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टी वी चेनलों पर आउट सोर्सिंग से बहस कराई जा रही है

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक सोशलाईट
ओये झल्लेया मुल्क में ये क्या गंद मचा हुआ है कोयले की कालिख में पुते हुए ये सभी नेता संसद को आज तीसरे दिन भी ठप्प किये हुए हैं|पहले ये कहते हुए नहें अघाते थे कि संसद एक पवित्र मंदिर हैं और अब उसी
मंदिर पर खुद ही अलिगढ़िया ताला लगाने की फिराक में हैं|ओये अब तक तो लगभग ५०० करोड़ का नुक्सान तो यही संसद नहीं चलने से हो गया | और यही नेता गण जो संसद नहीं चलने दे रहे टी वी चेनलों पर गला फाड़ फाड़ कर बहस कर रहे हैं और चेनलों की टी आर पी बड़ा रहे हैं | ये भी घोटाला ही हुआ |क्यों ठीक हैं ना ठीक???
झल्ला
बाऊ साहब जी आज कल हर जगह+ हर विभाग में आउट सोर्सिंग से काम चलाने का रिवाज है +फेशन है इसीलिए अब संसद के बजाये टी वी चेनलों पर ही आउट सोर्सिंग से बहस कराई जा रही है| क्या करें मजबूरी है|