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“आप” ने आज बिजली के दामों में फ्राड का आरोप लगा कर मुख्य मंत्री,विद्युत् उत्पादक और रेग्युलेटरी कॉर्पोरेशन को घेरा

जनांदोलन में गुरु रहे अन्ना हजारे ने जन लोक पाल पर केंद्र सरकार तो चेले रहे अरविन्द केजरीवाल ने बिजली के मुद्दे पर दिल्ली सरकार के विरुद्ध बिगुल फूँका आप के नेता अरविन्द केजरीवाल ने आज फिर दिल्ली में शीला दीक्षित सरकार को बिजली के झटके दिए | हमेशा की तरह एक प्रेस कांफ्रेंस में दिल्ली सरकार ,विद्युत् विभाग दिल्ली इलेक्ट्रीसिटी रेग्युलेटरी कॉर्पोरेशन [डी ई आर सी]और विद्युत् उत्पादक अनिल अम्बानी और टाटा पर मिली भगत का आरोप लगाया और बिजली के दामो में कमी करने के बजाय दोगुनी बढोत्तरी का आरोप मड़ा| गौर तलब है कि अभी हाल ही में दिल्ली सरकार ने ३% की और बढोत्तरी की घोषणा को समर्थन दे दिया है|ऐसे में इस मुद्दे को उठा कर आप ने ना केवल सरकार को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास किया वरन दिल्ली की गद्दी की तरफ एक कदम और आगे बड़ा दिया |
अरविन्द ने घोषणा की है कि दिल्ली की ६१ विधान सभा छेत्रों में प्रति माह एक आम बैठक करके बिजली के लिए मची लूट को उजागर किया जाएगा|
आम आदमी पार्टी की टोपी पहने अरविन्द ने आरोप लगाया कि निजीकरण के जरिए बिजली कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया है| निजीकरण से जनता को कोई फायदा नहीं हुआ.उलटे जनता धोखा धडी का शिकार हुई है| उपलब्ध आंकड़ों के हावाले से बताया गया कि दिल्ली में वर्ष २०१० में बिजली के दामो में २३% की कमी की जानी चाहिए थी मगर खर्चे बड़ा कर +नुक्सान दिखा कर बिना आडिट कराये ही बिजली के दामो में दोगुनी व्रद्धी कर दी गई है| बिजली कंपनियां फ्रॉड कर रही हैं और अपने खर्चे बढ़ाकर दिखा रही हैं, जबकि तथ्य यह है कि कंपनियों को नुकसान नहीं फायदा हो रहा है।
आप पार्टी के नेता केजरीवाल ने आरोप लगाया कि दिल्ली में बिजली कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया। केजरीवाल ने ये भी कहा कि बिजली के दाम घटाने की सिफारिश शीला सरकार ने नहीं मानी। 4 मई 2010 को शीला सरकार ने बिजली के दाम घटाने के आदेश को रोका। केजरीवाल ने दावा किया कि दिल्ली में बिजली कंपनियों को 3577 करोड़ का मुनाफा हुआ है।और इन कंपनियों का आडिट कराने की मांग को सिरे से नकार कर दिल्ली की सरकार ने जनता के साथ भी धोखा किया है| केजरीवाल ने बताया के 1 % कनेक्शन की जांच करवाई गई। उसमें यह बात सामने आई कि 10 % उपभोक्ताओं के बिल जीरो दिखाए जा रहे हैं। यह भी पता चला कि उपभोक्ता पैसा तो दे रहे हैं लेकिन उस रिकवरी को कंपनियां बही-खातों में दिखा नहीं रही हैं ताकि रेवेन्यू कम दिख सके और लोगों को लगे कि कंपनियों को लगातार घाटा हो रहा है। इसके आधार पर शेष कनेक्शनों की भी जांच की जानी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं किया गया
केजरीवाल के मुताबिक डी ई आर सी के पूर्व डायरेक्टर बिजेंद्र सिंह ने बिजली के दाम घटाने की सिफारिश की थी। उन्होंने 23 % दाम घटाने की सिफारिश की थी, लेकिन शीला दीक्षित ने दाम घटवाने का आदेश रुकवा दिया। केजरीवाल ने रेगुलेटरी कमीशन के चेयरमैन को बिजली कंपनियों का एजेंट बताया और उन्होंने कहा कि टाटा-अनिल अंबानी की कंपनियां घपला कर रही हैं। जबकि दिल्ली में आधी कीमत पर बिजली दी जा सकती है। उन्होंने बिजली कंपनियों पर मुनाफा और राजस्व छिपाने का भी आरोप लगाया।उन्होंने जनता के हित के बजाय जनता के खिलाफ विद्युत् उत्पादकों के हित में काम करने का आरोप दिल्ली सरकार पर लगाया| अरविन्द केजरीवाल ने २०१० की रिपोर्ट के आधार पर बिजली के दरें लागू करने,अनिल अम्बानी और टाटा की कंपनियों पर धारा ४२० के अंतर्गत मुकद्दमा दर्ज़ करवाने और वर्तमान डी ई आर सी श्री सुधाकर को तत्काल हटाये जाने के मांग की है|यहाँ यह भी बतातें चलें की अरविन्द केजरीवाल के वरिष्ठ रहे अन्ना बाबु राव हजारे ने केंद्र सरकार के विरुद्ध जन लोक पल के लिए बिगुल फूंकने की घोषणा की है तो अरविन्द केजरीवाल ने दिल्ली प्रदेश का तख्ता पलटने के लिए बिजली का सहारा लिया है| अरविन्द के साथ मनीष शिशोदिया और प्रशन भूषण आदि भी उपस्थित थे