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मिशेल ओबामा ओक क्रीक गुरुद्वारा गोलीकांड के पीड़ित परिवारों से मिलेंगी

अमेरिका में होने वाले चुनावों के मद्देनज़र लगता है कि बराक ओबामा की पार्टी कोई मौका खोना नहीं चाहती इसलिए अब प्रथम महिला मिशेल भी अगले सप्ताह विस्कॉन्सिन गुरुद्वारा गोलीकांड के पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगी।
सिख परिषद ने मिशेल के इससहानुभूतिपूर्वक कदम स्वागत किया है| यह सुनना सुखद है कि प्रथम महिला मिशेल गुरुद्वारे में हुई हिंसा से उजड़े परिवारों से मुलाकात करेंगी।
सिख परिषद् के अध्यक्ष राजवंत सिंह के अनुसार यह वाकई महत्वपूर्ण है कि शीर्ष नेतृत्व पीड़ित परिवारों व पूरे सिख समुदाय के ताजा जख्मों को सम्मानजनक तरीके से भरता है।
उन्होंने कहा है कि प्रथम महिला का दौरा सिखों को फिर से भरोसा दिलाने व उनका दिल छूने वाला कदम होगा और यह इस गम्भीर मोड़ पर राष्ट्रपति ओबामा द्वारा सिख समुदाय को गले लगाने का सशक्त प्रतीक होगा। यह न केवल सिख त्रासदी है, बल्कि अमेरिका की त्रासदी है।
गौरतलब है कि कि पांच अगस्त के रविवार को विस्कॉन्सिन के ओक क्रीक स्थित गुरुद्वारे में कथित श्वेत नस्ल कट्टरपंथी, वेड माइकल पेज द्वारा की गई गोलीबारी में छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी और चार अन्य घायल हो गए थे। घायलों में एक पुलिसकर्मी भी शामिल था|इस घटना में मारे गए लोगों के सम्मान में राष्ट्रीय ध्वज आधे झुका दिए थे|

पाकिस्तान के राष्ट्रपति के नजराने से अजमेर में बनेगा अस्पताल

पकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी द्वारा भेजे गए १० लाख डालर के नजराने के एक हिस्से से ख्वाजा गरीब नवाज़ अस्पताल बनेगा |
राष्ट्रपति श्री जरदारी इस साल आठ अप्रैल को अजमेर शरीफ की जियारत पर आए थे तब उन्होंने दरगाह को 10 लाख डॉलर के नजराने का ऐलान किया था.
इस ऐलान के चार महीने बाद जुमा अलविदा को[शुक्रवार ]को पाकिस्तान की ओर से पूर्व विदेश सचिव सलमान बशीर पैसे लेकर अजमेर आए \
इस नज़राने पर ख्वाजा के खादिमों ने अपना हक जताया.
मजबूरन नजराने की रकम तीन हिस्से में बांटी गई, जिसमें दो खादिमों की अंजुमन कमेटियों को करीब दो-दो करोड़ रुपये मिले और दरगाह कमेटी को करीब एक करोड़ पैंतालीस लाख ही मिले|
अजमेर के ख्वाजा गरीब नवाज के खादिमों ने नजराने के 5.5 करोड़ रुपये में से अपनी हिस्सेदारी ले ही ली
नजराने का इस्तेमाल दरगाह के विकास में किया जाना था, लेकिन पैसे का बंटवारा हो जाने के बाद अब दरगाह कमेटी अपने हिस्से के एक करोड़ पैंतालीस लाखसे अस्पताल बनवाना चाहती है.

रूसी राष्ट्रपति के खिलाफ प्रार्थना करने वाली पंक बैंड को दो साल की सजा

रूस और भारत में एक बात तो समान है दोनों मुल्कों में नेताओं विशेषकर सत्तारूड़ नेताओं के खिलाफ बोलने वालों के लिए जेल ही निश्चित कर दी गई है|
पंक बैंड के तीन महिला सदस्यों को मास्को के एक गिरजाघर में राष्ट्रपति पुतिन के खिलाफ प्रार्थना करने पर दो साल कैद की सजा सुनाई गई है। एक अदालत ने तीनों महिलाओं को धर्म के नाम पर नफरत फैलाने का दोषी माना है। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जोश अर्नेस्ट ने कोर्ट के इस बर्ताव पर कडा़ एतराज जताया है यूरोपीय संघ में भी इसकी भर्त्सना की जा रही है|
बताते चलें कि माशा +नाद्या+ कात्याके उपनाम से मशहूर नादेज्दा तोलोकोनिकोवा (22), मारिना अल्योखिना (24) और येकातेरीना सामुत्सेविच (30) नामक तीनों महिलाएं अधिकार समूह पुस्सी रायट की सदस्य हैं। यह समूह रॉक कंसर्टों के माध्यम से तमाम समकालीन मुद्दों पर अपना विरोध दर्ज कराता आया है। नेबीती फरवरी में मास्को के क्राइस्ट द सेवियर कैथेड्रलचर्च में सर्विस अटेंड की थी और देश को पुतिन शासन से मुक्त कराने के लिए एक प्रार्थना की थी,यह रूसी आर्थोडाक्स चर्च के अनुयायियों को नागवार गुजरी थी तभी से ये तीनों पुलिस की हिरासत में हैं|
अब भारत की बात करे तो लेटेस्ट घटना बंगाल की है लेफ्टिस्ट को हरा कर गरीबों की मदद को सत्ता में ई टी एम् सी की अध्यक्षा ममता बेनर्जी से एक व्यक्ति ने सवाल कर लिया और वोह बेचारा भी जेल की रोटियाँ तोड़ रहा है|

तालिबान के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई से पाकिस्तान की अस्वीकृति

पाकिस्तान की अमेरिका के साथ मिलकर तालिबान के खिलाफ अपने देश में संयुक्त सैन्य कार्रवाई करने की कोई उसकी योजना नहीं है। यह घोषणा पाकिस्तानी सेना ने शुक्रवार को की।

तालिबान के खिलाफ अमेरिका के साथ संयुक्त कार्यवाही से पाक पीछे हटा |
पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी ने बीते दिन संयुक्त सैन्य कार्रवाई को लेकर अमेरिकी मीडिया में लगाई जा रही अटकलों को खारिज किया है।
अमेरिकी मीडिया में ऐसी खबर आई थी कि पाकिस्तान और अमेरिका, अफगानिस्तान से सटे उत्तरी वजीरिस्तान के इलाके में संयुक्त सैन्य कार्रवाई करने पर राजी हो गए हैं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार ऐसी खबरें थी कि यह समझौता पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल जहीर-उल-इस्लाम और अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के शीर्ष अधिकारियों के बीच वाशिंगटन में हुई मुलाकात के दौरान हुआ।
जनरल कयानी ने रावलपिंडी शहर में गुरुवार रात अमेरिकी जनरल जेन जेम्स एन. मैटिस से मुलाकात के बाद पाकिस्तान का पक्ष स्पष्ट कर दिया।
कयानी का कहना है कि समन्वित कार्रवाई और संयुक्त कार्रवाई में अंतर करना महत्वपूर्ण है।
सेना के एक बयान में उनके हवाले से कहा गया कि समन्वित कारवाई का तात्पर्य यह है कि पाकिस्तानी सेना और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल ( आईएसएएफ) दोनों अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा के दोनों तरफ कार्रवाई करेंगे।
कयानी ने कहा कि संयुक्त कार्रवाई पाकिस्तान की जनता और सैन्यबलों के लिए अस्वीकार्य है। किसी भी फैसले पर विचार करने से पूर्व राष्ट्रहित का ख्याल रखना ज्यादा अहम होगा।

पाकिस्तान में आत्मघाती हमले में ५ मरे

पाकिस्तान की आज़ादी की सालगिरह के बाद से आतंकवादी हमले बढ़ते जा रहे हैं|कामरा के एयरबेसपर फिदाईन हमले के बाद आज[शनिवार] अल सुबह क्वेटा शहर में एक आत्मघाती हमला हुआ इस हमले में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई जिनमें चार अर्धसैनिक बल के जवान शामिल हैं।
क्वेटा दक्षिण पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान की राजधानी है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, विस्फोट देर रात लगभग एक बजे हुआ।
हमलावर ने कम्बरानी रोड पर अपनी कार अर्धसैनिक बल की गाड़ी की ओर ले जाकर खुद को उड़ा लिया।

प्रिंस विलियम ने लडकी को डूबने से बचाने का कारनामा कर दिखाया

प्रिंस विलियम ने 16 साल की एक लडकी को डूबने से बचाने का कारनामा कर दिखाया है| . डेली एक्सप्रेस ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि यह लडकी वेल्स तट से दूर एंग्लेसे द्वीप से कुछ दूर समुद्र में अपनी 13 वर्षीय बहन की मदद का प्रयास कर रही थी. उसी दौरान वह डूबने लगी.
ड्यूक ऑफ कैम्ब्रिज उर्फ फ्लाइट लेफ्टिनेंट वेल्स ने काम के दौरान हेलीकॉप्टर सी किंग उडाया जबकि मास्टर एयरक्रू हैरी हैरीसन ने 16 वर्षीय लडकी को पानी से बाहर निकाला और उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. हैरीसन ने कहा, ‘‘जब मैं उसके करीब पहुंचा तब वह बुरी तरह थक चुकी थी और वह पानी में डूबने ही वाली थी.’’ दरअसल दोनों लडकियां ज्वार भाटा में बह गयी थी. बाद में दोनों लडकियां और उनकी मां एक साथ आयीं और उन्हें बांगोर में अस्पताल ले जाया गया

|प्रिंस विलियम को प्रशिक्षित आरएएफ तलाश एवं बचाव कप्तान बताया गया है|

देश में और सीमा पर माहौल बिगाड़ने की साजिश

सीमा पर पाकिस्तानी सेना और देश में उनके द्वारा भेजे जा रहे एस एम् एस के जरिये देश में और सीमा दोनों पर ही माहौल को बिगड़ने की कौशिशे जारी है|
पाकिस्तान की ओर से संघर्ष-विराम के बार-बार उल्लंघन किया जा रह है|। शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन पाकिस्तानी रेंजरों ने आरएसपुरा सेक्टर की अब्दुल्लियां पोस्ट पर साढ़े चार घंटे तक भारी गोलीबारी की और मोर्टार शेल दागे। पाकिस्तान ने सुरक्षा चौकियों के साथ इस बार गांवों को भी निशाना बनाया है। बीएसएफकी सलाह पर अब्दुल्लिया गावं वाले गावं खाली करके सुरक्षित स्थानों को जाने लगे हैं|
सीमा पार से स्वतंत्रता दिवस पर शुरू हुई गोलीबारी का सिलसिला बीती रात जुमा अलविदा [शुक्रवार] को भी जारी रहा।
गोलीबारी से बेगा, बेरा, सुचेतगढ़, गुलाबगढ़ गांव खासे प्रभावित हुए हैं। इस अकारण प्रोवोकेटिव गोलीबारी का सीमा सुरक्षाबल ने भी मुंहतोड़ जबाब दिया।
पिछले ग्यारह दिनों में पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम के उल्लंघन का यह नौंवा मामला है। 15 अगस्त को हीरानगर सेक्टर और पुंछ में गोलीबारी करने के बाद पाकिस्तान ने 16 अगस्त को भी अब्दुल्लियां पोस्ट पर फायरिंग की थी, जिसमें बीएसएफ का एक जवान शहीद हो गया था। बीएसएफ जम्मू फ्रंटियर के आइजी राजीव कृष्णा ने कहा कि पाकिस्तान की साजिशों का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। पाकिस्तान सीमा पर शांति को भंग कर रहा है।
विश्व के सबसे ऊंचे रणक्षेत्र सियाचिन में मोर्चा संभाले जवानों का हौंसला बढ़ाने थलसेना अध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह शुक्रवार को तीन दिवसीय दौरे पर लेह पहुंचे। लद्दाख के न्योमा व जम्मू के सांबा में जवानों व अधिकारियों में तनातनी को गंभीरता से ले रहे थलसेना अध्यक्ष इस दौरे से जवानों व अधिकारियों में दूरियां कम करने का अभियान भी शुरू करेंगे। जनरल ने चौदह कोर मुख्यालय में बैठक कर सुरक्षा हालात पर विचार-विमर्श किया|
इसके अलावा देश में भी उत्तेजित करने वाली अफवाहें फैलाई जा रही हैं|बताया जा रहा है की ये अफवाहें सीमा पार से आ रही हैं|जिसके फलस्वरूप यहाँ दंगे भड़क रहे हैं|असाम +मुम्बई+औएन+रांची+बेंगलूर+हेदराबाद+के बाद अब कानपुर+अलाहाबाद और प्रदेश की राजधानी में भी नमाजी भड़काए जा चुके हैं|

सिखों पर हमलों के कारण अमेरिका में भी सदभावना दिवस मनाना जरुरी हो गया है

अमेरिका में एक और सिख की गोली मार कर ह्त्या कर दी गई है|इससे सिख समुदाय के जख्म फिर से हरे हो गए हैं|
५६ वर्षीय दलबीर सिंह किराने के व्यापार से जुड़े थे|
नार्थ अमेरिका के विस्कोंसिन ओक क्रीक गुरुद्वारे में ५ अगस्त को हुई गोलीबारी की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई की अब उसी राज्य के मिल्वाउकी में भारत की आज़ादी दिवस १५ अगस्त को एक और ओक क्रीक गुरूद्वारे के सदस्य सिख की ह्त्या से समुदाय में रोष और भय का माहौल है|एन डी टी वी ने भी इसे प्रमुखता दी है|
सिखों के धर्मप्रतीक चिन्हों [केश+कंघा+कृपान+कडा+कच्छा] के प्रति अज्ञानता के कारण उन्हें भी आतंकवादी समझ लिया जाता है और नफरत अपराध का निशाना बना दिया जाता है ९/११ के बाद यह कुछ ज्यादा बढ गया है|
अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा सिखों के जख्मों पर हर संभव मलहम लगाने के प्रयास किये जा रहे है मगर बुधवार की इस एक और घटना से ऐसे सभी प्रयासों पर पलीता लग सकता है|
इसीलिए अमेरिका में समारोह पूर्वक सदभावना दिवस मनाया जाना चाहिए इससे सिखों के प्रति उनके धर्म प्रतीक चिन्हों के प्रति जागृति आ सकेगी और वहां नस्लवादी हिंसा में कमी आ सकेगी |

अमेरिकी चुनावों में पांच भारतीय एन आर आई फाईट में

अमेरिका में नवम्बर में होने जा रहे चुनावों को लेकर सरगर्मियां रोजाना नई तेज़ी पकड़ रही हैं|चार भारतीय अप्रवासी [एन आर आई]प्रतिनिधि सभा के प्राईमरी चरणों से बाहर हो चुके हैं जबकि पांच एन आर आई अभी भी मैदान में डटे हैं|
हाउस आफ रिप्रेसेंटेटिव के लिए [१] डेमोक्रेट्स उपेन्द्र [न्यू जर्सी][२] डाक्टर एमी बेरा[३]रिपब्लिकन रंजीत गिल [कैलिफोर्निया][4] डाक्टर मनन दिवेदी[पेन्सिल्वेनिया][५] डाक्टर सैय्यद ताज[मिशिगन]जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं|
डेमोक्रेट तुलसी पहली हिन्दू अमेरिकन महिला है जिसकी जीत पक्की मानी जा रही है|
इससे पूर्व अमेरिकन संसद के इतिहास पर नज़र डालने पर केवल दो ही एन आर आई दिखाई देते हैं[
[१]१९५० में दलीप सिंह सौंध[२] और वर्तमान में बाबी जिंदल

पाकिस्तान में अपने कार्य छेत्र के लिए पी एम् सुप्रीम कोर्ट के प्रति जवाब देह नहीं

पडोसी मुल्क पाकिस्तान में भी भारत की तरह ही न्यायपालिका और विधायकी में वर्चस्व की जंग जारी है|भारत में जहां न्यायाधीशों पर खुली अदालत में अशोभनीय टिपण्णी पर पाबन्दी लगाने को विधेयक लाया जा रहा है तो वहीं इसके ठीक उलट पाकिस्तान में पी एम् ने अपने कार्य छेत्र के लिए अदालत के समक्ष पेशी के अदालती आदेशों को असंवैधानिक करार दे दिया है|
पाकिस्तान के अटार्नी जनरल इरफ़ान कादिर ने कल जस्टिस आसिफ खान खोसा+जस्टिस एस जे ओस्मानीऔर जस्टिस ई ऐ.खान की बेंच के समक्ष जिरह करते समय यह दलील देकर सनसनी फैला दी की आर्टिकल २४८[१]के अंतर्गत पाकिस्तानी प्रधान मंत्री कोर्ट के प्रति जवाब देह नहीं है|इसीलिए कोर्ट द्वारा पी एम् को आदेश जारी नहीं किये जाने चाहिए|जिसे सुप्रीम कोर्ट की इस अपेक्स कोर्ट ने टर्न डाउन कर दिया |और अदालत अगले दिन के लिए स्थगित कर दी गई|
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा पाकिस्तान के पी एम् को यह आदेश दिया था कि स्विस बैंकों में राष्ट्रपति की जमा पूँजी की जांच कराये जिस पर तत्कालीन प्रधान मंत्री जिलानी को बर्खास्त भी कर दिया गया था अब फिर नए पी एम् अशरफ को भी वोही निर्देश दिए गए हैं जिनका पालन नहीं करने पर उन पर भी बर्खास्तगी की तलवार लटक रही है|

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