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Category: Religion

श्मशान कर्मकांड के भाव बढ़े,नेता और व्यवसाई! करो टेकओवर की तैयारी

झल्लीगल्लां
श्मशानकाआचार्यजी
Jamos cartoonओए झल्लेया!हसाडे मेहनत के कर्मकांड के लिए दान दक्षिणा पर भी कथित समाजसेवी नाक भों सिकोड़ने लग गए।अरे हमे कोई शादी व्याह में तो बुलाता नही अब ले दे के कोई मरने पर ही यहां आता है।हम पूर्ण निष्ठा से 13 दिन कर्मकांड कराते हैं और अपना परिवार पालते हैं।अब ये कोरोना हमारे कहने से तो आया नही जो इसे लेकर हमारी थोड़ी बहुत इनकम को कोसा जा रहा है।
झल्लाझल्ला
महाराज!थोड़ा हंस वी लया करो।श्मशान में कर्मकांड के भाव बढ़ने से धन्नासेठ और राजनेता भी आकर्षित होंगे और इस कमाऊ व्यवस्था को टेकओवर करने को जुगत लड़ाएंगे।इससे आप लोगों के भी अच्छे दिन आ जाएंगे

PM Modi Greets Bengalis on Poyla Boishakh

(New Delhi)PM Modi Greets Bengalis on Poyla Boishakh
The Prime Minister, Narendra Modi, has greeted Bengalis in India and across the world on Poyla Boishakh.
Wishing ‘Shubho Nabo Barsho’, the Prime Minister tweeted: “The love of life and the fervor of celebration that one sees in the people of Bengal are truly heartening. My heartfelt wishes to Bengalis in India and across the world on Poyla Boishakh. May the New year bring prosperity, happiness and health to all.”

मोदीभापे! बेरुखी दिल पे चोट करती,तख्तनशी होकर ये क्या सीरत अपनाई

#मोदीभापे
तुम्हारी बेरुखी सीधे दिल पे चोट करती ,तख्तनशी होकर ये क्या सीरत अपनाई
पहले थे सिर्फ नजरों से दूर,अब दिल से भी दूरी बना डाली,ये कैसी आशनाई है
#कंपनसेशन/#रिहैबिलिटेशन क्लेम की सरकारी लूट
#PMOPG/E/2016/0125052

अरे वोह तो मुर्दों में से जी उठा !होलेलुइय्या !! हैप्पी ईस्टर

(नई दिल्ली)अरे वोह तो मुर्दों में से जी उठा !हैप्पी ईस्टर
“भगवान ईसा मसीह के पुनरूज्जीवन दिवस के प्रतीक, ‘ईस्टर’के पावन अवसर सभी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं । प्रेम, शांति, करुणा और क्षमा के माध्यम से मानवता की मुक्ति के पथ को आलोकित करने वाले प्रभु ईसा
सभी के जीवन में स्वास्थ्य, शांति और समरसता लेकर आए।”
फ़ाइल फ़ोटो

Jesus a Perfect Embodiment of Compassion;Modi on Goodfriday

(New Delhi)Jesus Christ a Perfect Embodiment of Compassion;Modi on Goodfriday
In a message on Good Friday, Prime Minister of India Narendra Modi tweeted
“Good Friday reminds us about the struggles and sacrifices of Jesus Christ. A perfect embodiment of compassion, He was devoted to serving the needy and healing the sick.”
File Photo

महाकुंभ स्नान के प्राचीन अमृत ज्ञान संग आधुनिक कोरोना विज्ञान का भी सहारा जरूरी

झल्लीगल्लां
आस्थावानहिन्दू

Mahakumbh

Mahakumbh

ओए झल्लेया मुबारकां! ओये आज के पवित्र ध्याड़े हरिद्वार में महाकुंभ मेला शुरू होने जा रहा है।ओये तुझे मलूम है कि अब की बार बारह के बजाय ग्यारह बरस में ही यह पवित्र मेला शुरू हो रहा है।यहां हसाडी प्राचीन संस्कृति की भव्यता के दर्शन और स्नान लाभ मिल सकेंगे। ओये हरिद्वार में ही कल्याणकारी अमृत की बूंदे गिरी थी ।यहीं देवताओं ने कुम्भ घटक दबाया हुआ है ।ओए कुम्भ स्नान से हसाडा जीवन सफल हो जाणा है
झल्ला
झल्लाभापा जी! आस्था के इस महाकुंभ की आप जी को भी लख लख वधाइयाँ। वैसे तो व्यवस्थापक आज कल कोरोना महामारी की आपदा में भी अवसर बनाने पर तुले हैं लेकिन आम नागरिक इन अवसरों में आपदा लेकर घरों को लौटते हैं इसीलिए झल्लेविचारानुसार प्राचीन अमृत ज्ञान के साथ साथ आधुनिक कोरोना विज्ञान का पालन करते हुए ही अवसरों का लाभ लेने को कदम बढाने चहिए इसीलिए कोरोना प्रोटोकॉल जरूरी है

SGPC Urges UN to Declare 2021 as Int’l Human Rights yr

(Asr,Pb) SGPC Urges UN to Declare 2021 as Int’l Human Rights yr
The SGPC has asked the centre to repeal the recent farm laws, in a set of resolutions that also urges the UN to declare 2021, the 400th birth anniversary year of Guru Tegh Bahadur, as the International Human Rights Year .
The resolutions were moved by Bibi Jagir Kaur, chief of the Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee, an apex gurdwara body, and were passed by its members.
In its resolution on the celebration of the Guru Tegh Bahadur’s birth anniversary, the SGPC also asked the Centre to establish a unique monument of the ninth Guru on the lines of ‘Virasat-e-Khalsa’ at Sri Anandpur Sahib, dedicating it to his 400th birth anniversary.
The resolution also demanded large scale development of all historic sites related to Guru Tegh Bahadur, including his birthplace Gurdwara Guru Ke Mahal in Amritsar and Gurdwara Sis Ganj Sahib, the shrine built in Delhi to commemorate his martyrdom.
The day of martyrdom of the ninth Guru should be celebrated as ‘Religious Tolerance Day’ and the Centre should make the holy ‘baani’ (Gurbani writings) of the ninth Guru available in libraries all over the world by translating them into major languages of the world, the resolution said.
All these works should be done under the supervision of the SGPC, it added.
The resolution also asked the Centre and the state governments to declare the SGPC as the nodal body for the fourth birth centenary celebrations of the ninth Guru, to be held at home and abroad.
Apart from this, the road from Agra, the place of the arrest of the ninth Guru, to his martyrdom site at Delhi, should be declared as ‘Sri Guru Tegh Bahadur Sahib Marg’ and from Delhi to Sri Anandpur Sahib as ‘Sri Guru Tegh Bahadur Sahib Sis Marg’, as his holy ‘Sis’ (head) was carried on this route after the martyrdom, the resolution said.
A resolution was also passed for the reopening of the Kartarpur corridor.
The resolution on the farm laws also condemned the death of a youth Navreet Singh during the farmer tractor rally in Delhi on January 26 and demanding an impartial inquiry into the matter.
The resolution also demanded immediate release of youths and farmers apprehended during the tractor rally and withdrawal of criminal cases lodged against them.
File Photo

काहे की होली? काहे की हमजोली ??जब दो गज की दूरी और मास्क भी जरूरी!

झल्लीगल्लां
भजपाईचेयरलीडर
ओए झल्लेया!रंगों के मस्त त्यौहार होली दियाँ लख लख मुबारकां।
ओए कल होलिका के दहन से बुराईओं का खात्मा हो चुका अब खुल के रंग बरसाओ।बरसाने से अयोध्या या फिर काशी नहाओ।
झल्ला

Holi

Holi

चतुर सेठ जी!हमारी काहे की होली??? काहे की होली? काहे की हमजोली ??जब दो गज की दूरी और मास्क भी जरूरी!
संग खड़ी हमजोली!फिर भी दो गज की दूरी ऊपर से मास्क भी जरूरी।हाँ तुम लोगों ने तो महाराष्ट्र के फार्म हाउस में एन सी पी वालों से होली मिलन कर ही लिया।बंगाल में ममता और आसाम में कांग्रेस के गाल बिना गुलाल के ही लाल कर लिए।
बुरा ना मानो
होली के हुलियारे बेचारे ,तुम्हारी कोरोना चेतावनियों के मारे
ढूंढ रहे रघुबीरा,लेकर सोने का बीड़ा,दिख नही रहा हुड़दंगी कन्हाई
किलस किलस गुलाल से कर रहे अपने ही दोनों गाल लाल
काहे की खुशियां ?काहे के रंग ?? होली हुई बदरंग

होली और शबेरात में घुस आई बुराईयों से निजात पाने को दुआ करें

झल्लीगल्लां
आमनागरिक

झल्ला

झल्ला

ओए झल्लेया!होली दियां लख लख वधाइयाँ!ओए आज एक साथ दो दो मुकद्दस ध्याड़े हैं!होली पर बुराईयों का अंत करने के लिए होलिका को जलाया जाता है तो गुनाह माफ करवाने के लिए अल्लाह की इबादत करते हुए शबे रात मनाने का चलन है।
झल्लाझल्ला खैर मुबारक जी!वाकई ये दोनों त्यौहार ईमानदारी से मनाए जाएं तो हसाडा भारत स्वर्ग बण जाए।दुर्भाग्य से होली पर रंग फैंकने में बदनीयत और आतिशबाजों के साथ स्टंट बाज समाज के दूसरे वर्गों में जो ख़ौफ़ पैदा करते है उससे त्यौहार के रंग फीके हो जाते हैं ।आओ इन बुराईयों से निजात पाने को दुआ करें

पोलिटिकल होलिकाएँ जनता रूपी प्रह्लाद को फूंक कर बच निकलने में माहिर

झल्लीगल्लां
उत्सवप्रेमी
Holiओए झल्लेया!फाल्गुनी शुक्लपक्ष में हर तरफ होली की मस्ती छाई है।मन हुआ मृदंग ,कामदेव ठोक रहा ताल
हर तरफ मस्ती छाई है।ओए होलिका दहन की तैयारी कर लो। प्रह्लाद को बचाने के लिए होलिका को फूंकना जरूरी है।सुना है इस त्यौहार से वातावरण में बैक्टेरिया को समाप्त हो जाते हैं।ओए कोरोनासुरों का भी नाश हो जाना है

होली

होली

झल्ला आजकल तो गूलर+दार+पलाश+खैर+पीपल+शमी+दूबकी लकड़ी छोड़ो कुश भी नही नसीब होता।ये सभी देसी घी और उपलों संग जल कर बैकटीरिया नष्ट करते हैं।अब तो जो मिला उसी से ही ओपचारिकता निभा ली जाती है।वैसे विष्णु जी झूठ ना बुलवाएं।आजकल की होलिकाएँ भी राजनीति सीख गई हैं इन्हें जनता रूपी प्रह्लाद को फूंक कर बच निकलने में महारथ हासिल है