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सारंगी ने गरीबों की स्थिति में सुधार के लिए तकनीक के प्रयोग पर बल दिया

(,नई दिल्ली)प्रताप चंद्र सारंगी ने ‘ सर्वाधिक गरीबों की स्थिति में सुधार के लिए तकनीक के प्रयोग पर बल दिया
श्री सारंगी ने आज नई दिल्‍ली में ‘एमएसएमई के लिए उभरती तकनीकों तक पहुंच’ विषय पर आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन किया।
उन्‍होंने कहा कि वस्‍तुओं के उत्‍पादन, संरक्षण और विपणन के लिए प्रौद्योगिकी की जरूरत है और विश्‍व बाजार में प्रतिस्‍पर्धा करने के लिए नई तकनीकों की आवश्‍यकता है। एमएसएमई के विकास के जरिये प्रधानमंत्री के 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था के सपने को पूरा किया जा सकता है। इसके लिए नई तकनीकों को अपनाने की जरूरत है।
उन्‍होंने इसके साथ ही चेतावनी भी देते हुए कहा कि हमें तकनीकों के अनुप्रयोग में सावधान रहने की आवश्‍यकता है, क्‍योंकि कभी-कभी यह प्रकृति के खिलाफ कार्य करती है।
सुक्ष्‍म, लघु व मध्‍यम उद्यम मंत्रालय के सचिव अरुण पांडा एमएसएमई के विकास आयुक्‍त राम मोहन मिश्रा और आईआईटी दिल्‍ली के सुनील झा व अन्‍य विशेषज्ञों ने भी विचार रखे ।एमएसएमई को पूरी दुनिया में जीडीपी में बड़ा योगदान देने वाला क्षेत्र माना जाता है। इस क्षेत्र में 6 करोड़ इकाईयां हैं, जो 8,000 से अधिक उत्‍पाद बनाते हैं। इस क्षेत्र में 11.1 करोड़ लोग कार्यरत हैं।