिसके फलस्वरूप नए भर्ती कर्मिओं के वेतन से भविष्य में पेंशन के लिए वर्तमान वेतन से कटौती की जारही है अब इसी पेंशन के ४९% तक के लिए विदेशी निवेशकों को आमंत्रित किया जा रहा है जो बाज़ार के उतार चड़ाव के अनुसार ही पेंशन का लाभ या हानि देगा| चूंकि पहले स्वयम भाजपा ने इस नीति का समर्थन किया था इसीलिए उससे इस नीति का विरोध की अपेक्षा बेकार होगी| केंद्र सरकार के कर्मिओं ने पहले भी इसका विरोध किया था अब फिर केंद्र सरकार के कर्मिओं की कन्फडरेशन ने दिल्ली में इसके विरोध का बीड़ा उठा लिया है|लगता है की बरसों से बसते में बंद रखा लाल झंडा एक बार फिर दिल्ली में लहराने जा रहा है| बेशक हाल के दिनों में कार्यालयों में कर्मिओं की संख्या बेहद कम हुई है| अधिकाँश पद खाली हैं|महत्वपूर्ण और अनेक मलाई दार पदों पर एक ही अधिकारी या कर्मचारी की तैनाती है शायद इसीलिए एयर इंडिया+किंग फिशर+मारुती सुजुकी+आदि में विरोध का लाल निशान फीका पडा मगर अब इस पेंशन के केस में लाखों कर्मी की सेविंग को दावं पर लगाया जा रहा है इस जमा पूंजी से ही कर्मी और उसका परिवार का भविष्य सुरक्षित हो सकता है|मगर आरोप लगाए जा रहे हैं की इस सुरक्षा के दायरे से विदेशिओं को बाहर रखा जा रहा है|ऐसे में दिल्ली में सड़क से लेकर संसद तक जोर आजमाईश जोर शोर से ही होगी|

आज का फोटो : कौन है जो वृद्धों की वृद्धावस्था सुधारे

आज का फोटो :
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फोटो में दिखाया गया है कि एक बुजुर्ग लाचार सड़क के बीचों बीच बैठा है \यह कोई कबीर पंथी नहीं है जो चौराहे पर बैठ कर सबकी खैर मांग रहा हो| यह आत्म हत्या के लिए भी भारी ट्रैफिक के बीच नहीं बैठा है|यह भीख भी नहीं मांग रहा है इतने सारे नहीं होने पर एक सवाल जरुरु उठता है कि इसने यह गांधी वादी रास्ता क्यूं चुना |इस यक्ष प्रश्न का उत्तर जानने के लिए शहर कि नब्ज़ टटोलना जरुरी है|डाक्टरों की हड़ताल के चलते शहर में डाक्टरों ने जुलुस निकाला और जगह जगह जगह जाम लगाया | आइएमए हॉल से ईब्ज चौराहा, ईके रोड, मेघदूत क्रासिंग, मवाना स्टैंड, कमिश्नर चौराहा, जेल चुंगी, विवि रोड एवं तेजगढ़ी चौराहे से लेकर कमिश्नरी चौक तक निकाले गए इस जुलुस से जगह जगह ट्रैफिक जाम हो गया |सिटी सेंटर और स्टार प्लाजा के बीच भी कमोबेश यहे स्थिति थी ऐसे में यह देहात परिवेश का यह बीमार लाचार बुजुर्ग सड़क क्रास नहीं कर पाया और घबरा कर बीच सड़क पर ही बैठ गया ]शुक्र है कि कोई एक्सीडेंट नहीं हुआ वरना डाक्टरों की हड़ताल के चलते इस बेचारे को इलाज भी मुहैय्या नहीं हो पाता http://jamosnews.com/