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Tag: अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्रालय राज्‍य मंत्री श्री निनॉन्‍ग ईरिंग

२३०० महिलायें बिना मेहरम के मुक़द्दस हज यात्रा करेंगी :नकवी

[नई दिल्ली]२३०० महिलायें बिना मेहरम के मुक़द्दस हज यात्रा करेंगी :नकवी
केन्द्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार भारत से 2,300 से भी अधिक मुस्लिम महिलाएं वर्ष 2019 के दौरान ‘मेहरम (पुरुष सहयोगी)’ के बिना ही हज यात्रा पर जाएंगी।
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के हज प्रभाग के नए कार्यालय परिसर का आर.के. पुरम, नई दिल्ली में उद्घाटन करते हुए श्री नकवी ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में रहने वाली 2340 मुस्लिम महिलाओं ने मेहरम के बिना हज 2019 पर जाने के लिए आवेदन किया है। इस वर्ष भी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने लॉटरी प्रणाली के बिना ही इन महिलाओं को हज पर भेजने की व्यवस्था की है।
केन्द्र की मोदी सरकार ने पिछले वर्ष पहली बार ‘मेहरम’ के बिना महिलाओं के हज यात्रा पर जाने पर लगे प्रतिबंध को हटाया था। इसके परिणामस्वरूप बिना किसी पुरुष सहयोगी के भारत की लगभग 1300 मुस्लिम महिलाएं हज 2018 पर गई थीं। इन महिलाओं को लॉटरी प्रणाली से छूट दी गई थी। उन्होंने कहा कि हज 2019 के लिए लगभग 2.67 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं जिनमें से 1,64,902 आवेदन ऑनलाइन प्राप्त हुए हैं।
हज यात्रा पर जीएसटी घटने की बदौलत विभिन्न स्थानों से हवाई यात्रा के किरायों में उल्लेखनीय कमी सुनिश्चित होगी।

वक्फ की पौने छह लाख सम्पत्तियों में अल्पसंखक कल्याणार्थ कार्य होंगे :नकवी

[नई दिल्ली]वक्फ सम्पत्तियों में अल्पसंखक कल्याणार्थ कार्य होंगे :नकवी
अल्पसंख्यक मामलों के केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज कहा कि प्रधानमंत्री जनविकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) के तहत उनका मंत्रालय देशभर में वक्फ संपत्तियों में स्कूलों,कॉलेजों,आईटीआई,कौशल विकासकेन्द्रों,बहुउपयोगी सामुदायिक केन्द्रों(सद्भाव मंडप),हुनर हब,अस्पतालों और व्यवसाय केन्द्रों आदि का निमार्ण करेगा।
देश में आजादी के बाद पहली बार ऐसा होगा।
नयी दिल्ली में एक दिवसीय वक्फ सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री नकवी ने कहा कि 308 जिलों, 870 ब्‍लॉकों, 331 शहरों और हजारों गावों को इस योजना के दायरे में लाने की व्‍यवस्‍था की गयी है। इससे वक्‍फ की संपत्तियों का इस्‍तेमाल समाज की भलाई के लिए किया जा सकेगा। देश में इस समय वक्‍फ की करीब पांच लाख 71 हजार पंजीकृत संपत्तियां हैं।
उन्‍होंने कहा कि‍ केन्‍द्र सरकार ऐसे मुतवल्लियों को पुरस्‍कृत करेगी जो समाज की भलाई और खासतौर से बालिकाओं को शिक्ष‍ित कर उन्‍हें सशक्‍त बनाने के लिए वक्‍फ की संपत्तियों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करेंगे।
उन्होंने बताया के अब तक 84 प्रतिशत वक्‍फ संपत्तियों के रिकार्ड का डिजटलीकरण हो चुका है बाकी का काम भी जल्‍दी ही पूरा कर लिया जाएगा।
सम्‍मेलन में सांसद श्री हुसैन दलवई,जम्‍मू कश्‍मीर के अल्‍पसंख्‍यक मामलों के मंत्री चौधरी जुल्‍फीकार अली, केन्‍द्रीय वक्‍फ परिषद् के सचिव श्री बीएम जमाल तथा सभी राज्‍यों के वक्‍फ बोर्डों के अध्‍यक्ष और मुख्‍य कार्यकारी अधिकारियों समेत कई गणमान्‍य लोग उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन The Union Minister for Minority Affairs, Shri Mukhtar Abbas Naqvi addressing the All India Conference of State/UT Waqf Boards, in New Delhi on May 07, 2018.
The Secretary, Ministry of Minority Affairs, Shri Ameising Luikham and other dignitaries are also seen.

“मेहरम” के बिना “हज़” जाने के लिए 13 दिसम्बर तक 1000 महिलाओं का आवेदन

[नई दिल्ली ]“मेहरम” के बिना “हज़” जाने के लिए 13 दिसम्बर तक 1000 महिलाओं का आवेदन|हज़ के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 22 दिसम्बर तक बढा दी गई है
केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नक्कवी ने आज हज़ 2018 के प्राइवेट टूर आपरेटरों के लिए पोर्टल भी शुरू किया

मुस्लिम महिलाओं के “मेहरम” (पुरूष साथी) के साथ हज़ पर जाने पर लगे प्रतिबंध को सरकार द्वारा हटालिया गया है जिसके फलस्वरूप महिलाएं “मेहरम” के बिना हज़ पर जाने के लिए बड़ी संख्या में आवेदन कर रही हैं।
आज निजी टूर आपरेटरों के लिए एक पोर्टल की शुरूआत करते हुए मंत्री नकवी ने कहा कि हज़ 2018 के लिए आवेदन की प्रक्रिया 15 नवम्बर को शुरू हो चुकी है और “मेहरम” के बिना हज़ जाने के लिए अब तक (13 दिसम्बर) 1000 से अधिक महिलाएं आवेदन कर चुकी हैं। हज़ के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 22 दिसम्बर तक बढ़ा दी गई है। नई हज़ नीति के अनुसार 45 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं जो पुरूष साथी के बिना हज़ पर जाना चाहती हैं, उन्हें 4 या अधिक महिलाओं के समूह में हज़ यात्रा पर जाने की इजाज़त दे दी गई है।
श्री नकवी ने कहा कि अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने प्राइवेट टूर आपरेटरों के लिए पहली बार पोर्टल शुरू किया है ताकि हज़ से जुड़ी सम्पूर्ण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो सके।
श्री नकवी के अनुसार हज़ के लिए अब तक 2 लाख 63 हजार से अधिक लोगों ने आवेदन दिये हैं, जिनमें से करीब 1 लाख 38 हजार आवेदन ऑनलाइन किये गए हैं। इससे समूची हज़ प्रक्रिया को डिजीटल बनाने के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के फैसले को बल मिला है। इसके अलावा हज़ के लिए लोग मोबाइल एप से भी आवेदन कर रहे हैं।
साउदी अरब सरकार ने वर्ष 2017 में भारत का हज़ कोटा बढ़ाकर 1 लाख 70 हजार 25 कर दिया था।

अल्पसंख्यक छात्रों के लिए केंद्र ने छात्रवृत्ति की अंतिम तिथि ३१ अगस्त तक बड़ाई

[नई दिल्ली]अल्पसंख्यक छात्रों के लिए केंद्र ने छात्रवृत्ति की अंतिम तिथि बड़ाई
अल्पसंख्यक छात्रों के लिए मैट्रिक -पूर्व छात्रवृत्ति एवं मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति के ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि एक माह बड़ा दी गई है
अल्पसंख्यक छात्र अब 31 अगस्त 2016 तक आवेदन कर सकते हैं
अल्पसंख्यक मंत्रालय ने जरूरतमंद छात्रों के लिए मैट्रिक-पूर्व छात्रवृत्ति एवं मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि को बढ़ा कर 31अगस्त, 2016 तक कर दिया गया |
यह तिथि 31 जुलाई 2016 को समाप्त हो रही थी।
केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी के अनुसार मैट्रिक-पूर्व छात्रवृत्ति एवं मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि को बढ़ाने के सम्बन्ध में देश के विभिन्न राज्यों से लोगों द्वारा मांग की गई थी तथा इस सम्बन्ध में कई सुझाव अल्पसंख्यक मंत्रालय को प्राप्त हुए थे।
नेशनल स्कालरशिप पोर्टल पर 2016-2017 के लिए कक्षा 1 से 10 तक के छात्रों के लिए केंद्र प्रायोजित मैट्रिक-पूर्व छात्रवृत्ति एवं कक्षा 11 से 12 के लिए मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि को 31 जुलाई 2016 से बढा कर 31 अगस्त, 2016 तक कर दिया गया है।

अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए बिचौलियों का खात्‍मा जरूरी:मुख्‍तार अब्‍बास नकवी

[नई दिल्ली]अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए बिचौलियों का खात्‍मा जरूरी हैयह विचार आज मुख़्तार अबास नकवी ने व्यक्त किये |श्री नकवी पदभार ग्रहण करने के पश्चात मीडिया को सम्बोधित कर रहे थे |
भाजपा के मुस्लिम चेहरा श्री मुख्‍तार अब्‍बास नकवी ने अल्‍पसंख्‍यक मामलों के राज्‍य मंत्री का पदभार संभाला
श्री नकवी ने आज अल्‍पसंख्‍यक मामलों के राज्‍य मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया।
सचिव डॉ. अरविंद मायाराम और मंत्रालय के अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारियों ने मंत्री की अगवानी की।
मीडिया के साथ बातचीत करते हुए श्री मुख्‍तार अब्‍बास नकवी ने कहा कि सुरक्षा और समृद्धता अल्‍पसंख्‍यकों के लिए बेहद महत्‍वपूर्ण है। वह बिचौलियों का खात्‍मा करने के लिए लोगों के साथ मिलजुलकर काम करना पसंद करेंगे और इसके साथ ही यह सुनिश्चित करेंगे कि विभिन्‍न योजनाओं के लाभ अपेक्षित लक्ष्‍य तक जरूर पहुंचें। वह अल्‍पसंख्‍यकों के जेहन से अलग-थलग रखे जाने की भावना को हटाकर देश के विकास की प्रक्रिया में भागीदार होने की भावना उनके मन में समाहित करने की कोशिश करेंगे।
फोटो कैप्शन
Shri Mukhtar Abbas Naqvi taking charge as the Minister of State for Minority Affairs, in New Delhi on November 11, 2014.

अल्‍पसंख्‍यक’ शब्‍द की परिभाषा संविधान में नही हैं फिर भी अल्प संख्यक कल्याणार्थ करोड़ों रुपयों की यौजनाएं बन रही है

अल्‍पसंख्‍यक’ शब्‍द की परिभाषा संविधान में नही हैं फिर भी अल्प संख्यक कल्याणार्थ करोड़ों रुपयों की यौजनाएं बन रही है

अल्‍पसंख्‍यक’ शब्‍द की परिभाषा

संविधान में नही हैं| बेशक इसका विवरण संविधान की धाराओं में शामिल है| केंद्र सरकर ने यह स्वीकारोक्ति आज संसद में एक लिखित उत्तर में की|
अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्रालय राज्‍य मंत्री श्री निनॉन्‍ग ईरिंग ने आज एक प्रश्‍न के लिखित उत्‍तर में बताया कि भारतीय संविधान में ‘अल्‍पसंख्‍यक’ शब्‍द का विवरण धारा 29 से लेकर 30 तक और 350ए से लेकर 350बी तक शामिल है। इसकी परिभाषा कहीं भी नहीं दी गई है। भारतीय संविधान की धारा 29 में ‘अल्‍पसंख्‍यक’ शब्‍द को इसके सीमांतर शीर्षक में शामिल तो किया गया किंतु इसमें बताया गया है कि यह नागरिकों का वह हिस्‍सा है, जिसकी भाषा, लिपि अथवा संस्‍कृति भिन्‍न हो। यह एक पूरा समुदाय हो सकता है, जिसे सामान्‍य रूप से एक अल्‍पसंख्‍यक अथवा एक बहुसंख्‍यक समुदाय के एक समूह के रूप में देखा जाता है।
भारतीय संविधान की धारा-30 में विशेष तौर पर अल्‍पसंख्‍यकों की दो श्रेणियों – धार्मिक और भाषायी, का उल्‍लेख किया गया है। शेष दो धाराएं – 350ए और 350बी केवल भाषायी अल्‍पसंख्‍यकों से ही संबंधित हैं।
इसके अलावा

अल्‍पसंख्‍यकों के कल्‍याण के लिए यौजनाओं का विवरण निम्न दिया गया है

वर्ष 2013-14 के वर्तमान वित्‍त वर्ष के दौरान अधिसूचित अल्‍पसंख्‍यक समुदायों के लिए जिन योजनाओं को 12वीं पंचवर्षीय योजना में शामिल किया गया था, उन्‍हें स्‍वीकृति प्रदान कर दी गयी है।
योजना
बीई 2013-14
(रुपये करोड़ में)
खर्च की गयी धनराशि
अल्‍पसंख्‍यक छात्रों को विदेश में पढ़ने के लिए शिक्षा ऋण पर ब्‍याज सब्सिडी
2.00
अब तक इस मद में कोई खर्च नहीं हुआ है। कोई राज्‍यवार वित्‍तीय प्रावधान नहीं है।
संघ लोक सेवा आयोग/कर्मचारी चयन आयोग, राज्‍य लोक सेवा आयोग आदि द्वारा आयोजित प्रवेश-परीक्षा में सफल होने वाले छात्रों की सहायता
4.00
‘सीखो और कमाओ’ नामक कौशल विकास पहलें
17.00
योजनाओं के दायरे में मुसलमानों सहित अधिक से अधिक अल्‍पसंख्‍यकों को शामिल करने के लिए अल्‍पसंख्‍यक बहुल जिलों को प्राथमिकता देते हुए इलेक्‍ट्रॉनिक मीडिया और समाचार पत्रों के माध्‍यम से योजनाओं के कार्यान्‍वयन के बारे में जानकारी प्रदान करने के उपाय किये गए हैं।
आज राज्‍य सभा में एक लिखित उत्‍तर में अल्‍पसंख्‍यक मामलों के राज्‍य मंत्री श्री निनांग एरिंग ने यह जानकारी दी।

राष्‍ट्रीय अल्‍पसंख्‍यक आयोग ने उत्‍तराखंड के लिए प्रधानमंत्री राहत कोष में योगदान दिया

राष्‍ट्रीय अल्‍पसंख्‍यक आयोग के अध्‍यक्ष, अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्‍तराखंड में आई विनाशकारी आपदा के पीडि़तों के लिए अपने एक दिन का वेतन प्रधानमंत्री राहत कोष में दिया है। आयोग ने प्रधानमंत्री राहत कोष के कार्यालय में 08 अगस्‍त, 2013 को 31054 रुपये का चेक जमा कराया