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दशानन के बौद्धिक क्षमता+तपस्वी गुणों की पूजा

(अकोला,महाराष्ट्र)संगोला में दशानन के बौद्धिक क्षमता+तपस्वी गुणों की पूजा
अकोला जिले के एक छोटे से गांव संगोला के निवासी भक्तिभाव से काले पत्थर से बनी रावण की विशाल प्रतिमा की पूजा करते हैं। इस प्रतिमा के 10 सर और 20 हाथ हैं।
लंका के राजा रावण की पूजा पिछले करीब दो सौ वर्षों से हो रही है।
संगोला गांव में रावण के बौद्धिक क्षमता और तपस्वी गुणों के लिए दशानन की पूजा की जाती है।
स्थानीय मान्यता नुसार रावण ने सीता का अपहरण राजनैतिक कारणों से किया था और उसने सीता का शीलभंग नहीं किया था। इसलिए उसका पुतला नहीं जलाया जाता ।
फ़ाइल फोटो