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Category: Social Cause

एल के आडवाणी के ब्लॉग से

एन डी ऐ के वरिष्ठ नेता एल के आडवाणी ने अपने ब्लॉग में कांग्रेस के पूर्व मंत्रिओं के हवाले से ऍफ़ डी आई का विरोध दर्ज़ कराया है|श्री आडवाणी ने लिखा है कि कंग्रेस के वरिष्ठ सांसद प्रिय रंजन दास मुंशी ने एन डी ऐ की सरकार के कार्यकाल में प्लानिंग कमीशन पर जी ओ एम् की रिकोमेंडेशन नहीं होने के उपरान्त ऍफ़ डी आई की वकालत का आरोप लगाया गया था|कांग्रेस रिटल में ऍफ़ डी आई का जम कर विरोध किया था कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद मुंशी ने कांग्रेस का न्रेतत्व करते हुए

L K Advani

एन डी ऐ की सरकार में ऍफ़ डी आई का जम कर विरोध किया था और खुदरा व्यापार में ऍफ़ डी आई को देश द्रोह करार दिया था| दसवें पञ्च वर्षीय यौजना में प्लानिंग कमीशन के प्रस्ताव का श्री मुंशी ने कहा था कि विदेशी रिटेलर्स के प्रभाव में भारतीय नौकर शाही ऍफ़ डी आई के लिए दबाब बना रही है|
श्री मुंशी के इस आरोप के जवाब में तत्कालीन कामर्स & इंडस्ट्रीज मिनिस्टर अरुण शौरी ने खड़े हो कर कहा था कि रिटेल में ऍफ़ डी आई की इजाज़त नहीं है|

चौथा राम सबसे न्यारा है वही सृष्टि का कर्ता-धर्ता है

Sant Kabir Das

एक राम दशरथ का बेटा , एक राम घट-घट में बैठा
एक राम का सकल पसारा , एक राम सबहूँ ते न्यारा
अर्थात: कबीर साहब के कथनानुसार राम चार प्रकार के हैं , उन्होंने फ़रमाया है :-
[ एक राम]
तो राजा दशरथ के पुत्र थे जिन्होंने यहाँ राज किया . वो एक आदर्श पुत्र , आदर्श पति ,
आदर्श भाई तथा आदर्श राजा थे . जब भी हम अपने मुल्क की बेहतरी की दुआ करते हैं तो यही
कहते हैं कि यहाँ राम राज्य हो जाए.
[दूसरा वो राम है,]
जो हमारे घट – घट में बैठा है और वो है हमारा मन . उसका`काम है कि वो हमें
परमार्थ के रास्ते में तरक्की न करने दे , यद्यपि हमारा मन भी ब्रह्म का अंश है , ब्रह्म का स्रोत है
परन्तु वह अपने स्रोत को भूल चूका है और संत हमें समझाते हैं कि ” मन बैरी को मीत कर ”
[ तीसरा वो राम है]
जिसका ये सारा पसारा है इसमें माया भी है , काम – क्रोध – लोभ – मोह – अहंकार
भी है बाकि भी हर तरह की कशिश है , हमें इनसे बचने का प्रयास करना है .
[चौथा राम]
सबसे न्यारा है , सबसे ऊंचा है ,सबसे बड़ी ताकत है , वही इस सृष्टि का कर्ता-धर्ता है ,
हमारे जीवन का लक्ष्य तभी पूरा होता है जब हम , जितनी भी अवस्थाएँ हैं , उन सबसे गुजरकर प्रभु
को पा लें. संत जब भी बात करते हैं , वो उसी राम का जिक्र करते हैं
संत कबीर वाणी
प्रस्तुती राकेश खुराना .

सावन कृपाल रूहानी मिशन में सत्संग और भजन सिमरन हुआ

वेस्ट एंड रोड स्थित सावन कृपाल रूहानी मिशन में आज रविवासरीय सत्संग और भजन सिमरण हुआ | इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्र्धालूओं ने श्रधा भक्ति में लीन भक्तिरस का आनंद लिया|इस अवसर पर होम्यो पैथी का शिविर भी लगाया गया और दवाएं वितरित की गई| सुरेन्द्र कपूर|किशन बजाज +यशपाल+अनुज+मोहन लाल +राम पाल आदि ने सक्रीय भूमिका निभाई |
आगामी माह में दिल्ली स्थित कृपाल बाग़ में नाम दान होगा|

रालोद के प्रदेश अध्यक्ष बाबा हरदेव सिंह ने ऍफ़ डी आई के विरोध में इस्तीफा दिया

एविएशन में ऍफ़ डी आई से कांग्रेस के अलावा अगर किसी दूसरे राजनीतिक दल को फायदा पहुँच सकता है तो वह है राष्ट्रीय लोक दल [ रा लो द] क्यूँकी इस पार्टी के सर्वोच्च नेता चौधरी अजित सिंह सिविल एविएशन के मंत्री हैं और उनकी रजा मंदी से ही एविएशन में ऍफ़ डी आई को मंजूरी दी गई है लेकिन रालोद के उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष बाबा हर देव सिंह ने इसी मुद्दे पर रा लो द को छोड़ने का ऐलान कर दिया है|
लोकसभा चुनाव के पूर्व राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के अध्यक्ष और केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह व बाबा हरदेव सिंह के बीच एकाएक बड़े इन मतभेदों से स्वयम अजित सिंह और पार्टी को करार झटका लगा है क्यूंकि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पूर्व नौकर शाह बाबा हरदेव सिंह ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है ।
इस्तीफे में कहा गया है कि सैद्धांतिक मतभेदों के कारण यह त्यागपत्र दिया गया है|। यह भी चर्चा में है कि उनके साथ पार्टी से और पदाधिकारी भी रालोद से नाता तोड़ सकते हैं।
बाबा हरदेव का कहना है कि हाल में घटी कुछ घटनायें उनकी खुद की नीतियों से मेल नहीं खाती इसीलिये उन्होंने पार्टी अध्यक्ष अजित सिंह को अवगत करा दिया है। उन्होंने कहा कि डीजल की कीमतों में वृद्धि और खुदरा व्यापार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के वह पहले भी विरोधी रहे हैं और आज भी उसका विरोध करते हैं। ऐसी हालत में वह पार्टी के अध्यक्ष पद पर नहीं रह सकते। बाबा हरदेव सिंह ने कहा कि वह पार्टी की सदस्यता से त्यागपत्र नहीं दे रहे हैं। श्री सिंह ने कहा कि केन्द्र की गलत नीतियों पर उसे समर्थन जारी रखने के सवाल पर वह अपने पद पर बने नहीं रह सकते थे। बाबा हरदेव सिंह ने पार्टी अध्यक्ष अजित सिह को भेजे त्यागपत्र में लिखा है कि वह सैद्धान्तिक कारणों से राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष पद के दायित्वों का निर्वहन करने में असमर्थ हैं।
बाबा ने त्यागपत्र देने वाले पार्टी पदाधिकारियों से कहा कि विरोध उनका[बाबा] है लिहाजा वह[पदाधिकारी] इस्तीफा नहीं दें लेकिन अभी कुछ और नेताओं द्वारा इस सवाल पर पार्टी छोड़ने की चर्चा होने लगी है| श्री सिंह के अलावा इस्तीफा देने वालों में आईटी एवं मीडिया प्रकोष्ठ अध्यक्ष विशाल सिंह + प्रदेश महासचिव मध्य जोन विजय विक्रम सिंह+अध्यक्ष छात्र प्रकोष्ठ शशांक सिंह+ उपाध्यक्ष छात्र प्रकोष्ठ अनिल सिंह तथा अधिवक्ता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अंकुर सिंह के नाम सामने आ रहे हैं|

गुरु धीरे -धीरे हमें शरीर और शारीरिक व्यापार से ऊपर ले जाता है .


मेरी नज़र का हुस्न भी शरीके हुस्न हो गया
वो और भी निखर गए वो और भी संवर गए

अर्थात गुरु खूबसूरती का स्रोत तो होता ही है मगर ज्यों – ज्यों हम उसकी रहमत से तरक्की
करते चले जाते हैं उसका हुस्न और निखरता चला जाता है , और रोशन होता चला जाता है
और हमें वो ज्यादा खूबसूरत दिखाई देता है . अगर खुशकिस्मती से हमें ऐसा गुरु मिल जाये
तो फिर हमें अपना सब कुछ उस पर न्यौछावर कर देना चाहिए . अगर हम अपना सब कुछ
न्यौछावर कर देंगे तो फिर गुरु धीरे -धीरे हमें शारीर और शारीरिक व्यापार से ऊपर ले
आयेगा . हमारे अन्दर जो असली सूर्य और चन्द्रमा हैं , उनके मण्डलों से गुजारकर गुरु हमें
अपने दिव्य स्वरूप के दर्शन कराएगा और वो दिव्य स्वरूप ज्यादा से ज्यादा रोशन और
सुंदर होता चला जायेगा .
सावन कृपाल रूहानी मिशन आश्रम के संत दर्शन सिंह[१९२१-१९८९] जी महाराज जी की रूहानी शायरी
प्रस्तुती राकेश खुराना

अनमोल ने कराई गणपति बप्पा की पूजा

राष्ट्र भक्ति की भावना से ओत प्रोत अनमोल आनंद ने आज मेरठ के कंकर खेडा में गणपति बप्पा की पूजा अर्चना श्रधा भाव से कराई | गणपति बप्पा मौर्या मंगल मूर्ती तौर्या के जयकारों और ढोल नगाड़ों के साथ महा आरती भी हुई |इस अवसर पर अश्चरज लाल आनंद+संजय आनंद+मन मोहन आनंद+श्रीमती शान्ति+श्रीमती गीता और श्रीमती प्रोमिला आदि उपस्थित थे

आर्थिक विकास की कांफ्रेंस में मन मोहन सिंह की नीतिओं का विरोध


डीजल और एलपीजी की कीमतें बढ़ाने और ऍफ़ डी आई लागू किये जाने के पक्ष में सरकार लाख दलील दे रही है|प्रधान मंत्री ने राष्ट्र के नाम सन्देश में सहयोग+समर्थन और विश्वाश मांगा लेकिन महंगाई के खिलाफ लोगों का गुस्‍सा कम नहीं हुआ है। यूपीए सरकार के कई मंत्रियों को पहले इसके विरोध का सामना करना पड़ा लेकिन अब खुद पीएम मनमोहन सिंह भी इससे नहीं बच सके हैं | आज शनिवार को विज्ञान भवन में आर्थिक विकासपर अन्तराष्ट्रीय स्तर के एक कार्यक्रम के दौरान ३२ वर्षीय संतोष सुमन नामक वकील ने शर्ट उतारकर पीएम का विरोध किया। बाद में बताया गया कि नारे बाजी करने वाला यूं पी ऐ का सहयोगी आर जे डी से जुडा हुआ है|
डाक्टर मन मोहन सिंह आज विज्ञान भवन में आर्थिक विकास पर कॉन्‍फ्रेंस में हिस्‍सा लेने पहुंचे थे। पीएम अपना भाषण देने मंच पर पहुंचे कि सभागार में मौजूद काली पैंट और सफ़ेद शर्ट, में एक व्यक्ति वकीलों के लिए निर्धारित कतार में से उठ कर टेबल पर खड़ा हो गया। उसने अपनी शर्ट निकाल ली और पीएम के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। शख्‍स ने डीजल की बढ़ी कीमतें वापस लेने का विरोध करते हुए नारेबाजी की। उसने कहा, ‘भ्रष्‍ट पीएम वापस जाओ। डीजल में मूल्‍य वृद्धि वापस लो।’ एस पी जी वाले इस शख्‍स को पकड़कर बाहर ले गए। उससे पूछताछ हो रही है। यह शख्‍स वोट के बदले नोट मामले में पीएम के खिलाफ केस चलाने की भी मांग कर चुका है।
कांग्रेस ने घटना की जांच की मांग की है। कांग्रेस प्रवक्‍ता राशिद अल्‍वी ने कहा कि विपक्ष ने देश में जिस तरह का माहौल किया है उससे ऐसी घटनाओं से हैरानी नहीं होती हैं। बीजेपी प्रवक्‍ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि महंगाई से आम आदमी परेशान है लेकिन यह पता करने की जरूरत है कि पीएम के खिलाफ नारे लगाने वाला शख्‍स कौन है। सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश की जनता बहुत गुस्‍से में है। सरकार ‘रिफॉर्म’ के नाम पर ‘डिफॉर्म’ कर रही है। इसलिए ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं।इस हाई सिक्योरिटी विज्ञानं भवन में देश के सबसे हाईली सिक्योर्ड पी एम् के उपस्थिति में इस घटना ने सुरक्षा पर भी प्रश्न चिन्ह लगा दिया है|यह शख्‍स पहले तो विज्ञानं भवन में घुसता है उसके बाद आराम से मेज पर चड़ता है कमीज उतारता है और हट उठा कर लगभग १०-१२ नारे लगाता है|एक अथिति के खड़ा होकर उसे बैठने को कहे जाने पर एस पी जी वाले आकर उसे बाहर ले जाते हैं|बाद में पता चलता है कि बिहार मूल का यह प्रदर्शन कारी एक वकील है और सुप्रीम कोर्ट में भी पंजीकृत है|फेस बुक पर डाउन लोड जानकारी के मुताबिक संतोष सुमन लालू प्रसाद यादव की आर जे डी का है और उसी पार्टी के निमंत्र्ण पत्र के आधार पर भवन में प्रवेश पा सका है|लालू यादव ने भी अपनी छवि खराब होता देख कर दिल्ली के पूरी इकाई को ही भंग कर दिया है|
लेकिन डेमेज जो होना था वोह हो चुका है|अन्तराष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में इस प्रकार से प्रधान मंत्री और उनकी आर्थिक नीतिओं के खिलाफ प्रदर्शन से देश की साख पर सवाल उठना स्वाभाविक ही है|

सच्चे गुरु – भक्त के समक्ष कामवासनाएँ ठहरती नहीं हैं .

लगा रहे सतज्ञान सों , सबही बंधन तोड़
कहैं कबीर वा दास सौं, काल रहै हथजोड़
भाव : कबीर दास जी शिष्य की महिमा बताते हुए कहते हैं , जिसने विषयों से अपने मन को हटा लिया है,
जो सांसारिक बन्धनों से रहित है और सत्य – स्वरूप में जिसकी दृढ निष्ठा है , ऐसे गुरु – भक्त के
सामने तो काल भी सिर झुकाए हुए रहता है अर्थात – मन की लम्बी दौड़ और काम वासना ही
मनुष्य का काल है . एक सच्चे गुरु – भक्त के सामने कामवासनाएँ या कल्पनाएँ ठहरती ही नहीं हैं .
कबीर संत थे या दास यह हमेशा चर्चा का विषय रहा है|वास्तव में कबीर संत और दास दोनों ही थे|उन्होंने एक जुलाहे परिवार में परवरिश पाई थी मगर विचारों से क्रांतिकारी थे उन्होंने एक धर्म या कुरीतिओं में बंधे रहना कभी स्वीकार नहीं किया| संत कबीर की भाषा को पञ्च मेल खिचडी भी कहा जाता है|हिन्दू और मुस्लिम दोनों धर्मो के अनुयायियों ने उन्हें अपनाया है यहाँ तक की वर्तमान में सिख धर्म में भी कबीर की अमृत अमर वाणी का आदर किया गया है|
संत कबीर वाणी
प्रस्तुती राकेश खुराना

ममताविहीन सोनिया की चलेगी अब मनमोहन सरकार

केबिनेट और रेल मंत्री मुकुल राय सहित टी एम् सी कोटे के छहों मंत्रिओं ने आज प्रधान मंत्री डाक्टर मनमोहन सिंह के निवास पर ४ बजे इस्तीफा सौंप दिया| इसके उपरान्त अपने प्रदेश और खुद के सहयोग से बने राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को चिट्ठी सौंप कर केंद्र सरकार से पुर्व घोषित समर्थन भी विड्रा किया| राष्ट्रपति भवन से बाहर आकार इन्होने पत्रकारों को ओपचारिक जानकारी दी | लेकिन प्रधान मंत्री और राष्ट्रपति से उनकी कया बातचीत हुई उसे गोपनीय रखा गया है| अब टी एम् सी के १९ सांसदों के सरकार से बाहर आजाने से केंद्र सरकार के अल्पमत में आ जाने का दावा करते हुए बड़े फैसलें लेने पर रोक लगाये जाने की मांग के साथ फ्लोर आफ दी हाउस पर मेजोरिटी साबित करने की मांग उठ रही है|
इसके जवाब में कानून मंत्री सलमान खुर्शीद और संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल, दोनों ने आत्मविश्वास के साथ आज फिर दोहराया है कि तृणमूल के 19 सांसदों के बाहर हो जाने के बाद भी सरकार के पास 545 सदस्यीय लोकसभा में बहुमत के लिए आवश्यक संख्या बल है।श्री बंसल ने एक टीवी चैनल के साथ बातचीत में कहा कि हमारे पास पर्याप्त संख्या बल है।केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी ने भी ३०० सांसदों के समर्थन का दावा किया है| वित्त मंत्री पी चिदम्बरम कल से कह रहे हैं कि उनके पास पर्याप्त दोस्त हैं|
बेशक १९ सांसदों वाली टी एम् सी सरकार से बाहर हो गई है मगर अभी तक २१ सांसदों वाली बी एस पी और २२ सांसदों वाली एस पी ने अपनी सपोर्ट विड्रा नहीं की है कल तक जो ऍफ़ डी आई +डीजल+गैस को लेकर देश भर में केंद्र सरकार के खिलाफ हड़ताल में अग्रणी भूमिका में थे आज उसी मुलायम सिंह यादव ने साफ कहा है की २२ सांसदों वाली एस पी का सपोर्ट पहले भी कांग्रेस के साथ था और आज भी है|१९ गए २२ सांसद आये इसी एक जुमले से केंद्र सरकार बच गई है|
अब सवाल उठता है कि सत्ता में शामिल एक बड़े घटक[टी एम् सी] के बाहर होजाने पर क्या फ्लोर आफ दी हाउस पर शक्ति परीक्षण जरुर हो जाता है? शायद इन परिस्थितियों में तो जरुरी नहीं लगता|बेशक बाहर से ही सही मगर सपा और बसपा ने पहले से ही समर्थन दिया हुआ है और सत्ता रुड के विरुद्ध कहीं से भी संख्या बल ज्यादा नहीं दिख रहा जाहिर है सरकार कहीं नहीं जा रही |संविधानविद सुभाष कश्यप ने भी एक चेनल पर अपनी राय प्रगट करते हुए कहा है कि जब तक सरकार के खिलाफ विपक्ष के पास संख्या बल हो तभी संसद में शक्ति परीक्षण के लिए विशेष हाउस बुलाया जा सकता है|शायद इसीलिए इसी उत्साह से भरे केंद्र सरकार ने कडाई से ऍफ़ डी आई के लिए अधिसूचना जारी कर दी है इससे शेयर बाज़ार भी संभल गया है| राजनीतिक पंडितों का कहना है कि केंद्र सरकार के इन सुधारात्मक रास्तों में सबसे बड़े रोड़े के रूप में तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी और सुश्री ममता बेनर्जी को याद किया जाता है अब चूंकि प्रणव मुख़र्जी राष्ट्रपति बन गए हैं और ममता खुद ही बहार निकल गई है सो डाक्टर मन मोहन सिंह की सरकार इन सुधारात्मक रास्तों पर अब कम से कम बजट सत्र तक तो सरपट दौड़ेगी| और २०१४ में चुनावों में सीना ठोक कर कह सकेगी कि हम ना तो दब्बू हैं और नाही फिसड्डी हैं हमने जो कहा करके दिखा दिया

डीजल,एल पी जी की कीमत और ऍफ़ डी आई के विरोध में मेरठ में व्यापक बंद

लगता है की भैंस के आगे बीन बजाने के दिन बीत गए तभी सी सी एस यूनिवर्सिटी के छात्र भैंस के आगे ट्रम्पेट बजा कर अपना विरोध प्रगट कर रहे हैं|

This Picture Shows The Results Of Today,s Agitation

Burning Of Effigies Is The Prime Formality Of Any Agitation


केंद्र सरकार की कोयला+डीजल +एल पी जी और ऍफ़ डी आई आदि की नीतिओं के विरोध में आज मेरठ में व्यापक बंद हुआ| बाज़ार+सिनेमाघर+पेट्रोल पम्प और अधिकाँश स्कूल भी बंद रहे|यदपि आन्दोलन शान्ति पूर्वक रहा मगर एक दो स्थानों पर दवा व्यापारिओं आदि ने बंद का विरोध किया और जबरन बंद कराने वालों के साथ हाथा पाई भी हुई |सुबह सिटी स्टशन पर शालीमार और खतौली में नौचंदी एक्सप्रेस ट्रेन्स रोक कर विरोध जताया गया|