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राहुल गाँधी ने दोषी सांसदों को बचाने वाले आर्डिनेंस के खिलाफ “राइट टू रिजेक्ट” का इस्तेमाल किया तो आप सभी लोग क्यूं भड़के हुए हो

झल्ले दी झल्लियाँ गल्ला

एक भाजपाई

ओये झल्लेया हमारी जंग आखिर कर रंग ले ही आई देखा मुख्य न्यायाधीश पी. सतशिवम की अध्यक्षता वाली पीठ ने नौ सालों से लंबित पी आई एल का निस्तारण करते हुए देश के मतदाता को राइट टू रिजेक्ट का अधिकार देने पर अपनी मुहर लगा दी है अब तो वोटिंग मशीन [ EVM ]में नन ऑफ द एबव का बटन दबा कर आम वोटर भी खुद को सुप्रीम समझेगा |

झल्ला

अरे सेठ जी एक बात धर्म से बताओ आप राईट तो रिजेक्ट की तारीफ़ के इतने पुल बांध रहे हो लेकिन राहुल गाँधी ने दोषी सांसदों को बचाने वाले आर्डिनेंस के खिलाफ इस अधिकार RightToRejectका इस्तेमाल किया तो आप सभी लोग भड़के हुए हो ऐसा डबल स्टेंडर्ड कैसे चलेगा???