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Category: Social Cause

सावन के दूसरे सोमवार को शिवालयों बड़ी संख्या में हुआ जलाभिषेक

सावन के दूसरे सोमवार को [आज] शिवालयों में बड़ी संख्या में शिव भक्तों ने शिव लिंग पर जल चड़ाया
जो लोग गंगाजल लेने नहीं जा सके वह और उनके पारिवार के सदस्यों ने अपने मोहल्ले +गली+कालोनिओं में स्थित शिवालयों में जल चड़ाया|
यूं तो इन शिवालयों में रोजाना ही जल चड़ाया जाता है मगर सोमवार और फिर सावन के सोमवार को
आम दिनों से कई गुना अधिक श्राधालुओं ने शिव दरबार में हाजरी भरी
कल शिवरात्रि है लाखों की तादाद में श्रद्धालू हरिद्वार|ऋषिकेश+गौमुख आदि से गंगाजल लेकर अपने
गृह छेत्रो को लौटने लगे हैं और कल शिव का जलाभिषेक किया जाएगा

उत्तर प्रदेश में आज से भूजल सप्ताह

भूजल अमूल्य प्राक्रतिक संपदा है और मानव के अपने अस्तित्व के लिए इसका स्थाईत्व जरुरी है|इसीलिए उत्तर प्रदेश में आज से २२ जुलाई तक भूजल सप्ताह मनाया जा रहा है| भू जल के अंधाधुंध दोहन +नम भूमि के उद्द्यौगीकरण और मौसम की बेरुखी के चलते भूजल स्तर में चिंताजनक रूप से गिरावट आ रही है इसीलिए इस सप्ताह भूजल संसाधनों के सरंक्षण एवं प्रबंधन के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जाएगा|
उत्तर प्रदेश द्वारा जारी आकड़ों के अनुसार वर्ष २००० में अति दोहित और क्रिटिकल विकास खण्डों की संख्या २२ बताई गई थी वहीं २००९ में यह संख्या १०८ दर्ज़ की गई है|विगत दशक में ८२० विकास खण्डों में से ६१९ विकास खण्डों के भूजल स्तर में निरंतर गिरावट दर्ज़ की जा चुकी है|
भारत में लगभग ८०% भूमि कृषि भूमि है और और हमारी विकास+=जीवन +अर्थ व्यवस्था भी कृषि पर ही आधारित है|इसीलिए भूजल बेहद आवश्यक है |इस आल मौसम भी कुछ दगा दे रहा है |जुलाई के प्रारंभ तक बारिश में ३१% कमी बताई गई थी और अब अगस्त सितम्बर में भी हालात में सुधार की कोई संभावना नहीं बताई जारही | इसके अलावा रैन वाटर हार्वेस्टिंग यौजना के प्रति भी कोई उत्साह नहीं देखा जा रहा |
यदपि कृषि मंत्री शरद पवार ने सूखे की स्थित से इनकार किया है मगर उन्होंने बुवाई के कम होने के कारण चावल और दालों के उत्पादन पर प्रभाव पड़ने के संकेत दे दिए हैं जाहिर है की इससे देश की अर्थ व्यवस्था पर प्रभाव पडेगा |
इसीलिए पानी और विशेष कर भूजल बेहद आवश्यक है कवी रहीम भी कह गए हैं की
रहिमन पानी राखिये बिन पानी सब सून
पानी बिना ना ऊबरे मोती मानस और चून

प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा भूजल सप्ताह का आयोजन वाकई सराहनीय है मगर यह सप्ताह केवल अखबारों में विज्ञापन तक ही सिमित नहीं रहना चाहिए |नम भूमि के उद्योगों के लिए अधिग्रहण को रोकना होगा |खेती योग्य भूमि पे कंक्रीट के जंगल बनाने की प्रवर्ति को हतोत्साहित किया जाना जरुरी है व्रक्षारोपण अभियान चलाये जाने भी जरुरी है

अमरनाथ यात्रा में बड़ती मौतों पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार

बर्फानी बाबा अमर नाथ की कठिन यात्रा के प्रति सरकारों की उदासीनता को सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान में लेते हुए यात्रिओं को हर स्तर पर सुरक्षा मुहैय्या करवाने को कहा |
गौरतलब है की अमरनाथ यात्रिओं के लिए मेडिकल चेक अप और तमाम तरह की सुविधाएं मुहैय्या करवाने के निर्देशों के बावजूद भी यात्रा के दौरान मरने वालों की संख्या कम नहीं हो रही बीते वर्ष में हुई १०० मौतों से यह आंकड़ा पार कर चुका है |
हार्ट अटैक से मरने वालों की संख्या ७० तक पहुँच चुकी है|यातायात की समस्या के कारण हो रही दुर्घटनाओं में भी मरने वालों की संख्या में वृधि हो रही है|
सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए केंद्र+प्रदेश सरकारों को फटकार लगाई है और एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं|इसके अलावा केन्द्रीय गृह+पर्यावरण एवं वन मंत्रालय+राज्य सरकार के सचिवों के साथ श्री अमर नाथ श्राईन बोर्ड के अध्यक्ष को भे अदालत में पेश होने को कहा गया है|

अमृत वाणी

जिस में राम नाम शुभ जागे, उस के पाप ताप सब भागें
मन से राम नाम जो उच्चारे, उस के भागें भ्रम भय सारे
व्याख्या: जिस प्राणी में राम नाम की ज्योति जग जाती है उसके सब कष्ट दूर हो जाते हैं तथा मन से राम नाम जपने से उसके सभी भ्रम एवं डर समाप्त हो जाते हैं.
स्वामी सत्यानन्द जी महाराज द्वारा रचित अमृतवाणी का एक अंश
प्रेषक: श्री राम शरणम् आश्रम, गुरुकुल डोरली, मेरठ

मरने से पहले ताज नहीं देखा तो क्या देखा

सी एन एन ग्लोबल ने मरने से पहले विश्व के २७ स्थानों को देखने का सपना दिखाया है\इसमें भारत के ताजमहल को भी शामिल किया गया है|भारत का स्थान १५ वे पायदान पर है|इंडोनेशिया के जावा स्थित बौद्ध धार्मिक बोरोबुदूर को पहले स्थान पर रखा गया है| | २७ प्लेस सी बिफोर यूं डाई नामक लिस्ट में इंग्लेंड का स्टारलिंग मुर्मुरेशन दोसरे स्थान पर है|
मुग़ल शहंशाह शाहजहाँ ने अपनी बेगम मुमताज के प्रेम में ताजमहल बनवाया था यह पूरा सफ़ेद संगमरमर के पत्थर से बना है भारत में आने वाले विदेशियों में सबसे ज्यादा पर्यटक इसी ताज को देखने आते हैं\

गावों में बंज़र भूमि पर महात्मा गांधी नरेगा यौजना का हल चल जाए तो ???

झल्ले दी गल्लां
एक कांग्रेसी
ओये झल्लेया देखा हसाड़े सोणे ते मन मोहणे पी एम् दा कमाल ओये महात्मा गांधी नरेगा यौजना से महज़ छह सालों में ही ३७००० करोड़ रुपयों से गावों की काया पलट गई है अब तो गावं में ही मजदूरी मिलने लग गई है|५ करोड़ परिवारों को फायदा हुआ है |१२००० करोड़ रोज़गार कार्ड बन गए है|ओये गावों से पलायन रुक गया है| है ना मुबारक दी गल |
झल्ला
बाऊ जी है तो मुबारक की बात मगर गावों में बंज़र भूमि बहुत है अगर आपजी की इस महात्मा गांधी नरेगा यौजना का हल उस पर चल जाए तो देश में खाद्यन का संकट मिट जाएगा + जी डी पी बढेगी +और निर्यात करके विदेशी मुद्रा भी मिल ही जायेगी| क्यों ठीक है ना ठीक ???Permalink: http://jamosnews.com/

आयुर्वैदिक+यूनानी और होम्योपैथिक भी दे सकेंगे एलोपैथिक दवाएं

फार्माकोलोजी में एक साल का कोर्स करके आयुर्वेद+यूनानी और होम्योपैथी चिकित्सक भी अब महाराष्ट्रा में एलोपैथी दवाये दे |[प्रेस्क्राईब] दे सकेंगे|
महाराष्ट्र सरकार के चिकित्सा शिक्षा मंत्री डाक्टर विजय कुमार गावित ने एसेम्बली में बताया की आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक चिकित्सक अब एलोपैथिक दवाएं प्रेस्क्राईब [दे]सकेंगे लेकिन इसके लिए उन्हें एक साल का फार्माकोलोजी का कोर्स करना अनिवार्य होगा|कोर्स को तैयार कर लिया गया है|इस के लूगू होने से देश में एलोपैथी चिकित्सकों की कमी को कुछ हद तक कम किया जा सकेगा|

पी एम् = पसीना सूखने से पहले मजदूर को उसकी मजदूरी दो

मजदूर का पसीना सूखने से पहले उसे मजदूरी मिल जानी चाहिए |इस जुमले को अमली जामा पहनाने के लिए प्रधान मंत्री डाक्टर मन मोहन सिंह ने मनरेगा के मजदूरों को भुगतान में आ रही देरी को तत्काल दूर किये जाने के आदेश दिए हैं|
१४-०७-२०१२ को महात्मा गांधी नरेगा यौजना के छह साल की रिपोर्ट [समीक्षा] प्रस्तुत करते हुए पी एम् ने कहा कि मजदूर को ध्याड़ी के आधार पर मज़दूरी मिल जानी चाहिए यही यौजना का उद्देश्य भी है |इस छेत्र में तत्काल आडिट भी सुनिश्चित किया जाना जरुरी है क्योंकि बाद में कराया गया आडिट से मजदूरों को मिलने वाले लाभ में भी विलंभ होता है| इसीलिए स्कीम के साथ ही आडिट जरुरी है|
डाक्टर सिंह ने ध्याड़ी के भुगतान में आने वाली देरी के कारणों को तत्काल दूर किये जाने पर भी जोर दिया|
मनरेगा के कारण मज़दूरी बड़ाने और फार्म्स में मजदूरों कि कमी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए स्कीम को सराहा|

शिव भक्त बोले बम भोले

शिव रात्री में अपने शिव को प्रसन्न करने के लिए निकले शिव भक्त [ भोले ] अब अपने गंतव्य की और हरिद्वार से गंगा जल लेकर लौटने लगे हैं|इसीलिए सडकों पर अलग रंग +अलग स्टायल मगर भक्ति भाव एक ही दिखाई दे रहा है प्रस्तुत हैं कुछ फोटोस

बारिश ने दी कुछ राहत और खोली निकायों की पोल

एन सी आर में चारों और बरसने के बाद आज थोड़े दिएर के लिए मेरठ में भी बरसात हुई इससे नगर वासिओं और भोले के भक्तों को कुछ राहत मिली मगर इस राहत ने हमेशा की तरह स्थानीय निकायों की पोल खोल कर रख दी है वर्तमान में छावनी और निगम में चुनी हुई स्थानीय सरकारे हैं इस पर भी छावनी के सदर और नगर निगम के खैरनगर आदि इलाकों में पानी सडकों पर भरा रहा यहाँ तक की बारिश के कारण आबू लेन स्थित एक रेस्टुरेंट का हिस्सा भी गिर गया|किसी के हताहत की सूचना नहीं आई है|

Jal Bharaav In Sadar Cantonment

Its Nagar Nigam