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तालिबान के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई से पाकिस्तान की अस्वीकृति

पाकिस्तान की अमेरिका के साथ मिलकर तालिबान के खिलाफ अपने देश में संयुक्त सैन्य कार्रवाई करने की कोई उसकी योजना नहीं है। यह घोषणा पाकिस्तानी सेना ने शुक्रवार को की।

तालिबान के खिलाफ अमेरिका के साथ संयुक्त कार्यवाही से पाक पीछे हटा |
पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी ने बीते दिन संयुक्त सैन्य कार्रवाई को लेकर अमेरिकी मीडिया में लगाई जा रही अटकलों को खारिज किया है।
अमेरिकी मीडिया में ऐसी खबर आई थी कि पाकिस्तान और अमेरिका, अफगानिस्तान से सटे उत्तरी वजीरिस्तान के इलाके में संयुक्त सैन्य कार्रवाई करने पर राजी हो गए हैं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार ऐसी खबरें थी कि यह समझौता पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल जहीर-उल-इस्लाम और अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के शीर्ष अधिकारियों के बीच वाशिंगटन में हुई मुलाकात के दौरान हुआ।
जनरल कयानी ने रावलपिंडी शहर में गुरुवार रात अमेरिकी जनरल जेन जेम्स एन. मैटिस से मुलाकात के बाद पाकिस्तान का पक्ष स्पष्ट कर दिया।
कयानी का कहना है कि समन्वित कार्रवाई और संयुक्त कार्रवाई में अंतर करना महत्वपूर्ण है।
सेना के एक बयान में उनके हवाले से कहा गया कि समन्वित कारवाई का तात्पर्य यह है कि पाकिस्तानी सेना और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल ( आईएसएएफ) दोनों अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा के दोनों तरफ कार्रवाई करेंगे।
कयानी ने कहा कि संयुक्त कार्रवाई पाकिस्तान की जनता और सैन्यबलों के लिए अस्वीकार्य है। किसी भी फैसले पर विचार करने से पूर्व राष्ट्रहित का ख्याल रखना ज्यादा अहम होगा।

पाकिस्तान में आत्मघाती हमले में ५ मरे

पाकिस्तान की आज़ादी की सालगिरह के बाद से आतंकवादी हमले बढ़ते जा रहे हैं|कामरा के एयरबेसपर फिदाईन हमले के बाद आज[शनिवार] अल सुबह क्वेटा शहर में एक आत्मघाती हमला हुआ इस हमले में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई जिनमें चार अर्धसैनिक बल के जवान शामिल हैं।
क्वेटा दक्षिण पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान की राजधानी है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, विस्फोट देर रात लगभग एक बजे हुआ।
हमलावर ने कम्बरानी रोड पर अपनी कार अर्धसैनिक बल की गाड़ी की ओर ले जाकर खुद को उड़ा लिया।

देश में और सीमा पर माहौल बिगाड़ने की साजिश

सीमा पर पाकिस्तानी सेना और देश में उनके द्वारा भेजे जा रहे एस एम् एस के जरिये देश में और सीमा दोनों पर ही माहौल को बिगड़ने की कौशिशे जारी है|
पाकिस्तान की ओर से संघर्ष-विराम के बार-बार उल्लंघन किया जा रह है|। शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन पाकिस्तानी रेंजरों ने आरएसपुरा सेक्टर की अब्दुल्लियां पोस्ट पर साढ़े चार घंटे तक भारी गोलीबारी की और मोर्टार शेल दागे। पाकिस्तान ने सुरक्षा चौकियों के साथ इस बार गांवों को भी निशाना बनाया है। बीएसएफकी सलाह पर अब्दुल्लिया गावं वाले गावं खाली करके सुरक्षित स्थानों को जाने लगे हैं|
सीमा पार से स्वतंत्रता दिवस पर शुरू हुई गोलीबारी का सिलसिला बीती रात जुमा अलविदा [शुक्रवार] को भी जारी रहा।
गोलीबारी से बेगा, बेरा, सुचेतगढ़, गुलाबगढ़ गांव खासे प्रभावित हुए हैं। इस अकारण प्रोवोकेटिव गोलीबारी का सीमा सुरक्षाबल ने भी मुंहतोड़ जबाब दिया।
पिछले ग्यारह दिनों में पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम के उल्लंघन का यह नौंवा मामला है। 15 अगस्त को हीरानगर सेक्टर और पुंछ में गोलीबारी करने के बाद पाकिस्तान ने 16 अगस्त को भी अब्दुल्लियां पोस्ट पर फायरिंग की थी, जिसमें बीएसएफ का एक जवान शहीद हो गया था। बीएसएफ जम्मू फ्रंटियर के आइजी राजीव कृष्णा ने कहा कि पाकिस्तान की साजिशों का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। पाकिस्तान सीमा पर शांति को भंग कर रहा है।
विश्व के सबसे ऊंचे रणक्षेत्र सियाचिन में मोर्चा संभाले जवानों का हौंसला बढ़ाने थलसेना अध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह शुक्रवार को तीन दिवसीय दौरे पर लेह पहुंचे। लद्दाख के न्योमा व जम्मू के सांबा में जवानों व अधिकारियों में तनातनी को गंभीरता से ले रहे थलसेना अध्यक्ष इस दौरे से जवानों व अधिकारियों में दूरियां कम करने का अभियान भी शुरू करेंगे। जनरल ने चौदह कोर मुख्यालय में बैठक कर सुरक्षा हालात पर विचार-विमर्श किया|
इसके अलावा देश में भी उत्तेजित करने वाली अफवाहें फैलाई जा रही हैं|बताया जा रहा है की ये अफवाहें सीमा पार से आ रही हैं|जिसके फलस्वरूप यहाँ दंगे भड़क रहे हैं|असाम +मुम्बई+औएन+रांची+बेंगलूर+हेदराबाद+के बाद अब कानपुर+अलाहाबाद और प्रदेश की राजधानी में भी नमाजी भड़काए जा चुके हैं|

पाकिस्तान में अपने कार्य छेत्र के लिए पी एम् सुप्रीम कोर्ट के प्रति जवाब देह नहीं

पडोसी मुल्क पाकिस्तान में भी भारत की तरह ही न्यायपालिका और विधायकी में वर्चस्व की जंग जारी है|भारत में जहां न्यायाधीशों पर खुली अदालत में अशोभनीय टिपण्णी पर पाबन्दी लगाने को विधेयक लाया जा रहा है तो वहीं इसके ठीक उलट पाकिस्तान में पी एम् ने अपने कार्य छेत्र के लिए अदालत के समक्ष पेशी के अदालती आदेशों को असंवैधानिक करार दे दिया है|
पाकिस्तान के अटार्नी जनरल इरफ़ान कादिर ने कल जस्टिस आसिफ खान खोसा+जस्टिस एस जे ओस्मानीऔर जस्टिस ई ऐ.खान की बेंच के समक्ष जिरह करते समय यह दलील देकर सनसनी फैला दी की आर्टिकल २४८[१]के अंतर्गत पाकिस्तानी प्रधान मंत्री कोर्ट के प्रति जवाब देह नहीं है|इसीलिए कोर्ट द्वारा पी एम् को आदेश जारी नहीं किये जाने चाहिए|जिसे सुप्रीम कोर्ट की इस अपेक्स कोर्ट ने टर्न डाउन कर दिया |और अदालत अगले दिन के लिए स्थगित कर दी गई|
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा पाकिस्तान के पी एम् को यह आदेश दिया था कि स्विस बैंकों में राष्ट्रपति की जमा पूँजी की जांच कराये जिस पर तत्कालीन प्रधान मंत्री जिलानी को बर्खास्त भी कर दिया गया था अब फिर नए पी एम् अशरफ को भी वोही निर्देश दिए गए हैं जिनका पालन नहीं करने पर उन पर भी बर्खास्तगी की तलवार लटक रही है|

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पकिस्तान एयर फ़ोर्स के बेस पर फिदाईन हमला

पाकिस्तान की स्वतंत्रा दिवस के अगले दिन ही फिदाईन आतंकवादियों के एक दल ने पाकिस्तान की राजधानी से महज़ ७० किलोमीटर पर पकिस्तान एयर फ़ोर्स के कामरा स्थित एयर बेस पर बीती रात हमला कर दिया|सुरक्षा कर्मियों के साथ हुई पांच घंटे की भारी गोली बारी में सात फिदाईन आतंवादियों और एक सुरक्षा कर्मी के मारे जाने की खबर है,
पाकिस्तान के बड़े अखबार डान के मुताबिक ये फिदाईन अति आधुनिक हत्यारों के अलावा आत्मघाती. विस्फोटकों से भी लैस थे|सुरक्षा कर्मियों के सात इनकी भारी गोली बारी हुई है जिसमे सात हमलावर और एक सुरक्षा कर्मी के मारे जाने के समाचार है| इस बेस पर ३० प्लेन्स हेन्गर्स में थे | इस हमले में एक एयर क्राफ्ट भी डेमेज हुआ है| बताया गया है की हामालावर १९-३३ वर्ष की आयु के थे और इनमे से ३-४ ने सेना की वर्दी पहन रखी थी| जबकि कुछ सुसाईड जेकेट पहने हुए थे| पिंड[गावं]सलमान मक्खन की तरफ से रात २.३० आये हमलावरों को जब चेक पोस्ट से चेतावनी दी गई तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी
स्वतन्त्रता दिवस के मद्दे नज़र भारत और पाकिस्तान के हवाई अड्डों पर हाई अलर्ट है|संभवत इसी चौकसी के चलते इस आत्मघाती हमले को विफल किया जा सका है| अब एयरबेस पर हालात काबू में बताये जा रहे हैं अभी तक इस हमले की जिम्मेदारी लेने के लिए कोई आतंकवादी संगठन आगे नहीं आया है|

भारत के ६६वे स्वतन्त्रता दिवस पर पाकिस्तान ने ५५ मछुआरे छोड़े

भारत के ६६वे स्वतंत्रता दिवस पर आज तोहफे के रूप में पाकिस्तान ने ५५ बंदी मछुआरों को लांडी जेल से आज़ाद किया |इनमे से अधिकाँश गुजरात से हैं |अभी भी वहां लगभग १०० कैदी हैं जबकि पाकिस्तान के इतने ही कैदी भारत की जेल में है|
गुजरात सरकार ने अभी हाल ही में मछुआरों को पाकिस्तान में कैद के दौरान १५०/=प्रति दिन भत्ता देने की घोषणा भी की गई है|

पाकिस्तान से आ रहे सभी हिन्दू वापिस लौटेंगें ?

पाकिस्तान में प्रताड़ित २५० हिन्दुओं को भारत आने के लिए वहां के आव्रजन अधिकारियों ने फिलहाल अनुमति दे दी है|इन्हें पहले वाघा बार्डर पर रौका गया था | इन सभी ने वापिस पाकिस्तान जाने के लिए सहमती दी है|
किसी भी हिंदू को [तीर्थ यात्रिओं को भी] भारत न आने देने को अमादा पाकिस्तान द्वारा 250 हिन्दुओं को वाघा बार्डर सीमा पार करने की इजाजत नहीं दी गई। कराची के सिर्फ दो परिवारों जिनके पास अनापत्ति प्रमाणपत्र था, उन्हें ही भारत आने की इजाजत दी गई। करीब सात घंटे तक हिरासत में रहने के बाद हिंदुओं ने वाघा पर विरोध प्रदर्शन किया। जिसके बाद आव्रजन अधिकारियों ने उन्हें सीमा पार करने की इजाजत दे दी।
लाहौर में संघीय जांच एजेंसी [एफआइए] के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गृह मंत्रालय से निर्देश मिलने के बाद हिंदुओं को भारत जाने की इजाजत दे दी गई। उन्हें विभिन्न शहरों में जाने के लिए 33 दिन का वीजा मिला है। मीडिया रिपोर्टो में यहां पर कुछ समस्याओं के चलते उनके वापस न लौटने की बात कही गई थी जिसके कारण उन्हें अस्थायी रूप से रोका गया था। एफआइए ने वाघा पर हिंदुओं से बातचीत के लिए एक विशेष दल को भेजा था।
अधिकारी ने बताया कि हिंदुओं ने वापस न लौटने की मीडिया रिपोर्टो को खारिज कर दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे भारत में पाकिस्तान के खिलाफ कुछ नहीं बोलेंगे। सिंध प्रांत के जैकोबाबाद से गत सात अगस्त को 14 साल की मनीषा कुमारी का अपहरण हो जाने के बाद से हिंदू समुदाय में डर व्याप्त है। इस घटना के बाद करीब 250 हिंदुओं के क्षेत्र से पलायन की खबर है। टीवी चैनलों ने दावा किया था कि सिंध और बलूचिस्तान से कई हिंदू परिवार एक महीने का वीजा पाकर भारत जा रहे हैं। ये लोग हरिद्वार और वैष्णोदेवी जाएंगे, लेकिन इनके वतन लौटने की संभावना कम है।

पाकिस्तान में उत्पीडन के कारण हिन्दुओं की आबादी मात्र २% रह गई है

देश का विभाजन होने के बावजूद भी अभी तक हिन्दुओं का पाकिस्तान में उत्पीडन और वहां से पलायन रुका नहीं है | १९४७ में विभाजन के समय १५% आबादी हिन्दुओं की थे वहां अब मात्र यह २% ही रह गई है| आज भी अटारी बार्डर पर अनेकों हिन्दू परिवार भारत में प्रवेश की प्रतीक्षा कर रहे हैं|
दुकानों में लूटपाट, मकानों पर हमले, लड़कियों के अपहरण और महिलाओं को जबरन इस्लाम कबूल करवाने की घटनाओं के बाद तमाम हिंदू पाकिस्तान से पलायन कर रहे हैं। उधर प्रधानमंत्री के आंतरिक मामलों के सलाहकार रहमान मलिक ने भारत द्वारा हिंदू परिवारों को वीजा जारी करने को एक साजिश बताया है।
पाकिस्तान के मुख्य समाचार पत्र डॉन के मुताबिक आंतरिक मामलों पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के सलाहकार मलिक ने कहा है कि 250 हिंदू परिवारों को भारतीय उच्चायोग द्वारा वीजा जारी किया जाना एक साजिश है। मलिक, सिंध और बलूचिस्तान से हिंदू परिवारों के भारत पलायन पर पूछे गए एक प्रश्न का जवाब दे रहे थे। इन हिंदू परिवारों ने शिकायत की थी कि उनकी दुकानें लूट ली गईं, मकानों पर हमले किए गए और महिलाओं को इस्लाम कबूल करने के लिए मजबूर किया गया।अभी एक टीवी चेनल पर हिन्दू पुरुष का धर्मांतरण लाईव टेलेकास्ट किया गया था
श्रीमलिक ने लाहौर में कहा कि सरकार ने जैकोबाबाद के हिंदुओं को भारत जाने से रोक दिया है।
सत्यापन पूरा होने के बाद उन्हें भारत जाने की अनुमति दे दी जाएगी। रिपोर्ट में मलिक के हवाले से कहा गया है, “भारतीय उच्चायोग को बताना चाहिए कि उसने उन्हें वीजा क्यों दिया है।” लगभग 100 हिंदू परिवारों ने रोके जाने के विरोध में इस हफ्ते की शुरुआत में भारत से सटी वाघा सीमा पर प्रदर्शन किया था।
बड़े पैमाने पर हिंदू परिवारों के भारत पलायन के बाद सरकार ने धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा चुस्त करने का निर्णय लिया है। सिंध के मुख्यमंत्री सैयद कायम अली शाह ने आबकारी मंत्री मुकेश कुमार चावला को मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।
मालूम हो कि सिंध प्रांत में असुरक्षा के कारण सात हिंदू परिवार बुधवार को जकोबाबाद से भारत पलायन कर गए। इनमें पुरुषों, महिलाओं व बच्चों सहित कुल 90 लोग शामिल थे। ये सभी हिंदू रेल गाड़ी से रवाना हुए। बड़ी संख्या में उनके रिश्तेदारों व समुदाय के लोगों ने उन्हें जैकोबाबाद रेलवे स्टेशन पर विदाई दी। लाहौर पहुंचने के बाद भारत में प्रवेश करने की इच्छा के साथ वे वाघा सीमा पहुंचे।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब छह महीने पहले इसी इलाके से 52 हिंदू परिवार भारत पलायन कर गए थे। जैकोबाबाद के पुलिस अधिकारी मोहम्मद युनूस ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय को पूरी सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है और हिंदू समुदाय के लोग भारत में बसने नहीं, बल्कि धार्मिक अनुष्ठान करने जा रहे हैंइन तीर्थ यात्रियों ने लम्बे समय के लिए वीजा माँगा है|

पाकिस्तान में 11 हिंदू कारोबारियों के बाद अब किशोरी का अपहरण

पाकिस्तान में 11 हिंदू कारोबारियों के अपहरण के बाद अब एक किशोरी को अगवा कर लिया गया है| वहा के अल्पसंख्यक समुदायों की चिंता बढ गई है| पाकिस्तान के कुछ क्षेत्रों से हिंदुओं के पलायन करने की खबर है। पाकिस्तान के सिंध प्रांत से 14 वर्षीय हिंदू लड़की का अपहरण कर लिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक हिंदू परिवार भारत में बसने की योजना बना रहे हैं। अमर उजाला ने इसे प्रमुखता से छापा है|
पाकिस्तान हिंदू परिषद के अध्यक्ष जेथानंद डूंगर माल कोहिस्तानी के अनुसार मंगलवार को सिंध के जकोबाबाद से मनीषा कुमारी को अगवा कर लिया गया। यह हिंदुओं की घनी आबादी वाला इलाका है| कोहिस्तानी ने पीटीआई को फोन पर बताया है कि सिंध के मुख्यमंत्री कैम अली शाह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रांत के अल्पसंख्यक मंत्री मोहन लाल को जकोबाबाद भेजा है।
पिछले कु़छ महीनों में बलूचिस्तान और सिंध प्रांत से 11 हिंदू कारोबारियों का अपहरण और अब किशोरी को अगवा किए जाने की घटना ने समुदाय के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने कहा, ‘हिंदुओं के लिए यह दुखद है कि पाक में कानून और व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है। केवल हिंदू ही नहीं मुसलिम भी इससे प्रभावित हो रहे हैं।
उधर, टीवी चैनलों ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि जकोबाबाद से कई हिंदू परिवारों ने भारत में बसने का निर्णय लिया है। जबकि पाकिस्तान के मानवाधिकार कार्यकर्ता अमरनाथ और कोहिस्तानी ने साफ कहा कि इस रिपोर्ट की पुष्टि के लिए कोई साक्ष्य मौजूद नहीं है। हिंदू पंचायत के प्रमुख बाबू महेश लखानी ने दावा किया है कि कई हिंदू परिवारों ने भारत में बसने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में हिंदू खुद को असुरक्षित महसूस करने लगे हैं। कुछ हिंदू नेताओं ने दावा किया है कि करीब 60 हिंदू परिवारों ने पाकिस्तान छोड़ दिया है और कुछ परिवार इसी सप्ताह वाघा सीमा के रास्ते भारत पहुंचेंगे। हालांकि इसलामाबाद मेें भारतीय उच्चायोेग के सूत्रों ने वाघा बार्डर के रास्ते हिंदू परिवारों के भारत में दाखिल होने जैसी खबर से इनकार किया है।

पाकिस्तान भारत के खिलाफ परमाणु हथियारों को बढ़ावा देने का काम कर रहा है

पाकिस्तान अपने परमाणु हथियारों के जखीरे और उनकी गुणवत्ता में लगातार सुधार कर रहा है। यह सभी वह भारत को लक्ष्य बनाकर कर रहा है। अमेरिका से प्राप्त इस रिपोर्ट से भारत के उस बयान को बल मिला है जिसमें कहा गया था कि पाकिस्तान पूरे क्षेत्र में परमाणु हथियारों को बढ़ावा देने का काम कर रहा है। लेकिन पाकिस्तान ने भारत के इस बयान को नकार दिया था।
इन परमाणु हथियारों का इस्तेमाल के लिए विशेष परिस्थितियों को आमंत्रित किया जा सकता है|। यह रिपोर्ट अमेरिकी कानून निर्माताओं के लिए काग्रेशनल रिसर्च सर्विस ने बनाई है। सीआरएस के अनुसार, पाकिस्तान का परमाणु कार्यक्रम मुख्य रूप से भारत से खतरे की धारणा पर आधारित है। वह ऐसा दिखाने का प्रयास करता है कि वह भारत से डरा हुआ है।
इस रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान भारत के परमाणु हथियारों के जखीरे में संभावित वृद्धि से अपने बचाव के लिए परमाणु सामग्री के उत्पादन को बढ़ा रहा है। साथ ही वह परमाणु हथियारों को ले जाने वाले वाहनों की संख्या भी बढ़ा रहा है। इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस्लामाबाद परमाणु हथियारों के लिए अपने वर्तमान प्रयासों में तेजी ला सकता है।