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Category: Social Cause

केजरीवाल ने लगाया ह्त्या का आरोप और अन्ना ने भरी हुंकार

अन्ना टीम के अनशन का आज आठवां दिन है|आज जहां अन्ना ने हुंकार भर कर जन लोकपाल के आने तक उनका अनशन जारी रखा जाएगा जबकि अरविन्द केजरीवाल ने सरकार पर उनकी [अरविन्द की]ह्त्या के षड्यंत्र रचाने का आरोप लगाया है
आज टीम अनशन का आठवाँ और अन्ना का चौथा दिन है आज अरविन्द केजरीवाल और गोपाल राय की तबियत खराब बताई जा रही है तभी ये दोनों मंच पर बैठे नहीं दिखाई दे रहे |सवाबाढ़ बजे के करीब अरविन्द थोड़ी देर के लिए मंच पर आये और सरकार पर उनकी [अरविन्द की]ह्त्या के षड्यंत्र रचाने का आरोप लगाया |उन्होंने बताया की सरकारी हलकों में कहा जा रहा है कि अरविन्द को आत्महत्या के आरोप में गिरफ्तार करके अस्पताल में भर्ती किया जा सकता है जहां उन्हें स्लो पोय्जन देकर मारा जा सकता है जबकि यह आत्म ह्त्या नहीं वरन आत्म बलिदान है और बलिदान कोई अपराध नहीं है |गांधी जी २५ दिन और संत तुका राम ४५ दिन तक अनशन पर रहे |उन्हें कभी नहीं पकड़ा गया अब ये सरकार अंग्रेजों से भी गई गुज़री हो गई है |
उन्होंने जयप्रकाश नारायण को कोट किया जेल में जय प्रकश को स्लोपायजन दिया गया इसके अलावा एक और स्वामी को अनशन से उठा कर अस्पताल में डाला गया अनशन स्थल पर तो वे ठीक थे मगर अस्पताल में उनकी मौत हो गई | यही षड्यंत्र अब उनके[अरविन्द]के साथ भी रचा जा रहा है|
उन्होंने बताया कि अभी तक कुछ कमजोरी जरूर है मगर मेरे सारे पेरामीटर ठीक हैं ऐसे में अस्पताल लेजाना किसी भी द्रष्टि से उचित नहीं है अगर जबरदस्ती अस्पताल ले जाया जाएगा तो जनता का डाईत्व उन्हें वापिस लाना होगा | अभी तक सरकारी अस्पताल जांच के सैम्पल ले रहे थे अब उन्हें सैम्पल भी नहीं दिए जायेंगे|
उधर सरकार इस मुद्दे पर संवाद स्थापित करने के मूड में नहीं दिख रही गृह मंत्री का चार्ज संभालने के बाद सुशील कुमार शिंदे ने अन्ना टीम से बात करने के स्थान पर उनका मज़ाक उड़ाना ज्यादा पसंद किया \श्री शिंदे ने कहा की अन्ना टीम मंच से नीचे और मंच के ऊपर कुछ अलग कह रही है जबकि अन्ना तीसरे नज़रिए की बात कर रहे हैं ऐसे में कैसे बात की जा सकती है|

इन्कमटैक्स रिटर्न की आखरी तारीख अब ३१ अगस्त

मेरठ इन्कम टैक्स रिटर्न दाखिल करने के लिए अब अंतिम तिथि ३१ अगस्त कर दी गई है पहले यह ३१ जुलाई थी
यद्यपि अब आन लाईन रिटर्न दाखिल करने की सुविधा है मगर अभी भी मैनुअली फार्म भरने वालों की तादाद हज़ारों में हैं | पूर्व घोषणा के अनुसार ३१ जुलाई अंतिम तिथि थी और कल अंतिम दिन पर बड़ी संख्या में आयकर दाता कार्यालय में जुटे थे मगर सर्वर डाउन होने के कारण अनेकों आयकरदाता रिटर्न दाखिल नहीं कर पाए शाम को पञ्च बजे अंतिम तिथि आगे किये जाने की सूचना दी गई अब [नौकरी पेशा ] आयकर दाता ३१ अगस्त तक रिटर्न भर सकेंगे

भारत में आये बिजली के महा संकट को फिलहाल टाल दिया गया है

एक मंत्री की नाकामी को उजागर कर रहे तीन पावर ग्रिड[नोर्दर्न +इस्टर्न+नार्दर्न इस्टर्न] के महज़ २४ घंटों में दोबारा फेल्यौर को बेशक १० घंटों में शाम आठ बजे तक और कहीं कहीं देर रात तक ठीक कर लिया गया है मगर इसकी जांच और पुनरावर्ती की रोक थाम के उपायों के लिए कदम बढाने के बजाये राज्य और केंद्र सरकार अभी तक दोषारोपण के पुराने हथकंडे ही अपना रहें है |
इस फेल्यौर से २० राज्यों और[२] यूं टी की पीड़ित ६० करोड़ जनता के जख्मो पर नमक छिड़कते हुए वीरप्पा मोइली को बिजली का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया है और फेल हुए मंत्री को प्रोमोट करके गृह मंत्री बना दिया गया है|
आजाद भारत में सबसे बड़े इस बिजली संकट से पीड़ित ६० करोड़ जनता की परेशानियों को विश्व मीडिया ने सुर्ख़ियों में लिया है और इस संकट से अमेरिका जैसे विकसित देश ने सबक रिपीट सबक लिया है
मंगलवार को बिजली गुल होने से देश की 60 करोड़ आबादी का जनजीवन ठहर सा गया था। आठ से नौ घंटे बाद राजधानी दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में बिजली बहाल हो सकी। पावर ग्रिड कॉरपोरेशन के अनुसार रात के 11.30 बजे तक उत्तरी ग्रिड में 86 फीसदी तक बिजली सप्लाई होने लगी थी जबकि पूर्वी ग्रिड के 79 फीसदी हिस्सों में बिजली की सप्लाई शुरू हो गई थी।
कॉरपोरेशन के अनुसार शाम साढ़े आठ बजे तक पूर्वोत्तर ग्रिड में 100 फीसदी और दिल्ली में 90 फीसदी बिजली की सप्लाई होने लगी थी।
बिजली सप्लाई बंद हो जाने से दिल्ली मेट्रो के अलावा भारतीय रेलवे की लंबी दूरी की बिजली से चलने वाली सैकड़ों ट्रेनें जहा की तहा खड़ी हो गई। इस बार की गड़बड़ी के लिए उत्तर प्रदेश के अलावा पंजाब, हरियाणा और राजस्थान को जिम्मेदार बताया जा रहा था, जिन्होंने उत्तरी ग्रिड में अपने कोटे से बहुत ज्यादा बिजली ले ली थी।
पहली बार पैदा हुए इस तरह के हालात में पूरा केंद्रीय तंत्र बदहवास नजर आया। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिदे व उनके अमले ने संकट का ठीकरा राज्यों पर फोड़ पल्ला झाड़ लिया। कोई यह बताने की स्थिति में नहीं था कि आखिर ग्रिडों को राज्यों की मनमर्जी पर कैसे और क्यों छोड़ दिया गया है और इन पर समय रहते लगाम लगाने का तंत्र आखिर क्यों गायब है।उधर यूं पी पंजाब और बिहार ने तत्काल कोटे से अधिक बिजली लेने का खंडन भी कर दिया
दोपहर से शाम तक दिल्ली व अन्य महानगरों में ट्रैफिक लाइटें गुल होने से यातायात की हालत खस्ता हुई पड़ी थी। मेट्रो तथा मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में फंसे यात्रियों की हालत खस्ता रही। गाजियाबाद से मुगलसराय के बीच सवा सौ ट्रेनें घटों रुकी रहीं। जबकि दिल्ली से गुवाहाटी, हावड़ा, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, अमृतसर, मुंबई, लखनऊ के बीच सैकड़ों ट्रेनें लेट हो गई। दिल्ली में मेट्रो रेल प्रबंधन ने यात्रियों को बीच में ही उतार कर उनके पैसे वापस किए।
केंद्र व तमाम राज्यों में सरकारी व निजी दफ्तरों, अस्पतालों व कारखानों में शुरू में पावर बैकअप से काम चलाने की कोशिश की गई। अनेक जगहों पर कर्मचारियों को समय से पहले छुट्टी दे दी गई। जिन पेट्रोल पंपों के पास बैकअप था वे तो चलते रहे, बाकियों ने बंदी की तख्तिया टाग दीं। इस दौरान एटीएम बंद होने से लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा। सोमवार को जहा 15 घटे में तकरीबन 35 करोड़ लोग प्रभावित हुए थे, वहीं मंगलवार के महा संकट ने आधे देश को अपनी चपेट में ले लिया।
यह पहला मौका है जब ग्रिड में बार-बार खराबी सामने आ रही है। इसी तरह पहली बार ऐसा हुआ है जब तीन ग्रिड एक साथ फेल हुए हैं मुख्य सचिव के अनुसार उन्हें सुबह ही सूचना मिल गई थी कि पूर्वी ग्रिड से 3000 मेगावाट अतिरिक्त बिजली खींची गई है। ऐसा करने वाले चारों राज्यों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। पावरग्रिड के सीएमडी आरएन नायक पहली बार पैदा हुए इस तरह के हालात से परेशान दिखाई दिए। उन्होंने भरोसा दिया कि आगे ऐसे हालात पैदा न हों, इसके पूरे प्रयास किए जाएंगे।
सुशील कुमार शिदे के लगभग छह साल के कार्यकाल में बिजली क्षेत्र बद से बदतर हो गया। इस दौरान न सिर्फ नई बिजली परियोजनाओं की रफ्तार सुस्त हो गई है, बल्कि चालू बिजली संयंत्रों और ट्रासमिशन प्रणालियों की हालत भी बिगड़ी है।
शिदे के कार्यकाल में 11वीं योजना में नई बिजली क्षमता का लक्ष्य बुरी तरह पिछड़ गया। मूल लक्ष्य 78 हजार मेगावाट का था, जिसे घटाकर 63 हजार मेगावाट किया गया। लेकिन अंतत: केवल 54,800 मेगावाट की नई क्षमता ही सृजित की जा सकी। इस दौरान महत्वाकाक्षी अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट भी बुरी तरह पिछड़ गए। चार में केवल एक मध्य प्रदेश स्थित शासन प्रोजेक्ट में काम हो सका। बाकी सभी किसी न किसी वजह से ठप पड़े हैं। राज्य बिजली बोर्डो की बदहाली बढ़ने से निजी कंपनिया बिजली क्षेत्र में उतरने से घबराने लगी हैं।
अब 12वीं पंचवर्षीय योजना में 85 हजार मेगावाट नई क्षमता के सृजन का प्रस्ताव है, लेकिन उसके पूरा होने की भी कोई सूरत नजर नहीं आती। खुद शिदे का कहना है कि 20 हजार मेगावाट की परियोजनाओं को कोयला और गैस मिलने के लाले पड़े हैं।बिहार को ५०० एमवी तक के लिए कोयला नहीं दिया जा रहा

ऊर्जा मंत्रालय का काम देश में बिजली क्षमता के लक्ष्य तय करना, इन्हें पूरा करने के लिए केंद्रीय बिजली उपक्रमों के अलावा राज्यों को निर्देशित करना तथा कोयला, पर्यावरण व वन, पेट्रोलियम व विदेश मंत्रालय जैसे ईधन उपलब्धता से संबंध रखने वाले मंत्रालयों व विभागों के साथ समन्वय बनाना है दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हो रहा है \उदहारण के लिए
[१] बिहार को ५०० एम् वी क्षमता के प्लांट के लिए पी एम् द्वारा सेंक्शन करने के बावजूद कोयला नहीं दिया जा रहा
[२]हरियाणा में नए प्लांट के लिए भूमि के अधिग्रहण के लिए उपजाऊ जमीन चिन्हित कि गई है जिसके विरोध में अब किसानो के साथ सेना के रिटायर्ड जनरल वी की सिंह भी उतर आये हैं|
यहाँ कि व्यवस्था को आईना दिखाने के लिए दो उदहारण गौर करने लायक हैं
[१]कल आस्ट्रेलिया में भी बिजली गई थी मगर उसे थोड़े समय में ही ठीक कर लिया गया
[२]अमेरिका में जबकि बिजली नहीं गई मगर वहां के बेक अप सिस्टम को चेक अवश्य किया गया भारत में आये बिजली के महा संकट को देखते हुए बेक अप सिस्टम को चेक किया गया

यूं पी पंजाब बिहार बोले हमने नहीं ली ज्यादा बिजली

यूं पी बिहार और पंजाब ने केंद्र के आरोपों को ख़ारिज करते हुए कहा है की इन राज्यों में कोटे से ज्यादा बिजली नहीं ली गई |गोरतलब हे की सुशील कुमार शिंदे और और उनके सी एम् डी नायक ने मौजूदा ग्रिडों के ट्रिप होने के लिए राज्यों द्वारा अधिक बिजली खीचने को कारण बताया था अब उस आरोप का जवाब देते हुए यूं पी बिहार और पंजाब ने इनकार कर दिया है|
२४ घंटे में दो बार नार्दन ग्रिड और अज नार्दन =इस्टर्न और नार्दन इस्टर्न ग्रिड भी फ़ैल हो गई जिसके फलस्वरूप २० राज्यों और २ यूं टी में बिजली गुल हुई है इसका ठीकरा राज्यों पर फोड़ा गया था मगर राज्यों ने तत्काल इसका खंडन कर दिया है

शहीद उधम सिंह की कुर्बानी को सलाम

जलियांवाला बाग़ के दोषी जनरल ओ डायर को लन्दन में मार कर ‘ सर्वोच्च बलिदान देने वाले उधम सिंह को आज राष्ट्र ने श्रधा से याद किया|
गुरुद्वारा सिंह सभा में आज दिवंगत आत्मा की शांति के लिए अरदास की गई |
जनरल ओ डायर ने अमृत सर में १३-०४-१९१९ की बैसाखी पर निर्दोष निहत्ते देश भक्तों पर बर्बरतापूर्ण गोलियां चलवाई थी |डायर को लन्दन में जाकर १३-०३-१९४० को गोलियों से भून कर स्वयम को गिरफ्तार करवा दिया और ३१-०७-१९४० को सर्वोच्च बलिदान दिया मैं अपने जीवन की परवाह नहीं करता। इनके अंतिम अमर शब्द थे
अगर मरना ही है तो मैं जवान मौत मरना चाहूंगा और अब यही कर रहा हूं। मैं अपने देश के लिए मर रहा हूं।

असाम में भड़के जातीय दंगों के लिए भाजपा ने सरकार को घेरा

असाम में भड़के जातीय दंगों के लिए आज भाजपा ने केंद्र सरकार को घेरा| दंगाग्रस्त छेत्रों का दौरा करके लौटे वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण अडवानी ने वहां भड़की हिंसा के लिए प्रवासी बँगला देशियों को जिम्मेदार ठहराया है औरसंकट से निबटने में देरी का आरोप सरकार पर लगाया है\
असाम के वर्तमान हालत पर चिंता व्यक्त करते हुए श्री अडवानी ने कहा कि इस घटना से पहले लक्ष्ण मौजूद होने के उपरान्त भी असली जड़ को नहीं छुआ गया है|बँगला देश से हो रही अवैध घुसपेठ को उन्होंने असली जड़ बताया
असाम में लगभग ४००००० विस्थापितों की तुलना काश्मीरी विस्थापितों से करते हुए बी जे पी और एन डी ऐ के वरिष्ठ नेता श्री आडवानी ने असाम और केंद्र सरकार से समस्या कि जड़ तलाशने के लिए आत्म मंथन किये जाने कि मांग की
बताते चलें कि १९ जुलाई से शुरू हुए इन दंगों में अब तक ५५ लोग मारे जा चुके हैं और लगभग ४००००० लोग बेघर हो चुके हैं |राहत शिविरों में बीमारी फ़ैलाने का खतरा पैदा होता जा रहा है|और प्रधान मंत्री ने अपने दौरे में प्रदेश में बंगला देशी नागरिकों के अस्तित्व को नकार चुके हैं|

असाम से बँगला देशियों को निकालो = ऐ बी वी पी

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद [ऐ बी.वी.पी]के सदस्यों ने अज दी एम् के माध्यम से पी एम् को एक ज्ञापन प्रेषित किया है |इसमें असाम में हो रहे दंगों पर चिंता व्यक्त की गई है और विदेशी घुसपेठियों को बाहर निकालने की मांग की गई है |ज्ञापन में बताया गया है कि बांग्ला देश से आये रिफ्युजिओं के कारण वहां के स्थानीय नागरिकों का जीना हराम हो रहा है इसीलिए उन्हें तत्काल बाहर निकाल देना चाहिए |

अब तीन पावर ग्रिड ट्रिप हो गए

आज अपराह्न दो ग्रिड के ट्रिप होने के बाद अब इसमें एक और ग्रिड फेल्यौर का इजाफा हो गया है |नार्दन, इस्टर्न के बाद अब नार्दन इस्टर्न ग्रिड भी ट्रिप हो गई है इससे देश के २० राज्य और २ यूं टी में बिजली गुल हुई है | लगभग ६० करोड़ देश वासियों को बिजली रुला रही है |मंत्री सुशील कुमार शिंदे और बिजली चेयर मेन नायक ने राज्यों द्वारा कोटे से अधिक बिजली लिए जाने को कारण बताया है मगर दोषिओं को पिन पाईंट करने से बचते रहे \अभी अभी श्री शिंदे ने एक से डेड़ घंटे में बिजली रेस्टोर हो जाने का भरोसा दिलाया है और श्री नायक ने ७ बजे के टार्गेट की घोषणा की है| अभी अभी ५०% बिजली मुहेय्या करवा दिए जाने का दावा भी किया है|
किसी सेबोटेज से इनकार किया गया है और दोषी राज्यों पर जुर्माना और कटौती लगाने की घोषणा की गई है लेकिन दोषी राज्यों को पिन पाईंट करने से सभी बचते रहे |इस बड़े फेल्यौर के मूल कारणों को बताने से भी अज्ञानता ही प्रकट की जा रहीहै

नार्दन के साथ इस्टर्न ग्रिड भी ट्रिप बिजली का संकट गहराया

पावर ग्रिड फिर ट्रिप कर गई है अबकी बार नार्थ के साथ ईस्ट की ग्रिड भी बैठ गई है |इससे १३ राज्यों की बत्ती गुल हो गई है|सोमवार को नार्दन ग्रिड में आई खराबी को दूर कर लिए जाने के दावों के साथ ही महज़ २४ घंटों में ही कल से भी बड़ा झटका लग गया है|
इससे ट्रेन+अस्पताल+मेट्रो उद्योग के साथ ही रोड ट्रैफिक भी प्रभावित हो रहा है|
आज नार्दन ग्रिड के अलावा वेस्ट बंगाल और बिहार आदि में भी बिजली प्रभावित हो रहे है|बीते दिन ग्रिड में ई खराबी को दूर करने के लिए अपनी पीठ थपथपा रहे बिजली मंत्री सुशील कुमार शिंदे आज अभी तक बयाँ देने से बच रहे हैं

अन्ना के अनशनकारियों की सेहत बिगड़ी

अन्ना टीम के स्तम्भ अरविन्द केजरीवाल और गोपाल राय की आज अनशन के सातवें दिन हालत बिगड़ रही है|१२ बजे के हेल्थ बुलेटिन में बताया गया है कि इन दोनों की सेहत गिर रही है और डाक्टरों ने दोनों को अस्पताल में भर्ती कराने का परामर्श दिया है |इन दोनों अनशन कारियों ने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया है |तीसरे अनशन कारी मनीष शिशोदिया कि स्थिति अभी स्थिर बताई जा रही है|