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Tag: अंजलि दमानिया

नितिन गडकरी ने आज मुम्बई में आक्रामक रुख से अपना बचाव किया

भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने आज खुद पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों को कन्फ्यूज करने की साजिश बताया और मीडिया+कांग्रेस+आई ऐ सी पर जम कर प्रहार किये| उन्होंने कहा की जब भाजपा अध्यक्ष अपने ऊपर लगे आरोपों की जांच स्वयम करवा रहा है तब कांग्रेस अपने दामाद के विरुद्ध जांच क्यूं नहीं करवा रही?
मुंबई एयर पोर्ट पर इकट्टा हुए भाजपा के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा की केंद्र की सरकार खुद ४.३४ हज़ार करोड़ रुपयों के भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी हुई है|’भ्रष्टाचार से कांग्रेस का मुंह काला है। मैं हर तरह की जांच के लिए तैयार हूं। मंत्री रहते हुए मैंने एक पैसे का भ्रष्टाचार नहीं किया। मेरे पास केवल साडे बार करोड़ रुपये हैं| आदर्श सोसायटी से मेरा संबंध नहीं है। मुझे बदनाम करने की कांग्रेश द्वारा साजिश रची गयी है। मैं ईंट का जवाब पत्थर दूंगा।’
इसीलिए अब भाजपा को भी भ्रष्ट बता कर दोनों को एक सामान साबित करने में जुटी है|लेकिन मेरे पर जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं वोह सब भ्रामक है| अरविन्द केजरीवाल और एक महिला [अंजलि दमानिया]किसी के इशारे पर भजपा को बदनाम करने पर उतारू हैं| मत दाताओं को कन्फ्यूज करने के लिए कांग्रेस की साजिश है|

नितिन गडकरी ने आज मुम्बई में आक्रामक रुख से अपना बचाव किया


गडकरी ने कहा की मीडिया के एक सेक्शन को सुपारी देकर मुझे बदनाम करने की कोशिश की जा रही है|उन्होंने अपनी उपलब्धिओं का बखान करते हुए बताया कीउन्होंने अपने मंत्री पद का कोई दुरूपयोग नहीं किया वरन २८०० हज़ार करोड़ की बचत कराई | गडकरी ने हाल ही में उन पर लगे सभी आरोपों पर एक एक करके सफाई दी। सफाई में उन्होंने यही कहा कि यह सब झूठे आरोप हैं, जबकि वह तो किसानों की भलाई के लिए काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि
पूर्ति

पूर्ति में 12 हजार शेयर होल्डर्स हैं और उन्हें खूब मुनाफा हो रहा है जबकि उनके और उनके परिवार के पास सिर्फ एक लाख रुपये के शेयर हैं। गडकरी ने कहा कि शरद पवार और अजय संचेती के साथ पार्टनरशिप जैसा आरोप बकवास है। उन्होंने कहा, मैं उनका पार्टनर नहीं हूं। मेरा उनसे कोई संबंध नहीं है। मुझे बदनाम करने की कोशिश हो रही है। शेयर होल्डर्स के धन निवेश से अपना पल्ला झाड़ते हुए उन्होंने कहा कि पूर्ति में निवेश करने वालों के धन के विषय में तो उनसे ही पुछा जाना चाहिए|गडकरी ने कहा कि वह किसी भी संदिग्ध कंपनी के डायरेक्टर नहीं हैं और हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं। बीते दिन कांग्रेस अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गाँधी द्वारा भाजपा पर भ्रष्टाचार के आरोपों का जवाब देते हुए गडकरी ने कांग्रेस अध्यक्षा पर सीधा निशाना साधा | उन्होंने पूछा कि क्या कांग्रेस दामाद की जांच के लिए तैयार हैं? गडकरी ने कहा, मैं डरता नहीं हूं। मैं ईंट का जवाब पत्थर से देना जानता हूं।उनके कार्यकाल में पास एक प्रोजेक्ट की कीमत ४८१ करोड़ थी उनकी सरकार बदलने के बाद वोह प्रोजेक्ट अभी तक पूरा नहीं हुआ है और उसके कीमत चार गुना बड़ा दी गई है|
गडकरी ने शरद पवार और संचेती से किसी भी प्रकार के रिश्तों से इंकार किया | उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि अगले प्रधान मंत्री भाजपा के और सरकार एन डी ऐ की बनेगी|

आई ऐ सी अपनी जांच करवा रही है सरकार अपने नेताओं की भी जांच बैठाए

भ्रष्टाचार समाप्ति के लिए जेहाद छेड़ने वाले इंडिया अगेंस्ट करप्शन के अरविंद केजरीवाल ने अपनी टीम के तीन सदस्यों पर लग रहे आरोपों की जांच के लिए आज एक अहम घोषणा की है| केजरीवाल ने तय किया है कि आईएसी के अंजलि दमानिया, प्रशांत भूषण और मयंक गांधी पर लगाए जा रहे आरोपों की , जांच आंतरिक लोकपाल से कराई जाएगी। ।उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट में यदि इनमे से कोई भी दोषी पाया जाता है तो उन्हें टीम छोड़नी होगी. केजरीवाल ने सरकार से भी अनुरोध किया है कि जो आरोप उनकी टीम के सदस्यों पर लगे हैं, वह भी उनकी जांच कराए और दोषी पाए जाने पर कानून के मुताबिक सजा दे| इसके साथ ही आई ऐ सी ने राबर्ट वढेरा +सलमान खुर्शीद+शरद पवार+नितिन गडकरी और राहुल गांधी को भी अपनी जांच कराने के लिए आगे आने को कहा है|इस तरह से एक बार फिर केजरीवाल ने सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है|
इस लोकपाल में शामिल तीनों रिटायर्ड जजों के बताये गए नाम इस प्रकार हैं-[१] जस्टिस ए.पी. सिंह (दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस),[२] जस्टिस बी.एच. मारलापल्ले ( बॉम्बे हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज) और[३] जस्टिस जसपाल सिंह (दिल्ली हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज)। केजरीवाल ने कहा कि ये तीनों पूर्व जज हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर लगे आरोपों की जांच करेंगे। अगर जांच में कोई भी कार्यकर्ता किसी भी तरह से दोषी पाया गया तो उसे पार्टी से इस्तीफा देना होगा। उन्होंने कहा कि हम इस आंतरिक लोकपाल से मांग करेंगे कि वह ज्यादा से ज्यादा 3 महीने में हमारे साथियों पर लगे आरोपों की जांच करे।

आई ऐ सी अपनी जांच करवा रही है सरकार भी वढेरा,सलमान,पवार,गडकरी की भी जांच बैठाए


अंजलि दमानिया पर आरोप

[अ] अंजलि ने मुंबई के पास करजात [ खर्वंडी गावं] में २००७ में खरीदी सात एकड़ ज़मीन को मात्र चार साल बाद ज़मीन का उपयोग बदलवाया और बिल्डर को बीच दिया| अंजलि का कहना है कि जो हुआ वो नियम के मुताबिक हुआ|गौरतलब है कि. बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी पर किसानों की जमीन हड़पने का खुलासा करने वालीं अंजलि दमानिया खुद भी इसी तरह के विवाद में घिर गई हैं। दमानिया पर आरोप लगा है कि उन्होंने खेती की जमीन खरीदने के लिए खुद को गलत तरीके से किसान साबित किया और बाद में जमीन का लैंड यूज बदलवाकर उसे प्लॉट में तब्दील कर बेच दिया। रायगढ़ प्रशासन ने जांच में पाया कि अंजलि दमानिया का किसान होने का दाव गलत है जबकि दमानिया का दावा है कि वह किसान है| खरवंदीगावं की ज़मीन बेचने वाले किसानों का दावा है कि दमानिया ने उनसे कहा था कि वो यहां खेती करेंगी लेकिन उन्होंने ज़मीन का इस्तेमाल बदलवा दिया और वहां 39 प्लॉट काट दिए. ज़मीन का इस्तेमाल बदलने की आज्ञा रायगढ़ के कलेक्टर ने दी थी.ज़मीन का इस्तेमाल बदलते ही पूरी जमीन एसवीवी डेवलपर्स को दे दी गई जिसमें दमानिया भी निदेशक हैं|कुल उनचालीस प्लॉट काटे गए जिनमें से सैंतीस प्लॉट अलग अलग लोगों को दे दिए गए.|
[आ] दमानिया ने करजत के जिस खरवंडी गांव में ज़मीन खरीदी थी उसके बगल के गांव कोंदिवाड़े में उन्होंने 30 एकड़ जमीन खरीदी थी. जहां बन रहे कोंधाणे बांध के खिलाफ दमानिया ने इसी साल अप्रैल में पीआईएल दायर की थी.
दमानिया के पीआईएल दायर करने के बाद प्रशासन ने उनके सभी प्लॉट की जांच शुरू कर दी. जांच के बाद अगस्त में प्रशासन ने कहा कि दमानिया ने किसान होने के पर्याप्त सबूत नहीं दिए थे और ना ही उस ज़मीन पर खेती की थी. इसलिए उन्होंने जो ज़मीन किसान होने का दावा करते हुए खरीदी थी वो उनसे वापस ले ली जाए.

प्रशांत भूषण और एम् गांधी पर आरोप

सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील और टीम केजरीवाल के अहम मेंबर प्रशांत भूषण पर भी हिमाचल गलत तरीके से कोडियों के भाव जमीन हासिल करने के आरोप लगाए गए हैं। मयंक गांधी पर कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने करप्शन के आरोप लगाए हैं। कांग्रेस के दिग विजय सिंह ने एम् गांधी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं|

कांग्रेस का एतराज

दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्री नारायण सामी ने अरविंद केजरीवाल के उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें अरविंद ने कहा था कि सरकार उन लोगों के फोन टैप कर रही है। नारायण सामी का कहना है कि अरविंद केजरीवाल कच्चे सबूतों पर आरोप लगा रहे हैं। सामी ने इस लोक पाल की धारणा और उपयोगिता पर भी सवाल उठाया है|
आई ऐ सी ने अपने सदस्यों की जांच शुरू करवा कर सरकार के लिए एक बार फिर से परेशानी पैदा कर दी है केजरीवाल का कहना है कि अब सरकार को भी आगे आ कर आई ऐ सी के साथ साथ राबर्ट वढेरा,सलमान खुर्शीद शरद ,पवार, नितिन गडकरी की जांच कराये |सबको भरोसा है कि सरकार किसी कीमत पर राबर्ट वढेरा और शरद पवार आदि कि जाँच नहीं करवायेगी और अगर इस बीच आई ऐ सी की जांच पूर्ण हो जाती है तब लोक सभा के लिए होने वाले चुनावों तक आई ऐ सी की गिरती साख कुछ हद तक संभल जायेगी |

अरविन्द केजरीवाल के नितिन गडकरी पर लगाये गए आरोपों को भाजपा ने बेबुनियाद बताया

अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी पर आज बुधवार को बहुप्रतीक्षित खुलासा कियालेकिन यह खुलासा इतना कमजोर निकला कि गडकरी और भाजपा ने तत्काल इसे नकार कर उलटे केजरीवाल की विश्वसनीयता पर ही सवाल उठा दिए हैं|। इंडिया अगेंस्ट करप्शन ने प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस+एनसीपी की मिलीजुली सरकार के दौरान नितिन गडकरी द्वारा भूमि हथियाये जाने के आरोप लगाये| । जबकि भाजपा का कहना है कि जमीन के बारे में जो बातें बताई गईं, वे बेबुनियाद हैं। किसानों की जमीन जबरन नहीं ली गई है|किसानों को उनका मुआवजा २२ साल पहले दिया जा चुका है| सरकार ने 15 साल के लिए जमीन का टुकड़ा खरीदा नहीं गया वरन ११ साल की लीज़ पर है| जिसका इस्तेमाल किसानों के हित में किया जाता है। इस जमीन पर किसानों के लिए गन्ना नर्सरी का काम किया जाता है।’ जो गन्ना का सैम्पल १५/= में मिलता है वोह सैम्पल यहाँ से मात्र ५/= में दिया जाता है|इससे छेत्र के किसानो को मदद मिलती है| बाँध का पानी भी मात्र ०.०८% ही लिया जाता है|गडकरी ने खुद को सामाजिक सरोकारों से जुड़ा आदमी बताते हुए कहा, ‘मैं सोशल इंटरप्राइज़ के रूप में काम करता हूं। मैं विदर्भ के किसानों के लिए लड़ता रहा हूं। मैंने गरीबों और किसानों की मदद की है। मैंने 180 मकान बनाकर 400 रुपए/स्क्वेयर फीट की दर पर बेचा है।’
अरविन्द केजरीवाल की प्रेस कांफ्रेंस
अरविन्द केजरीवाल ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि मुंबई में आईएसी की सदस्य अंजली दमानिया और प्रीति ने सिंचाई घोटाले की जांच की। एक महीने की जांच में चौंकानेवाले तथ्य सामने आए हैं। अरविंद ने
सवाल उठाया कि विदर्भ में किसान खुदकुशी क्यों कर रहे हैं? जब आईएसी की सदस्य एक महीने में जांच कर तथ्य सामने ला सकती हैं तो सरकारें क्या कर रहीं हैं? जांच एजेंसियां क्या कर रही हैं?
अन्ना आंदोलन के दौरान अंजली दमानिया ने आरटीआई दाखिल की जिसके बाद उनको सबूत मिले की 70 हजार करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी किसानों को फायदा नहीं क्यों नहीं मिले? अरविंद ने खुलासा किया कि नागपुर के खुर्सापुर गांव में डैम बनाने के लिए जमीन अधिग्रहित की गई। इलाके के किसान गजानन रामभावजी घडगे की जमीन अधिग्रहित की गई। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जितनी जमीन चाहिए थी उससे ज्यादा जमीन अधिग्रहित की गई।
लेकिन डैम बनाने के बाद भी जमीन खाली पड़ी थी जिसपर सिंचाई विभाग के आदेश से गजानन उसपर खेती कर रहे थे, इसके लिए उन्होंने सिंचाई विभाग से आज्ञा ले रखी थी। बांध बन गया। 100 एकड़ जमीन खाली पडी थी। सिंचाई विभाग के इंजीनियर ने 18 एकड़ जमीन पर खेती की प्रमीशन दी। इसके बाद साल 2000 में किसानों ने सूबे के शासन को चिट्ठी लिखी और मांग की कि फालतु खाली पड़ी जमीन पर वो खेती करना चाहते हैं। वो जमीन उनको लीज पर या बेच दी जाए। लेकिन सिंचाई विभाग का जवाब आया कि जमीन पर सिंचाई बंद कर दी जाए। इस खाली पड़ी जमीन पर सौंदर्यीकरण का काम करना है।
4 जून 2005 को बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी ने अजित पवार को चिट्ठी लिखी की उनको 100 एकड़ जमीन चाहिए। अजित पवार ने चार दिन यानि 8 जून को वीआईडीसी को कहा कि गडकरी के प्रस्ताव को 22 जून की बैठक में पेश किया जाए। इस बैठक में नितिन गडकरी की मांग को मंजूरी दे दी गई। हालांकि सिंचाई विभाग ने विरोध किया कि कानून के तहत ऐसा करना संभव नहीं है।
28 नवंबर 2007 को एक और मीटिंग हुई और 100 एकड़ जमीन गड़करी को दे दी गई। 6 जून 2008 को घडगे ने लोकल एमएलए को लिखा कि ज्यादा अधिग्रहण होने पर बची हुई जमीन किसानों को वापस होनी चाहिए ऐसा कानून है। ये हमें वापस मिलनी चाहिए।21 जून 2008 को घड़गे को बुलाया गया ,वहां गड़करी की कंपनी के कुछ अधिकारी थे, घड़गे को कहा गया कि ये जमीन अब गड़करी की कंपनी को दे दी गई है। इसे आपको छोड़ना होगा। 28 जून 2008 को जब वो लौटा तो गड़करी की कंपनी के एमडी ने कहा कि जो कर सकते हो कर लो, अब ये जमीन हमारी है।
उसी गांव में पंचायत ने प्रस्ताव पारित किया 19 अगस्त 2007 को प्रस्ताव पारित किया कि गड़करी की कंपनी का जो पावर प्लांट है, उसका गंध पीने के पानी में मिलता है। इसे बंद किया जाए।
अरविंद ने खुलासा करते हुए कहा कि नितिन गडकरी का बड़ा एंपायर है। उनका इसमें व्यासायिक इंट्रेस्ट हैं। क्या वो महाराष्ट्र के विदर्भा के किसानों के विरोध में है? क्या महाराष्ट्र के अंदर व्यवसाय किसानों की खुदकुशी पर हो रहा है? केजरीवाल ने कहा कि वो एक प्रश्न देश के सामने रखना चाहते हैं कि क्या बीजेपी देश की विपक्षी पार्टी है या बीजेपी सत्ताधारी पार्टियों से मिली हुई है। सवाल उठाते हुए अरविंद ने खुलासा किया कि गडकरी साहब का इंटरेस्ट क्या है। उनके बिजनेस हित क्या महाराष्ट्र के किसानों के हितों से टकरा रहे हैं? महाराष्ट्र के अंदर जो गड़करी के हित हैं उनकी कीमत किसान चुका रहे हैं?

भाजपा की प्रेस कांफ्रेंस

।इस प्रेस कांफ्रेंस के बाद नितिन गडकरी और भाजपा की नेत्री सुषमा स्वराज और अरुण जेटली ने भी प्रेस को अलग अलग संबोधित किया| और अरविन्द केजरीवाल द्वारा लागाये गए आरोपों को सिरे से खारिज किया और उनकी की प्रेस कांफ्रेंस को राजनीतिक लाभ के लिए चुनावी सभा का नाम दिया| सुषमा स्वाराज ने कहा कि वोह कोई मान हानि का दावा नहीं करेंगे भाजपा एक राजनीतिक पार्टी है सो राजनीतिक रूप से इसका मुकाबिला किया जायेगा| और पूरे भाजपा पार्टी अपने अध्यक्ष के समर्थन में साथ खडी

अरविन्द केजरीवाल के नितिन गडकरी पर लगाये गए आरोपों को भाजपा ने बेबुनियाद बताया

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