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ध्यान से तनाव को ख़त्म करो :संत राजेंद्र सिंह

ध्यान : तनाव को ख़त्म करने की औषधि सावन कृपाल रूहानी मिशन के वर्तमान संत राजेंद्र सिंह जी ने तनाव से भरी आज की जिन्दगी के लिए ध्यान जरुरी बताया है|

ध्यान : तनाव को ख़त्म करने की औषधि :संत राजेंद्र सिंह


संत राजेंद्र सिंह जी का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों से भावनाओं के तूफ़ान और तनाव को ख़त्म करने हेतु लोगों का रुझान
ध्यान की विद्या की ओर हुआ है| ध्यान से शारीरिक और दिमागी तौर पर बहुत से फायदे
हैं| यह सुरक्षात्मक, असरदार और निशुल्क है | जब हम एक बार ध्यान की विद्या सीख
लेते हैं, तब हमारे पास अंतर में हर समस्या का समाधान तैयार होता है |
ध्यान की विधि क्या है ?

ध्यान के लिए हम किसी ऐसे आसन का चयन करते हैं जिसमे हम कुछ समय के लिए
शांत और निश्चित मुद्रा में बैठ सकें| ध्यान के द्वारा हम अपनी एकाग्रता को दो आँखों
के पीछे मध्य बिंदु पर टिकाते हैं जिसे हम शिवनेत्र या दसवां द्वार कहते हैं| इस प्रकार
हम अपने ध्यान को बाहरी जिस्म से हटाते हैं|

ध्यान की अवस्था केवल मानसिक और
शारीरिक स्तर पर ही होती है| पर जब हम ध्यान के द्वारा अंतर में प्रभु की ज्योति के
दर्शन करते हैं और उसके शब्द को सुनते हैं, तब इस ज्योति और शब्द की धारा से हम
अंतर का प्रभुरूपी प्यार, चेतना और परम सुख पाते हैं|
संत राजिंदर सिंह जी महाराज
प्रस्तुती राकेश खुराना

ड्रीम लाइनर के ड्रीम को बेंगलूर में एक पक्षी ने झटका दिया

एयर इंडिया के ड्रीम लाइनर के ड्रीम को झटका लगा है|गुरूवार को घेरलू उडान पर बंगलूर में लैंड करते समय एयर इंडिया का ड्रीम लाइनर एक पक्षी से टकरा गया|सुबह नौ बजे घटी इस घटना से कोई नुकसान की खबर नहीं है |

एयर इंडिया के ड्रीम लाइनर के ड्रीम को झटका लगा है|

२५०+ केपेसिटी वाले इस ड्रीम लाइनर में केवल 127 यात्री ही थे सभी १२७ यात्री सुरक्षित बताये गए हैं|

इंडिगो एयर लाइन्स ने उत्तर प्रदेश के राज्यपाल का लगेज लखनऊ पहुंचाया

इंडिगो एयर लाइन्स ने अपनी गलती को सुधारते हुए उत्तर प्रदेश के राज्यपाल का लगेज लखनऊ पहुंचाया

|इंडिगो एयर लाइन्स ने अपनी गलती को सुधारते हुए उत्तर प्रदेश के राज्यपाल का लगेज लखनऊ पहुंचाया |गौरतलब है किबुधवार को राज्यपाल बी एल जोशी निजी विमानन कंपनी इंडिगो एयर लाईन्स से दिल्ली से लखनऊ आये थे|इसी बीच उनका एक लगेज[बैग]दिल्ली से विमान में लोड नहीं हो पाया |जिसके कारण इस अनुशासित +लगातार प्रोफिट में और निरंतर सेवा प्रदान करने वाली कंपनी की स्वाभाविक किरकिरी हुई|
इसके लिए गवर्नर के स्टाफ ने भी एयर लाइन्स वालों को खूब भला बुरा कहा|सूत्रों की माने तो सुरक्षा कारणों से अक्सर लोडिंग से पहले लगेज की शिनाख्त पेसेंजर से करवाई जाती है| कभी कभी शिनाख्त नहीं हो पाने के कारण ऐसा हो जाता है |लेकिन इस गलती को जल्द ही सुधार लिया गया हैऔर छूटे लगेज को गन्तव्य तक दूसरी फ्लाईट में पहुंचा दिया गया है|

रोमांटिक फिल्मो के किंग यश चोपड़ा ने आज आठ दशक पूरे किये

रोमांटिक फिल्मो के किंग कहे जाने वाले यश चोपड़ा ने आज अपनी ज़िंदगी के 80 साल पूरे कर लिए| जमोस न्यूज डाट काम परिवार की तरफ से बधाई \यश चोपड़ा के इस खास दिन पर शाहरुख ने खान ने यश चोपड़ा को एक अनोखा उपहार दिया हैं उन्होंने एन डी टी वी पर यश चोपड़ा के साथ उनकी अब तक की ज़िंदगी के बारे में बात की और साथ ही उनके अब तक के फिल्मी करियर से जुड़े कई ऐसे पहलुओं को सामने लाये जिनके बारे में किसी को अभी तक नहीं पता।
शाहरुख खान की अधिकतर बड़ी और हिट फिल्में यश राज और उनके बैनर के साथ ही बनी हैं। ।
आज की जेनरेशन में शाहरुख ही एक ऐसे एक्टर हैं जिन्होंने यश चोपड़ा के साथ इतना काम किया है। इस ईवेंट को बहुत बड़े स्तर पर करने का प्लान किया गया है। यश चोपड़ा आमतौर पर कैमरे को फेस करना पसंद नहीं करते हैं। एन डी टी वी पर हुई इस बातचीत में बताया गया कि रोमांटिक फिल्मों की शुरुआत करने से पहले यश चोपड़ा बहुत ही गहरी सोच वाली फिल्में बनाते थे।
शाहरुख की यश चोपड़ा के साथ पहली फिल्म डर जो कि 1993 में रिलीज हुई थी बॉक्स ऑफिस पर काफी सफल हुई उसके बाद शाहरुख ने यश चोपड़ा के साथ और भी कई फिल्में की। जिनमें दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे (1995) दिल तो पागल है(1997) मोहब्बतें (2000) वीर ज़ारा (2004) और रब ने बना दी जोड़ी (2008) शामिल हैं।
वीर ज़ारा के बाद शाहरुख खान और यश चोपड़ा की जोड़ी एक बार फिर से ‘जब तक है जान’ से दोबारा अपना जादू चलाने आ रही है। इस फिल्म में एक बार फिर काश्मीर की ख़ूबसूरत वादिओं का हुस्न जलवे बिखेरेगा|
कहा जा रहा है कि ये फिल्म यश चोपड़ा की आखिरी फिल्म होगी इसके बाद वो कोई फिल्म डायरेक्ट नहीं करेंगे। फिल्हाल हर किसी को बेसब्री से यश चोपड़ा की इस फिल्म का इंतज़ार है जिसमें एक बार फिर से शाहरुख एक रोमांटिक हीरो के रुप में नज़र आएंगे। यश चोपरा ने अपने बड़े भाई बी आर चोपड़ा के एसिस्टेंस के रूप में फ़िल्मी करियर शुरू किया| शहरुख के साथ इस बात चीत में उन्होंने अपने शायरी के शौक को भी सांझा किया|

मितव्यतता की दुहाई देने वाली सरकार की थाली की कीमत ७७२१ रुपये

आस्टेरिती/ मितव्यतता की दुहाई देने वाली यूं पी ऐ सरकार के खर्च का ब्यौरा चौंकाने वाला है आर टी आई एक्टिविस्ट्स द्वारा पूछे गए सवालों में बताया गया है कि एक सरकारी भौज पर २८९५५०३/=का खर्चा आया है|औए यात्राओं पर ५६.१ करोड़ खर्च बुक किये गए हैं|
यूं पी ऐ २ की सरकार की तीसरी वर्षगांठ पर पी एम् द्वारा दिए गए [एक] रात्रि भौज पर सरकारी खजाने से ७७००/=से ८०००/=प्रति थाली का भुगतान किया गया| आर टी आई एक्टिविस्ट रमेश वर्मा के १०/= की कीमत देकर पूछे गए एक सवाल परसरकार ने बताया कि प्रति थाली ७७२१/= का खर्चा आया है|३७५ लोगों ने इस आयोजन का लाभ उठाया | कुल खर्चा 28, 95, ५०३/= का बताया गया है| इसका भुगतान की जिम्मेदारी सी पी डब्लू डी और विदेश मंत्रालय पर थी|.
मितव्यतता के विषय में स्वयम पी एम् ने दिशा निर्देश जारी किये हुए हैं|अभी हाल ही में एक मंत्री कृष्णा तीर्थ ने तो शादी ब्याहों में खान पान को चाय पानी तक ही सिमित कर दिए जाने की वकालत की है|प्लानिंग कमीशन के अनुसार एक थाली पर १६/= से लेकर ३२/ = पर्याप्त हैं|
ये तो बात खाने की हुई अब यात्रा का खर्चा भी कम चौंकाने वाला नहीं है|एक तरफ जहां देश आर्थिक संकटों से घिरा हुआ है,वहीं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मंत्रियों ने विदेशी दौरों पर 678 करोड़ रुपये फूंक डाले हैं.
आरटीआई कार्यकर्ता सुभाष अग्रवाल ने यह खुलासा किया है. उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत मंत्रियों के विदेश दौरों पर खर्च हुए पैसा का ब्योरा मांगा था. 2011-12 में मंत्रियों के विदेश दौरों पर यूपीए सरकार ने 678 करोड़ रूपए फूंके.
2010-11 से यह 12 गुना ज्यादा है. 2010-11 में मंत्रियों के विदेश दौरों पर सिर्फ 56.1 करोड़ रूपए खर्च हुए थे.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी पिछले दो साल में जमकर विदेश दौरे किये. प्रधानमंत्री मॉस्को, मालदीव, न्यूयॉर्क बाली के दौरों पर गए. विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने 28 विदेश दौरे किए. कृष्णा ने न्यूयॉर्क,इस्लामाबाद,बीजिंग,बाली,सिंगापुर,ऑस्ट्रेलिया,इजरायल और फिलस्तीन का दौरा किया.
कई बार मंत्रियों ने चार्टर्ड प्लेन से यात्राएं की. मसलम विदेश मंत्री एसएम कृष्णा के पाकिस्तान दौरेके लिए एयर इंडिया के एयरबस को किराये पर लिया गया|
वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने आठ बार स्वीट्जरलैण्ड+दक्षिण अफ्रीका+पाकिस्तान और फ्रांस की यात्रा की. रक्षा मंत्री एके एंटनी ने पिछले दो साल में 6 विदेश दौरे किये सुबोध कान्त सहाय ने पांच देशों की यात्राएं की.
अधिकारियों के मुताबिक ये सभी आधिकारिक दौरे थे

आज का शेयर बाज़ार कमजोरी का शिकार

आज गुरुवार को देश के शेयर बाजारों में कमजोरी हावी रही| प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 52.67 अंकों की गिरावट के साथ 18,579.50 पर और निफ्टी 13.95 अंकों की गिरावट के साथ 5,649.50 पर बंद हुआ.
बंबई स्टॉक एक्सचेंज(बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 27.58 अंकों की तेजी के साथ 18,659.75 पर खुला और 52.67 अंकों या 0.28 फीसदी गिरावट के साथ 18,579.50 पर बंद हुआ. दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने 18,735.95 के ऊपरी और 18,552.68 के निचले स्तर पर को छुआ. सेंसेक्स के 30 में से 11 शेयरों में तेजी रही.
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में तेजी देखी गई.
दिन के शुरुआती बाजारों ने तेजी दिखाई। बाजार बढ़त पर खुले। निफ्टी 5650 के अहम स्तर के ऊपर बना रहा। कैपिटल गुड्स, ऑटो और पावर शेयरों में आई जोरदार तेजी ने भी बाजार में जोश भरा। सेंसेक्स ने 100 अंक की छलांग लगाई और निफ्टी भी 5700 के बेहद करीब पहुंच गया। मिडकैप शेयर करीब 1 फीसदी उछले।
मगर, दोपहर 1 बजे के बाद बाजार पर बिकवाली हावी होती नजर आई। 2जी घोटाले से जुड़े एक मामले में प्रकृतिक संसाधनों की नीलामी के सवाल पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का बी बाजार पर साफ असर दिखा। फैसले से पहले बाजार में थोड़ी घबराहट नजर आ रही थी, मगर फैसले के बाद बाजार थोड़ा संभलता दिखा।

वाहन चोर पकडे :आर टी ओ में फर्जी कागजात भी बनवाते थे

मेरठ पोलिस ने आज चोरी के सोलह वाहनों के साथ चोरों का गिरोह पकड़ने में कामयाबी हासिल की | पोलिस चेकिंग के दौरान हाथ आये सद्दाम[सिंघावली]मुकेश[मुजफ्फर नगर]राहुल[खतौली]गौरव [मोदी नगर] ने दौराला पोलिस को पूछताछ के दौरान १४ बाईक और दो कार बरामद कराई |चोरों के अनुसार ये लोग विभिन्न राज्यों से वाहन चोरी करके लाते थे और आर टी ओ में फर्जी कागज़ बनवा कर उन्हें बीच देते थे|
इस पकड़ से एक बार फिर आर टी ओ की भूमिका संदिग्ध हो गई है

चोरी के सोलह वाहनों के साथ चोरों का गिरोह पकड़ने में कामयाबी

लता और रफ़ी की कडवाहट २५ साल बाद रफ़ी पुत्र और लता में पैदा हो गई

लता और रफ़ी की कडवाहट २५ साल बाद रफ़ी पुत्र और लता में पैदा हो गई

बेशक पंद्रहवीं लोक सभा ने बरसों से चली आ रही रायल्टी की मांग को जायज़ ठहरा दिया हैमगर इसके बावजूद २५ साल पुराना रायल्टी पर उठा एक बहु चर्चित विवाद पुनः चर्चा में आ गया है| अपने समय में टाप पर रहे सुर सम्राज्ञी लता मंगेशकर और दिवंगत सदा बहार गायक मुहम्मद रफी को कौन नहीं जानता| दोनों के बीच चली कुछ सालों की कड़वाहट ने संगीत जगत की एक अलग ही छवि लोगों के सामने ला दी थी। वोही कडवाहट अब मोहम्मद रफ़ी के पुत्र शाहिद अली रफ़ी और लता में आ गए हैं|
लता मंगेशकर ने एक इंटरव्यू में कहा है कि मोहम्मद रफी ने एक बार एक गाने की रॉयेल्टी के मसले को लेकर उनसे माफी मांगी थी। मगर इस पर मोहम्मद रफी के बेटे ने आपत्ति जताई है और कहा है कि रफी ने कभी भी लता से माफी नहीं मांगी।बताते हैं कि एक समय लता और रफ़ी के एक साथ गाये गए गाने रिलीज नहीं हुए थे|मोहम्मद रफी [अब स्वर्गीय ] ने लता मंगेशकर के साथ गाने को मना कर दिया था। इस पर लता ने भी कह दिया कि वे खुद भी अब उनके साथ नहीं गाएंगी। माहौल को गर्म देखते हुए संगीतकार जयकिशन[अब स्वर्गीय] ने दोनों में सुलह कराने की कोशिश की थी। इस पर लता ने रफी से लिखित माफी मांगने को कहा था।रफी ने लिखित तौर पर माफी मांगी, तब कहीं जाकर दोनों में सुलह हुई।
लता के इस कथन का रफ़ी के पुत्र शाहिद अली ने कडा विरोध किया है| शाहीद का कहना है कि रफी साहब के देहांत के बरसों बाद लता पत्र के बारे में ऐसी बातें कर रही हैं। अगर ऐसा ही था तो उन्होंने उस पत्र को सुरक्षित क्यों नहीं रखा। उन्होंने कहा कि रफी के साथ गाना शुरू करने पर अप्रसन्नता प्रकट करने की बात कहकर लता युवा पीढ़ी को गलत संदेश दे रही हैं| उन्होंने कहा कि उनके [शाहिद]पिता को बदनाम किया जा रहा है। ऐसी कोई घटना हुई ही नहीं थी। पूरी दुनिया जानती है कि मोहम्मद रफी रॉयल्टी या पैसों के लालची नहीं थे।शाहिद का कहना है कि अगर ऐसा हुआ है तो लताजी को वह पत्र दिखाना चाहिए मीडिया को न कि सिर्फ रफी साहब का नाम खराब करना चाहिए। कि रफी साहब की मृत्यु के 25 साल के बाद लताजी यह बात कह रही हैं यह दुखद है | लताजी को अपनी यह बात वापस लेनी चाहिए।मशहूर गायक मोहम्मद रफी के बेटे उन्होंने कहा, ‘आज अपना पक्ष रखने के लिए न तो मेरे पिता हैं और न ही जयकिशन। लता जी झूठ बोल रही हैं। बहुत दिनों से लता जी चर्चा में नहीं हैं इसीलिए अब चर्चा में आने के लिए रफी साहेब को बदनाम कर रही हैं| मेरे पिता के बारे में दुर्भावना पैदा कर रही हैं। यदि मेरे पिता ने लिखित में माफी मांगी थी तो उन्हें वह पत्र दिखाना चाहिए।’ शाहिद ने लता से 10 दिन के भीतर माफी मांगने को कहा है। नहीं तो वे लता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं।

महेंद्र की परेशानी दूर करने के लिए मोहिन्द्र को क्रिकेट सलेक्टर टीम से हटाया

कपिल के डेविल हरफन मौला मोहिंदर अमरनाथ को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने टीम सिलेक्शन कमिटी के सदस्य पद से हटा दिया है। रोजर बिन्नी को मुख्य सलेक्टर बनाये जाने की खबर है|
मोहिंदर अमरनाथ और बी सी से आई के बीच काफी दिनों से टकराव की खबरें आ रही थीं जिनके चलते क्रिकेट बोर्ड ने 83वीं एजीएम की बैठक में अमरनाथ को हटाने का फैसला किया।
सूत्रों की मानें तो अमरनाथ ने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 8 टेस्टों में लगातार हार के बाद महेंद्र सिंह धोनी के टेस्ट कप्तान बने रहने के विरोध किया था। न्यू ज़ीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैचों के लिए टीम को चुनने के लिए सिलेक्शन कमिटी की मीटिंग में मोहिंदर अमरनाथ ने कहा था कि धोनी को टेस्ट टीम की कप्तानी से हटा देना चाहिए। वह वीरेंद्र सहवाग को कप्तान बनाए जाने के पक्षधर थे।
इस मामले पर वोटिंग कराई गई। बहुमत में चयनकर्ताओं ने अमरनाथ का साथ दिया।लेकिन अपना कार्यकाल पूर्ण कर चुके श्रीकांत धोनी के पक्ष में थे। इस मुद्दे पर हुई तनातनी के बाद अमरनाथ ने सिलेक्शन कमिटी से हटने की धमकी दी थी।पिछले एक साल से नॉर्थ ज़ोन की नुमाइंदगी कर रहे अमरनाथ को चयन समिति का हिस्सा यह कहकर बनाया गया था कि श्रीकांत की अध्यक्षता वाली समिति को कार्यकाल खत्म होने पर मोहिंदर अमरनाथ को अध्यक्ष पद दिया जाएगा| ऐसा नहीं हुआ |संदीप पाटिल को यह सम्मान दिया गया है|

महेंद्र की परेशानी दूर करने के लिए मोहिन्द्र को क्रिकेट टीम सलेक्टर टीम से हटाया

नॉर्थ जोन से अब मोहिंदर अमरनाथ की जगह विक्रम राठौर को चयन समिति का हिस्सा बनाए जाने की खबर है.
इनके अलावा ईस्ट जोन से सबा करीम, वेस्ट से एबी कुरुविल्ला सेंट्रल से सुनील चतुर्वेदी को बनाए जाने की खबर है.|यह एवेत्निक पद नहीं है|40 लाख रुपये के सालाना वेतन पाने वाले इस पद के लिए आखिरी निर्णय बोर्ड के सदस्यों द्वारा किया जाएगा.|एक बड़े गुट की राय है कि अगर मोहिन्द्र अमरनाथ मुख्य चयनकर्ता बन जाते हैं तो कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

काश्मीरी महिला पोलिस ने भविष्य की नाईटेंगेल्स को जख्मी किया

भारत के स्वर्ग काश्मीर में सब कुछ सामान्य नहीं है | नव निर्वाचित पंचायतों के लगभग पचास सरपंचों के इस्तीफे का मामला अभी सुलझा नहीं था कि अब नर्सिंग छात्रों के असंतोष और उन पर पोलिस के लाठी चार्ज के मामले ने विश्व का ध्यान खींचना शुरू कर दिया है|पाकिस्तानी मीडिया ने भी इसे प्रमुखता से चिन्हित किया है| दूसरों के जख्मों को सिलने वाली भविष्य की फ्लोरेसेंट नाईटएंगेल्स बुधवार को हुए लाठी चार्ज में खुद जख्मी कर दी गई|
गौर तलब है कि जे & के की ग्रीष्म कालीन राजधानी में नर्स छात्राओं ने प्रदर्शन किया |तीसरे साल में ली गई परीक्षाओं में अधिकाँश छात्राओं को फ़ैल कर दिया गया है|इसके विरोध में काश्मीर में शांति पूर्वक धरना प्रदर्शन किया गया |इसे बर्बरतापूर्वक कुचलने के लिए पोलिस ने लाठी चार्ज कर दिया|आधा दर्ज़न के लगभग छात्राओं को हिरासत में भी ले लिया गया है|

काश्मीरी महिला पोलिस ने भविष्य की नाईटेंगेल्स को जख्मी किया