Ad

पाकिस्तान की जम्हूरियत को गधिगेड में डालने को हर कोई उबला जा रहा है

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक पाकिस्तानी चिन्तक

ओये झल्लेया ये क्या हो रहा हैओये हसाड़े पाकिस्तान में जब भी जम्हूरियत आती है तभी कोई ना कोई घरेड पे जाती है अब देखो न दशकों के बाद जम्हूरियत आई थी लेकिन ये कादरी औरकाले कोट वाले फौज को आगे लाने को आतुर हो रहे हैं| कनाडा की फिजाओं को छोड़ छाड़ कर मौलाना ताहिर उल कादरी अपने मार्च को लाहौर से लेकर इस्लामाबाद पहुंच गए हैं |इस मौलाना ने फौज और सुप्रीम कोर्ट की तारीफों के पुल बाँध दिए और जनता की चुनी हुई सरकार को अल्टीमेटम दे दिया है|उधर सुप्रेम कोर्ट ने भी हसाड़े प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ को एक पुराने रेंटल पावर प्रोजेक्ट घोटाले के मामले में एरेस्ट किये जाने के आदेश दे दिए हैं|ओये ऐसे में जब हमारी जम्हूरियत की कब्र खोदने की कवायद चल रही है ऐसे वक्त में यार ये भारत वाले भी हमारे पीछे पड़ गए हैं|ओये हमारी डेमोक्रेसी का क्याहोगा ?

पाकिस्तान की जम्हूरियत को हर कोई गधिगेड में डालने को उबला जा रहा है


झल्ला

हाँ जी बात तो वाकई चिंताजनक है लेकिन यह भी सत्य है कि चुनी हुई सरकार के सामने कई तरह की घरेड डाली जाती रहती हैं|अब देखो हसाड़े सोणे इंडिया में लोक तंत्र भी आये दिन किसी न किसी गधिगेड में फंस ही जाता है| लेकिन ये खातिर जमीत रखो कि जब फक्कड साधू रूपी अन्ना बाबू राव हजारे जैसे ज्यादा चल नहीं पाए तो उनका अनुसरण करते हुए ये आपके कनाडाई मौलाना कब तक आन्दोलन को खैंच पाएंगे?और अगर खैंच पाए तो प्रेजिडेंट / पी एम् किसे बनायेंगे ? जनरल कयानी या फिर परवेज मुशर्रफ ?