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Category: Social Cause

सद्विचारों की रस्सी से मोह माया के सागर से बाहर निकला जा सकता है

तन रहीम है कर्म बस , मन रखो ओहि ओर
जल में उलटी नाव ज्यों , खैंचत गुन के जोर
अब्दुर्रहीम खानखाना
अर्थ : कवि रहीम कहते हैं कि शरीर तो कर्म फल के आधीन है परन्तु मन को प्रभु भक्ति
की ओर लीन करके रखना चाहिए . जैसे – जल में नाव के उलट जाने पर उसे रस्सी से
खींचकर ही बचाया जाता है .
भाव : हमारा यह शारीर हमारे कर्म फल को ही हमेशा प्राप्त करता है . हम जैसा करते हैं ,
ईश्वर हमें वैसा ही फल देता है . ऐसे प्रभु के प्रति सदैव भक्ति – भाव बनाए रखना चाहिए .
जिस प्रकार जल में नाव के उलट जाने पर उसे रस्सी से बांधकर जल से बाहर निकालते हैं .
उसी प्रकार यदि संसार रुपी भवसागर की मोह – माया में हमारा मन लिप्त हो जाए तो हमें
दृढ़ता से अपने मन के चंचल स्वभाव पर अंकुश लगाना चाहिए और उसे सद्विचारों की रस्सी
से बांधकर इस मोह – माया से बाहर खींचकर लाना चाहिए , तभी हम अपने जीवन को सफल
बना सकते हैं अर्थात चंचल मन पर अंकुश रखना परम आवश्यक है
संत रहीम वाणी
(अब्दुल रहीम ख़ान-ए-ख़ाना[ १७-१२-१५५६-१६२७],मुग़ल बादशाह अकबर के नव रत्नों में से एक थे| जहाँ इन्हें इनके दोहों के लिए हिंदी साहित्य में इतिहास में श्रेष्ठ स्थान दिया गया है वहीं आस्ट्रालोजी पर उनकी किताब भी मील का पत्थर है|इन्ही के नाम पर पंजाब के नवांशहर में खानखाना गावं है|इनकी ननिहाल में कृष्ण भक्ति की जड़े बताई जाती है|
प्रस्तुती राकेश खुराना

रोल बैक करो नहीं तो पैक करो :भाजपा

भाजपा ने यूं पी ऐ सरकार की नीतिओं का विरोध करने के लिए एक नया नारा दिया है|या तो रोल बैक करो नहीं तो बोरिया बिस्तर पैक करो |
आज भाजपा के प्रमुख नेता प्रकाश जावडेकर ने पार्टी की प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि डीजल की दरों में वृद्धि और रसोई गैस सिलेंडर पर अनुदान की सीमा तय करने के विरोध में 20 सितंबर को भारत बंद रहेगा। वाम दलों ने 20 सितंबर को भारत बंद का ऐलान किया है। इसके साथ सपा+ टीडीपी और बीजद ने बंद का समर्थन कर दिया है। इसके बाद राजग ने भी बंद में साथ आने की घोषणा कर दी। भाजपा नेता अरुण जेटली ने कहा था कि सरकार के फैसले से देश को सिर्फ सेल्स ब्वाय और गर्ल्स मिलेंगे। बीजद और डीएमके ने भी बंद का समर्थन किया है। टी एम् सी ने बंद का समर्थन करने से मना कर दिया है|
अखिल भारतीय व्यापार परिसंघ (कैट) के महासचिव प्रवीन खंडेलवाल और भारत उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष श्याम बिहारी मिश्रा ने बंद की घोषणा की है|
इसी परिपेक्ष्य में अति उत्साहित भाजपा ने राजनीतिक संकट से जूझ रही कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा है कि अब समय अ गया है कि कोयला ब्लाक आवंटन +डीजल+एल पी जी और ऍफ़ डी ई से कपलीट रोल बैक की मांग है या तो रोल बैक करो नहीं तो बोरिया बिस्तर पैक करो
कांग्रेस मंत्री आनद शर्मा ने इस भाजपा के इस जुमले की हवा निकालते हुए कहा है कि कांग्रेस में रोल बैक की कोई कल्चर ही नहीं है|

चुनावों तक जन लोक पाल नहीं आया तो देह त्याग :अन्ना हजारे

अन्ना बाबू राव हजारे ने आज बेहद भावुक होकर कहा की अगर चुनावों तक जन लोक पाल नहीं आया तो वे[अन्ना]देह त्याग कर देंगे|अन्ना टीम की मीटिंग के बाद वयोवृद्ध समाज सेवी ने घोषणा करते हुए कहा कि वे चुनाव नहीं लड़ेंगे |पार्टी नहीं बनायेंगे|यहाँ तक कि अपने सबसे नजदीकी अरविन्द केजरीवाल के लिए चुनाव प्रचार भी नहीं करेंगे |

उन्होंने अपने नाम और फोटो को अरविन्द की पार्टी द्वारा इस्तेमाल किये जाने को कड़ाई से मना किया |

अन्ना हजारे ने भरे दिल से स्वीकार किया कि अन्ना टीम दो फाड़ हो गई है|

लेकिन मंजिल एक ही है जन लोकपाल |उन्होंने बताया कि अभी इलेक्शन आने वाले हैं ऐसे में वोह पूरे देश में जागृति के लिए मुहीम चलाएंगे|लेकिन पक्ष और पार्टी नहीं बनायेंगे|उन्होंने अरविन्द केजरीवाल को शुभ कामनाएं भी दी और कहा की अगर उनकी पार्टी संसद में बहुमत ले आती है तो उन्हें सबसे ज्यादा ख़ुशी होगी|
गौरतलब है कि अरविन्द केजरीवाल ने राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए अलग पार्टी बनाने की घोषणा की है|मगर किरण बेदी ने अन्ना के रास्ते पर नान पालिटिकल रहने का मन बनाया है| आज भी अन्ना के साथ किरण बेदी और मनीष सिशोदिया आदि थे

गणेश चतुर्थी पर शोभा यात्रा

गणेश चतुर्थी पर धार्मिक आयोजन शुरू हो गए हैं |मेरठ में कचहरी परिसर से आज विघ्न विनाशक गणपति बप्पा की शोभा यात्रा धूम धाम से निकाली गई|

एल पी जी पर ममता ने व्यंग किया और केंद्र ने मारी चोट

केंद्र सरकार को निष्ठुरता से छोड़ कर राजनीतिक पंडितों को धत्ता बताने वाली पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने आज केंद्र सरकार का मजाक उड़ाया |उन्होंने व्यंग्य कसते हुए कहा है कि सरकार
blockquote>रियायती मूल्य पर सिर्फ छह सिलेंडर उपलब्ध करवाकर लोगों को डायटिंग सिखा रही है।

ममता ने आज [बुधवार] को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केंद्र सरकार प्रति परिवार प्रति वर्ष रियायती दर सिर्फ छह सिलेंडर उपलब्ध करवाकर लोगों को डायटिंग करना सिखा रही है। सरकार चाहती है कि हम उपवास करें। सिर्फ छह सिलेंडर से कोई भी परिवार कैसे गुजारा कर सकता है? उन्होंने सिलेंडरों की संख्या छह से बढ़ाकर 24 किये जाने की मांग की है|
सुश्री ममता ने सरकार पर नाटक करने का आरोप भी लगाया और कहा कि मुझे प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से कोई सूचना नहीं मिली थी। जबकि मैंने अपने फैसले के विषय में कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी को पहले ही बता दिया था।
मुख्यमंत्री ने बहुब्रांड रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के मुद्दे पर सरकार पर तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी[अब राष्ट्रपति] के वादे से मुकरने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस पर फैसला आम सहमति से होना चाहिए।
ममता ने मंगलवार को संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार से समर्थन वापस लेने का ऐलान किया। केंद्र सरकार में शामिल उनके मंत्री शुक्रवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपना इस्तीफा सौंपेंगे। ममता ने कोलकाता में पार्टी के सांसदों एवं मंत्रियों की बैठक के बाद यह निर्णय लिया था।ममता ने डीजल की कीमतों में हुई वृद्धि और बहुब्रांड रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के मुद्दे पर केंद्र सरकार को 72 घंटे की मोहलत दी थी लेकिन केंद्र सरकार के रुख में कोई बदलाव न आने पर उन्होंने यह फैसला किया

उधर कांग्रेस ने भी पहले की लकीर को छोटा करके केलिए उसके समक्ष बड़ी लकीर खीचने की अपनी परम्परा को जारी रखा है|कांग्रेस नेता जनार्दन द्विवेदी ने आज घोषणा करते हुए बताया कीकांग्रेस शासित १० प्रदेशों में छह के स्थान पर ९ सिलेंडरों का वितरण किया जाएगा|तीन अतिरिक्त सिलेंडरों पर सब्सिडी का भार राज्य सरकार द्वारा उठाया जाएगा|
इसके जवाब में बंगाल के नेता एन गुप्ता का कहना है की राज्य सरकार पहले ही ढाई लाख करोड़ का कर्जा है|२२ हज़ार करोड़ प्रति वर्ष ब्याज दिया जाना है|केंद्र सरकार कोई छूट देने को तैयार नहीं है ऐसे में तीन सिलेंडरों पर सब्सिडी की प्रतिपूर्ति केंद्र द्वारा कराई जानी चाहिए|

बुल्ल्हा शौह नूं सोई पावे , जेह्ड़ा बकरा बणे कसाई दा

तेरा नाम तिहाई दा, साईं तेरा नाम तिहाई दा
बुल्ल्हे नालों चुल्ल्हा चंगा , जिस पर ताम पकाई दा
रल्ल फकीरां मजलस कीती , भोर भोर खाई दा
रंगड़े वालों खिंगर चंगा , जिस पर पैर घिसाई दा
बुल्ल्हा शौह नूं सोई पावे , जेह्ड़ा बकरा बणे कसाई दा
साईं बुल्लेशाह
सतगुरु परमात्मा का को प्राप्त करने का मार्ग अत्यंत कठिन है . इस मार्ग पर चलने से पहले अपने अहंकार और
स्वार्थ का त्याग करना पड़ता है. बुल्लेशाह इसी को स्पष्ट करते हुए कहते हैं कि हे सतगुरु परमात्मा ! हम बस तेरे
नाम का ही सुमिरन करते हैं .
बुल्ले से तो यह चूल्हा अच्छा है , क्योंकि इस पर कम – से – कम रोटी तो पकती है जिसे फकीर एकत्र होकर अत्यंत
संतोष से बांटकर खा लेते हैं .
अहंकारी से तो वह पत्थर अच्छा है जिस पर पैर घिसकर मैल साफ़ कर लिया जाता है परन्तु अहंकार तो रोज नई
गंदगी इस मन में एकत्र करता है .
सतगुरु परमात्मा को वही प्राप्त कर सकता है जो कसाई का बकरा बनने के लिए तैयार हो अर्थात सतगुरु परमात्मा
को प्राप्त करने के लिए ‘मैं ‘ को मिटाना पड़ता है क्योंकि परमात्मा का मिलन ही जीवन के चरम लक्ष्य की प्राप्ति है .

ममता ने निष्ठुरता से केंद्र सरकार छोडी भारत बंद से भी अलग रहेंगी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री सुश्री ममता बनर्जी सभी राजनीतिक पंडितों को धत्ता बताते हुए केंद्र सरकार के प्रति निष्ठुर हो गई है| टी एम् सी ने यूं पी ऐ २ से सपोर्ट वापिस लेने की घोषणा कर दी है|शुक्रवार [२१-सितम्बर]को पार्टी के छह मंत्री प्रधान मंत्री को इस्तीफा सौंप देंगें| बेशक इस कदम से केंद्र सरकार के गिरने की संभावनाएं बेहद कम हैं मगर इस एक घटक[१९]के चले जाने से सरकार की निर्भरता पूरी तरह से सा पा और बा सा पा पर हो जायेगी|यह एक संकट की बात हो सकती है| ममता के फैसले के बाद कांग्रेस में सरगर्मी तेज हो गई है। इस मुद्दे पर आज कांग्रेस कोर ग्रुप की बैठक है। आज ही सोनिया गांधी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वित्त मंत्री पी चिदंबरम से बात करेंगी।
बेशक डी एम् के ने २० तारीख के भारत बंद का समर्थन करने का एलन किया है मगर सपोर्ट वापिस लेने की कोई बात नहीं कही है| चेन्नई में डीएमके भी इसी सपोर्ट मुद्दे पर बैठक करने वाली है।
कोलकाता में ममता के इस ऐलान से दिल्ली में बैठी यूं पी ऐ सरकार हिल उठी है । अभी तक ममता की बगावती मुद्रा को महज दिखावा माना जा रहा था और समझा जा रहा था कि वो मनमोहन सरकार को किसी परेशानी में नहीं डालेंगी। लेकिन ममता ने सारी उम्मीदों को दरकिनार कर दिया। उन्होंने साफ कर दिया वो अपनी शर्तों पर किसी भी तरीके से झुकने को तैयार नहीं हैं।उनकी पहली ममता आम जनता के साथ है| ममता की तीन शर्तें रखी हैं
[१]ऍफ़ डी आई पर फैसला वापस ले सरकार।
[२]गरीबों को 12 सिलेंडर दे सरकार।
[३]डीजल की कीमतों में रोलबैक हो |
संसदीय समिति की तीन घंटे की मीटिंग के बाद ममता ने साफ कर दिया कि शुक्रवार को रेल मंत्री मुकुल रॉय समेत उनके सभी छह मंत्री इस्तीफा दे देंगे। हालांकि इस ऐलान के साथ ही ममता ने 48 घंटे की ऐसी मोहलत भी दे दी जिसके बाद कांग्रेस भी ये मानने लगी है कि ममता की मांगों पर सहानूभूतिपूर्वक विचार होगा और वो अब भी तृणमूल को अपना अहम सहयोगी मानती है। कांग्रेस अभी भी उम्मीद का दामन नहीं छोड़ना चाहती। ममता ने समर्थन की औपचारिक वापसी के लिए शुक्रवार का दिन तय किया है, यानी कांग्रेस के पास उन्हें मना लेने का कुछ समय है शायद इसीलिए ममता के विरुद्ध अभी तक कांग्रेस के लहजे में कोई तल्खी नहीं आई है|
कांग्रेस के लिए हमेशा ही संकटमोचक की भूमिका निभाने वाली समाजवादी पार्टी पर भी दबाव बढ़ गया है। महंगाई से लेकर एफडीआई जैसे मुद्दों को लेकर सरकार के विरोध का एलान करने वाली एसपी के लिए कांग्रेस का साथ देना फिलहाल मुश्किल लग रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस ने ममता के अल्टीमेटम पर गौर न करके गलती की।प्रोफ़ेसर राम गोपाल यादव ने तो यहाँ तक कह दिया है कि सरकार ने विश्वसनीयता खो दी है मगर सपोर्ट विड्रा पर कोई बयाँ नहीं है|
अब अगर केबिनेट द्वारा पास किया गया ऍफ़ डी आई को निरस्त किया जाता है तब देश और विदेश में भी सरकार की साख गिरेगी|अब केवल प्रधान मंत्री पर ही नहीं बल्कि पूरी सरकार पर ही दब्बू+फिसड्डी +लंगडी बत्तख का आरोप लगेगा|इससे सरकार जरूर बचाना चाहेगी|अपनी सरकार बचाने के लिए डीजल से २य़ा३ रुपयों का रोल बैक और एल पी जी के सिलेंडरो कि संख्या बढाने पर समझौता हो सकता है |इसके संकेत सरकार द्वारा पहले से ही दिए जा रहे हैं|
ममता के इस रुख ने देश की राजनीति में तूफान मचा दिया है। अब घटक या बाहर से समर्थन दे रहे दलों पर भी यह दबाब होगा कि अब बाहर से समर्थन वाली राजनितिक चाल चलने वाले नहीं है|जाहिर है ऐसे में अगले 48 घंटे सिर्फ सरकार के लिए ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए अहम है। तृणमूल के रुख के बाद 20 सितंबर को होने जा रहा भारत बंद अब और भी अहम इस लिहाज से हो गया है क्योंकि इसमें एनडीए से लेकर लेफ्ट, टीडीपी, समाजवादी पार्टी ही नहीं, डीएमके जैसे यूपीए के सहयोगी भी शिरकत कर रहे हैं। यानी यूपीए सरकार को बेहद कड़ी राजनीतिक सयम से इस नई चुनौती का सामना करना है। प्रधानमंत्री डाक्टर मनमोहन सिंह,की अर्थशात्र निपुण टीम और कांग्रेस के पुराने धुरंधर इस संकट कि घड़ी में कितने कामयाब होते हैं यह तो समय बताएगा| और शायद नया इतिहास भी बनेगा|

ममता बेनर्जी ने केवल सपोर्ट ही विड्रा नहीं किया वरन यूं पी ऐ २ की सरकार पर करारे प्रहार भी किये हैं|अपनी प्रेस कांफ्रेंस में बड़ी सफाई से २० तारीख के बंद [सपा+लेफ्ट+भाजपा]से अपने आप को अलग करते हुए जहां एक्ला चलो का संकेत दिया वहीं कांग्रेस पर आरोप भी लागाया कि ज्वलंत कोयला घोटालों से जनता और राज नीतिक पार्टिओं का ध्यान हटाने के लिए ऍफ़ डी आई +डीजल और रसोई गेस को मुद्दा बनाया गया है|सरकार कि यह चल कामयाब नहीं होने दी जायेगी|

नलिन कोहली को भाजपा की पब्लिसिटी कमांड देने पर खुखरान्स ने दी बधाई

नलिन कोहली को भाजपा के पब्लिसिटी इंचार्ज बनाये जाने पर खुखरान वर्ल्ड ब्रदर हुड ने प्रसन्नता व्यक्त की है|
२ करोड़ खुख्रानो के इस संघठन के महामंत्री लोक तंत्र सेनानी धर्म वीरआनंद कहा है कि “भाजपा समर्पित कार्यकर्ताओं को आगे ला रही है इसी कड़ी में नलिन को सम्मान जनक मगर चुनौती पूर्ण दाईत्व सौंपा गया है इसके लिए भाजपा को बधाई देता हूँ ” उन्होंने नलिन से भी इस जिम्मेदारी को निभा कर कांग्रेस को जड़ से उखाड़ फैंकने की कामना की |
उन्होंने बताया की विश्व विजेता सिकंदर को धुल चटाने वाला राजा पोरस सबरवाल खुख्रण बिरादरी ने भारत को दिया|अब राजनीति में कांग्रेस को धुल चटाने को नलिन और क्रिकेट में धूम मचाने को विरत कोहली भी खुखरान बिरादरी ने दिया है इन दोनों पर हमें नाज़ है वयोवृद्ध भाव विभोर श्री आनंद ने कहा ” |नलिन के लिए भाजपा की कार्यकारिणी को पुनः धन्यवाद देता हूँ”|

फल इच्छा बिना कर्म करने से ईश्वर प्राप्ति सरल होती है


न में पार्थास्ति कर्तव्यं त्रिषु लोकेषु किंचन
नानवाप्तमवाप्तव्यं वर्त एव च कर्मणि
श्रीमदभगवदगीता
भगवान श्री कृष्ण अर्जुन को समझाते हुए कहते हैं -हे पार्थ ! मुझे तीनों लोकों में न तो कुछ कर्तव्य है
और न कोई प्राप्त करने योग्य वस्तु अप्राप्य है , फिर भी मैं कर्तव्य में लगा रहता हूँ .
व्याख्या : भगवान भी अवतार काल में सदा कर्तव्य , कर्म में लगे रहते हैं , इसलिए जो साधक फल की
इच्छा से रहित और आसक्ति से रहित होकर सदा कर्तव्य , कर्म में लगा रहता है , वह आसानी
से भगवान को प्राप्त कर लेता है.
भगवद गीता
प्रस्तुती राकेश खुराना

परोपकार के लिए नीलाम हुई पुर्व मिस मलेशिया

नोबल काज[अच्छे मुद्दे] के लिए आज कल अपना सामान बेचने का चलन चल निकला है|कोई अपने वस्त्र तो कोई पेन या बेट आदि बेच रहें हैं मगर मलेशिया में भारतीय मूल के एक वकील दीपेन्द्र राय ने पूर्व मिस मलेशिया वर्ल्ड नाडिया हेंग को चौंकाने के लिए २००अमेरिकि डालर की बोली लगाईं|यह रकम मलेशिया की करेंसी रिंगिट ६०० है|उंदीमसिया के संसाधन केंद्र को उन्नत बनाने के लिए आवश्यक धन को एकत्र करने के लिए भारतीय मूल की नाडिया ने खुद को बिकाऊ घोषित कर दिया| इसके लिए आन लाईन नीलामी का आयोजन किया गया यह दास प्रथा का पुर्न जन्म या गर्म गोश्त का व्यापार नहीं था वरन एक नोबल काज के लिए धन एकत्र करने का एक साहसिक प्रयास था| इस नीलामी में नाडिया सहित पांच स्थानीय लोगों के लिए बोली लगी| खरीददारों को इन शख्सियतों के साथ डेट पर जाने का मौका भी मिला| नाडिया ने कहा कि उन्हें अच्छी वजहों के लिए खुद के बेचे जाने पर कोई एतराज नहीं है । 37 साल के वकील दीपेंद्र राय ने हेंग के लिए सबसे ज्यादा 600 रिंगिट मलेशिया[२०० अमेरिकी डालर] की बोली लगाई। उन्होंने कहा कि वह पूर्व मिस मलेशिया को चकित करना चाहते थे। बताया जा रहा है कि ये दोनों कैंडललाइट डिनर या रेस्त्रां में भोजन के लिए जायेंगे|