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Tag: कुबेर फायनेंस

हर ऐरे गेरे नत्थू खेरे को लूट मचाने की खुली छूट मिली हुई है

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक इन्वेस्टर

ओये झल्लेया ये क्या यार लगता है कि हसाड़े मुल्क में हर ऐरे गेरे नत्थू खेरे लूट मचाने की खुली छूट मिली हुई है | कोई अगर पकड़ा भी जाता है तो जनता का पैसा वापिस नहीं मिलता |
अब देखो [१]साउथ की गरुडा फायनेंस कम्पनी वाले सातवे दशक में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में छोटे छोटे इन्वेस्टरों का लाखों रुपय्या ले कर भाग गए [२] मेरठ की कुबेर फायनेंस कम्पनी वाले नौवें दशक में अपने ही मेरठ के निवेशकों का करोड़ों रुपये ले कर भाग गए|इस के एक मालिक को पकड़ा गया उसका पैसा रिसर्व बैंक में जमा है फिर भी जनता को लौटाया नहीं जा सका है|[३]एम् एस शूज+उषा रेक्टिफायर+ मुरा ब्लैक +आदि अनेकों शेयर धारक रो रहे हैं|
अब करीब एक हजार करोड़ की ठगी कर चुके उल्हास खरे और रक्षा की कंपनी स्टॉक गुरु को लेकर अब सरकारी एजेंसी सेबी भी सवालों के घेरे में आ गई है। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय तक से मदद मांगने की अभी सोच ही रही है। स्टॉक गुरु के जाल में अब तक 2 लाख लोगों के फंसने का अनुमान है। सेबी के नियमों के मुताबिक अगर 20 लोग या उससे ज्यादा लोग किसी कंपनी में निवेश करते हैं तो उसका सेबी में रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है। पुलिस का कहना है कि करीब 14 हजार लोगों ने स्टॉक गुरु की धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है इतने सारे लोग एक कंपनी में निवेश कर रहे हैं तो क्या सेबी को इसके बारे में जानकारी नहीं मिली और अगर सेबी को जानकारी थी तो कंपनी रजिस्टर्ड क्यों नहीं हुई।

हर ऐरे गेरे नत्थू खेरे को लूट मचाने की खुली छूट मिली हुई है

झल्ला

सेठ जी हसाडी बेचारी सरकार पहले ही अरबों रुपयों के घोटालों का हिसाब लागने में व्यस्त है| ऐसे में आप के ये लाख+करोड़ के घोटाले की किसे फुर्सत है | भोले सेठ जी बड़े बड़े शहरों में छोटी छोटी बाते तो होती ही रहती हैं|