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अरविन्द केजरीवाल रिंद बन कर जन्नत कब्जाने को छब्बे बनने निकले और सत्ता मद में “दूबे”जी बन रहे हैं

B J P CHEEYAR LEEDAR

झल्ले दी झल्लियां गल्लां

उत्तेजित भाजपाई

ओये झल्लेया देख तो गणतंत्र की दुहाई देने वाले ही हसाडे सोणे गणतंत्र का कैसा मजाक उड़ा रहे है| कांग्रेस की गोद में बैठी ये आम आदमी की कथित पार्टी सत्ता कब्जाने और भ्रष्ट कांग्रेस को बचाने के लिए कैसे कैसे गुल खिलाने लग गई है| चुनावी संहिता लागूं होने के बावजूद इनके सुप्रीमो अरविन्द केजरीवाल ने गुजरात में पोलिटिकल रोड शो कर दिया | इस पर चुनाव आयोग के कब्जे में आ चुकी वहाँ की पोलिस ने केजरीवाल से जरा सी पूछ ताछ क्या कर ली कि अरविन्द की “जेबी” “आप”पार्टी ने संहिताओं को शर्म के सागर में डुबो दिया| ओये दिल्ली में दिन दिहाड़े हसाडे दफ्तर पर हमला बोल दिया| हसाडे नेताओं को गन्दी गन्दी गालियां दी +डंडे पत्थर भी बरसाए इस पर जब दिल्ली पोलिस ने आशुतोष + शाजिआ इल्मी को ठाणे में बुला कर घंटों बैठाये रखा तो इस पर भी बनने वाले हसाडे पी एम् नरेंद्र मोदी को ही गालियां निकालने लग गए| अब जब इन आक्रमण कारियों पर ऍफ़ आई आर लगाईं गई है तो सारी हेंकड़ी भूल गए और माफ़ी मांगते फिर रहे हैं |टी वी कैमरों और पोलिस के सामने शांति बनाये रखने के लिए अपील का ढोंग रच रहे हैं जबकि थाणे के बाहर चुनावी आचार संहिता की धज्जियां उड़ाते हुए हुए इनके नेता+कार्यकर्ता नारे लगते रहते हैं

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झल्ला

सेठ जी थोड़ी ठण्ड रखो ठण्ड |पुरानी दो तीन कहावतें मुझे भी याद आ रही हैंइन्हे आपस में जोड़ कर कहा जा सकता है कि अरविन्द केजरीवाल की हालत उन “चौबे” जी की तरह हो गई है जो रिंद बन कर जन्नत कब्जाने के लिए छब्बे जी बनने निकले मगर अपने हुकूमत के नशे के कारण दूबे जी बन कर रह गए |नहीं समझे अरे भापा जी झल्ले कि जानकारी में आया है कि दिल्ली के मुख्य मंत्री की कुर्सी से भागे केजरीवाल ने अभी तक तिलक लेन के भव्य सरकारी आवास नहीं छोडे है इसके साथ ही विधायक बनने के लिए निर्धारित राशि से ५०% अधिक राशि खर्च की है