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अरविन्द केजरीवाल का असहयोग और उपवास २सरे दिन भी जारी:पहले दिन ३६७४३ समर्थक आये

अरविन्द केजरीवाल का असहयोग और उपवास २सरे दिन भी जारी:पहले दिन ३६७४३ समर्थक आये

अरविन्द केजरीवाल का असहयोग और उपवास २सरे दिन भी जारी:पहले दिन ३६७४३ समर्थक आये

आम आदमी पार्टी (आप) के सर्वोच्च नेता अरविंद केजरीवाल आज रविवार को दूसरे दिन भी लगातार उपवास पर रहे|
रामलीला मैदान व जंतर-मंतर की खुली जगह के स्थान पर उन्होंने इस आंदोलन के लिए यमुनापार की सुंदर नगरी की तंग गली को चुना है| आप की वेबसाइट पर पहले दिन के समर्थकों का आंकडा ३६७४३ दिखाया गया है|अरविंदकेजरीवाल के अनुसार उपवास तभी टूटेगा, जब दिल्ली वासियों के मन में बैठा सत्ता का डर निकल जाएगा।दिल्ली वासी भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक जुट हो जायेंगे| उन्होंने दिल्‍लीवासियों से अपील की है कि वे बिजली-पानी का बिल न भरें। दिल्ली में बिजली-पानी के नाजायज़ रूप से बढ़े बिलों के खिलाफ, जनता को एकजुट करने के लिए यह असहयोग आन्दोलन और उपवास का कार्यक्रम चलाया गया है|
आप के नेताओं का कहना है कि बिजली और पानी के नाजायज़ बिलों से दिल्ली के आम आदमी की ज़िन्दगी हलकान है. यह बिल बढ़ने का एक ही कारण है – भ्रष्टाचार. दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित जी बिजली-पानी कंपनियों से मिली हुई हैं. वे जनता के हितों को बेचकर, बार बार बिजली पानी के दाम बढ़ा रही हैं. दूसरी तरफ प्रमुख विपक्षी पार्टी भाजपा चुप है या फिर विरोध का नाटक करती है.
सर्व विदित है कि २०१० में डीईआरसी के तत्कालीन चेयरमैन बरजिंदर सिंह ने बिजली के दाम कम करने का आदेश तैयार किया था, लेकिन दिल्ली कि मुख्य मंत्री शीला दीक्षित ने इसे रुकवा दिया | उस आदेश की प्रति दो साल से दिल्ली के बीजेपी नेताओं के पास थी लेकिन उनके विधायकों ने दो साल में एक बार भी इसे विधानसभा में नहीं उठाया. आज वो चुनाव के पहले विरोध का नाटक कर रहे हैं
ये . दोनों बड़ी पार्टियां बिजली-पानी की बड़ी बड़ी कंपनियों से मिली हुई हैं.श्री मति शीला ने दिल्ली में बिजली के दाम और बढ़ाने का निर्णय कर लिया है. उनका कहना है कि बिजली कंपनियों को २० हज़ार करोड़ का घाटा हुआ है. दिल्ली में ३५ लाख बिजली कनेक्शन हैं, अगर यह २० हज़ार करोड़ रुपया लोगों से वसूला गया तो औसतन हर परिवार को ५०००/- रूपए महीना अतरिक्त देने पड़ेंगे| आने वाले कुछ महीनों में दिल्ली में नाटक खेला जाएगा कि डीईआरसी बिजली के दाम बढ़ाएगा, शीला दीक्षित चुनाव के पहले सब्सिडी देकर बिल कम करने का नाटक करेंगी, और भाजपा विरोध का नाटक करेगी. जनता पिसती रहेगी.इस अन्याय से लड़ने के लिए हमें महात्मा गांधी का बताया रास्ता नज़र आता है. वे कहते थे कि – “जो अन्यायपूर्ण कानून हो, उसका पालन मत करो. उसके बदले में सरकार जो सज़ा दे तो वह भी भुगतने को तैयार रहो.”
इस आन्दोलन में कुछ नया पन भी दिख रहा है|जनता से सीधे जुड़े बिजली पानी के मुद्दे को लेकर अबकी बार जंतर मंतर या राम लीला मैदान जैसे खुले स्थान को नहीं चुना गया [१] वरन यमुनापार की सुंदर नगरी की तंग गली को चुना गया है|शायद अरविन्द को एहसास हो गया है कि दिल्ली के तख्त तक पहुंचाने के लिए वोटों की सीडियां इन्ही गली मोहल्लों से होकर निकलती हैं|[२] अरविन्द केजरीवाल ने उपवास पर बैठने से पहले माथे पर बहुत बड़ा लाल टीका लगाया हुआ है शायद यह भाजपा के वोट बैंक के लिए चुम्बक का काम कर सकेगा|[३]पहले दिन ३६७४३ समर्थकों के जुटाने का दावा अपने आप में “आप” के उत्साह को बढाने के लिए पर्याप्त है |