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सचिन अभी भी बोल्ड होने के विश्व रिकार्ड से ५ कदम दूर

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक युवा क्रिकेटर

ओये झल्लेया ये बी सी सी आई वाले टीम सलेक्शन में क्या गूगली फैंक रहे हैं|
सचिन बार बार क्लीन बोल्ड हो रहा है और उसको इनाम इकराम सभी कुछ अर्पित किया जा रहा है|राहुल द्रविड़ और लक्ष्मण के बाहर जाने से
हमारे पुजारा+विराट+जैसे लाईन बनाये खड़े होनहार क्रिकेटरों को चांस मिलने की आस जगी थी मगर सचिन जैसे तो कीला गाड़ कर टीम में बैठे हैं|
ओये हसाडा नंबर कब आयेगा?

jhalla Sablok

झल्ला

ओहो आप भी ना बड़े भोले ही हो भई सचिन को आप लोगों ने ही क्रिकेट का भगवान बनाया है अब इतनी बड़ी गद्दी कोई अपने आप छोड़ता है भला ?दूसरे
सचिन पहले रनों के रिकार्ड बनाते थे अब क्लीन बोल्ड होने के रिकार्ड बना रहे हैं|बोल्ड होने की इन्होने अब हाफ सेंचुअरी बना डाली है लेकिन अभी भी
माननीय राहुल द्रविड़[५५]और एलन बार्डर[५३] से पीछे ही हैं|यानि बोल्ड होने के वर्ल्ड रिकार्ड से मात्र ५ कदम की दूरी ही रह गई है|
क्यूंकि अब इनके पीठ पर क्रिकेटर सलेक्टरों के साथ साथ राज्य सभा सलेक्टरों का भी हाथ आ गया है ऐसे में श्रीमान जी को बोल्ड होने के वर्ल्ड रिकार्ड बनाने से कोई नहीं रोक सकता

ठाकरे परिवार के विरुद्ध सिवान में गदर्भ प्रदर्शन

लगता है कि अब राजनीति राष्ट्रनीति नहीं रह गई क्योंकि अब

File Photo

सिवान [बिहार] में सोमवार को युवा कांग्रेस अध्यक्ष रिजवान अहमद के नेतृत्व में सैकड़ों युवा काग्रेसी कार्यकर्ताओं ने मनसे प्रमुख राज ठाकरे समेत बाल ठाकरे, उद्धव ठाकरे के विरुद्ध गदर्भ [ गधा] लेकर शहर के जेपी चौक पर विरोध प्रदर्शन किया।
युवा कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने शहर के मुख्य मार्ग होते हुए जेपी चौक पर गदर्भों के साथ प्रदर्शन किया तथा राज ठाकरे के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग की।
इसके बाद अध्यक्ष रिजवान अहमद ने राज ठाकरे के मनसे पर प्रतिबंध लगाते हुए मनसे को अलगाववादी घोषित करने की मांग की।
राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के ये प्रदर्शनकारी मुंबई का चूहा राज ठाकरे, उद्धव ठाकरे बाहर आओ के नारे लगा रहे थे।
गौरतलब है कि महाराष्ट्रा में हुए अपराध पर अपराधिक ब्यान महाराष्ट्रा में जारी किये गए हैं|कांग्रेस वहां सत्ता में है राष्ट्रीय पार्टी है मगर महाराष्ट्रा में कोई प्रतिक्रिया व्यक्त करने के बजाये बिहार में छोटा मौटा नौटंकी करके इतिश्री कर ली गई है| असली आतंकवाद और आतंकवादियों कि शरण स्थली का मुद्दा पार्श्व में डाल दिया गया है|यह देश के लिए दुर्भाग्य पूर्ण साबित हो सकता है|

संत के चरण कमलों में मुक्ति मार्ग है

चारि पदारथ जे को मांगै, साध जना की सेवा लागै
जे को आपुना दुखु मिटावै, हरि-हरि नामु रिदै सद गावै
जे को अपुनी सोभा लोरै, साध संगी इह हउमै छोरै
जे को जनम मरण ते डरे , साध जना की सरनी परै .

भाव:

चारों पदार्थों ( धर्म, अर्थ,काम,मोक्ष) में से कोई कुछ चाहे तो उसे सद्गुरु की सेवा करनी चाहिए. अगर किसी को
दुःख और कष्टों से छुटकारा पाने की इच्छा हो तो उसे अपने आन्तरिक ह्रदय आकाश की गहराई में जाकर शब्द (नाम)
के साथ संपर्क स्थापित करना चाहिए. अगर किसी को अपनी प्रसिद्धि और नाम की इच्छा हो तो किसी संत की संगत
में जाकर अपने अहंकार का त्याग करना चाहिए. अगर किसी को जीने- मरने के कष्ट से डर लगता है तो किसी संत
के चरण कमलों का सहारा ढूँढना चाहिए.
गुरु वाणी गुरु अर्जुन देव जीl

भारत ने न्यूजीलेंड को हराया सचिन फिर क्लीन बोल्ड

बेशक सचिन नहीं चले मगर भारतीय क्रिकेट टीम ने एम.चिन्नास्वामी स्टेडियम में दूसरे और अंतिम टेस्ट मैच को पांच विकेट से जीत ही लिया है.|
कप्‍तान धोनी ने छक्‍का लगाकर भारत को जीत दिलाई. इससे पहले लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को वीरेंद्र सहवाग और गौतम गम्भीर ने अच्छी शुरुआत दिलाई.
दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 77 रनों की साझेदारी की. सहवाग को 38 रन के निजी योग पर स्पिनर जीतन पटेल ने बोल्ड किया. सहवाग ने 33 गेंदों पर सात चौके और एक छक्का लगाया.
सचिन तेंदुलकर पांच चौकों की मदद से 27 रन बनाकर आउट हुए. उन्हें तेज गेंदबाज टिम साउदी ने बोल्ड किया. उन्होंने चेतेश्वर पुजारा के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 69 रन जोड़े.
न्यूजीलैंड की ओर से पटेल ने तीन जबकि बोल्ट और साउदी ने एक-एक विकेट झटका है. इससे पहले, कीवी टीम दूसरी पारी में 248 रन बनाकर ऑलआउट हो गई. पहली पारी में मेहमान टीम को 12 रनों की बढ़त प्राप्त थी. इस प्रकार भारत के सामने न्यूजीलैंड ने 261 रनों का लक्ष्य रखा.
पहली पारी में 365 रन बनाने वाली न्यूजीलैंड ने तीसरे दिन रविवार का खेल खत्म होने तक अपनी दूसरी पारी में नौ विकेट पर 232 रन बनाए थे.
भारत की ओर से दूसरी पारी में रविचंद्रन अश्विन ने पांच जबकि प्रज्ञान ओझा और उमेश यादव ने दो-दो विकेट झटके. जहीर के खाते में एक विकेट गया. इससे पहले, भारत ने पहली पारी में 353 रन बनाए थे जिनमें कोहली 103, धौनी 62, रैना 55 और सहवाग के 43 रन शामिल थे|विराट को में आफ दी मैच[सेंचुअरी+हाफ सेंचुअरी] घोषित किया गया है|
न्यूजीलेंड के खिलाफ खेले गए दूसरे टेस्ट मैच की दूसरी पारी में भी सचिन एक बार फिर खराब फुटवर्क के कारण बोल्ड हो गए।
इसके साथ ही सचिन की बढ़ती उम्र और टेक्नीक को लेकर आलोचकों और फैंस के बीच बहस छिड़ गई है।
हैदराबाद में पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में भी सचिन बोल्ड हुए थे। इसके बाद दूसरे टेस्ट मैच में भी बोलर्स ने दोनों पारियों में तेंडुलकर के मिडिल स्टंप को उखाड़ डाला।
पहले टेस्ट और दूसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में बोल्ड होने के तरीकों को लेकर आलोचकों ने सचिन की बढ़ती उम्र को जिम्मेदार ठहराया था।
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और कॉमेंटेटर सुनील गावसकर और क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने कहा था कि बढ़ती उम्र की वजह से सचिन को फ्रंट फुट पर खेलने में परेशानी हो रही है।

कोयले के सारे एलोटमेंट कैंसिल नहीं होंगे=सरकार

कोयला ब्लॉकों का आवंटन को तत्काल रद्द करने की संभावना से सरकार ने इंकार कर दिया है।पी एम् +कोयला मंत्री और वित्त मंत्री ने एक स्वर में बी जे पी की इस मांग को मानने से इनकार कर दिया है|प्रधानमंत्री डाक्टर मन मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे पर विपक्ष को जवाब देने को तैयार हैं।
भारतीय जनता पार्टी ने संसद चलने देने के लिए सरकार से 142 कोयला ब्लॉकों का आवंटन रद्द करने की मांग की है। सूत्रों अनुसार प्रधानमंत्री ने अपने कुछ वरिष्ठ मंत्रियों को अनौपचारिक रूप से अपने मन की यह दृढ़ इच्छा जता दी है कि वह 142 कोयला ब्लॉकों का आवंटन तत्काल रद्द नहीं करने जा रहे हैं। ६० ब्लाक्स [ जिनमे खदान शुरू नहीं हुई है]के लिए जांच चल रही है|रिपोर्ट अआने पर ही कार्यवाही होगी|
सूत्रों ने बताया कि भाजपा ने 142 कोयला ब्लॉकों का आवंटन रद्द करने की मांग की है, जबकि सिंह का मानना है कि तत्काल यह नहीं हो सकता। सिंह ने स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे पर विपक्ष के साथ संघर्ष करेंगे और साथ ही भाजपा द्वारा उठाए गए किसी भी सवाल का जवाब देने को तैयार हैं।
इससे पहले कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा कि कोयला ब्लॉक आवंटन मुद्दे की जांच दो मोर्चों सीबीआई और अंतर मंत्रालयी समूह द्वारा की जा रही है। अंतर मंत्रालयी समूह की 15 सितंबर को रिपोर्ट आने से पहले ब्लॉकों का आवंटन रद्द नहीं किया जा सकता। इसके अलावा वित्त मंत्री पी चिदम्बरम ने भी कोयले ब्लाक्स के एलोटमेंट को केंसिल किये जाने की किसी भी संभावना से इंकार कर दिया है|

बिहारी नितीश हैं गुज्जू मोदी से बेहतर पी एम् मेटेरियल


झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक भाजपाई

ओये झल्लेया ये हसाड़े बिहारी मोदी सुशील कुमार को कौन सा पोलिटिकल कीड़ा काट गया |बिहारी नितीश कुमार पी एम् कि दौड़ में हिस्सा नहीं लेना चाहते और ये हसाड़े भाजपाई होते हुए भी बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार को अपणे गुज्जू मोदी नरेन्द्र से बेहतर पी एम् मेटेरियल बता रहे हैं|
ये तो अपना मुंडा ही विगड़ गया हुन ते बैंड वजे ही वजे|

झल्ला

शाह जी आपजी के सुशील कुमार जी बिहार में उप मुख्य मंत्री हैं यानि नितीश कुमार के एक दम नीचे |
ऐसे में उन्हें तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार में प्रधानमंत्री के सारे गुण दिखाई देने ही हैं|
क्योंकि बॉस इज आलवेज राईट|
वैसे हमारे में कहा जाता है कि

रब्ब नेड़े कि घुसन्न

यानि जब घूंसा[नितीश] सामने दिखाई देता है तो रब्ब[नरेंद्रा] को देखना ही नहीं चाहिए

संसद में आज भी कोयले की स्याही उडी शोर में ध्वनिमत से तीन विधेयक पारित

संसद के मौजूदा मानसून सत्र के आखरी सप्ताह के पहले दिन भी कैग के कोयले की स्याही ही उडी आज कुल मिला कर १४ दिन बर्बाद हुए| और संसदीय कार्यवाही और मर्यादा तार तार हो गई|
|केंद्र सरकार में अगर अनाधिकृत अनुपस्थितियों के मध्य सरकारी अवकाश आता है तो उसे भी अनाधिकृत अनुपस्थिति ही माना जाता है| इसीलिए प्रति दिन पौने दो करोड़ के हिसाब से कैग की भाषा में साडे चौबीस करोड़ रुपयों की हानि हो चुकी है |
संसद के मॉनसून सत्र के आखिरी हफ्ते की शुरुआत भी आज सोमवार को कोलगेट पर हंगामे से हुई, जिसके कारण लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गयी।
एक बार स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही दोपहर बारह बजे जैसे ही शुरू हुई बीजेपी एवं उसके सहयोगी दलों के सदस्य अध्यक्ष के आसन के पास आकर रोजाना की तरह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस्तीफे की मांग को लेकर नारे लगाते रहे। ये सदस्य प्रधानमंत्री गद्दी छोड़ों, प्रधानमंत्री इस्तीफा दो और कोयले की दलाली में पूरी कांग्रेस काली है, जैसे नारे लगा रहे थे।
इस हंगामे के दौरान संसदीय मर्यादाओं का मखौल उड़ाते हुए ध्वनि मत से तीन विधेयक पारित किए गए, जबकि एक विधेयक चर्चा के लिए पेश किया गया।जब शोर के चलते सदन चलाना संभव नहीं तो ध्वनि मत से तें विधेयक पास करना अपने आप में हास्यास्पद ही कहा जाएगा|
[१] पूर्वोत्तर क्षेत्र पुनर्गठन संशोधन विधेयक २०११[२] महिलाओं को कार्यस्थल पर लैंगिंग उत्पीड़न से संरक्षण विधेयक 2010 तथा [३]भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण संशोधन विधेयक 2011।
सदन में हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिवैध और उनका पुनर्वास विधेयक 2012 को चर्चा के लिए पेश किया गया।
कोयले पर गतिरोध समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है|कोयला मंत्री श्री प्रकाश जायसवाल ने न्यायिक जांच कराये जाने की सम्भावनाओं से इनकार कर दिया है और अंतर मंत्रालयों की रिपोर्ट आने पर दोषिओं के लायसेंस केंसिल करने की बात कही है|

बिहार में कुख्यातों की संपत्ति जब्त होगी

बिहार प्रदेश को अपराधियों की शरणस्थलि प्रूव करने में बेशक मुम्बईकर ठाकरे परिवार दिन रात एक कर रहा है मगर बिहार सरकार ने यह लेबल हटाने को एक कदम आगे बड़ा दिया है|
बिहार प्रदेश में अपराधियों की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान में जेल में बंद कुख्यात अपराधियों की संपत्ति जल्द ही जब्त कर ली जाएगी।
बीते हफ्ते बिहार पोलिस प्रमुख श्री अभयानंद ने कहा था कि अपराधियों से सख्ती से निपटने और अपराधों को रोकने के लिए कुख्यात अपराधियों की संपत्ति जब्त की जाएगी। संपत्ति जब्त करने के लिए प्रदेश के कुख्यात अपराधियों की लिस्ट बना ली गई है|
अभी तक राज्य सरकार केवल अधिकारियों और मध्यस्थों द्वारा बेईमानी से बनाई गई संपत्ति को जब्त करती थी।यह पहली बार है, जब बिहार में अपराधियों की संपत्ति जब्त की जा रही है। बेशक महाराष्ट्र सरकार द्वारा विदेशी या स्वदेशी आतंकवाद से निबटने के बजाय बिहार सरकार के खिलाफ राज ठाकरे जैसे नेताओं को शह दे जा रही है मगर बिहार में अपराधियों पर लगाम कसने को कवायद जारी है|

राज ठाकरे गालियों की उल्टियां करने में जुटे हैं

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक हिंदी पत्रकार

ओये झल्लेया ये क्या हो रहा है?ये मुम्बईकर कभी कहते हैं कि कमिश्नर को हटाओ |गृह मंत्री को गिराओ| चैनल बंद करवा दूंगा|
बिहारियों को बाहर खदेड़ दूंगा|
सबक सिखा दूंगा|
ओये येआतंक वाद पीड़ित महाराष्ट्र में कोई कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज है भी के नहीं |आतंकवाद को रोकना है कि नहीं या इन्हें कोयले +कपास+ एअरपोर्ट+ खाद्दान्य के अलावा कुछ देखना ही नहीं

झल्ला

सर जी ये ठाकरे के राज के लिए राजनीती है|कांग्रेस के लिए महाराष्ट्रा में घरेड है शिव सेना+एन सी पी| अब शिव सेना की काट मनसे पैदा हो गई है|एन सी पी का बंटाधार करने के लिए गृह मंत्री को गिराना जरुरी है क्योंकि जब तक एक सहयोगी जाएगा नहीं तब तक दूसरा सहयोगी[मनसे]सत्ता में एडजस्ट कैसे होगा| इसके अलावा लुभाव में एन डी ऐ घटक बिहार की नींद हराम की जा रही है|
यानि सब तरफ से फायदा ही फायदा है +अपना फायदा है +पार्टी का फायदा है|ऐसे में इस सुहानी राजनीतिक शाम में देश के काले दुखदाई ग़मों की बात क्यूँ हो ??? आसमान पर मंडराते मांसाहारी चीलों के या गिद्धों की कौन सौचे???

अजय देवगन एस जी पी सी की शरण में जायेंगे

अपनी नई फिल्म सन आफ सरदार पर घिर आये विवादों के बादलों को छांटने के लिए अब अजय देवगन शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की शरण में जायेंगे|
आल इंडिया सिख स्टूडेंट्स फेडरेशन द्वारा इस फिल्म के खिलाफ आवाज उठाये जाने के बाद फिल्म ‘सन आफ सरदार’ का मामला गंभीर हो गया है।
फिल्म में सिख कौम के प्रति कुछ भी गलत नहीं है इसलिए अपना स्पष्टीकरण देने के लिए फिल्म एक्टर व फिल्म के डायरेक्टर अजय देवगन सोमवार को अमृतसर पहुंच रहे है। अजय देवगन फिल्म ‘सन आफ सरदार’ को रिलीज करवाने से पहले एसजीपीसी के अधिकारियों को बंद कमरे में फिल्म दिखाएंगे। अजय देवगन के साथ उनके दोस्त व फिल्म एक्टर संजय दत्त भी अमृतसर पहुंच रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि इस फिल्म के खिलाफ सिख छात्र संघ के अध्यक्ष करनैल सिंह पीर मोहम्मद ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को एक पत्र 27 अगस्त को लिख कर फिल्म पर रोक लगाने की मांग की थी। क्योंकि यू ट्यूब पर इस फिल्म के दिखाए गए कुछ अंशों को सिख कौम विरोधी बताया गया था और इन दृश्यों को सिख कौम के खिलाफ बताया जा रहा था।
इस संबंध में पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के वकील नवकिरण सिंह ने एक कानूनी नोटिस भी फिल्म के निर्माताओं को भेज कर कहा था कि फिल्म में सभी विवादस्पद दृश्यों का हटाया जाए।
इसी संबंध में अपना स्पष्टीकरण देने व फिल्म को एसजीपीसी सदस्यों को दिखा कर क्लीन चिट लेने के लिए अजय देवगन अमृतसर पहुंच रहे है
गौरतलब है की अजय देवगन और संजय दत्त दोनों पंजाबी ‘ बेक ग्राउंड स हैं और इन्होने कहा भी है की उनके परिवार में सिख धर्म के लिए विशेष आदर रहा है|