Ad

Category: Religion

Capt Lambaste Sampla For Denying Travel Permit For Kartarpur Sahab

[Chd,Pb] Capt Lambaste Sampla For Denying Travel Permit to Sangat For Kartarpur Sahab
Punjab Chief Minister Captain Amarinder Singh has lambasted Union Minister and former Punjab State BJP President Vijay Sampla for trying to scuttle the dreams of the Sikh community by unnecessarily complicating the process of travel and darshan at the historic Kartarpur Sahib Gurdwara.Earlier Capt wrote a letter to Union Home minister for Passport Waiver For Sangat To Cross Kartarpur Corridor
The statement of Vijay Sampla rejecting the possibility of Passport waiver and making visa mandatory for the poor and illiterate pilgrims crossing the Kartarpur Sahib Corridor had once again shown that neither the ruling Bhartiya Janata Party (BJP) nor its ally SAD were interested in facilitating the devotees by making travel hassle-free, said the Chief Minister.
Sampla’s claim that all Punjabis had Passports was highly irresponsible and wrong, and showed how misinformed and disconnected from the masses the Minister was,
Capt Said,A Travel Permit could suffice to regulate entry and exit through the Kartarpur Corridor, with any official document, like the Aadhar card (which has biometric details of the citizens), as identification proof for those seeking to travel through the Corridor,

२३०० महिलायें बिना मेहरम के मुक़द्दस हज यात्रा करेंगी :नकवी

[नई दिल्ली]२३०० महिलायें बिना मेहरम के मुक़द्दस हज यात्रा करेंगी :नकवी
केन्द्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार भारत से 2,300 से भी अधिक मुस्लिम महिलाएं वर्ष 2019 के दौरान ‘मेहरम (पुरुष सहयोगी)’ के बिना ही हज यात्रा पर जाएंगी।
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के हज प्रभाग के नए कार्यालय परिसर का आर.के. पुरम, नई दिल्ली में उद्घाटन करते हुए श्री नकवी ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में रहने वाली 2340 मुस्लिम महिलाओं ने मेहरम के बिना हज 2019 पर जाने के लिए आवेदन किया है। इस वर्ष भी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने लॉटरी प्रणाली के बिना ही इन महिलाओं को हज पर भेजने की व्यवस्था की है।
केन्द्र की मोदी सरकार ने पिछले वर्ष पहली बार ‘मेहरम’ के बिना महिलाओं के हज यात्रा पर जाने पर लगे प्रतिबंध को हटाया था। इसके परिणामस्वरूप बिना किसी पुरुष सहयोगी के भारत की लगभग 1300 मुस्लिम महिलाएं हज 2018 पर गई थीं। इन महिलाओं को लॉटरी प्रणाली से छूट दी गई थी। उन्होंने कहा कि हज 2019 के लिए लगभग 2.67 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं जिनमें से 1,64,902 आवेदन ऑनलाइन प्राप्त हुए हैं।
हज यात्रा पर जीएसटी घटने की बदौलत विभिन्न स्थानों से हवाई यात्रा के किरायों में उल्लेखनीय कमी सुनिश्चित होगी।

Capt Seeks Passport Waiver For Sangat To Cross Kartarpur Corridor

[Chd,Pb]Capt Seeks Passport Waiver For Sangat To Cross Kartarpur Corridor
Punjab Chief Minister Captain Amarinder Singh has sought waiver of passport condition for pilgrims to cross the Kartarpur Corridor to enable “khulle darshan deedar” of Sri Kartarpur Sahib Gurdwara on the 550th Birth Anniversary celebrations of Sri Guru Nanak Dev Ji Sri Kartarpur Sahib Gurdwara.
Captain Amarinder Singh has also asked the Modi Government to quickly finalize the alignment of the road access and attendant government infrastructure to be built around the Corridor so that the process of acquisition may be commenced without any further delay to ensure early operatlionalisation of the historic Corridor.
Captain Amarinder has, in his letter to Union Home Minister Rajnath Singh suggested that any other valid government document such as the Aadhar card, may be used in place of Passport for identification to enable maximum pilgrims to visit the sacred Gurdwara Sahib.

.

राजस्थान से २६ महिलायें बिना महरम के हज के लिए जाएंगी : कुर्रा खुला

[जयपुर]राजस्थान से २६ महिलायें बिना महरम के हज के लिए जाएंगी
अल्पसंख्यक मामलात एवं वक्फ विभाग मंत्री श्री शाले मोहम्मद ने मंगलवार को शासन सचिवालय के कान्फ्रेन्स हाल में हज यात्रा-2019 का ऑनलाईन बटन दबा कर सबसे पहले अजमेर जिले का कुर्रा खोला
श्री शाले के अनुसार हज यात्रा-2019 के लिए इस बार कुल 10 हजार 750 आवेदन प्राप्त हुए है जिनमे सामान्य वर्ग के आवेदक 4 हजार 535 है कुल रिजर्व वर्ग के आवेदक 729 है
जिसमे महिला हाजी (बिना महरम के) कुल 26 होगी।
अमीन पठान हज कमेटी के अध्यक्ष हैं

राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत ने मकर संक्रांति पर उडाई पतंग

[जयपुर]राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत ने उडाई पतंग
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को अपने निवास पर मकर संक्रांति की शुभकामनाओं वाली पतंग उड़ाई।
श्री गहलोत ने विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों, संगठनों एवं संस्थाओं के पदाधिकारियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर गजक एवं रेवड़ी खिलाकर उनका मुंह मीठा भी करवाया गया

सीएम गहलोत को गुरुद्वारा साहब में सिरोपा एवं कृपाण से सम्मानित किया

[जयपुर]सीएम गहलोत ने गुरुद्वारा साहब में मत्था टेका
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को राजापार्क स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। गुरु गोविंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर आयोजित विशेष समागम में मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारे में मत्था टेका और प्रदेश में शांति एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने रागी जत्थों द्वारा किया जा रहा कीर्तन भी सुना। गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी की ओर से सिरोपा एवं कृपाण भेंट कर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया गया।
इस अवसर पर विधायक रफीक खान, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जसबीर सिंह, राजस्थान फाउण्डेशन के पूर्व उपाध्यक्ष राजीव अरोड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्यजन एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

PM “Modi”Attacks Congress on Kartarpur Sahib+1984 Sikh Genocide

[New Delhi]PM”Modi”Attacks Congress on Kartarpur Sahib+1984 Sikh Genocide
Prime Minister Narendra Modi Sunday attacked the previous Congress government for its inability to bring Kartarpur Sabib under India during partition.
Releasing a commemorative coin as part of the 350th birth anniversary celebrations of 10th Sikh guru Guru Gobind Singh, Modi also came down on the Congress for the 1984 riots that took place following the assassination of the then Prime Minister Smt Indira Gandhi.
He said now devotees do not have to look at the shrine in Pakistan using binoculars and they could visit the place without visa using the corridor.
Guru Nanak passed away in Kartarpur on September 22, 1539.
Former prime minister Manmohan Singh, former chief justice of India J S Khehar and several Sikh leaders were present at the Prime Minister’s residence to participate in the event.
Modi said be it Guru Nanak or Guru Gobind Singh, they have taught us to be on the side of justice.
Following the path shown by them, the central government is trying to get justice for the people who suffered during the 1984 anti-Sikh riots, Modi said.
“The central government is making efforts to get justice for the period of injustice which started in 1984. For decades, mothers, sisters, daughters and sons have shed tears, the law will deliver justice, wipe (their) tears,” the PM said referring to the riots that took place following the assassination of then prime minister Indira Gandhi.
The PM released a Rs 350 denomination commemorative silver coin to mark the 350th birth anniversary of Guru Gobind Singh.

दशम पादशाही गुरु गोविंद सिंह जी की ३५२ वीं जयंती पर जारी होगा स्मारक सिक्का

[नई दिल्ली]दशम पादशाही गुरु गोविंद सिंह जी की ३५२ वीं जयंती पर जारी होगा स्मारक सिक्का |दो वर्ष पूर्व स्मारक डाक टिकट भी जारी किया था|
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिखों के 10वें गुरु गोविंद सिंह की जयंती के मौके पर रविवार को उनके सम्मान में एक स्मारक सिक्का जारी करेंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान के मुताबिक मोदी इस मौके पर कुछ गिने-चुने लोगों को अपने निवास पर संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री पांच जनवरी, 2017 को पटना में गुरु गोविंद सिंह की 350वीं जयंती पर आयोजित समारोह में शामिल हुए थे।
इस अवसर पर उन्होंने एक स्मारक डाक टिकट भी जारी किया था।

न्यायमूर्ति ललित की तरफ वकील की ऊँगली उठी तो अयोध्या मामले की सुनवाई से हो गए अलग

[नयी दिल्ली]न्यायमूर्ति ललित की तरफ ऊँगली उठी तो अयोध्या मामले की सुनवाई से हो गए अलग
इसी आधार पर अब जस्टिस रंजन गोगोई पर भी सवाल उठने लगे हैं |डॉ राम विलास वेदांती के अनुसार जस्टिस रंजन गोगोई के पिता भी आसाम में कांग्रेस के मुख्य मंत्री रहे हैं |
न्यायमूर्ति ललित पूर्व में पूर्व मुख्य मंत्री और वर्तमान में गवर्नर कल्याण सिंह की पैरवी कर चुके हैं |इसीको निशाना बनाते हुए मुस्लिम पक्ष के वकील राजिव धवन ने ऐतराज किया था|
जन्मभूमि – बाबरी मस्जिद भूमि मालिकाना हक विवाद मामले की सुनवाई करने वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ के सदस्य रहे न्यायमूर्ति यू यू ललित ने बृहस्पतिवार को स्वयं को सुनवाई से अलग कर लिया।
अदालत के बैठते ही मुस्लिम पक्ष की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि न्यायमूर्ति ललित उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की पैरवी करने के लिए 1994 में अदालत में पेश हुए थे।
हालांकि धवन ने कहा कि वह न्यायमूर्ति ललित के मामले की सुनवाई से अलग होने की मांग नहीं कर रहे हैं, लेकिन न्यायाधीश ने स्वयं को मामले की सुनवाई से अलग करने का फैसला किया।
न्यायमूर्ति गोगोई , न्यायमूर्ति ललित, न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति एन वी रमना और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की सदस्यता वाली पीठ ने धवन के तर्कों पर विचार किया।
धवन ने इस ओर भी पीठ का ध्यान खींचा कि पहले तय किया गया था कि इस मामले की सुनवाई तीन न्यायाधीशों की पीठ करेगी लेकिन बाद में प्रधान न्यायाधीश ने इसे पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का फैसला किया।
उन्होंने कहा कि पांच न्यायाधीशों की एक संविधान पीठ गठित करने के लिए एक न्यायिक आदेश की आवश्यकता है।
हालांकि, प्रधान न्यायाधीश ने न्यायालय के उन नियमों का हवाला दिया जिनमें कहा गया है कि हर पीठ में दो न्यायाधीश होने चाहिए और पांच न्यायाधीशों की एक संविधान पीठ गठित करने में कुछ भी गलत नहीं है।
उन्होंने कहा कि मामले के तथ्यों एवं परिस्थितियों और इससे संबंधित विशाल रिकॉर्डों के मद्देनजर यह पांच न्यायाधीशों की पीठ गठित करने के लिए उचित मामला है।
पीठ ने अपने आदेश में कहा कि शीर्ष अदालत पंजीयन सीलबंद कमरे में 50 सीलबंद पेटियों में रखे रिकॉर्डों की जांच करेगा।
उसने कहा कि मामले संबंधी रिकॉर्डों का आकार बहुत विशाल है और कुछ दस्तावेज संस्कृत, अरबी, उर्दू, हिंदी, फारसी और गुरमुखी में हैं जिनका अनुवाद किया जाना आवश्यक है।
पीठ ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय पंजीयन आधिकारिक अनुवादकों की मदद ले सकता है।
इससे पहले, 27 सितंबर, 2018 को तीन सदस्यीय पीठ ने 1994 के एक फैसले में की गयी टिप्पणी पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ के पास नये सिरे से विचार के लिये भेजने से 2:1 के बहुमत से इनकार कर दिया था। इस फैसले में टिप्पणी की गयी थी कि मस्जिद इस्लाम का अभिन्न अंग नहीं है। यह मुद्दा अयोध्या भूमि विवाद की सुनवाई के दौरान उठा था।
जब चार जनवरी को मामले को सुनवाई के लिए पेश किया गया था, उस समय इस बात का कोई संकेत नहीं दिया गया था कि इस मामले को एक संविधान पीठ को भेजा जाएगा। उस समय शीर्ष अदालत ने केवल यह कहा था कि ‘‘एक उपयुक्त पीठ’’ मामले संबंधी आगे के आदेश 10 जनवरी को देगी।
इस मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वर्ष 2010 के आदेश के खिलाफ 14 याचिकाएं दायर हुई हैं। उच्च न्यायालय ने इस विवाद में दायर चार दीवानी वाद पर अपने फैसले में 2.77 एकड़ भूमि का सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला के बीच समान रूप से बंटवारा करने का आदेश दिया था।

Shiromani Akali Dal Seeks Production Subsidy For Farmers

[Bathinda,Pb]Shiromani Akali Dal[ SAD] Seeks Production Subsidy For Farmers
Shiromani Akali Dal (SAD) chief Sukhbir Singh Badal Wednesday sought production subsidy for farmers on the pattern of investment subsidy being given to the industry.
Former Punjab deputy chief minister said he had already requested Prime Minister Narendra Modi to introduce production subsidy concept for farmers.
“Production subsidy should be given to farmers on the pattern of investment subsidy given to the industry,” he said after interacting with party workers at Goniana
.Badal also accused Punjab Chief Minister Amarinder Singh of committing a fraud with farmers, claiming he had given “a signed affidavit” to farmers that the Congress government would wave their entire debt.
Meanwhile, Union Minister Harsimrat Kaur Badal alleged that Amarinder Singh was trying to “befool” the people of Punjab by stating that central funds had not been received to initiate work on the Kartarpur corridor.
On Kartarpur She said Punjab government does not acquire land, but blame the Centre for its failure,
file photo