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भारतीय महाराजा की शान लौटने वाली है |

बेशक एयर इंडिया लगातार हड़ताल +कुप्रबंधन को लेकर आलोचनाओं का शिकार हो रही है अब उच्च पदाधिकारी के तबादले को लेकर राजनीति या स्कैम तलाशा जा रहा है मगर लाभ का ग्राफ लगातार बड़ता जा रहा है|जून समाप्ति के तिमाही में २१% रेवेन्यू का इजाफा दर्ज किया गया है| लगता है की महाराजा की शान लौटने वाली है |
पायलटों की रिकार्ड ५८ दिन की चली हड़ताल का सामना करने के लिए केवल प्रोफिट वाले रूट्स पर ही फ्लाइट्स जारी रखी गई और किराए में भी इजाफा हुआ|
पुराने वर्ष के २४०० करोड़ के मुकाबिले जून समाप्ति के तिमाही में २९०० करोड़ का रेवेन्यू बुक किया गया है

कांवरियों का तांता शुरू

सावन माह की शिवरात्री के लिए गंगा जल लाने वालों के रिले शुरू हो गए है|राष्ट्रीय राजमार्ग[एन एच ५८] व्यस्तम मार्गों में है आईएस मार्ग के ट्रेफिक को बदल दिया गया है निजी वाहनों के अलावा पब्लिक सर्विस बस और ट्रेनों पर भी कावनिए दिखाई देने लग गए है| कावानिओं की सेवा के लिए श्र्धालूजन शिविर लगा रहे है \दवा और भोजन निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है मेरठ

kanwariyaas are Crowding At City Railway Station Meerut

के स्कूलों की एक सप्ताह की छुट्टी घोषित हो चुकी है इसीलिए दिल्ली -देहरादून मार्ग के आम यात्री परेशानिओं से बचने के लिए ट्रेफिक बदलाव की जानकारे ले कर ही गंत्व्यस्थ्ल के लिए निकलें|

अंग्रेजों ने भारतीय पैसा स्विस बैंकों में छुपाया

तमिल नाडू में पांड्य राजवंश की संपत्तियो से सम्बंधित चल रहे मुकद्दमे में एक नया रोचक तथ्य लगा गया है|पी ज्योतिमणि और एम दुरईस्वामी की खंडपीठ द्वारा पूछताछ के दौरान वरगुणा पांड्य का कानूनी वारिस होने का दावा करने वाले एन जगन्नाथ के अधिवक्ता चोकलिंगम ने यह रहस्योद्घाटन करते हुए । बताया कि देश से जाते समय अंग्रेजों ने भारतीय धन को स्विस बैंकों में छुपा दिया था अब अगर वह वापिस आ जाता है तो देश की जी डी पी बढ जायेगी|
हाल ही में एक सड़क हादसे में मारे गए स्विटजरलैंड के नागरिक जी लीपोल्डो कसीना ने इस रहस्य का खुलासा किया था ब्रिटिश सरकार द्वारा 1947 के पहले से स्विस बैंकों में पैसा जमा किया गया था है यदि यह धन वापस आए तो भारत को काफी फायदा होगा। कसीना स्विस बैंक में मेनेजर भी थे उन्होंने एक भारतीय से शादी की थी। हाल ही में उनकी सड़क दुर्घटना में मौत हो गई यधपि इसे आम सड़क दुर्घटना मन जा रहा है मगर कासीना चूँकि स्विस बैंकों में भारतीय पैसे के मामले से जुड़े थे इसीलिए जाँच का विषय तो जरूर है\