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Category: Social Cause

अब मेरठ में सुलगी सम्प्रदाईक चिंगारी

असम के कोकराझाड़ +बरेली + खतौली +संभल में भड़की साम्प्रदाईक चिंगारियां अभी तक दबी नहीं कि अब मेरठ में भी सोशल साईट पर एक टिपण्णी को लेकर बवाल होगया|फेसबुक पर धार्मिक स्थल पर डाउन लोड कीगई एक पोस्ट को लेकर धर्म विशेष के अल्पसंख्यक लोग सडकों पर उतर आये \उतेजक नारे गूजे और शहर की फिंजा बिगाड़ने का पूरा प्रयास किया गया |पोलिस की तत्परता से यदपि हालात को काबू कर लिया गया |संभल में पोलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाया गया है और दोषिओं के विरुद्ध कार्यवाही न किये जाने पर बहुसंख्यकों द्वारा सडकों पर उतरने की चेतावनी दी गई है |
साम्प्रदीक दंगे हों और भाजपा सामने ना आये ऐसा कभी नहीं हुआ अब भी केंद्र में प्रवक्ता श्रीमती निर्मला ने प्रेस कांफ्रेंस करके कोकडाझाड के मसले को पुरजोर तरीके से उठाया और मेरठ में विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल ने संभल में मोर्चा संभाल लिया है|
असम में अल्पसंख्यक शरणार्थी और बोडो आदिवासिओं में जमीन कब्जे को लेकर साम्प्रदाईक दंगे हो रहे है अब तक २० लोग मारे जा चुके हैं छेत्र कर्फियू का दंश झेल रहा है|बरेली +खतौली में साउंड सिस्टम के कारण बवाल हुआ और संभल में एक कांवड़ के खंडित होने पर दो समुदाय आमने सामने आ गए हैं|अब मेरठ में फेस बुक पर टिपण्णी को लेकर एक समुदाय के लोग सडकों पर हैं|ऐसे में अफवाहों का बाज़ार भी गर्म किया जा रहा है\ऐसी ही एक अफवाह कल रोडवेज के सामने पान के खोके में लगी आग के विषय में भी फैलाई गई थी मगर समय रहते आग और अफवाह दोनों पर काबू पा लिया गया|

कोकराझाड़ के दंगों में अब तक १९ मरे

असम में आज फिर अल्पसंख्यक शरणार्थी और बोडो आदिवासिओं में दंगे हुए |मरने वालों की संख्या १९ बताई जा रही है अब वहां कर्फियू लगा कर देखते ही गोली मारने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं| इसे भाजपा ने गंभीरता से उठाया है|
आल असम मायनोरिती. स्टुडेंट यूनियन ने एक दिन का बंद का एलान भी किया है|इस बंद के दौरान सत्ता में बोडोलैंड पीपल फ्रंट के कार्यालय और बोडो आदिवासी छात्रों के हास्टल में आग लगाये जाने के भी समाचार मिले हैं|
इस पर आज भाजपा की प्रवक्ता निर्मला ने प्रेस कांफ्रेंस में असम के इस कोकराझाड़ में हो रहे साम्प्रदाईक दंगों पर चिंता व्यक्त की और इसके माध्यम से सरकार की तुष्टिकरण की नीतिओं पर प्रहार भी किया

प्रधान मंत्री कार्यालय[पी एम् ओ] से आज देश में सूखे पर खतरे की घंटी बजा दी गई है

प्रधान मंत्री कार्यालय[पी एम् ओ] से आज देश में सूखे पर खतरे की घंटी बजा दी गई है|मौसम की बेरुखी पर चिन्ताव्य्क्त करते हुए पी एम् ओ कार्यालय से बताया गया है कि पूरे देश में केवल २२% बारिश हुई है और बारिश के पानी का संग्रह भी बेहद कम हुआ है इससे राजस्थान ,कर्णाटक,पंजाब ,हरियाणा में स्थिति गंभीर स्वीकार कर ली गई है|दाल और धान पर इसका अधिक असर होने की संभावना जताई जा रही है
उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय [अनुभवी]कृषि मंत्री शरद पवार भी विद्रोह की राह पर चल रहे हैं श्री पवार ने बीते सप्ताह के अंतिम दिनों में इस्तीफा नुमा पर भी पी एम् को भेज दिया है उस समय से श्री पवार और उनके दल के मंत्री सरकारी कार्यों में रूचि नहीं ले रहे हैं|लाल बत्ती वाली गाड़ियों के बजाय अपनी गाड़ियों का प्रयोग कर रहे हैं |यह ही आरोप लगाए जा रहे हैं कि शरद पवार केंद्र सरकार को ब्लैक मेल कर रहे हैं|
देश में सूखे के हालात हैं + कृषिमंत्री हैं नहीं और दिगज्जों में सत्ता के बटवारे की रेस लगी है | वाकई हालात गंभीर होते जा रहे हैं|Permalink: http://jamosnews.com/

गुरु हर कृषण जी का प्रकाश पर्व श्रद्धा भाव से मनाया

गुरु हरकृषण जी के प्रकाश पर्व पर समारोह का मेरठ शास्त्रीनगर के हरमिलाप स्कूल में आयोजन किया गया |इस अवसर पर गुरुवाणी के अमृत की वर्षा करके संगत को निहाल किया गया और स्मृति चिन्ह भी दिए गए\समारोह का संचालन सरदार रंजित सिंह जस्सल ने किया

स्वंत्रता सेनानी डाक्टर [कप्तान] लक्ष्मी सहगल का आज ९७ वर्ष की आयु में निधन हो गया

स्वंत्रता सेनानी डाक्टर [कप्तान] लक्ष्मी सहगल का आज ९७ वर्ष की आयु में निधन हो गया कानपूर में उन्होंने अंतिम साँस ली |
१९ जुलाई को ह्रदय रोग के कारण इन्हें अस्पताल के आई सी यूं में भर्ती कराया गया था जहां मस्तिष्क आघात भी हो गया इनकी हालत दिन बदिन बिगड़ती ही चली गई आज उन्होंने अंतिम सांस ली| अंतिम समय में इनकी पुत्री[ लेफ्टिस्ट नेत्री] सुहासिनी अली साथ थीं |
२४-१०-२०१४ को चेन्नई में स्वामीनाथन परिवार में जन्मी लक्ष्मी को देश के लिए मर मिटने का जज्बा अपने स्वंत्रता प्रेमी परिवार से ही मिला था |इसी जज्बे ने लक्ष्मी को नेता जी सुभाष चन्द्र बोस से मिलवाया जहां आज़ाद हिंद सरकार में नेता जी ने इन्हें मिनिस्टर फार वोमेन अफेयर्स बनाया और झांसी रेजिमेंट का कप्तान बनाया\इसके बाद सहगल परिवार में शादी हुई और आज़ादी के बाद कानपुर में ही बस गए \यहाँ यह परिवार पकिस्तान विभाजन के कारण आ रहे रिफ्युजिओं की सहायता में समर्पित रहे|१९९८ में तत्कालीन राष्ट्रपति के आर नारायण के द्वारा लक्ष्मी सहगल को पदम् विभूषण एवार्ड प्रदान किया गया Permalink: http://jamosnews.com

रिटायरमेंट के बाद जनरल वी के सिंह किसानो की एक जुटता को गरजे

सेना में कई भ्रष्ट अधिकारिओं को बाहर करके चर्चा में आये थल सेना अध्यक्ष जनरल वी के सिंह ने सेवानिवर्ती के पश्चात कल गजरौला में किसानो को अन्याय के विरुद्ध लड़ने को प्रेरित किया|
शिव इंटर कालेज में आयोजित किसानो की महापंचायत में जनरल सिंह ने कहा की जब तक किसान एक जुट नहें होगा उसका उत्पीडन नहीं रुकेगा|इसीलिए किसानो को संगठित हो कर अपने अधिकारों के लिए लड़ना होगा|इस अवसर पर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वी एम् सिंह ने तलवार भेंट करके जनरल सिंह को सम्मानित भी किया|

साउंड सिस्टम ने कराये तीन शहरों में साम्प्रदाईक झगडे

साउंड सिस्टम को लेकर उत्तर प्रदेश के बरेली +खतौली और संभल में में दो समुदाय आपस में भिड़ गए तथा साम्प्रदाईक हिंसा से माहौल को बिगाड़ने की कौशिश की गई| बरेली में गंगा जल ले कर आ रहे कवारनियों के साउंड सिस्टम को बंद कराने को लेकर विवाद हुआ |शाहबाद से उठा और शहर के विभिन्न इलाकों में फ़ैल गया|दुकनो की आगजनी से कई लोगों के घायल होने के समाचार भी आ रहे हैं|
मुज्ज़फरनगर के खतौली में रोज्ज़ इफ्तारी के समय एक धार्मिक स्थल में बज रहे माईक को लेकर बवाल हो गया| लगभग १० ग्रामीणों के घायल होने की खबर है और एक धार्मिक स्थल में मूर्ति तोड़े जाने का भी समाचार है|
भीम नगर के संभल[हयातनगर] में अजान के समय एक धार्मिक स्थल से लाउड स्पीकर के बज़ने से झगडा हो गया स्थिति तनाव पूर्ण बताई जा रही है|

बिजली की सुनामी समस्या के लिए लोड का रिअसेस्मेंट जरुरी

बिजली आती ही कब है और जब कभी भी आती है तो वोल्टेज कहाँ आती है | इस बिजली की बन्दर बाँट से इनवर्टर +फ्रिज तो फूंक ही रहे हैं एयर कंडिशनर भी शो पीस बने हैं लिहाजा साहब इस भीषण गर्मी में तन तो जल ही रहा है इसपर बिजली का बिल दोगुना आया रहा है इसे देख कर दिल भी जल रहा है|यह जुमला आज कल मेरठ में तो आम हो चला है \
उमस भरी इस गर्मी में रेगुलर रोस्टिंग फिर उपरी आदेश से रोस्टिंग उसके बाद फाल्ट से रोस्टिंग |कहीं बिजली कार टूट कर गिर रहा है तो कहीं ट्रान्सफार्मर फुकने का बहाना सुनाई दे रहा है|पहले शिव भक्त कावंरियऔर अब रोजेदार यानि सभी एक सामान बिजली का रोना रो रहे हैं|व्यवस्थापक लो वोल्टेज के लिए ओवर लोड की शिकायत कर रहे हैं\
एक मार्केट सर्वे के अनुसार जुलाई माह तक २००० नए एयर कंडीशनर्स बिके हैं |इनके लिए लोड कहीं नहीं बढाया गया है |बिलों में जरूर अतिरक्त चार्ज लग कर आने लगता है मगर उस इलाके के सेंक्शन लोड को किसी भी छेत्र में बढाया नहीं गया है|ट्रांसफार्मर्स जो पुराने सेंक्शन थे उन्ही से गुजारा किया जा रहा है ये और बात है की ये बार बार फ्हुंक रहे हैं और इनकी मरम्मत हो रही है|

मुक़द्दस दरगाह में फिल्म वालों की एंट्री पर बैन हो = दरगाह दीवान

मुक़द्दस दरगाह अजमेर शरीफ के दीवान जैनुल आबेदीन ने दरगाह में आने वाले फिल्म वालों की एंट्री पर कड़ा एतराज जताया है|
इनके अनुसार इस्लाम में न्रत्य और फिल्मो की मनाही है|इसीलिए अपनी फिल्मो की सफलता के लिए यहाँ आकर कामना करना उचित नहीं है |
दरगाह अजमेर शरीफ पर हर धर्म के लोगों का विश्वास है। यहाँ आने वाले जायरीन चाहे वे किसी भी मजहब के क्यों न हों, ख्वाजा के दर पर दस्तक देने के बाद उनके जहन में सिर्फ अकीदा ही बाकी रहता हैयह हिन्दू मुस्लिम एकता का प्रतीक है|
इतिहास के पन्नों में झांकने पर पता चलता है कि बादशाह अकबर को भी इसी मुक़द्दस दरगाह पर माथा टेकने से पुत्र[सलीम] की प्राप्ति हुई थी ।ख्वाजा साहब का शुक्रिया अदा करने के लिए अकबर बादशाह ने आमेर से अजमेर शरीफ तक पैदल आये थे |पिछले दिनों पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी भी आये थे और एक बड़ी राशि दे कर गए थे यहाँ हाजरी देने वालों में मज़हब की कोई दीवार नहीं है|फिल्म वाले भी अपनी फिल्मो कि सफलता और प्रसिद्धि के लिए आते हैं|इसी पर एतराज जताते हुए दरगाह दीवान[प्रमुख] श्री जैनुल द्वारा इस्लाम के बुद्धिजीवी+अनुयायी +उलेमाओं से फिल्म वालों की एंट्री पर विचार करने की|अपी;ल की गई है |
तारागढ़ पहाड़ी की तलहटी में स्थित दरगाह शरीफ वास्तुकला की दृष्टि से भी बेजोड़ है…यहाँ ईरानी और हिन्दुस्तानी वास्तुकला का सुंदर संगम दिखता है। दरगाह का प्रवेश द्वार और गुंबद बेहद खूबसूरत है। इसका कुछ भाग अकबर ने तो कुछ जहाँगीर ने पूरा करवाया था। माना जाता है कि दरगाह को पक्का करवाने का काम माण्डू के सुल्तान ग्यासुद्दीन खिलजी ने करवाया था। दरगाह के अंदर बेहतरीन नक्काशी किया हुआ एक चाँदी का कटघरा है। इस कटघरे के अंदर ख्वाजा साहब की मजार है। यह कटघरा जयपुर के महाराजा राजा जयसिंह ने बनवाया था। दरगाह में एक खूबसूरत महफिल खाना भी है, जहाँ कव्वाल ख्वाजा की शान में कव्वाली गाते हैं।

श्रद्धा भाव से आज पूजा गुग्गा

आज श्रद्धा भाव से गुग्गा पूजन किया गया और अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई|
अविभाजित पंजाब में आज के दिन गावों के बाहर पीपल आदि के पेड़ों पर मीठे जवे[सेवैय्याँ]दूध,फल आदि चड़ा कर
दीपक जलाया जाता था और पूर्वजों की आत्मा की शांति की कामना की जातीथी |इस परम्परा को पर्यावरण संरक्षण
से भी जोड़ा जाता रहा है|
अब चूँकि शहर बसते जा रहे हैं इसीलिए मंदिर में ही पीपल की पूजा की जारही है|
एक और मान्यता के अनुसार गावों के रेंगने वाले जीवों को गावों के बाहर ही रखे जाने के लिए यह प्रथा चलाई गई थी
आज विभाजन के पश्चात भी यह प्रथा को जीवित रखा जा रहा है और इस सांस्कृतिक धार्मिक धरोहर को अगली पीडी
को सौंपा जा रहा है