Ad

Category: Pakistan

रहमान मलिक ने केवल अपने पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के शब्दों को ही अपनी आवाज़ दी है

झल्ले दी झाल्लियाँ गल्लां

एक भारतीय नागरिक

ओये झल्लेया ये पकिस्तान कब सुधरेगा? पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मालिक भारत आये लेकिन अथिति धर्म भुला कर हसाड़े मुल्क को ही आतंकवाद का दोषी करार देने लग गए | अबू जिंदाल को भारतीय बता दिया |समझौता एक्सप्रेस में बम और अयोध्या काण्ड के मुकाबिले मुम्बई के एटैक की बात करने लग गए |ये कैसा पाकिस्तानी भाई चारा है?

रहमान मलिक ने केवल अपने पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के शब्दों को ही अपनी आवाज़ दी है


झल्ला

ओ बाऊ जी इसमें कुछ भी नया नहीं है| उन्हें पता है कि गुजरात में चुनावों के मध्य नज़र रहमान मालिक को कोई करार जवाब नहीं देगा|इसीलिए जनाब रहमान मालिक साहेब ने अपने पुराने राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ की बात को ही दोहरा दिया है|आप शायद भूल गए कि जनाब परवेज ने भी एक बार भारत पर जवाबी तोहमत लगाई थी |जब मीडिया ने उनसे पूछा कि पाकिस्तान से आकर आतंकवादी भारत में गडबडी क्यूं फैलाते हैं?इस पर जनरल परवेज ने कहा था कि भारत भी कोई दूध का धुला नहीं है|अब वोही तोहमत को नए शब्दों में प्रस्तुत किया गया है|

पेशावर बाचाखान एयर बेस पर आतंकवादियों ने राकेट दागे: दस मरे

भारत और पाकिस्तान जब भी शांति के पथ पर कदम रखते हैं तभी कभी सीमा और कभी मुल्क के अन्दर तनाव पैदा करने के प्रयास शुरू हो जाते हैं|पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मालिक के भारत दौरे के समय पकिस्तान के पेशावर और करांची में तनाव हो गया| पाकिस्तान के उत्तर पश्चिमी शहर पेशावर में बाचा खान हवाई अड्डे[एयर बेस] पर १५ दिसंबर की रात तालिबानी आतंकवादियों ने पांच राकेट दागे जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई और 40 से अधिक लोग घायल हो गए। मरने वालों में पांच हमलावर भी बताये गए हैं|
तालिबान आतंकवादी विस्फोटकों से भरा वाहन लेकर जबरन हवाई अड्डा परिसर में घुस गए और गाड़ी परिसर की दीवार से टकरा दी। पाक मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, आतंकवादियों ने हवाई अड्डे पर पांच रॉकेट भी दागे। उनमें से दो ने रनवे पर हमला किया।
हमले के बाद हवाई अड्डे से सभी अंतर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गईं।। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ ने हमले की निंदा की है। माना जा रहा है कि इसके पीछे अल-कायदा और तालिबान का हाथ हो सकता है सेना के अनुसार यह हमला हाल ही में आतंकवादियों के खिलाफ किए गए सैन्य अभियान की प्रतिक्रिया हो सकती है रॉकेट हमले में रिहाइशी इलाके के कई मकानों में आग लग गई। हमले में करीब 40 लोगों के जख्मी होने की खबर है। इस हमले की जिम्मेदारी तहरीके तालिबान पाकिस्तान ने ली है।
पेशावर के जिस इलाके में ये हमला हुआ, वो सुरक्षा के लिहाज से काफी चाक-चौबंद माना जाता है। मगर इसके बावजूद आतंकी पेशावर के बाचा खान अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंचने में कामयाब रहे। इसके बाद एयरपोर्ट को निशाना बनाकर आतंकियों ने रॉकेट भी दागे। आतंकियों के दो रॉकेट एयरपोर्ट के पास रिहाइशी इलाकों में जा गिरे।एयरपोर्ट में ज्यादा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन पड़ोस में मौजूद रिहाइशी इलाकों के कई घरों में आग लग गई। एयरपोर्ट पर उस वक्त मौजूद यात्री जेद्दाह की उड़ान का इंतजार कर रहे थे। जिन्हें तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया और सभी उड़ानें स्थगित कर दी गईं। पेशावर एयरपोर्ट की तरफ जाने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए गए ताकि आतंकी भाग न सके।
हमले में शामिल आतंकियों की तादाद 5 बताई गई है। इनके पास से मिले रॉकेट लॉन्चरों, असॉल्ट राइफलों और गोला बारूद मिले। एयरपोर्ट के पास दो सुसाइड जैकेट भी मिलीं, जिन्हें सुरक्षा एजेंसियों ने नाकाम कर दिया।
इस बीच पाकिस्तानी मीडिया के सामने पाकिस्तान की जमीन पर पनपे और प्रतिबंधित तहरीके तालिबान पाकिस्तान ने हमले की जिम्मेदारी कबूल की है।
प्रवक्ता अहसानुल्लाह ने जिम्मेदारी ली है| उनका निशान पेशावर एयरपोर्ट पर मौजूद एयरफोर्स बेस था। हमले के लिए दो जगहों पर विस्फोटकों से भरे वाहनों का भी इस्तेमाल करने का भी दावा किया गया |
इसके अलावा कराची में हुई हवाई फायरिंग के बारे में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार उन्हें सूचना मिली थी कि कुछ लोग गलियों में हथियार लेकर घूम रहे हैं। उन्होंने कुछ दुकानों को भी बंद करने की धमकी दी। इससे शहर में तनाव बन गया और कराची बार एसोसिएशन के चुनाव भी टाल दिए गए।
इससे पूर्व भी पेशावर में आतंकी हमले हो चुके हैं यहाँ तक की यू एन कार्यालय में हुए एक हमले में तीन लोग मारे गए थे| गृह मंत्री रहमान मालिक ने भारत दौरे में यह स्वीकार किया है की उनका मुल्क भी आतंकवाद से जूझ रहा है ऐसे में पकिस्तान और भारत में शांति बहाली के लिए दोनों मुल्कों को पुराना द्वेष्य भुला कर सहयोगात्मक कदम उठाने होंगे |इसके लिए भारत ने समझौता एक्सप्रेस में हुए बम विस्फोट के आरोपी

पेशावर बाचाखान एयर बेस पर राकेट दागे:

को गिरफ्तार करके पहल कर दी है अब पाकिस्तान को भी वहां पनप रहे आतंकवादियों को गिरफ्तार करके बिना किसी इफ एंड बट्स के कानूनी प्रक्रिया शुरू कर देनी चाहिए

रहमान मलिक ने हाफिज सईद की गिरफ्तारी के लिए बाळ भारत के पाले में सरकाई

पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने 26/11 के मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद की गिरफ्तारी के बाळ फिर से भारत के पाले में डाल दी है|उन्होंने भारत द्वारा उपलब्ध कराये गए सबूतों को अपर्याप्त बताया | दोनों देशों के बीच नए वीजा समझौते को मंजूरी अवश्य प्रदान कर दी गई है| । अब पाक से साथ सिंगल की जगह मल्टिपल वीजा लागू होगा।
भारत के दबाव के बाद भी पाकिस्तान के गृहमंत्री रहमान मलिक ने 26/11 के मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई का कोई संकेत नहीं दिया है। मलिक ने कहा कि सईद को गिरफ्तार करने के लिए ठोस सबूत नहीं हैं। अपनी तीन दिवसीय यात्रा पर दिल्ली पहुंचने पर मलिक ने रिपोर्टर्स से कहा, ‘हाफिज सईद से हमें कोई ‘प्यार’ नहीं है। यहां से जाने से पहले यदि मुझे आज भी कोई सूचना मिलती है तो मैं उसकी गिरफ्तारी का आदेश दूंगा।
उन्होंने कहा कि बहुत दुष्प्रचार चल रहा है और पाकिस्तान पर काफी दबाव है। उन्होंने कहा, ‘मुझे केवल सूचनाओं वाले ढेरों डोजियर मिल रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि सईद तीन बार गिरफ्तार किया जा चुका है। मगर सबूतों के आभाव में हर बार रिहा हो गया| भारत ने सईद को खुलेआम घूमने देने और भारत विरोधी भड़काऊ भाषण देने पर पर पाकिस्तान को अपनी गंभीर चिंता से भी अवगत कराया है।
मलिक ने कहा कि 2008 के मुम्बई हमले में सईद के शामिल होने के बारे में महज लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी अजमल कसाब का बयान उस पर शिकंजा कसने के लिए एकमात्र सबूत नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, ‘उसकी पुष्टि करने के लिए कुछ होना चाहिए।’ मलिक ने भारत और पाक के बीच वीजा नियमों को लचीला बनाने की वकालत करते हुए कहा कि वह अमन का पैगाम लेकर भारत आए हैं।
निर्धारित समय से तीन घंटे देर से भारत पहुंचे मलिक ने प्रोग्राम में थोड़ी तब्दीली करते हुए पाकिस्तान की वायुसेना (पीएएफ) का विमान लिया था, जिसके कारण उन्हें भारतीय अधिकारियों से दोबारा इजाजत लेने पड़ी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान ने भारत को गुरुवार देर रात ही बताया कि मलिक 13 सदस्यीय सरकारी प्रतिनिधिमंडल एवं पांच मीडियाकर्मियों के साथ पीएएफ के विमान से आयेंगे| उसके बाद प्रशासन ने पालम तकनीकी क्षेत्र में विमान के उतरने के लिए मंजूरी दी। निर्धारित प्रक्रिया और अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के अनुसार सैन्य विमान के उपयोग की स्थिति में भारतीय वायुसेना को इस बात की जांच करनी थी कि चालक दल के कितने सदस्य हैं और विमान पर कौन से उपकरण हैं। पाकिस्तानी पक्ष से सारा ब्यौरा मिलने के बाद विमान को उतरने की इजाजत दी गई, लेकिन हवाई अड्डे के नागरिक क्षेत्र में न कि तकनीकी क्षेत्र में। मलिक को दोपहर दो बजे यहां पहुंचना था लेकिन वह शाम छह बजे पहुंचे।
इससे पहले उन्होंने कारगिल युद्ध में शहीद हुए सौरभ कलियाँ के परिवार से मिलाने की भी इच्छा व्यक्त की थी मगर बाद में एक और ब्यान दिया कि कैप्टेन कालिया की मौत शायद मौसम कि वजह से भी हो सकती है|इस पर शहीद की माता ने कड़ा

Home Minister Of Pakistan Rahman Malik

एतराज जताया है|
:

अन्तराष्ट्रीय न्यायलय से कैप्टेन कालिया के लिए स्वतंत्र जांच कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट का केंद्र सरकार को नोटिस

पकिस्तान की सेना द्वारा युद्ध बंधी नियमों का उल्लंघन किये जाने पर अब न्याय के लिए अन्तराष्ट्रीय न्यायलय में जाने के लिए एन के कालिया की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय केंद्र सरकार को नोटिस जारी कियॆ है|पाकिस्तान के मंत्री रहमान मालिक के तीन दिवसीय भारत दौरे पर यह कार्यवाही काफी अहमियत रखती है| भारतीय सेना के कैप्टन सौरभ कालिया को पाक सेना द्वारा यातना दिए जाने से संबंधित मामले को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में भेजने की याचिका पर सुनवाई करते हुए आज शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया।
न्यायमूर्ति आर एम लोढ़ा और न्यायमूर्ति अनिल आर दवे की पीठ ने अधिवक्ता अरविंद कुमार शर्मा की दलील सुनने के बाद केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। अधिवक्ता ने कहा कि शहीद के परिवार ने मामले को इन्तरनेशनल कोर्ट आफ जस्टिस [आईसीजे] में भेजने के लिए रक्षा मंत्रालय से संपर्क किया है।
कैप्टन कालिया के पिता एन के कालिया द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि कैप्टन कालिया को बंधक बनाने के बाद पाकिस्तान की सेना ने उनके उपचार को लेकर युद्धबंदियों के उपचार से संबंधित अंतर्राष्ट्रीय समझौते का उल्लंघन किया।
कैप्टन कालिया 4 जाट रेजीमेंट के पहले भारतीय सन्य अधिकारी थे, जिन्होंने जम्मू एवं कश्मीर के कारगिल सेक्टर में नियंत्रण रेखा से पाकिस्तानी सेना की बड़े पैमाने पर घुसपैठ की रिपोर्ट दी थी।
कालिया और सेना के पांच अन्य जवानों को पाकिस्तान की सेना ने 15 मई, 1999 को बंधक बना लिया था। उन्होंने सैनिकों को 22 दिन तक बंधक बनाए रखा। बाद में नौ जून, 1999 को उनके शव भारतीय अधिकारियों को सौंप दिए गए।
कैप्टन और पांच अन्य सैनिकों के पोस्टमार्टम से खुलासा हुआ कि पाकिस्तानी सेना ने उन्हें बुरी तरह यातना दी थी। उन्हें गोली मारने से पहले पाकिस्तान की सेना ने उन्हें सिगरेट से दागने और गर्म सलाखों से कान फोड़ने के अतिरिक्त निजी अंगों सहित उनके शरीर के अन्य अंग भी काट डाले थे।गौर हो कि कारगिल के नायक कैप्टन सौरभ कालिया के पिता ने अपने बेटे के लिए इंसाफ की मांग करते हुए

Captain Saurabh Kalia

(यूएनएचआरसी) में भी याचिका दाखिल की है।
विदेश मंत्रालय ने बीते दिनों कहा था कि वह एनके कालिया की याचिका की प्रकति पर गौर करेगा क्योंकि यूएनएचआरसी उसके सदस्यों द्वारा उठाए जाने वाले केवल अंतर-राज्यीय मुद्दों पर गौर करता है। अपनी याचिका में कालिया ने वैश्विक निकाय से इस मामले की पूर्ण एवं स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने अपने बेटे की मौत को युद्ध अपराध करार दिया है।एनके कालिया का कहना है कि हम चाहते हैं कि कम से कम पाकिस्तान यह स्वीकार करे और माफी मांगे कि उसके सैनिकों ने ऐसा किया और अब हम कभी किसी अन्य सैनिक के साथ ऐसा नहीं करेंगे। उन्होंने हाल ही में उच्चतम न्यायालय से यह अनुरोध किया था कि वह सरकार को उनके बेटे का मामला अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में उठाने का निर्देश दे।
कैप्टन कालिया और उनकी गश्ती दल के पांच अन्य सैनिक 15 मई, 1999 को पाकिस्तानी सैनिकों ने पकड़ लिया था और उन्हें कई दिनों तक रखकर उनका उत्पीड़न किया। बाद में उनका क्षतविक्षत शव भारतीय सेना को सौंपा। सेना के टाप ब्रास जनरल विक्रम सिंह ने भी श्री कालिया को पूरा सहयोग करने का वादा किया है।

पाकिस्तान की जेलों में बंद हैं ५४ भारतीय सुरक्षा कर्मी :ऐ के एंटोनी

रक्षा मंत्री ऐ के एंटोनी ने आज सोमवार को लोक सभा के माध्यम से देश को बताया कि पकिस्तान की जेलों में ५४ भारतीय देश भक्त सैनिक कैद हैं|
श्री एंटोनी ने आज बताया कि पकिस्तान के साथ हुए 1965 और 1971 के युद्धों के दौरान 54 सुरक्षाकर्मी लापता हैं और समझा जाता है कि ये पाकिस्तान की कैद में हैं।

Indian Parliament

एन सी पी की सांसद सुप्रिया सुले और डा. संजीव गणेश नाइक के प्रश्न के लिखित उत्तर में रक्षा मंत्री ए के एंटनी ने कहा कि 1965 और 1971 के युद्ध के दौरान लापता 54 सुरक्षा कर्मियों के बारे में समझा जाता है कि ये पाकिस्तान की कैद में हैं। इनमें से एक सीमा सुरक्षा बल का जवान शामिल है।

पाकिस्तान के कराची में सौ वर्ष पुराना मंदिर गिरा कर अल्पसंख्यकों के अधिकारों को चुनौती दी गई

पाकिस्तान के कराची में सौ वर्ष पुराना राम पीर मंदिर गिरा दिया गया है जिसे लेकर वहां के हिंदू समुदाय ने कड़ा विरोध तथा क्षोभ जताया है तथा सरकार से कहा है कि अगर वह उनकी तथा उनके धार्मिक स्थलों की हिफाजत नहीं कर सकती है, तो वह उन्हें भारत भिजवाने के लिए टिकट दिलवाने की व्यवस्था करे।एक अदालत के स्थगनादेश के बावजूद यह मंदिर ढाया गया है| इस कृत्य से वहां अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्दता पर एक बार फिर प्रश्न चिन्ह लगा है|

पाकिस्तान के कराची में सौ वर्ष पुराना मंदिर गिरा कर अल्पसंख्यकों के अधिकारों को चुनौती दी गई


पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इस मामले पर चिंता जताते हुए निर्देश दिए हैं कि किसी भी संप्रदाय के साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं हो।पाकिस्तान मीडिया के अनुसार मंदिर परिसर में रहने वाले लगभग 40 लोग बेघर हो गए हैं, जिनमें से अधिकतर हिन्दू हैं। ठंड की रात उन्होंने अपने बच्चों के साथ खुले में आसमान के नीचे बिताई।
पाकिस्तान हिंदू परिषद के संरक्षक डॉ. रमेश कुमार वंकवानी ने आरोप लगाया कि पुलिस मंदिर में रखी अनेक मूर्तियां तथा उन पर चढ़ाए गए सोने के जेवर उठाकर ले गई, लेकिन पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया।
अखबार के अनुसार प्रांत के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मोहनलाल तथा कराधान मंत्री मुकेश चावला में से किसी ने इस मामले पर कोई टिप्पणी, प्रतिक्रिया नहीं दी है। लाल के घटनास्थल पर जाने की खबरें थी, लेकिन वे भी वहां नहीं गए लेकिन इसके विपरीत भारत में प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने इस मुद्दे को संसद में उठाने की चेतावनी दी है|

पाकिस्तानी वरिष्ठ पत्रकार हामिद मीर आतंकवादी हमले में बाल बाल बचे

आतंकवाद से पीड़ित पाकिस्तान में अब राजनीतिकों के साथ पत्रकारों को भी निशाना बनाया जाने लगा है|ऐसे ही एक हमले में वरिष्ठ पत्रकार हामिद मीर आज बाल-बाल बचे।पाकिस्तान न्यूज चैनल के संपादक हामिद मीर की कार के नीचे आतंकियों ने आधा किलो बम प्लांट किया|आतंकियों ने बम को उस वक्त प्लांट किया जब हामिद मीर बाजार गए थे गनीमत यह रही कि समय रहते ही हामिद मीर के ड्राइवर ने इस बम को देख लिया। । हामिद जियो न्यूज के संपादक हैं और उन्हें पाकिस्तान की पत्रकारिता का सबसे बड़ा चेहरा माने जाता है। पाकिस्तान सुरक्षा एजेंसियों ने बम को डीफ्यूज कर दिया।
हामिद पाकिस्तानी पत्रकारिता का सबसे जाना पहचाना चेहरा रहे हैं इसलिए आतंकियों की मंशा को साफ समझा जा सकता है हामिद मीर पिछले कई सालों से आतंकवादियों के निशाने पर रहे हैं. सरकार की जनविरोधी नीतियों का खुल कर विरोध करने वाले हामिद मीर दुनिया के अकेले पत्रकार हैं, जिन्होंने 9/11 के बाद कई बार
ओसामा बिन लादेन का इंटरवियु लिया था 46 वर्षीय हामिद मीर पिछले कई सालों से मीडिया में सक्रिय हैं और उन्होंने कई महत्वपूर्ण रिपोर्टिंग की है
इस घटना के बाद हामिद मीर ने कहा है कि दहशत के सहारे उन्हें डराने की कोशिश पहले भी हुई है लेकिन वे अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटेंगे. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में लोकतंत्र को बचाने की उनकी कोशिश जारी रहेगी. हामिद मीर पर इससे पहले भी कई बार हमले की कोशिश हुई हैं. यहां तक कि उनके परिवारजनों को भी निशाना बनाया गया है.

सुपरसोनिक इंटरसेप्टर मिसाइल का परीक्षण सफल हुआ

दुश्मन के बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही ध्वस्त करने के लिए भारत ने सुपरसोनिक इंटरसेप्टर मिसाइल का सफल परीक्षण किया। भारत में निर्मित यह मिसाइल दुश्मन के बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही ध्वस्त करने में सक्षम है। यह परीक्षण ओडिशा के तट पर किया गया।
डीआरडीओ के अनुसार यह महत्वपूर्ण परीक्षण दोपहर 12 बजकर 52 मिनट पर हुआ। इंटरसेप्टर मिसाइल ने करीब 15 किलोमीटर की उंचाई पर सफलतापूर्वक लक्षित मिसाइल को नष्ट कर दिया।चांदीपुर से करीब 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इंटरसेप्टर ने रडार से संकेत मिलते ही करीब चार मिनट के अंदर हवा में ही दागी गई मिसाइल को नष्ट कर दिया।

सुपरसोनिक इंटरसेप्टर मिसाइल का परीक्षण सफल हुआ


इस इंटरसेप्टर मिसाइल की लंबाई 7.5 मीटर है और यह अत्याधुनिक कम्प्यूटरों और नेविगेशन सिस्टम से लैस है। यह इस प्रणाली का दूसरा परिक्षण था और फ़रवरी में किया गया इसका पहला परिक्षण भी सफल रहा था।
इस दौरान एक इलेक्ट्रानिक लक्ष्य को प्रक्षेपित किया गया जिसे रडार द्वारा चिन्हित किया गया। इसके बाद मिसाइल को प्रक्षेपित किया गया, जिसने सफलतापूर्वक लक्ष्य को भेद दिया। अडवांस्ड एयर डिफेंस मिसाइल (एएडी) नाम की इस सुपरसोनिक मिसाइल का यह आठवां परीक्षण था। सबसे पहले इसका परीक्षण 2006 में हुआ था। इसके सभी परीक्षणों में से एक कामयाब नहीं था।
भारत के अलावा इस तरह प्रणाली अमेरिका, रूस और इस्राइल ने ही विकसित की है जब कि चीन इस तरह का विकास कार्यक्रम चला रहा है। भारत के एंटी मिसाइल विकास कार्यक्रम में इस्राइल का अहम योगदान है जिसके ग्रीनपाइन रेडार की बदौलत अडवांस्ड एयर डिफेंस (एएडी) मिसाइल प्रणाली के अब तक आठ परीक्षण किए गए हैं।
चीन और पाकिस्तान के अलावा अब आतंकवादी संगठनों से मिसाइल हमलों के खतरों को देखते हुए मिसाइल रोधी प्रणाली की जरूरत पैदा हुई है। हाल ही में हमास और इजराइल के बीच लड़ाई के दौरान इजराइल की ऐसी ही रक्षा प्रणाली ऑयरन डोम काफी कारगर साबित हुई थी। ऑयरन डोम ने गाजा पट्टी से इजराइल पर दागे गए 300 से अधिक रॉकेटों को हवा में ही नष्ट कर दिया भविष्य में यदि भारत पर इस तरह का कोई मिसाइल या रॉकेट हमला होता है तो हमारी अपनी बनाई हुई यह प्रणाली अहम साबित होगी।

कसाब को फांसी गुड , बेटर लेट देन नेवर बट व्हाट एबाउट अदर्स ?

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक कांग्रेसी चीयर लीडर

ओये झाल्लेया देखा हसाडी सरकार दा कमाल |२६/११ मुम्बई के एक मात्र ज़िंदा पकडे गए आतंकवादी अजमल आमिर कसाब को आज सुबह आप लोगों के उठने से पहले ही यरवदा जेल में फांसी देकर उसे वहीं दफना भी दिया गया|ओये हम जो कहते हैं वोह करते भी हैं|हमने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अल्पमत में होने के उपरान्त भी फांसी की सज़ा के समर्थन में वोट दिया उसके साथ ही पुणे में उस विचारधारा को कार्यान्वित करते हुए कसाब को उसके कर्मो की सज़ा दे दी|ओये हम कोई सॉफ्ट स्टेट नहीं है | अब अगर आतंकवादियों ने इसके विरोध में कोई अटैक किया तो उसका मुह तोड़ जवाब दिया जाएगा|

कसाब को फांसी गुड , बेटर लेट देन नेवर बट व्हाट एबाउट अदर्स ?


झल्ला

ओ मेरे चतुर सुजाण जी वाकई इस एक फांसी से आपने कई सन्देश दे दिए हैं|[१]विपक्ष के हाथों से यह मुद्दा छीन लिया[२] आतंक वाद के खिलाफ प्रतिबद्दता को दोहरा दिया[३]महाराष्ट्रा में बाल ठाकरे के निधन से शिव सेना के प्रति उत्पन्न सहानुभूति और फेस बुक पर टिपण्णी के लिए शाहीन +रेनू की गिरफ्तारी को फीका करके मुख्य चर्चा में कसाब को डाल दिया दिया|[४] इस प्रकार के भाड़े के आतंकवादियों के लिए यह सन्देश भी गया है कि आतंकवादियों को मरने के बाद कूए यार में दफन होने के लिए दो गज जमीन भी नसीब नहीं होती लेकिन यह तो अभी अनुत्तरित ही रह गई कि कसाब के पाक में शरणागत आकाओं +अफजाल गुरु और आपके अपने राजीव गांधी के हत्यारों से सम्बंधित फायलों से अभी भी धूल साफ़ नहीं की जा सकी है| फिर भी कहा जा सकता है कि बेटर लेट देन नेवर |

कसाब को फांसी देकर भारत ने २६/११ के शहीदों को श्रधान्जली दी और आतंकवाद के विरुद्ध जंग की वचनबद्धता दोहराई

पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल आमिर कसाब को फांसी दे दी गई है। कसाब 26/11 मुंबई अटैक के एक मात्र पकडे गया जीवित गुनहगार था| कसाब को मुंबई की ऑर्थर रोड जेल से पुणे की यरवदा जेल में शिफ्ट कर बुधवार सुबह 7.30 बजे फांसी पर लटकाया गया। फांसी के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।यह 26/11 के हमले में मारे गए निर्दोष लोगों और शहीद ऑफिसर्स के लिए श्रद्धांजलि है और आतंक वाद के विरुद्ध भारत की लड़ाई के प्रति प्रतिबद्धता का प्रदर्शन भी है|
केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे के अनुसार गृह मंत्रालय ने 23 अक्टूबर को ही राष्ट्रपति से सिफारिश की थी कि कसाब की दया याचिका को खारिज कर दिया जाए। इसके बाद 5 नवंबर को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने कसाब की दया याचिका को खारिज कर दिया। शिंदे ने बताया कि 8 नवंबर को ही यह तय हो गया था कि कसाब को 12 तारीख को फांसी दे दी जाए। इस बारे में महाराष्ट्र सरकार को उसी दिन जानकारी दे दी गई थी।

कसाब को फांसी देकर भारत ने २६/११ के शहीदों को श्रधान्जली दी और आतंकवाद के विरुद्ध जंग की वचनबद्धता दोहराई


इसी उद्देश्य की पूर्ती के लिए मंगलवार को कसाब को मुंबई की ऑर्थर रोड जेल से पुणे की यरवदा जेल में गुपचुप तरीके से शिफ्ट कर दिया गया था। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि यरवदा जेल में फांसी देने का इंतजाम है। उसकी फांसी बुधवार सुबह साढ़े सात बजे तय की गई थी, जिसे तय समय पर अंजाम दे दिया गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्री शिंदे ने कहा कि पूरी प्रक्रिया के बाद सुबह 7.30 मिनट पर यरवदा जेल में कसाब को फांसी दे दी गई। उन्होंने कहा, ‘पूरी दुनिया के सामने कसाब का अपराध साबित हुआ और आखिरकार उसे फांसी दे दी गई। ।’
कसाब की डेड बॉडी का क्या किया जाएगा? केंद्रीय गृह मंत्री के मुताबिक इस बारे में पहले ही पाकिस्तान को लेटर भेजा गया था, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। कसाब को फांसी देने के बाद पाकिस्तान को दोबारा एक फैक्स भेजकर कसाब को फांसी दिए जाने की जानकारी दी गई है। शिंदे के मुताबिक अगर पाकिस्तान सरकार की तरफ से कसाब का शरीर लिए जाने का अनुरोध आता है, तब इस पर विचार किया जाएगा।
गौरतलब है कि कसाब उन 10 पाकिस्तानी आतंकियों में से एक था, जिन्होंने समंदर के रास्ते मुंबई में दाखिल होकर 26/11 हमले को अंजाम दिया था। इस हमले में 166 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हो गए थे। हमला करने से पहले इन आतंकियों ने गुजरात कोस्ट से एक भारतीय बोट को हाइजैक करके उसके कैप्टन को भी मार दिया था।
कसाब ने सितंबर में राष्ट्रपति के पास दया याचिका भेजी थी। इससे पहले 29 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले को बेहद ‘रेयर’ बताकर कसाब की फांसी की सजा पर मुहर लगा दी थी। जस्टिस आफताब आलम और सी. के. प्रसाद ने मुंबई हमले में पकड़े गए एक मात्र जिंदा आतंकी कसाब के बारे में कहा था कि जेल में उसने पश्चाताप या सुधार के कोई संकेत नहीं दिखाए। वह खुद को हीरो और देशभक्त पाकिस्तानी बताता था। ऐसे में कोर्ट ने माना था कि कसाब के लिए फांसी ही एकमात्र सजा है।
इससे पूर्व संयुक्त राष्ट्र महा सभा में भारत ने फांसी की सज़ा के पक्ष में मतदान करके यह साबित कर दिया था कि भारत देश में क़ानून व्यवस्था को तय करने के अपने अधिकार को सुरक्षित रखना चाहता है| इस मतदान के तत्काल पश्चात कसाब को को फांसी देकर यह भी सन्देश दे दिया गया है कि भारत कानून का पालक है और एक सॉफ्ट स्टेट कतई नहीं है|