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सोणे ते मन मोहणे पी एम् नवाज से मुलाक़ात में शराफत से हाथ ही मिलायेंगे या फिर बगलगीर होकर आतंक वाद के विरुद्ध कुछ वसूल कर आयेंगे

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक कांग्रेसी चीयर लीडर

ओये झल्लेया ये पाकिस्तानी प्रधान मंत्री जनाब नवाज शरीफ ने क्या समझा था कि वोह संयुक्त राष्ट्रों की महा सभा में कश्मीर को मुद्दा बनायेंगे और हसाड़े सोणे ते मन मोहणे पी एम् खामोश रहेंगे ओये डॉ मन मोहन सिंह ने कड़वी दवा उड़ेलते हुए कह दिया है कि कश्मीर तो भारत का अविभाज्य अंग है इसके साथ ही पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के हिस्से से भारत के विरुद्ध नित नए आतंक वादी षड्यंत्र रचे जा रहे हैं| ओये हसाड़े मन मोहणे के सिंघी तेवर देख कर अमेरिका के प्रेजिडेंट माननीय बराक ओबामा ने भी आश्वासन दे दिया है कि वह स्वयम भी भारत के खिलाफ लगातार पाकिस्तान आधारित आतंकवाद का मुद्दा ‘ नवाज शरीफ के समक्ष उदारता से उठाएंगे|

झल्ला

चतुर सुजाण जी पाकिस्तानी वजीरे आजम ने बड़ी शराफत से कहा है कि वह भारत के साथ ‘नयी शुरूआत’ करने तथा ठोस एवं उद्देश्यपरक संवाद स्थापित करने को लेकर उत्सुक हैउधर हसाड़े मन मोहणे ने भी मुलाकात अपने इस काउंटर पार्ट से मुलाक़ात से इनकार नहीं किया है|ऐसे में झल्ला सवाल उठता है कि हसाड़े पी एम् डॉ मन मोहन सिंह पाकिस्तान के पी एम् नवाज शरीफ से केवल
[१] हाथ मिला कर वापिस आयेंगे
[२] बगलगीर होकर आयेंगे
[३] आतंक वाद के विरुद्ध कुछ वसूल कर आयेंगे या फिर
[४] शरीफ साहब की तली[हथेली] पर कुछ रियायतें/व्यापार रख कर आयेंगे?जैसा कि खुद डॉ साहब ने कहा है कि ‘आतंक का केंद्रबिन्दु’ बने पाकिस्तान के जनाब शरीफ के साथ उनकी मुलाकात को लेकर अपेक्षाओं को कम करना होगा इस बात पर कायम रहते हुए मीटिंग के तत्काल पश्चात झल्लेविचारानुसार बिना इफ या बट के मुलाक़ात का ईमान दारी से खुलासा कर दिया जाना चाहिएवरना देर करने से कई किन्तु परन्तु लगने शुरू हो जायेंगे