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राजनीतिक हाथियों के दांत खाने और दिखाने के अलग अलग ही हैं:अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

महिला उत्थान गैर सरकारी संस्था की स्वयम्भू प्रेजिडेंट

ओये झल्लेया देखा हसाड़े प्रयासों का नतीज़ा ओये ८ मार्च के अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस पर संसद से लेकर सड़क तक केंद्र से लेकर राज्यों तक केवल नारे बाज़ी ही नहीं हुई अनेकों हमारे वेल फेयर के काम भी किये गए हैं|[१]सोनीपत में भगत फूल सिंह महिलाविश्व विद्यालय में आज़ाद भारत का पहला [सरकारी]महिला अस्पताल खोल गया[२]दिल्ली के शास्त्री भवन में पहला महिला डाक खाना खोला गया ओये हसाडी कोउशिशोन का असर यूं पी में भी दिखाई दिया है| [३]यूं पी की विधानसभा में महिला सशक्तिकरण के लिए प्रस्ताव पारित कर दिया गया और [४] मेरठ में महिलाओं के लिए विशेष बस को भी हरी झंडी दिखा कर महिलाओं को समर्पित किया गया है|
अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस

झल्ला

हाँ जी वाकई केंद्र +हरियाणा और उत्तर प्रदेश में नारी सम्मान बढाने के सराहनीय कार्य किये गए हैं |लेकिन दुर्भाग्य से राष्ट्र की सबसे बड़ी संस्था संसद में भाषणबाजी के बाद ज्यादातर अधिकाँश सीटें खाली ही रही| सदन चल रहे थे और माननीय सदस्य कार्यक्रमों में व्यस्त थे | यूं पी ऐ के चेयर पर्सन श्रीमती सोनिया गांधी हरियाणा के सोनीपत में महिला अस्पताल का उद्घाटन करने में व्यस्त दिखी तो माननीय मानव एवं कल्याण संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल पोस्ट आफिस में रहे|सपा के महासचिव प्रो.राम गोपाल यादव मेरठ में शिक्षण संस्थान में डिग्रियां बाँट रहे थे |लेकिन आश्चर्यजनक रूप से विपक्षी दलों के भी अधिकांश खाली लाईनों पर राज्य सभा टी वी का कैमरा घूमता रहा|झल्लेविचारानुसार हाथी के दांत खाने और दिखाने के अलग अलग ही हैं वरना बलात्कारियों को हतोत्साहित करने वाला बिल संसद में पास हो चूका होता|दिल्ली की मुख्य मंत्री श्रीमती शीला दीक्षित को दुष्कर्म के आरोपियों की सिफारिश करने के लिए अपने ही प्रदेश में विरोध नहीं झेलना पड़ता