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महात्मा गांधी के आदर्शों की धज्जियां उड़ाने के बाद अब उन्हें राष्ट्रपिता मानने से भी इंकार

महात्मा मोहन दास करम चंद गाँधी के आदर्शों की धज्जियां तो आज कल उडाई ही जा रही थी कि अब गांधी को राष्ट्रपिता मानने से ही इंकार किया जा रहा है| संभवत यह देश का बाजारी करण+ व्यापारी करण +विदेशी करण करने के लिए है| संविधान में आये दिन संशोधन करके महात्मा मोहन दास करम चंद गांधी के नाम को राजनीतिक रूप से भुनाने में माहिर सरकारें महात्मा के आदर्शों की धज्जियां भी लगातार उडाती आ रही है |कुटीर उद्योग+स्वदेशी+ स्वाव्लम्भी जैसे गांधियन मार्गों को त्याग कर अब विदेशी विदेशी की रट लगी है|अब नौबत यहाँ तक पहुँच गई है कि मौजूदा मरकजी सरकार महात्मा को दी गई राष्ट्रपिता की उपाधि भी छीन लेना चाहती है| गृह मंत्रालय ने आरटीआई में पूछे एक सवाल के जवाब में बताया है कि सरकार महात्मा गांधी को ‘राष्ट्रपिता’ की उपाधि नहीं दे सकती क्योंकि संविधान एजुकेशनल और मिलिट्री टाइटल के अलावा कोई और उपाधि देने की इजाजत नहीं देता। यह सवाल लखनऊ की 11वीं की एक स्टूडेंट ऐश्वर्या पाराशर ने पूछा था। इसके अलावा सरकार संविधान में संशोशन को तैयार नहीं दिखती|
ऐश्वर्या ने कई आरटीआई दाखिल कर गांधी को राष्ट्रपिता कहे जाने की वजह भी जाननी चाही थी जब उसे बताया गया कि गांधीजी को ऐसी कोई उपाधि नहीं दी गई है, तो उसने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता घोषित करने के लिए अधिसूचना जारी करने की रिक्वेस्ट की थी।
ऐश्वर्या की अर्जी इस निर्देश के साथ गृह मंत्रालय को भेजी गई थी कि उनकी रिक्वेस्ट पर क्या कार्रवाई की गई, इसका खुलासा किया जाए मंत्रालय ने स्पष्टीकरण दिया कि संविधान की धारा 8(1) एजुकेशनल और मिलिट्री टाइटल के अलावा कोई और उपाधि देने की इजाजत सरकार को नहीं देती। महात्मा गांधी को सरकार की तरफ से राष्ट्रपिता की उपाधि नहीं दी जा सकती क्योंकि संविधान सेना व शिक्षा से जुड़ी उपाधि के अलावा कोई भी खिताब देने की इजाजत नहीं देता।

महात्मा गांधी के आदर्शों की धज्जियां उड़ाने के बाद अब उन्हें राष्ट्रपिता मानने से भी इंकार


इतिहास के पन्नो में दर्ज़ है कि महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता की उपाधि सुभाष चंद्र बोस ने छह जुलाई, 1944 को सिंगापुर रेडियो पर अपने संबोधन में दी थी। इसके बाद सरोजिनी नायडू ने एक सम्मेलन में उन्हें यही उपाधि दी। जवाहर लाल नेहरू आदि तो उन्हें बापू कहते नहीं थकते थे| आज पूरा राष्ट्र उन्हें बापू और राष्ट्रपिता कहता है लेकिन सरकार ने जिस तरह से विदेशी के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं उससे पता चलता है कि सरकार ने महात्मा गांधी के मार्ग को छोड़ दिया है अब अपने बात सही साबित करने के लिए गांधी से राष्ट्रपिता की उपाधि भी छीनी जा रही है|संविधान में संशोधन करने में एक्सपर्ट संसद को चाहिए कि एक और संशोधन करके राष्ट्रपिता को पहले से ही मिले हुए उनके सम्मान को बनाए रखा जाए वरना गांधीवादी मुखौटा उतार कर सबसे पहले [१] २ अक्टूबर के सार्वजानिक अवकाश को तो निरस्त कर दिया जाए [२]बापू की समाधि के लिए बने प्रोटोकोल में भी संशोधन कर दिए जाने जरुरी हैं|

रजत गुप्ता अगर भारत में आ जाते तो बाल भी बांका नहीं होता ,उलटे मंत्री बन जाते

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक एन आर आई

ओये झल्लेया ये क्या हो रहा है?हम लोग अपना मुल्क छोड़ छाड़ कर यहाँ आते हैं और यहाँ के विकास के पहिये को आगे बढ़ाते है मगर यार ये गोर लोग हमारे आदमियों को ही निशाना बनाते रहते हैं|पहले हसाड़े सोने संजय बहल को जेल में सड़ने को डाल दिया और अब रजत गुप्ता को दो साल की जेल और जुर्माने के बाद भी एक साल की निगरानी की सजा सुना दी है| बेशक ये लोग कोई धर्मात्मा नहीं हैं मगर इंटेलिजेंट+कर्मठ +विकास शील और बुद्धिजीवी जरूर हैं| इन्हें जेल में सड़ाने के बजाये इन्हें समाज सेवा के लिए किसी अन्डेवेलोप स्टेट में भेज देते इन्होने वहां विकास कर देना था साथ ही इनकी सजा भी पूरी हो जाती|

रजत गुप्ता अगर भारत में आ जाते तो बाल भी बांका नहीं होता


झल्ला

हांजी बात तो आप ठीक ही कह रहे हो इनके साथ ज्यादती ही हुई है| एक ही साल के ट्रायल में में दो साल की सजा सुना दी गई|लेकिन में तो शुरू से कहता आ रहा हूँ कि भारत में आ जाओ तीन चार साल तक तो आरोप प्रत्यारोप में ही बीत जाते इतने में मंत्री बनने के सारे गुण आ जाते| फिर तो तुम्हारा कोई बाल भी बांका नहीं कर पाता | सी डब्लू जी +२ जी+कोयला+वढेरा+डी एल ऍफ़ +सलमान खुर्शीद और नितिन गडकरी के अलावा डी एम् के सपा +बसपा + लालू प्रसाद यादव जैसे अनेकों उदहारण हैं इनका कुछ हुआ है क्या?मुकद्दमा तो छोड़ो कोई जाँच तक के लिए तैयार नहीं है|अब इन्हें देख कर भी अगर आप कुछ सीखना नहीं चाहते तो सड़ो विदेश की जेल में|

रजत गुप्ता को जेल की सजा और जुर्माना

अमेरिकी के मैनहट्टन की अदालत ने शेयर निवेश मामले में धोखाधड़ी के आरोप में फंसे गोल्डमैन सैक्स के पूर्व डायरेक्टर रजत गुप्ता को दो साल जेल की सजा सुना दी है|यह दुखद है उन पर 5 लाख डॉलर का जुर्माना भी लगाया गया है। बुधवार को कोर्ट ने यह आदेश भी दिया कि गुप्‍ता को रिहा होने के बाद एक साल तक निगरानी में रहना होगा। गुप्ता पर बोर्डरूम की गुप्त सूचनाए लीक करने का आरोप सिद्ध हो गया है| गुप्ता को 26 अक्तूबर, २०११ को गिरफ्तार किया गया था।

रजत गुप्ता को जेल की सजा और जुर्माना


अदालत में दिए पहले बयान में गुप्ता ने कहा, ‘पिछले 18 माह मेरे जीवन में सर्वाधिक चुनौतीपूर्ण रहे, क्योंकि मैं अपने माता पिता को खो चुका हूं।’ उन्होंने कहा, ‘मेरी प्रतिष्ठा खत्म हो चुकी है और यह फैसला मेरे परिवार तथा दोस्तों को सदमे में डाल देगा। मैं अपने जीवन की वास्तविकता को स्वीकार करने आया हूं और मेरे परिवार पर पड़ने वाले इसके दुष्प्रभावों का मुझे गहरा अफसोस है।’
एक संघीय अदालत ने छह में से चार अपराधों के लिए उन्‍हें दोषी पाया था। तीन हफ्ते की सुनवाई के बाद गत 15 जून को उन्‍हें दोषी करार दिया गया था। उन्‍हें अब कैद की जो सजा सुनाई गई है वह
उन्हें सजा सुनाते हुए अमेरिकी जिला जज जेड रैकोफ ने कहा कि हालांकि मैकेंजी के पूर्व प्रमुख रजत गुप्ता का जीवन कई अच्छे कामों से जुड़ा रहा है पर गोल्डमैन सॉक्स की गुप्त सूचनाओं को हेज फंड संस्थापक राज राजारत्नम के पास पहुंचाकर गुप्ता ने गोल्डमैन सैक्स को धोखा दिया है|मैनहट्टन की अदालत के बाहर रजत गुप्ता

उलेमा+ इकराम के जलसे में अमनो अमान की दुआ कराई गई

जामा मस्जिद मेरठ में बुधवार को जलसा हुआ जिसमे शहर के उलेमा+ इकराम ने शिरकत की। इसमें हाल ही में हुए आपसी संघर्ष पर चिंता जताई गयी। सदारत करते हुए शहर काजी जैनुस्साजिदीन ने अमनो- अमान की दुआ कराई। इस अवसर पर उन्होंने अमनो अमान के लिए कहा कि गलती करने वाले को सजा जरूर मिलनी चाहिए। नायब शहर काजी जैनुर राशिदीन व हाजी हनीफ कुरैशी ने कहा कि जिन लोगों ने ज्यादती की उन्हीं के खिलाफ कार्रवाई हो, बेकुसूरों के साथ किसी भी तरह की ज्यादती अमल में नहीं लाई जाए।

जलसे में उलेमा+ इकराम

बकरीद को लेकर भी पुलिस व प्रशासन से व्यवस्था बनाए रखनी की गुजारिश की गयी। जलसे का संचालन मौलाना सलमान ने किया। मौलाना जिब्रील, मौलाना शाहीन जमाली, कारी अनवार, कारी शफीक अहमद, मौलाना खुर्शीद, मुफ्ती हसन, मौलाना साबिर आदि ने शिरकत की।

शूद्र फिल्म की रिलीज को लेकर विरोध हुआ , अब फिल्म को नहीं दिखाने पर बवाल हुआ

शुरू शरू में शूद्र फिल्म की रिलीज को लेकर विरोध हुआ था तो अब फिल्म को नहीं दिखाए जाने को लेकर बवाल हो गया | शूद्र दी राइजिंग फिल्म को मेरठ के पी वी एस माल की स्क्रीन २ से यकायक उतार कर बुधवार को चक्रव्यूह प्रदर्शित करने पर माल में हंगामा हो गया| फिल्म के टिकट बेचने के बावजूद फिल्म को बिना किसी घोषणा के उतार लिया गया|

शूद्र फिल्म नहीं दिखाने पर बवाल हुआ


इससे दर्शकों का एक वर्ग ख़ासा नाराज हुआ और वहां हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई|यह शो सुबह साडे ग्यारह बजे दिखाया जाना था|सिनेमा हाल वालों का कहना था कि बेशक शूद्र फिल्म को केवल मॉल में ही दिखाया जा रहा है मगर बुधवार को अचानक चक्रव्यूह फिल्म रिलीज कर दी गई जिसके कारण यह बदलाव करना पड गया| बिके टिकटों को वापिस लेकर पैसे लौटा दिए गए|

रावण जमाई राजा को ही आग के हवाले करने पर तुले हो

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक राम भक्त

ओये झल्लेया ये कल युग में क्या जुल्म कमाया जा रहा है|दशहरा पर रावण फूंकने के बजाय मेरठ के कसेरू बक्सर में पञ्च लड़कों ने हसाड़े श्री राम का पुतला ही फूंकने की तैयारी कर ली|ओये ये तो अच्छा हुआ कि पोलिस ने आकर उन्हें पकड़ लिया वरना तो एक बार फिर हो जाना था भीषण युद्ध | एक गावं के कुछ लोग रावण को ही मानने लग पड़े हैं|उसका मंदिर भी बनाने में जुट गए हैं|ये तो कलयुग है भाई घोर कलयुग|

रावण जमाई राजा को ही आग के हवाले करने पर तुले हो


झल्ला

ओहो भगत जी ये तो आप भी मानोगे कि मेरठ में आपजी के रावण की ससुराल है|अब ससुराल में दामाद को कोई जलाता है भला|अब देखो कांग्रेस वाले अपने दामाद को बचाने के लिए तमाम हत्कंडे अपना रहे हैं और एक आप हो कि अपने दामाद को ही आग के हवाले करने पर तुले हो|मौजूदा सरकार का अनुसरण करो फायदे में रहोगे

कामेडियन जसपाल भट्टी की अकाल पुरुख ने पावर कर दी कट : सड़क दुर्घटना में निधन

मशहूर कामेडियन जसपाल भट्टी की अकाल पुरुख ने पावर कट कर दी है|एक सड़क दुर्घटना में इनका निधन हो गया है|: हास्य व्यंग के माध्यम से समाज में फ़ैली विसंगतियों को हाई लाईट करने में निपुर्ण मशहूर कॉमेडियन जसपाल भट्टी की एक सड़क हादसे में मौत हो गई है.| हादसा जालंधर के पास शाहकोट में हुआ जहां उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई. भट्टी 57 वर्ष के थे. हादसा गुरुवार तड़के करीब तीन बजे हुआ। भट्टी अपनी पंजाबी फिल्म ‘पावर कट’ के प्रमोशन से लौट रहे थे, तभी उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस पोकर+व्हिसल ब्लोअर की अकाल मृत्यु से देश और समाज को भारी हानि हुई है|जमोस न्यूज परिवार उन्हें श्रधान्जली अर्पित करता है| इस हादसे में जसपाल भट्टी के बेटे जसराज, फिल्म की हिरोइन और पीआरओ नवीन जोशी घायल हो गए। भट्टी का पार्थिव शरीर पास के ही एक अस्पताल में रखा गया है, जबकि उनके बेटे और ऐक्ट्रेस का इलाज चल रहा है।

परिचय

अमृतसर में 3 मार्च 1955 को हुआ था। आठवें दशक में दूरदर्शन पर आने वाले टीवी धारावाहिक ‘उल्टा पुल्टा’ से इनकी पहचान बनी थी। इसके अलावा ‘फ्लॉप शो’ में शानदार अभिनय के बाद बॉलीवुड में उनकी अच्छी खासी पहचान बनी थी। उन्होंने कुल 24 फिल्मों में अभिनय के जादू बिखेरा | इसमें एक फिल्म ‘पावर कट’ 26 अक्टूबर को ही रिलीज होनी है। वे इसी फिल्म के प्रमोशन के लिए जालंधर जा रहे थे।’कुछ ना कहो’,+ ‘तुझे मेरी कसम’+, ‘जानी दुश्मन’,+ ‘कोई मेरे दिल से पूछे’,+ ‘शक्ति : द पावर’,+ ‘ये है जलवा’, +’ इकबाल+हमारा दिल आपके पास है’,+ ‘कारतूस’,+ ‘आ अब लौट चलें’+, ‘जानम समझा करो’+ ‘फ़ना’,+ ‘कुछ मीठा हो जाए+खौफ +काला साम्राज्य ‘में भी उनके अभिनय की काफी तारीफ हुई थी\नोंसेंस क्लब और उसके तत्वधान में नुक्कड़ नाटकों से बेहद प्रसिद्धि मिली|मर्यादित व्यंगों के वोह लोग भी कायल थे जिन पर व्यंग किया गया|

मशहूर कामेडियन जसपाल भट्टी की पावर कट : सड़क दुर्घटना में निधन


नई फिल्म पावर कट

बिजली संकट जैसे अहम मुद्दे को लेकर बनाई फिल्म ‘पावर कट’ 26 अक्टूबर को देश-विदेश में रिलीज होनीथी अमग्र अब इस दुर्घटना के कारण इसमें कुछ विलम्भ हो सकता है|
, इस रोमांटिक कॉमेडी फिल्म में हीरो का नाम करंट है, जबकि हीरोइन का नाम बिजली रखा गया है। फिल्म में बिजली विभाग की उपभोक्ताओं के प्रति रवैया दिखाया गया है, जैसे कि गांव का सरपंच बिजली के कनेक्शन के लिए मारामारा फिरता दिखाया गया है। फिल्म से पावरकॉम को उल्टे झटके लगेंगे, ताकि वह लोगों के मर्म को समझें। श्री भट्टी के पिता चीफ इंजीनियर रहे, वहीं खुद भी उन्होंने बिजली बोर्ड में काम किया, इसलिए वह विभाग की कार्यप्रणाली से पूरी तरह वाकिफ थे । श्री भट्टी ने एक बार कहा कि चार-पांच सालों से हर साल बिजली सरप्लस होने का भरोसा ही मिला है। ऐसे बदतर हालात पंजाब ही नहीं, हरियाणा, यूपी व बिहार में भी हैं। इससे ज्यादा बिजली विभाग की किरकिरी और क्या होगी कि विगत दिवस पूरे भारत में दुनिया का पहला पावर कट लगा। इससे ही फिल्म के तेवर समझे जा सकते हैं|
फिल्म की कहानी लिखने के अलावा इसका निर्देशन भी जसपाल भट्टी ने किया है। संगीत निर्देशक गुरमीत सिंह ने तैयार किया है, जबकि मीका, सुनिधि चौहान, मास्टर सलीम व हुसैनपुरी ने गीतों को आवाज दी है। फिल्म के सिनमैटोग्राफर राजू हैं, जोकि दिल वाले दुलहनिया ले जाएंगे, डर, लम्हे, मां तुझे सलाम जैसी फिल्मों में काम कर चुके हैं।
हास्य कलाकार जसविंदर भट्टी फिल्म में भंडों के रूप में दिखाई देंगे, जबकि उनका बेटा जसराज भट्टी फिल्म के मुख्य कलाकार हैं, उनके साथ सुरीली गौतम बिजली के रूप में दिखेंगी। .

एन सी सी शिविर में १० फिट का रावण फूँका

एन सी सी शिविर में १० फिट का रावण फूँका

हस्तिनापुर में चल रहे एन सी सी कैम्प का छठा दिन आज बुधवार को अनोखे रूप में मना | केडेट्स ने उत्साह पूर्वक दशहरा उत्सव मनाया | कैडेट्स ने 10 फुट का रावन का बनाया उसमे पटाखे लगाये गये और फिर बुराई के प्रतीक बने रावन को तेज धमाको के साथ जला दिया गया |पूरा कैम्पस एक शानदार जश्न मनाया गया | इससे पूर्व आज सुबह कैडेट्स की दौड़ प्रतियोगिता भी हुई
कैप्टेन प्रेम कुमार ने पर्यावरण पर व्याख्यान दिया !
प्रस्तुती दीपक शर्मा

सत्ता दम्भ और असहनशीलता के चलते नेताओं और मीडिया में टकराव आम हुआ

सत्ता दम्भ और असहनशीलता के चलते आज कल राजनीतिज्ञों का टकराव अपने विरोधी पार्टी के नेताओं से कम और पत्रकारों से ज्यादा हो रहा है| बेशक इसमें कुछ हद तक पत्रकारिकता भी दोषी हो सकती है मगर जिस प्रकार से रोजाना भ्रष्टाचार +घोटालों का पर्दाफाश किया जा रहा है लेकिन उनपर कोई विशेष कार्यवाही होती नहीं दिख रही ऐसे में पत्रकारों द्वारा सवाल करना जायज़ ठहराया जा सकता है| पत्रकारों द्वारा भ्रष्टाचार के आरोपों पर सीधे मुह पर ही जवाब मांगने से नेताओ का तिलमिलाना स्वभाविक है मगर सवाल करने वाले पर आक्रमण करना या धमकी देना किसी भी द्रष्टि से न्यायोचित नहीं कहा जा सकता|यहाँ किसी एक पार्टी का जिक्र करना उचित नहीं होगा आये दिन एक नई पार्टी का नेता ऐसे ही अपनी दबंगई से चर्चा में आ रहा है| ऐसा नहीं है कि सारा मीडिया ही दूध का धुला है|प्रश्न पूछना भी एक कला है उसमे तथ्य होने जरूरी है मगर देखा जा रहा है कि आज कल प्रेस कांफ्रेंस में सवाल कम और आरोप ज्यादा लगाए जाते है या दूसरों के आरोप पर जवाब माँगने का चलन जोर पकड़ रहा है|इसी कारण प्रेस कांफ्रेंस में भीआरोपों पर डिबेट करने के लिए उतावलापन दिखाई देने लगा है| शायद इसीलिए नेताओं का उत्तेजित होना स्वाभाविक है मगर हाथापाई या धमकी किसी भी सूरत में जायज नहीं कही जा सकती |यह लोक तंत्र के लिए स्वस्थ परम्परा नहीं कही जा सकती|
दुर्भाग्य से अधिकाँश केसों में पालिटिकल पार्टी कोई कार्यवाही करने के बजाये अपने नेताओं को बचाने में लगी रहती है| अपनी बात को शुरू करने के लिए में ९ वे दशक का जिक्र करना चाहूंगा|माननीय मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश में [१]मुख्यमंत्री थे दैनिक जागरण और अमर उजाला अखबारों के मालिकों से उनके पारिवारिक रिश्ते थे|इस पर भी पत्रकारिकता का धर्म निभाते हुए अखबारों में उनकी स्वाभाविक आलोचना भी होती थी|इस आलोचना से तिलमिला कर मुलायम सिंह यादव ने इन दोनों बड़े अखबारों के विरुद्ध कार्यवाही करानी शुरू करदी अमर उजाला की प्रेस में तो छापे भी डलवाए गए मगर सब कुछ ठीक ठाक मिला|अखबारों ने आन्दोलन भी किया कुछ समय बाद इनमे समझौता हो गया | अब में सीधे सीधे वर्तमान दौर में आता हूँ

सत्ता दम्भ और असहनशीलता के चलते नेताओं और मीडिया में टकराव आम हुआ


[२]लखनऊ के लालबाग में प्रदेश मंत्री नटवर गोयल का व्यावसायिक प्रतिष्ठान और अपार्टमेंट है। मंगलवार को छायाकार आशुतोष गुप्ता नजदीक की जमीन पर हो रही खुदाई के फोटोग्राफ लेने गए थे। तभी नटवर के करीबियों ने आशुतोष को पकड़ लिया। अपार्टमेंट की महिलाएं भी हॉकी व डंडे लेकर आ गई। नटवर भी वहां पहुंच गए। उन्होंने, आशुतोष को कार्यालय में बंधक बनाया और मारपीट की। मोबाइल फोन से जानकारी पाकर साथी पत्रकार उन्हें बचाने पहुंचे। नटवर व उनके साथियों ने उनसे भी मारपीट की। कुछ देर में सैकड़ों मीडियाकर्मी एकत्र हो गए और आशुतोष को मुक्त कराया। कैसरबाग पुलिस ने मीडियाकर्मियों की तहरीर पर नटवर गोयल, उनके मैनेजर रवि सिंह, अली, एक अन्य युवक व महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। बाद में नटवर गोयल को गिरफ्तार कर लिया गया। यहाँ पुराणी गलतिओं से सबक लेते हुए मुख्य मंत्री अखिलेश सिंह यादव ने मंत्री से मंत्रित्व छीन लिया|
[३] भ्रष्टाचार और घोटाले के आरोपों से घिरे केन्द्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद पर अरविन्द केजरीवाल ने विकलांग फंड के दुरूपयोग का आरोप लगाया|इससे रुष्ट होकर मंत्री ने केजरीवाल को जान से मारने की धमकी दे डाली | [फर्रखाबाद आयें मगर वापिस नहीं जा पाएंगे] टी वी चैनल आज तक के पत्रकार को भी ऐसी ही धमकी दी गई[यह प्रेस कांफ्रेंस आपकी आख़री प्रेस कांफ्रेंस होगी]इस संधर्भ में कोई कानूनी कार्यवाही किये जाने के बजाये सलमान खुर्शीद का बचाव करते हुए केंद्रीय मंत्री वी नारायणसामी ने आज बुधवार को कहा कि साधारण व बेबुनियाद आरोपों के आधार पर केंद्रीय कानून मंत्री के खिलाफ कोई कार्रवाई नही की जा सकती है।गौरतलब है कि खुर्शीद पर उनकी एनजीओ में की गई वित्तीय अनियमितता का आरोप है। इनका एनजीओ विकलांगों के कल्याण हेतु कार्य करता है। [४]श्रीमती सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वढेरा और डीएलएफ के बीच साठ-गांठ पर कुछ भी कहने को कोई तैयार नहीं है| नारायणसामी ने इसे उनका व्यक्तिगत मामला करार दिया
[५]हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री वीर भद्र सिंह पर इस्पात से रिश्वत लेने और एक साल में ३० गुना आय बढाने के आरोप लग रहे हैं| इस पर प्रश्न पूछने पर सिंह ने पत्रकार का कैमरा तोड़ने की धमकी दे डाली |इनके बचाव में कांगेस के नेता संदीप दीक्षीत ने माफी मांग ली है|
[६]नितिन गडकरी पर लग रहे आरोपों के लिए मीडिया के एक वर्ग द्वारा काराए जा रहे सर्वे को मीडिया ट्रायल का नाम देकर वास्तविकता से पल्ला झाड़ा जा रहा है|
[७]सांसद नवीन जिंदल ने कोयला घोटालों में संलिप्तता के सवाल पर जी न्यूज के पत्रकारों पर न केवल हाथ उठा दिया वरन उन्हें देख लेने की धमकी भी दे दी चैनल का यह भी आरोप है की जिंदल ने चैनल को खरीदने की कोशिश भी की है|
यह भी वास्तविकता है कि सभी पत्रकार दूध के धुले नहीं है मुम्बई के पत्रकार डे की हत्या + हरियाणा के मंत्री गोपाल गोयल कांडा का प्रेस की गाडी में पोलिस थाणे में आकर सरेंडर करना और समाचारपत्र ‘देशोन्नति’ के मालिक और प्रधान संपादक प्रकाश पाहोरे के लगभग 10 दिन पहले नागपुर के समीप गोंडखैरी में हुए काण्ड का उधारन दिया जा सकता है|

रावण परिवार अपने किये की सजा पाने को तैयार है

आज दशहरा है आज भी रावण परिवार अपने किये की सजा पाने को तैयार है सार्वजनिक रूप से जलने के लिए तैयार है |कहा जाता है की रावण बुराई और नफ़रत का प्रतीक है|क्योंकि हमारा मानना है की बुराई पर हमेशा अच्छाई की जीत होनी चाहिए \रामायण काल में मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने सभी प्रचलित मर्यादाओं का पालन करते हुए रावण का वध किया था यह प्रथा आज भी जारी है|लेकिन आज कल एक कलयुगी कमी है जिसके कारण रावण जल कर भी मरता नहीं वोह रावण प्रतिवर्ष हमारे भीतर विशाल होता जा रहा है| यह समाज में फ़ैली विसंगतियों से साफ़ दिखाई देता है|

रावण परिवार अपने की किये सजा पाने को तैयार है

इसीलिए बेशक रावण को जलाओ मगर इसे वास्तविक रूप से जलाने के लिए कृपया पहला अग्नि बाण वोह चलाये जो स्वयम मर्यादित हो|