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सोमवार को संसद नहीं चली तो मीडिया के जरिये जनता को कैग की असलियत बताएँगे=चिदम्बरम

वित्तमंत्री पी चिदम्बरम ने आज कहा की अगर सोमवार २७अगस्त को कैग रिपोर्ट पर प्रधान मंत्री को जवाब देने नहीं दिया गया तो जनता को सीधे तौर पर स्पष्टीकरण दिया जाएगा|उन्होंने आज प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से कैग कि रिपोर्ट पर सरकार कि स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि कोल ब्लॉक आवंटन पर आई नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रपट को लेकर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए विपक्ष ने लगातार चौथे दिन शुक्रवार को भी संसद में जमकर हंगामा किया।यह उचित नहीं है प्रधान मंत्री संसद में वक्तव्य देने को तैयार हैं मगर संसद को चलने नहीं दिया जा रहा उम्मीद है कि सोमवार को संसद को चलने दिया जाएगा और अगर संसद नहीं चलने दी जायेगी तब जनता की सामने सीधे जा कर अपनी बात कही जायेगी औए इसके लिए सशक्त माध्यम मीडिया है|मंत्री समूह ने कैग कि रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए नो लास की थियोरी की दलील दी वित्त मंत्री ने बताया कि जब खदानों में खुदाई हुई ही नहीं तब नुक्सान कहाँ हुआ |जबकि श्री जायसवाल ने कोल ब्लाक्स कि नीलामी नहीं किये जाने के लिए विपक्ष के राज्य सरकारों के सर ठीकरा फोड़ा[राजस्थान +उड़ीसा+ झारखंड+ छत्तीस गढ़]
मिड टर्म पोल को वित् मंत्री ने बी जी पी का गुब्बारा बताया और कहा कि वोह गुब्बारा पंचर हो गया है| उन्होंने कैग कि रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि रिपोर्ट को फायनल करते समय कैग ने मंत्रालय कि राय नहीं ली और यह १.८५ लाख करोड़ रुपयों के नुकसान का आंकलन सर्वथा गलत है|

कैग रिपोर्ट पर संसद में हंगामाई स्थिति के कारण आज चौथे दिन भी हॉउस नहीं चले| एक दिन पर लगभग पौने दो करोड़ रुपयों का खर्च आता है इसीलिए इन चार दिनों में संसद ठप्प रहने से सात करोड़ का नुक्सान हो चुका है|शायद इसीलिए आज कोयला मंत्री श्री प्रकाश जायसवाल+क़ानून मंत्री सलमान खुर्शीद के साथ वित् मंत्री पी चिदम्बरम ने प्रेस कांफ्रेंस में कैग पर सरकार कि स्थिति स्पष्ट की|

इस कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। इसके पहले सदन की कार्यवाही को 12 बजे तक के लिए स्थगित किया गया।
लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों ने प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। परिणामस्वरूप कुछ ही मिनट बाद दोनों सदनों की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
गौरतलब है कि बीते सप्ताह संसद में पेश की गई सीएजी की रपट में कहा गया है कि निजी कम्पनियों को कोयला ब्लॉक आवंटन में पारदर्शिता के अभाव के कारण सरकारी खजाने को गत वर्ष 11 मार्च तक 1.85 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।यह रिपोर्ट अभी जे पी सी के पास भी भेजी जानी है|